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केजरीवाल सरकार ने दिवाली पूजा पर हर मिनट खर्च किए ₹20 लाख: RTI से खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

बीती दिवाली पर दिल्ली वासियों को अपने साथ लक्ष्मी पूजा करने के लिए वर्चुअली आमंत्रित करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने 14 नवंबर के पूरे कार्यक्रम व उसके लाइव टेलीकास्ट में 6 करोड़ रुपए का खर्चा किया था।  यह खुलासा एक आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने किया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) की ओर से भेजे गए आरटीआई के जवाब को साझा किया। इसके साथ उन्होंने बताया कि दिल्ली की AAP सरकार और अरविंद केजरीवाल द्वारा 14 नवंबर, 2020 को किए गए लक्ष्मी पूजा आयोजन और लाइव टेलीकास्ट पर करदाताओं के पैसे के 6 करोड़ (लगभग $ 0.8 मिलियन) खर्च कर दिए गए थे। 

उन्होंने प्रति मिनट का हिसाब जोड़ते हुए दावा किया कि यदि केवल 30 मिनट की पूजा के लिए 6 करोड़ रुपए खर्च हुए तो इसका मतलब है कि प्रति मिनट 20 लाख रुपए खर्च किए गए

गोखले ने इस आरटीआई के साथ इस मुद्दे को भी उठाया कि दिल्ली में AAP सरकार के पास पूजा पर खर्च करने के लिए धन था, जबकि दिल्ली में अनेक पीड़ित मुआवजे का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हिसाब लगाइए और कल्पना करिए कि धार्मिक समारोह में खर्च इन 6 करोड़ रुपयों से उत्तर पूर्वी दिल्ली में कितने परिवारों को मदद मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल ने इस साल दिवाली के अवसर पर बढ़ते प्रदूषण का हवाला देकर कहा था कि दिल्लीवासी प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए पटाखे फोड़ने से परहेज करें और इसके बजाय त्यौहार के दिन उनके साथ ऑनलाइव लक्ष्मी पूजा में भाग लें।

इसी घोषणा के बाद दिवाली वाली रात सीएम केजरीवाल व उनकी पत्नी के साथ कई अन्य AAP नेता इस आयोजन का हिस्सा बने थे, जिसे अक्षरधाम मंदिर से लाइव टेलीकास्ट किया गया था। बता दें कि गोखले द्वारा साझा आरटीआई में स्पष्ट बताया गया है कि यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार का आधिकारिक कार्यक्रम था। इसमें 6 करोड़ रुपए का खर्चा आया था।

ममता बनर्जी ने पूछा- किधर है 7वीं क़िस्त, कृषि मंत्री ने कहा- सीधे किसानों के खाते में जाती है: ‘पीएम-किसान’ योजना पर घमासान

देश के करोड़ों किसानों के खाते में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की सातवीं क़िस्त आने वाली है लेकिन देश का एक राज्य ऐसा है जहाँ इस मुद्दे पर अब पहल हुई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में अब केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने माँग उठाई है कि पीएम किसान योजना की धनराशि प्रदान की जाए। उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी ने इस योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए शर्त रखी थी जिसे केंद्र सरकार ने ठुकरा दिया था। 

केंद्र सरकार ने भी इस मुद्दे पर ममता बनर्जी को दो टूक जवाब देने का फैसला लिया है। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि योजना के तहत राशि सीधे किसानों के खाते में जमा कराई जाती है, इसे किसी राज्य सरकार को नहीं दिया जा सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की सरकार को अलग से जवाब भेजा जाएगा, जिसमें योजना के मानदंडों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश सरकार को सिर्फ किसानों की सूची की पुष्टि और और संबंधित दस्तावेज़ों की जाँच करनी होगी। 

पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए पश्चिम बंगाल के लगभग 22 लाख किसानों ने कृषि मंत्रालय की वेबसाइट पर अपना पंजीयन कराया है। इसके बावजूद उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल की सरकार को किसानों के दस्तावेज़ों की पुष्टि करनी होगी। किसानों के खातों का उनके आधार से जुड़ा होना भी अहम मानक है, इस तरह की तमाम जानकारी, नियम और शर्तों की सूची केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है। 

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में शामिल होने से साफ़ मना कर दिया था, जिसकी वजह से प्रदेश के किसान इस योजना से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। कोरोना काल में संकट के दौर से गुज़र रहे किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी, इसके तहत सरकार किसानों के खाते में हर साल लगभग 6 हज़ार रुपए जमा करती है। जिन राज्यों में यह योजना लागू है वहाँ के किसानों को 6 किस्तों में रुपए भेजे जा चुके हैं।

योजना पश्चिम बंगाल में लागू होने के बाद यहाँ के किसानों के खाते में हर 4 महीने पर 2000 रुपए भेजे जाएँगे। पीएम किसान निधि की 7वीं क़िस्त अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन (25 दिसंबर 2020) पर प्रदान की जाएगी।

‘किसी के मुँह से निकला खून तो किसी को कॉलर से घसीटा गया’: ममता की पुलिस ने BJP कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारा

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। कभी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पार्टी के गुंडे तो कभी सत्ताधारी पार्टी के अधीन राज्य पुलिस आए दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं के ऊपर क्रूरता की हर हद पार कर रही है।

हाल ही का मामला देखें तो ऐसा हमला कल खरदाह पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ। यहाँ बीजेपी के कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज करवाने गए थे। लेकिन पुलिस ने सुनवाई करने की बजाय उन पर लाठीचार्ज कर दिया। 

सामने आई वीडियो में हम बुरी तरह घायल बीजेपी कार्यकर्ताओं की स्थिति देख सकते हैं। किसी के मुँह से खून निकल रहा है तो किसी को पुलिस घसीट के अंदर ले जा रही है। कई कार्यकर्ताओं को लाठी दिखा कर मौके से भगाने का काम भी बंगाल पुलिस तेजी से करते दिख रही है।

बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना की वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “खरदाह पुलिस स्टेशन विरोध दर्ज कराने गए बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। महिलाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई देखें। एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए राज्य में महिलाओं के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस असंवेदनशील और अमानवीय व्यवहार कर रही है! शर्म करो ममताजी। जनता माफ नहीं करेगी।”

समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस घटना की कुछ तस्वीरों को शेयर किया है। इसके मुताबिक, महिलाओं समेत कई भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता इस लाठी चार्ज में घायल हुए हैं। भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने इस घटना के ऊपर कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है। ममता बनर्जी की पुलिस तालिबानी शासन चला रही हैं।

उल्लेखनीय है कि बंगाल में ये हंगामा उस समय शुरू हुआ जब बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कार्यक्रम चला रहा थे। इसी बीच पुलिस ने बीजेपी के सभासद को हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया।

इससे पहले पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में भी भाजपा और तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी। आरोप लगाया गया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अचानक से भाजपा के जुलूस पर हमला कर दिया। जिसके बाद कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की रिपोर्ट सामने आई।

दिल्ली: मारने पीटने के बाद सलमान ने गुलनाज को दिया तीन तलाक, हिन्दू युवती ने लगाया जबरन इस्लाम कबूलवाने का आरोप

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाके से तीन तलाक का मामला सामने आया है। घटना गोकुलपुरी इलाके की है। पीड़िता का आरोप है कि उसके शौहर ने उसके साथ मारपीट की। बाद में उसे तीन तलाक दे दिया। 13 दिसंबर को महिला ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

महिला का कहना है कि उसे तीन तलाक देने से पहले प्रताड़ित किया जाता था जिसके कारण उसे काफी चोटें आई हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए महिला ने बताया, “13 दिसंबर को मुझे तीन तलाक देने से पहल मेरे पति और उसके घर वालों ने मुझे दहेज के लिए प्रताड़ित किया। मैंने इस संबंध में एफआईआर दायर करवाई है लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।”

27 साल की गुलनाज बताती हैं कि उन्हें उनके ससुराल वालों ने 3 दिन तक बंदी बना कर मारा पीटा और फिर जब मायके वाले आए तो उनके सामने तीन तलाक दे दिया। गुलनाज की माँ भी इस बात को बताती हैं कि उनके दामाद सलमान ने उनकी बेटी को तलाक दे दिया है।

गुलनाज के मुताबिक उसके निकाह को साढ़े 4 साल हो चुके हैं लेकिन वह माँ नहीं बनी। इस कारण भी उसे मारा पीटा जाता था। गुलनाज के शरीर पर जख्म इतने गहरे हैं कि सामने आई तस्वीरों में वह रोती दिख रही हैं और उनके सिर पर पट्टी बँधी है। दिल्ली पुलिस ने इस केस को दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपित फिलहाल फरार है।

बता दें कि एक ओर तीन तलाक का ये मामला जहाँ उत्तर पूर्वी दिल्ली से आया है वहीं दक्षिणी दिल्ली से जबरन निकाह और धर्म परिवर्तन का मामला भी उजागर हुआ है। घटना सरिता विहार की है। वहाँ एक हिंदू पीड़िता ने थाने पहुँच कर शिकायत लिखवाई है।

पीड़िता ने मीडिया को बताया कि निकाह के बाद मुस्लिम युवक उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। उसने कहा, “उसका परिवार मुझको इस्लाम कबूलने के लिए दबाव बनाते थे। मुझे बुर्का पहनाना चाहते थे, नमाज पढ़ने को कहते थे । उसके अब्बा भी मेरा यौन उत्पीड़न करने का प्रयास कर चुके थे।”

इससे पहले मीडिया खबरों में पीड़िता के हवाले से बताया गया था कि साहिब उसके घर में किराएदार था और उसने वहाँ अपनी पहचान राहुल बताई हुई थी। दोनों में नजदीकियाँ इसी बीच बढ़ी थीं। पीड़िता ने बताया था कि दोस्ती होने के बाद राहुल ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और कुछ दिन बाद ही वह उसे अपने माता, पिता, भाई, बहन और जीजा के पास अली विहार अपने घर ले गया। 

वहाँ उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे संबंध बनाए गए और धर्म परिवर्तन के लिए भी कहा जाने लगा। पीड़ित हिन्दू लड़की का आरोप है कि साहिब अली उर्फ ​​राहुल के पिता हाजीसुन्नला (Hazisunnala) ने भी उसे अनुचित तरीके से छुआ और उसका यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया।

उल्लेखनीय है कि से इसस पहले देश भर के कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आ चुके है जब समुदाय विशेष के युवकों ने तीन तलाक को खेल समझ कर किसी महिला की जिंदगी बर्बाद कर दी हो।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक मुस्लिम महिला ने अपने शौहर समेत 4 लोगों पर शिकायत दर्ज करवाई थी। ये मामला भी तीन तलाक और हलाला से जुड़ा था। महिला का निकाह उस्मान नाम के व्यक्ति से हुआ था। लेकिन कुछ दिन बाद उस्मान ने उसे तलाक दे दिया और पूरा ससुराल मिल कर उस पर जेठ या ससुर से हलाला करवाने के लिए दबाव बनाने लगा।

हरियाणा के नूँह में अब्दुल समी को कुछ समय पहले गिरफ्तार किया गया था। समी ने साल 2017 में अपनी बीवी को दहेज न मिलने पर तलाक दिया था।

आतंकी फंडिंग मामले में पीडीपी की पूर्व विधायक अंजुम फाजिली के घर ED का छापा: ₹28,00,700 सहित कई दस्तावेज जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार (23 दिसंबर, 2020) को जम्मू-कश्मीर के हवाला आतंकी फंडिंग मामले में श्रीनगर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की पूर्व मनोनीत विधायक अंजुम फाजिली के श्रीनगर और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापा मारा। वहीं तलाशी के दौरान ईडी द्वारा कुल 28,00,700 रुपए भी जब्त किए गए है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी द्वारा पूर्व विधायक अंजुम फाज़िली के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर यह छापेमारी की जा रही है। फिलहाल मामले में तफ्तीश अभी भी जारी है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी अधिकारियों ने फाजिली के कुरसू राजबाग स्थित घर पर छापा मारा। इससे पहले इलाके में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए थे। सूत्रों ने बताया कि छापे के बाद ईडी अधिकारी अपने साथ कुछ दस्तावेज भी ले गए। उन्होंने बताया कि यह अब तक पता नहीं चल सका है कि फाजिली के घर पर छापा क्यों मारा गया।

आतंकियों को फंडिंग के मामले में ईडी और एनआईए इससे पहले कई संगठनों, अलगाववादियों, हुर्रियत नेताओं के आवास पर रेड मार चुकी है। इसमें मोहम्मद यूसुफ सोफी, खुर्रम परवेज और अन्य नेता शामिल हैं। जाँच में पाया गया कि कई एक्टिविस्टों ने आतंकियों को शरण दी थी।

गौरतलब है कि इससे पहले ईडी की टीम ने 8 राज्यों में स्थित कुल 26 ठिकानों पर छापा मारा था। ईडी की टीम ने उत्तर प्रदेश पीएफ़आई अध्यक्ष, नसीम अहमद के इंदिरानगर लखनऊ स्थित आवास पर छापा मारते हुए संदिग्ध दस्तावेज़ भी बरामद किए गए थे। हालाँकि, छापेमारी के दौरान नसीम अहमद अपने घर पर मौजूद नहीं था। नसीम अहमद पर पिछले वर्ष हुए सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन की आड़ में बड़ी साज़िश रचने का आरोप है। फ़िलहाल ईडी की टीम नसीम अहमद की तलाश में जुटी है।

लखनऊ के अलावा ईडी की टीम ने बाराबंकी में भी छापा मारा था। वहाँ ईडी ने बाराबंकी में पीएफ़आई के सदस्य मुदस्सिर के आवास पर छापा मारा। मुदस्सिर पर आरोप है कि उसने सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान रुपए लेकर माहौल गड़बड़ करने का प्रयास किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुदस्सिर पर कुल 80 हज़ार रुपए लेकर इन षड्यंत्रों को अंजाम देने आरोप है। उत्तर प्रदेश के अलावा केरल के 6, तमिलनाडु के 5, कर्नाटक के 3, दिल्ली के 2, बिहार के 2, महाराष्ट्र और राजस्थान के 1-1 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी का अभियान चलाया था।

वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) के नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मेम्बर करमना अशरफ मौलवी के तिरुअनंतपुरम स्थित पूंथुरा आवास पर छापा मारा था। ईडी ने साल 2018 के दौरान पीएफ़आई के कई सदस्यों पर धन शोधन निरोधक अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके अलावा कोज़ीकोड़े, मल्लापुरम और एर्नाकुलम स्थित पीएफ़आई नेताओं के आवासों पर भी छापा मारा गया।

फरार खालिस्तानी आतंकी गुरजीत सिंह निज्जर दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार: पूछताछ में जुटी NIA

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने फरार खालिस्तानी आतंकवादी गुरजीत सिंह निज्जर को दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया है। निज्जर को कथित तौर पर अलग खालिस्तान राज्य बनाने के लिए भारत में फिर से सिख आतंकवाद को जन्म देने की आपराधिक साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि निज्जर साल 2017 में भारत से फरार होकर यूरोप चला गया था और इन दिनों यूरोप के साइप्रस में रह रहा था। उसके खिलाफ महाराष्ट्र के पुणे में आपराधिक मुकदमा दर्ज है। एनआईए निज्जर को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मुंबई जा रही है जहाँ उसे विशेष अदालत के सामने पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।

बता दें गृह मंत्रालय ने 26 जनवरी को लेकर सभी एजेंसियों को एलर्ट कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस आतंकी संगठनों से जुड़े सभी भगोड़ों पर पैनी नजर गड़ाए हुए थी। वहीं खालिस्तानी आतंकी गुरजीत सिंह निज्जर मुख्य रूप से पुलिस की रडार पर था। निज्जर अपने स्लीपर सेल के जरिए राजधानी दिल्ली में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की रणनीति बनाने में हमेशा शामिल रहा है।

इसी के तहत एजेंसी को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि आतंकी गुरजीत किसी अन्य जगह पर जाने की फिराक में है। और इसके लिए वह दिल्ली एयरपोर्ट का इस्तेमाल करेगा। इसके बाद से ही एजेंसी ने गुरजीत को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि निज्जर, मुख्य साजिशकर्ता हरपाल और मोइन खान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे और उन्होंने कथित तौर पर अलग खालिस्तान राज्य बनाने के मकसद से सिख आतंकवाद को जन्म देने की आपराधिक साजिश रची थी।

अधिकारी के अनुसार साजिश के तहत तीनों आतंकवादी ऐसे वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करते थे जिनमें जगतार सिंह हवारा (पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी) की तारीफ होती थी। इसमें 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार, बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधित सामग्री होती थी। उनका एकमात्र इरादा तथाकथित खालिस्तान आंदोलन में समान विचारों वाले सिख युवकों को जोड़ना था।

गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने रेफरेंडम 2020 (सिख फॉर जस्टिस) मामले में 16 विदेशी खालिस्तानियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। दरअसल एनआईए को जाँच में पता चला था कि अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने मानवाधिकारों की वकालत के नाम पर यह संगठन बनाया और अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन तथा आस्ट्रेलिया जैसे देशों में इसके कार्यालय बनाए गए है।

इसके अलावा NIA ने खालिस्तानी आतंकी धरमिंदर सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। रिपोर्ट के अनुसार उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘खालिस्तानी लिबरेशन फ्रंट (KLF)’ की गतिविधियों को आगे बढ़ाया था और सीमा पार से आतंकी नेटवर्क को बढ़ावा देने में भी उसकी सहभागिता थी।

किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री का नाम: नारंगी व्यवसायी और पुलिस पर पिटाई का आरोप

दिल्ली सीमा पर जारी किसान विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के अमरावती में एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान ने कथित तौर पर शेख अमीन, शेख गफूर और पुलिस एसआई दीपक जाधव द्वारा परेशान किए जाने के बाद आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। मृत किसान अशोक भूयार ने आत्महत्या से पहले राज्य सरकार में मंत्री बच्चू कडू को संबोधित एक सुसाइड नोट छोड़ा था।

भूयार को मंगलवार (दिसंबर 22, 2020) को बोराला में गणेश मंदिर के पास एक खेत में मृत पाया गया था। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। जिसके बाद पता चला कि भूयार ने जहर खा लिया है। 

किसान ने अपने सुसाइड नोट में नारंगी व्यापारियों- शेख अमीन, शेख गफूर और पुलिस SI दीपक जाधव को ठहराया दोषी

भूयार अंजनगाँव सूरजी में धनेगाँव का एक नारंगी उत्पादक था। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया था कि नारंगी व्यापारी- शेख अमीन और शेख गफूर ने उन्हें उनकी कृषि उपज के लिए भुगतान नहीं किया था और जब उन्होंने उन्हें भुगतान के लिए जोर दिया, तो उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद भुयार ने दोनों व्यापारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया। हालाँकि, पुलिस ने उसके साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया और शिकायत दर्ज किए बिना उसे वापस भेज दिया।

भूयार ने महाराष्ट्र के मंत्री को एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें अपनी व्यस्तता के बारे में बताया और जान देने का कठोर कदम उठाया। अपने पत्र में भुयार ने दो नारंगी व्यापारियों और उनके खिलाफ पुलिस की निष्क्रियता के बारे में भी बताया। किसान ने लिखा कि उन्होंने अंजनगाँव सुरजी में दो व्यापारियों- शेख अमीन और शेख गफूर को अपने संतरे बेच दिए। मगर दोनों व्यापारियों ने बिना इसका भुगतान किए भूयार को भुगतान रसीद पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि दोनों व्यापारियों ने उनकी पिटाई भी की और जब वह 18 दिसंबर को उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस स्टेशन गए, तो उनके अनुरोध को पुलिस ने ठुकरा दिया।

किसान भूयार की आत्महत्या के बाद से धनेगाँव में तनाव बढ़ गया है। गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस एसआई दीपक जाधव और नारंगी व्यापारियों शेख अमीन और शेख गफूर के खिलाफ कार्रवाई की मांँग करते हुए पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 18 दिसंबर के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि किसान अशोक भूयर को पुलिस अधिकारियों ने पीटा था, जब वह दो नारंगी व्यापारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने के लिए आया था। मृतक किसान के बेटे गौरव भूयार द्वारा दर्ज शिकायत पर सहायक पुलिस उपनिरीक्षक दीपक जाधव और दो नारंगी व्यापारियों शेख अमीन और शेख गफूर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

मृतक किसान के छोटे भाई का दिल का दौरा पड़ने से मौत

अशोक भूयार के बड़े भाई, संजय भुयार, अपने छोटे भाई को खोने के सदमे को सहन नहीं कर सके। अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार से लौटते समय संजय को कार्डियक अरेस्ट हुआ जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि, उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। एक ही परिवार के दो लोगों की जान जाने से अमरावती जिले में खलबली मच गई है।

बच्चू कडू ने केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को हमले की धमकी दी थी

आत्महत्या से पहले अशोक भूयार ने राज्य सरकार में मंत्री बच्चू कडू को एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें मदद की गुहार लगाई गई थी। उल्लेखनीय है कि कडू हाल ही में केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को धमकी देने के लिए चर्चा में थे। बता दें कि रावसाहेब दानवे ने कहा था कि किसान विरोध प्रदर्शन को पाकिस्तान और चीन हवा दे रही है। उनके इस बयान के बाद कडू ने कहा कि पहले जब दानवे ने इस तरह का बयान दिया था, तो उन्होंने उनके घर का घेराव किया था, लेकिन इस बार उन्हें उसके घर में घुसकर मारपीट करनी होगी।

‘जन रसोई’: गौतम गंभीर की पहल पर जरूरतमंदों को मिलेगा मात्र ₹1 में भरपेट भोजन, कल होगी शुरुआत

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने एक नई पहल करते हुए ‘जन रसोई’ भोजनालय की शुरुआत करेंगे। ‘जन रसोई’ की खास बात यह है कि इसमें उनके संसदीय निर्वाचन क्षेत्र पूर्वी दिल्ली में जरूरतमंद लोगों को दोपहर का भरपेट भोजन महज एक रुपए में दिया जाएगा।

गंभीर ने अपने कार्यालय में कहा कि वह गुरुवार (24 दिसंबर, 2020) को गाँधी नगर में पहले भोजनालय की शुरुआत करेंगे, जिसके बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर ऐसा ही एक भोजनालय अशोक नगर में भी खोला जाएगा।

भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा, “मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जाति, पंथ, धर्म और वित्तीय हालात से परे सभी को स्वस्थ और स्वच्छ भोजन करने का अधिकार है। यह देखकर अफसोस होता है कि बेघर और बेसहारा लोगों को दिन में दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पाती।” गंभीर ने पूर्वी दिल्ली के दस विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम एक ‘जन रसोई’ भोजनालय खोलने की योजना बनाई है।

सांसद के कार्यालय की ओर से बयान में कहा गया है, “देश के सबसे बड़े थोक कपड़ा बाजारों में शुमार गाँधी नगर में खोली जाने वाली ‘जन रसोई’ पूरी तरह आधुनिक होगी, जिसमें जररूतमंदों को एक रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।”

जानकारी के मुताबिक, ‘जन रसोई’ में एक समय में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते केवल 50 लोगों को ही बैठने की अनुमित दी जाएगी। दोपहर के भोजन में चावल, दालें और सब्जी दी जाएगी। वहीं इस परियोजना का वित्त पोषण गौतम गंभीर फाउंडेशन तथा सांसद के निजी संसाधनों से किया जाएगा और इस कार्य में सरकार की मदद नहीं ली जाएगी।

3,13,363 किसानों ने किया तीनों कृषि कानूनों का समर्थन: कृषि मंत्री को सौंपा ज्ञापन पत्र

तीनों कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर चल रहा किसानों का धरना-प्रदर्शन बुधवार (23 दिसंबर, 2020) को 28 वें दिन में प्रवेश कर गया है। वहीं अब इस विरोध प्रदर्शन के बीच कृषि कानून के समर्थन में 20 राज्यों के 3,13,363 किसान सामने आए हैं।

दरअसल, किसान दिवस के अवसर पर ग्रामीण भारत के कई एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ कृषि मंत्री ने बैठक की। इन प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को कृषि कानून के समर्थन में एक लाख गाँवों के 3,13,363 किसानों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र सौंपे है।

किसानों के समर्थन की जानकारी देते हुए तोमर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में 6 साल में काफी सुधार किए गए हैं। देश में दो परिस्थितियाँ हैं। किसानों का अधिकांश भाग इन कानूनों का समर्थन कर रहा है। आज सभी किसान चिंतकों की टोली आई है। देश भर में कानून पास होने के बाद 3 लाख से ज्यादा किसानों के हस्ताक्षर मिले हैं।

कृषि मंत्रालय के कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग ने बुधवार को बताया कि किसान दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में ग्रामीण भारत के गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक की।

बता दें कि कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को पत्र देते हुए किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि कानून पूरी तरह किसानों के हित में हैं। वे इन कानूनों का समर्थन करते हैं और वे इन बिलों को वापस लेने वाले माँग के खिलाफ है।

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे पंजाब और हरियाणा के परेशान किसान जिंदगी का असली मजा लेते हुए देखे जा रहे हैं। जिस तरह की तस्वीरें धरना प्रदर्शन स्थलों से आ रही हैं, ऐसा लगता नहीं है कि ये किसान जल्दी ही किसी नतीजे पर पहुँचने के मूड में हैं।

हाई-टेक मसाज और टैटू पार्लर, जिम लंगर, लाइब्रेरी, पिज्जा और बिरयानी के बाद, अब कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जहाँ प्रदर्शनकारी किसान अपने ट्रैक्टरों में आराम से बैठे टेलीविजन देख रहे हैं। यही नहीं, अपने टीवी देखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, ‘किसानों’ ने ‘टाटा स्काई’ भी लगावा लिया है।

हिंदू युवती को इस्लाम धर्म में परिवर्तित करने के केस में यूपी पुलिस ने किया 8 को गिरफ्तार: मुख्य आरोपित जावेद फरार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार (दिसंबर 22, 2020) को 21 वर्षीय हिंदू लड़की को जबरन इस्लाम में परिवर्तित करने और फिर जबरन उसका निकाह कराने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आगरा क्रॉसिंग के पास से एक महिला सहित आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, लड़की के पिता ने 17 नवंबर को शिकायत दर्ज की थी कि उनकी 21 वर्षीय बेटी कुछ सामान खरीदने के लिए बाज़ार गई थी, लेकिन उसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। लड़की की काफी खोजबीन करने के बाद पीड़ित पिता को पता चला कि उनकी बेटी को आरोपित द्वारा शादी के इरादे से अगवा किया गया और फिर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, लड़की 17 नवंबर से लापता हुई थी। लेकिन उसके परिवार ने 17 दिसंबर को एक मामला दायर किया, जब उन्हें जावेद के वकील से एक पत्र मिला, जिसमें उन्होंने युवती का इस्लाम धर्म में परिवर्तन और एक अदालत में उसकी निक़ाह होने के बारे में बताया था।

बता दें कि हिंदू युवती का अपहरण और जबरन उसका धर्म परिवर्तन करने वाला मुख्य आरोपित जावेद फरार है। जबकि उसके 8 रिश्तेदारों को 22 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जावेद के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 के तहत मामला दर्ज किया गया।

वहीं अन्य गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रामजनी, आमरीन, महमूद अली, महफूज अली, हैदर अली, अंतार हुसैन, अंसार हुसैन और शाहिद हुसैन के रूप में हुई है।

ईसाई धर्म में परिवर्तन करने के मामले में आजमगढ़ में 3 लोग गिरफ्तार

धर्म परिवर्तन का दूसरा मामला आजमगढ़ से सामने आया है। जहाँ पुलिस ने रविवार (दिसंबर 20, 2020) को आजमगढ़ में डीह कौथौल गाँव के पास कुछ ग्रामीणों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान बालचंद्र, गोपाल प्रजापति और नीरज कुमार के रूप में हुई।

दीदारगंज के स्टेशन हाउस ऑफिसर संजय कुमार सिंह ने बताया कि तीनों लोग गाँव आए और कथित रूप से लोगों को लालच देखर ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए त्रिभुवन यादव के घर पर एक बैठक आयोजित की थी।

बता दें कि गाँव के ही रहने वाले अशोक यादव ने पुलिस को मामले के बारे में सूचित किया, जिसके बाद पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 के तहत गिरफ्तारी की गई।

दक्षिण कोरियाई नागरिक द्वारा लोगों ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का मामला

वहीं उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में शनिवार (दिसंबर 19, 2020) को लोगों को लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के आरोप में तीन महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं में से एक दक्षिण कोरियाई नागरिक है। वह ग्रेटर नोएडा में किराए पर रह रही थी और उसी ने लोगों को ईसाई धर्म में बदलने का लालच दिया था।

मध्य नोएडा के पुलिस उपायुक्त हरीश चंदर ने बताया कि आरोपित ने पूर्व में भी स्थानीय लोगों को धर्म परिवर्तन का लालच दिया था। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सूरजपुर पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी रूप से धर्म परिवर्तन कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही मामले में आगे की कार्यवाही जारी है।