देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत सरकार ऑक्सीजन की कमी दूर करने और उसकी सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को 37 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने को मँजूरी दे दी है।
केंद्र सरकार से मँजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को शीघ्रता से इन संयंत्रों की स्थापना करने का निर्देश दिया है। सीएम आदित्यनाथ ने कहा है कि हमारा लक्ष्य ऑक्सीजन उत्पादन को 743 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 800 टन से अधिक करना है। उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर, बीएचयू, एकेटीयू, एमएमटीयू गोरखपुर और प्रयागराज का मोतीलाल नेहरू रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज सभी जिलों में ऑक्सीजन की माँग तथा आपूर्ति की ऑडिट करेगी ताकि ऑक्सीजन की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सके।
इसके अलावा सीएम आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि रेलवे और वायु सेना के माध्यम से ऑक्सीजन के खाली टैंकरों का परिवहन किया जा रहा है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से भरे हुए टैंकर राज्य में लाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सभी जिलों में 4370 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 20 ऐसे ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर मिले हैं।
मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन में वृद्धि
कोरोना वायरस संक्रमण की पहली लहर के दौरान पीक में भी भारत में ऑक्सीजन की माँग 3000 टन प्रतिदिन थी, जबकि दूसरी लहर में इसमें अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। ऑक्सीजन की इस बढ़ी हुई माँग से निपटने में रिलायंस, टाटा, अडानी और जिंदल जैसे औद्योगिक घराने सहायता कर रहे हैं।
भारत सरकार ने अप्रैल के अंत में, 551 समर्पित प्रेशर स्विंग एडसॉरप्शन (PSA) (PSA) मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन संयंत्रों को स्थापित करने और देश भर के सबसे ज्यादा माँग वाले राज्यों को 1 लाख ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर्स की खरीद के लिए पीएम केयर्स से फंड आवंटित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इन प्रयासों के बाद देश में मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़कर 9,200 टन हो गई है और इसे और बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर ममता बनर्जी सरकार के ढुलमुल रवैए को देख अब केंद्रीय गृह मंत्रालय एक्शन में आ गया है। जाँच के लिए 4 सदस्यीय टीम बनाई गई है। यह टीम कोलकाता पहुँच चुकी है।
हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य से रिपोर्ट भी तलब की थी। रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर सख्त लहजे में चेताया भी था। अब उसने अपनी फैक्ट फाइंडिंग टीम ही राज्य में भेज दी है। दो मई को नतीजों में तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत तय होते ही विपक्ष खासकर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले शुरू हो गए थे। हिंसा का आरोप टीएमसी के गुंडों पर है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 4 सदस्यों वाली टीम बंगाल में हिंसा की घटनाओं और ताज़ा परिस्थिति की जाँच करेगी। MHA की टीम में CRPF के एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। गुरुवार (मई 6, 2021) की सुबह ये टीम कोलकाता पहुँची।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर कहा था कि अगर HMO को रिपोर्ट नहीं मिलती है तो इसे काफी गंभीरता से लिया जाएगा। HMO ने सबसे पहले मतगणना के 1 दिन बाद ही बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। चूँकि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार के एक्सक्लूसिव अधिकार क्षेत्र में है, केंद्र इसमें मामूली हस्तक्षेप ही कर सकता है। केंद्र ज्यादा से ज्यादा एडवाइजरी या टीम भेज सकता है।
कुछ राज्यों में केंद्रीय टीमों के साथ सहयोग नहीं करने का इतिहास रहा है। केंद्रीय एजेंसियों के लोगों को परेशान भी किया जाता रहा है। उन्हें एयरपोर्ट पर इंतजार कराया जाता है। ज़रूरी सुरक्षा नहीं दी जाती। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए थे जब ऐसी टीमों को एयरपोर्ट से ही लौटना पड़ा।
A four-member team deputed by the Ministry of Home Affairs arrives in Kolkata, to assess the ground situation in West Bengal following post-poll violence pic.twitter.com/bFu5Yzcta3
राज्य सरकार से भी ये अपेक्षा की जाती है कि वो केंद्रीय टीम का सहयोग करे और उन्हें ज़रूरी सूचनाएँ मुहैया कराए। NHRC (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) और NWC (राष्ट्रीय महिला आयोग) हिंसा के इन मामलों पर पहले ही हरकत में आ चुका है। NHRC ने भी एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम बना कर जाँच करने को कहा है। महिलाओं पर हुए हमलों के मामले में NWC ने रिपोर्ट तलब की है।
ये पहली बार भी नहीं है जब ममता बनर्जी ने राजनीतिक हिंसा के मामले में केंद्र सरकार के निर्देशों को धता बताया हो। दिसंबर 2020 में जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था तो MHA ने राज्य के मुख्य सचिव और DGP को कानून-व्यवस्था पर विचार-विमर्श के लिए दिल्ली समन किया था लेकिन वो गए ही नहीं। 3 IPS अधिकारियों को इस मामले में लापरवाही के लिए सेंटर डेपुटेशन पर भेजने की सलाह भी ममता सरकार ने नहीं मानी।
दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम से 4 मई 2021 को मारपीट की खबर आई थी। संघर्ष में जख्मी हुए एक पहलवान की मौत हो गई है। दिल्ली पुलिस को इस मामले में ओलंपियन सुशील कुमार की तलाश है। वे फिलहाल गायब हैं और उनका लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास जारी है। मारे गए पहलवान की पहचान 23 वर्षीय सागर कुमार के तौर पर हुई है।
इससे पहले बुधवार को सुशील कुमार ने दावा किया था कि इस मामले से उनके पहलवानों का कोई लेना-देना नहीं है और इसके लिए बाहर से आए लोग जिम्मेदार हैं। एडिशनल DCP (नॉर्थ-वेस्ट) डॉक्टर गुरइकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि दिल्ली पुलिस जब सुशील कुमार के घर पहुँची तो वे वहाँ मौजूद नहीं थे, जिसके बाद से उनकी तलाश की जा रही है। कई पहलवान इस झड़प में घायल हुए थे।
इस मामले में 24 साल के प्रिंस दलाल को गिरफ्तार किया गया है। वह हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। छत्रसाल स्टेडियम में हुई झड़प के दौरान फायरिंग भी हुई थी। दलाल को डबल बैरेल लोडेड बंदूक के साथ दबोचा गया। मामले के एक अन्य आरोपित सोनू महल के बारे में पता चला है कि वो गैंगस्टर काला जठेड़ी का करीबी है। वह इससे पहले भी हत्या और डकैती के मामलों में जेल जा चुका है।
सिद्धू के मुताबिक पुलिस को पता चला है कि सुशील कुमार, अजय, प्रिंस, सोनू, सागर, अमित और अन्य लोगों के बीच स्टेडियम के पार्किंग क्षेत्र में झगड़ा हुआ था। मॉडल टाउन पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई है। FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) रोहिणी के विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फोरेंसिक सबूत भी जुटाए हैं।
आरोपितों की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इस मामले से जुड़े तकनीकी सबूत भी जुटाए गए हैं। मृतक सागर जूनियर नेशनल चैंपियनशिप विजेता था। उसके पिता दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं। PCR कॉल के आधार पर दर्ज की गई FIR में इस घटना के लिए 2 बार के ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार और उनके लोगों को आरोपित बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि ये झड़प कई घंटों तक चली थी। सागर और उसके दोस्त सुशील कुमार से जुड़े ही एक घर में रहा करते थे, जहाँ से उन्हें कुछ दिनों पहले खाली करने को कहा गया था। PCR कॉल करने वाले ने रात के 2 बजे पुलिस को सूचना दी थी कि उसने दो लोगों को पिस्टल फायरिंग करते देखा है।
Several teams have been formed to trace out alleged persons including Sushil Kumar. We’re probing the role of Sushil Kumar as allegations have been made against him, we sent our team to his house but he was not found: Addl. Dy Commissioner of Police-I, NW Delhi (05.05.21)
सुशील कुमार ने लंदन में हुए 2012 ओलंपिक खेल में सिल्वर मेडल जीता था। उससे पहले बीजिंग ओलंपिक में वे कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे थे। इस घटना को लेकर हुए खुलासों की मानें तो सुशील कुमार के साथ 5 गाड़ियों में सवार होकर लारेंस बिश्नोई व काला जठेड़ी गिरोह के दर्जन भर से अधिक बदमाश स्टेडियम पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने वहाँ पहले से मौजूद पहलवानों को पीटा और गोलीबारी भी की।
इसमें कई पहलवान घायल हुए और रोहतक के बखेता गाँव निवासी सागर धनखड़ की मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआती जाँच में संपत्ति विवाद का एंगल भी मिला है। संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए ही ये लोग वहाँ बातचीत करने पहुँचे थे। प्रिंस दलाल से पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस ने FIR में हत्या की धाराएँ लगाई हैं। पहलवानों और गैंगस्टर्स का ये नेटवर्क कैसे बना, इस पर जाँच जारी है।
अब लोगों ने लगभग ये मान लिया है कि तथ्यों और तर्कों का आम आदमी पार्टी (AAP) के पास खासा अभाव है। दिल्ली में हाहाकार की स्थिति बनी रहती है और पार्टी खुद की सरकार के अलावा बाकी सब को जिम्मेदार ठहराने में व्यस्त रहती है। इस बार दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से लोग मर रहे हैं। केजरीवाल सरकार अपनी नाकामियों और समन्वय की अक्षमता को छिपाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है।
दिल्ली में इस महामारी के बीच मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का इतना अभाव हो गया कि दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक को सुनवाई कर इसके समाधान के लिए ज़रूरी निर्देश देने पड़े। भारत के कई राज्यों में ये समस्या है, लेकिन शायद दिल्ली जैसी कहीं नहीं। इन सबके बीच AAP के राघव चड्ढा ने क्रायोजेनिक टैंक्स को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी गणनाएँ की, जो तथ्यों से परे है। वो भी तब, जब उन्होंने खुद एकाउंटेंट की पढ़ाई की है।
उन्होंने वीडियो के जरिए अपनी बात रखी। पीछे बज रहे म्यूजिक से ऐसा लगता है जैसे वो कुछ बहुत ही सनसनीखेज खुलासा करने जा रहे हों। AAP द्वारा अपलोड किए गए इस वीडियो में दावा किया गया है कि भारत में 1631 क्रायोजेनिक टैंक्स हैं और लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन कैरी करते हैं 8500 मीट्रिक टन। उन्होंने दावा किया कि इन टैंकर्स के पास 23,000 MT ऑक्सीजन कैरी करने की क्षमता है, जबकि वो सिर्फ 8500 MT ऑक्सीजन ही ढो पा रहे हैं।
वीडियो में राघव चड्ढा कहते हैं, “हमारे देश में क्रायोजेनिक टैंकरों की कमी नहीं है। राज्य सरकारों का इन टैंकरों पर पूरा नियंत्रण है। इन क्रायोजेनिक टैंकर्स को राष्ट्र की संपत्ति घोषित किया जाना चाहिए। जिस तरह से केंद्र सरकार राज्यों को ऑक्सीजन दे रही है, उसे ये टैंक्स बाँटने चाहिए।” उन्होंने वीडियो के अंत में और क्रायोजेनिक टैंक्स की माँग की। AAP जब ऑक्सीजन की जगह क्रायोजेनिक टैंक्स माँग रही है तो कुछ लोगों ने तथ्यों से उनको परिचित कराया है।
देश में 1631 Cryogenic Tankers है जो 8500 MT OXYGEN Carry करते है जबकि इनकी क्षमता 23000 MT OXYGEN Carry करने की है।
जिस तरह से केंद्र सरकार Oxygen का आवंटन कर रही है, उसी तरह से इन Cryogenic Tankers का भी आवंटन होना चाहिए! pic.twitter.com/x0vBERwrX6
एक ट्विटर यूजर ने अटकल लगाई कि इस ट्वीट के लिए गणितीय गणनाओं हेतु प्रियंका गाँधी की सलाह ली गई थी। उसने समझाया कि कुल टैंकरों में से आधे फिर से वापस रिफिल होने के लिए जाते हैं। इनमें से कई टैंकरों को अधिक दूरियों की वजह से 24 घंटे तक का सफर तय करना होता है। समझाया कि 10 टैंकर हैं तो कैसे 5 खाली होकर वापस जाएँगे रिफिल के लिए और 5 फिर डिलीवरी के लिए आएँगे।
ये सही बात है। इन टैंकरों को रिफिल होने के लिए काफी दूरी तय करनी होती है और उस दौरान वे खली ही होती हैं। ऐसा नहीं है कि टैंकर ने तुरंत ऑक्सीजन भरी और अंतर्धान होकर वापस डिलीवरी के लिए आई और फिर वहाँ से मन की गति से वापस रिफिल के लिए। अगर सारे को एक साथ प्रयोग में लाया जाए डिलीवरी के लिए तो भी मुश्किल है। ऐसे में और ज्यादा समय लगेगा। एक यूजर ने कहा कि जो चीजें समझ न आए उन पर ज्ञान देने की बजाए AAP के लोगों को विज्ञापन तक ही सीमित रहना चाहिए।
Looks like maths for this tweet advised by Priyanka C
How hard to understand this that about half of the total tankers return back empty for refill. And many tankers take more than 24 hrs due to long distance
जैसे दस टैंकर है तो 5 खाली होकर वापस रिफिल के लिए जाएंगे और 5 डिलीवरी
एक अन्य ट्विटर यूजर ने तंज कसते हुए कुछ यूँ आइना दिखाया, “इसके घर में 1 ही LPG सिलिंडर है। जब वो खत्म हो जाता है तब ये सिलिंडर बदलने गोदाम जाता है। लेकिन खाना फिर भी पकता रहता है। आधे क्रायोजेनिक टैंकर जब डिलीवरी दे रहे होते हैं तब आधे टैंकर डिलीवरी देकर रिफिलिंग कर रहे होते हैं डिलीवरी के लिए। इस प्रकार चलती है सप्लाई।” दिल्ली में पिछले कई दिनों से ऑक्सीजन की भारी कमी है और AAP सरकार दोषारोपण में लगी है।
इसके घर में 1 ही LPG सिलिंडर है। जब वो खत्म हो जाता है तब ये सिलिंडर बदलने गोदाम जाता है। लेकिन खाना फिर भी पकता रहता है? आधे क्रायोजेनिक टैंकर जब डिलीवरी दे रहे होते हैं तब आधे टैंकर डिलीवरी देकर रिफिलिंग कर रहे होते हैं डिलीवरी के लिए। इस प्रकार चलती है सप्लाई। https://t.co/KsnOZi8ush
केंद्र सरकार ने दिल्ली को ऑक्सीजन दिया तो केजरीवाल सरकार उन्हें अस्पतालों तक पहुँचाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था करने में नाकाम रही। दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि सब कुछ उन्हें थाली में रख कर नहीं मिलेगा, लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें सभी सम्भव चीजें करनी चाहिए। इसके बाद केजरीवाल ने घोषणा की कि वो हर राज्य को क्रायोजेनिक टैंकर्स के लिए लिखेंगे। कई राज्यों के अख़बारों में कई भाषाओं में विज्ञापन दिए गए।
Half the tankers used to carry oxygen & when after delivering they return remaining half sent, if all used at once there will be huge time gap between deliveries.
AAPiyas should stick to advertisement than trying to give gyaan on other things which they don’t understand at all
बता दें कि क्रायोजेनिक टैंकर्स सुपरस्पेशल टैंकर्स होते हैं और राघव चड्ढा ने खुद कहा कि पूरे देश में इनकी संख्या 1631 ही है। तो क्या किसी व्यक्ति के घर के पीछे ये थोड़े न पार्क किया हुआ मिलेगा, जो AAP का विज्ञापन पढ़ कर उसे दिल्ली भेज देगा प्रयोग में लाने के लिए? ऑक्सीजन डिमांड्स के मामले में दिल्ली सरकार की माँग मुंबई से 4 गुना अधिक है, जबकि दोनों जगह कोरोना के मामले समान ही हैं।
AAP नेताओं का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत में दिल्ली को 700 MT ऑक्सीजन की आवश्यकता थी, जो माह ख़त्म होते-होते 976 MT पर पहुँच गई। अप्रैल 29 को केजरीवाल ने इतनी ही मात्रा में ऑक्सीजन के लिए पत्र लिखा। उस दिन दिल्ली में 97,977 सक्रिय कोरोना मामले थे। मुंबई में 61,433 एक्टिव केस थे और वहाँ 225 MT ऑक्सीजन की ज़रूरत बताई गई। सक्रिय मामलों के हिसाब से औसत निकालें तो दिल्ली को मात्र 360 MT ऑक्सीजन की ज़रूरत थी।
क्रायोजेनिक टैंकर्स के लिए देश के कई राज्यों में दिए गए विज्ञापन
उस दिन उन्हें 400 MT मिली। ये सब देख कर क्या आपको लगता है कि सच में केजरीवाल की सरकार दिल्ली में ऑक्सीजन की समस्या को ख़त्म करने में लगी हुई है? वो बस ये दिखाना चाहती है कि हम कोशिश कर रहे हैं। वो ‘कोशिश’, जो विज्ञापन देकर की जा रही है। अगर उन्होंने सच में काम किया होता तो शायद कई जानें बचाई जा सकती थीं। और अब वीडियो बना कर अजीबोगरीब कैलुलेशन्स किए जा रहे हैं।
दो मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत तय होते ही राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हो गया था। हिंसा अब भी जारी है। इन्दस विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी के बूथ एजेंट अरूप रुईदास का शव पेड़ से लटका मिला है। इस बीच, बीजेपी के एक कार्यकर्ता का वीडियो वायरल हुआ है।
वीडियो में नजर आ रहे शख्स की पहचान बीजेपी के दलित नेता भास्कर मंडल के तौर पर हुई है। वह फूट फूटकर रोते हुए वीडियो में जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि सुनियोजित तरीके से हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके घर को लूटा जा रहा है। आग के हवाले कर दिया जा रहा है।
मंडल बता रहे हैं कि उनके घर में भी लूटपाट हुई है और वह तीन दिन से टीएमसी के गुंडों से छिपे हुए हैं। उनके पास न खाने को कुछ नहीं है और न कोई महफूज जगह जहाँ वे जा सके। वे यह भी कह रहे हैं कि केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को ही निशाना नहीं बनाया जा रहा है। उनके परिवार को भी गुंडे नहीं छोड़ रहे हैं। मंडल जिस इलाके में हिंसा की बात कर रहे हैं. वह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक का क्षेत्र डायमंड हार्बर है।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने जादवपुर से बीजेपी उम्मीदवार रहे रिंकू नास्कर के घर पर हमले का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया है कि टीएमसी के गुंडों ने दिनदहाड़े इस घटना को अंजाम दिया।
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) May 5, 2021
नंदीग्राम के बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि दो मई की हिंसा के बाद से एक लाख से ज्यादा लोग बंगाल से भाग चुके हैं। अधिकारी ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया है। इधर बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही ममता बनर्जी ने पुलिसिया सिस्टम में बड़ा फेरबदल किया। उन्होंने 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया, जिन्हें चुनाव आयोग (ECI) ने शिफ्ट किया था। 16 जिलों के SP को इधर-उधर किया है। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने भरोसा नहीं जताया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से वहाँ हो रही राजनीतिक हिंसा को लेकर रिपोर्ट माँगी थी। इसकी कोई सुनवाई नहीं होने के बाद HMO ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को एक और रिमाइंडर भेजा है। केंद्र ने कहा कि अगर रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही बिना समय गँवाए उपयुक्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। ममता बनर्जी का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा की जीत हुई है, वहीं हिंसा हो रही है।
जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ जिले में अल बदर के आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए। वहीं तौसीफ अहमद नाम के एक आतंकी ने सरेंडर कर दिया है।
J-K: 3 Al-Badr terrorists killed, one surrendered in Shopian encounter
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुठभेड़ गुरुवार (6 मई 2021) सुबह शोपियाँ के कनिगाँव क्षेत्र में हुई। ऑपरेशन खबर लिखे जाने तक जारी थी। इस ऑपरेशन को 44 राष्ट्रीय राइफल्स और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने मिलकर अंजाम दिया है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जानकारी दी थी कि शोपियाँ में जहाँ मुठभेड़ हो रही है, वहाँ अल बदर के चार नए भर्ती किए गए स्थानीय आतंकी सुरक्षा बलों के घेरे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, “घेराबंदी करने के बाद इन आतंकियों से आत्मसमर्पण करने को कहा गया, लेकिन इन्होंने सुरक्षबलों की टीम पर फायरिंग कर दिया। पुलिस पर ग्रेनेड से हमला किया गया।”
दूसरी तरफ, बीएसएफ ने जानकारी दी है कि 5-6 मई दरम्यानी रात जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को ढेर कर दिया।
During the intervening night of May 5 & 6, around 0235 hours, BSF jawans shot dead a Pakistani intruder near the International Border in Samba sector, J&K; details awaited: Border Security Force (BSF)
गौरतलब है कि पिछले महीने ही सुरक्षाबलों ने आतंकी संगठन अल बदर के गुलजार अहमद भट नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुआ था। वह अनंतनाग जिले के बथपोरा अरवानी का रहने वाला है। इससे पहले मार्च में भी सोपोर में हुए एक एनकाउंटर में सेना के जवानों ने अल बदर के डिविजनल कमांडर को मार गिराया था। उस दौरान भी सेना ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे।
देशभर में कोरोना के कहर के बीच केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में कथित किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच हरियाणा पुलिस के सूत्रों के हवाले से सीएनएन-न्यूज 18 ने जानकारी दी है कि हाल ही में कोरोना के कारण जान गँवाने वाली एक लड़की के साथ टिकरी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर छेड़छाड़ हुई थी। इस मामले में लड़की ने शिकायत भी दर्ज कराई थी।
Row over a girl allegedly molested at Tikri border, Delhi.
जानकारी के मुताबिक 26 अप्रैल, 2021 को प्रदर्शन के दौरान COVID-19 के लक्षणों का पता चलने के बाद लड़की को बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं CNN-News18 को दिए एक इंटरव्यू में किसान नेता मनदीप नाथवानी ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें इस घटना की जानकारी है और किसान नेता इसकी छानबीन कर रहे हैं। नाथवानी ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक, जिस लड़की के साथ यह वारदात हुई थी, कोरोना के कारण उसकी मौत हो गई है।
साक्षात्कार में नथवानी ने कहा, “हम लगातार संयुक्त मोर्चा के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लड़की के साथ वास्तव में क्या हुआ।” उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि लड़की के साथ बलात्कार हुआ था या नहीं, इसकी जाँच की आवश्यकता है।
इस साक्षात्कार से इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि मरने वाली अज्ञात लड़की पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय महिला हो सकती है, जिसकी हाल ही में कोरोना से मौत हो गई थी। इन अटकलों को इसलिए बल मिलता है कि जिस लड़की की मौत हुई है और 25 वर्षीय बंगाली महिला दोनों को बीते 26 अप्रैल को कोरोना के लक्षणों के चलते बहादुरगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालाँकि, दोनों ही मामलों में एक विरोधाभास दिखाई देता है जो ये है कि CNN-News18 की रिपोर्टिंग के मुताबिक जिस लड़की का शोषण हुआ था उसे बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि बंगाल की महिला के बारे में रिपोर्ट बताती है कि उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसलिए, यह केवल अटकलें मात्र प्रतीत होती हैं। CNN-News18 की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा पुलिस मामले की छानबीन कर सबूतों को जुटाने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सरकार ने शपथ लेते ही पुलिस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग अपने ढंग से शुरू कर दी है। ऊपर से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा अब भी रुकने का नाम नहीं ले रही। ममता बनर्जी ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिसिया सिस्टम में बड़ा फेरबदल किया। उन्होंने 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया, जिन्हें चुनाव आयोग (ECI) ने शिफ्ट किया था।
अप्रैल 10, 2021 को सीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत CISF पर हमले के बाद हुई फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। ममता बनर्जी ने कूच बिहार जिले के SP देबाशीष धार को निलंबित कर दिया है। ये इलाका इसी जिले में पड़ता है। वो इस मामले में पहले ही CBI जाँच का आदेश दे चुकी हैं। उनकी जगह के कन्नन को भेजा गया है, जिन्हें चुनाव के दौरान OCW (ऑफिसर ऑन कम्पलसरी वेटिंग) में भेज दिया गया था।
DG वीरेंद्र का चुनाव आयोग ने ट्रांसफर किया था। उन्हें अब पहले वाला पद दे दिया गया है। साथ ही DG (सिक्योरिटी) विवेक सहाय को भी उनके पुराने पद पर भेज दिया गया है। पूर्वी मेदिनीपुर की एक रैली में ममता बनर्जी के चोटिल होने के बाद उन्हें ECI ने हटा दिया था। ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले 3 महीनों से प्रशासन उनकी जगह ECI के नियंत्रण में था, इसीलिए कुछ गड़बड़ियों को ठीक करना ज़रूरी था।
ममता बनर्जी सरकार ने 16 जिलों के SP को इधर-उधर किया है। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने भरोसा नहीं जताया था। डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमले के बाद ECI ने भोलानाथ पांडेय का ट्रांसफर किया था। उन्हें अब अलीपुरदौर का SP बनाया गया है। सौम्य रॉय की पत्नी चुनाव लड़ रही थी, इसीलिए उनका ट्रांसफर हुआ था। अब उन्हें हावड़ा (ग्रामीण) का SP बनाया गया है।
West Bengal: Unidentified people hurled bombs at the residence of a BJP worker in Kankinara area of Bhatpara, yesterday.
Raj Biswas, BJP worker said, “I have seen the CCTV of three persons hurling bombs at my home. My family is terrified. Police came here & sought CCTV footage” pic.twitter.com/GY39MuTtTN
वहीं मंगलवार (मई 4, 2021) की रात हुई हिंसा में भी 3 लोग मारे गए, जिनमें से एक भाजपा कार्यकर्ता था। बाँकुड़ा में भाजपा कार्यकर्ता अरूप रुईदास के गायब होने की बात सामने आई थी। बुधवार की सुबह पूर्वी बर्दवान के खंडोघोष में उनकी लाश मिली। उनकी गर्दन से रस्सी बँधी हुई थी। उनकी लाश एक पेड़ से लटकी हुई मिली। उनकी हत्या का आरोप TMC के गुंडों पर लगाया गया है।
BJP Booth Agent, Arup Ruidas, Indus Assembly of West Bengal has been hanged till death by TMC workers. pic.twitter.com/ZnxpStTXk9
— Vikas Bhadauria (ABP News) (@vikasbha) May 5, 2021
वे इन्दस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बूथ एजेंट थे। भाटपारा के काँकीनारा में एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर पर बम फेंके गए। राज विश्वास ने बताया कि उन्होंने CCTV फुटेज में 3 लोगों को अपने घर पर बम फेंकते देखा। उन्होंने बताया कि उनका परिवार डरा हुआ है। पुलिस वीडियो फुटेज ले गई है। वहीं TMC ने अलीपुरदौर और कूच बिहार में अपने 2 कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप भाजपा पर मढ़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से वहाँ हो रही राजनीतिक हिंसा को लेकर रिपोर्ट माँगी थी। इसकी कोई सुनवाई नहीं होने के बाद HMO ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को एक और रिमाइंडर भेजा है। केंद्र ने कहा कि अगर रिपोर्ट नहीं भेजी जाती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही बिना समय गँवाए उपयुक्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। ममता बनर्जी का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा की जीत हुई है, वहीं हिंसा हो रही है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ देश के अलग-अलग इलाकों में इस्लामी कट्टरपंथियों ने किस तरह उनकी हत्या की धमकी देते हुए उपद्रव किया, ये पिछले दिनों में हमने देखा था। अब बांग्लादेश के एक कट्टरपंथी मौलवी का वीडियो सामने आया है। इसमें वह यति नरसिंहानंद के बयान को भारत में कोरोना से हुई मौतों से जोड़ जहर उगल रहा है।
पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसके बारे में उन्होंने बताया कि ये बांग्लादेश का है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि ये भारत के लिए बांग्लादेश का ‘दोस्ताना सन्देश’ है। इस वीडियो में कई लोग खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन करते दिख रहे हैं और एक मौलाना कह रहा होता है कि आज बांग्लादेश के दिनाजपुर में जुमे की नमाज के बाद वे लोग इकट्ठे हुए हैं। इससे पहले वो माइक लेकर कुछ आयतें भी पढ़ता है।
मौलाना कहता है, “हम ये कहने के लिए जुटे हैं कि हिंदुस्तान का वो पंडित, वो जलील पंडित ख़बीस नरसिंहानंद सरस्वती जिसने ‘रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम’ की शान में गुस्ताखी की है। हम ये कहना चाहते हैं कि पूरी दुनिया के हम 2 करोड़ मुसलमान, अल्लाह हमारी जान रसूलल्लाह के कदम पर कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। सारी दुनिया के मुसलमान हर कुछ मान लेंगे, लेकिन रसूलल्लाह की शान में गुस्ताखी कभी नहीं मानेंगे।”
कई मौलवियों और कट्टरवादी मुस्लिमों की भीड़ के साथ खड़ा मौलवी आगे कहता है, “भारत सरकार से हम ये कहना चाहते हैं कि सुन लीजिए, ये सिर्फ हम नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग कह रहे हैं। आज जिस तरह से वहाँ कोरोना से लोग मारे जा रहे हैं और श्मशान घाट में चिता जलाने के लिए जगह नहीं मिल रही है- इसकी प्रमुख वजह ये हिंदुत्ववादी हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इस्लाम की मुखालफत और रसूल अल्लाह की शान में गुस्ताखी है।”
Friendly message from Bangladesh:
-Corona pandemic and the many deaths and cremations in India is because of ‘blasphemy’ by Narsinghanand
-Hindus, do tauba otherwise your dead bodies won’t be cremated but eaten by cheel-kawwe
उक्त मौलवी को ये कहते सुना जा सकता है कि अभी भी वक़्त है कि हिन्दू तौबा कर लें और रसूल अल्लाह से माफ़ी माँग लें। उसने कहा, “अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो तुम्हारी लाशें चिता पर नहीं जलाई जाएगी। तुम्हारी लाशों को चील-कौवे और गीदड़ खा कर ख़त्म करेंगे। मैं तुम्हें दावत देता हूँ। कलमा पढ़ मुसलमान हो जाओ। अगर मुक्ति चाहते हो तो इस्लाम अपना लो।” वहाँ साथ खड़े लोग हो-हो कर के मौलाना की बातों का समर्थन भी करते हैं। हालाँकि, ये साफ़ नहीं है कि ये वीडियो कब का है।
भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच खबर आ रही है कि संक्रमण से लड़ने के लिए देश में Roche Antibody Cocktail के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी गई है। Roche India के वितरण पार्टनर सिपला ने बुधवार (05 मई) को इसकी जानकारी दी। यह अनुमति अमेरिका में कॉकटेल के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए दाखिल किए गए डाटा और यूरोपीय संघ में कमेटी फॉर मेडिसिनल प्रोडक्ट्स फॉर ह्यूमन यूज की वैज्ञानिक राय के आधार पर दी गई है।
Roche receives emergency use authorisation in India for antibody cocktail used in COVID-19 treatment: Co statement
इस कॉकटेल दवा को मजूरी मिलने के बाद Roche India ने बयान जारी करके कहा कि आपातकालीन उपयोग को वैश्विक स्तर पर अनुमति मिलने के बाद अब भारत इसे आयात कर सकेगा जिसे सिपला के साथ भागीदारी के माध्यम से वितरित किया जा सकेगा। बयान में कहा गया है कि Roche Antibody Cocktail कोरोना वायरस संक्रमण से अधिक खतरे वाले मरीजों के उपचार में सहायक है जिनकी स्थिति गंभीर होने की संभावना है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने भारत में कोरोना मरीजों के लिए इलाज के लिए एंटीबॉडी कॉकटेल को आपातकालीन मंजूरी दे दी है।
यह दवा कृत्रिम रूप से निर्मित एंटीबॉडी Casirivimab और Imdevimab का कॉकटेल है। ये दोनों एंटीबॉडी मानव शरीर के द्वारा संक्रमण से बचने के लिए बनाई गई एंटीबॉडी की हूबहू नकल हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने Covid-19 से संक्रमित होने के बाद इसी दवा का उपयोग किया था।
सिपला ने कहा है कि यह Roche Antibody Cocktail माइल्ड और मॉडरेट रूप से संक्रमित मरीजों के लिए उपयोगी है और उन्हें अस्पताल या आईसीयू तक पहुँचने से रोकने में सहायक है। हालाँकि कंपनी ने अभी इस दवा के लॉन्च होने और इसकी कीमत के बारे में जानकारी नहीं दी है। इसे Roche और Regeneron ने मिलकर बनाया है।