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नेपाल में अब ‘लाल सलाम’ नहीं, अपनों को ‘सड़ा हुआ फल’ ब​ता रहे कॉमरेड: खिसियानी ओली, प्रचंड और माधव को नोचे

नेपाल में शनिवार (जनवरी 2, 2021) को कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के सक्रिय कैडरों की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और माधव कुमार नेपाल भी शामिल हुए। इस दौरान पीएम ओली ने मजाक-मस्ती में ही दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों की निंदा की और उन पर उन्हें अपदस्थ करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने बैठक में दोनों पूर्व पीएम के लिए ‘सड़े हुए आम जो गिर पड़े हैं’ वाली कहावत का प्रयोग किया।

इस बैठक के बारे में नेपाल के अख़बार ‘द हिमालय टाइम्स’ ने खबर प्रकाशित की है। बैठक में पीएम ओली ने कहा, “नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में दो नट-बोल्ट ऐसे थे, जिनमें जंग लग गई थी। जब से वो ढीले पड़ कर गिर गए हैं, तब से NCP का कामकाज भी ठीक हो गया है।” ओली ने बताया कि NCP के उनके विरोधी गुट ने संगठन का वैध नेतृत्व होने का दावा किया है, जिस बारे में उन्हें तब पता चला जब चुनाव आयोग ने उन्हें इससे सम्बंधित पत्र भेजा।

उन्होंने पूछा कि क्या किसी मकान मालिक के लिए ये अनिवार्य है कि वो अपने ही घर पर दावा करने के लिए एप्लिकेशन फाइल करे? उन्होंने कहा, “इस पार्टी को हमने बनाया है। हमें किसी की अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है। दो सड़े हुए फल जो गिर चुके हैं, अब वो पूरे पेड़ का मालिक होने का दावा ठोक रहे हैं।” उन्होंने सड़क पर उतर कर संसद भंग करने के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर भी विरोधी गुट को आड़े हाथों लिया।

नेपाल के पीएम ओली ने दावा किया है कि NCP का वो गुट ही वैध है, जिसका नेतृत्व वो करते हैं। ओली ने दावा किया कि उन्होंने किसी को भी अपने पद से नहीं हटाया है, चाहे वो सह-अध्यक्ष प्रचंड हों या माधव या फिर झलनाथ खनाल। वहीं उप-प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरेल ने भी दोनों नेताओं पर पीएम ओली को हटाने के लिए पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया। ये बैठक काठमांडू में हुई, जिसमें काफी गहमा-गहमी रही।

उधर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहे नेपाल में संवैधानिक राजतंत्र और हिंदू राष्ट्र की माँग जोर पकड़ रही है। इसके समर्थन में राजधानी काठमांडू की सड़कों पर मार्च निकाला गया। पूर्व उप-प्रधानमंत्री कमल थापा ने संवैधानिक राजतंत्र (Constitutional Monarchy) बहाल करने और नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की है। उन्होंने माँग पूरी नहीं होने पर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।  

इंग्लैंड के बाद अब दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट, 501Y.V2 फैल चुका है 4 देशों में

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के वुहान में पहले कोरोना वायरस मामले के बाद से ही दुनिया भर में कम से कम चार नए प्रकार के कोरोनोवायरस का पता चला है। चीन के वुहान में नवंबर 2019 में संक्रमण की शुरुआत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी को ऐसे कई संक्रमण के असामान्य मामले मिले हैं, जो संभवतः SARS-CoV-2 के वेरिएंट के कारण हैं।

WHO ने कहा कि SARS-CoV-2 का एक वेरिएंट D614G के सब्स्टीट्यूशन के साथ जीन स्पाइक प्रोटीन में मिला, जो जनवरी के अंत या फरवरी 2020 की शुरुआत में उभरा। कई महीनों बाद D614G ने अपने आप को SARS-CoV-2 में पूरी तरह से परिवर्तित कर लिया, जिसकी पहचान चीन में हुई।

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि जून 2020 में वायरस में यह परिवर्तन वैश्विक रूप से प्रसारित हो गया, जोकि कोरोना वायरस महामारी का अधिक प्रभावी रूप बन कर उभरा।

कई अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि D614G सब्स्टीट्यूशन के साथ दूसरा स्ट्रेन पहले स्ट्रेन की तुलना में कहीं ज्यादा संक्रमित और एक दूसरे में ट्रांसफर हो सकेगा। हालाँकि यह “अधिक गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता या मौजूदा निदान, चिकित्सा, टीके, या सार्वजनिक स्वास्थ्य निवारक उपायों की प्रभावशीलता में परिवर्तित नहीं होगा।”

बता दें कि हाल ही में कोरोना वायरस के दूसरे प्रकार की खबर आने से पहले इसके एक और वैरिएंट के बारे में अगस्त और सितंबर 2020 में रिपोर्ट किया गया था जोकि खेत में रहने वाले एक प्रकार के ऊदबिलाव के बालों के संक्रमण से जुड़ा हुआ था, जो बाद में मनुष्यों में फैल गया। ताजा कोरोनावायरस वैरिएंट डेनमार्क के नॉर्थ जुटलैंड से फैला है, जिसकी पहचान “क्लस्टर 5” के रूप में हुई थी। सितंबर 2020 में केवल 12 मामले इसके देखे गए थे।

ब्रिटेन सरकार ने 14 दिसंबर, 2020 को एक वैरिएंट के बारे में सूचना दी थी। जिसका नाम SARS-CoV-2 VOC 202012/01 दिया गया। यह वैरिएंट SARS-CoV-2 बायोलॉइकॉली पहले वायरस से संबंधित नहीं था, जो उस समय यूके में मौजूद था। यह स्पष्ट नहीं है कि SARS-CoV-2 VOC 202012/01 की उत्पत्ति कैसे और कहाँ से हुई है।

वैक्सीन बनने से पहले ही धीरे-धीरे समय के साथ पूरे ब्रिटेन में कोरोनावायरस के अधिक मामलों का पता चला है। कोरोना वायरस के नए प्रकार VOC-202012/01 को 30 दिसंबर तक 31 अन्य देशों/क्षेत्रों/6 WHO क्षेत्रों में से पाँच में पाया गया है।

वहीं 18 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका ने SARS-CoV-2 के एक नए वैरिएंट के बारे में दुनिया को सूचित किया था जोकि वहाँ के तीन प्रांतों में तेजी से फैल रहा है। दक्षिण अफ्रीका ने इस वेरिएंट का नाम 501Y.V2 रखा है।

गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका में जिस वैरिएंट के बारे में रिपोर्ट किया गया था, वह अब तक चार अन्य देशों में फैल चुका है।

‘मोहम्मद रियाज शेख’ 11 साल बाद गिरफ्तार, लंबी दाढ़ी रख मुस्लिम लड़की से शादी कर बदल ली थी पहचान

11 साल पहले एक महिला को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस की नजरों से फरार हुआ अपराधी अब जाकर मुंबई पुलिस की पकड़ में आया है। 38 वर्षीय राजा भीमराव रामपुरे ने अपना मजहब और नाम तक बदल लिया था। वो मोहम्मद रियाज शेख के नाम से छद्म मुस्लिम पहचान के साथ रह रहा था। नेहरू नगर पुलिस ने दिसंबर 2010 में उसके खिलाफ एक महिला को बुरी तरह पीटने और दुर्व्यवहार करने का मामला दर्ज किया था।

उसने कुर्ला ईस्ट में इस घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद वो पुलिस की नजरों से बचने के लिए फरार हो गया। पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। लेकिन, इस घटना के लगभग 11 वर्षों बाद उसे गुरुवार (दिसंबर 31, 2020) को भिवंडी से धर-दबोचा गया। वो 2011 से यहीं रह रहा था। जबकि 2010 में वो वत्सलाबाई नाईक नगर में रहा करता था। वो अपनी बीवी और बेटी के साथ वहाँ रहा करता था।

उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिल कर महिला की पिटाई की थी। इसके लिए उन्होंने बाँस की छड़ी और लकड़ी के फट्टों का इस्तेमाल किया था। तीनों पीड़िता के ही घर में मरम्मत का कार्य कर रहे थे और उसी दौरान पेमेंट को लेकर उनकी महिला के साथ बहस हुई थी। आरोपित बतौर कंस्ट्रक्शन मजदूर काम करता था। नेहरू नगर पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर दयानेश्वर पाटिल ने उसकी गिरफ़्तारी की पुष्टि की है।

अब पुलिस उस महिला की तलाश कर रही है, जिसने ये शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 326 (किसी घातक हथियार से किसी को गंभीर रूप से जख्मी कर देना), 323 (स्वेच्छा से जानबूझकर किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझ कर अपमान करना) और 34 (जब कोई आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किया हो, तो प्रत्येक व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए बराबर जिम्मेदार होता है) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इसके दोनों साथियों को तभी गिरफ्तार कर के उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली गई थी। लेकिन, राजा भीमराव रामपुरे परिवार सहित कुर्ला ईस्ट के अपने किराए के घर से निकल भागा था। कुछ दिनों के लिए वो लोग अपने गृह इलाके शोलापुर में ही रहे। जब वो लौटा तो उसने अपनी पहचान बदल ली। उसने एक मुस्लिम लड़की से शादी कर रखी है। इसीलिए, उसने पुलिस को अपना मजहब बदल कर भ्रमित करने की कोशिश की।

पुलिस ने उसका जो PAN और आधार कार्ड जब्त किया है, उन सबमें उसका नाम मोहम्मद रियाज शेख ही है। सब-इंस्पेक्टर पाटिल फरार आरोपितों की तलाश की ही जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्हें हाल ही में एक टिप-ऑफ मिला था कि आरोपित वाशी नाका इलाके में रह रहा हो सकता है, जिसके बाद 15 दिन पहले उसकी तलाश शुरू हुई। पुलिस यूँ तो उसके पुराने घर वाले इलाके में किसी अन्य आरोपित की तलाश में गई थी, लेकिन उसके मामले की भी इस दौरान तहकीकात की गई।

एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोपित का पता दिया, लेकिन वो वहाँ नहीं मिला। बाद में उसके एक दूर के सम्बन्धी से उसका पता मिला। सम्बन्धी को नहीं पता था कि वो इस मामले में आरोपित है। उसकी पत्नी को कह कर उसे खेमानी रोड के उस्माननगर में बुलाया गया और कहा गया कि एक मामले में उसका बयान लेना है। वो वहाँ पहुँचा, लेकिन पुराने मामले की याद आने पर भागने की कोशिश की। फिर पुलिस ने उसे दबोच लिया।

वो बार-बार कहता रहा कि वो मुस्लिम है, जबकि पुलिस जिसकी तलाश कर रही है उस आरोपित का नाम हिन्दू वाला है। उसने अपनी दाढ़ी भी मुस्लिमों की तरह ही बढ़ा रखी थी, ताकि पुलिस को कन्फ्यूज कर सके। लेकिन, उसके रिश्तेदार ने थाने आकर उसकी पहचान की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब उसे जुडिशल कस्टडी में रिमांड पर भेजा गया है। उसे नेहरू नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया।

Ind Vs Aus तीसरा टेस्ट होगा या नहीं? हार से बौखलाया ऑस्ट्रेलिया भारतीय टीम को अस्थिर करने के लिए थोप रहा नए प्रतिबंध

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेटरों पर कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ कर रेस्टॉरेंट में भोजन करने का आरोप लगा है, जिसे BCCI ने नकार दिया है। भारतीय टीम को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के साथ गुरुवार (जनवरी 7, 2021) से तीसरा टेस्ट मैच खेलना है। उससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन टीम इंडिया के क्रिकेटरों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगा रहा है, जिससे वो नाराज़ हैं। ब्रिस्बेन में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच से पहले सख्त क्वारंटाइन थोपे जाने से भारतीय क्रिकेटर आक्रोशित हैं।

उधर सिडनी के उत्तरी इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने मैच को स्थानांतरित करने से इनकार किया है। सोमवार को दोनों ही देशों के खिलाड़ी न्यू साउथ वेल्स के लिए निकलेंगे। वहाँ कोरोना संक्रमण के 8 नए मामलों के सामने आने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर नियम सख्त कर दिए गए हैं। उधर क्वींसलैंड ने न्यू साउथ वेल्स के साथ अपनी सीमाएँ बंद कर दी हैं।

जहाँ क्वींसलैंड की राजधानी ब्रिस्बेन है, वहीं न्यू साउथ वेल्स की राजधानी सिडनी है। अब ऑस्ट्रेलियन मीडिया में रिपोर्ट्स चल रही है कि भारतीय खिलाड़ी पिछले 6 महीनों से ही किसी न किसी प्रकार के क्वारंटाइन का सामना कर रहे हैं, ऐसे में वो और सख्त लॉकडाउन के लिए तैयार नहीं हैं। भारतीय टीम के क्रिकेटरों ने ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले 14 दिन के क्वारंटाइन का पालन किया था, लेकिन उन्हें एडिलेड, कैनबरा, सिडनी और मेलबर्न में खासी छूट मिली थी।

शनिवार को अचानक से खबर आई कि 5 भारतीय खिलाड़ी मेलबर्न के एक रेस्टॉरेंट में नए साल के मौके पर भोजन करते दिखे, जिसके बाद उप-कप्तान रोहित शर्मा, सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ, हाल ही में अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले शुभमन गिल, विकेटकीपर ऋषभ पंत और तेज गेंदबाज नवदीन सैनी पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें क्वारंटाइन कर दिया गया। एक सीनियर BCCI अधिकारी ने PTI को बताया कि तीसरे टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम को अस्थिर करने के लिए ये सब किया जा रहा है।

बता दें कि पिछले टेस्ट मैच में कप्तान अजिंक्य रहाणे ने शानदार शतक लगाया था और भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की थी। न्यू साउथ वेल्स के एक्टिंग प्रीमियर जॉन बरिलारो ने कहा है कि 20,000 दर्शकों के सामने सिडनी में मैच का आयोजन होगा। CA और BCCI का कहना है कि दोनों बोर्ड मिल कर मामले की जाँच कर रहे हैं।अभी दोनों टीमों को अलग-अलग क्वारंटाइन में रखा गया है।

बता दें कि युट्यूबर नवलदीप सिंह ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि उनके सामने पाँचों क्रिकेटर रेस्टॉरेंट में एक मेज पर भोजन कर रहे थे। इस दौरान अपनी खुशी जाहिर करते हुए भारतीय टीम के फैन ने क्रिकेट के दिग्गजों $118.69 (₹6,681.66) के बिल रेस्टोरेंट में भर दिया। उन्होंने लिखा, ‘‘उन्हें (खिलाड़ियों को) पता नहीं है लेकिन मैंने उनके टेबल का बिल चुका दिया है। इतना तो मैं अपने सुपरस्टार्स के लिए कर ही सकता हूँ।’’

‘किसान’ आंदोलन में विदेशी फंडिंग: दिलजीत दोसांझ पर IT जाँच शुरू, म्यूजिक कंपनी का खालिस्तानी कनेक्शन

लीगल राइट ऑब्ज़र्वेटरी (LRO) द्वारा दायर एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयकर विभाग ने एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ द्वारा कथित तौर पर भारत में चल रहे किसान विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए यूके/कनाडा से लिए गए फंड की तफ्तीश शुरू की है।

दोसांझ के अलावा किसानों के आंदोलन के वित्तपोषण के मद्देनजर पंजाबी म्यूजिक लेबल स्पीड रिकॉर्ड्स की भूमिका भी आयकर विभाग की जाँच के दायरे में है।

गौरतलब है कि 27 दिसंबर को लीगल राइट ऑब्ज़र्वेटरी (एलआरओ) ने विजय पटेल द्वारा साझा किए गए रिसर्च के आधार पर एक शिकायत दर्ज की थी। पटेल ने आरोप लगाया था कि स्पीड रिकॉर्ड्स नामक कंपनी चालाकी से मनी लॉन्ड्रिंग और रूटिंग गतिविधियों में शामिल रही है और किसान विरोधी आंदोलन को जारी रखने के लिए फंडिंग कर रही है। यही नहीं इस कंपनी का संबंध खालिस्तानी संगठन खालसा एड के साथ भी है।

वहीं एलआरओ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि स्पीड रिकॉर्ड विभिन्न नामों के तहत वर्ष 2011 से 2020 तक खुद को पंजीकृत किया है। यह कंपनी एक ही पते और पदाधिकारी के साथ पंजीकृत है और इसके पदाधिकारी के रूप में काम करने वाले कर्मचारी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। कंपनी ने भारत विरोधी गतिविधियों में भारतीयों को भी शामिल किया है जैसे कि CAA विरोधी दंगे और अब किसान आंदोलन।

LRO ने कहा, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस लुप्त हो रही कंपनियों के कुछ मामले और इसके पदाधिकारियों में एक विस्तृत नेटवर्क देखा गया है, जो सरकारी संस्थाओं की आँख में धूल झोंकने के विचार के साथ स्थापित किया गया है। ये कंपनियाँ भारत में राष्ट्र-विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों को वित्त पोषण और समर्थन देने की सुविधा भी प्रदान करती है।”

बता दें कि यूके स्पीड रिकॉर्ड्स नाम की एक निष्क्रिय निजी लिमिटेड कंपनी थी, जोकि यूके के निदेशक काका सिंह मोहनवालिया उर्फ ​​सुंदर सिंह खाख के साथ इनकॉरपोरेटेड थी। वहीं स्पीड रिकॉर्ड्स इंडिया कंपनी के मालिक रहे दिनेश औलुक ने कंपनी की स्थापना के एक महीने बाद 5 अगस्त 2013 को अपने कार्यालय से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद इस कंपनी को 9 सितंबर 2014 को डिजॉल्व कर दिया गया।

इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा लगाए गए अन्य शेल कंपनियों में भी इसी तरह की अनियमितताएँ देखी गईं। स्पीड यूके आरईएस लिमिटेड नाम की एक अन्य कंपनी को 21 जून 2013 को शामिल किया गया था। दिनेश औलुक 8 जुलाई 2013 को इस कंपनी में शामिल हुए और 20 जुलाई 2013 को केवल 12 दिनों में अपने कार्यालय से इस्तीफा दे दिया। इस कंपनी को भी 3 फरवरी 2015 भंग कर दिया गया था।

इसी तरह LRO ने शिकायत में आरोप लगाया कि स्पीड यूके रिकॉर्ड्स लिमिटेड 19 अगस्त 2013 को शामिल की गई एक अन्य कंपनी थी और 31 मार्च 2015 को भंग कर दी गई थी। इसमें लिस्टेड पदाधिकारी सुदीप सिंह खाख और डॉ. सरप्रीत सिंह मेहट थे। वहीं स्पीड रिकॉर्ड्स लिमिटेड नामक एक अन्य कंपनी को 20 जुलाई 2020 को केवल एक निदेशक डॉ.गुरप्रीत सिंह धमरत के साथ शामिल किया गया था।

LRO ने अपने शिकायत में अभिनेता-सिंगर दिलजीत दोसांझ द्वारा देश में चल रहे किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए दिए गए पैसों पर भी सवाल उठाए। इसमें आरोप लगाया गया कि फेमस एसटीडी लिमिटेड नाम की एक और कंपनी को 9 अगस्त 2016 को शामिल किया गया। इसके डायरेक्टर्स सुंदीप सिंह खख और दलजीत सिंह थे। इस कंपनी को भी 16 जनवरी 2018 को भंग कर दिया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि दलजीत सिंह और दिलजीत दोसांझ की जन्म तिथि एक है। दोनों का जन्म जनवरी 1984 में हुआ था। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों व्यक्ति एक ही हैं।

इसके अतिरिक्त शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिलजीत दोसांझ को अपने सांझ फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित संगीत कार्यक्रमों के लिए मानदेय मिलता है, जोकि भारत में काम करने के लिए एफसीआरए के तहत रजिस्टर्ड नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दिलजीत दोसांझ मौजूदा किसानों के विरोध प्रदर्शन के मुखर समर्थक रहे हैं और उन्होंने किसानों के लिए 1 करोड़ रुपए का दान भी किया है। बता दें कि इससे पहले भी पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ, मिस पूजा और गिप्पी ग्रेवाल और दो पंजाबी फिल्म मेकर कंपनियों के परिसरों पर वर्ष 2012 में आईटी का छापा मारा था।

इसके अलावा शिकायत में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का भी जिक्र करते हुए कहा गया है कि सांझ फाउंडेशन के पंजीकृत कार्यालय के पते को लेकर सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत में कहा था कि सुखबीर सिंह बादल ने कथित रूप से अपने पते को छिपाने की कोशिश करते हुए उसका एड्रेस दे दिया था। बता दें कि यही पता सांझ फाउंडेशन का पंजीकृत कार्यालय का भी है।

सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक के वैक्सीन को DCGI की मंजूरी: कोरोना के खिलाफ भारत में आई दोहरी खुशखबरी

भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SRI) और भारत बायोटेक द्वारा विकसित की गई कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। दोनों ही वैक्सीन को इमरजेंसी स्थिति में रिस्ट्रिक्टेड प्रयोग के लिए मंजूर किया गया। इसका अर्थ है कि आपात स्थिति में इन दोनों द्वारा निर्मित की गई कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी DCGI (Drug Controller General of India) ने दे दी है।

रविवार (जनवरी 3, 2021) की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के DCGI ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। कोरोना महामारी के बाद लम्बे समय से जिस वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा था, अब वो इंतजार ख़त्म हो गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसीत वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट ‘कोविशील्ड’ नाम से भारत में उत्पादन कर रहा है। कोवैक्सीन को भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने विकसित किया है, जो स्वदेशी है। 

आज ही एक और अच्छी खबर आई। भारत ने कोरोना वायरस (COVID-19) के नए स्ट्रेन Sars-CoV-2 की पहचान कर के उसे आइसोलेट करने में सफलता पाई है। ये कोरोना वायरस का यूके वैरिएंट है, जो पहले वाले से कहीं ज्यादा खतरनाक है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने शनिवार (जनवरी 2, 2021) को जानकारी दी कि उसके लैब्स का देशव्यापी नेटवर्क नए किस्म के कोरोना वायरस को ट्रैक करने में तभी से लग गया था, जब इसके बारे में सूचना मिली थी।

बताते चलें कि अब ‘कोविशील्ड’ के बाद देश को पहला स्वदेशी टीका ‘कोवैक्सीन’ भी मिल गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 पर बनी विशेषज्ञों की समिति ने शनिवार को ही भारत बायोटेक द्वारा विकसित इस टीके को भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी। ‘कोवैक्सीन’ पहली ऐसी कोविड-19 वैक्सीन है, जिसे ICMR के सहयोग से देश में ही विकसित किया गया है। इसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक व NIV पुणे ने मिलकर तैयार किया है।

DGCI की आधिकारिक घोषणा के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत की इस उपलब्धि का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा कि ये एक दृढ़ लड़ाई के बीच सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट है। उन्होंने वैज्ञानिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की इस उपलब्धि से हर देशवासी को गर्व है। उन्होंने कई जानें बचाने के लिए कोरोना वॉरियर्स के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसी विषम परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य प्रशंसनीय है।

हिंदू देवी-देवता पर घटिया कमेंट करने वाले मुनव्वर फारूकी के वकील बने कॉन्ग्रेसी नेता, कोर्ट ने फिर भी नहीं दी जमानत

मध्य प्रदेश के इंदौर में हिन्दू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी समेत 5 आरोपितों को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदौर की एक स्थानीय अदालत ने आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अमन सिंह भूरिया ने फारुकी और अन्य चार को जमानत देने से इनकार करते हुए उन्हें 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

फारुकी के वकील अंशुमन श्रीवास्तव ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि यह मामला पार्टीगत राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज कराया गया है। श्रीवास्तव ने कथित कॉमेडियन के पक्ष में पैरवी करते हुए करते हुए मामले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया।

अंशुमन श्रीवास्तव का फेसबुक प्रोफाइल

जानने लायक बात यह है कि वकील अंशुमन श्रीवास्तव मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी लीगल सेल के सचिव और राज्य प्रवक्ता हैं।

हालाँकि, जमानत के आवेदन का विरोध करते हुए, वकील दिनेश पांडे ने कहा कि यह शो प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजित किया गया था और इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है।

तुकोगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी कमलेश शर्मा ने कहा कि गुजरात के जूनागढ़ के निवासी मुनव्वर फारुकी और इंदौर के चार लोगों के खिलाफ शुक्रवार देर रात हिंदूवादी एकलव्य सिंह गौर द्वारा दर्ज की गई लिखित शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, ‘कॉमेडियन’ मुनव्वर फारुकी ने हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में एड्विन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव शामिल हैं। सभी नए साल के मौके पर इंदौर स्थित एक कैफे में इवेंट में शामिल हुए थे।

अधिकारी ने बताया कि, पाँचों आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 269 (ऐसा लापरवाहीभरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो) के तहत मामला दर्ज किया है।

हिंदू रक्षक संगठन के प्रमुख एकलव्य सिंह गौर कार्यक्रम में बतौर दर्शक पहुँचे थे। उन्होंने इस मामले की पुलिस से शिकायत की थी। इस इवेंट के दौरान तथाकथित स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस बात की जानकारी मिलते हिन्द रक्षक संगठन के कई कार्यकर्ता वहाँ पहुँचे और मुनव्वर फारूकी की कथित तौर पर पिटाई कर दी। पिटाई के बाद उसे तुकोगंज थाने लेकर गए।

एकलव्य गौड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुनव्वर फारूकी पहले भी देवी-देवताओं पर इस तरह की टिप्पणी कर चुका है। इसकी वजह से ही जयपुर में इसका एक कार्यक्रम रद्द हो चुका है। इस इवेंट की जानकारी मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता टिकट लेकर इसमें शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि इसके पहले भी मुनव्वर फारूकी मंचों से ऐसी विवादित और अपमानजनक बातें कर चुका है। माता सीता पर अभद्र टिप्पणी करते हुए मुनव्वर ने कहा था, “मेरा पिया घर आया ओ राम जी। राम जी डोंट गिव अ फ़*** अबाउट पिया। यह सुन राम जी कहते हैं मैं खुद चौदह साल से घर नहीं गया। अगर सीता ने सुन लिया, वो तो शक करेगी। सीता को तो माधुरी पे पहले से ही शक है। वो गाना है तेरा करूँ गिन-गिन इंतजार। उसे लग रहा है वनवास गिन रही है 14 पर आकर रुक गई।

इस हरकत के बाद उस पर एफ़आईआर भी दर्ज की गई थी। इसके अलावा उसने गोधरा में जलाकर मार डाले गए 59 कारसेवकों का मजाक उड़ाया था। गोधरा कांड के लिए उसने अमित शाह और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया था। संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद राष्ट्रीय सेवा संघ (RSS) ने उस पर कानूनी एक्शन लेने की बात कही थी।

₹3.75 करोड़ में उर्मिला मातोंडकर ने खरीदा नया दफ्तर, शिवसेना ने MLC बनाने के लिए भेजा है नाम

1995 में आई फिल्म ‘रंगीला’ के बाद चर्चा में आने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने मुंबई में अपना नया दफ्तर खरीदा है। उन्होंने खार वेस्ट के लिंकिंग रोड में 3.75 करोड़ रुपए में नया दफ्तर खरीदा। कुछ दिनों तक कॉन्ग्रेस में रहने के बाद उर्मिला मातोंडकर ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थामा था। उनका नाम विधान पार्षद के लिए नॉमिनेट करते हुए राज्यपाल को भेजा गया है।

वो महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार द्वारा प्रस्तावित उन 12 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्हें राज्यपाल कोटा से विधान पार्षद बनाया जाना है। उन्होंने अपना नया दफ्तर एक पॉश कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में खरीदा। खार वेस्ट के दुर्गा चैम्बर्स में स्थित ये संपत्ति ऐसे इलाके में है, जिसे वेस्टर्न सबअर्ब्स का सबसे प्राइम लोकेशन माना जाता है। ग्राउंड फ्लोर के अलावा दुर्गा चैम्बर्स की ईमारत में कुल 7 मंजिल है।

इसके ऊपरी तलों में अगर कोई दफ्तर के लिए जगह रेंट लेता है तो उसे प्रति महीने 5-8 लाख रुपए देने होते हैं। वहीं इसके ग्राउंड फ्लोर को कमर्शियल रिटेल प्रतिष्ठानों के लिए रखा गया है। उर्मिला मातोंडकर ने जो ऑफिस स्पेस खरीदा है, वो इस इमारत की छठी मंजिल पर स्थित है। ये जगह कुल मिला आकर 96.61 स्क्वायर मीटर (1039.901 स्क्वायर फ़ीट) की है। इस तरह से उर्मिला मातोंडकर को इस दफ्तर के लिए प्रति फ़ीट 36,000 रुपए की दर से जेब ढीली करनी पड़ी।

उन्होंने कारोबारी राजेश कुमार शर्मा से इस दफ्तर को खरीदा है। उनका भी दफ्तर इसी इमारत में स्थित है। ‘मुंबई मिरर’ की खबर के अनुसार, ये डील सोमवार (दिसंबर 28,2020) को हुई। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यहाँ ऑफिस स्पेस की कीमत 4 करोड़ रुपए से थोड़ी ऊपर है। अभिनेत्री ने 80,300 रुपए स्टाम्प ड्यूटी के रूप में और 30,000 रुपए रजिस्ट्रेशन के लिए भी खर्च किया, जो फ्लैट के दाम के अलावा है।

कुछ ही दिनों पहले उर्मिला मातोंडकर ने दावा किया था कि उनके शौहर मोहसिन अख्तर को अक्सर ट्रोल किया जाता है। 46 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा था कि उनके शौहर को आतंकी और पाकिस्तानी तक कहा गया। उन्होंने कहा था कि उनके शौहर केवल मुस्लिम नहीं हैं, वो कश्मीरी मुस्लिम हैं और वो दोनों समान रूप से निष्ठावान होकर अपने-अपने धर्मों का पालन करते हैं। उन्होंने अपने विकिपीडिया पेज से छेड़छाड़ और इंस्टाग्राम अकाउंट हैक किए जाने की बात भी बताई थी।

अधनंगी लाश, पूरे शरीर में खरोंच, न्यू ईयर पार्टी… सहेली के साथ अंतरंग बॉयफ्रेंड? – मुंबई का रहस्यमयी जाह्नवी मर्डर केस

मुंबई के खार वेस्ट में नए साल की पार्टी के दौरान जाह्नवी कुकरेजा की हत्या को लेकर नए खौफनाक डिटेल्स सामने आ रहे हैं। अब पुलिस ने जानकारी दी है कि जाह्नवी की लाश अधनंगी अवस्था में मिली थी। साथ ही ‘Vaginal Swabs’ को भी फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। भगवती इमारत के टैरेस पर हुई उस पार्टी में शामिल लोगों और आरोपितों के यूरिन सैम्पल्स भी लिए गए हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि इन सभी ने ड्रग्स का इस्तेमाल तो नहीं किया था।

शनिवार (जनवरी 2, 2021) को खार पुलिस ने दोनों आरोपितों श्री जोगधनकर और उसकी दोस्त दीया पडलकर को बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहाँ से दोनों को जनवरी 7 तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। ‘Mid Day’ की खबर के अनुसार, रिमांड एप्लीकेशन में पुलिस ने बताया है कि जाह्नवी कुकरेजा के पूरे शरीर में जगह-जगह खरोंचने के निशान थे। मृतका की हत्या और उसके साथ हुए बर्ताव में पार्टी में शामिल अन्य लोगों का हाथ था या नहीं, पुलिस इस बात की जाँच कर रही है।

श्री जोगधनकर और जाह्नवी पिछले 3 वर्षों से रिलेशनशिप में थे और पुलिस अभी तक इसे लव ट्रायंगल का मामला मान कर ही चल रही है। पार्टी में 14 लोग शामिल थे। जाह्नवी इस बात से नाराज़ हो गई कि उसका बॉयफ्रेंड श्री और दीया पार्टी में ज्यादा नजदीक आ रहे थे और उसने उन्हें आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ भी लिया था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी महिला की लाश जब इस अवस्था में मिलती है तो वैजाइनल स्वैब्स की फॉरेंसिक जाँच एक ज़रूरी प्रक्रिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि काली ड्रेस पहनी हुई जाह्नवी की लाश ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के पास मिली थी। उसकी सैंडल सीढ़ियों पर पड़े हुए थे, बालों का एक क्लच बगल में पड़ा हुआ था और वो खून से लथपथ थी।

जाह्नवी कुकरेजा की खोपड़ी तो दोनों तरफ से फूटी ही हुई थी, साथ ही उसके घुटनों, हाथ, हथेली, पीठ, कुहनी और दोनों पाँवों पर भी खुरचने के निशान थे। ‘Mid Day’ का कहना है कि कुछ डिटेल्स यौन शोषण की तरफ भी इशारा करते हैं, जिन्हे वो फ़िलहाल प्रकाशित नहीं कर रहा है।

पुलिस का कहना है कि इतने निशान आपसी मारपीट या यौन अपराध में से कुछ भी हो सकता है। जहाँ श्री जोगधनकर के हाथों और सिर में चोट था, वहीं दीया की होठों पर चोट के निशान थे। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर के जख्म को मौत की वजह बताया गया है। पुलिस ने पार्टी में शामिल 12 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें से 4 को महत्वपूर्ण मार्क किया गया है। 22 साल की एक महिला ने अपने बयान में कुछ खुलासे किए हैं।

उसने कहा, “मैंने जाह्नवी और श्री को पार्टी में एक कोने में जाकर अंतरंग अवस्था में देखा था। वहीं दीया एक सोफे पर आकर सो गई थी। वो पूरी तरह नशे के प्रभाव में थी। तभी श्री जोगधनकर आकर उसके बगल में बैठ गया। उसके बाद दोनों अंतरंग होने लगे। इससे जाह्नवी नाराज हो गई और उसने अपना फोन प्रोजेक्टर से डिस्कनेक्ट कर दिया।” एक अन्य 22 वर्षीय महिला ने बताया कि उसने दीया को पार्टी के आयोजक और मेजबान यश आहूजा के बेडरूम में रात के डेढ़ बजे देखा था।

एक 20 वर्षीय युवक ने भी छत पर श्री और जाह्नवी के करीब आने की पुष्टि की है। उसने बताया कि जब वो आहूजा के घर में लिफ्ट से गया तो उसने दीया के होठों से खून बहते देखा और वो उस वक़्त बाथरूम में थी। वहीं एक 23 वर्षीय युवक का कहना है कि दीया को उल्टियाँ करते देख श्री उसे लिफ्ट से आहूजा के घर में लेकर गया, ताकि साफ़-सफाई की जा सके। उसने ये भी बताया कि दीया, श्री जोगधनकर को पसंद करती थी।

उसने बताया कि इसके कुछ देर बाद ही उसने दीया के होठों से खून बहते देखा। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि दूसरे फ्लोर पर ये घटना हुई और वहाँ से पीड़िता को घसीटते हुए ग्राउंड फ्लोर तक ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि पार्टी में शामिल युवक-युवतियाँ विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। दूसरे फ्लोर पर क्या हुआ था, ये सब शायद आरोपितों को ही पता है और वो शराब के नशे में होने के कारण कुछ याद न रहने की बात कह रहे हैं।

मुख्य आरोपित श्री जोगधनकर तो यहाँ तक कह रहा है कि नशे के कारण उसे ये तक नहीं पता कि पार्टी स्थल से वो सायन हॉस्पिटल इलाज कराने कैसे पहुँच गया। इस घटना के बाद फ़टे कपड़ों में उसे इमारत से बाहर जाते हुए CCTV फुटेज में देखा जा सकता है। श्री के वकील ने कोर्ट में कहा कि आरोपित को फ़िलहाल उचित मेडिकल इलाज की ज़रूरत है, इसीलिए उसे पुलिस कस्टडी में नहीं भेजा जाए।

वहीं दूसरी आरोपित दीया के वकील ने कहा, “मेरी क्लाइंट तो बस मृतक और आरोपित श्री को लड़ाई-झगड़ा करने से रोक रही थी। वो उन्हें शांत कर रही थी। मीडिया में जिस तरह की खबरें चल रही हैं, उससे लगता है कि ये मीडिया ट्रायल और छवि बदनाम करने वाला एक और मामला बन जाएगा। ये सुशांत सिंह राजपूत की मौत जैसा मामला बना दिया जाएगा और दीया शायद दूसरी रिया चक्रवर्ती बन जाए।”

वहीं जाह्नवी कुकरेजा की माँ निधि का कहना है कि उनकी बेटी और दीया 13 सालों से दोस्त थीं और पड़ोसी भी थीं। उन्होंने दीया के इस हत्याकांड में शामिल होने पर अनिश्चितता जताई। उन्होंने बताया कि उनके पति का जन्मदिन मना कर ही जाह्नवी न्यू ईयर पार्टी में दीया के कहने पर गई थी। अब जब पुलिस ने दोनों आरोपितों को कोर्ट के आदेश के बाद कस्टडी में लिया है, मुंबई की न्यू ईयर पार्टी में हुई इस हत्या को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।

बता दें कि ये पार्टी 16वीं मंजिल पर चल रही थी। मुंबई में पार्टियों पर नए साल में प्रतिबन्ध होने के बावजूद ये कैसा हो रहा था, इसकी जाँच के लिए अलग से मामला दर्ज किया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत जाह्नवी को बांद्रा के भाभा हॉस्पिटल लेकर गई, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। रात के 2:00-2:15 के बीच ही उसकी मौत हो चुकी थी। सांताक्रुज की रहने वाली जाह्नवी कुकरेजा खार के 14th रोड स्थित भगवंती हाइट्स इमारत में यश आहूजा द्वारा आयोजित एक पार्टी में हिस्सा ले रही थी। 

कोरोना वायरस के नए और खतरनाक स्ट्रेन की पहचान कर उसे आइसोलेट करने वाला पहला देश बना भारत

भारत ने कोरोना वायरस (COVID-19) के नए स्ट्रेन Sars-CoV-2 की पहचान कर के उसे आइसोलेट करने में सफलता पाई है। ये कोरोना वायरस का यूके वैरिएंट है, जो पहले वाले से कहीं ज्यादा खतरनाक है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने शनिवार (जनवरी 2, 2021) को जानकारी दी कि उसके लैब्स का देशव्यापी नेटवर्क नए किस्म के कोरोना वायरस को ट्रैक करने में तभी से लग गया था, जब इसके बारे में सूचना मिली थी।

ICMR ने बताया कि कोरोना वायरस के इस यूके वैरिएंट की उसके सारे बदलावों सहित पहचान कर ली गई है और उसे सफलतापूर्वक आइसोलेट कर दिया गया है। इसे पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संसथान (NIV) में आइसोलेट किया गया है। यूके से लौटे भारतीय मूल के लोगों के क्लिनिकल नमूनों को इकट्ठा कर के उसका अध्ययन किया गया और फिर ये सफलता मिली। इसे भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

अब तक दुनिया का कोई भी देश कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन Sars-CoV-2 की पहचान कर के उसे सफलतापूर्वक आइसोलेट नहीं कर सका है। इस हिसाब से भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाले पहला देश है। इस वायरस की पहचान के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘Vero Cell Lines’ का प्रयोग किया। विष्णु विज्ञान (Virology) में वेरो सेल लाइंस का बड़ा महत्व होता है और वायरस की पहचान के लिए इसका ही इस्तेमाल किया जाता है।

उधर भारत में अब कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं और देश अब ‘हर्ड इम्युनिटी’ की तरफ भी बढ़ रहा है। भारत में अब तक स्ट्रेन के 25 संक्रमित मिले हैं और सभी को सिंगल रूम आइसोलेशन में रखा गया है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि नए स्ट्रेन को लेकर दूसरे के रिसर्चों पर निर्भर रहने की जगह भारत खुद अध्ययन कर के अपने डेटाबेस की छानबीन कर रहा है, जो अच्छी बात है।

बताते चलें कि अब ‘कोविशील्ड’ के बाद देश को पहला स्वदेशी टीका ‘कोवैक्सीन’ भी मिल गया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 पर बनी विशेषज्ञों की समिति ने शनिवार को ही भारत बायोटेक द्वारा विकसित इस टीके को भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी। ‘कोवैक्सीन’ पहली ऐसी कोविड-19 वैक्सीन है, जिसे ICMR के सहयोग से देश में ही विकसित किया गया है। इसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक व NIV पुणे ने मिलकर तैयार किया है।