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गे-सेक्स मामले में इस्लामी कानून के खिलाफ कोर्ट ने दिया फैसला, मलेशियन समलैंगिक संगठनों ने किया स्वागत

मलेशिया में एक व्यक्ति को वहाँ के फ़ेडरल कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। इसे वहाँ का ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय कहा जा रहा है। वहाँ ‘समलैंगिकों के बीच शारीरिक सम्बन्ध (Gay Sex)’ पर इस्लामी कानून के तहत प्रतिबंध लगा हुआ था, जिसके खिलाफ उस व्यक्ति को अदालत में जीत मिली।

इस्लाम में इसे ‘प्रकृति की व्यवस्था के विपरीत’ बताया गया है। मलेशिया के समलैंगिक संगठनों (LGBTQ+) का कहना है कि इससे उनके अधिकारों को मजबूती मिलेगी।

मलेशिया की उच्चतम अदालत ने गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को सर्वमत से लिए गए निर्णय में कहा कि वादी के खिलाफ जिन इस्लामी कानूनों के तहत कार्रवाई की गई थी, वो असंवैधानिक था और प्रशासन को उस कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं था।

LGBTQ+ अधिकारों के लिए लड़ने वाली ‘पैलांगी कैम्पेन’ संस्था के संस्थापक ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक निर्णय है। वादी की उम्र 30-40 के बीच है, जिसका नाम उसकी सुरक्षा के कारण वकीलों ने छिपा लिया है।

2018 में उस व्यक्ति को सेंट्रल सेलंगोर में समलैंगिक सेक्स का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसने इन आरोपों को नकार दिया था। मलेशिया में समलैंगिक सम्बन्ध गैर-कानूनी है लेकिन इसे लेकर बहुत कम को ही सज़ा मिली है।

13 राज्यों वाले मलेशिया में दोहरा कानून चलता है। यहाँ सिविल कानूनों के साथ-साथ इस्लाम के हिसाब से पारिवारिक और आपराधिक नियम-कानून लागू होते हैं।

LGBTQ+ समुदाय का कहना है कि इस्लामी कानून का इस्तेमाल कर के उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है। गिरफ्तार कर के समलैंगिकों को जेल भी भेजा जाता है। संस्थानों ने कहा है कि मलेशिया के सभी राज्यों को LGBTQ+ विरोधी इस्लामी कानूनों को ख़त्म करना चाहिए।

मलेशिया में ब्रिटिश कानून के अनुच्छेद-377 के हिसाब से समलैंगिक सम्बन्ध बनाने पर 20 वर्ष की जेल मिलती है। मलेशिया में मुस्लिमों की संख्या 60% है। कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए कहा कि प्रशासन को संवैधानिक दायरे में रह कर ही इस मामले में इस्लामी कानून के इस्तेमाल की अनुमति है।

उक्त व्यक्ति सहित कुल 11 लोगों को एक प्राइवेट रेसिडेंस में समलैंगिक सेक्स के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूर्वी समुद्री सीमा पर स्थित टेरेंगगनु राज्य में 2018 में महिलाओं को लेस्बियन सेक्स के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसी वर्ष एक ट्रांस महिला पर हमला भी हुआ था।

भारत की बात करें तो यहाँ गुज़रे कुछ सालों में वर्तमान सरकार ने ऐसे तमाम फैसले लिए हैं, जिनके चलते ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार बड़े पैमाने पर सुनिश्चित होते हैं। अधिकार ही नहीं इस समुदाय के लोगों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी अहम फायदे भी तय होते हैं। इनके रोजगार के लिए ही गृह मंत्रालय की ओर से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए CAPF (Central Armed Police Force) में भर्ती की बात की गई। 

‘भैया राहुल आप छुट्टी पर थे, इसलिए जानकारी नहीं कि कब बना मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय’: पुडुचेरी में अमित शाह

पुडुचेरी में चुनावी बिगुल बज गया है तो बीजेपी ने भी प्रचार अभियान तेज कर दिया है। आज (फरवरी 28, 2021) देश के गृहमंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह आज पुडुचेरी के कराईकल में पहुँचे हैं। अमित शाह ने कराईकल में बीजेपी की पुडुचेरी कोर समिति की बैठक में भाग लिया और अपने समर्थकों का अभिवादन किया। इसके बाद वो चुनावी जनसभा में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने दावा किया है कि वो अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर कहना चाहते हैं कि अगले चुनाव में पुडुचेरी में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

अमित शाह ने लगाए आरोप

गृहमंत्री अमित शाह ने पूर्व की कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से हम प्रयासशील थे कि पुडुचेरी पूरे देश में मॉडल राज्य बने। प्रधानमंत्री ने 115 से ज्यादा योजनाएँ यहाँ के लिए भेज कर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कदम बढ़ाए। लेकिन यहाँ की सरकार ने इन योजनाओं को जमीन पर उतरने नहीं दिया। 

पुडुचेरी में कॉन्ग्रेस की सरकार गिरने पर शाह का कटाक्ष

पुडुचेरी में कॉन्ग्रेस की सरकार गिरने पर अमित शाह ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने उनकी सरकार को यहाँ गिराया। आपने (कॉन्ग्रेस) मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति बनाया था, जो अपने सर्वोच्च नेता के सामने ट्रांसलेशन में भी झूठ बोले। ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया।” उन्होंने कहा कि इतने सारे बड़े-बड़े नेता बीजेपी ज्वॉइन कर रहे हैं, कॉन्ग्रेस पार्टी वंशवाद और परिवारवाद के कारण केवल पुडुचेरी में नहीं, बल्कि पूरे देश भर में बिखर रही है।

नारायणसामी की सरकार पर शाह का आरोप

उन्होंने कहा कि पुडुचेरी में भ्रष्टाचार की गंगा को बहाने का काम नारायणसामी की सरकार ने किया है। धोती-साड़ी स्कैम, 15000 करोड़ रुपए जो भारत सरकार ने यहाँ विकास के लिए सीधे भेजा है, क्या इससे यहाँ विकास हुआ है? शाह ने आरोप लगाया कि नारायणसामी की सरकार ने ये 15,000 करोड़ रुपए गाँधी परिवार के सेवा में दिल्ली भेज दिया। गृह मंत्री ने कहा कि पुडुचेरी बेरोगारी में देश में नंबर वन है। यहाँ 75 प्रतिशत से अधिक युवा बेरोजगार हैं।

‘मत्स्य पालन मंत्रालय’ वाले राहुल के बयान पर शाह का जवाब

राहुल गाँधी के ‘मत्स्य पालन मंत्रालय’ वाले बयान पर भी अमित शाह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के नेता (राहुल गाँधी) 4 टर्म से लोकसभा में है, उनको ये भी मालूम नहीं है कि 2 साल से देश में मत्स्य पालन विभाग शुरू हो चुका है। वो (कॉन्ग्रेस) पार्टी पुडुचेरी का कल्याण कर सकती है? गृह मंत्री ने कहा, “राहुल गाँधी ने कुछ दिन पहले यहाँ कहा कि मोदी सरकार ने मछुआरों के लिए अलग विभाग क्यों नहीं बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय बनाने का काम कर दिया। भैया राहुल आप छुट्टी पर गए थे, इसलिए आपको जानकारी नहीं है।”

अमित शाह ने किए चुनावी वादे

अमित शाह ने वादा किया कि राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद हर गरीब के घर में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुँचाने का काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुडुचेरी को देश का गहना बनाने का काम भाजपा सरकार करेगी। शाह ने कहा कि मत्स्य पालन के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियों को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा हमारे पुडुचेरी को मिलने वाला है।

जिस IPS को ममता बनर्जी ने बनाया था ADG (कानून-व्यवस्था), चुनाव आयोग ने उन्हें हटाया, भड़की TMC

पश्चिम बंगाल में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू होने के साथ ही हिंसा और लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। तारीखों के ऐलान के दूसरे दिन ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम को हटा दिया है। 

शमीम की जगह डीजी फायर सेवा जगन मोहन को नया एडीजी बनाया गया है। एडीजी (कानून-व्यवस्था) चुनाव आयोग के साथ नोडल एजेंसी के रूप में काम करता है। जावेद शमीम को डीजी फायर सेवा बनाया गया है। बता दें कि हाल में ही सीएम ममता बनर्जी ने जावेद शमीम को नया एडीजी बनाया था। जग मोहन 1991 बैच के आइपीएस हैं। इस बाबत राज्य सरकार की ओर से एक निर्देश जारी किया गया है।

Jag Mohan Letter
साभार: सोशल मीडिया

बीजेपी सहित विरोधी दल लगातार राज्य में हिंसा की आशंका जता रही है। बीजेपी के परिवर्तन यात्रा के रथ पर हमले के खिलाफ बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी और कार्रवाई की माँग की थी।

टीएमसी के एमपी सौगत राय ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सीएम ममता बनर्जी ने पहले ही कहा है कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण ढंग से कार्रवाई कर रहा है और मोदी और अमित शाह के निर्देश पर काम कर रहा है। चुनाव आयोग के इस कार्रवाई पर तृणमूल कॉन्ग्रेस ने प्रतिकार किया है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों के लिए आठ चरणों में चुनाव होंगे। 27 मार्च को पहले चरण के लिए मतदान होगा। इसी तरह दूसरे चरण में 30 विधानसभा सीटों के लिए एक अप्रैल को मतदान होगा। बंगाल में तीसरे चरण की अधिसूचना 12 मार्च को जारी होगी और 6 अप्रैल को मतदान होगा। तीसरे चरण में कुल 31 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। 

चौथे चरण की पाँच जिलों की 44 विधानसभा सीटों के लिए 10 अप्रैल को मतदान होगा। 5वें चरण की 45 विधानसभा सीटों के लिए 17 अप्रैल को होगा। छठें चरण का मतदान 22 अप्रैल को होगा। सातवें चरण के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा। सातवें चरण में 36 सीटों पर चुनाव होंगे। इसी तरह आठवें चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। सभी चरणों के नतीजे एक साथ दो मई को आएँगे।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए थे। चुनाव आयोग की ओर की गई घोषणा के बाद सीएम ममता ने उनकी मंशा पर सवाल खड़ा किया और पूछा कि क्या उन्होंने ये तारीखों का ऐलान बीजेपी के हिसाब से किया है।

ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है की पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”

‘अल्लाह से मिलूँगी’: आयशा ने हँसते हुए की आत्महत्या, वीडियो में कहा- ‘प्यार करती हूँ आरिफ से, परेशान थोड़े न करूँगी’

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला हँसते-हँसते नदी में कूद जाती है। हिजाब पहनी इस महिला के आत्महत्या के वीडियो को देख कर लोग दंग हैं कि कोई ऐसा क्यों करेगा? उक्त वीडियो गुजरात के अहमदाबाद का है और जिस नदी में महिला ने कूद कर आत्महत्या की, वो साबरमती नदी है। आयशा नाम की इस महिला ने अपनी आत्महत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर खुद लाइव किया था।

उक्त घटना रिवरफ्रंट पुलिस थाना क्षेत्र की है, जहाँ के पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुँच कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। महिला ने शेयर की गई वीडियो में कहा, “मुझे ज़िंदगी मिली। सुकून है। अब खुदा से मिलना चाहती हूँ।” महिला का पूरा नाम आयशा आरिफ खान है। उसने वीडियो में लोगों को ‘हैलो’ कह कर ग्रीट करते हुए दावा किया कि वो जो भी करने जा रही है, वो अपनी मर्जी से करने जा रही है।

महिला ने कहा, “मैं किसी के दबाव में आकर ऐसा नहीं कर रही हूँ। बस इतना समझ लीजिए कि खुदा ने मुझे इतनी ही ज़िंदगी दी थी और ये ज़िंदगी बहुत ही सुकून वाली मिली। और डैड, आप कब तक अपनों से लड़ोगे? अब केस वापस ले लीजिए। एक चीज जरूर सीख रही हूँ कि मोहब्बत करनी है तो दो तरफा करो, क्योंकि एकतरफा में कुछ हासिल नहीं है। वरना मोहब्बत तो निकाह के बाद भी अधूरी रहती है।

महिला ने उक्त वीडियो में आगे कहा, “ऐ प्यारी सी नदी, दुआ करते हैं कि मुझे अपने में समा ले और मेरे पीठ पीछे जो भी हो, प्लीज ज्यादा बखेड़ा मत करना। मैं हवाओं की तरह हूँ। बस बहते रहना चाहती हूँ। किसी के लिए नहीं रुकना। मैं खुश हूँ कि आज के दिन जिन सवालों के जवाब चाहिए थे, वे मिल गए और मुझे जिसको जो बताना था, बता चुकी हूँ। थैंक्यू, मुझे दुआओं में याद रखना। पता नहीं, जन्नत मिले न मिले। चलो अलविदा।”

महिला ने ये भी कहा, “प्यार करते हैं आरिफ से। उसे परेशान थोड़े न करेंगे। उसे आज़ादी चाहिए, आज़ाद रहे वो। चलो, अपनी ज़िंदगी तो यहीं तक है। मैं खुश हूँ कि मैं अल्लाह से मिलूँगी। मैं उनसे पूछूँगी कि मुझसे क्या गलती हुई। अच्छे माँ-बाप मिले, दोस्त भी बहुत अच्छे मिले- फिर भी कमी कहाँ रह गई? सुकून के साथ जाना चाहती हूँ। और अल्लाह से मैं ये भी कहूँगी कि मुझे दोबारा इंसानों की शक्ल न दिखाए।”

‘आज तक’ की खबर के अनुसार, आयशा के पिता लियाकत अली दर्जी हैं और उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का निकाह राजस्थान के जालौर निवासी आरिफ खान के साथ 2018 में हुआ था। पिता ने आरोप लगाया कि निकाह के बाद उसके ससुराल वाले दहेज़ के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे। उनका आरोप है कि पैसे देने के बावजूद लालची आरिफ बीवी को मायके छोड़ गया था। उन्होंने बताया कि आयशा ने ख़ुदकुशी की धमकी दी तो आरिफ ने ‘मरना है तो जाकर मर जा’ भी कहा था।

‘लद्दाख छोड़ो, सिंघू बॉर्डर आओ’: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने सिख सैनिकों को उकसाया, ऑडियो वायरल

देश में चल रहे ‘किसान’ विरोध के बीच, खालिस्तानी आतंकी पन्नू की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारत सरकार के खिलाफ चल रहे किसान विरोध में खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों की प्रत्यक्ष भागीदारी को एक बार फिर उजागर करती है। खालिस्तानी आतंकवादी और प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू को सिंघू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारतीय सेना में सिख सैनिकों को भड़काने का प्रयास करते हुए सुना जा सकता है।

वायरल हुए इस करीब दो महीने पुराने ऑडियो में, पन्नू को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘खालिस्तानी आतंकवादी संगठन’ एसएफजे 26 और 27 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के सिंघू सीमा पर खालिस्तान मोर्चा संभाल रहा है। संभवतः, दिसंबर 2020 का माना जाने वाले इस ऑडियो में पन्नू भारतीय सेना में शामिल सिख सैनिकों को देश की सीमा छोड़कर कथित किसान विरोध में शामिल होने के लिए उकसा रहा है।

“लद्दाख बॉर्डर को छोड़ दें और सिंघू बॉर्डर पर शामिल हों,” खालिस्तानी आतंकी पन्नू ऑडियो में सिख सैनिकों को भड़काते हुए उन्हें झूठा दावा करके उकसाता है कि सिख सैनिकों को भारत के लिए नहीं लड़ना चाहिए क्योंकि उनके परिवार पंजाब में मारे जा रहे हैं।

भारत के खिलाफ कानून-प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा मोस्ट वांटेड घोषित खालिस्तानी आतंकी पन्नू जहर उगलना जारी रखते हुए कहता है, “1947 में सिखों के साथ जो गलत हुआ था, अब उसे सही करने का समय आ गया है- भारतीय आधिपत्य से पंजाब को मुक्त करवाकर खालिस्तान बनाने का समय आ गया है।”

“लद्दाख बॉर्डर को छोड़ दें और सिंघू सीमा से जुड़ें। यह भारत के लिए खुली चुनौती है, हम पंजाब को आजाद कराएँगे और खालिस्तान बनाएँगे।”

हालिया वायरल ऑडियो, किसान आंदोलन में खालिस्तानी ताकतों की सक्रिय भागीदारी की पुष्टि करता है, जो अब भारत सरकार के विरोध में सिखों को उकसाकर देश में उपद्रव कराने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। देश और विदेश दोनों के अंदर, खालिस्तानी तत्व, दिल्ली की सड़कों पर अराजकता पैदा करने के लिए बेहद बेताब दिख रहे हैं। वहीं अब अपने प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने के लिए निर्दोष सिखों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

किसान आंदोलन को बहुत पहले ही खालिस्तानियों ने किया हाईजैक

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में किसान आंदोलन के बीच यह बात बहुत पहले से ही स्पष्ट है कि खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया है और अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। यहाँ तक कि कुख्यात इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) भी तथाकथित किसान प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आगे आया है। बता दें कि पीएफआई को इस्लामी चरमपंथियों के साथ संबंधों के लिए जाना जाता है।

खालिस्तानी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने विरोध-प्रदर्शनों के लिए समर्थन की घोषणा बहुत पहले ही की थी। तभी से YouTube और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ऐसे विज्ञापन दिखाई देने लगे थे, जिसमें लोगों से खालिस्तानी आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।

गौरतलब है कि SFJ के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उन किसानों के लिए 10 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी, जिन्हें दिल्ली की यात्रा के दौरान किसी भी तरह का नुकसान हुआ हो। करीब तीन महीने पहले अपलोड किए गए एक वीडियो में पन्नू ने किसानों से उनको हुए नुकसान का डिटेल भेजने के लिए कहा था ताकि उनका संगठन राशि की क्षतिपूर्ति कर सके।

इससे पहले दिसंबर में NIA की चार्जशीट में भी इस खालिस्तानी संगठन पर सिखों को भड़काने के आरोप लगे थे। NIA के अनुसार, “SFJ भारतीय सेना में शामिल सिख सैनिकों को उकसाने के साथ-साथ कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत के लिए कश्मीर के अलगाव को खुले तौर पर समर्थन देने की कोशिश कर रहा है।”

इतना ही नहीं पन्नू के काले कारनामों की लिस्ट बहुत लम्बी है। देश के टुकड़े करने का मंसूबा पाले इस आतंकी खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस (SFJ)’ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अपील की थी कि आप अपने-अपने राज्यों को ‘भारत से आज़ाद’ घोषित करें। यूट्यूब पर ‘फ्री बंगाल फ्री महाराष्ट्र’ नाम से चैनल बना कर पहला वीडियो भी अपलोड कर दिया गया था, जिसमें SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा था कि वो मानवाधिकार के लिए लड़ रहा है और पंजाब को ‘कब्ज़ा से मुक्ति’ दिलाने के लिए लड़ रहा है।

25.54 km सड़क सिर्फ 18 घंटे में: लिम्का बुक में दर्ज होगा नितिन गडकरी के मंत्रालय का रिकॉर्ड

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत काम करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कार्य को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिलेगी। दरअसल NHAI ने 25.54 किलोमीटर के सिंगल लेन डांबरीकरण कार्य को सिर्फ 18 घंटे में पूरा करने की उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए सभी 500 कर्मचारियों और ठेकेदार सहित एनएचएआई की सराहना की है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल ही में सोलापुर-विजापुर राजमार्ग पर 4-लेनिंग कार्य के अंतर्गत 25.54 किलोमीटर के सिंगल लेन डांबरीकरण कार्य को 18 घंटे में पूरा किया है, जिसे ‘लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड्स’ में दर्ज किया जाएगा। 

गडकरी ने कहा, “ठेकेदार कंपनी के 500 कर्मचारियों ने इसके लिए मेहनत की है। मैं उन कर्मचारियों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, अधिकारी, ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि और परियोजना अधिकारियों का अभिनंदन करता हूँ।”

नितिन गडकरी ने बताया कि वर्तमान में सोलापुर-विजापुर राजमार्ग के 110 किमी का कार्य प्रगति पर है, जो अक्टूबर 2021 तक पूरा हो जाएगा।

गडकरी ने उत्तराखंड के लिए शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून के नए इकोनॉमिक कॉरिडॉर की घोषणा की। 210 किमी कुल लंबाई के 6-लेन के इस परियोजना की कुल लागत 12,300 करोड़ रुपए है। अगस्त 2021 तक यह परियोजना अवार्ड हो जाएगा और 2023 तक पूर्ण होगा।

इसी महीने NHAI ने एक दूसरा रिकॉर्ड भी बनाया था 

इसी महीने NHAI ने चार लेन के हाईवे पर सबसे अधिक मात्रा में कंक्रीट बिछाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। इसको पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा हासिल किया गया था। आपको बता दें ये हाईवे ग्रीनफील्ड दिल्ली-वडोदरा-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेसवे परियोजना का हिस्सा है। इस पर स्वचालित अल्ट्रा आधुनिक कंक्रीट पेवर मशीन से काम किया जा रहा है।

मोबाइल के ‘गर्लफ्रेंड’ फोल्डर में 40 लड़कियों की फोटो व नंबर, ‘पत्रकार’ बन मो. सालिक कॉलेज की छात्राओं का लेता था इंटरव्यू

उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में घूम रहे एक संदिग्ध युवक को जब पुलिस के हवाले किया गया तो उसके बारे में हुए खुलासों का किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था। उसके पास से कुछ आईडी, पिस्टल होल्डर, कुछ कारतूस और सामान बरामद हुए। आरोपित की पहचान भावीनगर नौचंदी निवासी मोहम्मद सालिक के रूप में हुई है, जो फर्जी पत्रकार निकला। घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहाँ पहुँच कर विरोध दर्ज कराया।

आरोपित के पास से जो मोबाइल फोन जब्त हुआ है, उसमें लगभग 40 युवतियों की तस्वीरें और मोबाइल नंबर मिले हैं। पूछताछ में उसने दावा किया कि लड़कियाँ उसकी दोस्त हैं। उसके खिलाफ मिली तहरीर के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।

यूनिवर्सिटी के छात्र और शास्त्रीनगर के रहने वाले मनीष कुमार ने बताया कि वो अपने तीन छात्रों के साथ कैम्पस में आए थे, तभी उन्होंने संदिग्ध युवक के बारे में शक हुआ। उस दौरान वो किसी न्यूज़ चैनल की आईडी लेकर लड़कियों का इंटरव्यू कर रहा था।

आरोप है कि इस दौरान एक छात्रा के साथ उसने जबरदस्ती की और उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद मनीष ने अपने साथियों के साथ मिल कर उसे धर-दबोचा। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो प्रेस कार्ड्स सहित कई चीजें मिलीं। उसके बैग से जो आईकार्ड मिला, उस पर मोहम्मद शयान सिद्दीकी नाम लिखा था।

उसके साथ उसका साथी भी था, जो वहाँ से फरार हो गया। उसकी पहचान इस्लामाबाद निवासी मोहम्मद अनस के रूप में हुई है। दूसरे आरोपित के पास से भी एक न्यूज़ चैनल की आईडी मिली थी। आरोपित से पूछताछ के दौरान दो लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

खास बात ये है कि आरोपित के फोन से जिन भी लड़कियों के नंबर मिले, उसे ‘गर्लफ्रेंड’ नाम का फोल्डर बना कर उसमें रखा गया था। इस संबंध में जानकारी मिलने पर बजरंग दल से प्रताप दीपक और हिंदू जागरण मंच से सचिन सिरोही ने अपने पदाधिकारियों के साथ थाने पहुँच कर आशंका जताई कि उक्त आरोपित छात्राओं को फुसला कर उनके साथ गलत कार्य करता है।

पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मोहम्मद सालिक के पास से जो न्यूज़ चैनल्स की आईडी मिली, वो सब फर्जी है। उसे कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी चल रही है। हाल ही में थूक डाल कर शादी समारोहों में रोटियाँ पकाने वाले नौशाद को भी मेरठ में ही दबोचा गया था।

माँ माटी मानुष के नाम पर वोट… और माँ को मार रहे TMC के गुंडे: BJP कार्यकर्ता की माँ होना पीड़िता का एकमात्र दोष

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदले की दुर्भावना से प्रेरित होकर हिंसा की एक और घटना सामने आई है। शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) की रात एक भाजपा कार्यकर्ता और उनकी बुजुर्ग माँ की जम कर पिटाई की गई।

हिंसा की इस घटना का आरोप सत्ताधारी TMC के गुंडों पर लगा है। ये घटना तब सामने आई है, जब पश्चिम बंगाल में होने वाले 8 चरण के विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों के ऐलान के बाद ममता बनर्जी खुद को ‘बंगाल की बेटी’ बता कर मैदान में हैं।

रात 1:30 में हुई उक्त घटना नॉर्थ दमदम शहर स्थित निमता के वार्ड संख्या-6 की है। पीड़ित का नाम गोपाल मजूमदार है। उन पर और उनकी माँ पर बंदूक के पिछले भाग का इस्तेमाल करते हुए हमला किया गया और इतना पीटा गया कि दोनों के चेहरे सहित शरीर के कई अंगों पर गहरी चोट आई है।

निमता पुलिस थाने में इस मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता ने 3 TMC गुंडों पर हिंसा का आरोप लगाया।

गोपाल मजूमदार ने कहा कि तीनों उनके घर में घुस गए और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने पहले घर में घुस कर अपशब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और पूछने लगे कि भाजपा में उक्त कार्यकर्ता की क्या भूमिका है।

पीड़ित ने बताया कि कुछ गुंडे घर के बाहर भी खड़े थे, जिन्हें वो पहचान नहीं पाए। उन्होंने बताया कि गुंडों ने उनकी माँ को धक्का देकर गिरा दिया और मारपीट के बाद घर से निकल कर चले गए।

बंगाल भाजपा के कार्यकर्ता और उनकी बुजुर्ग माँ पर हमला

पीड़ित ने बताया, “मैं भाजपा की मंडल कमिटी का सदस्य हूँ। सबसे पहले तो उन्होंने हाथों का इस्तेमाल कर के मुझे मारा, फिर रिवॉल्वर के हुड का इस्तेमाल कर के मेरे सिर पर जोरदार वार किया। जब मैं जमीन पर गिर गया तो उन्होंने मुझे लात-घूसों से मारना शुरू कर दिया।”

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इस क्षेत्र में TMC के गुंडों के आतंक का बोलबाला है और गोपाल मजूमदार के बाद उन्होंने अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया है।

गोपाल की माँ ने रोते हुए बताया कि गुंडों ने उनकी भी पिटाई की। उन्होंने बताया कि वो गुंडे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता थे और उन्होंने उनके बेटे के भाजपा में जुड़े होने की वजह से हमला किया।

पीड़ित बुजुर्ग महिला ने बताया कि वो लोग शाम से ही घर के बाहर मँडरा रहे थे। बंगाल भाजपा ने हिंसा पीड़ित महिला की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि बंगाल की ‘असली बेटियों’ की यही हालत है। इस मामले में TMC के एक कमल शाह का नाम सामने आया है।

एक स्थानीय भाजपा नेता ने बताया कि कमल शाह ने धमकी दी थी कि भाजपा नहीं छोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उक्त नेता ने इस घटना के खिलाफ मार्च निकालने का ऐलान करते हुए कहा कि कमल शाह ने इलाके में आतंक का माहौल बना रखा है और उसके इशारे पर ही भाजपा कार्यकर्ता गोपाल के साथ हिंसा हुई।

भाजपा के कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना पर अपना रोष व्यक्त किया। उधर शुक्रवार की रात को TMC के गुंडे भाजपा के गोदाम में घुस गए और पार्टी की पब्लिसिटी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले में कोलकाता पुलिस के समक्ष एक आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करा दी गई है।

घटना फूल बागान पुलिस थाने की है। भाजपा की चुनावी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और साथ ही वहाँ रखी कई कीमती वस्तुओं को भी उठा कर ले गए। जहाँ ये घटना हुई, उसी जगह कदापारा इलाके में भाजपा का दफ्तर है। 

‘मैं राम मंदिर पर मू$%गा भी नहीं’: कॉन्ग्रेस नेता राजाराम वर्मा ने की अभद्र टिप्पणी, UP पुलिस ने दर्ज किया मामला

खुद को कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर अभद्र टिप्पणी की है। ट्विटर पर ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ नाम से सक्रिय उक्त व्यक्ति (असली नाम राजाराम वर्मा) ने अपना परिचय उत्तर प्रदेश के हरदोई में कॉन्ग्रेस सेवादल के जिला प्रवक्ता के रूप में दे रखा है। लोगों ने उसे याद दिलाया कि उसके नाम में ही ‘राजा राम’ है, ऐसे में वो अपने माता-पिता की आस्था का भी अपमान कर रहा है।

दरअसल, नई दिल्ली के एक वकील धर्मवीर यादव ने लिखा कि वो राम मंदिर के नाम पर ‘एक फूटी कौड़ी’ तक नहीं देगा। इसी ट्वीट की रिप्लाई करते हुए ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ ने लिखा – “आप फूटी कौड़ी न देने की बात कह रहे हैं। हम तो राम मंदिर पर मू&#गे भी नहीं।” उसकी इस टिप्पणी के बाद लोग आक्रोशित हो गए। कइयों ने उसे समझाया तो कुछ ने हरदोई पुलिस को टैग कर के कार्रवाई की माँग की।

हरदोई पुलिस ने बताया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक ट्वीट के संबंध में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। उक्त सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ये मामला उनके संज्ञान में आया है और विवेचना के बाद शीघ्र ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। राजाराम के ट्विटर हैंडल को खंगालने पर पता चलता है कि उसने कॉन्ग्रेस के कई कार्यक्रमों की तस्वीरें शेयर कर रखी हैं।

हाल ही में उसने बताया था कि उसकी पत्नी का नाम उर्मिला वर्मा है। उसकी पिछली ट्वीट्स में उसने दावा किया है कि उसकी पत्नी जिला कॉन्ग्रेस कमिटी, हरदोई की अनुसूचित जाति विभाग की उपाध्यक्ष हैं। उसने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें उसकी पत्नी कॉन्ग्रेस के पोस्टरों के साथ सम्बोधित करते हुए दिख रही हैं। कॉन्ग्रेस के दफ्तरों में बैठकों की तस्वीरें भी उसने शेयर कर रखी है। वो पीएम मोदी पर अक्सर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता रहता है।

स्थानीय अखबार या न्यूज़ पोर्टलों पर उर्मिला वर्मा को लेकर कई ख़बरें हैं और कॉन्ग्रेस सेवादल और कॉन्ग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की बैठकों में उनका जिक्र आता है। एक खबर में हमने पाया कि दिसंबर 2018 में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग में राजाराम वर्मा को जिला महासचिव और उर्मिला वर्मा को जिला उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। दोनों पति-पत्नी कॉन्ग्रेस के पदाधिकारी हैं, ऐसा इन ख़बरों से झलकता है।

बता दें कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए देश भर के लोगों ने दिल खोल कर निधि समर्पण अभियान में हिस्सा लिया, अपना-अपना योगदान दिया। 44 दिन तक चलने वाले राम मंदिर निधि समर्पण अभियान से कुल 1100 करोड़ रुपए आने की उम्मीद की गई थी, आ गए 2100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा। 44 दिनों तक चला राम मंदिर निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू किया गया था। यह 27 फरवरी 2021 को संत रविदास जयंती के मौके पर समाप्त हुआ। 

‘रोक सको तो रोक लो… दिल्ली के बाद तुम्हारे पास, इंतजाम पूरा’ – ‘जैश उल हिंद’ ने ली एंटीलिया के बाहर की जिम्मेदारी

हाल ही में मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर एक संदिग्ध कार पार्क की हुई मिली थी, जिसमें 20 जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। अब आतंकी संगठन ‘जैश उल हिंद’ ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरा संदेश दिया है। संगठन ने टेलीग्राम एप के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी ली। आतंकी संगठन के इस बयान के बाद मुंबई पुलिस के कान खड़े हो गए हैं और जाँच की जा रही है।

अपने धमकी भरे संदेश में आतंकी संगठन ने लिखा है, “रोक सकते हो तो रोक लो! तुम कुछ नहीं कर पाए थे जब हमने तुम्हारी नाक के नीचे दिल्ली में तुम्हें हिट किया था, तुमने मोसाद के साथ हाथ मिलाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। तुम्हें (अंबानी के लिए) मालूम है तुम्हें क्या करना है। बस पैसे ट्रांसफर कर दो जो तुम्हें पहले कहा गया है।” इस संदेश में भारत-इजरायल संबंधों की बात करते हुए उसका विरोध किया जा रहा है।

जानकारी दे दें कि ये वही आतंकी संगठन है, जिसने दिल्ली में इजरायली दूतावास के बार धमाका किया था। ये संगठन रुपए और बिटकॉइन की माँग करता है। इस संदेश में उसने दिल्ली की उसी घटना का जिक्र करते हुए याद दिलाया है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर बुधवार (फरवरी 24, 2021) रात 1 बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो कार खड़ी मिली थी। CCTV फुटेज में 2 गाड़ियाँ दिखीं, जिनमें एक इनोवा कार भी थी।

मुकेश अंबानी के घर के सुरक्षाकर्मियों ने इसके बारे में मुंबई पुलिस को सूचित किया था, जिसके बाद जाँच शुरू हुई थी। संदिग्ध गाड़ी के साथ बरामद किए गए पत्र में लिखा था, “ये तो सिर्फ एक ट्रेलर है। नीता भाभी और मुकेश भैया, ये तो सिर्फ एक झलक है। अगली बार सामान पूरा होकर तुम्हारे पास आएगा और इसका पूरा इंतजाम हो गया है।” मुंबई पुलिस ने एंटीलिया के आस-पास गश्त भी बढ़ा दी गई है।

लुटियंस दिल्ली में जनवरी 29, 2021 की शाम को इजरायल के दूतावास के बाहर बम विस्फोट हुआ था। धमाके का समय जानबूझ कर शाम का 5:05 चुना गया था, क्योंकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तभी विजय चौक पहुँचे थे। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में पहुँचे राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे। इसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। 9 साल पहले 13 फरवरी 2012 को ऐसा ही एक धमाका इजरायली दूतावास के पास हुआ था।