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अनजान नवजात बच्ची को कुत्तों से बचाने वाला सरफुद्दीन ‘हीरो’ नहीं… उस बच्ची का बाप है, पुलिस ने खोली पोल

इस हफ्ते की शुरुआत में कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिसमें अहमदाबाद के ऑटो ड्राइवर की तारीफ़ की गई थी। वजह ये थी कि उसने एक ज़िम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए नवजात बच्ची को आवारा कुत्तों से ‘बचाया’ था।

रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 33 वर्षीय सरफुद्दीन मंसूरी को रविवार (14 फरवरी 2021) की दोपहर को एक नाले के पास नवजात बच्ची मिली थी। कई कुत्ते नवजात को उसके स्वेटर के सहारे खींच कर ले जा रहे थे। 

सरफुद्दीन का कहना था कि उसने अपना ऑटो रिक्शा रोका और नवजात को कुत्तों के मुँह से छुड़ाया। इसके बाद सरफुद्दीन ने ये भी कहा कि उसने लापता बच्ची के माता-पिता को खोजने का भी प्रयास किया लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली।

बच्ची को वहाँ से बचाने के बाद सरफुद्दीन कथित तौर पर उसे अपने घर लेकर गया, जहाँ उसकी पत्नी ने बच्ची को साफ़ किया और उसे दूध दिया। इसके बाद सरफुद्दीन ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 

खुलासे के अनुसार नाले के पास बरामद की गई लापता बच्ची किसी और की नहीं, बल्कि उसकी ही है। सरफुद्दीन का एक और महिला से अवैध सम्बंध है और वो कथित तौर पर इस नवजात की माँ है।

पुलिस के मुताबिक़ जब सरफुद्दीन से पूछताछ हो रही थी, तब वह उल्टे-सीधे जवाब दे रहा था और तभी ये भी पता चला कि उसकी एक और पत्नी है। फ़िलहाल पुलिस ने सरफुद्दीन और उसकी दूसरी पत्नी दोनों को हिरासत में ले लिया है। 

उन्नाव: खेत में मरणासन्न मिली 3 लड़कियों में से 2 की मौत – नजरबंदी वाली बात को पुलिस ने बताया फर्जी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला स्थित बबुरहा गाँव में बुधवार (फरवरी 17, 2021) की शाम 13 और 16 वर्ष की आयु की दो लड़कियों (क्रमशः, काजल और कोमल) के शव खेत में पड़े मिले। इनके अलावा, एक 17 वर्षीय लड़की रोशनी, गंभीर हालत में पाई गई, जिसका कि कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि इन लड़कियों ने जहर खाया होगा और डॉक्टर्स का भी प्रथम दृष्टया यही कहना है क्योंकि घटनास्थल पर किसी तरह के कोई अन्य साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले, ना ही उनके शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान थे। दोनों बड़ी लड़कियाँ बहनें हैं, जबकि उनमें से सबसे छोटी लड़की उनकी चचेरी बहन थी। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने 6 टीमें गठित की हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों के भाई ने कहा कि उनके हाथ और पैर बँधे हुए पाए गए थे। छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 17 वर्षीय की हालत गंभीर बनी हुई है।

पत्रकारों से बात करते हुए, लड़कियों के भाई ने कहा, “वे खेत में घास लेने गईं थीं। आज उन्हें घर लौटने में जब देर हुई तो हम उनकी तलाश में गए। हमने उन्हें अपनी चुन्नी जैसे बँधा हुआ पाया।”

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (लखनऊ रेंज) लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि लड़कियों को बाँधा गया था। पुलिस के अनुसार, उनके हाथ या पाँव पर ऐसे निशान मिलने की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। आईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, “भाई ने यह कहते हुए बयान दिया है, लेकिन हम कुछ नहीं कह सकते क्योंकि पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही शवों को हटा दिया गया था।” घटना के बाद देर रात ही लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह उन्नाव के असोहा थाने पहुँच गईं थीं।

इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक, उन्नाव आनंद कुलकर्णी ने कहा कि पीड़िता की माँ के बयान के आधार पर पता चला है कि उनके हाथ नहीं बाँधे गए थे। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि वो इस मामले पर सभी लोगों के बयान लेंगे और उसी आधार पर जाँच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि लड़कियाँ बुधवार को दोपहर 3 बजे के आसपास अपने घर से निकली थीं और शाम को परिवार के सदस्यों से मिलीं। उन्नाव के एसपी सुरेशराव ए कुलकर्णी ने कहा कि अभी तक जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चला है कि लड़कियाँ अपने खेत में चारा लेने गईं थीं। शाम को बहुत देर होने पर भी जब वो नहीं लौटीं तो घरवाले उन्हें ढूँढने गए और उन्होंने लड़कियों को खेत में पड़े हुए देखा।

एसपी ने कहा कि तीनों के मुँह से सफ़ेद झाग निकल रहा था। एडीजी ने कहा कि पुलिस की जाँच जारी है और सभी संभावित दृष्टिकोण पर नजर रखी जा रही है।

परिवार की नज़रबन्दी की बात गलत

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि परिवार को पुलिस द्वारा नजरबन्द कर दिया गया है। जबकि ऑपइंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने इन खबरों को गलत बताया है। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को नज़रबंद नहीं किया है। पुलिस ने कहा कि परिवार के लोग बयान और FIR के लिए थाने गए थे और अब वे अपने घर पहुँच गए हैं, जबकि कुछ परिजन पोस्टमार्टम हाउस और कुछ रीजेंसी हॉस्पिटल में हैं। पुलिस ने नज़रबन्दी की खबर को एकदम फर्जी बताया है।

ई श्रीधरन BJP में होंगे शामिल, विजय यात्रा के दौरान लेंगे पार्टी की सदस्यता: केरल से चुनाव लड़ने की योजना?

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। BJP ने दावा किया कि ई श्रीधरन 21 फरवरी को विजय यात्रा के दौरान पार्टी की सदस्यता लेंगे।

केरल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। केरल बीजेपी चीफ के सुरेंद्रन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 21 फरवरी से विजय यात्रा निकाल रही है।

केरल भाजपा चीफ के सुरेंद्र के अनुसार ई श्रीधरन ने खुद ही भारतीय जनता पार्टी के साथ काम करने की इच्छा जताई।

जिन थानों से जनता को शिकायतें, वहाँ के थानेदार हो सकते हैं सस्पेंड, तहसील ऑफिसरों पर भी कार्रवाई: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (17 फरवरी 2021) को गोरखनाथ मंदिर के हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएँ सुनीं। थानों और तहसील अधिकारियों के खिलाफ आ रही शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री काफी नाराज़ दिखे।

जनता दर्शन में आए लोग CM योगी से अपनी-अपनी समस्याएँ बता रहे थे। ये समस्याएँ जनता दरबार में जन सुनवाई के दौरान बताई गई समस्याओं के समाधान नहीं होने से संबंधित थे। यानी अधिकारियों तक जनता जब अपनी बात/समस्याएँ रखते हैं तो उसके समाधान पर तत्परता नहीं दिखाई जाती है। तभी परेशान जनता को मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ती है।

स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले तहसील के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। CM योगी ने बताया कि यदि लोगों की शिकायतों का समय से समाधान किया गया होता तो उन्हें यहाँ आने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन को CM योगी ने निर्देश दिया कि जिन थानों के खिलाफ सबसे ज़्यादा शिकायतें आ रही हैं, उनके थानेदारों को निलंबित किया जाए। साथ ही यह भी निर्देश रहा कि जिन तहसीलों से ज़्यादा शिकायतें मिल रही हैं, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। 

हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन के दौरान लोगों की तमाम शिकायतें सुन कर योगी आदित्यनाथ काफी नाराज़ नज़र आए। वहाँ लगभग 500 फ़रियादी मौजूद थे और उन्होंने एक-एक व्यक्ति से उनकी समस्या पूछी।

आम जन की समस्याओं में लगभग आधे से अधिक मामले थाने और तहसीलों से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री योगी ने इसके बाद कहा कि हर थाने में जनता की शिकायतें गम्भीरता के साथ सुनी जाएँ। लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायत करने वाला कार्रवाई से संतुष्ट हो। 

दैनिक जागरण के गोरखपुर संस्करण में प्रकाशित खबर

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लेखपाल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार लोगों की शिकायतें सुनें। जन सुनवाई का समय तय करके जनता की समस्या का हल निकाला जाए

लगभग सारे आवेदन लिए गए और सख्त निर्देश के साथ अधिकारियों को सौंप दिए गए। इसके बाद थानों और तहसीलों से जुड़े इन मामलों के जल्द से जल्द निस्तारण का आदेश दिया गया।

दरअसल बुधवार की सुबह 7 बजे से ही गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिन्दू सेवाश्रम में फ़रियादी जुटने लगे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुँचते ही सभी लोगों ने उनका अभिवादन किया। इस दौरान एक और ऐसी घटना हुई, जिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। बड़हलगंज की रहने वाली एक छोटे कद की महिला ने मुख्यमंत्री को रोक लिया।

महिला ने कहा कि उन्होंने अपनी परेशानी बताने के लिए उन्हें रोका है। मुख्यमंत्री ने भी रुक कर उस महिला की पूरी समस्या सुनी। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए एक आवास की फ़रियाद की। नतीजतन मुख्यमंत्री ने डीएम को आदेश दिया कि महिला को आवास प्रदान कराया जाए। महिला इस बात से काफी संतुष्ट नज़र आई और खुश होकर वापस लौटी।   

बंगाल: माँ सरस्वती की मूर्ति तोड़ने वाला जलाल गिरफ्तार, सड़कों पर हिन्दुओं ने की नारेबाजी, भारी पुलिस बल तैनात

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में जलाल नाम के युवक को देवी सरस्वती की एक मूर्ति तोड़ने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मूर्ति तोड़ने की यह घटना राज्य के हावड़ा जिले के डोमजूर शहर की बताई गई है।

मंगलवार (फरवरी 16, 2021) को जब पूरा देश हिन्दुओं की आराध्य सरस्वती की पूजा का उत्सव बसंत पंचमी मना रहा था, उसके ठीक एक दिन बाद ही जलाल ने सरस्वती की मूर्ति को खंडित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में जलाल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और केस की छानबीन की जा रही है।

दरअसल, हावड़ा शहर के कटलिया बाजार में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जलाल नाम के एक व्यक्ति को सरस्वती की मूर्ति को तोड़ते हुए देखा गया था। देवी सरस्वती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही हावड़ा के कटलिया झोतला इलाके में हिंदूवादी कार्यकर्त्ता सड़कों पर जमा हो गए और घटना के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

स्थानीय हिंदुओं ने सड़क को अवरुद्ध करते हुए घटना का विरोध किया। उन्होंने माँग की कि गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस ने बताया कि मूर्ति तोड़ने के आरोप में जलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे जाँच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फ़ौरन वहाँ पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए।

बंगाल भाजपा के ही कार्यकर्ता अक्षय सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है, “ममता के बंगाल में हिन्दुओं के त्योहारों मनाने की इजाजत नहीं है।”

गौरतलब है कि बंगाल में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं से लेकर हिन्दू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार देर रात भी भाजपा नेताओं पर पत्थरबाजी और हमला किया गया, जिसमें शिबाजी रॉय को गंभीर चोट आई हैं और उन्हें अस्पताल भारती किया गया। भाजपा ने इसके पीछे टीएमसी के गुंडों का हाथ बताया है।

‘समुद्री किसानों’ से झूठ बोला राहुल गाँधी ने, सिर्फ 15 दिनों में गायब कर दिया पूरा मंत्रालय – लोकसभा में सबूत मौजूद

लोकसभा सांसद राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के नेता हैं। कल (17 फरवरी 2021) उन्होंने पुडुचेरी में ‘समुद्री किसानों’ के लिए दिल खोल कर रख दिया। ‘समुद्री किसानों’ के लिए केंद्र में मोदी सरकार के यहाँ मंत्रालय नहीं होने पर उन्होंने अपनी तकलीफ भी बताई।

अब चलते हैं 2 फरवरी को। इसी साल के 2 फरवरी को – सिर्फ 15 दिन पहले। लोकसभा में एक ‘घटना’ घटती है। राहुल गाँधी एक सवाल पूछते हैं। देश की चिंता में डूबे ये कॉन्ग्रेसी नेता विदेश दौरों से फुरसत निकाल लोकसभा में सवाल पूछते हैं – तो यह घटना ही है।

घटना से आगे बढ़ते हुए सवाल पर नजर डालिए।

लोकसभा में राहुल गाँधी द्वारा पूछा गया सवाल

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री से यह सवाल पूछा गया था। जैसे हर सांसद को जवाब मिलता है, राहुल गाँधी को भी जवाब दिया गया। जवाब प्रताप चंद्र सांरगी ने दिया। प्रताप चंद्र सांरगी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। लेकिन राहुल गाँधी भूल गए। शायद इसलिए क्योंकि सारंगी किसी ‘परिवार’ से नहीं आते, शायद इसलिए क्योंकि वो मंत्री के जैसे दिखते नहीं!

जवाब सिर्फ राहुल गाँधी ही दे पाएँगे। या प्रियंका गाँधी वाड्रा? प्रियंका वो हैं, जो लोगों के नाम भूल जाती हैं। स्मृति ईरानी तक के लिए उन्होंने कहा था – कौन? राहुल गाँधी में भूलने की बीमारी प्रियंका वाड्रा से ही लगी होगी, इसकी संभावना अधिक है।

अब पुनः लौटते हैं 17 फरवरी 2021 में। राहुल गाँधी की पुडुचेरी घटना पर। ऑपइंडिया ने रिपोर्ट की। सिंपल रिपोर्ट। लेकिन राहुल गाँधी के झूठ पर शक था। इसलिए प्रश्नवाचक चिन्ह के साथ शीर्षक दिया गया – “मछुआरों को मूर्ख समझते हैं राहुल गाँधी? मंत्रालय के नाम पर पुडुचेरी में क्यों बोला झूठ… जबकि मौजूद है मत्स्य विभाग”

जनता का प्रतिनिधि जनता से ही झूठ बोले, वो भी गाँधी परिवार का युवराज… मन यह मान नहीं रहा था। लेकिन समीर नाम के एक लड़के ने मन को झकझोर दिया। सबूत ले आया। सबूत कि राहुल गाँधी शर्तिया तौर पर झूठ बोल रहे थे। समीर के ट्वीट के बाद ट्विटर पर राहुल गाँधी का झूठ सार्वजनिक हो गया, फैल गया – मतलब वायरल हो गया।

जनता के सामने जाकर झूठ बोलने की सजा क्या है? कानून में कोई धारा है या नहीं? इस विषय पर जनता के प्रतिनिधि ही लोकसभा-राज्यसभा में वाद-विवाद करें। या सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका दायर हो और वकीलों के बीच बहस हो। लेकिन तय यह है कि झूठ बोलने की सजा जनता देती है, नाम भूलने की सजा जनता देती है – अमेठी हार के बाद प्रियंका गाँधी अपने भाई को यह बता सकती हैं कि वायनाड सदा के लिए नहीं रहने वाला!

महाराष्ट्र का दिघी पोर्ट अडानी के पास: ₹10000 करोड़ का निवेश कर गेटवे तैयार करेगी कंपनी

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने सोमवार (फरवरी 15 , 2021) को 705 करोड़ रुपए में दिवालिया (बैंकरप्ट) प्रक्रिया से गुजर चुकी Dighi Port Limited (DPL- दिघी पोर्ट लिमिटेड) का अधिग्रहण कर लिया है। दिघी पोर्ट को अप्रैल में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा दिवालिया घोषित किया गया था। यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के राजपुरी क्रीक के किनारे स्थित है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, APSEZ ने बताया कि वह इसे JNPT (Jawaharlal Nehru Port Trust) के वैकल्पिक गेटवे के तौर पर विकसित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करेगी। JNPT भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट है और देश के 12 बड़े बंदरगाहों में से एक भी।

दिघी पोर्ट के 100% स्टेक अडानी पोर्ट्स के पास होने के बाद कंपनी (APSEZ) के सीईओ करन अडानी ने कहा कि दिघी पोर्ट लिमिटेड (DPL) के सफल अधिग्रहण ने अडानी पोर्ट के बंदरगाहों को बनाने के लक्ष्य में एक अन्य कीर्तिमान जोड़ा है, जिससे भारत के पूरे आर्थिक क्षेत्र में सर्विस कवरेज बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी के ग्रोथ पर फोकस, अनुभव और अधिग्रहण करने की निपुणता के साथ, उन्हें DPL को शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू वाला बनाने का विश्वास है।

इस अधिग्रहण के बाद उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाला APSEZ, महाराष्ट्र में ग्राहकों को अपनी सेवा दे सकेगा, जिसके अंतर्गत बड़े औद्योगिक क्षेत्र, मुंबई और पुणे क्षेत्रों का विकास शामिल है। कंपनी मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत और मरम्मत करेगी और ड्राई, कंटेनर और लिक्विड कार्गो के लिए सुविधाओं के विकास में निवेश करेगी।

दिघी पोर्ट के विकास से विभिन्न उद्योगों जैसे- उपभोक्ता उपकरण, धातु, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, और रसायन व्यवसाय महाराष्ट्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। दिघी पोर्ट को मूल रूप से मुंबई के उद्योगपति विजय कलंतरी द्वारा विकसित किया गया था।

रेजोल्यूशन प्लान की शर्तों के अनुसार, राज्य बंदरगाह नियामक ‘महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड’ (MMB) और APSEZ से कंसेशन राइट्स के ट्रांसफर को भी मंजूरी मिल गई है, जिसने फाइनेंशियल क्रेडिटर्स, MMB के बकाया और दूसरे लागत और क्लेम का सेटलमेंट कर दिया है।

बंगाल में पत्थरबाजी: शुवेंदू, शिबाजी, शंकुदेव तीनों BJP नेता घायल, एक की हालत गंभीर – TMC के गुंडों पर आरोप

कोलकाता के फूलबागान में भाजपा नेता शुवेंदू अधिकारी, शंकदेब पंडा, शिवाजी सिंहा पर कुछ लोगों द्वारा बुधवार (फरवरी 17, 2021) देर रात हमला और पथराव किया गया। इसमें भाजपा नॉर्थ कोलकाता के जिलाध्यक्ष शिबाजी सिंह रॉय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। शुवेंदु अधिकारी और शंकदेब पंडा को भी चोट आई हैं।

ट्विटर पर पायल मेहता ने घायलों का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि भाजपा नेताओं पर यह हमला टीएमसी के गुंडों द्वारा किया गया।

वहीं, टीएमसी छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले शुवेंदू अधिकारी ने भी इस हमले का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस पर लगाते हुए कहा है कि यह हमला बुधवार की मेगा पब्लिक रैली के बाद किया गया।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि ममता बनर्जी बंगाल के लिए एक आपदा हैं और वहाँ लॉ एंड ऑर्डर जैसी कोई चीज है ही नहीं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता बाबू मास्टर पर भी हमला हुआ था। बाबू मास्टर की गाड़ी पर भी बम से हमला किया गया था। 10-12 उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी घेरकर गोलीबारी की थी। उस समय भाजपा नेता बाबू मास्टर बशीरहाट से कोलकाता जा रहे थे। इस हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

चीन में फर्जी कोरोना वैक्सीन का भंडाफोड़, गिरफ्तार कोंग ने नमक पानी का डोज बनाकर कमाए करोड़ों

दुनिया भर को जानलेवा कोरोना वायरस महामारी की ‘सौगात’ देने वाले चीन ने अब इसकी वैक्सीन को लेकर गड़बड़ घोटाला किया है। चीन में नकली कोविड वैक्सीन के धंधे का भंडा-फोड़ हुआ है। आरोप है कि कोंग नाम के शख्स ने सलाइन और मिनरल वाटर के मिश्रण को मिलाकर 58000 डोज बनाई और इसे एंटी-कोविड वैक्सीन बताकर टुकड़ों में अस्पताल सहित कई इलाकों में सप्लाई किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने फेक वैक्सीन मामले में कोंग नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। जो कि फर्जी कोविड वैक्सीन के धंधे का सरगना है। पूछताछ में पता चला कि कोरोना काल के दौरान आरोपित ने वैक्सीन की आड़ में करोड़ो की मोटी कमाई की है।

डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे अवैध धंधे से कोंग के गैंग ने करीब 20 करोड़ 17 लाख रुपए कमा लिया था। नकली वैक्सीन घोटाले में अब तक अधिकारियों ने 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले साल ही उजागर हुए इस फेक वैक्सीन मामले में कुल 21 केस दर्ज किए गए है। चीन की राजधानी बीजिंग समेत कई प्रांतों की पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापा मारते हुए संदिग्ध आरोपितों को हिरासत में लिया है।

पुलिस को जाँच में पता चला कि पिछले साल से ये लोग नकली वैक्सीन बेचने में लगे हुए थे। बाजार में नमक के पानी से भरे इंजेक्शन बेचकर इन्होंने मोटा पैसा कमाया है। कोरोना वैक्सीन के नाम पर इस गिरोह ने भारी कीमत पर फर्जी टीका बेचा और खूब लाभ कमाया।

रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के चलते लोगों के डर का फायदा उठाते हुए कोंग के गैंग ने अगस्त 2020 से फर्जी वैक्सीन के घोटाले की शुरुआत की थी। लोगों ने न केवल कोरोना के डर से फर्जी वैक्सीन पर आँख मूँद कर विश्वास किया बल्कि इसके लिए इस गैंग को मुँह माँगी कीमत भी दी।

33 वर्षीय कोंग और उसके दो साथियों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। लोगों को शक न हो इसके लिए उन्होंने हूबहू असली वैक्सीन की पैकेजिंग की तरह ही अपने नकली डोज को तैयार किया। यह भी पता चला है कि एक बैच में इन लोगों ने 600 फर्जी वैक्सीन हॉन्ग कॉन्ग भी भेजी थी। इसके बाद अन्य देशों में इसे बेचने का सिलसिला शुरू हो गया।

चीन ने महीनों से चल रहे इस रैकेट के बारे में आधिकारिक तौर पर बुधवार (फरवरी 17, 2021) को खुलासा किया। बयान में बताया गया है कि फर्जी वैक्सीन को लेकर संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी 25 दिसंबर 2020 को ही हुई थी।

बजट सत्र पर तैनात होंगे STF कमांडों, PFI के अंसाद बदरुद्दीन और फिरोज खान की गिरफ्तारी के बाद हाई अलर्ट पर UP

लखनऊ की एक अदालत ने पीएफआई के सदस्यों अंसाद बदरुद्दीन और फिरोज खान को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने इन्हें मंगलवार (16 फरवरी, 2020) को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। केरल के रहने वाले दोनों आरोपितों पर एटीएस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो लोगों को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ का दावा है कि हिंदू संगठनों के नेता इन दोनों लोगों के निशाने पर थे।

दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही यूपी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने विधानसभा की सुरक्षा बढ़ाते हुए चाक-चौबंद कर दिया है। 18 फरवरी यानी गुरुवार से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। कोई अनहोनी न हो इसके लिए विधानसभा की सुरक्षा के लिए एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्‍ता) कमांडो तैनात किए जाएँगे।

राज्य पर मंडरा रहे आतंकी गतिविधियों को मद्देनजर रखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम को लेकर लखनऊ के अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन में बैठक की। अधिकारी ने खाका तैयार करते हुए विधान भवन में शुरू होने वाले बजट सत्र को लेकर पुलिस कर्मियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। साथ ही एटीएस कमांडो भी विधानभवन की सुरक्षा में तैनात रहँगे।

PFI के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने जानकारी दी कि इन दोनों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरफ्तार पीएफआई सदस्य वसंत पंचमी पर हिंदूवादी संगठनों के बड़े नेताओं को निशाना बनाना चाहते थे। इसके लिए पीएफआई से कई लोगों को जोड़ रहे थे।

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया है कि इन दोनों लोगों के पास से 16 विस्फोटक, एक पिस्टल, 7 ज़िंदा कारतूस, 4800 रुपए नगद, 4 एटीएम समेत कई चीजें मिली हैं। पुलिस के इन दोनों लोगों के पास से ट्रेन के 12 टिकट और 2 पेन ड्राइव भी बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 1 साल में इस संगठन के 123 लोगों को हमने गिरफ़्तार किया है।

पुलिस का मानना है कि ये लोग किसी आंतकी मंसूबे को अंजाम देने यहाँ आए हुए थे। हो सकता है इनके साथी इन्हें विस्फोटक देने वाले थे या फिर ये विस्फोटक प्राप्त कर चुके थे। पुलिस इन लोगों से गंभीरता से पूछताछ कर रही है।

बता दें कि पीएफआई का नाम यूपी के हाथरस की जातीय हिंसा में भी सामने आया था। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले साल हुई हिंसा के तार भी पीएफआई से जुड़े थे