Home Blog Page 3982

‘मोदी न होते PM तो हाथ से निकल गया होता कश्मीर’: NDTV का हर प्रोपेगेंडा ‘मेट्रो मैन’ के सामने बेपटरी

हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन केरल की पलक्कड विधानसभा सीट से मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के दौरान एनडीटीवी ने उनसे बात की। इस दौरान उन्होंने कश्मीर से लेकर केरल तक हर मुद्दे पर NDTV के प्रोपेगेंडा का दो टूक जवाब दिया। श्रीधरन ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर भारत के हाथ से निकल गया होता।

अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि 5 वर्ष में काफी कुछ बदला जा सकता है। जब उन्होंने कोचीन शिपयार्ड में कामकाज संभाला था, तब वहाँ 2 महीने में चीजों को बदल कर रख दिया था। साथ ही लोगों के रवैए में भी बदलाव आया था।

NDTV ने ने उनसे बातचीत में दावा कर डाला कि जम्मू-कश्मीर में महीनों इंटरनेट नहीं मिला और लोगों के पास संचार की कोई सुविधा नहीं थी। इस पर ई श्रीधरन ने कहा कि ये छोटे-छोटे त्याग हैं जो देश के लिए सभी को करना पड़ता है। साथ ही पूछा कि लेकिन इन सबके बीच मीडिया क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि मीडिया को भाजपा विरोधी पार्टियों ने खरीद लिया है।

उन्होंने NDTV के पत्रकार को राई का पहाड़ न बनाने की सलाह देते हुए कहा कि ये ठीक नहीं है और मीडिया आजकल यही कर रहा है। NDTV ने उनसे ये भी पूछ डाला कि क्या देश आज ज्यादा ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक नहीं हो गया है? इस पर कड़ा जवाब देते हुए ई श्रीधरन ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है और ये थ्योरी उन लोगों गढ़ी गई है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकतर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीकार कर लिया है और आप प्रोग्रेस देखिए। उन्होंने कहा कि जो लोग पीएम मोदी के विरोधी हैं, वो कहीं-कहीं से ढूँढ कर छोटी-मोटी गलतियाँ निकालते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ये ठीक नहीं है और नरेंद्र मोदी अगर प्रधानमंत्री नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर हाथ से निकल गया होता। उन्होंने कहा कि वो राजनीति में आलोचनाओं के लिए तैयार हैं, लेकिन जनता के लिए कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने पूछा कि केरल में कम समय में बदलाव क्यों संभव नहीं हो सकता। साथ ही विश्वास जताया कि संभव है। केरल में भाजपा का मात्र एक विधायक होने की बात पर उन्होंने कहा कि ये सच्चाई है और हर पार्टी इसी स्तर से शुरू होती है। उन्होंने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ तो एक भी विधायक नहीं था, फिर भाजपा ने कैसे सत्ता पाई? उन्होंने दिल्ली में AAP का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका तो कोई आधार ही नहीं था।

दिल्ली में AAP ने अपने दूसरे चुनाव में ही सत्ता पा ली थी। ई श्रीधरन ने कहा कि अब भाजपा का समय है और जनता LDF और UDF, दोनों से ही तंग आ चुकी है। उन्होंने आशा जताई कि भाजपा इस बार केरल में सत्ता पाएगी। ‘मेट्रो मैन’ ने NDTV से बात करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा कि वो ‘लव जिहाद’ जैसे विवादित मुद्दों पर नहीं जाना चाहते हैं, लेकिन वो सपाट और पारदर्शी तरीके से चीजों को बदलना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी को अपनी तरफ लेकर आगे बढ़ना है और किसी को विरोधी नहीं बनाया जा सकता, उन्हें मुख्यधारा से अलग नहीं किया जा सकता। ई श्रीधरन ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सबको आगे आकर मिल-जुल कर कार्य करना होगा। ‘लव जिहाद’ पर उन्होंने ये भी कहा कि पूरी स्थिति को समझना चाहिए और भाजपा नहीं होती तो पूरा राज्य ही हाथ से निकल गया होता। उन्होंने वादा किया कि वो पलक्कड को 2 वर्षों में सबसे अच्छा विधानसभा क्षेत्र बना देंगे। उन्होंने कहा:

“मैं मूलभूत सुविधाओं की बात कर रहा हूँ। पलक्कड में तो हमारे पास ठीक-ठाक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तक नहीं है। मात्र 6 महीनों में इस कार्य को पूरा किया जा सकता है। यहाँ पानी की सप्लाई में समस्याएँ हैं। हमें इसका समाधान तेज़ी से निकालना पड़ेगा। इस शहर को स्वच्छ बनाना मात्र 2 माह का कार्य है। मैं बिना समय गँवाए शहर का चेहरा बदल सकता हूँ। मेरे साथ कार्यकर्ता पैदल चल रहे हैं। मैं विधानसभा क्षेत्र के हर एक व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलूँगा। मैं एक व्यक्तिगत अपील भी लिख रहा हूँ, जो जनता के दिल को छुए।”

भारतीय जनता पार्टी को अन्य राजनीतिक दलों से अलग बताने वाले ई श्रीधरन ने कहा कि एक सप्ताह में पर्सनल अपील सबके पास पहुँच जाएगी और उनका सीधा कहना है कि अगर आप समझते हैं कि मैं बदलाव कर सकता हूँ तो मेरे लिए वोट कीजिए, वरना मत कीजिए- ये आप पर निर्भर है, मुझे फर्क नहीं पड़ता। सबरीमाला मामले पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी संप्रदाय की भावनाओं का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला दे दिया है, लेकिन सरकार से ऐसा नहीं कहा है कि वह सुरक्षा के बीच महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में लेकर जाएँ और फिर वापस लेकर आएँ। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार ने ऐसा क्यों किया? उन्होंने कहा कि सरकार भले इनकार करे, लेकिन महिलाओं को अंदर लेकर वही गई और इसके सबूत हैं। जिन्होंने रोका, उन पर केस दर्ज किए गए। उन्होंने केरल सरकार पर सबरीमाला के श्रद्धालुओं की प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा, क्योंकि सरकार जनता के विरोध में है।

अब मनसुख हिरेन मौत के मामले की भी जाँच करेगी NIA: गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी, महाराष्ट्र ATS आज सौंप सकता है सभी दस्तावेज

मुंबई के एंटीलिया केस में काली स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जाँच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) करेगी। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि पहले इस मामले की जाँच महाराष्ट्र एटीएस कर रही थी। मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत पर काफी सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों की जद में सचिन वाजे भी हैं, जिन्हें बीते दिनों मुंबई क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया था और बाद में फिर निलंबित भी कर दिया गया। हिरेन की पत्नी ने वाजे पर उनके पति की मौत में संलिप्त होने का आरोप लगाया है।

मनसुख हिरेन की मौत के मामले में हत्या की आशंका को देखते हुए यह जाँच भी राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को सौंपी गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र, आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) चीफ जयजीत सिंह ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। ATS ने यह जाँच सेक्शन 8 के तहत NIA को सौंपी है। कहा जा रहा है कि ATS ने मनसुख हिरेन के मामले में अबतक 25 लोगों के बयान लिए हैं। ATS चीफ ने बताया कि केस से जुड़े दस्तावेज जल्द ही NIA को हैंड ओवर किया जाएगा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के एक अधिकारी ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा था कि उन्हें व्यवसायी मनसुख हिरेन के सिर और गर्दन पर चोट के निशान मिले हैं, जिनका शव 5 मार्च को ठाणे जिले के रेटिबंदर नाले के पास मिला था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 48 वर्षीय ठाणे स्थित ऑटो स्पेयर पार्ट्स डीलर मनसुख हिरेन की मौत की जाँच कर रहे ATS के एक सूत्र ने कहा था कि हो सकता है कि उनकी मौत से पहले उन पर हमला किया गया हो। हिरेन का लिंक 25 फरवरी को अरबपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर खड़ी विस्फोटक से लदी कार से जुड़ा था। हालाँकि, इस घटना के 10 दिन बाद उन्हें रहस्यमय तरीके से नाले के पास मृत पाया गया था।

एटीएस अधिकारी ने बताया था कि ऐसा लगता है कि किसी ने मनसुख हिरेन के साथ मारपीट और भारी वस्तु से हमला किया होगा और आशंका जताई जा रही है कि इस हमले की वजह से वह बेहोश हो गए होंगे। पुलिस अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा था कि हमलावर ने उनके मुँह में चार-पाँच रूमाल ठूँस दिए और उनके पूरे चेहरे को दुपट्टे से ढक दिया।

अधिकारी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए यह भी कहा था, “हत्यारे ने हिरेन को बेहोश करने के लिए क्लोरोफॉर्म का इस्तेमाल किया होगा या हो सकता है कि उसने कुछ अन्य साधनों का इस्तेमाल किया हो क्योंकि हिरेन का चेहरा कई तरह के रूमाल और मास्क से ढका हुआ था। बाद में (बेहोश होने के बाद) उन्हें पानी में फेंक दिया गया था।”

बता दें कि पिछले दिनों मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर एक विस्फोटक लदी SUV कार पार्क की हुई मिली थी। इसके मालिक मनसुख हिरेन की शुक्रवार (मार्च 5, 2021) को लाश मिली थी। यह घटना तब हुई जब विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिरेन की सुरक्षा का मुद्दा कुछ ही घंटों पहले उठाया था। लेकिन समय रहते मुंबई पुलिस और उद्धव सरकार द्वारा कोई एक्शन न लेने के कारण मुम्ब्रा की खाड़ी में उनकी लाश मिली थी। उनकी पत्नी ने उसी समय मुंबई पुलिस के आत्महत्या के दावों को नकार दिया था।

भगवद्गीता में छिपा है जीवन का सार, स्कूल में बच्चों को पढ़ाई जानी चाहिए: ‘नागिन’ फेम मौनी रॉय

टीवी सीरियल ‘नागिन’ से प्रसिद्ध हुईं अभिनेत्री मौनी रॉय का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ाई जानी चाहिए। एक इंटरव्यू में मौनी ने कहा कि उन्हें लगता है कि गीता, स्कूल सिलेबस का हिस्सा होना चाहिए क्योंकि उसमें जीवन से जुड़े हर सवाल के जवाब हैं। मौनी यह भी मानती हैं कि मात्र गीता के अध्य्यन से भारतीय परिवारों में पल रही रूढ़िवादी सोच खत्म हो सकती है।

मौनी रॉय के मन में गीता के प्रति इतनी आस्था है कि उन्हें लगता है केवल देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में गीता का पाठ करवाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक इसमें निहित ज्ञान की पूरी दुनिया को जरूरत है। IANS से बात करते हुए टीवी एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने श्रीमद्भगवदगीता का सार बचपन में पढ़ा था, लेकिन वो मुझे समझ नहीं आया। लॉकडाउन से पहले जब मेरे एक दोस्त ने गीता पढ़ना शुरू किया तो मैंने भी क्लास ली। व्यस्त रहने के कारण मैं कई बार वो क्लास नहीं भी ले सकी। लेकिन लॉकडाउन में मैं बहुत धार्मिक हो गई।”

वह कहती हैं, “मुझे लगता है कि ये अपने विद्यालयों का हिस्सा होनी चाहिए। मुझे सच में लगता है कि ये किताब एक धार्मिक पुस्तक से बहुत ऊपर हैं। इसमें जीवन सार है। अनन्त ज्ञान और मूल जानकारियाँ। अगर आपके दिमाग में कोई भी प्रश्न है तो गीता के पास उसका जवाब है।”

मौनी के अनुसार, “हम अज्ञानता में जीवन जी रहे हैं। हम हकीकत में वेदों और उपनिषद् वाले देश से आते है, तब भी हमें कुछ नहीं पता। हम सोने की खान पर बैठे हैं और हमें उसके बारे में पता ही नहीं है। मनोरंजन उद्योग में बहुत तनाव है। आपके पास शनिवार और रविवार का कॉन्सेप्ट नहीं होता। 9 से 5 की जॉब में हम अपने दिमाग और विचारों में पिस जाते हैं। ऐसे में निश्चित रूप से गीता की हमें आवश्यकता है। मुझे लगता है कि ग्रामीण, शहरी और सभी महानगरों में भगवद्गीता के उपदेशों की सख्त जरूरत है।”

बता दें कि टीवी एक्ट्रेस मौनी रॉय टीवी के साथ-साथ ओटीटी और बॉलीवुड में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वह रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ वह फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में दिखाई देंगी। सोशल मीडिया पर भी उनकी आए दिन तस्वीरें देखने को मिलती रहती हैं। हाल में महाशिवरात्रि पर उन्होंने पूजा करती अपनी फोटो इंस्टाग्राम पर डाली थी।

जहाँ मिला था मनसुख हिरेन का शव, वहीं से अब शेख सलीम अब्दुल की लाश मिली: जाँच में जुटी पुलिस

मुंबई स्थित मुम्ब्रा के उस इलाके में फिर से एक लाश मिली है, जहाँ से मनसुख हिरेन की लाश बरामद हुई थी। मनसुख हिरेन उस स्कॉर्पियो कार के मालिक थे, जिसे विस्फोटक सामग्री के साथ मुंबई स्थित मुकेश अंबानी के 27 मंजिला घर एंटीलिया के बाहर पाया गया था। इस पूरे मामले में सचिन वाजे नामक पुलिस अधिकारी की गिरफ़्तारी हुई है, जो शिवसेना का नेता भी रह चुके हैं। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

अभी मनसुख हिरेन की मौत और उनके मुँह में मिलीं कई रूमालों का राज सुलझा भी नहीं था कि उसी क्षेत्र से एक और लाश मिलने से सनसनी पैदा हो गई है। ये लाश मुम्ब्रा रेती बंदर क्षेत्र से मिली। मुम्ब्रा पुलिस घटनास्थल पर जाकर जाँच कर रही है। ये वही जगह है, जहाँ मनसुख हिरेन की लाश मिली थी। मृतक की पहचान शेख सलीम अब्दुल के रूप में की गई है, जिसकी उम्र लगभग 48 वर्ष बताई गई है।

पुलिस जाँच कर रही है कि ये आत्महत्या है या फिर हत्या। उधर स्पेशल NIA कोर्ट ने सचिन वाजे की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने वकील से मिलने देने का अनुरोध किया था।  NIA को शक है कि इस पूरे प्रकरण की साजिश पुलिस मुख्यालय और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वाजे के ठाणे स्थित घर पर रची गई थी। मनसुख हिरेन पुलिस मुख्यालय में पहले भी जाते-आते रहे थे।

जाँच में खुलासा हुआ है कि वाजे ही स्कॉर्पियो चला कर ले गए और उसे पार्क करने के बाद निकल कर इनोवा में बैठ कर फरार हुए। NIA ने सचिन वाजे के सिर पर साफा बाँध कर और उन्हें कुर्ता पहना कर पूरे दृश्य को रिक्रिएट किया। मौके पर आम लोगों को रोक कर डमी स्कॉर्पियो लाया गया। CCTV कैमरों को धोखा देने के लिए सचिन वाजे ने PPE किट की तरह दिख रहा कुर्ता-पायजामा पहन रखा था।

इंस्टाग्राम/फेसबुक/व्हाट्सएप्प तो रात को 50 मिनट डाउन हुआ, बंगाल में विकास 50 साल से डाउन है: खड़गपुर में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (मार्च 20, 2021) को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एक विशाल चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग भाजपा (BJP) को आशीर्वाद देने आए हैं और उनका ये उत्साह साफ-साफ कह रहा है- बंगाल में इस बार, भाजपा सरकार। उन्होंने कहा कि खड़गपुर के इस क्षेत्र में मिनी भारत की झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि पिछली रात 50-55 मिनट के लिए व्हाट्सएप्प/फेसबुक/इंस्टाग्राम डाउन थे, लेकिन बंगाल में 50 सालों से विकास डाउन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता, अलग-अलग भाषाओं-बोलियों की ताकत खड़गपुर देखने को मिलती है और यहाँ का इतना लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म, भारत की पहली IIT, इस भूमि का गौरव बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी पार्टी के पास दिलीप घोष जैसे अध्यक्ष हैं, जिन पर अनेक हमले हुए, मौत के घाट उतारने की कोशिशें हुई, लेकिन वो बंगाल के उज्ज्वल भविष्य का प्रण लेकर चल पड़े और आज पूरे बंगाल में नई ऊर्जा भर रहे हैं।

बकौल पीएम मोदी, बंगाल ने कॉन्ग्रेस के कारनामे देखे हैं, वामदल की बर्बादी को अनुभव किया है और कॉन्ग्रेस-वामदल-TMC ने जनता के सपनों को कैसे चूर-चूर किया पिछले 70 साल में यह देखा है। उन्होंने जनता से निवेदन किया कि हमें 5 साल का मौका दीजिए, 70 साल की बर्बादी को मिटाकर रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि जनसंघ के जनक इसी बंगाल के सपूत थे, इसलिए अगर सही अर्थ में कोई बंगाल की पार्टी है तो वो है भाजपा।

पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को याद दिलाया कि भाजपा के DNA में आशुतोष मुखर्जी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का आचार, विचार, व्यवहार और संस्कार है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन राज्यों में भाजपा सरकारें हैं, वहाँ केंद्र और बीजेपी की राज्य सरकार मिलकर डबल इंजन की ताकत के साथ जनता-जनार्दन की सेवा में लगे हुए हैं और ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने जनता को बताया कि पश्चिम बंगाल में दीदी, विकास की हर योजना के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं। जनता ने दीदी पर भरोसा किया, लेकिन दीदी ने उन्हें दुर्नीति दी, उनके साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि आज दीदी, दस ‘ओन्गीकार’ की बात कर रही हैं, लेकिन उन्हें बंगाल के लोगों ने दस साल सेवा का अवसर दिया था। उन्होंने जनता को लूट-मार से भरे दस साल दिए, 10 साल का भ्रष्टाचार दिया और 10 साल का कुशासन दिया। पीएम मोदी ने कहा:

आज पश्चिम बंगाल में शिक्षा की क्या स्थिति है, ये खड़गपुर के लोग बहुत अच्छी तरह जानते हैं। शिक्षक भर्ती के नाम पर यहाँ का युवा कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। दीदी से पश्चिम बंगाल के लोग 10 साल का हिसाब माँग रहे हैं। अम्फान चक्रवात का हिसाब माँगो, तो दीदी गुस्सा! राशन चोरी का जवाब माँगो, तो जेल में डाल दिया जाता है! कोयला घोटाले पर जवाब माँगो, तो पुलिस से डंडे मरवाए जाते हैं! केंद्र सरकार की तरफ से बीते वर्षों में बंगाल के लिए 33 लाख पक्के घर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से लाखों घर अब भी पूरे नहीं हो पाए हैं। दीदी को लगता है कि इन सब योजनाओं का फायदा लोगों को होगा तो वो मोदी को आशीर्वाद देंगे। शहरों में रेहड़ी-ठेला चलाने वाला गरीब पूछ रहा है कि उनको पीएम स्वनिधि के तहत आर्थिक मदद सही से क्यों नहीं मिली? आज बंगाल की बहनें पूछ रही हैं कि हर घर जल पहुँचाने के लिए TMC सरकार को जो पैसा दिया था, वो पैसा तिजोरी में रखकर क्यों बैठ गईं?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से पूछा कि दीदी, आपको मोदी को क्रेडिट नहीं देना था, तो मत दीजिए। लेकिन, आपने गरीब के पेट पर लात क्यों मारी? उन्होंने सवाल दागा कि आपने रेहड़ी-पटरी वालों के पेट पर लात क्यों मारी? साथ ही बताया कि देश निरंतर सिंगल विंडो सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक अलग तरह का सिंगल विंडो सिस्टम बना दिया गया है और ये सिंगल विंडो है- भाइपो विंडो।

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस विंडो से गुज़रे बिना कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि स्वर्णरेखा नदी और कंसवती नदी में अवैध खनन के तार कहाँ से जुड़े हैं ये यहाँ का बच्चा-बच्चा जानता है। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद, इन सभी पर सख्त कार्रवाई होगी, कानून का राज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 10 साल में तृणमूल सरकार ने हर वो काम किया, जो यहाँ रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसरों को रोकने वाला था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल के वसूली गिरोहों, सिंडिकेट के कारण अनेक पुराने उद्योग बंद हो गए और यहाँ सिर्फ एक ही उद्योग चलने दिया गया है- माफिया उद्योग। पीएम मोदी ने जनता को आश्वस्त किया कि अब दीदी को लोकतंत्र को कुचलने नहीं दिया जाएगा। साथ ही पुलिस और प्रशासन को भी याद दिलाया कि संविधान और लोकतंत्र की मर्यादाओं से बड़ा कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि 2018 के पंचायत चुनाव में जिस तरह दीदी ने आपके अधिकारों को कुचला, वो दुनिया ने देखा है।

एंटीलिया केस: NIA को पुलिस मुख्यालय में साजिश रचे जाने का शक, मनसुख मामले में ATS को ‘तावड़े’ की तलाश

उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर 20 जिलेटिन छड़ें रखी हुई स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। इस गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की कुछ ही दिनों बाद संदिग्ध अवस्था में लाश मिली। इस पूरे मामले की साजिश रचने के आरोप में सचिन वाजे को NIA ने गिरफ्तार किया। उन्हें सस्पेंड भी किया गया। स्पेशल NIA कोर्ट ने सचिन वाजे की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने वकील से मिलने देने का अनुरोध किया था।

शुक्रवार (मार्च 19, 2021) को उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि अभी जब जाँच महत्वपूर्ण चरण में है, सचिन वाजे के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन न करते हुए उन्हें उनके वकील से मिलने दिया जाए। अनुरोध किया गया कि वो आपने वकील से उस समय मिलेंगे, जब उनसे पूछताछ न हो रही हो। कोर्ट ने कहा कि पूछताछ के दौरान कुछ दूरी पर वकील को उपस्थित करने की अनुमति है। वाजे की बहन अनुराधा ने भी एक याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि मीडिया ट्रायल से परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक NIA को शक है कि इस पूरे प्रकरण की साजिश पुलिस मुख्यालय और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वाजे के ठाणे स्थित घर पर रची गई थी। मनसुख हिरेन पुलिस मुख्यालय में पहले भी जाते-आते रहे थे। वहाँ से NIA को मिली एक वीडियो रिकॉर्डिंग में मनसुख हिरेन और सचिन वाजे को एक ही कार में जाते हुए देखा गया है। इसके सबूत मिले हैं कि मुकेश अम्बानी के घर के बाहर सचिन वाजे ने ही विस्फोटक लदी कार रखवाई थी।

जाँच में खुलासा हुआ है कि वाजे ही स्कॉर्पियो चला कर ले गए और उसे पार्क करने के बाद निकल कर इनोवा में बैठ कर फरार हुए। NIA ने सचिन वाजे के सिर पर साफा बाँध कर और उन्हें कुर्ता पहना कर पूरे दृश्य को रिक्रिएट किया। मौके पर आम लोगों को रोक कर डमी स्कॉर्पियो लाया गया। CCTV कैमरों को धोखा देने के लिए सचिन वाजे ने PPE किट की तरह दिख रहा कुर्ता-पायजामा पहन रखा था।

मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर में स्थित CIU के दफ्तर में भी NIA ने छापेमारी की थी। महाराष्ट्र ATS को शक है कि मनसुख हिरेन की हत्या में सचिन वाजे शामिल हैं और वो पता लगा रही है कि 4-5 मार्च को आखिर हुआ क्या था। वहीं सचिन वाजे ने FIR को आधारहीन बता कर खुद को फँसाने का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा था कि उस समय वो दक्षिण मुंबई के डोंगरी में थे। NIA ने 2 मर्सिडीज सहित 5 वाहन जब्त किए हैं।

DCP विजयकांत सागर ने बताया कि 2018 में 25 लाख रुपए के रंगदारी मामले में सचिन वाजे के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई थी। वसई पुलिस थाने के इस मामले में वाजे जमानत लेने में कामयाब रहे थे। पुलिस हिरासत में ख्वाजा यूनुस की मौत के बाद सचिन वाजे ने सबूत मिटाने में अनिल यादव और अमोल पाटिल की मदद की थी। वो यादव से गुजरात में मिले थे, जहाँ एक कार में सबूत मिटाए गए थे।

अब NIA उस पुलिस अधिकारी को खोज रही है, जिसका नाम मनसुख हिरेन की पत्नी विमला ने लिया है। उन्होंने बताया था कि किसी ‘तावड़े’ ने फोन कर उनके पति को बुलाया था। टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस की 20 टीमें जाँच में लगी हुई है। कंदवाली पुलिस थाने के हर कर्मचारी के डिटेल्स NIA ने लिए हैं। इस मामले की लीड सचिन वाजे से आगे बढ़ ही नहीं रही है क्योंकि ‘तावड़े’ नाम का कोई पुलिस अधिकारी उस थाने में मिला ही नहीं।

उधर सचिन वाजे को ‘बेहद ईमानदार और योग्य अधिकारी’ बता कर क्लीनचिट देने के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि एनआईए केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। शिवसेना नेता ने कहा कि जाँच एजेंसियों को ‘कुछ जिलेटिन की छड़ों’ के बजाय खतरनाक आतंकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राउत ने कहा कि वह सचिन वाजे के लिए जवाब नहीं दे सकते, लेकिन केवल जाँच एजेंसियाँ ​​ही ऐसा कर सकती है।

‘तब मस्जिद में हिंदू को काटा, 2020 में गणेश प्रतिमा पर पेशाब, 21 में AIMIM की शह पर दंगा’: भैंसा पर पत्रकार का बड़ा खुलासा

दंगों की वजह से तेलंगाना का भैंसा कई दिनों से ख़बरों में है। इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा में 10 लोग घायल हुए, जिसमें कुछ पत्रकार भी शामिल थे। साथ ही कुछ घरों और गाड़ियों को भी फूँक दिया गया था। यहाँ सांप्रदायिक हिंसा नई बात नहीं है। जनवरी 2020 में इसी तरह के दंगे हुए थे। इन दंगों को कवर करने वाले मिस्टर सिद्धू नामक पत्रकार ने इसके पीछे असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM का हाथ बताया है।

हाल ही में ‘गोवा क्रॉनिकल’ ने सिद्धू से संपर्क कर इस पूरे प्रकरण के बारे में जाना। उन्होंने जनवरी 2020 से लेकर मार्च 2021 तक की घटनाओं को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 में हुआ दंगा रातोंरात हिंसक हो गया था और महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर स्थित कोरभा गली सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी। उस समय मुस्लिमों ने ‘इज्तिमा’ का आयोजन किया था। उसमें शामिल हुए करीब 50,000 लोगों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के साथ-साथ CAA और NRC विरोधी नारे लगाए थे।

सिद्धू ने बताया कि 12 जनवरी 2020 को रात 8 बजे एक हिन्दू व्यक्ति ने बाहर मच रहे शोर से तंग आकर मुस्लिम समाज से कहा कि वो तेज़ आवाज़ में कार्यक्रम कर लोगों को परेशान न करें। धीरे-धीरे बहस होने लगी और एक मुस्लिम व्यक्ति ने हिन्दू लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। उसने भी बदले में एक थप्पड़ रसीद कर डाला। फिर आसपास के इलाकों से मुस्लिम वहाँ जुट गए। 1 घंटे के भीतर हिन्दुओं के घरों पर पेट्रोल बम फेंके जाने लगे।

सिद्धू ने बताया कि मुस्लिमों ने लगातार पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया और यहाँ तक कि भगवान गणेश की प्रतिमा पर पेशाब भी कर डाला। मकर संक्रांति पर हिन्दू महिलाओं द्वारा बनाए गए प्रसाद व भोजन की वस्तुओं में पेशाब कर दिया गया। हिन्दू महिलाओं के साथ बदतमीजी हुई और उनके गहने छीन लिए गए। वे बच्चों को भी मारना चाहते थे। मिस्टर सिद्धू का कहना है कि तेलंगाना के गठन के बाद हुए इस पहले हिन्दू-मुस्लिम दंगे के बारे में KCR सरकार नहीं चाहती थी कि किसी को पता चले।

किसी भी पत्रकार को वहाँ नहीं जाने दिया जा रहा था और मीडिया को कवरेज से मना कर दिया गया था। सिद्धू ने बताया कि उन्होंने वहाँ जाकर कई वीडियो अपलोड किए, जिनसे पता चल रहा था कि हिन्दुओं के पास रहने को घर नहीं थे और उनके साधन जला दिए गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री KCR के आईटी सेल ने धमकियाँ दी और वीडियोज डिलीट करने को कहा। उन पर FIR दर्ज किए गए।

स्थानीय RSS यूनिट ने हिन्दुओं को उनका घर फिर से बनाने में मदद की। सिद्धू ने इस साल हुए दंगों की बात करते हुए कहा कि अभी भी ‘इज्तिमा’ चल रहा था। जुल्फिकार और भट्टी गलियों में दंगों का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा और इस बार भी मीडिया को कवरेज से मना किया गया। उन्होंने बताया कि AIMIM के काउंसलर जाबिर अहमद के खिलाफ 19 मामले दर्ज हैं, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

उसे ओवैसी भाइयों का करीबी भी माना जाता है। उन्होंने बताया कि NIA की एक टीम ने भैंसा आकर कुछ आतंकियों को गिरफ्तार किया था और उन्हें भी AIMIM के नेताओं और स्थानीय लोगों ने शरण दी हुई थी। सिद्धू का कहना है कि यहाँ के मस्जिदों में अक्सर असामाजिक तत्वों को पनाह मिलती है। मस्जिद के पास से गुजरने वाले हिन्दू जुलूसों पर पत्थरबाजी होती है। उन्होंने दावा किया कि 2008 में एक हिन्दू को मस्जिद में ले जाकर टुकड़े-टुकड़े काट डाला गया था, जिससे दंगे भड़के थे। सिद्धू ने बताया:

“हिन्दू उस इलाके में डर के साए में जीते हैं और उनकी जीवनशैली काफी कठिन हो गई है क्योंकि मौत का भय बना रहता है। भैंसा दूसरा कश्मीर बन रहा है। मुस्लिम जनसंख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हिन्दुओं के लिए आवाज़ उठाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। पत्रकारों पर तलवार से हमले हुए। एक पत्रकार जीवन और मौत से जूझ रहा है लेकिन TRS के डर से कोई आवाज़ नहीं उठाता। मीडिया का एक बड़ा वर्ग राज्य की सत्ताधारी पार्टी के इशारों पर नाच रहा है।”

उन्होंने बताया कि मुस्लिमों के प्रभाव वाले संवेदनशील क्षेत्र भैंसा में टीआरएस और AIMIM का मुस्लिम गुंडों को समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि यहाँ हिन्दुओं को पलायन के लिए मजबूर करने का लक्ष्य लेकर चला जा रहा है और पुलिसकर्मियों पर भी राजनीतिक दबाव है। बकौल सिद्धू, स्थानीय स्तर पर मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण और प्रभाव के हिसाब से डेमोग्राफी कुछ ऐसी बनाई गई है कि AIMIM की ही जीत हो।

उन्होंने ‘हिन्दू वाहिनी’ के बारे में बात करते हुए कहा कि हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए और इस्लामी जिहादियों से लड़ने के लिए यही संगठन आगे आता है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर ‘हिन्दू वाहिनी’ के युवाओं को जहाँ गिरफ्तार किया जाता है, वहीं मुस्लिम आरोपित खुला घूमते हैं। पुलिसकर्मियों ने हिन्दू कार्यकर्ताओं को धमकाया भी है। हिन्दुओं पर झूठे केस चला कर उन्हें फँसाने के आरोप भी लगे हैं।

हाल ही में वहाँ एक नाबालिग बच्ची के यौन शोषण का मामला भी सामने आया था। पीड़ित बच्ची और आरोपित अलग-अलग समुदाय से थे और लड़की की उम्र मात्र 4 वर्ष है। आरोप लगा था कि इसके बाद पुलिस ने पीड़ित परिजनों से बिना कोई हो-हल्ला मचाए अपने गाँव वापस लौट जाने को कहा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार ने दावा किया था कि पुलिस ने पीड़ित परिजनों पर इस हैवानियत के बारे में किसी को कुछ न बताने का दबाव बनाया। 

झारखंड में 181 आदिवासियों ने की घर वापसी, कहा- लोभ और बहकावे में हमारे पूर्वज बन गए थे ईसाई

झारखंड में मिशनरियों द्वारा आदिवासियों और दलितों को फुसला कर उनका धर्मांतरण कराने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। इसी बीच 181 आदिवासियों के वापस ईसाई से हिन्दू बनने की खबर आई है। गढ़वा जिले के विश्रामपुर गोरैयाबखार गाँव के 18 परिवार के 104, खूँटी टोला करचाली गाँव के 7 परिवार के 42 और महंगई गाँव के 8 परिवार के 35 सदस्यों ने घर वापसी की है।

इसके लिए पूरे हिन्दू विधि-विधान से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन धर्म जागरण और जनजातीय सुरक्षा मंच ने सरईडीह गाँव में किया था। जनजातीय सम्मलेन के दौरान ही इन सभी ने घर वापसी की। ईसाई से हिन्दू धर्म में वापस लौटने वालों का जनजातीय परंपरा के अनुसार पाँव पखार कर स्वागत किया गया। सभी को चंदन-टीका लगाया गया। प्रकृति की पूजा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महिलाओं ने गीत भी गए। ‘बैगा पाहणों’ ने विधिवत पूजा-अर्चना की।

महिला कार्यकर्ताओं ने हिन्दू धर्म में वापस लौटने वाली महिलाओं को सिंदूर लगा कर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने बताया कि लोभ-लालच और बहकावे में आकर उनके पूर्वजों ने धर्मांतरण कर लिया था। कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय उपायक्ष सत्येन्द्र, जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक संदीप उराँव, सह प्रांत संगठन मंत्री देवनंदन, सरना समिति रांची के अयक्ष मेघा उराँव, धर्म जागरण प्रमुख शिवमूर्ति समेत कई लोग मौजूद थे।

मेघा उराँव ने कहा कि इस इलाके में ईसाई प्रचारकों ने कई गाँवों में भोले-भाले आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराया है। हिन्दू धर्म व सरना समुदाय में वापस लौटने वाले लोग लगातार उनके संगठनों से संपर्क में थे। कार्यक्रम में उन्होंने मन की बातें कही और साथ ही ख़ुशी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने वापस अपने समुदाय व धर्म में वापसी पर ख़ुशी जताई और बताया कि कैसे उनके पूर्वजों को ईसाई बनाया गया था।

पिछले महीने ही झारखंड के चतरा में एक किशोर ने कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि वो अपनी माँ के ईसाई धर्मांतरण से दुःखी था। उक्त घटना जोरी वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र स्थित कटैया पंचायत के पन्नाटांड रविदास टोला में हुई, जहाँ कमलेश दास के 14 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार दास ने कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। झारखंड में आदिवासियों के बीच ईसाई मिशनरी खासे सक्रिय बताए जाते हैं।

मुस्लिम छात्र ने कहा- मेरे अब्बा तुम्हारा सिर कलम कर देंगे, माफी माँगने के बावजूद फ्रांस में शिक्षक सस्पेंड: रिपोर्ट

फ्रांस में पिछले कुछ महीनों से शिक्षकों में भय का माहौल है। पैगम्बर मुहम्मद का कार्टून दिखाने के आरोप में शिक्षक सैमुअल पैटी की हत्या के बाद से भले देश में इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ कई सख्त फैसले लिए गए हों, लेकिन छात्रों के बीच फिर भी इस्लामी कट्टरपंथ पाँव पसार रहा है। ताजा मामला फ्रांस के एक और स्कूल का है, जहाँ छात्र ने शिक्षक को धमकाया कि उसका अब्बा शिक्षक का सिर कलम कर देगा।

उक्त शिक्षक ने सैमुअल पैटी की हत्या के 1 दिन बाद ‘सिविक एंड मोरल एजुकेशन (EMC)’ की कक्षा के दौरान पैटी का बचाव किया था। इसके बाद एक मुस्लिम छात्र खड़ा हो गया और उसने कहा, “मेरे अब्बा तुम्हारा सिर कलम कर देंगे।” इसके कुछ दिनों बाद शिक्षक को प्रधानाध्यापक के दफ्तर में बुलाया गया। शिक्षक को डाँट लगाई और साथ ही पूरी कक्षा के सामने माफी माँगने को भी कहा गया।

इसके बाद भी शिक्षक को स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया। शिक्षक ने बताया कि एक पर्सियन स्कूल में इसी तरह एक छात्र नाराज हो गया था कि किसी शिक्षक ने रमजान का सम्मान नहीं किया है। एक कक्षा के दौरान जब उन्होंने एडम और ईव को बाइबल का किरदार बताया तो एक मुस्लिम छात्र नाराज हो गया, क्योंकि मस्जिदों में उसे ये नहीं बताया गया था। शिक्षक ने बताया कि वो इन कारणों से अब अवसाद में हैं।

याद हो कि फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून कक्षा के छात्रों को दिखाने के आरोप में सैमुअल पैटी नाम के शिक्षक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया था। कुछ ही दिनों पहले खुलासा हुआ है कि ये पूरा हमला एक झूठ पर आधारित था, जिसे बच्ची ने अपने पिता के डर से बोला था। 13 साल की एक फ्रांसीसी लड़की ने इस बात को स्वीकार किया कि उसने अपने अब्बा के गुस्से से बचने के लिए अपने शिक्षक पर तोहमत लगाई थी, जबकि हकीकत यह थी कि वह उस दिन क्लास में ही नहीं थी।

CCTV कैमरे में कुतिया के साथ रेप करता कैद हुआ तौफीक अहमद, घर पहुँची मुंबई पुलिस तो यूपी भागा: FIR दर्ज

मुंबई में कुत्ते के साथ रेप का एक और मामला सामने आया है। इस बार इस तरह की वारदात सांताक्रुज के कलीना से सामने आई है। कुतिया के साथ रेप के आरोपित की पहचान 20-25 वर्ष के तौफीक अहमद के तौर पर हुई है। CCTV सर्विलांस कैमरे में ये घटना कैद हो गई। इस मामले में ‘अप्राकृतिक सेक्स’ के आरोप में FIR दर्ज की गई है। वकोला पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई है।

पशु अधिकार संस्था ‘एनिमल रेस्क्यू एंड केयर ट्रस्ट (ARAC)’ के अध्यक्ष सविता महाजन ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया कि आरोपित तौफीक अहमद के खिलाफ उन्होंने वकोला थाने में FIR दर्ज कराई है। इस आपराधिक वारदात की CCTV फुटेज सहित संस्था ने सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। सविता ने अस्सिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) सुधीर कुकडलकर को भी धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस इंस्पेक्टर मिथुन पाटिल ने भी इस मामले की FIR दर्ज कराने में पूरा सहयोग दिया। जहाँ ये घटना हुई, वहाँ प्राइवेट कार को पार्क किया जाता है। चूँकि वहाँ एक समय में कई कार होते हैं, इसीलिए गाड़ियों के पार्ट-पुर्जे की चोरी रोकने के लिए CCTV सर्विलांस कैमरे लगाए गए। उन्हीं कैमरों में तौफीक को चीनो नामक कुतिया का रेप करते हुए पाया गया। वह एक हॉकर है जो उस इलाके में ब्रेड बेचता है।

थाने में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस उसके स्थानीय पते पर उसे पकड़ने के लिए गई, लेकिन वहाँ पता चला कि वो अपने पैतृक घर के लिए निकल चुका है जो उत्तर प्रदेश में स्थित है। IPC की धारा-377 (अप्राकृतिक सेक्स) के तहत FIR दर्ज हुई है। सविता महाजन ने पुलिस से निवेदन किया है कि आरोपित को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। मुंबई पुलिस इसके लिए यूपी पुलिस से संपर्क कर रही है।

हाल ही में मुंबई से ही अहमद शाह नामक बुजुर्ग को मादा कुत्ते के साथ रेप के आरोप में धरा गया था। पूछताछ के दौरान 68 वर्षीय आरोपित ने खाने का लालच देकर रात के 3-4 बजे के बीच 30-40 कुत्तों के साथ रेप करने की बात कही थी। आरोपित ने कहा था कि वह जानवरों को खाना देता है और उनके साथ रेप करता है, इसमें यदि जानवरों को कोई आपत्ति नहीं है तो यह क्राइम नहीं है।