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₹100 करोड़ की वसूली के आरोपित अनिल देशमुख के साथ खड़े हुए शरद पवार, मंत्री जयंत पाटिल ने कहा- इस्‍तीफे की जरूरत नहीं

मुंबई के मुकेश अम्बानी के घर एंटीलिया मामले की जाँच के बीच मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाए गए परमबीर सिंह के एक लेटर बम से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी गई परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद जो सनसनीखेज खुलासा हुआ है और जिस तरह से वसूली गैंग में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का नाम सामने आया उससे सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके इस्तीफे की माँग की ताकि स्वतंत्र रूप से जाँच हो सके।

चिट्ठी में एनसीपी नेता और गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूली करवाने का आरोप है। इन आरोपों के बाद दिल्‍ली में शरद पवार के घर रविवार रात महाविकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक हुई। इसमें सुप्रिया सुले, प्रफुल्‍ल पटेल, अजित पवार, संजय राउत सहित कई नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद मंत्री जयंत पाटिल ने अपने बयान में यह साफ़ कहा कि अनिल देशमुख का इस्‍तीफा नहीं लिया जाएगा। देशमुख के इस्‍तीफे की जरूरत नहीं है। मामले की जाँच महाराष्‍ट्र एटीएस और एनआइए कर रही है।

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि गृहमंत्री पर जो आरोप लगाए गए हैं, वो गंभीर हैं और उनके खिलाफ फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेना है और इस पर एक-दो दिनों में बातचीत करके फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी यहाँ आने से पहले इस विषय पर मुख्यमंत्री ठाकरे से भी बातचीत हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पवार ने पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की आरोपों वाली चिट्ठी को लेकर कहा, “पत्र में 100 करोड़ वसूलने के लिए कहा गया। मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने पत्र में कहीं नहीं लिखा कि क्या पैसे दिए गए हैं?” इसके साथ ही पवार ने यह भी कहा कि अब सरकार ने परमबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर से हटाकर होमगार्ड में भेजा तो उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। ये बात उन्होंने तब क्यों नहीं कही, जब वे सीपी के पद पर थे।

उन्होंने कहा कि मैं खुद मुख्यमंत्री से बात करूँगा और उनसे कहूँगा कि गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए है, इसलिए ऐसे अधिकारी से जाँच कराई जाए जिनकी निष्ठा अच्छी हो। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘सचिन वाजे को वापस लाने का फैसला खुद पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का था। यहाँ तक कि मनसुख हीरेन की पत्नी ने भी आरोप लगाया है कि सचिन वाजे उनके पति की मौत के लिए जिम्मेदार है। वाजे को वापस लेने में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का कोई रोल नहीं है।

गौरतलब है कि पवार ने साथ ही यह भी कहा था कि विपक्ष का माँग करना उनका हक है, पर सरकार को कोई खतरा नहीं है। इसका सरकार पर कोई असर नहीं होगा। अनिल देशमुख पर हम मुख्यमंत्री से बात करेंगे। पार्टी के लोगों से बात करेंगे और अनिल देशमुख से भी बात करेंगे कि उनका क्या कहना है? कल-परसों तक मिलकर हम लोग देशमुख पर फैसला ले लेंगे।

मनसुख हिरेन की मौत की गुत्थी सुलझाने का महाराष्ट्र ATS ने किया दावा: दो गिरफ्तार, कल ही गृह मंत्रालय NIA को सौंपी थी कमान

मनसुख हिरेन के मौत का मामला NIA को सौपें जाने के ठीक एक दिन बाद ही महाराष्ट्र एटीएस के DIG शिवदीप लांडे ने रविवार (मार्च 21, 2021) को दावा किया कि मनसुख हिरेन की मौत का मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने बिना कोई खास डिटेल दिए बताया कि मनसुख हिरेन की मौत के मामले में मुम्बई पुलिस के कांस्टेबल विनायक शिंदे और नरेश धारे समेत एक बुकी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि हिरेन की मौत के मामले में दो आरोपितों को रविवार को अदालत में पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने इन दोनों को 30 मार्च तक एटीएस की कस्टडी में भेज दिया है।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो के बाद उसके मालिक हिरेन मनसुख की मौत की गुत्थी सुलझाने का दावा आज महाराष्ट्र ATS द्वारा किया गया। इससे पहले, एटीएस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र ATS के एक अधिकारी ने जानकारी दिया कि शनिवार देर रात को एक पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और एक सटोरिये नरेश धारे की गिरफ़्तारी हुई है। महाराष्ट्र ATS के DIG शिवदीप लांडे ने अपने फेसबुक पोस्ट में भी मनसुख हिरेन की हत्या की गुत्थी को सुलझाने का दावा करते हुए अपनी टीम के सभी साथियों को सैल्यूट किया।

महाराष्ट्र ATS DIG शिवदीप लांडे की फेसबुक पोस्ट

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने बताया था कि मामले के संबंध में पूछताछ के लिए दोनों आरोपितों को शनिवार को एटीएस मुख्यालय में लाया गया था और बाद में उन्हें वहीं गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि शिंदे, लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में दोषी है और पिछले साल ही वह कुछ दिनों के लिए फरलो पर जेल से बाहर आया था। गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी उस दिन की गई जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिरेन की मौत के मामले की जाँच एनआईए को सौंप दी थी। तब तक इस मामले की जाँच महाराष्ट्र एटीएस ही कर रही थी।

अधिकारी ने कहा, “राज्य एटीएस ने अब तक कई लोगों से इस मामले में पूछताछ की है जिनमें मृतक के परिजन और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी इस मामले में मिली बड़ी कामयाबी है।” बता दें कि एनआईए, एंटीलिया के बाहर पाए गए विस्फोटकों से लदी कार और सचिन वाजे प्रकरण की जाँच पहले से ही कर रही और ATS के खुलासे से एक दिन पहले ही मनसुख हिरेन की हत्या का मामला भी NIA को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सौंप दिया था।

मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत पर शुरू से ही काफी सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों की जद में सचिन वाजे भी हैं, जिन्हें बीते दिनों मुंबई क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया था और बाद में फिर निलंबित भी कर दिया गया। हिरेन की पत्नी ने वाजे पर उनके पति की मौत में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। हालाँकि, महाराष्ट्र ATS की जाँच में सचिन वाजे का कोई जिक्र नहीं है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के एक अधिकारी ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें व्यवसायी मनसुख हिरेन के सिर और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं, जिनका शव 5 मार्च को ठाणे जिले के रेटिबंदर नाले के पास मिला था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 48 वर्षीय ठाणे स्थित ऑटो स्पेयर पार्ट्स डीलर मनसुख हिरेन की मौत की जाँच कर रहे ATS के एक सूत्र ने कहा है कि हो सकता है कि उनकी मौत से पहले उन पर हमला किया गया हो। हिरेन का लिंक 25 फरवरी को अरबपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर खड़ी विस्फोटक से लदी कार से जुड़ा था। हालाँकि, इस घटना के 10 दिन बाद उन्हें रहस्यमय तरीके से नाले के पास मृत पाया गया था।

एटीएस अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि किसी ने मनसुख हिरेन के साथ मारपीट और भारी वस्तु से हमला किया होगा और आशंका जताई जा रही है कि इस हमले की वजह से वह बेहोश हो गए होंगे। पुलिस अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि हमलावर ने उनके मुँह में चार-पाँच रूमाल ठूँस दिए और उनके पूरे चेहरे को दुपट्टे से ढक दिया।

बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने जारी किया संकल्प पत्र: पहली कैबिनेट में CAA लागू करने का वादा, हर वर्ग के लिए बड़ी घोषणाएँ

केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा नेता अमित शाह कोलकाता में पार्टी कार्यालय में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के लिए भाजपा का संकल्प पत्र जारी कर दिया है। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि घोषणा पत्र की जगह हमने इसे ‘संकल्प पत्र’ नाम देना उचित समझा है। क्योंकि ये एक संकल्प है कि हम आगे कैसे सोनार बांग्ला बनाएँगे। कैसे पश्चिम बंगाल की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे। इस मौके पर अमित शाह के साथ कैलाश विजय वर्गीय व दिलीप घोष भी मौजूद थे।

अमित शाह ने कहा कि हम पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाते हुए 75 लाख किसानों को जो 18000 रुपए प्रति किसान ममता दीदी ने नहीं पहुँचाया, उसे उनके बैंक खाते में पहुँचाने का काम करेंगे। उनके मुताबिक, राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। हमने तय किया है कि बंगाल और सीमा पर बाड़ लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम राज्य सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का काम करेंगे।

संकल्प पत्र में घोषणा के अनुसार, मछुआरों को प्रतिवर्ष 6000 रुपए की सहायता देने का काम भाजपा सरकार करेगी। पहले ही कैबिनेट में बंगाल के हर गरीब को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिले, इसके लिए हम काम करेंगे। हर वर्ष किसानों को भारत सरकार का जो 6000 रुपए आता है, उसमें राज्य सरकार का 4000 रुपए जोड़कर कुल 10000 रुपए किसानों को प्रतिवर्ष दिए जाएँगे।

इससे पहले पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा में चुनावी रैली में अमित शाह ने ममता सरकार पर फिर करारा हमला बोला। अमित शाह ने ममता बनर्जी पर राज्य में घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम पाँच साल में बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कर देंगे।

उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि दीदी ने ‘माँ, माटी, मानुष’ का नारा दिया लेकिन क्या बदलाव आया? क्या वह आपको घुसपैठियों से मुक्ति दिला पाईं? हम पाँच साल में बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त बनाएँगे। कटमनी, तोलाबाजी व तुष्टीकरण से मुक्ति दिलाएँगे।

अमित शाह ने कहा कि राज्य में हमारे 130 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मार दिया गया। तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के गुंडों को यह नहीं सोचना चाहिए कि उन्हें बख्शा जाएगा। दो मई को टीएमसी के गुंडों को दिन में तारे दिखेंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या करने वालों को हम पताल से भी खोजकर सजा दिलाएँगे। अमित शाह ने कहा कि ममता दीदी परिवर्तन का नारा देकर भूल गईं। बंगाल की जनता ने अब सत्ता से ममता सरकार को बाहर करने का मन बना लिया है और दो मई को तृणमूल की विदाई तय है। भाजपा की सरकार बनते ही आपको केंद्र की सभी योजनाओं का पूरा फायदा मिलेगा।

गृहमंत्री अमित शाह ने यह भी कहा, “ममता दीदी भतीजे को बंगाल का सीएम बनाना चाहती हैं और मोदी बंगाल को सोनार बांग्ला बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ के सरकारी कर्मचारियों को सातवाँ वेतन आयोग नहीं मिलता है। हमने तय किया है कि सरकार बनते ही सातवाँ वेतन आयोग का फायदा दिलाएँगे।

भाजपा के संकल्प पत्र की खास बातें:

  • महिलाओं को नौकरी में 33 प्रतिशत आरक्षण
  • किसानों को किसान सम्मान निधि का बकाया 18 हजार रुपए, उसके बाद केंद्र के 6000 रुपए सालाना में राज्य के 4000 रुपए जोड़कर 10 हजार रुपए
  • पहली कैबिनेट बैठक में बंगाल के हर गरीब को आयुष्मान भारत योजना का लाभ
  • मछुआरों को सालाना 6 हजार रुपए
  • घुसपैठ पर पूरी तरह लगेगी लगाम
  • हर त्योहार बेरोक-टोक मनाया जाएगा, कोर्ट की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी
  • पहली कैबिनेट में लागू किया जाएगा नागरिकता संशोधन एक्ट CAA
  • ओबीसी आरक्षण में कई समुदायों को जोड़ा जाएगा
  • सभी महिलाओं के लिए केजी से पीजी तक की मुफ्त पढ़ाई
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा
  • भूमिहीन किसान को सालाना 4000 रुपए
  • तीन नए एम्स बनाए जाएँगे
  • हर परिवार में कम से कम एक सदस्य को रोजगार
  • सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा
  • मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत एंटी करप्शन हेल्पलाइन
  • हर परिवार को शौचालय और साफ पीने का पानी
  • नोबल प्राइज की तर्ज पर टैगोर प्राइज और ऑस्कर की तर्ज पर सत्यजीत रे प्राइज
  • 11 हजार करोड़ का सोनार बांग्ला फंड
  • गरीब और अनुसूचित जाति की बालिकाओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति
  • विधवा पेंशन एक हजार रुपए से बढ़ाकर तीन हजार रुपए
  • फसल के सही दाम के लिए पाँच हजार करोड़ का इंटरवेंशन फंड बनाया जाएगा
  • कृषक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया जाएगा
  • किसान क्रेडिट कार्ड अपडेट कर रूपे कार्ड दिया जाएगा
  • नौकाओं का 100 प्रतिशत मशीनीकरण किया जाएगा
  • अमूल के साथ मिलकर बांग्ला श्वेत क्रांति की शुरुआत की जाएगी। राज्य के 5 जोन में पाँच मेगा यूनिट बनाई जाएगी
  • आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा
  • मेडिकल सीटों को दोगुना बनाने का प्रयास किया जाएगा
  • वन नेशन वन हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा
  • शिक्षित रोजगारों के लिए प्रत्येक ब्लॉक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस बीपीओ की शुरुआत की जाएगी
  • आईआईटी, आईआईएम की तर्ज पर 5 विश्वविद्यालयों की स्थापना
  • भर्तियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट की शुरुआत
  • हर साल खेलो बांग्ला महाकुंभ
  • अम्फान, बुलबुल आदि साइक्लोन के राहत कार्यों में घोटाले की जाँच होगी
  • सामुदायिक हिंसा और राजनीतिक हिंसा समेत तमाम अपराधों पर नकेल कसने के लिए समुचित तंत्र
  • सभी राजनीतिक हिंसा के पीड़ितों के परिवारों को 25 लाख रुपए मुआवजा.
  • दुर्गापूजा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने के प्रयास किए जाएँगे
  • मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत एंटी करप्शन हेल्पलाइन
  • हर परिवार को शौचालय और साफ पीने का पानी

गौरतलब है कि बीजेपी ने घोषणापत्र जारी करने से पहले राज्‍य में बड़ा अभियान चलाया था और लोगों से राय माँगी थी कि वह राज्‍य में किस तरह का बदलाव चाहते हैं। बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने खुद इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके लिए करीब दो करोड़ से ज्यादा लोगों से फोन और वेबसाइट के जरिए भी सुझाव लिए गए थे। बीजेपी ने राज्‍य के लोगों की माँग को देखते हुए ही अपना चुनावी घोषणापत्र अर्थात संकल्प पत्र तैयार किया है।

दिल्ली में दलित युवक से मुस्लिम लड़की के शादी करने पर भड़की मुस्लिमों की भीड़: हिन्दुओं के घरों व वाहनों में जमकर की तोड़फोड़

दक्षिणी दिल्ली के सराय काले खाँ गाँव में शनिवार रात मुस्लिम समुदाय के 50 से अधिक उपद्रवियों ने जमकर बवाल किया। मुस्लिमों की उग्र भीड़ ने इलाके की दलित बस्ती में घुसकर आधे घंटे तक लाठी डंडो और तलवार के साथ हिन्दुओं की संपत्ति को तहस-नहस किया। इस हिंसक घटना के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद से ही मौके पर अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। रात में मुस्लिम भीड़ द्वारा हुए उपद्रव के बाद लोग दहशत में हैं। घटना की भयावहता को आप CCTV फुटेज में देख सकते हैं कि किस तरह से मुस्लिम भीड़ बेलगाम हो हिंसा पर उतारू है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दलित युवक के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया जैसे किसी का इन्हें डर ही न रहा हो।

50 से अधिक की संख्या में बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं की कुल तीन गलियों को निशाना बनाया और तलवार लाठी डंडे और पत्थरों के साथ जमकर हमला कर दिया। रात के 11 बजे के बाद अचानक हुए इस हमले से बस्ती में रहने वाले लोग सहम गए। हालाँकि, लोगों ने तुरंत ही दिल्ली पुलिस को घटना की सूचना दी।

हिन्दू समुदाय के लोगों का आरोप है कि सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस बल मौके पर पहुँचा। तब तक मुस्लिमों की भीड़ लगातार लोगों को धमकी देते हुए बवाल करते रहे। तोड़फोड़ के बाद जैसे ही वे लोग निकले लोगों ने दिल्ली पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करीब पाँच युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार पूरा मामला कुछ यूँ है कि सराय काले खाँ में रहने वाले एक दलित युवक के एक मुस्लिम लड़की से प्रेम संबंध थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक ने करीब छह माह पहले ही चोरी छिपे युवती से प्रेम विवाह कर लिया था। लेकिन कुछ दिन पहले ही मुस्लिम परिवार ने युवती का निकाह किसी अन्य व्यक्ति से तय कर दी थी।

जिसके बाद अपने परिवार के खिलाफ जाते हुए युवती ने कानून की शरण ली और दो दिन पहले ही सनलाइट कालोनी थाने में अपना बयान दर्ज कराने के बाद वह दलित युवक के साथ उसके घर चली गई। युवक का परिवार युवती को लेकर अपने किसी रिश्तेदार के घर गाजियाबाद चला गया। इसी से नाराज होकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शनिवार रात इलाके के तमाम हिन्दुओं को अपना निशाना बनाने की कोशिश की। लोगों ने कई घरों, वाहनों में तोड़फोड़ की एवं हिन्दुओं को धमकाते रहे।

13 साल की पूजा का अपहरण व इस्लामी धर्मांतरण, FIR दर्ज कराने गए पिता को पुलिस ने खदेड़ा: Pak में डेढ़ माह में चौथी वारदात

पाकिस्तान में पिछले डेढ़ महीने से भी कम समय में चौथी हिन्दू लड़की के अपहरण, जबरन इस्लामी धर्मांतरण और निकाह की खबर आई है। अब एक 13 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की पूजा मेघवार का अपहरण करके उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। पाकिस्तान की ‘हिन्दू मेंबर नेशनल असेम्बली (HNA)’ के रमेश कुमार वंखवानी ने शुक्रवार (मार्च 19, 2021) को बताया कि ताज़ा घटना हैदराबाद जिले के हसरी में हुई।

ये इलाका पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में स्थित है। पीड़िता का नाम पूजा मेघवार है। MNA ने कहा कि इस मामले की FIR तो दर्ज करा दी गई है लेकिन तथ्यों का पता तभी चलेगा जब पुलिस उसे बचा कर वापस ले आती है। पूजा के पिता चंदन मेघवार एक टेक्सटाइल मिल में कर्मचारी हैं, जिन्होंने अपनी बेटी के अपहरण की जब रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। परिजनों की पुलिस ने एक न सुनी।

इसके बाद पीड़ित परिजनों ने हिन्दू राजनेताओं और संस्थाओं की मदद ली, जिसके बाद FIR दर्ज की जा सकी। इससे पहले आरती मेघवार, कविता ओध और रीना मेघवार जैसी लड़कियों का अपहरण हो चुका है। कराची के एक हिन्दू ने कहा कि अब सिंध में हिंदुओं का रहना किसी बुरे सपने के समान हो गया है और सरकार ऐसी हर घटना को चुपचाप देखती और व मीडिया से छिपाने का प्रयास करती है।

इस साल जनवरी में भी एक वीभत्स घटना सामने आई थी, जब पाकिस्तान के पंजाब के बहु भाटी गाँव में एक मुस्लिम व्यक्ति ने जबरन रतन लाल की बेटी मिजा कुमारी का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया और निक़ाह करने के लिए बलपूर्वक उसका इस्लाम में धर्मांतरण कर दिया गया। माता-पिता ने बताया था, “यदि हमारी बेटी हमें वापस नहीं मिलती है तो हम आत्महत्या कर लेंगे। हम गरीब हैं, हम दोषियों से नहीं लड़ सकते, पाकिस्तान में कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा है।”

‘मेरे सिर पर लात मारिए दीदी, पर मैं आपको बंगाल के विकास को लात नहीं मारने दूँगा’: बाँकुड़ा व रामपाड़ा में PM ने कहा- 2 मई, दीदी गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (मार्च 21, 2021) को पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा में एक विशाल रैली को सम्बोधित किया। अगले 10 दिनों में राज्य में उनकी 4 और रैलियाँ होनी हैं। इससे पहले उन्होंने खड़गपुर में रैली को सम्बोधित किया था। वहीं आज असम के बोकाखाट में उन्होंने एक जनसभा को सम्बोधित किया। पीएम मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में इस साल अपनी पहली चुनावी रैली का आगाज़ किया था।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद किया कि जब वो लोकसभा चुनाव के समय लोगों का आशीर्वाद माँगने आए थे, तो यहाँ दीदी ने उन्हें रोकने के लिए क्या-क्या किया था। पीएम मोदी ने याद किया कि तब रैली ग्राउंड तक आने वाले सारे रास्ते बंद करवा दिए थे, टेंट हाउस से कुर्सियाँ तक न मिलें इसके लिए पुलिस को लगाया था। उन्होंने कहा कि बाँकुरा की ये तस्वीर साक्षी है कि बंगाल के लोगों ने ठान लिया है- 2 मई, दीदी गई।

पीएम मोदी ने ‘आशोल पॉरिबोर्तोन’ की बात करते हुए कहा कि ये बंगाल के गौरव को बढ़ाने के लिए और बंगाल में एक ऐसी सरकार लाने के लिए है, जो गरीबों की सेवा करे, उनकी तकलीफें दूर करें, बंगाल में एक ऐसी सरकार लाने के लिए जो सरकारी योजनाओं का पैसा गरीब तक पहुँचाए, बंगाल में एक ऐसी सरकार लाने के लिए जो तोलाबाजों, सिंडिकेट वालों को जेल भेजे, भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई करे।

प्रधानमंत्री ने वादा किया कि यही ‘आशोल परिवर्तन’ बंगाल में BJP लाकर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि आज जब वो बाँकुड़ा आए हैं, तो यहाँ रामपाड़ा के बहनों और भाइयों को भी विशेष तौर पर राम राम कहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रामपाड़ा की चर्चा आजकल पूरे देश में है और रामपाड़ा में आप राम पुकारेंगे तो हर घर से राम निकलेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में दीदी के लोग दीवार पर तस्वीरें बना रहे हैं और तस्वीरों में दीदी मेरे सिर पर अपना पैर मार रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन तस्वीरों में ममता बनर्जी मेरे सिर के साथ फुटबॉल खेल रही हैं। उन्होंने सवाल दागा कि आप बंगाल के संस्कार और यहाँ की महान परंपरा का अपमान क्यों कर रही हो दीदी? ये बंगाल तो देश को दिशा देने वाला है। उन्होंने ममता को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर आप चाहती हैं तो आप अपना पैर मेरे सर पर रख सकती हैं, मुझे लात मार सकती हैं। लेकिन दीदी मेरी दूसरी बात भी कान खोलकर सुन लें।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं आपको अब बंगाल के विकास को लात नहीं मारने दूँगा। मैं आपको बंगाल के सपनों को लात नहीं मारने दूँगा। तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति ने आपको क्या बना दिया है। आपने अपना ये असली चेहरा 10 साल पहले दिखा दिया होता तो बंगाल में कभी आपकी सरकार नहीं बनती। ये हिंसा, ये अत्याचार, ये उत्पीड़न ही करना था तो फिर माँ-माटी-मानुष की बात क्यों की आपने?”

पीएम मोदी ने तंज कसा कि वो जितना दीदी से आपके सवाल पूछते हैं, उतना वो उन पर गुस्सा करती हैं। बकौल पीएम मोदी, अब तो कह रही हैं कि उनको मेरा चेहरा भी पसंद नहीं है। अरे दीदी, लोकतंत्र में चेहरा नहीं, जनता की सेवा, जनता के लिए किया गया काम कसौटी पर होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दीदी और उनकी सरकार ने 10 साल के दौरान पश्चिम बंगाल में क्या खेला किया, ये पूरा क्षेत्र इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि स्वर्गीय अजीत मूर्मू जैसे हमारे अनेक आदिवासी साथी तृणमूल के ‘खेला’ के कारण शहीद हो गए। उन्होंने आगे कहा कि यहाँ का किसान साल में सिर्फ एक फसल लेने के लिए मजबूर है और सिंचाई व्यवस्थाएँ जर्जर क्यों हैं, परियोजनाएँ लटकी क्यों हैं दीदी? उन्होंने पूछा कि युवा परेशान हैं, चाकरी, उद्योग, निवेश कहाँ है दीदी? आपने 10 साल में सिर्फ खोखली घोषणाएँ की हैं, जमीन पर काम कहाँ है दीदी?

पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार हर घर पाइप से जल पहुँचाने के लिए अभियान चला रही है, जिसके लिए सैकड़ों करोड़ रुपए बंगाल सरकार को दिए गए हैं लेकिन यहाँ की बहनें-बेटियाँ, बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। प्रधानमंत्री ने पूछा कि नल कहाँ है दीदी, जल कहाँ है दीदी, यहाँ खेतों में पानी क्यों नहीं है दीदी? पीएम ने वादा किया कि बंगाल में आपको भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्थाएँ मिलें, इसके लिए भाजपा सरकार जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “बंगाल में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए भाजपा सरकार जरूरी है। आपके कॉलेज, यूनिवर्सिटिज की आधुनिकता बढ़े, इसके लिए भाजपा सरकार जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर से जुड़ी योजनाओं में स्कैम नहीं कर सकते थे, इसलिए इनको लागू करने से ही इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि दीदी अभी से EVM की रट लगा रही है, लेकिन 10 साल इसी EVM से सत्ता में रहीं।

राजस्थान में पोर्न वीडियो देख 12 साल के भाई ने 6 साल की बहन का किया रेप, ऐसे गंदी वीडियो का आदी बना बच्चा

कोरोना का सबसे ज्यादा बुरा असर बच्‍चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन एजुकेशन ही एक मात्र विकल्प बचा है। मोबाइल पर चल रहीं क्लासेस मददगार भी हैं, वहीं इनमें कई तरह का खतरा भी हैं। राजस्थान से एक ऐसी ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जो माता पिता को बड़ी चिंता में डालने वाली वाली है। यहाँ एक 12 साल के बच्चे ने पोर्न वीडियो देखकर अपनी 6 साल की बहन का रेप कर दिया। इस घटना के बाद लाखों पेरेंट्स के लिए सावधान हो जाना चाहिए। 

पढ़ाई के बाद अश्लील वीडियो देखने लगा

दरअसल, हैरान कर देने वाला यह मामला श्रीगंगानगर जिले का है, जहाँ रायसिंह नगर में रहने वाले बच्चे ने इस घटना को 4 दिन पहले अंजाम दिया है। माता-पिता ने बच्चे की पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन खरीद कर उसे दिया था। लेकिन वह पढ़ाई के बाद अश्लील वीडियो देखने लगा। वह ना तो बाहर खेलने जाता और ना ही अपने दोस्तों से बात करता था। जब माता-पिता कुछ कहते तो जवाब देता कि मैं पढ़ाई कर रहा हूँ। 

आधी रात को देखता था पोर्न वीडियो

ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान पोर्न वीडियो देखने के बाद उसके दिमाग में निगेटिविटी आती गईं। इतना ही नहीं वह घरवालों के सोने के बाद नींद से जागकर चुपके से देर रात तक अश्लील वीडियो देखा करता था। जिसका परिणाम यह हुआ है कि उसने इस छोटी से उम्र में अपनी ही 6 साल की बहन का रेप कर दिया।

ऐसे गंदी वीडियो का आदी बना बच्चा

पुलिस ने बच्चे को गिरफ्तार कर बाल सुधार केंद्र भेज दिया है। जाँच के दौरान सामने आया है कि आरोपित बच्चा 6ठी क्लास में पढ़ता है। वह पिछले एक साल से स्कूल नहीं जा रहा है। पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई करने के दौरान उसे पोर्न वीडियो की लिंक आई थी। जिसे उसने गलती से क्लिक कर दिया। इसके बाद वह इसे रोज देखने लगा और इस शर्मनाक घटना को अंजाम दे दिया।

माता-पिता रहें ऐसे सावाधान

पेरेंट्स जो भी मोबाइल बच्चे को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दें रहे हैं उसमें सारे ऐप डिलीट कर दें। जूम समेत किसी भी ऐप में जब तक जरूरत न हो तब तक कैमरा ऑन न करें। बच्चा जिस भी डिवाइस में ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं उसमें एंटीवायरस जरूर एक्टिव रखें। बच्चों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान माता-पिता उनके साथ रहें।

ज्वालामुखी मंदिर से हटाए गए नवनियुक्त सेवादार जशन दीन और शकीन मोहम्मद, हिंदू महासभा के विरोध के बाद भी मिलती रहेगी सैलरी

विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में समुदाय विशेष के दो कर्मियों की नियुक्ति लंगर सेवादार के रूप में करने पर हिमगिरी हिंदू महासभा ने इसका पुरजोर विरोध किया था। अब बताया जा रहा है कि दोनों कर्माचारियों को हटा दिया गया है, लेकिन मंदिर भी उनको सैलरी देगा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रपत्र के अनुसार जशन दीन और शकीन मोहम्मद नाम के दो लोगों को नियुक्त किया गया था, जिसको लेकर काफी विवाद हुआ।

हिमगिरि हिंदू महासभा प्रदेश सचिव किशन शर्मा की अगुवाई में दर्जनों सदस्यों ने एसडीएम अंकुश शर्मा को इन नियुक्तियों को निरस्त करने के लिए ज्ञापन सौंपा था और चेताया था कि अगर यह नियुक्तियाँ निरस्त नहीं होती हैं तो सभा प्रदेश व्यापी आंदोलन की राह अपनाएगी।

हिमगिरि हिंदू महासभा प्रदेश सचिव किशन शर्मा ने बताया कि हिंदू मंदिर ज्वालामुखी में 32 वर्षों से कार्यरत कर्मियों को स्थायी नियुक्ति से दरकिनार कर विशेष समुदाय के दो कर्मियों को स्थायी निुयक्ति दिया। जिसे तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। हिमगिरी हिंदू महासभा ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की माँग की थी।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू संगठन केसरिया हिन्दू वाहिनी ने भी इस मामले में अपना मोर्चा खोल दिया था। जारी बयान में अंतराष्ट्रीय हिंदू संगठन केसरिया हिन्दू वाहिनी के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण मिश्र ने कहा था कि संगठन ऐसी नियुक्ति का कड़ा विरोध करता है।

उन्होंने मंदिर प्रशासन से इस नियुक्ति को रद्द करने की माँग की। केसरिया हिंदू वाहिनी इस घटना पर पूरी नजर बनाए हुए है और अगर मंदिर प्रशासन इन नियुक्तियों को रद नहीं करता तो संगठन जिला प्रशासन व सरकार को इसका विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपता और प्रदर्शन करता।

वहीं विश्व हिंदू परिषद के कांगड़ा विभाग के सह संगठन मंत्री कुलदीप राणा ने सवाल उठाया था कि कुछ हिंदू विरोधी असामाजिक तत्व हिंदू देवी देवताओं का अपमान करते हैं, तो हिंदू मंदिरों में ऐसे लोग बतौर कर्मचारी क्यों रखे गए। उधर, संगठनात्मक जिला देहरा के कार्य अध्यक्ष प्रशांत शर्मा ने भी कहा था कि प्रशासन जल्द से जल्द इन विशेष समुदाय के कर्मचारियों को मंदिर न्यास से निकाले।

पहले बाँध कर लोहे की रॉड से मारा, फिर बाइक से आधा किलोमीटर घसीटा: एजाज शेख ने कुत्ते के साथ की बर्बरता, FIR दर्ज

जहाँ एक तरफ महाराष्ट्र में कुत्तों के रेप की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य गुजरात में भी एक निर्दोष पशु के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। मच्छीपीठ के एक व्यक्ति ने एक कुत्ते की जम कर पिटाई की और बाइक से घसीटा। एक पशु अधिकार कार्यकर्ता ने एजाज शेख को जानवर के साथ इस तरह की बर्बरता करते देखा तो उसे पुलिस को सूचित किया। गुरुवार (मार्च 18, 2021) की रात थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई।

आरोपित की उम्र 25-30 साल के करीब है। पुलिस ने कहा है कि एजाज शेख को ‘लर्निंग डिसेबिलिटी’ है, अर्थात वो चीजें जल्दी भूल जाता है। शहर में पशु अधिकार के लिए कार्य करने वाले दयानंद त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें रात के 8 बजे किसी ने फोन कॉल कर के सूचना दी कि वार्ड संख्या 8 में एक कुत्ता घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। उन्होंने देखा कि उस कुत्ते के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म थे।

उन्होंने तुरंत उस जख्मी पशु को अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि उस व्यक्ति ने कुत्ते की जम पर पिटाई की थी। सबसे पहले तो एजाज शेख ने उस कुत्ते को बेल्ट से बाँध दिया, फिर लोहे के रॉड से उस पर कई बार प्रहार किया। इसके बाद उसने अपनी बाइक से उस कुत्ते को बाँध दिया और बाइक चलाने लगा। उसने लगभग आधा किलोमीटर तक कुत्ते को बाइक के साथ घसीटा

जब वो अपने घर से वार्ड नंबर 8 पहुँच गया तो उसने उसे वहीं घायल अवस्था में छोड़ दिया और खुद भाग गया। कुत्ते के दाँत बुरी तरह टूट गए हैं और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। एजाज शेख के खिलाफ एनिमल वेलफेयर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोग उस कुत्ते को गली में खाना भी देते थे। उन्हें पता ही नहीं है कि उसकी ऐसी क्या गलती थी कि आरोपित ने इतनी बुरी तरह उसके साथ क्रूरता की।

पिछले एक महीने में मुंबई में कुत्तों के साथ रेप की 4 वारदातें सामने आई हैं। 20-25 वर्ष का तौफीक अहमद एक कुतिया का रेप करते सीसीटीवी में पकड़ा गया। मुंबई पुलिस ने 68 वर्षीय अहमद शाह को कुतिया के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2020 के अक्टूबर माह में मुबंई के पवई में गैलेरिया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर नूरी नाम की एक कुतिया का रेप हुआ था। नेरुल रेलवे स्टेशन के बाहर एक कुतिया के रेप की वारदात सामने आई थी। 

‘गैर-हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित’- 1 नहीं, 150 मंदिरों पर लगा बैनर, असलम चौधरी की धमकियों का उत्तराखंड में जवाब

डासना शिव मंदिर में असलम चौधरी और मुस्लिम संगठनों की धमकी की प्रतिक्रिया में हिंदू युवा वाहिनी ने उत्तराखंड के 150 मंदिरों के प्रवेश द्वार पर बैनर लगाकर कहा है कि यहाँ गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू संगठन का कहना है कि देहरादून के चकराता रोड, सुद्धोवाला और प्रेम नगर इलाकों में स्थित मंदिरों पर बैनर लग गए हैं, राज्य के बाकी मंदिरों पर भी यह बैनर लगाने की उनकी योजना है।

हिंदू युवा वाहिनी के राज्य महासचिव जीतू रंधावा ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया के रिपोर्टर इशिता मिश्रा को बताया कि यति नरसिंहानंद सरस्वती को समर्थन देने के लिए यह कदम उठाया गया है। संयोग से, किशोर लड़के आसिफ के साथ हुई घटना के बाद, धौलाना के बसपा विधायक असलम चौधरी ने आरोप लगाया था कि मंदिर उनके पूर्वजों का है, उन्होंने कहा था कि वह मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले बोर्ड को हटा देंगे।

रंधावा ने दावा किया कि “असलम जैसों के खतरे का मुकाबला करने के लिए, हम अब उत्तराखंड के हर मंदिर के बाहर इस तरह के बैनर लगाएँगे।” रंधावा ने यह भी कहा, “मंदिर सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के लिए पूजनीय स्थान है और इसलिए, केवल उन्हीं लोगों को अनुमति दी जाएगी जो इस धर्म के हैं।”

दरअसल, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के डासना देवी मंदिर में आसिफ नाम के एक बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल करते हुए यह दावा किया गया था कि पानी पीने के कारण उसके साथ ऐसा किया गया। उसके बाद तो मंदिरों को बदनाम करने का एक बार फिर से सिलसिला सा चल पड़ा। यहाँ तक कि तमाम वामपंथी गिरोह के लोग और मीडिया संस्थान बिना महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का पक्ष जाने पूरे हिन्दू समुदाय को एक बार फिर से असहिष्णु साबित करने में लग गए थे।

लेकिन, जल्द ही वामपंथी और हिन्दू विरोधी ताकतों की कलई तब खुली जब मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने पूरा सच बताया कि आसिफ बच्चा नहीं है और न वह यहाँ पानी पीने आया था। बल्कि ऐसों का मकसद मंदिर में चोरी करना या रेकी करना होता है तो वहीं बच्चे की पिटाई के बाद चर्चा में आए श्रृंगी यादव ने बताया कि आसिफ शिवलिंग पर पेशाब कर रहा था इसलिए मारा। पानी तो बस पकड़े जाने पर बहाना है। महंत जी ने मंदिर के गेट पर लगे उस बोर्ड के बारे में भी बताया जिस पर मुसलमानों के मंदिर परिसर में प्रवेश न करने की बात लिखी है।

डासना मंदिर के बाहर लगा बोर्ड

इस मामले के तूल पकड़ते ही राजनीति होने लगी। यहाँ तक कि बसपा विधायक असलम चौधरी ने धमकी दे दी कि मंदिर उनके पूर्वजों का है और वह जुमे की नमाज के बाद मंदिर में प्रवेश करेंगे और वह बोर्ड भी हटाया जाएगा, जिस पर लिखा है- “यह मंदिर हिन्दुओं का पवित्र स्थल है। यहाँ मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।”

असलम चौधरी के धमकी का ही नतीजा रहा कि बोर्ड हटाने को कौन कहे बल्कि मंदिर के गेट पर उससे बड़ा बोर्ड हिन्दू संगठनों ने लगाकर एक तरह से असलम चौधरी की धमकी का जवाब अपनी दृढ़ता से दिया कि गया वो दौर अब हिन्दू इतना कमजोर नहीं है।

असलम चौधरी और मुस्लिम संगठनों के धमकियों की प्रतिक्रिया ही हिन्दू युवा वाहिनी के अनुसार उत्तराखंड के मंदिरों में देखने को मिल रही है। हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने देहरादून के कई मंदिरों में बैनर लगा दिए हैं। जिसपर लिखा है- “यह तीर्थ हिन्दुओं का प्रवेश स्थल है और इसमें गैर हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित है।”

देहरादून के मंदिरों में लगे बैनर

हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वे उत्तराखंड के सभी मंदिरों में इस तरह के बैनर लगाने की योजना बना रहे हैं। वर्तमान में, देहरादून के चकराता रोड, सुद्धोवाला और प्रेम नगर इलाकों में स्थित मंदिरों में बैनर लगा दिए गए हैं।