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वाराणसी के सरैया में होली के दिन हिंदुओं पर पत्थरबाजी, कई घायल: रंग पड़ने का मामला – अजीम, आसिम गिरफ्तार

वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के मुस्लिम बहुल सरैया इलाके में होली (मार्च 29, 2021) के दिन दो पक्षों में विवाद होने के बाद पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि होली के दिन होली खेल कर नहाने गए हिन्दू समुदाय के बच्चे आपस में एक दूसरे पर कपड़ा फेंक रहे थे, तभी पास से गुजर रहे एक मुस्लिम व्यक्ति पर रंग का छींटा पड़ गया। जिसने बड़ा विवाद का रूप ले लिया। मामले में हिन्दू पक्ष द्वारा कहा जा रहा है कि मुस्लिमों ने पहले छतों से पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

घायल लोग

वहीं ट्विटर पर रामभक्त वैदिक द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक व्यक्ति खून से लथपथ नजर आ रहा है। वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, “वाराणसी के सरैया में होली खेलते समय हिन्दुओं पर हिंसा, मुस्लिम महिला-पुरुषों ने होली खेलने वालों पर पत्थरबाजी की।” वीडियो में कोई कह रहा है कि घायल लड़के को कई टाँके लगे हैं।

मामले के तूल पकड़ते ही हिन्दू युवा वाहिनी के लोग भी हिन्दू पीड़ितों से मिलने पहुँचे तो परिवार ने चौंकाने वाले खुलासे किए। रामभक्त वैदिक और एक फेसबुक पर पोस्ट किए गए वीडियो में हिन्दू परिवार की एक महिला सदस्य का कहना है, “लड़कन नाचे गावे लगिहन त जरती के मारे, ईंटा-पत्थर चलावे लगिहन, लड़किन तक छेकले हइन भैया, इ लोग मारे-पिटे लगिहन, एक हल्ली क बात ना हाउ 4-5 हल्ली क बात हौ। इहाँ हिन्दू कम हउवन, या त घरवे गिरा द भैया, या कुर्की लगवा दा, उ हस्पताले पड़ल हउअन।”

ऊपर जो स्थानीय बोली में महिला ने कहा है, उसकी सामान्य हिंदी यह है – “लड़के नाचने-गाने लगते हैं तो जलन के कारण ये लोग (मुस्लिम) ईंट पत्थर चलाने लगते हैं। लड़की तक हमला की है, छत से मुस्लिम लोग पत्थर चला रहे थे। ऐसा एक बार नहीं बल्कि चार-पाँच बार हो चुका है। यहाँ हिन्दू कम हैं, अब क्या करें या तो घर गिरा के कहीं चले जाएँ या कोई कुर्की ही करा दे। वो घायल होकर अस्पताल में पड़ा है।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में सरैया चौकी इंचार्ज मनोज सिंह से बात की तो उन्होंने बताया, “मोहम्मडन और हिन्दू का आस-पास घर है। वहीं पर एक खुला स्थान है, जहाँ दुर्गा माता का छोटा सा मंदिर है। वहीं होली खेलने के बाद हिन्दू बच्चे सबमर्सिबल चालू कर नहा रहे थे और उसी में जो कपड़ा पहने थे, उसी से एक दूसरे को मार रहे थे। इसी दौरान वहीं रास्ते से जा रहे एक मोहम्मडन पर छींटा पड़ गया। जिसके बाद मुस्लिमों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।” उन्होंने जानकारी दी कि मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस पूरे मामले पर ऑपइंडिया ने जाँच अधिकारी से भी बात की, जिन्होंने बताया कि मामले में छतों से मुस्लिमों की तरफ से ही पत्थरबाजी हुई है। पुलिस के पास वीडियो भी है। और इस मामले में जाँच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पीड़ित हिन्दू पक्ष द्वारा जहाँ इस मामले में FIR की गई है, वहीं मुस्लिमों की तरफ से कोई FIR नहीं है। फिर भी कुछ मीडिया रिपोर्ट और फेसबुक पोस्ट में हिन्दुओं द्वारा दरवाजे पर लात मारने और करघे को नुकसान पहुँचाने की बात की जा रही है। जिस पर पुलिस का कहना है कि यह बाद का है, पहले मुस्लिमों ने ही पत्थरबाजी की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जैतपुरा में पंजीकृत मुकदमा संख्या 69/21 धारा-147, 149, 323, 504, 336, 352 आईपीसी व 3(1) द, 3(1)ध, 3(2)v ए एससीएसटी एक्ट से सम्बन्धित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही वाराणसी पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अजीम उम्र-52 पुत्र अजीमुल्ला व आसीम पुत्र शमीम अहमद निवासीगण लाट भैरव सरैया थाना जैतपुरा जनपद वाराणसी के दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि इलाके के लोगों ने जैसा बताया कि वाराणसी का वह मुस्लिम बहुल इलाका पहले से भी संवेदनशील है। पहले भी कभी शिव बारात तो कभी होली को लेकर मुस्लिमों के इलाके में तनाव और पत्थरबाजी करने की खबरें आ चुकी हैं। फ़िलहाल अभी पुलिस ने मामले को सांप्रदायिक न कह कर बच्चों के बीच झगड़ा कहा है।

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर खौफ, मस्जिदों-मौलवियों की ली जा रही मदद: इमामों ने कहा – ‘हमारा विश्वास जीतो’

देश के कई इलाकों में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच कोरोना के टीके को लेकर कोई रुचि नहीं दिख रही है, जबकि ये महामारी फिर से दूसरी लहर लेकर भारत में आ गई है। बात देश की हाईटेक सिटी बेंगलुरु की करें तो यहाँ के स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि मुस्लिम समाज में वैक्सीन को लेकर जागरूकता नहीं है और सरकार को इस मुद्दे को देखना पड़ेगा। मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं।

ये सब तब हो रहा है, जब सरकार टीकाकरण को ज्यादा से ज्यादा व्यापक बनाने में लगी हुई है और अब तक 6.31 करोड़ लोग इसका लाभ ले चुके हैं। BBMP (बृहत् बेंगलुरु महानगरपालिका) के कर्मचारियों का कहना है कि कई वार्डस में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुँचे ही नहीं। उन्होंने बताया कि कई बार मनाने के बावजूद लोगों ने वैक्सीन नहीं ली। ऐसे वार्डस में जागरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता जताई गई है।

अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेंड न सिर्फ राजधानी बेंगलुरु, बल्कि पूरे कर्नाटक राज्य में देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ महामारी विषेशज्ञ डॉक्टर गिरिधर आर बाबू ने कहा कि टीकाकरण के लिए मजहबी नेताओं और धर्मगुरुओं के साथ समन्वय बनाना पड़ेगा, क्योंकि भारत एक विभिन्न समुदायों वाला देश है। मौलानाओं का कहना है कि फेक न्यूज़ और साइड इफेक्ट्स के डर से मुस्लिम वैक्सीन नहीं लगवा रहे और सरकार ने इसे लेकर कुछ नहीं किया है।

शिक्षाविद अमीन ए मुदस्सर ने माना कि अल्पसंख्यक समुदाय से कोरोना का टीका लगवाने वालों की संख्या काफी कम है और फेक न्यूज़ के कारण लोग डरे हुए हैं, लेकिन मुल्ला-मौलवी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो वैक्सीन लगवाएँ। अप्रैल 11 से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोग कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं। जामा मस्जिद के इमाम मक़सूद इमरान रश्दी ने कहा कि सरकार को मौलवियों को साथ लेकर टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि सरकार फेक न्यूज़ से निपटने और टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महामारी की शुरुआत से ही स्वास्थ्य सिस्टम, नेताओं और मीडिया ने मिल कर मुस्लिमों को जम कर बदनाम किया है, इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है और उनका विश्वास खोया है। उन्होंने कहा कि मीडिया और नेताओं को अब उनका विश्वास फिर से जीतना चाहिए।

गुजरात जैसे संपन्न राज्य में भी इस मामले में स्थिति ठीक नहीं है। अहमदाबाद में मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं। AMC (अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) ने अब तक 3.2 लाख लोगों को टीके लगवाए हैं। इनमें से तीन इलाकों में स्थिति ठीक नहीं है। साउथ-वेस्ट जोन में 28,383 (8.84%), ईस्ट जोन में 29,201 (9.1%) और सेंट्रल जोन में 38,944 (12%) लोगों को वैक्सीन लगवाई गई है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि ये तीनों ही क्षेत्र 60-70% मुस्लिम आबादी वाले हैं। मुस्लिम बहुल मकदमपुरा वार्ड के कॉन्ग्रेस पार्षद हाजी असरतबेग ने माना कि जिस तरह कोविड टेस्ट कराने के लिए मुस्लिम राजी नहीं थे, ठीक उसी तरह टीकाकरण को लेकर भी माहौल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोग कही-सुनी बातों पर वैक्सीन को लेकर डर रहे हैं। AMC नमाज के द्वारा जागरूकता फैलाने में लगा हुआ है।

साथ ही मुस्लिम प्रतिनिधियों को आगे आकर वैक्सीन लगवाने के लिए बोला जा रहा है। सूरत और गोधरा में भी ऐसी ही स्थिति होने के कारण मुस्लिमों के बीच अभियान चलाया गया। AMC का कहना है कि कई प्रयासों के बावजूद मुस्लिम बहुल इलाकों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। गोधरा में तो जुमे की नमाज पर 50 मस्जिदों से वैक्सीन को लेकर पॉजिटिव घोषणा करवाई गई। मस्जिदों से लोगों को बताया जा रहा है कि वैक्सीन लगवाना शरिया कानून के खिलाफ नहीं है।

साथ ही मुस्लिमों को सोशल मीडिया पर टीके के खिलाफ वायरल संदेशों पर विश्वास न करने को कहा जा रहा है। मुस्लिम समाज अच्छे से समझे, इसीलिए उर्दू में घोषणा हो रही है। गोधरा के एक कोविड सेंटर के संचालक जुबैर मामजी ने कहा कि घोषणा से पहले मुस्लिम डॉक्टरों के साथ बैठक की है, जिसमें वैक्सीन के सुरक्षित होने चर्चा हुई। मौलानाओं और मुस्लिम नेताओं की मदद वहाँ भी ली जा रही है।

भारत में पहला कोरोना विस्फोट भी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से हुआ था। हजारों जमाती देश के अलग-अलग मुस्लिम बहुल इलाकों में छिपे हुए थे और वहाँ मेडिकल टीम और पुलिस पर हमले किए जाते थे। कई मौलवियों ने मस्जिदों में भीड़ इकट्ठी करने से मना करने पर उलटा सरकारी दिशा-निर्देशों का ही विरोध जताया था। आजम खान जैसे नेताओं ने वैक्सीन पर विवादित बयान दिया। कई विपक्षी दल भी नकारात्मकता फैलाने में आगे थे।

पश्चिम बंगाल, असम में दूसरे चरण के लिए वोटिंग शुरू: नंदीग्राम के अलावा 2 पूर्व IPS अफसरों की लड़ाई भी है दिलचस्प

विधानसभा चुनाव 2021 के दूसरे चरण के लिए मतदान आज शुरू हो गया है। इसमें पश्चिम बंगाल की 30 और असम की 39 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। बंगाल की 30 सीटों पर 191 प्रत्याशियों के भाग्य का 75 लाख से अधिक मतदाता फैसला करेंगे। असम में 73,44,631 मतदाता हैं, जिसमें 37,34,537 पुरुष व 36,09,959 महिलाएँ और 135 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा हाई प्रोफाइल सीट नंदीग्राम है, जहाँ टीएमसी से बीजेपी में आए शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। यह सीट शुभेंदु अधिकारी का गृह जिला है। इसके अलावा यहीं से सीपीएम की मीनाक्षी मुखर्जी भी चुनावी मैदान में हैं। इसके तहत पश्चिमी मेदिनीपुर की 9, बाकुड़ा की 8, पूर्व मेदिनीपुर की 9 और दक्षिण 24 परगना की 4 सीटों के लिए मतदान शुरू हो चुका है।

पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल सीट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे हाई प्रोफाइल सीट नंदीग्राम है, जहां शुभेंदु अधिकारी और ममता के बीच काँटे की टक्कर है। अधिकारी इस सीट पर ममता को 50 हजार से अधिक वोटों से हराने का दावा कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि अगर वह ममता को नहीं हरा पाए तो राजनीति छोड़ देंगे। इसके अलावा डेबरा सीट भी हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही है।

इस सीट से बीजेपी की नेता और पूर्व आईपीएस भारती घोष चुनावी मैदान में हैं तो दूसरी ओर भी पूर्व आईपीएस और टीएमसी के उम्मीदवार हुमायू कबीर हैं। यहां दो आईपीएस अधिकारी आमने-सामने हैं। ऐसे में टक्कर काँटे की होने वाली है। वहीं क्रिकेटर से राजनेता बने अशोक डिंडा और टीएमसी के संग्राम डोलाई चुनाव लड़ रहे हैं।

असम में 39 सीटों के लिए 345 उम्मीदवार मैदान में

असम में दूसरे चरण की 39 सीटों के लिए 345 उम्मीदवार चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें 26 महिलाएँ भी हैं। यहाँ बीजेपी 34 सीटों पर कॉन्टैस्ट कर रही है।

बांग्लादेश की सीमा से सटी सीटों पर हो रहा मतदान

असम में जिन 39 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 25 सीटें बराक वैली में हैं, जिसकी सीमाएँ बांग्लादेश से लगी हुई हैं। 2016 के चुनाव में बीजेपी ने यहाँ पर 8 सीटें जीती थीं। उस दौरान विधानसभा चुनाव में 126 में से 86 सीटें जीतकर अपनी सरकार बनाई थी।

WhatsApp वॉइस नोट से फिल्मी हस्तियों को ड्रग्स बेचता था एजाज खान, फिर करता था डिलीट: शादाब के सामने होगी पूछताछ

ड्रग्स मामले में ‘NCB (नारकोटिक्स नियंत्रक ब्यूरो)’ ने विवादित अभिनेता एजाज़ खान को गिरफ्तार कर के कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे रिमांड पर भेज दिया गया। 8 घंटे की पूछताछ के बाद उसे बुधवार (मार्च 31, 2021) को मुंबई की NDPS कोर्ट में पेश किया गया।

NCB को पिछले सप्ताह ड्रग्स मामले में गिरफ्तार शादाब बटाटा और एजाज खान के बीच संबंध मिले हैं। दोनों को आमने-सामने बिठा कर भी पूछताछ होगी। अदालत ने एजाज़ खान की 3 दिन की कस्टडी माँगी थी, जिसके लिए कोर्ट ने अनुमति दे दी। अब वो 3 अप्रैल तक NCB की हिरासत में रहेगा।

NCB को पता चला है कि शादाब अभिनेता एजाज़ खान तक ड्रग्स पहुँचाता था और एजाज़ खान उन ड्रग्स को बॉलीवुड और टीवी जगत की कई हस्तियों को उपलब्ध कराता था। इस मामले में जल्द ही एजेंसी बॉलीवुड और टीवी जगत के कुछ लोगों पर शिकंजा कस सकती है।

NCB के एक अधिकारी के हवाले से ‘दैनिक भास्कर’ की खबर में बताया गया है कि एजाज़ खान के अधिकतर क्लाइंट्स TV इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोग थे। उन तक ड्रग्स पहुँचाने के लिए व्हाट्सएप्प के ‘वॉइस नोट्स फीचर’ का इस्तेमाल किया जाता था। जैसे ही ऑर्डर मिल जाता था, उसे डिलीट कर दिया जाता था। कस्टमर के साथ सीरियल और फिल्म के नाम पर कोडवर्ड्स में बात की जाती थी। फिर रिकॉर्डिंग को डिलीट कर दिया जाता था।

NCB ने मुंबई की अदालत को जानकारी दी कि उसके पास एजाज खान और शादाब बटाटा के बीच हुई बातचीत का CDR, व्हाट्सएप्प के चैट और वॉइस रिकॉर्ड हैं, जिसमें एजाज ड्रग्स का ऑर्डर देने और रुपए को ट्रांसफर करने की बातें कर रहा है। बटाटा पहले ही कबूल कर चुका है कि वो एजाज़ तक ड्रग्स पहुँचाता था।

लॉकडाउन के नाम पर एजाज़ ने कई कलाकारों को ज्यादा मात्रा में ड्रग्स की खरीददारी करने को कहा था। ये भी पता चला है कि अपनी हैसियत का फायदा उठा कर एजाज़ खान अपनी सोसाइटी से ही ड्रग्स डीलिंग कर रहा था।

कोर्ट में उसके वकील अयाज खान ने दावा किया कि उनके मुवक्किल के यहाँ से ड्रग्स नहीं, Troika नामक एक दवा बरामद हुई है, जो एजाज़ की पत्नी की है। साथ ही वकील ने NCB की रिकॉर्डिंग्स को भी 1 साल पुराना करार दिया। वकील का कहना है कि एजाज़ ने अपने बयान में भी ड्रग्स के खरीद-फरोख्त की बात कबूल नहीं की है।

एजाज़ खान 2018 में भी गिरफ्तार हुआ था। तब वो रंगे हाथों पकड़ा गया था और नशे में भी था। उसके पास से 8 आपत्तिजनक टेबलेट्स भी मिले थे। उनकी कीमत 2.2 लाख रुपए आँकी गई थी। उस दौरान उसका मोबाइल फोन भी जब्त हुआ था। वो नवीं मुंबई में पार्टी करते हुए धराया था। एजाज़ खान मुंबई की भायखला से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है, लेकिन उसे तब NOTA से भी कम वोट मिले थे और उसकी जमानत जब्त हो गई थी।

एजाज़ खान का विवादों से रहा है पुराना नाता (वीडियो साभार: News24)

एजाज़ खान हिंदी और तेलुगु की कई फिल्मों में नजर आ चुका है। ‘रक्त चरित्र 2’, ‘डुकुडु’ और ‘हार्ट अटैक’ जैसी फिल्मों में उसे छोटे-मोटे रोल मिले थे। हाल ही में वो मलाला युसुफजाई की बायोग्राफिकल फिल्म ‘गुल मकाई’ में दिखा था। टीवी की दुनिया में वो ‘बिग बॉस 7’, ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 5’ ‘कॉमेडी क्लासेस’ और ‘कॉमेडी नाइट्स बचाओ’ जैसे रियलिटी शो के अलावा कई सीरियल्स का भी हिस्सा रहा है।

एजाज खान का कहना है कि उसके घर से मात्र 4 नींद की गोलियाँ ही मिली थीं। उसने दावा किया था कि उसकी बीवी का गर्भपात हो गया था, जिस कारण वो ‘एंटी-डेप्रेसेंट्स’ के रूप में उन गोलियों का प्रयोग करती थी। इससे पहले जुलाई 2019 में भी उसे मानहानि और हेट स्पीच मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 2019 में एजाज खान एक विवादित वीडियो की वजह से गिरफ्तार हुआ था, जब उसने ब्राह्मणों के खिलाफ हिंसा की बात की थी।

PPF, KVP, MIS, NSC, सुकन्या… जैसी बचत योजनाओं में मिलता रहेगा पहले के जैसा ब्याज: वित्त मंत्रालय का फैसला

केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं (PPF, KVP, MIS, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना आदि) के ब्याज दर में कटौती के ऐलान को वापस ले लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है।

एक दिन पहले यानी 31 मार्च 2021 को छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दरों को घटाने की खबर आई थी। नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही से पहले ब्याज दरों में कटौती का यह नोटिफिकेशन जारी किया गया था। अब उस फैसले को पलटते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं पर ब्याज दर वही होगा, जो पिछली तिमाही में था।

‘महिलाओं का सम्मान नहीं करने वाले को सत्ता में आने का हक नहीं’: CM योगी ने DMK और कॉन्ग्रेस पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज (31, मार्च) तमिलनाडु में थेरनिलई और विरुधुनगर में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने रामेश्वरम में भगवान राम द्वारा स्थापित ज्योतिर्लिंग का दर्शन व अभिषेक किया। उन्होनें प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण हेतु ‘निधि समर्पण अभियान’ में अपना योगदान देने वाली तमिलनाडु की जनता का अभिनंदन भी किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण हेतु ‘निधि समर्पण अभियान’ के माध्यम से अपना अमूल्य योगदान देने वाली तमिलनाडु की जनता का उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक अभिनंदन।  

साथ ही उन्होनें रामेश्वरम में भगवान राम के द्वारा स्थापित पवित्र ज्योतिर्लिंग का दर्शन व अभिषेक भी किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “आज 24 वर्ष बाद, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम द्वारा सेतुबंध निर्माण के लिए शिवजी की आराधना हेतु स्थापित पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन व अभिषेक का अवसर मिला।”

जे रामेस्वर दरसनु करिहहिं।
ते तनु तजि मम लोक सिधरिहहिं॥
जो गंगाजलु आनि चढ़ाइहि।
सो साजुज्य मुक्ति नर पाइहि॥
।।जय श्री राम।।

विंग कमांडर अभिनंदन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु की सराहना की और कहा, “अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जब भारत द्वारा पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की जाती है तो उसमें तमिलनाडु की धरती के लाल, विंग कमांडर अभिनंदन, पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने का कार्य करते हैं।”

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में स्थापित होने वाले डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही रक्षा क्षेत्र में तमिलनाडु की आत्मनिर्भरता और रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की।

उन्होंने डीएमके और कॉन्ग्रेस के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नारी-शक्ति के सम्मान की बात करते हैं और डीएमके एवं कॉन्ग्रेस उसी नारीशक्ति के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। जो दल आधी आबादी को सम्मान नहीं दे सकते उन्हें सत्ता में आने का कोई अधिकार नहीं है।

अपनी रैली में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एआईएडीएमके और भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की। ज्ञात हो कि तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 6, अप्रैल 2021 को वोट डाले जाएँगे। तमिलनाडु चुनाव एक ही चरण में आयोजित किए गए हैं। चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएँगे।

ताईवान पर 39 गुना बढ़े चीनी साइबर हमले: विदेश मंत्रालय निशाने पर, भारत सरकार बहुत पहले लगा चुकी है चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध

ताईवान विदेश मंत्रालय के कंप्यूटर सिस्टम में होने वाले चाइनीज साइबर हमलों की संख्या 2018 के मुकाबले 2020 में 39 गुना बढ़ गई है। ताईवान के ताईपेई टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष रोजाना लगभग 2100 साइबर हमले हुए और पूरे साल में कुल मिलकर 7,77,000 बार मंत्रालय के कंप्यूटर सिस्टम को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। 2018 में चाइनीज साइबर हमलों की यह संख्या 20,000 ही थी।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 2020 में हुए चाइनीज साइबर हमलों में से 4,10,000 हमले ताईवान विदेश मंत्रालय के कंप्यूटरों की जाँच करने के लिए हुए थे और 1,50,000 बार ईमेल सिस्टम को ब्रेक करने का प्रयास किया गया।

अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि चीन द्वारा किए जाने वाले हमले अब और भी खतरनाक होते जा रहे हैं। हालाँकि, चीनी हैकरों ने 2017 में मंत्रालय की सुरक्षित ई-मेल प्रणाली में सेंध लगाई थी, जिससे 10,000 ताइवानियों की व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो गई थी।

ताईवान में लगभग सात दशकों से स्वतंत्र शासन है फिर भी चीन, ताईवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता रहा है। ऐसे में चीन और ताईवान के मध्य विवाद होते रहते हैं। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने किसी देश पर साइबर हमला किया हो। चीन के द्वारा डाटा हैकिंग की संभावनाओं के चलते भारत सरकार कई चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

PM मोदी के सिर को ममता के पैरों तले दिखाने के बाद अब उन्होंने हावड़ा रैली में भीड़ की तरफ उछाला फुटबॉल, कहा- खेला होबे!

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में चुनाव से एक दिन पहले 31 मार्च को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हावड़ा रैली में बार-बार फुटबॉल को ऊपर उछाल कर उसे कैच करती हुई दिखीं। इसके बाद ‘खेला होबे’ बोलते हुए उन्होंने फुटबॉल को मंच से नीचे की ओर फेंका।

हावड़ा में एक सार्वजनिक रैली के दौरान, ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर बैठे हुए हाथों में फुटबॉल पकड़ा था। इसके बाद उन्होंने फुटबॉल को बास्केटबॉल की तरह उछालने की कोशिश की, लेकिन वह इसे सँभाल नहीं सकी। बार-बार फुटबॉल नीचे गिर रहा था और उनके सहयोगी उठा-उठा कर उन्हें दे रहे थे। इसके बाद उन्होंने ‘खेला होबे’ बोलते हुए फुटबॉल को नीचे भीड़ की तरफ फेंक दिया।

ममता बनर्जी ने कहा, “देखिए… वहाँ एक बच्चा है, वह मेरे लिए एक प्लास्टिक की गेंद लाया है, लेकिन मैं इस तरह बैठकर कैसे खेलूँगी? लेकिन फिर भी, मैं खेलूँगी। खेला होबे? (खेल जारी है), खेल जारी रहेगा, और बीजेपी मैदान से बाहर हो जाएगी।”

वॉल-पेंटिंग विवाद

चूँकि, ममता बनर्जी एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर पोल से टकराने की वजह से घायल हो गई थी, इसीलिए उन्होंने अपने घायल पैर पर प्लास्टर लगाकर रैलियों में भाग लिया। इसके बाद, उनके पैर पर चोट लगी हुई टाँग और एक फुटबॉल के साथ “खेला होबे” नामक एक कैरिकेचर संदीप अध्वर्यु द्वारा बनाया गया था, जो कि टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित हुआ था।

TOI caricature by Sandeep Adhwaryu

उस कार्टून के आधार पर, कुछ टीएमसी सदस्यों ने बंगाल में एक दीवार पेंटिंग बनाई थी जिसमें ममता बनर्जी को फुटबॉल के बजाय पीएम मोदी के सिर पर मारते देखा गया था। बता दें कि जब बनर्जी नंदीग्राम में एक रैली के दौरान घायल हुई थी तो उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर 4-5 लोगों ने हमला किया था। हालाँकि, बाद में पता चला कि पूरी घटना एक दुर्घटना थी।

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A wall with Mamata Banerjee and Prime Minister Narendra Modi’s caricature with the former kicking the head of Prime Minister. Image source: twitter handle of BJP India

पीएम मोदी ने कार्टून पर नोटिस किया

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के बांकुरा में एक रैली के दौरान वॉल पेंटिंग पर ध्यान दिया और इस बारे में बात की। उन्होंने विवादास्पद भित्ति चित्रों का उल्लेख किया और कहा, “यदि आप चाहें, तो आप अपना पैर मेरे सिर पर रख सकते हैं या मुझे लात मार सकते हैं, लेकिन मैं आपको बंगाल के विकास को लात नहीं मारने दूँगा। मैं आपको बंगाल के सपने को लात नहीं मारने दूँगा।”

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में एक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में दीवारों पर खींची जाने वाली भित्ति चित्रों का उल्लेख किया, जहाँ सीएम ममता बनर्जी को उनके सिर पर पैर रखते हुए दिखाया गया है। 

नंदीग्राम में बहुप्रतीक्षित मतदान

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों में टीएमसी और भाजपा दोनों के लिए सम्मान का विषय बन गया है। ममता बनर्जी, भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ रही हैं। टीएमसी छोड़ने और पिछले साल दिसंबर में बीजेपी में शामिल होने से पहले अधिकारी बनर्जी की सेना के सबसे भरोसेमंद सदस्यों में से एक थे। टीएमसी से उनकी विदाई को बनर्जी की सत्ता में वापस आने की इच्छा के रूप में एक बड़ा झटका माना गया।

TMC द्वारा भगवान राम के अपमान पर भड़के सम्बित पात्रा, कहा- ‘अल्लाह के नाम पर हो रही हत्याओं को स्वीकारने का साहस नहीं’

भाजपा नेता सम्बित पात्रा ने तृणमूल काँग्रेस पार्टी (TMC) द्वारा भगवान राम पर दिए गए बयान पर पार्टी की आलोचना की और पूछा कि टीएमसी क्या यह स्वीकार करेगी कि अल्लाह-हु-अकबर का नारा लगाकर अल्लाह के नाम पर लोगों की हत्या की जाती है। टीएमसी के सदस्यों ने कहा था कि भगवान राम के नाम पर हत्याएँ और बलात्कार किए जा रहे हैं।

आज तक न्यूज चैनल पर हो रही डिबेट में शामिल होते हुए सम्बित पात्रा ने कहा कि टीएमसी पार्टी और ममता बनर्जी भगवान राम की छवि को मलीन करने का प्रयास कर रहे हैं किन्तु क्या उनमें इतनी क्षमता है कि वे यह स्वीकार कर सकें कि अल्लाह-हु-अकबर का नारा लगाकर बम विस्फोट किया जाता है।

पात्रा ने कहा, “आप यह कह सकते हैं कि भगवान राम के नाम पर हत्याएँ हो रही हैं। एक टीएमसी सदस्य ने तो यहाँ तक कह दिया कि भगवान राम के नाम पर बलात्कार भी हुए हैं किन्तु क्या आप यह स्वीकार कर सकते हैं कि अल्लाह के नाम पर निर्दोष लोगों की जाने ली जा रही हैं।”

आज तक की बहस ममता बनर्जी द्वारा चुनाव के पहले गोत्र कार्ड खेलने को लेकर थी। नंदीग्राम में चुनावी रैली में ममता ने कहा था कि वह ‘शांडिल्य’ हैं। इसके बाद केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी पूछ लिया था कि क्या रोहिंग्याओं और अवैध घुसपैठियों का गोत्र भी ‘शांडिल्य’है? गिरिराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने ब्राह्मणों की शिखा का अपमान कर दिया और ‘चोटीवाला राक्षस’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद गिरिराज सिंह ने भी कहा कि आप धोते रही रोहिंग्याओं के पैर।  

तिरुपति बालाजी मंदिर से ₹2 करोड़ के बालों की तस्करी, TDP ने जगनमोहन रेड्डी सरकार पर लगाए आरोप

पूर्व मंत्री और तेलगु देशम पार्टी (TDP) के वरिष्ठ नेता सीएच अयन्ना ने आंध्र प्रदेश की वर्तमान वायएसआर काँग्रेस पार्टी पर तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्तों के द्वारा दान में अर्पित किए गए बालों की अवैध तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में असम रायफल द्वारा लगभग 2 करोड़ रुपए के भक्तों के बाल जब्त किए जाने के बाद यह साफ हो जाता है कि वायएसआर के नेता शराब, सीमेंट और बालू के अतिरिक्त तिरुपति बालाजी के अनन्य भक्तों की श्रद्धा की भी अवैध तस्करी कर रहे हैं।

अयन्ना ने जगनमोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हिंदुओं की भावनाओं पर भी हमले कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार एक धर्मस्थल की पवित्रता बनाए रखने में भी असमर्थ है।

अयन्ना ने घटना के बारे में बताया कि असम रायफल ने म्यांमार बॉर्डर से तस्करों को पकड़ा जिनके पास से 120 बालों से भरे बंडल बरामद हुए हैं। इनकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए है। ये बाल अवैध रूप से थाईलैंड भेजे जा रहे थे जहाँ से उन्हें प्रोसेस करके चीन भेजा जाता। वहाँ उन बालों से विग का निर्माण किया जाता जो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेच दिया जाता।

अयन्ना ने आगे कहा कि लाखों भक्त देश और विदेश से तिरुपति बालाजी आते हैं। वे यहाँ श्रद्धापूर्वक अपने बाल समर्पित करते हैं। इन बालों की तस्करी होना दुर्भाग्यपूर्ण है और उससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि वायएसआर सरकार लगातार हिंदुओं के इस पवित्र तीर्थ की मर्यादा को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD-बालाजी मंदिर के ट्रस्ट) ने कहा है कि बालों की तस्करी को टीटीडी से जोड़ना गलत है और ट्रस्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है। ट्रस्ट ई-नीलामी के माध्यम से तिरुपति मंदिर में अर्पित किए गए बालों को बेचता है और यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी है। किन्तु फिर भी यदि कोई कंपनी इस कार्य में संलिप्त है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। हालाँकि, टीटीडी ने किसी खरीदार के द्वारा तस्करी किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया है।