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डेढ़ महीने में बेड 10 गुणा: हालात में सुधार, कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने की तैयारियों में जुटी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (मई 16, 2021) को कहा कि राज्य कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है। यूपी, देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य कोविड-19 की दूसरी लहर से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है।

राज्य में अप्रैल में कई दिनों तक 30,000 से अधिक मामले हर दिन सामने आए, हालाँकि अब प्रतिदिन 15,000 से कम हो गई है और 16 मई को, राज्य में कोविड-19 के 10,505 नए मामले दर्ज किए गए। राज्य में कोविड के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राज्य फिलहाल कोरोना की दूसरी लहर से लड़ रहा है, मगर उसने पहले ही विशेषज्ञों द्वारा भविष्यवाणी के अनुसार वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए एक कठोर कार्य योजना तैयार की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा फिल्म सिटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य कोविड -19 की प्रत्याशित तीसरी लहर से लड़ने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार कर रहा है। भविष्यवाणियों के अनुसार, तीसरी लहर बच्चों, महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों को प्रभावित कर सकती है।

कार्य योजना के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं। बच्चों की उचित और विशेष देखभाल के लिए सभी जिलों में 100 बिस्तरों की न्यूनतम क्षमता वाले बाल चिकित्सा आईसीयू स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त वार्ड बनाए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसार की रोकथाम

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार वायरस फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रसार को रोकने के लिए, यूपी सरकार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और निगरानी समिति के सदस्यों के साथ काम कर रही है, जो लक्षणों वाले व्यक्तियों की जाँच और पता लगाने के लिए प्रत्येक घर का दौरा कर रहे हैं। उन्हें चिकित्सा किट प्रदान की जा रही हैं जिनमें कोविड -19 की दवाएँ हैं। निगरानी समिति के चार लाख से अधिक सदस्य डोर-टू-डोर टेस्ट कर रहे हैं जो मरीजों की शीघ्र पहचान, आइसोलेशन और उपचार में मदद कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा, “संबंधित अधिकारियों के निर्देशानुसार हल्के लक्षणों वाले मरीजों को दवा किट के साथ मुफ्त और उचित उपचार प्रदान किया जा रहा है। रोगी को गंभीर न होने देने के लिए टेस्ट के परिणाम की प्रतीक्षा किए बिना प्रारंभिक उपचार प्रदान किया जा रहा है।”

युद्धस्तर पर जारी रहेगा टीकाकरण अभियान

राज्य संगठित और चरणबद्ध तरीके से योजना के अनुसार टीकाकरण अभियान जारी रखेगा। हर व्यक्ति को टीका नि:शुल्क मिलेगा। राज्य अब तक वैक्सीन की 1.5 करोड़ खुराक दे चुका है। टीकाकरण कार्रवाई कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 23 से अधिक उच्च भार वाले जिलों में मुफ्त टीके मिल रहे हैं। उसके बाद, राज्य ग्रामीण आबादी को टीका उपलब्ध कराएगा। सीएम योगी ने कहा, “मैं खुद निगरानी कर रहा हूँ और पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहा हूँ। मैंने अब तक वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया है और आगे भी करता रहूँगा।”

इन्सेफलाइटिस से निपटने का अनुभव बच्चों की मदद के काम आता है

राज्य कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए व्यापक तैयारी कर रहा है। इन्सेफलाइटिस से निपटने के लिए सीएम योगी का अनुभव इससे निपटने में काम आएगा। बता दें कि इन्सेफलाइटिस ने कई दशकों तक राज्य में, विशेष रूप से पश्चिमी यूपी में तबाही मचा रखी थी। जब से सीएम योगी ने राज्य की कमान सँभाली है, उस पर 98% का नियंत्रण हो चुका है।

उन्होंने कहा, “हमने खतरे से लड़ते हुए एक व्यापक कार्य योजना बनाई थी और परिणाम के साथ, हताहतों की संख्या जो हर साल 1200 से 1500 के बीच हुआ करती थी, पिछले साल घटकर 63 हो गई। अनुभव के आधार पर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।”

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने ब्लैक फंगस से निपटने के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। ब्लैक फंगस के मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रोफेशनल को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार प्रदेश की योगी सरकार कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था पर काफी ध्यान दिया है। एक अप्रैल तक प्रदेश में जहाँ तकरीबन 700 बेड थे वहाँ 15 मई तक 7,000 बेड बना दिए गए हैं। कोविड अस्पतालों की बात करें तो करीब 73 अस्पताल पूरी तरह से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं ऑक्सीजन के लिए लगभग सभी अस्पतालों में एक से दो महीने में ऑक्सीजन प्लांटोंं की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। पीजीआइ, लोहिया, केजीएमयू सहित तमाम बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांटों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। करीब एक दर्जन प्लांट के लिए तो कंपनियों को ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं।

साभार: दैनिक जागरण

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में एक अप्रैल तक 12 कोविड अस्पताल, 358 एल-वन बेड, 225 एचडीयू बेड, 214 आइसीयू बेड यानी कुल मिलाकर 797 बेड थे। वहीं 15 मई तक यह बढ़ कर 6680 हो गया। जिसमें कोविड अस्पतालों की संख्या 75, एल-वन बेड की संख्या 2797, एचडीयू बेड की संख्या 2461 और आइसीयू बेड की संख्या 1422 शामिल है। 

डीआरडीओ और एचएएल के कोविड अस्पताल आज पूरे जोर-शोर से संचालित हो रहे हैं। उम्मीद है कि कोरोना के खिलाफ जंग में जो मोर्चा प्रशासन ने खड़ा किया है वह इसी तरह मुस्तैद रहेगा, जब तक कोरोना संक्रमित एक भी रोगी मौजूद रहेगा। सीएम योगी ने कहा, “हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। सेनाएँ खेमे में नहीं लौटनी चाहिए जब तक शत्रु समर्फण न कर दे।”

वहीं ऑक्सीजन की बात करें तो कोरोना की दूसरी लहर में एक समय में इसकी माँग सौ मीट्रिक टन तक पहुँच चुकी थी। उस समय शहर में सिर्फ बीस-पच्चीस मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादित हो रही थी, लेकिन प्रशासन ने ऑक्सीजन ट्रेन और एयरफोर्स की मदद से माँग को पूरा किया। अब लगभग सभी अस्पतालों में प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि दो महीनों के भीतर ही सभी प्रमुख अस्पतालों में भरपूर ऑक्सीजन होगी।

उत्तर प्रदेश में कोविड-19

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राज्य 1 मई से लगातार बेहतर हो रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 16 मई को राज्य में कोविड-19 के 10,505 नए मामले सामने आए। 9 अप्रैल के बाद यह पहली बार है जब राज्य में करीब 10,000 मामले सामने आए हैं। नए मामले 9 अप्रैल से बढ़ रहे थे और 24 अप्रैल को चरम पर थे, उस समय राज्य में एक ही दिन में 38,055 मामले दर्ज किए गए थे।

राज्य में फिलहाल 1,63,003 एक्टिव मामले हैं। 16 मई को 24,837 मरीज ठीक हुए और 308 लोग कोविड-19 से जंग हार गए। टेस्ट पॉजिटिव अनुापत लगातार गिर रहा है। रविवार (मई 16, 2021) को यह घटकर 3.9% हो गया।

बंगाल में अब ‘नारदा’ पर बवाल: TMC समर्थकों का CBI दफ्तर पर पथराव, मंत्री-विधायक की गिरफ्तारी से भड़कीं ममता

नारदा केस में गिरफ्तारियों के बाद पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक ड्रामा शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर बैठी हुई हैं। सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने जाँच एजेंसी के दफ्तर पर पत्थरबाजी की। बैरिकेड तोड़कर भीतर दाखिल होने की कोशिश की।

सोमवार (17 मई 2021) की सुबह सीबीआई को ममता सरकार के मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को पूछताछ के लिए अपने दफ्तर ले गई। बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनको ले जाने की खबर आते ही ममता बनर्जी भी सीधे CBI दफ्तर पहुँच गईं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की चुनौती भी एजेंसी को दी है। टीएमसी ने सीबीआई पर बदले के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सीबीआई दफ्तर के बाहर आगजनी और पथराव के बावजूद पुलिस के मूकदर्शक बने रहने पर नाराजगी जताई है। उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार नेता घोटाले के वक्त ममता सरकार में मंत्री थे और इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर धनखड़ पहले ही CBI को अनुमति दे चुके हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वकील अनिंदो राउत ने दावा किया है कि उन्होंने ममता बनर्जी को अधिकारियों से यह कहते सुना कि स्पीकर और राज्य सरकार की अनुमति के बिना मंत्रियों और विधायकों की गिरफ्तारी कोई नहीं कर सकता।

इस पहले मुख्य सूचना आयुक्त आरसी जोशी ने बताया था कि सीबीआई ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर 16 अप्रैल 2017 को मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी को गिरफ्तार किया है। ये सभी उस समय बंगाल सरकार में मंत्री थे। कोलकाता के निज़ाम पैलेस स्थित CBI दफ्तर में इन चारों से पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए था। स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारदा न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था। इन स्टिंग्स में टीएमसी नेताओं को कथित तौर पर कंपनी के प्रतिनिधियों से रुपए लेते हुए देखा गया था। स्टिंग्स सामने आने के बाद राज्य में खूब बवाल मचा, जिसके बाद यह मामला हाई कोर्ट पहुँचा था। इसके बाद मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई थी। मैथ्यू सैमुअल सीबीआई द्वारा टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी का स्वागत किया है। साथ ही तत्कालीन मंत्री और वर्तमान में बीजेपी विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी की गिरफ्तार नहीं होने पर सवाल भी उठाया है।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

अभिनेता सोनू सूद के मददगार अवतार का एक और भांडा फूट गया है। ताजा मामले में अभिनेता सोनू सूद ने ओडिशा के बरहामपुर के गंजम सिटी अस्पताल में एक मरीज के लिए बिस्तर की व्यवस्था करने का दावा किया जिसपर गंजम के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट ने सोनू सूद के इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ट्विटर पर प्रशासन के आधिकारिक अकाउंट के जरिए बताया कि जिस मरीज के लिए बेड अरेंज करने का दावा किया गया है वो मरीज स्टेबल कंडीशन में होम आइसोलेशन में है।

यह भी पता चला कि मरीज को दरअसल बिस्तर की जरूरत नहीं थी और इस मामले में बरहामपुर (ब्रह्मपुर) नगर निगम खुद स्थिति की निगरानी कर रहा है। बता दें कि बरहामपुर (Berhampur) को ब्रह्मपुर (Brahmapur) के नाम से भी जाना जाता है।

गौरतलब है कि अभिनेता सोनू सूद ने 15 मई को दावा किया था कि गंजम सिटी अस्पताल में किसी प्रदीप बेहरा के अनुरोध पर, उन्होंने उनके लिए एक बेड की व्यवस्था की गई थी। ट्विटर अकाउंट, जो कथित रूप से प्रदीप बेहरा का बताया जा रहा है, ने अपने पोस्ट में कहा था कि वह अपनी पत्नी के लिए एक बेड की तलाश कर रहे हैं, जिनके हालत लगातार बिगड़ती जा रही है लेकिन ऐसा करने में वह असहाय हैं।

फिलहाल, मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। ऐसा संदेह किया जा रहा है कि सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड -19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।

उन्होंने हाल ही में एक ट्विटर यूजर को प्लाज्मा की आपूर्ति करने के लिए क्रेडिट खाया था, जिसने एक मरीज के लिए उनसे मदद माँगी थी, लेकिन बाद में, ट्विटर यूजर ने खुद स्पष्ट किया कि उसके परिवार को ऐसी किसी व्यवस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

एक अलग मामले में, अभिनेता सूद ने एक ऐसे मरीज के लिए बेड अरेंज करने का श्रेय लेने का दावा किया था, जो पहले ही बीमारी से मर चुका था। इस बीच यह बात भी सामने आई है कि सोनू सूद सोशल मीडिया पर खुद को कोविड रोगियों के लिए मसीहा के रूप में चित्रित करते हुए अपने आत्म-प्रशंसनीय पोस्ट साझा कर रहे हैं।

ऐसे पोस्टों में किसी में उन्हें भगवान हनुमान के रूप में चित्रित किया गया और किसी में भारत माता को उनकी सेवा के लिए उन्हें नमन करते हुए दिखाया गया है।

‘एक और हिटलर की जरूरत’: पाकिस्तानी पत्रकार आदिल रजा ने दिखाई यहूदी घृणा, CNN का है कंट्रीब्यूटर

सीएनएन के फ्रीलाँसर आदिल रजा ने इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे अघोषित युद्ध के बीच कहा कि आज दुनिया को एक हिटलर की जरूरत है। हालाँकि, बाद में इस्लामाबाद के रहने वाले न्यूज प्रोड्यूसर राजा ने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया।

साभार: ट्विटर

आदिल राजा के Linked.in प्रोफाइल के अनुसार, वह ARY न्यूज से जुड़ा है। वह CNN से भी बतौर फ्रीलांसर कंट्रीब्यूटर जुड़ा हुआ है।

साभार: ट्विटर

‘एक और हिटलर की जरूरत’ वाले ट्वीट के बाद से आदिल के अन्य ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन्हीं में से एक में उसने कहा है कि वह फीफा विश्व कप के फाइनल में जर्मनी का समर्थन इसलिए कर रहा था, क्योंकि एडॉल्फ हिटलर जर्मन था और उसने ‘यहूदियों के साथ अच्छा किया’ था। बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ने जर्मनी में यहूदियों का नरसंहार किया था।

साभार: ट्विटर

एक और ट्वीट में उसने हिटलर की तारीफ की थी।

साभार: ट्विटर

यहीं नहीं आदिल के अंदर भारत के प्रति इतना जहर भरा है कि वह फिलिस्तीन के हालात की तुलना कश्मीर से करता है।

साभार: ट्विटर

15 मई 2021 को उसने ट्वीट किया कि फिलिस्तीन में जैसा यहूदी (इजराइल) कर रहे हैं, वैसा ही ‘भारतीय हिंदू अधिकृत कश्मीर में कर रहे हैं’। यहाँ उसने कश्मीर को ‘अधिकृत कश्मीर’ कहा, जबकि ‘अधिकृत कश्मीर’ भारत का एक अभिन्न अंग है जो कि पाकिस्तान और चीन द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए कश्मीर का हिस्सा है।

हाल ही में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच हिंसक झड़प शुरू होने के बाद से ही पाकिस्तान में इजराइल के खिलाफ नफरत उफान मार रही है। आदिल से पहले पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक ने भी हिटलर को कोट करते हुए यहूदियों के नरसंहार की बात की थी।

रियलिटी शो से ट्विटर ट्रोल बने एक ट्वीट में एडॉल्फ हिटलर का हवाला देते हुए कहा गया है, “मैं दुनिया के सभी यहूदियों को मार डालता… लेकिन मैंने दुनिया को यह दिखाने के लिए कुछ को जिंदा छोड़ दिया ताकि दुनिया को ये पता चल सके कि मैनें उन्हें क्यों मारा..।”

बता दें कि हमास के खिलाफ इजरायली कार्रवाई को देखते हुए पाकिस्तानी सोशल मीडिया में लगातार प्रधानमंत्री इमरान खान से इजराइल पर परमाणु हमला करने की अपील कर रहे हैं।

Tauktae हुआ ‘बेहद तीव्र’, मुंबई एयरपोर्ट बंद, गुजरात की ओर बढ़ रहा 22 सालों का सबसे ताकतवर तूफान

अभी भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ ही रहा है कि एक और आपदा ने देश की परेशानी बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार (17 मई) को कहा कि Tauktae एक “बेहद तीव्र चक्रवाती तूफान” में बदल गया है। इस तूफान की वजह से कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र में भारी बारिश हो रही है। कर्नाटक में चक्रवाती तूफान की वजह से हुई बारिश से 4 लोगों की मौत हो गई। इस तूफान से 180-190 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। हालांकि, आईएमडी का पूर्वानुमान है कि गुजरात तट से टकराने पर इसकी तीव्रता कम हो जाएगी। ये अरब सागर के केंद्र से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।

इसके पोरबंदर के अलावा भावनगर स्थित महुवा के तटवर्ती इलाकों में सोमवार (मई 17, 2021) रात तक पहुँचने की संभावना है। 1.5 लाख लोगों को गुजरात के निचले तटवर्ती इलाकों से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चालू कर दी गई है। NDRF और SDRF की 54 टीमों को मौके पर लगाया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार शाम को Tauktae तूफान गुजरात के तट को पार करेगा। गुजरात के 17 जिलों से लोगों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है। वहाँ के तटवर्ती इलाकों में कई जहाज अब भी फँसे हुए हैं।

महाराष्ट्र में तूफान का असर, मुंबई में एयरपोर्ट सेवा ठप

महाराष्ट्र में भी इस तूफान से निपटने के लिए तैयारी जोरों पर है। वहाँ हुई बारिश के बाद कई जगह पहले ही पानी जमा हो गया। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बैठक कर के तैयारियों की समीक्षा की। रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगढ़ के लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि वो स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

Tauktae तूफान के कारण मुंबई में कई घंटों तक बारिश होती रही। सड़कों पर कई जगह पानी जमा हो गया और पेड़ों के उखड़ कर गिर जाने से सड़क जाम हो गया। बांद्रा-वर्ली समुद्री रास्ते को बंद कर दिया गया है। BMC ने लोगों को किसी और रूट का इस्तेमाल करने को कहा है। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बारिश के कारण वहाँ बने कोविड सेंटर में भी अफरातफरी की स्थिति रही। करीब 500 मरीजों को मुंबई के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।

महाराष्ट्र के देवगढ़ में 4 मछुआरे गायब बताए जा रहे हैं। मछली मारने के लिए वहाँ गई 3 नावों में से 2 ही वापस आई। रायगढ़, पालघर, मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी में अगले कुछ घंटों तक 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलेंगी। आज दोपहर 11 बजे से 2 बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर सभी सेवाएँ बाधित रहेंगी। आपदा विभाग ने गुजरात में एयरक्राफ्ट्स की तैनाती की है। मुंबई में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

बताया जा रहा है कि गुजरात में 1998 के बाद अब तक का सबसे बड़ा तूफान आने वाला है। अगले 48 घंटे राज्य के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति को देखते हुए अस्पतालों और मरीजों पर इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है। कई जगह बिजली गुल है। लोगों को घर में रहने कहा गया है। केरल और गोवा में भी इसका असर देखा जा रहा है।

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

दिल्ली पुलिस ने महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। यति नरसिंहानंद दिल्ली से सटे गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (मई 17, 2021) को जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को पहाड़गंज के एक होटल से दबोचा। उसके पास से भगवा कपड़ा भी बरामद हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार वह महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की सुपारी लेकर आया था। वह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं से निर्देश ले रहा था। पड़ोसी मुल्क में बैठे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक सरगना ने उसे इस हत्याकांड के लिए भेजा था। उसे साधु के वेश में मंदिर में घुस महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी। दिल्ली पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल और 2 मैगजीन के अलावा 15 कारतूस भी बरामद की है।

उसने पूछताछ में आबिद नाम के अपने एक आका के बारे में बताया है, जो उसे पाकिस्तान से निर्देशित कर रहा था। व्हाट्सएप्प के जरिए वह उसके संपर्क में रहता था। आबिद ने उसे महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक वीडियो दिखाया था और फिर उनकी हत्या के लिए भड़काया था। इसके लिए जहाँगीर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दिलवाई गई थी। आबिद ने काम हो जाने पर रुपए देने की बात भी कही थी।

जहाँगीर अप्रैल 23, 2021 को ही कश्मीर से दिल्ली के लिए निकला था। दिल्ली में उमर नाम का एक शख्स उसका इंतजार कर रहा था, जिससे उसकी मुलाकात होनी थी। उमर और जहाँगीर टेलीग्राम के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। उमर ने ही दिल्ली में उसके लिए ठहरने की व्यवस्था करने का जिम्मा उठाया था। जहाँगीर जब दिल्ली के लिए निकला, उसी दिन उसके बैंक खाते में 35,000 रुपए भी डाले गए थे।

‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, दिल्ली पुलिस जहाँगीर से अब भी पूछताछ कर रही है जिसमें कई नए राज खुल कर बाहर आने की संभावना है। गाजियाबाद पुलिस के कान भी इस सूचना के बाद खड़े हो गए हैं। आरोपित के पास से जिस तरह पूजा सामग्री, कलावा और कुमकुम मिला है, उससे साफ़ है कि वह साधु के वेश में मंदिर में घुसने में कामयाब हो सकता था। लखनऊ में हिन्दू नेता कमलेश तिवारी की हत्या भी भगवा कपड़ा पहने आरोपितों ने की थी।

जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर पुराना दहशतगर्द है और 2016 में पत्थरबाजी के मामले में वो अनंतनाग में गिरफ्तार भी किया गया था। आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद उसने भारतीय सेना पर पत्थरबाजी की थी। अक्टूबर 2019 में युसूफ खान और हाशिम अली ने जिस तरह कमलेश तिवारी की हत्या की थी, उसी तर्ज पर जहाँगीर की भी तैयारी थी। फ़िलहाल ये दोनों भी जेल में बंद हैं। दोनों भगवा कपड़ा पहन बातचीत के बहाने तिवारी के दफ्तर में घुसे थे।

हाल के दिनों में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के एक बयान को ‘रसूल अल्लाह की शान में गुस्ताखी’ बता कर भारत के कई शहरों में कट्टर मुस्लिमों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। बांग्लादेश और पाकिस्तान तक में उनके खिलाफ भड़काऊ बातें की गईं। बांग्लादेश के कट्टर मौलानाओं ने कहा था कि नरसिंहानंद ने ‘रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम’ की शान में गुस्ताखी की है और इसी की ‘सज़ा’ कोरोना की मौतों के रूप में मिल रही है।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मीटू (MeToo) के आरोपित पत्रकार विनोद दुआ कोरोना संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी पत्नी चिन्ना दुआ भी गुरुग्राम के मेदांता में COVID के कारण भर्ती हैं। चिन्ना दुआ को रविवार (16 मई 2021) को टोसिलिजुमैब (Tocilizumab) इंजेक्शन की जरूरत थी। कोरोना संक्रमण के इलाज के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली यह एक महत्वपूर्ण दवा है। उनकी बेटी, अभिनेत्री और ‘कॉमेडियन’ मल्लिका दुआ दवा के लिए मदद माँगने इंटरनेट पर पहुँच गईं।

मल्लिका दुआ का ट्वीट और उसके बाद की प्रतिक्रियाएँ

मल्लिका ने अभिनेता सोनू सूद और कॉन्ग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा जैसी विभिन्न हस्तियों और नेताओं को मदद के लिए ट्वीट किया। लेकिन, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर सहित किसी भी भाजपा नेता से संपर्क नहीं किया था। फिर भी भाजपा सांसद और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने उन्हें अपना नंबर दिया और बताया कि दवा का इंतजाम हो गया है।

गौरतलब है कि मोदी समर्थक भाजपा नेताओं को ‘भक्त’ बताते हुए मल्लिका पूर्व में उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब मुश्किल वक्त आया तो एक ‘भक्त’ ने ही उनकी मदद की।

सोशल मीडिया पर वायरल एक क्लिप में दुआ से ट्विटर अकाउंट के बारे में पूछा गया था कि वह चाहती हैं कि उन्हें सस्पेंड कर दिया जाए। इसमें वह कहती हैं, “सभी ‘भक्त’ हाँ। ये सभी आईटी सेल f*cks उन्हें बस मर जाना चाहिए।”

इससे पहले मल्लिका दुआ ने पुलवामा में वीरगति प्राप्त करने वालों के साथ एकजुटता दिखाने वाले लोगों के खिलाफ अपशब्द कहे थे। नृशंस हमले में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों और उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाते हुए दुआ ने कहा था कि ‘लोग हर दिन मरते हैं’। उन्होंने कहा था, “मैं उनसे पूछना चाहती हूँ कि लोग हर दिन भूख, भुखमरी, बेरोजगारी और कई अन्य कारणों से मरते हैं, क्या हम उन सभी पर शोक करते रहते हैं, क्या हम पूरे साल शोक मनाते रहते हैं। यह बकवास है।”

हालाँकि, भाजपा समर्थकों ने इन अमीरों की मदद करने पर बीजेपी के मंत्री का विरोध भी किया है। उनका कहना है कि आम लोग भी समान रूप से पीड़ित हैं और हायर क्लास ने उनसे मदद भी नहीं माँगी थी।

ट्विटर यूजर अंकित जैन ने ऐसे वक्त में जब हर किसी को चिकित्सकीय मदद की जरूरत है दुआ जैसे खास लोगों की मदद पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एलीट क्लास को तब भी मदद मिल जाती है जब उन्होंने मंत्री को टैग तक नहीं किया था।

वहीं ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने ने इस पर सवाल उठाते हुए याद दिलाया कि कैसे मल्लिका के पिता पत्रकार विनोद दुआ ने पूर्व पीएम और भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर श्रद्धांजलि देने को ‘पाखंड’ बताया था।

इस बीच मल्लिका दुआ ने मदद के लिए पुरी का शुक्रिया अदा किया है और पुरी ने दुआ को दवा देने वाला अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

TMC के 2 मंत्री और 1 विधायक को CBI ने किया गिरफ्तार: पीछे-पीछे पहुँचीं बंगाल की CM ममता बनर्जी भी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नारदा स्टिंग मामले में आरोपित नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जाँच एजेंसी सोमवार (मई 17, 2021) को पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं फिरहाद हाकिम, सुब्रत चटर्जी और मदन मित्रा के अलावा कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को पूछताछ के लिए अपने दफ्तर लेकर आई।

फिरहाद और सुब्रत बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री हैं। वहीं मदन मित्रा TMC विधायक हैं। इन नेताओं को सीबीआई दफ्तर ले जाने की खबर आने के बाद ममता बनर्जी भी जाँच एजेंसी के दफ्तर पहुँच गईं। समाचार एजेंसी ANI द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि वे सुरक्षा कर्मियों व कई नेताओं के साथ CBI दफ्तर पहुँचीं।

मुख्य सूचना आयुक्त आरसी जोशी ने बताया है कि सीबीआई ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर 16 अप्रैल 2017 को मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी को गिरफ्तार किया है। ये सभी उस समय बंगाल सरकार में मंत्री थे।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति CBI को पहले ही दे दी थी। फिरहाद हाकिम TMC के बड़े नामों में से एक हैं और जब CBI उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर जा रही थी, तभी बाहर भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने उनके पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की।

सोवन चटर्जी तृणमूल कॉन्ग्रेस से ही कोलकाता के मेयर रहे थे, लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें उनके इलाके से टिकट नहीं दिया, जिसके बाद वो भाजपा से भी अलग हो गए। नारदा स्टिंग टेप मामले में आरोपित ये चारों नेता घोटाले के समय मंत्री थे, इसीलिए उनके खिलाफ अभियोजन के लिए राज्यपाल की अनुमति ली गई। ये टेप 2014 में बनाए गए थे।

हालाँकि, 2016 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले ये सार्वजनिक रूप से सबके सामने आए थे। इसके वीडियो फुटेज के आधार पर दावा किया गया था कि इन चारों मंत्रियों के घूस में मोटी रकम ली थी। आरोप है कि एक फर्जी कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए उसके प्रतिनिधियों से TMC नेताओं ने घूस लिया। वहीं राज्यपाल द्वारा कार्रवाई की अनुमति दिए जाने के बाद फिरहाद हाकिम ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा था कि वो व्यक्तिगत रूप से इससे चिंतित नहीं हैं।

उन्होंने खुद को क्लीन चिट मिलने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा बिना ज़रूरत के उनके करियर और छवि को धूमिल करने में लगी हुई है। कोलकाता के निज़ाम पैलेस स्थित CBI दफ्तर में इन चारों से पूछताछ की जा रही है। मदन मित्रा नॉर्थ 24 परगना के कमरहटी से विधायक बने हैं। TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है। वहीं भाजपा नेता शमीक भट्टाचार्जी ने कहा कि इस मामले का उनकी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।

10 महीने की वेदिका, ₹15 करोड़ की दवा: SMA और दुनिया की सबसे महँगी दवा Zolgensma के बारे में जाने सब कुछ

सौरभ और स्नेहा महाराष्ट्र के पुणे में रहते हैं। इनकी 10 महीने की बेटी है। नाम है वेदिका। यह छोटी सी बच्ची स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) से जूझ रही है। यह दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है। इसके कारण शरीर की मांसपेशियाँ धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं।

इलाज नहीं मिलने पर दो साल की उम्र से पहले ही ये बीमारी वेदिका के जीवन का अंत कर सकती है। वेदिका के माता-पिता बताते हैं, “हमने इससे पहले स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए) टाइप 1 के बारे में कभी नहीं सुना था। जब डॉक्टर ने हमें इस स्थिति की जाँच के लिए वेदिका का टेस्ट करने को कहा, तो मैं घबरा गई। जाँच के लिए मैंने नर्स को उसके शरीर से 10 एमएल खून निकालते देखा, तो एक माँ के रूप में मैंने महसूस किया कि इससे उसे काफी दर्द हो रहा होगा। उस दौरान उसका सारा शरीर हिल-डुल नहीं सकता था। मेरी बच्ची जोर से रो भी नहीं पा रही थी। तब मुझे अहसास हुआ कि ये कितनी घातक बीमारी है।”

क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी टाइप-1

वेदिका की ये हालत जिस स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी-टाइप 1 (SMA) नामक आनुवांशिक बीमारी की वजह से हुई है उसमें शरीर में प्रोटीन बनाने वाला एक जीन के न होने के कारण रोगी की सभी मांसपेशियाँ काम करना बंद कर देती हैं। सीधे शब्दों में कहें, तो उसके शरीर की हर मांसपेशी काम करना बंद कर देगी और अंततः, उससे संचालित अंग भी। इसी वजह से इससे पीड़ित वेदिका के हाथ, पैर और धड़ पहले ही काम करना बंद कर चुके हैं।

इसी कारण से अब वेदिका न तो अपने आप उलट-पलट सकती है, न बैठ सकती है, न खड़ी हो सकती है और न ही जमीन पर घुटनों के पल चल पाती है। समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसके रोने की आवाज भी धीरे-धीरे शांत हो जाएगी, क्योंकि उसकी वोकल कॉर्ड कमजोर हो रही है। निगलने, सांस लेने और उसके हृदय द्वारा रक्त पंप करने जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ भी बंद हो जाएँगी, जिससे वेदिका के लिए जीना भी मुश्किल हो जाएगा। महज एक साल की वेदिका इतनी कम उम्र में उस दर्द से गुजर रही है, जिससे बड़ों का भी दिल काँप जाए।

वेदिका के माता-पिता के मुताबिक, अभी हाल ही में पहले वेदिका को साँस लेने में तकलीफ होने लगी थी। उसके फेफड़े में बलगम जमा होने के कारण उसके माता-पिता को नेबुलाइजेशन थेरेपी को देविका की दिनचर्या बनाना पड़ा। उसकी हालत ऐसी है कि उसकी साँसों की देखभाल करने के लिए उसके माता-पिता हफ्तों से सोए नहीं हैं।

क्या है इस बीमारी का इलाज

वेदिका के निष्क्रिय होते शरीर का एक मात्र इलाज जोलगेन्स्मा (Zolgensma) है, जिसे वर्तमान में दुनिया की सबसे महँगी दवा के रूप में जाना जाता है। इसकी कीमत 2.1 मिलियन डॉलर (करीब 15 करोड़ रुपए) है। यह केवल 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों या 13.5 किलोग्राम से कम वजन के बच्चों को ही दी जा सकती है।

भारत में इसी साल मुंबई की एक पाँच महीने की स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA Type 1) से ही पीड़ित बच्ची तीरा कामत को इसका इंजेक्शन दिए जाने को लेकर यह दवा चचार् में आई थी। पीएम मोदी ने तीरा के माता-पिता की अपील पर इस दवा पर लगने वाले 6.5 करोड़ रुपए का इम्पोर्ट टैक्स माफ कर दिया था।

जोलगेन्स्मा स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी नामक जेनेटिकल बीमारी के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा है, जिसकी कीमत करीब 15-16 करोड़ रुपए है। इस दवा को पहली बार 24 मई, 2019 को यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने स्वीकृति दी थी। इसे यूनाइटेड किंगडम की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) द्वारा 9 मार्च, 2020 को स्वीकृति मिली थी। यह यूएस स्थित स्विस बायो-फार्मास्यूटिकल कंपनी, नोवार्टिस जीन थेरेपी (Novartis Gene Therapies) द्वारा बनाई जाती है।

‘गाजा में जीवन नर्क बन जाएगा’: हमास को UAE ने चेताया, इजरायल के साथ शांति नहीं तो इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश नहीं

जहाँ भारत ने इजरायल-फिलस्तीन विवाद में सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए दोनों पक्षों से शांति से काम लेने की अपील की है, वहीं इस्लामिक मुल्क संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हमास को चेतावनी दी है। UAE ने हमास से कहा है कि वो गाजा पट्टी क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाए, क्योंकि इसके बिना उस क्षेत्र में जा रहे निवेश पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अरब समझौते के तहत UAE पिछले कुछ महीनों से लगातार हमास के संपर्क में है।

यूएई ने गाजा क्षेत्र में कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की है और वहाँ निवेश किया है। वहाँ के लोगों तक सुविधाएँ पहुँचाने के लिए प्रयासरत यूएई के कई प्रोजेक्ट्स उस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जिन पर इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के कारण बुरा असर पड़ रहा है। खाड़ी देश इसी कारण हमास को चेता रहा है। उसके एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वो अब भी फिलिस्तीन में नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए तैयार है और इसे आगे बढ़ाना चाह रहा है।

यूएई का कहना है कि वो संयुक्त राष्ट्र व फिलिस्तीन के अधिकारियों के साथ मिलकर विकास कार्य जारी रखेगा, लेकिन उसकी सबसे पहली और बड़ी शर्त ये है कि इलाके में शांति रहनी चाहिए। यूएई ने कहा है कि अगर इलाके में शांति कायम नहीं होती है तो इसके दुष्प्रभाव गाजा पट्टी के नागरिकों को ही भुगतने पड़ेंगे। उनका जीवन नर्क बन जाएगा। यूएई के अनुसार, हमास के नेताओं को समझना चाहिए कि उनकी नीतियाँ गाजा पट्टी के नागरिकों को ही नुकसान पहुँचा रही है।

बता दें कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में कई इस्लामी मुल्कों के साथ इजरायल का शांति समझौता हुआ था। फिलिस्तीन के नेताओं ने इसे गद्दारी की संज्ञा दे डाली थी। फरवरी में यूएई ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए UN को दी जाने वाली फंडिंग में भी कटैती की थी। इजरायल के साथ उसके सम्बन्ध सामान्य होने लगे थे। यूएई गाजा में प्रतिदिन 16 घंटे बिजली देने के लिए भी एक प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है।

अभी स्थिति इतनी बुरी है कि गाजा के नागरिकों को दिन के 5 घंटे भी बमुश्किल बिजली मिल पाती है। अगले सप्ताह तक तो वहाँ बिजली के लिए हाहाकार मचने की आशंका है। इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ताजा संघर्ष शुरू होने से लेकर अब तक फिलिस्तीन के आतंकियों की तरफ से ढाई हजार रॉकेट दागे जा चुके हैं। इनमें एक नाबालिग सहित 10 नागरिकों की मौत हुई है।

वहीं भारत ने फिलिस्तीन-इजरायल सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोशिशों का विरोध करते हुए दोनों पक्षों को धैर्य से काम लेने को कहा है। भारत ने कहा कि पूर्वी जेरुसलम और इसके आसपास यथास्थिति बरकरार रहनी चाहिए।

इस्लामी मुल्कों के संगठन ने की इजरायल की निंदा

वहीं इस्लामी मुल्कों के संगठन OIC ने इजरायल की निंदा की है। पिछले एक हफ्ते से जारी संघर्ष को 57 देशों के संगठन ने इजरायल द्वारा किया जा रहा ‘व्यवस्थित अपराध’ करार दिया और कहा कि UN जनरल असेम्ब्ली की बैठक बुलाई जानी चाहिए। इन देशों ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कहा गया कि इजरायल ने आक्रामक तरीके से फिलिस्तीन की जमीन कब्जाई है और इस्लामी उम्माह की फिलिस्तीन के प्रति नैतिक, ऐतिहासिक व कानूनी जिम्मेदारी बनती है।

इस प्रस्ताव में कहा गया, “हम इजरायल द्वारा फिलस्तीन के पवित्र स्थलों पर किए जा रहे हमलों की निंदा करते हैं। इससे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। अल-अक्सा मस्जिद और अल-हरम शरीफ जैसे पवित्र स्थलों की पवित्रता भंग नहीं की जानी चाहिए। इजरायल साम्राज्यवादी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए। इलाके में स्थिति बिगड़ने के लिए केवल वही जिम्मेदार है।”