Home Blog Page 4156

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता: अमेरिकी हिंसा पर PM मोदी

डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) समर्थकों द्वारा रिपब्लिकन राष्ट्रपति के लिए दूसरे कार्यकाल की माँग करने पर वाशिंगटन की यूएस कैपिटल (US Capitol) में बुधवार (जनवरी, 06, 2021) को बेहद चौंकाने वाले और अराजक दृश्य नजर आए। करीब चार घंटे तक ट्रम्प समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें जारी रहीं जिसमें एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस बीच, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इस अराजकता की निंदा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से इसे दुखद बताया है। पीएम मोदी ने लिखा, “वाशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा के बारे में समाचार देखकर दुखी हूँ। क्रमबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है।”

यह सब विवाद तब हुआ जब 06 जनवरी को अमेरिकी कॉन्ग्रेस में जो बायडेन को पिछले साल 03 नवंबर को हुए चुनाव में मिली जीत की पुष्टि के लिए सत्र चल रहा था। इसी औपचारिकता के बीच रिपब्लिकन सांसदों ने कुछ चुनावी नतीजों पर प्रश्न किए।

जब अमेरिकी कॉन्ग्रेस का सत्र चल रहा था, तभी अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई। इसी क्रम में उनकी पुलिस बलों से मुठभेड़ भी हुई। बताया जा रहा है कि कई समर्थक हथियार लेकर कैपिटल में घुस गए।

उन्होंने खिड़कियाँ तोड़ डालीं और जमकर उपद्रव किया, जिसमें एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई। ट्रम्प समर्थक चाहते थे कि ट्रंप को ही विजेता घोषित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कैपिटल की सीढ़ियों के नीचे लगे अवरोधक तोड़ दिए। इसके बाद ट्विटर और फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को निलंबित कर दिया है।

TV चैनल्स पर हनुमान चालीसा यंत्र जैसे ‘अन्धविश्वास से जुड़े विज्ञापन’ अवैध: औरंगाबाद कोर्ट का फैसला, कहा- वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएँ

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने अपने एक फैसले में कहा है कि टेलीविज़न चैनलों को चमत्कारी या अलौकिक शक्तियों के मंत्र जैसे अंधविश्वास से जुड़ी सामग्रियों को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के लिए मुकदमा झेलना होगा।

मंगलवार (जनवरी 05. 2021) को एक सुनवाई में औरंगाबाद अदालत ने कहा कि अगर भगवान हनुमान, किसी भी बाबा सहित किसी भी भगवान के नाम को जोड़कर यह प्रचार किया जाता है कि लोगों की जिंदगी में खुशियाँ आ जाएँगी, और इन यंत्रों में विशेष, चमत्कारी और अलौकिक शक्तियाँ हैं, जिनसे उनके व्यवसायों, करियर, स्वास्थ्य और शिक्षा में प्रगति होगी, तो यह अवैध होगा।

कोर्ट ने ऐसा करने वाले टीवी चैनलों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है। यह याचिका औरंगाबाद निवासी राजेंद्र अंबोरे ने 2015 में दायर की थी। अंबोरे ने मार्च, 2015 में चार चैनलों के खिलाफ हनुमान चालीसा यंत्र को बढ़ावा देने की वजह से कार्रवाई करने की माँग की थी। अदालत ने राज्य सरकार और केंद्र को यह फैसला लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में 30 दिनों के भीतर सूचित करने का आदेश दिया है।

‘Live Law’ के मुताबिक, जस्टिस तानाजी नलावडे और जस्टिस मुकुंद सेवलिकर की बेंच ने यह भी कहा है कि इस तरह के विज्ञापन का प्रसारण करने वाला टीवी चैनल महाराष्ट्र प्रतिबंध और मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं की रोकथाम और काला जादू कानून, 2013 (Maharashtra Prevention and Eradication of Human Sacrifice and other Inhuman, Evil and Aghori Practices and Black Magic Act, 2013) के प्रावधानों के तहत उत्तरदायी होगा।

हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश दिया है कि वह उन व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करे, जो इस तरह के विज्ञापन कर रहे हैं और इस तरह के लेख बेच रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों के माध्यम से आए थे, जो यह प्रचार कर रहे थे कि हनुमान चालीसा यंत्र में विशेष, चमत्कारी और अलौकिक गुण थे, जिसे विज्ञापनदाता बेच रहा था। याचिकाकर्ता ने टीवी चैनलों पर विज्ञापन के प्रसारण को रोकने की माँग की थी, जिसके द्वारा हनुमान चालीसा यंत्र जैसे लेखों की बिक्री को बढ़ावा दिया गया था।

‘Live Law’ के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने काले जादू अधिनियम की धारा 3 का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा यंत्र जैसे लेखों को बेचकर लोगों से पैसे कमाना आसान है। पीठ ने उल्लेख किया कि विज्ञापन में दिए गए विवरणों से पता चलता है कि इसके उन ‘विशेषताओं’ के बारे में दावा किया गया था, जो विशेष, चमत्कारी और अलौकिक हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि विक्रेता यह साबित नहीं कर सकता है कि वास्तव में यत्र में वे सभी गुण हैं, जो विज्ञापन में बताए गए हैं।

‘लाइव लॉ’ के अनुसार, कोर्ट ने लोगों से वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद और जाँच की भावना को विकसित करने बात कही और कहा कि महात्मा फुले, डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे सुधारवादी इसी मिट्टी में पैदा हुए हैं, जिन्होंने बुरी प्रथाओं को दूर करने और समाज में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम किया।

मेरे कार्यालय से 23,000 दस्तावेज ले गई जाँच एजेंसी, मैंने कोई चोरी नहीं की: ‘दामाद’ रॉबर्ट वाड्रा

बेनामी संपत्ति मामले में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार (जनवरी 06, 2021) को आयकर विभाग (IT) द्वारा की जा रही जाँच को लेकर कहा कि आईटी अधिकारी उनके कार्यालय से 23,000 दस्तावेज ले गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोई टैक्स चोरी नहीं हुई है और उनका कारोबार पूरी तरह से पारदर्शी है।

आईटी विभाग द्वारा छापे और पूछताछ के बारे में बोलते हुए वाड्रा ने कहा, “मेरे ऑफिस से 23,000 दस्तावेज जाँच एजेंसी ले गई है। मेरे बारे में मेरे से ज्यादा जानकारी उनके पास है। उनके हर सवाल का मैंने स्पष्ट जवाब दिया। मैंने कोई टैक्स चोरी नहीं की है।”

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने सोमवार और मंगलवार को इनकम टैक्स के दफ्तर में वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालाँकि, उन्होंने COVID-19 प्रतिबंधों का हवाला देते हुए आईटी कार्यालय जाने से इनकार कर दिया। ऐसे में इनकम टैक्स की टीम पूछताछ के लिए रॉबर्ट वाड्रा के घर ही पहुँच गई और पूछताछ कर उनके बयान को रिकॉर्ड किया।

आयकर विभाग द्वारा बार-बार किए जा रहे पूछताछ पर सवाल उठाते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वह अपनी मर्जी से कहीं भी नहीं जा सकते या कुछ भी नहीं कर सकते। क्योंकि उनकी हर गतिविधियों पर केंद्र को शक है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “मैं कुछ नहीं कर सकता, कहीं नहीं जा सकता। अगर मैं ताजमहल भी जाऊँ तो उन्हें लगता है कि मैं ताजमहल खरीदने के लिए वहाँ गया हूँ। सरकार कई मुद्दों पर घिर गई है, वे मुद्दों को भटकाने के तरीके ढूँढ़ते हैं।”

गौरतलब है कि आयकर विभाग की टीम ने 5 जनवरी, 2021 को लगातार दूसरे दिन कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद और प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के घर बेनामी संपत्ति मामले में पूछताछ थी। ब्रिटेन में कथित तौर पर कुछ अघोषित आय रखने के आरोप में वाड्रा आयकर विभाग की जाँच के दायरे में हैं।

बता दें प्रवर्तन निदेशालय भी धनशोधन विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ इन आरोपों की जाँच कर रहा है। पेशे से कारोबारी वाड्रा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। कॉन्ग्रेस ने कुछ महीने पहले कहा था कि वाड्रा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने कम दाम में बीकानेर में ज़मीन खरीदी, जिसे आगे अधिक दाम में बेचकर मुनाफा कमाया। इसी से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जाँच कर रहा है। प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा पर लंदन में संपत्ति की खरीद के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। वाड्रा पर ब्रायनस्टन स्क्वायर में 1.9 मिलियन पाउंड की कीमत का मकान खरीदने का आरोप है। रॉबर्ट वाड्रा फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने रॉबर्ट वाड्रा पर लंदन में 1.9 मिलियन पाउंड कीमत में खरीदी गई 12, ब्रायन्स्टन स्क्वायर प्रॉपर्टी में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। इस प्रॉपर्टी के कथित रूप से मालिक रॉबर्ड वाड्रा हैं, हालाँकि वाड्रा इससे इनकार करते हैं। उन्होंने भारत के बाहर किसी भी संपत्ति से इनकार किया था। जाँच एजेंसी इस केस में फरार संजय भंडारी की भूमिका को भी संदिग्ध मानती है। विदेश में रह रहे संजय भंडारी कभी आईटी या ED की जाँच में शामिल नहीं हुए हैं।

ओवैसी की पश्चिम बंगाल में एंट्री पर मुस्लिम संगठनों को ऐतराज, कहा- गेरुआ चोला छिपा कर बीजेपी को पहुँचाना चाहते हैं फायदा

पश्चिम बंगाल में विधासनभा चुनाव की सियासी तपिश बढ़ती जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल इलाके की पाँच सीटें जीतने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की नजरें अब बंगाल चुनाव पर है। हालाँकि, यहाँ के मुस्लिम संगठनों ने उनका विरोध शुरू कर दिया है।

पश्चिम बंगाल इमाम एसोसिशन ने कहा है कि वो राज्य में एमआईएम की राजनीतिक एंट्री का विरोध करेगा। एआईएमआईएम सुप्रीमो ओवैसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह धार्मिक आधार पर लोगों को बाँट रहे हैं। ओवैसी बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वह धर्म के आधार पर लोगों को बाँटने की कोशिश करते हैं। इसलिए बंगाल में उनका विरोध किया जाएगा।

बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि राज्य में ओवैसी की एंट्री सुनियोजित है। इसके जरिए अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण कर बीजेपी को फायदा पहुँचाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह स्वयं ही एक नया संगठन बनाकर चुनाव लड़ेंगे और एमआईएम के प्लान को बर्बाद कर देंगे।

विरोध की बिगुल सिर्फ बंगाल इमाम एसोसिएशन ही नहीं बल्कि फुरफुरा शरीफ के पीरजादा त्वाहा ने भी ओवैसी के खिलाफ धावा बोल दिया है। फुरफुरा शरीफ के पीरजादा त्वाहा सिद्दीकी ने उन्हें परोक्ष रूप से भाजपा का एजेंट करार दिया है। त्वाहा ने ओवैसी के राजनीतिक एजेंडे को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि ओवैसी ने ऊपर में तो सफेद कपड़े पहन रखे हैं, लेकिन उसने अंदर जो चोला पहन रखा है, उसका रंग गेरुआ है।

आरामबाग में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान त्वाहा सिद्दीकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए फुरफुरा शरीफ के एक और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी को यह तक कह दिया कि वह मिथ्यावादी (झूठ बोलने वाले) और बेईमान है। त्वाहा सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि ओवैसी की भारतीय जनता पार्टी के साथ सांठगांठ है। उन्होंने अपने गेरुआ चोला को छिपा रखा है।

अब्बास सिद्दीकी पर धर्म के नाम पर लोगों से पैसे की उगाही करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा कि, ” वे अपने क्रिया-कलापों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह खुद को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सांप्रदायिक शक्तियों को पैर जमाने का कभी मौका नहीं मिलेगा। अब्बास सिद्दीकी और ओवैसी दोनों ‘बसंत के पंछी’ हैं। ये लोग बंगाल की शांति में खलल डालेंगे।”

गौरतलब है कि हालही में ओवैसी हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ पहुँचे और वहाँ सिद्दीकी के साथ राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “मैं आज अब्बास सिद्दीकी से मिला। हमारी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में निश्चित रूप से भाग लेगी। हमारी पार्टी उन फैसलों के साथ खड़ी होगी जो अब्बास सिद्दीकी द्वारा उठाए जाएँगे।”

वहीं इससे पहले बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी ने अपने एक बयान में ओवैसी की पार्टी की ओर इशारा करते हुए बयान दिया था कि भाजपा मुस्लिम वोट बाँटने के लिए हैदराबाद से एक पार्टी लाने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है।

जिस पर असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी को जवाब देते हुए कहा, “मुझे पैसों से खरीदने वाला आज तक कोई पैदा नहीं हुआ। ममता बनर्जी के आरोप निराधार हैं, उन्हें अपने घर के बारे में फिक्र होनी चाहिए। उनकी पार्टी के कई लोग बीजेपी में जाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने बिहार के मतदाताओं और हमारे लिए वोट करने वाले लोगों का अपमान किया है।” ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम वोटर्स ममता बनर्जी की जागीर नहीं हैं।

यूपी ATS ने रेड के दौरान म्यांमार के अजीजुल्लाह को किया गिरफ्तार: 2 पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, 5 बैंकों की पासबुक बरामद

रोहिंग्या को लेकर यूपी एटीएस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार (6 दिसंबर, 2021) को हुई छापेमारी के दौरान एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड ने म्यांमार के रहने वाले अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह को खलीलाबाद, संत कबीर नगर से गिरफ्तार किया है। टीम ने उसके पास से 2 भारतीय पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए है।

अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया, “म्यांमार का रहने वाले अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह को यूपी एटीएस ने गिरफ़्तार किया है। उसके पास से 2 पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं। अजीजुल्लाह के खाते में विदेश से काफी मात्रा में पैसा आया है, जिसकी जाँच की जा रही है।”

प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस को रोहिंग्या निवासियों को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। जिसके आधार पर आज बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार म्यांमार निवासी रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में प्रवेश करके सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर में रह रहा है। उसके पास से दो पासपोर्ट, फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैनकार्ड बरामद किया गया है जोकि फर्जी मार्कशीट और प्राथमिक पाठशाला के ट्रांसफर सर्टिफिकेशट के आधार पर बनवाए गए हैं।

अधिकारी ने आगे बताया कि इन पासपोर्ट पर इसने सऊदी अरब और बांग्लादेश की यात्रा की। यहीं नहीं उसने 2017 में अपनी माँ, बहन और दो भाइयों को भी अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया और उनके भी फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन सबके लिए अजीजुल्लाह के खाते में विभिन्न व्यक्तियों, फर्मों और विदेशों से भी काफी पैसा आया है, जिसकी जाँच की जा रही है।

पुलिस इस मामले से जुड़े और कनेक्शन को जानने के लिए आरोपित के फोन की गहन पड़ताल कर रही है। एटीएस की टीमें अब उससे मिली जानकारी के आधार पर कई और जगह रेड मार रही हैं।

उन्होंने बताया कि, “यूपी एटीएस दूसरे राज्यों में भी जाँच कर रही है, जिससे अजीजुल्लाह के सहयोगियों का विवरण और साक्ष्य संकलित किए जा सके। वहीं अभियुक्त से मिली जानकारी पर यूपी के कई अन्य जिलों में भी दबिश दी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।”

एडीजी ने बताया, “इसके पास से दो भारतीय पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, राशन कार्ड और 5 बैंकों की पासबुक मिली हैं। ये मूल रूप से म्यांमार में नयाफारा, थाना बुलिडंग, जिला आक्याब रखाइन का रहने वाला है और इस समय संत कबीर नगर में नौरो गाँव, पोस्ट व थाना बखिरा, चमरसन में रह रहा था।”

उल्लेखनीय है कि पूछताछ के दौरान आरोपित अजीजुल्लाह ने बताया कि बांग्लादेश के रास्ते 2001 में वह भारत आया था। आरोपित जहाँ रह रहा था उसने बताया कि अजीजुल्लाह उसका सगा बेटा नहीं है और न ही उसका रिश्तेदार है। बल्कि उसके बेटे इनायत उल्ला को मुंबई में मिला था। अजीजुल्लाह ने खुद को अनाथ बताया, जिस पर उसे दया आ गई और उसे वह घर ले आया।

बदरे आलम ने बताया कि उसने अजीजुल्लाह का नाम अपने राशनकार्ड में दर्ज करवा दिया, जिसके आधार पर इसने भारतीय पासपोर्ट और अन्य कागजात बनवा लिए। वहीं अजीजुल्लाह ने बताया कि 2002 से भारत में रह रहा है और वर्ष 2017 में उसने अपनी माँ आबिदा खतून, बहन फातिमा खातू, दो भाई जिया उल हक और मोहम्मद नूर को भी भारत ले आया। उसका भाई जिया उल हक इस समय नासिक में रहता है, वहीं बहनोई नूर आलम और भाई मोहम्मद नूर खलीलाबाद आने के बाद कहीं चले गए हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में टेरर फंडिंग और रोहिंग्या निवासियों की तलाश में यूपी ATS ने संदिग्धों की तलाश में संत कबीर नगर स्थित खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी की थी। इस दौरान खलीलाबाद से जेई अब्दुल मन्नान सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध लोगों को ATS ने हिरासत में लिया था।

CM योगी ने बदायूँ गैंगरेप घटना पर ADG से माँगी रिपोर्ट: आरोपितों पर लगेगा NSA और STF करेगी जाँच

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में महिला के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में योगी सरकार एक्शन में है। बदायूँ गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपित को पकड़ने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने STF को आदेश दिया है। साथ ही घटना का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में ADG से रिपोर्ट माँगी है। सीएम योगी ने आरोपितों पर NSA के तहत कार्रवाई का भी आदेश दिया।

उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने कहा, “मुख्यमंत्री जी ने बदायूँ की घटना का संज्ञान लिया है, इस संबंध में ADG से रिपोर्ट माँगी है। निर्देश दिए गए हैं कि अगर एसटीएफ को भी लगाना पड़े तो उन्हें लगाकर जल्द घटना की जाँच की जाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाए।” इसके साथ ही सीएम योगी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पीड़ित परिवार की मदद का भी आदेश दिया गया है।

बदायूँ में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में एसएसपी संकल्प शर्मा ने उघैती एसएचओ राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। ADG प्रशांत कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, “पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आते ही जैसे ही प्रकरण SP के संज्ञान में आया, तत्काल त्वरित कार्रवाई की गई। इंस्पेक्टर को भी निलंबित किया गया। 2 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, फरार अभियुक्त पर इनाम की घोषणा की गई है।”

इसके अलावा सीएम योगी ने मुरादनगर श्मशान घाट में हुए हादसे को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। बुधवार (जनवरी 06, 2020) को गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुँचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुरादनगर में श्मशान घाट की गैलरी हादसे के मामले की जाँच एसआइटी से कराने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले पर लिया संज्ञान

बदायूँ जिले में महिला से गैंगरेप की खबर पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान में लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि उनकी तरफ से एक चिट‌्ठी लिखने के साथ-साथ बुधवार को ही एक सदस्य बदायूँ जा रही हैं। वे परिवार और पुलिस से मिलेंगी। देखेंगी कि महिला से गैंगरेप के मामले में कार्रवाई ठीक से हुई है या नहीं। अगर हुई है तो कितनी?

गौरतलब है कि यूपी के बदायूँ जिले के उघैती में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के मुताबिक महिला के साथ केवल गैंगरेप ही नहीं किया गया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाली गई और उसके भीतर के अंगों (आंँतों) को भी फाड़ दिया गया।

उसकी बाईं पसली, बायाँ पैर और बायाँ फेफड़ा भी वजनदार प्रहार से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शव का पोस्टमार्टम करते हुए स्वयं तीन महिला डॉक्टरों का पैनल हैरान हो गया। जाँच में उन्होंने पाया कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपितों ने पहले महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड घुसाई और जब खून तेजी से बहने लगा तो उसे रोकने के लिए उन्होंने गुप्तांग में कपड़े व रुई घुसा दी। घटनास्थल पर महिला के सारे कपड़े खून से सने मिले थे।

इस घटना को लेकर महिला के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह सूचित किए जाने के बावजूद घटनास्थल पर समय से नहीं पहुँचे। और जब पहुँचे तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं घटना को लेकर पुलिस महकमे पर सवाल उठने लगे है। इस घटना से पुलिस महकमे की जमकर छीछालेदर हुई।

पंजाब के किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर किया अवैध पक्का निर्माण, भीतर में हुक्का गुड़गुड़ाने के कई वीडियो वायरल

दिल्ली के सीमावर्ती कैंप पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने आंदोलन को लंबा खिंचता देख कर ईंंट-गारे से ‘पक्के’ ठिकाने बनाने शुरू कर दिए। टीकरी बॉर्डर पर कुछ किसान ईंट, बालू और सिमेंट लेकर पहुँचे। कंस्ट्रक्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्हें यहाँ एक महीने से अधिक का समय हो गया है, सरकार उनकी माँगे नहीं मान रही है। ऐसे में वे भी अब यहाँ स्थाई मकान ही बना रहे हैं, ताकि बारिश और ठंड से बच सकें। किसानों का कहना है कि अब वे तभी यहाँ से जाएँगे, जब सरकार उनकी माँगे मान लेगी।

उन्होंने हाईवे के पास रसोईघर बनाया है और प्रतिकूल मौसमों से उसकी रक्षा के लिए दीवार खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में और भी निर्माण कार्य करेंगे। मजेदार बात यह है कि सीमेंट और ईंट की इन दीवारों के बीच लोगों को हुक्का का आनंद लेते हुए भी देखा जा रहा है। विभिन्न विरोध प्रदर्शन स्थलों से इस तरह के कई वीडियो सामने आ रहे हैं।

फ्री टेंट से लेकर फ्री डेंटल चेक-अप तक। किसानों को वहाँ रहने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए मुफ्त में सभी सुविधाएँ दी जा रही हैं।

मुफ्त में वाटर-प्रूफ टेंट लगाना। आरोप लगाया गया है कि कुछ हस्तियाँ और कंपनियाँँ इन विरोधों को फ्री में फंडिंग कर रही हैं।

एलईडी स्क्रीन के साथ म्यूजिक सिस्टम, टेंट और मजबूत स्टेज।

राजमार्ग पर अवैध स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन किया गया।

राजमार्ग पर अवैध टेंट बनाया जा रहा है।

अवैध कॉफी स्टॉल लगाए जा रहे हैं।

एक गैर सरकारी संगठन (NGO) द्वारा अवैध रसोईघर का सेटअप किया गया।

एक और अवैध रसोईघर।

कॉन्ग्रेस ने किया अवैध रसोईघर का सेटअप।

सिंघू सीमा के पार इस तरह के हजारों अवैध टेंट खड़े किए गए हैं

हाईवे पर अवैध जिम का सेटअप किया गया।

दिल्ली के सीएम, जिन्होंने कोविड लॉकडाउन के दौरान यूपी और बिहार के प्रवासी श्रमिकों को दिल्ली छोड़ने के लिए मजबूर किया था, उन्होंने पंजाब विधानसभा में अपनी पार्टी के भविष्य के बहाने सिंघू सीमा पर भूमि कब्जाने वाले प्रदर्शनकारियों को मुफ्त वाई-फाई प्रदान किया।

राजमार्ग पर अवैध सेटअप की कुछ तस्वीरें

सिंघू सीमा पर क्या हो रहा है, यह इसकी सिर्फ एक झलक मात्र है।

गौरतलब है कि दिल्ली और इसके आस-पास चल रहे ‘किसान आंदोलन’ के चलते बीते एक महीने से ज़्यादा समय में दिल्ली तथा उससे सटे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब एवं राजस्थान को लगभग 27,000 करोड़ रुपए के व्यापार का नुकसान हुआ है। ट्रेडर्स बॉडी ने इसकी जानकारी दी। 

ट्रेडर्स बॉडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और उसके राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से दिल्ली आने वाले माल की आपूर्ति पर काफी फर्क पड़ा है। इन दोनों राज्यों से विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए अन्य राज्यों से दिल्ली में सामान लेकर आने वाले वाहनों को राजमार्ग को छोड़कर अन्य वैकल्पिक मार्गों से काफी लंबा चक्कर लगा कर दिल्ली आना पड़ रहा है।

पेशावर में खुले में मिला हैंड ग्रेनेड, खेल-खेल में फटने से 2 बच्चों की मौत; 3 घायल: जाँच में जुटी पाकिस्तान पुलिस

पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पर बुधवार (जनवरी 06, 2021) को हैंड ग्रेनेड के फटने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हैं। पाकिस्तानी पुलिस ने यह जानकारी दी। 

स्थानीय पुलिस अधिकारी रियाज अहमद ने बताया कि बच्चों को उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर के एक खुले इलाके में हैंड ग्रेनेड मिला। वो लोग उसे उठाकर अपने घर ले आए औऱ घर में ही विस्फोट हो गया, जिससे यह घटना घटी। दो की मौत हो गई और तीनों घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत काफी गंभीर है। रियाज अहमद ने कहा कि पुलिस जाँच कर रही है। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों पाकिस्तान के पेशावर में स्थित एक मदरसे में हुए बम विस्फोट में 7 की मौत हो गई और 72 के घायल होने की सूचना है। पेशावर के दीर कॉलोनी में हुए इस बम विस्फोट में मृतकों व घायलों में अधिकतर बच्चे थे। इस बम विस्फोट के लिए 5 किलो IED का प्रयोग किया गया था। 

जब ये धमाका हुआ, तब मदरसे में कुरान की कक्षा चल रही थी। किसी ने विस्फोटक को ले जाकर मदरसे के भीतर रख दिया था। घायलों में शिक्षक भी थे। घटना से एक सप्ताह पहले बलूचिस्तान की सरकार ने क्वेटा में विपक्षी पार्टियों की शक्ति प्रदर्शन रैली के बीच बम विस्फोट की साजिश की सूचना के कारण अलर्ट जारी किया था।

पाकिस्तान का नाम आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए विश्व भर में कुख्यात है। पाकिस्तान लगातार ऐसे इस्लामी आतंक को पनाह देता आया है जिनके निशाने पर भारत, अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका जैसे पश्चिमी देश हैं। 

जानकारी के मुताबिक पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर (35 मील) पूर्व में अकोरा खट्टक में दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे का कैंपस बना हुआ है। यहाँ 4000 जिहादियों को पनाह दी जाती है। इन्हें मुफ्त में खाना, आश्रय और पहनने को कपड़े मिलते हैं। इनके भीतर तालीम के नाम पर उग्रवाद और कट्टरपंथ भरा जाता है। एएफपी की रिपोर्ट में इसे जिहाद यूनिवर्सिटी बताते हुए कहा गया है कि यही संगठन लोगों में इस्लामी जिहाद के बीज बोता है और बाद में उन्हें आतंकी संगठनों को मुहैया करवाकर उनकी मैनपावर बढ़ाता है।

जानिए ट्विटर पर क्यों ट्रेंड कर रहा है #HappyBirthdayKhalistaniKutte

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ का आज (जनवरी 06, 2021) जन्मदिन है। दिलजीत दोसांझ इन दिनों किसान आंदोलन और एक्ट्रेस कंगना रनौत के साथ ट्विटर पर हो रहे बहस के चलते सुर्खियों में हैं। एक तरह जहाँ उनके जन्मदिन के मौके पर उनके फैंस उन्हें बधाईयाँ दे रहे, वहीं ट्विटर पर ‘#Happybirthdaykhalistanikutte’ (हैप्पी बर्डे खालिस्तानी कुत्ते) ट्रेंड कर रहा है।

हाल ही में दिलजीत ने बर्फ़ में खड़े हुए अपनी कुछ तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की। इन तस्वीरों को रीट्वीट कर कंगना ने दिलजीत पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “वाह मेरे भाई! देश में आग लगाकर किसानों को सड़क पर बैठाकर लोकल क्रांतिकारी विदेश में ठंड का मज़ा ले रहे हैं। वाह! इसको कहते हैं लोकल क्रांति।”

वहीं आयकर विभाग ने कुछ दिन पहले एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ द्वारा कथित तौर पर भारत में चल रहे किसान विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए यूके/कनाडा से लिए गए फंड की जाँच शुरू की है। बता दें दिलजीत ने किसान आंदोलन में 1 करोड़ रुपए दान दिए थे। इसके अलावा उनके खालिस्तानी समर्थक होने का दावा भी किया जा रहा है।

उनके जन्मदिन के मौके पर लोग तमाम तरह के ट्वीट और मीम ट्विटर पर शेयर कर रहे है। जिनमें सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग पर ‘#Happybirthdaykhalistanikutte’ है। जिस पर लोगों की निगाहें गड़ चुकी है। सोशल मीडिया यूज़र्स जहाँ एक तरफ इस हैशटैग के साथ मीम्स और जोक बना कर उनके मजे ले रहे तो वहीं कुछ लोग इस ट्रेंड का विरोध भी कर रहे हैं। बता दें यह हैशटैग नंबर 1 पर ट्रेंडिंग है।

लॉस्ट गर्ल नाम से एक यूजर ने दिलजीत के एक मीम को शेयर करते हुए लिखा, “दिलजीत के साथ कुत्ते का नाम ट्रेंड कर रहा जो कि बहुत गलत है, कुत्ते काफी ईमानदार होते है। मैं इस ट्रेंड की कड़ी निंदा करती हूँ।”

वहीं tamid tigress नाम की एक यूजर ने लिखा, “एक धोखेबाज के साथ ऐसा ही होना चाहिए, कोई दया नहीं, राष्ट्र पहले।”

एक यूजर ने कंगना की फ़ोटो शेयर करते हुए लिखा, “इस ट्रेंड को देख कर सबसे ज्यादा खुश इंसान।”

एक यूजर ने तो यह तक लिख दिया कि इस ट्रेंड को देखकर कुत्ते मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाएँगे।

ई आर गणेश नाम के यूजर ने लिखा कि कितने ही सिखों ने राष्ट्र के लिए लड़ा और बलिदानी दी, वहीं तुम जैसे लोग देश को तोड़ने में तुले हो। जो कि कभी मुमकिन नहीं है।

कुछ यूज़र्स ने इसका विरोध भी किया है।

अब महाराष्ट्र के ‘किसान नेता’ ने RSS मुख्यालय उड़ाने और मोहन भागवत को मारने की दी धमकी: देखें वीडियो

महाराष्ट्र राज्य किसान महासभा के सचिव अरुण बंकर ने धमकी दी है कि अगर मोदी सरकार ने प्रदर्शनकारी ‘किसानों’ की माँगें नहीं मानीं तो वो न केवल नागपुर में आरएसएस के ऑफिस को उड़ा देंगे बल्कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी मार डालेंगे।

इंटरनेट पर वायरल हुए वीडियो में बैंकर ने कहा, “मोदी के सामने एक ही रास्ता है। या तो वो कानून पीछे ले, नहीं तो उसको आत्महत्या करना पड़ेगा। ये हमारी स्पष्ट राय है। अब मैं आपको बताता हूँ कि क्या वो गोली चलाएगा किसानों पर तो जवान विद्रोह कर देंगे। मैं नागपुर में रहता हूँ, आरएसएस का हेडक्वार्टर है, मोहन भागवत वहीं पर है। हमलोग छात्रावस्था से क्रांतिकारी हैं, उड़ा देंगे। धमकी दे रहे हैं हम कि अगर मोदी किसानों पर गोली चलवाएँगे तो मोहन भागवत को उड़ाएँगे हम, आरएसएस के हेडक्वार्टर को उड़ा देंगे।”

कथित तौर पर, मुलताई में किसानों का एक समूह ‘शहीद किसान स्तम्भ’ पर रुका था, जहाँ अरुण बैंकर ने मोहन भागवत को मौत की धमकी दी थी और यह भी दावा किया था कि महाराष्ट्र के किसान मोदी को सबक सिखाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।

कथित तौर पर, मुलताई में ‘शहीद किसान स्तम्भ’ पर किसानों का एक समूह रुक हुआ था, जहाँ अरुण बैंकर ने मोहन भागवत को जान से मारने की धमकी दी और यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के किसान मोदी को सबक सिखाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।

मोदी सरकार के खिलाफ जहर उगलते हुए, किसान नेता ने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि वो किसानों पर गोलियाँ क्यों चलाएँगे। उन्होंने कहा कि वह नागपुर में रहते हैं। अगर वह (पीएम मोदी) नहीं सुनेंगे तो कुछ भी करने में संकोच नहीं करेंगे।

डॉ. मोहन भागवत को मारने की धमकी देते हुए, अरुण बैंकर ने कहा, “मैं आरएसएस मुख्यालय और मोहन भागवत को उड़ाऊँगा। अब उन्हें ही एक कदम पीछे हटना होगा, हम नहीं रुकेंगे।”

उनके अभद्र भाषा के बाद बैतूल कोतवाली में अरुण बैंकर के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष बबला आदित्य शुक्ला की शिकायत के बाद धारा 505, 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कोतवाली थाना प्रभारी संतोष पंद्रे ने कहा कि शुक्ला ने अरुण बैंकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया कि बैंकर ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों पर पुलिस फायरिंग का आदेश दिया, तो वह आरएसएस मुख्यालय को बम से उड़ा देंगे और मोहन भागवत को मार देंगे।

प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी को जान से मारने की धमकी दी

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए ऐतिहासिक कृषि कानूनों को लेकर कृषि विरोधी आंदोलन, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बर्बरता और हिंसा से लेकर मौत की धमकी तक, सब कुछ देखा गया है।

अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में विरोध स्थल पर एक महिला प्रदर्शनकारी को प्रधानमंत्री को चाकू से मारने की धमकी देते हुए पाया गया था। एक पत्रकार ने एक महिला प्रदर्शनकारी से संपर्क किया, जो अन्य प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर तैयार करने में व्यस्त थी। जवाब में, महिला ने कहा, “मैं इस चाकू से मोदी के पेट में मारूँगी।” हालाँकि, पत्रकार ने महिला को फटकार लगाने के बजाय हँसी में उड़ा दिया। इतना ही नहीं उन्होंने महिला से उसे अपने बयान को दोहराने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में एक महिला को कहते हुए देखा गया, “मोदी मर जा तू, शिक्षा बेच के खा गया रे मोदी, मर जा तू। रेल बेचकर खा गया रे मोदी, मर जा तू। देश बेच के खा गया रे मोदी, मर जा तू। किसानों को धोखा दे गए रे मोदी, मर जा तू।” वहीं सामने बैठी महिला बार-बार ‘हाय-हाय मोदी मर जा तू’ दोहरा रही थी।

इसी तरह का एक और वीडियो सामने आया था जिसमें एक तथाकथित किसान द्वारा स्पष्ट तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता था कि जैसे इंदिरा गाँधी को ठोका वैसे ही नरेंद्र मोदी को भी ठोक देंगे। वहीं एक वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘जय हिन्द’ बोलने से भी इनकार कर रहा था। जब ये सब चल रहा था, तब ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान वहीं पर मौजूद थे। 

वीडियो में एक प्रदर्शनकारी कह रहा था कि वो ‘जय हिन्द’ नहीं बोलेगा और न ही ‘भारत माता की जय’ बोलेगा, सिर्फ ‘जो बोले सो निहाल’ ही बोलेगा। साथ ही उसने कहा था कि वो ‘अस्सलाम वालेकुम’ भी बोलेगा। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी ने धमकाया कि जैसे इंदिरा गाँधी को ‘सबक सिखाया गया’ था, वैसे ही पीएम मोदी को भी ‘सबक सिखाया जाएगा।’