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Sex-एडिक्ट गर्लफ्रेंड, श्वेता और उसका दोस्त: जानिए ट्विटर पर क्यों ट्रेंड कर रही Shweta

राजनीतिक और पेड हैशटैग के बीच गुरुवार (फरवरी 18, 2021) को ट्विटर पर एक अलग ट्रेंडिंग टॉपिक देखने को मिला। गुरुवार दोपहर में ट्विटर पर अचानक से ‘श्वेता’ ट्रेंड करने लगा

ट्विटर पर ट्रेंड कर रही श्वेता

जिज्ञासावश हमने हैशटैग पर क्लिक करके देखा कि मामला क्या है। हैशटैग पर क्लिक करने पर हमें पता चला कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई है, जिसने श्वेता को फेमस कर दिया है। इस रिपोर्ट को लिखने के समय, श्वेता 11 हजार ट्वीट्स के साथ ट्विटर पर चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रही थी।

श्वेता की एक रिकॉर्डिंग वायरल हुई है। ऐसा लगता है कि यह रिकॉर्डिंग ऑनलाइन क्लास की है, जिसमें कई सारे लोग जुड़े हुए थे। इसमें श्वेता अपने दोस्त को उसके दूसरे करीबी दोस्त के साथ उसकी बातचीत सुना रही थी। मगर इस दौरान श्वेता ने माइक्रोफोन को म्यूट करने की बजाय स्पीकर को म्यूट कर दिया। जिसकी वजह से उसकी सीक्रेट पूरी क्लास ने सुन लिया।

इस दौरान श्वेता ने बताया कि कैसे उसके दोस्त ने उसके साथ अपने सभी सीक्रेट को शेयर किया। उसके दोस्त ने बताया कि वह अपनी ‘सेक्स-एडिक्ट गर्लफ्रेंड’ के साथ जब भी बार जाता था, वह करता था और उसने ऐसा ‘कई बार किया’ है। वह बताती है कि कैसे उसका दोस्त कभी-कभी अपनी गर्लफ्रेंड के लिए पजेसिव हो जाता है।

श्वेता कहती है, “वह उस लड़की को पागलों की तरह प्यार करता है। वह लड़की सिर्फ मेरा इस्तेमाल कर रही थी और मुझे पता भी नहीं था। वह उसके बारे में इतना पागल था कि वह सेक्स-एडिक्ट थी। वह उससे आकर्षित था, इसलिए उसने यह भी किया।”

इसके बाद वह कहती है कि उसके दोस्त ने स्वीकार किया कि वह उस लड़की के साथ यौन संबंध बनाने के लिए भी झुका हुआ था। वह हर बार मिलने पर ‘ऐसा करते थे’।

चूँकि श्वेता ने अपना स्पीकर ऑफ कर दिया था। इसलिए वह मीटिंग में शामिल अन्य लोगों द्वारा बोली जा रही बातें नहीं सुन पा रही थी। मीटिंग में शामिल अन्य लोग बार-बार बोल रहे थे, श्वेता, तुम्हारा माइक ऑन है, श्वेता…श्वेता… अब तुम्हारा सीक्रेट 111 लोगों को पता चल गया है।

इस ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर शेयर होते ही नेटिजन्स ने मजेदार मीम्स बनाने शुरू कर दिए। जिसके बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर ‘श्वेता’ ट्रेंड करने लगा।

इससे पहले कि श्वेता को कुछ पता चलता, वह ट्विटर पर स्टार बन गई।

CPI और TMC की लड़ाई में हुआ बंगाल के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम अटैक: रेलवे ने बताया कारण, वीडियो हुआ वायरल

पश्चिम बंगाल सरकार में डिप्टी लेबर मंत्री जाकिर हुसैन और कुछ अन्य लोगों पर बुधवार देर रात मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता रेलवे स्टेशन में पर जानलेवा हमला हुआ। हमले में मंत्री और कुछ अन्य लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। घटना की जाँच कर रहे रेल मंत्रालय के लोगों का कहना है कि इस धमाके के पीछे की वजह तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की आपसी कलह है।

बता दें, जाकिर हुसैन कोलकाता जाने के लिए यहाँ पहुँचे थे। जब वह अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलवारों ने मंत्री पर बम से हमला कर दिया। इस बम ब्लास्टम में हुसैन सहित पार्टी के लगभग 22 कैडर घायल हुए हैं।

घटना में हुसैन का पैर गंभीर रूप से घायल हो गया है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जहाँ डॉक्टर गंभीरता से उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंत्री अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ स्टेशन की ओर जा रहे थे कि तभी पीछे से अचानक धमाका होता है और चिल्लाने की आवाजें आती हैं।

जाँच कर रहे अधिकारियों ने टीएमसी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की ओर इशारा करते हुए इस धमाके में आतंकवाद के एंगल को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने CPI के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया था, जिन्होंने पिछले सप्ताह एक प्रदर्शन किया था। पुलिस की लाठीचार्ज से प्रदर्शनकारियों में से एक की मौत हो गई थी, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया था। वहीं इस घटना को लेकर CPI ने आज 11 बजे रेल रोको प्रदर्शन का आयोजन भी किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जाकिर हुसैन ने 2017 में दो टीएमसी सदस्यों के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज की थी, जो उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

रेलवे ने मामले को लेकर आगे कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को और कड़ा करना चाहिए। यह अराजकता ट्रेन संचालन को भी बाधित कर सकती है और परिणामस्वरूप आम जनता को असुविधा हो सकती है।

गौरतलब है कि यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोरों शोरों पर है। घटना को लेकर राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में कानून व्यवस्था नहीं है। यहाँ तक ​​कि मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं।”

‘BJP बाकियों से अलग, मैं अकेले सब कुछ नहीं कर सकता’ – बेहतर केरल के लिए मेट्रो मैन ई श्रीधरन

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ श्रीधरन 21 फरवरी को विजय यात्रा के दौरान पार्टी की सदस्यता लेंगे। अब इस मुद्दे पर उनकी तरफ से प्रतिक्रिया आई है। उनका कहना है कि ये फैसला आकस्मिक नहीं है और भारतीय जनता पार्टी बाकी राजनीतिक दलों से अलग है। 

मलयाली समाचार पत्र मनोरमा से बात करते हुए ई श्रीधरन ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा:

“यह कोई आकस्मिक निर्णय नहीं है। मैं पिछले एक दशक से केरल में हूँ और इस प्रदेश के लिए कुछ करना चाहता हूँ। मैं अकेले सब कुछ नहीं कर सकता हूँ। भारतीय जनता पार्टी बाकियों से अलग है, इसलिए मैंने इसमें शामिल होने का फैसला लिया। मैंने केरल के लिए बहुत कुछ करने की योजना बनाई थी, जिसमें से काफी कुछ भाजपा के घोषणा पत्र में मौजूद है। सबसे पहले मैं पार्टी की सदस्यता लूँगा। इसके बाद पार्टी मुझे मेरी जिम्मेदारियों से अवगत कराएगी, अभी उन पर कोई चर्चा नहीं हुई है।”

श्रीधरन ने स्पष्ट किया कि अब से वह केरल सरकार की परियोजनाओं के तहत काम नहीं करेंगे क्योंकि अब वह पूरी तरह भाजपा के लिए समर्पित होंगे। वह कोच्चि मेट्रो एक्सपेंशन और पलारीवट्म ब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन से जुड़े हुए थे।

इसके अलावा श्रीधरन का ये भी कहना है कि भाजपा विकास लेकर आ सकती है। उनके अनुसार एलडीएफ़ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक पार्टी) की सरकार ने सिर्फ निराश किया है। उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए पलारीवट्म ब्रिज का काम शुरू कराया था न कि सत्ताधारी पार्टी के लिए। 

ई श्रीधरन के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर केरल भाजपा के मुखिया के सुरेंद्रन ने कहा, “पार्टी श्रीधरन से निवेदन करेगी कि वह केरल का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ें। उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर स्वेच्छा भी जताई है, यह फैसला पार्टी पर होगा कि श्रीधरन किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले हैं।”  

उन्‍नाव केस: जहर खाने से हुई दोनों लड़कियों की मौत, शरीर पर चोट के निशान नहीं- पोस्टमॉर्टम से खुला राज

उन्नाव की दोनों किशोरियों का पोस्टमार्टम हो चुका है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का कहना है कि दोनों किशोरियों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। दोनों ने मौत से करीब 6 घंटे पहले खाना खाया था। दोनों के पेट में 100 से लेकर 80 ग्राम तक खाना मिला है। खाने में जहर होने की वजह से मौत हो गई।

उन्नाव के एसपी आनंद कुलकर्णी ने ANI को बताया, “अब तक की जाँच के अनुसार, चश्मदीद गवाहों के बयान और डॉक्टरों की राय के आधार पर घटनास्थल पर काफी झाग पाया गया। इसलिए प्रथम दृष्टया जहर के लक्षण हैं। हम मामले की जाँच कर रहे हैं। शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।”

मृत पाई गई दोनों लड़कियों के पोस्‍टमार्टम के लिए प्रशासन ने तीन डॉक्‍टरों का पैनल बनाया था। बुधवार (फरवरी 17, 2021) देर शाम तीन नाबालिग दलित लड़कियाँ उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गाँव के एक खेत में बेहोशी की हालत में मिली थी। इनमें दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक को सीएचसी से जिला अस्पताल और उसके बाद कानपुर रीजेंसी अस्‍पताल रेफर किया गया। इलाज के 12 घंटे बाद भी उसकी हालत गंभीर है। उसे बैग और ट्यूब वेंटिलेशन पर रखा गया है। अस्पताल की चाइल्ड केयर यूनिट उसका गहनता से इलाज कर रही है।

मामले के खुलासे के लिए रात भर पुलिस का एक्‍शन जारी रहा। पुलिस ने मामले में चार युवकों को उठा लिया। उनसे पूछताछ चल रही है। उठाए गए चारों युवक बाबूरहा के बगल के गाँव के हैं। देर रात तक पुलिस असोहा के बाबूरहा गाँव में ही डटी रही। उन्नाव जनपद के नौ थानों की पुलिस फोर्स गाँव में तैनात है। इसके साथ ही 19 दरोगाओं, 70 मुख्य आरक्षी, 30 सिपाहियों की अतिरिक्त तैनाती की गई।

इस दौरान करीब 2:30 बजे पुलिस पीड़ित परिवार को लेकर थाने पहुँची, जहाँ एडीजी एसएन सावंत और आईजी लक्ष्मी सिंह ने उनसे घटना के बारे में पूछताछ की। लोगों ने इस केस की एकमात्र गवाह बची किशोरी को बचाने की गुहार लगाते हुए उसे तुरंत दिल्ली एम्स में शिफ्ट करने की माँग की।

घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई है जो हर पहलुओं का निरीक्षण करेगी। उधर, परिवार ने पूरे मामले की जाँच सीबीआई से कराने की माँग की है। गौरतलब है कि पुलिस ने पहले ही संदेह जताया था कि इन लड़कियों ने जहर खाया होगा और डॉक्टर्स का भी प्रथम दृष्टया यही कहना है क्योंकि घटनास्थल पर किसी तरह के कोई अन्य साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले, ना ही उनके शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान थे। दोनों बड़ी लड़कियाँ बहनें हैं, जबकि उनमें से सबसे छोटी लड़की उनकी चचेरी बहन थी। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने 6 टीमें गठित की हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों के भाई ने कहा कि उनके हाथ और पैर बँधे हुए पाए गए थे। छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 17 वर्षीय की हालत गंभीर बनी हुई है।

पत्रकारों से बात करते हुए, लड़कियों के भाई ने कहा, “वे खेत में घास लेने गईं थीं। आज उन्हें घर लौटने में जब देर हुई तो हम उनकी तलाश में गए। हमने उन्हें अपनी चुन्नी से बँधा हुआ पाया।”

महिला जज को भेजे 150 कंडोम: ‘स्किन टू स्किन’ वाले फैसले से नाराज है महिला, वकीलों ने कहा – FIR करेंगे

अहमदाबाद की रहने वाली देवश्री त्रिवेदी ने बॉम्बे हाईकोर्ट की जज पुष्पा वीरेंद्र गनेदीवाला को 150 कंडोम भेजे हैं। बता दें कि जज पुष्पा गनेदीवाला ने हाल ही में यौन शोषण मामले में 2 विवादित फैसला सुनाया था।

“12 साल की लड़की का स्तन दबाया जाता है। लेकिन आरोपित ने उसका टॉप हटाया था या नहीं… उसने टॉप के अंदर हाथ डाल कर स्तन दबाया था या नहीं – इसकी सूचना नहीं है। ऐसी सूचनाओं के अभाव में इसे यौन शोषण नहीं माना जाएगा।”एक फैसला यह था

“उसकी पैंट की ज़िप खुली हुई थी, मेरी बेटी के हाथ उसके हाथ में थे। मेरी बेटी ने बताया कि वो उसे सोने के लिए बिस्तर पर आने को कह रहा था।” – यह 5 साल की पीड़ित बच्ची की माँ का आरोप था। इस मामले पर निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए जज पुष्पा वीरेंद्र गनेदीवाला ने यौन शोषण की परिभाषा में ‘शारीरिक संपर्क’ शब्द की व्याख्या की थी। – यह दूसरा फैसला था – इस फैसले में भी ‘प्रत्यक्ष शारीरिक संपर्क- यानी यौन प्रवेश के बिना स्किन-टू-स्किन कॉन्टेक्ट’ का जिक्र किया गया था।

दरअसल, राजनीतिक विश्लेषक देवश्री त्रिवेदी ने कंडोम भेजते हुए जज के इस आपत्तिजनक फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “जस्टिस पुष्पा का मानना है कि अगर स्किन को नहीं छुआ है, तो फिर यौन शोषण नहीं है। मैंने उनको कंडोम भेज कर बताया है कि इसका इस्तेमाल करने पर भी स्किन टच नहीं होता है तो इसे क्या कहा जाएगा?”

देवश्री ने कहा, “मैंने एक चिट्ठी भी जस्टिस पुष्णा को लिखी है, उनके फैसले पर एतराज जताया है। मैंने जस्टिस गनेदीवाला को सस्पेंड करने की भी माँग की है।”

देवश्री त्रिवेदी का एक यूट्यूब चैनल भी है। उन्होंने 13 फरवरी को 12 पैकेटों में लगभग 150 कंडोम की पैकिंग दिखाते हुए अपने चैनल पर एक वीडियो पर भी अपलोड किया था। उन्होंने नागपुर में एचसी रजिस्ट्री और जज के आधिकारिक निवास सहित विभिन्न पते पर मेल किया था। उन्होंने मुंबई में एचसी की मुख्य बेंच को भी कुछ पैकेट भेजे हैं।

देवश्री ने कहा, “जज ने अपने फैसले में कहा था कि जब तक बच्ची के स्किन से डायरेक्ट कॉन्टैक्ट ना हो, तब तक वो सेक्सुअल असॉल्ट नहीं माना जाएगा और कंडोम इसका बेस्ट एग्ज़ाम्पल है। मैंने एक सिम्बल के तौर पर उन्हें भेजा है।”

गौरतलब है कि एक तरफ जहाँ लोग खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताने वाली देवश्री के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर नागपुर पीठ में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की एक टीम ने इसकी निंदा करते हुए देवश्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।

MP: कॉन्ग्रेस HQ में कार्यकर्ताओं ने की एक-दूसरे की सुताई, भोपाल बंद की बनानी थी रणनीति, बन गया रण का क्षेत्र

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई है। मारपीट का वीडियो बृहस्पतिवार (फरवरी 18, 2021) को सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस मुख्यालय में भोपाल बंद को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी और बैठक में बंद कराए जाने को लेकर बनाई जा रही रणनीति के बीच ही यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हाथापाई पूर्व महापौर विभा पटेल के समर्थक धर्मेंद्र राय और एक अन्य कार्यकर्ता के बीच हुई है। मारपीट के बीच मीडिया को भी इसका कवरेज करने से रोका गया। हालाँकि, तब तक शायद देर हो चुकी थी और भाजपा, मध्य प्रदेश के हाथ यह वीडियो लग गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग आपस में तेजी से एक-दूसरे पर झपट पड़ते हैं। तभी माइक पर एक महिला उन्हें रुकने के लिए लगातार कहती सुनी जा सकती है। बीचबचाव के बाद आखिरकार हाथापाई रुक जाती है।

भाजपा, मध्य प्रदेश ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के साथ भाजपा ने लिखा है, “देश के सबसे पुराने राजनैतिक दल का कॉन्ग्रेस मुख्यालय में संस्कारी व्यवहार।”

इस घटना के बाद जब कॉन्ग्रेसी नेता बाहर मीडिया के सामने आए तो किसी भी तरह का बयान देने से बचने की कोशिश करते देखे गए। इस घटना का वीडियो ‘खबर मध्य प्रदेश’ के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं –

इंदौर लव जिहाद: फरहान ने राहुल बन कर की नाबालिग से दोस्ती, शादी का झाँसा देकर किया दुष्कर्म

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने लव/ग्रूमिंग जिहाद की घटनाओं के विरुद्ध क़ानून पारित किया था। जिसके बाद वहाँ के कई शहरों में इस तरह के तमाम मामले सामने आए थे, अब मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में ‘धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020’ के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है। 

इंदौर में यह लव/ग्रूमिंग जिहाद का पहला मामला है। इस मामले में आरोपित युवक ने अपनी मज़हबी पहचान छुपा कर लड़की को अपने झाँसे में लिया और उसके साथ ज़्यादती की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आरोपित फरहान (21) ने राहुल बन कर 17 वर्षीय नाबालिग पीड़िता से दोस्ती की थी।

इसके बाद फरहान ने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद पीड़िता को पता चला कि युवक का नाम राहुल नहीं बल्कि फरहान है। सच सामने आने पर लड़की ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता क़ानून की धारा 3/5 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत आरोपित पर केस दर्ज कर लिया है। 

फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है। मध्य प्रदेश में लव/ग्रूमिंग जिहाद से जुड़ा क़ानून पारित किए जाने के बाद से औसतन प्रतिदिन एक मामला दर्ज हो रहा है। 31 जनवरी से लेकर अभी तक प्रदेश में कुल 23 मामले दर्ज किए गए हैं, इंदौर में लव जिहाद का पहला मामला है। मध्य प्रदेश में यह क़ानून 9 जनवरी 2021 को लागू हुआ था।

मध्य प्रदेश के भीतर सबसे ज़्यादा 7 मामले राजधानी भोपाल संभाग में दर्ज हुए हैं। दूसरे नंबर पर इंदौर संभाग है जहाँ 5 मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन इंदौर शहर का यह पहला मामला है। इसके अलावा रीवा, जबलपुर में 4-4 और ग्वालियर संभाग में 3 मामले दर्ज किए गए हैं।   

‘आप नंगे घूमें…’ – सपा नेता अबू आजमी ने महिला एंकर को TV पर कहा, कुरीतियों के लिए महिलाओं को बताया जिम्मेदार

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आजमी ने एक बार फिर महिलाओं को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। आजमी ने कहा कि देश में सामाजिक बुराइयों के बढ़ने का कारण महिलाओं का पर्दा न करना और लिव-इन-रिलेशनशिप का बढ़ता चलन है। सपा नेता के इस बयान की अब काफी आलोचना हो रही है।

‘लिव-इन में रहने के बाद बलात्कार जैसे आरोप लगाती हैं महिलाएँ’ 

अबू आजमी ने कहा, “लिव-इन रिलेशनशिप कानून गलत है और यह बहुत घातक है। लड़कियाँ और महिलाएँ लिव-इन रिलेशन के नाम पर एक दो साल साथ रहती हैं और फिर पुरुषों पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाकर मामला दर्ज करवाती हैं।”

अबू आजमी ने आगे कहा, “महिलाओं के इन झूठे आरोपों की वजह से एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद हो जाती है, इसलिए यह कानून ही गलत है।’’ उन्होंने कहा, “देश में पश्चिमी सभ्यता की हवा चल रही है, जिसमें सब बह रहे हैं। ऐसी चीजों पर तुरंत रोक लगाने की जरूरत है।’’

अबू आजमी के मुताबिक जब महिलाएँ घूँघट में होती थी और सिर पर गोबर ढ़ोती थी तब तक ठीक था। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया। एबीपी न्यूज पर बहस के दौरान उन्होंने एंकर को नंगे घूमने तक की बात कह दी। इसे आप वीडियो में 3:54 पर सुन सकते हैं। आजमी ने पुणे में आत्महत्या करने वाली पूजा चव्हाण और महाराष्ट्र के एक मंत्री के संबंधों के बारे में बात करते हुए ये सारी बातें कही। 

बता दें कि 22 साल की पूजा चव्हाण बीड जिले के परली की रहने वाली थी। वे हाल ही में पुणे इंग्लिश स्पीकिंग का कोर्स करने आईं थी। 7 फरवरी को पूजा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। कई लोगों का दावा है कि पूजा का विदर्भ से शिवसेना मंत्री संजय राठौड़ के साथ प्रेम संबंध था। इसी चक्कर में उन्होंने ये कदम उठाया। हालाँकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

यह पहली बार नहीं है, जब अबू आजमी अपने विवादास्पद बयान को लेकर सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर भी ऐसा ही बयान दिया था। आजमी ने बोला था कि कंगना महिला हैं तो क्या वह कुछ भी कहेंगी। ऐक्‍शन का रिएक्‍शन तो होगा ही। कंगना ने महाराष्‍ट्र का अपमान किया वह बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

कंगना को अबू आजमी ने बेशर्म करार दिया था। अबू आजमी ने दावा किया कि कंगना रनौत ने कहा था कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में इस्लामी वर्चस्व ख़त्म कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘ बेशर्म! इस्लाम के बारे में बात करती है तू?’

इसके अलावा सपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी की थी। बाद में उल्टा महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारी का ही ट्रांसफर कर दिया था। आजमी ने शर्मा के सस्पेंड करने की माँग करते हुए कहा था, “ये औरत कहती है कि आप पुलिस पे इल्जाम लगाते हो, मैं बात नहीं करूँगी। तेरे बाप के बाप के बाप को बात करनी पड़ेगी।” शर्मा के तबादले को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सौमैया ने उद्धव सरकार को घेरा था।

205 की जगह बस 19Km रह जाएगी असम-मेघालय की दूरी: PM मोदी ने रखी कई बड़ी योजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार (फरवरी 18, 2021) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए असम में ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ का शुभारंभ किया और दो पुलों (धुबरी फूलबाड़ी पुल और माजुली पुल) की आधारशिला रखने के साथ ही अन्य कई बड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया।

यह पुल असम स्थित धुबरी को मेघालय के फूलबाड़ी, तुरा, रोंग्राम और रोंगजेंग से जोड़ेगा। वर्तमान में, धुबरी और फूलबाड़ी के बीच छोटी नावें चलती हैं और नदी को पार करने में लगभग ढाई घंटे लगते हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक बार जब धुबरी-फूलबाड़ी पुल चालू हो जाएगा, तो नदी पार करने में मुश्किल से 15-20 मिनट लगेंगे।

पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए परियोजनाओं की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र और असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार ने पूरे क्षेत्र में भौगोलिक और सांस्कृतिक अंतर को कम कर दिया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने भारत के सबसे लंबे पुल की आधारशिला रखी, जो असम में धुबरी को मेघालय के फूलबाड़ी से जोड़ेगा। पुल का शुभारंभ करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन बदलने वाला सेतु होगा।

पीएम मोदी ने महाबाहु-ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया और दो लेन वाले माजुली पुल के भूमिपूजन में भाग लिया, जो असम के माजुली को जोरहाट से जोड़ेगा। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि ब्रह्मपुत्र पर कनेक्टिविटी से जुड़े जितने काम पहले होने चाहिए थे, उतने पहले नहीं हुए और इसकी वजह से असम और नार्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी एक चुनौती बनी रही। उन्होंने कहा कि महाबाहु-ब्रह्मपुत्र के आशीर्वाद से अब इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

प्रधानमंत्री के सम्बोधन की प्रमुख बातें –

  • बीते वर्षों में केंद्र और असम की डबल इंजन सरकार ने इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक दोनों प्रकार की दूरियों को कम करने का प्रयास किया है। असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट की फिजिकल और सांस्कृतिक अखंडता को बीते सालों में सशक्त किया गया है।
  • माजुली में असम का पहला हैलीपोड भी बन चुका है। अब माजुलीवासियों को सड़क का तेज और सुरक्षित विकल्प मिलने जा रहा है। आपकी वर्षों पुरानी माँग आज पुल के भूमि पूजन के साथ पूरी होनी शुरू हो गई है। कालीबाड़ी घाट से जोरहाट को जोड़ने वाला 8 किलोमीटर का ये पुल माजुलीवासियों की जीवन रेखा बनेगा।
  • ब्रह्मपुत्र और बराक सहित असम को अनेक नदियों को जो सौगात मिली है उसे समृद्ध करने के लिए आज महाबाहु ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम शुरु किया गया है। ये कार्यक्रम ब्रह्मपुत्र के जल से इस पूरे क्षेत्र में वॉटर कनेक्टिविटी को सशक्त करेगा।
  • अब असम का विकास प्राथमिकता में भी है, इसके लिए दिन रात प्रयास भी हो रहा है। बीते 5 वर्षों में असम की मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को फिर से स्थापित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं।
  • माजुली और निमाटी के बीच रो-पेक्स सेवा से अब आपको सड़क से करीब सवा 400 किमी घुमकर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रो-पेक्स से सिर्फ12 किमी का सफर तय करते हुए अपने सामान को जहाज पर ले जा सकते हैं। इस रास्ते पर दो जहाज चलाए जा रहे जो करीब 1600 यात्री और दर्जनों सामान ले जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज धुबरी (उत्तरी तट) और फूलबाड़ी (दक्षिण तट) के बीच ब्रह्मपुत्र पर चार लेन के पुल की आधारशिला रखी। यह प्रस्तावित पुल एनएच-127बी पर स्थित होगा, जो एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर श्रीरामपुर से निकलता है, और मेघालय राज्य में एनएच-106 पर नोंगस्टोइन पर समाप्त होता है।

लगभग 4997 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल असम और मेघालय के लोगों की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करेगा, जो नदी के दोनों किनारों के बीच यात्रा करने के लिए नौका सेवाओं पर निर्भर थे। यह सड़क से तय की जाने वाली 205 किलोमीटर की दूरी को कम करके 19 किलोमीटर कर देगा, जो पुल की कुल लंबाई है। इस पुल की आवश्यकता अप्रैल 2012 में महसूस की गई थी, जब 305 यात्रियों को ले जाने वाली एक नाव ब्रह्मपुत्र नदी में पलट गई थी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भूपेन हजारिका सेतु या ढोला-सदिया सेतु भारत का सबसे लम्बा पुल है, जिसका उद्घाटन 26 मई 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। वहीं, धुबरी-फूलबाड़ी के बीच ब्रह्मपुत्र पर चार लेन का ये पुल 19 किलोमीटर लंबा होगा।

विदेशी राजनयिकों के दो दिवसीय जम्मू कश्मीर दौरे पर आतंकियों ने किया ‘कृष्णा ढाबा’ पर हमला, एक घायल

आतंकवादियों ने कश्मीर के श्रीनगर स्थित डलगेट इलाके में एक मशहूर शाकाहारी ढाबे के मालिक पर गोली चला दी। यह ढाबा होटल ललित से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित था जहाँ जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए विदेशी राजनयिक रुके हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आतंकवादियों ने मशहूर कृष्णा ढाबा मालिक रमेश कुमार मेहरा के बेटे आकाश मेहरा (22) पर गोली चलाई। 

यह शाकाहारी ढाबा श्रीनगर के अति सुरक्षित इलाके में मौजूद है। आतंकियों ने आकाश पर क्लोज़ रेंज से गोली चलाई थी जिसकी वजह से वह बुरी तरह घायल है। घटना के ठीक बाद घायल को तुरंत एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

कश्मीर पुलिस के मुताबिक़ इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन मुस्लिम जाँबाज फ़ोर्स ने ली है। इस घटना के बारे में कुछ चश्मदीदों का कहना है कि आतंकवादी आकाश मेहरा पर गोलीबारी करके वहाँ से फ़रार हो गए। पुलिस फ़िलहाल घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है। 

कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठन द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक़ उन्होंने ‘हिन्दू युवा’ पर इसलिए हमला किया क्योंकि इन्हें ‘बाहरी’ मानते हैं। इस तरह के तमाम ‘बाहरी’ लोग डोमिसाइल (domicile) के ज़रिए कश्मीर में स्थायी रूप से बसना चाहते हैं। इस आतंकवादी संगठन की अगुवाई हंदवारा का निवासी चौधरी यासीन करता है। वह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का वाइस चेयरमैन है और हिजबुल मुजाहिद्दीन का चेयरमैन। 

विदेशी राजनयिकों की मौजूदगी में आतंकवादी हमला 

मशहूर शाकाहारी ढाबा शहर के दुर्गानगर इलाके में मौजूद है। इस ढाबे के नज़दीक यूएन मिलिट्री ऑब्ज़र्वरर्स ग्रुप फॉर इंडिया एंड पाकिस्तान (UNMOGIP), जम्मू और कश्मीर के मुख्य न्यायाधीशों के आवास जैसे अहम कार्यालय मौजूद हैं। गैर कश्मीरियों पर यह हमला उस समय हुआ है जब यूरोपियन यूनियन और आर्गेनाईजेशन ऑफ़ इस्लामिक नेशन के कई देश केंद्र शासित राज्यों का मुआयना करने आए हैं। 


बता दें कि जिस शाकाहारी ढाबे पर आतंकियों ने हमला किया है वह उस जगह से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहाँ विदेशी राजनयिक रुके हुए थे। यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है जब इन आतंकवादियों ने विदेशी दूतों के दौरे के मौके पर हमले की वारदात अंजाम दी हो। अक्टूबर 2019 में विदेशी दूतों के निजी दौरे के दौरान आतंकवादियों ने शोपियाँ में पश्चिम बंगाल के 5 प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की थी। जनवरी में लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (The Resistance Front) ने सतपाल नाम के ज्वेलर की गोली मार कर हत्या कर दी थी।