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TRP स्कैम से लेकर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों तक… ऑपइंडिया की Top 10 ब्रेकिंग खबरें

वर्ष 2020 जाने वाला है। इस साल राजनीति और समाज से ले कर न्यायपालिका और मीडिया से जुड़ी कई ऐसी खबरें थीं, जिन्हें ऑपइंडिया ने ब्रेक किया। चाहे वो कोरोना से संबंधित खबर हो या दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की या फिर टीआरपी में हेरफेर की खबर, ऑपइंडिया ने ऐसी तमाम खबरों को ब्रेक किया। आइए साल के अंत में हम एक बार फिर से उन 10 खबरों पर नजर डालते हैं।

1.TRP स्कैम में ‘Republic TV’ का नाम लेने के लिए गवाहों पर दबाव बना रही मुंबई पुलिस

TRP स्कैम का मुद्दा गर्माने के बाद से मुंबई पुलिस की भूमिका लगातार शक के घेरे में है। पहले इस बात का खुलासा हुआ कि मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराधार ही Republic TV का नाम पूरे घोटाले में लिया, जबकि दर्ज शिकायत में समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ का नाम था, और फिर ताजा खुलासे में यह पता चला कि कैसे मुंबई पुलिस अपनी मनमर्जी से गवाह के बयान को तोड़-मरोड़ कर ‘Republic TV’ को इस पूरे घोटाले का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही थी।

‘ऑपइंडिया’ के पास आई एक कॉल रिकॉर्डिंग ने इस बात की पुष्टि की थी कि रिपब्लिक टीवी को फँसाने के लिए मुंबई पुलिस गवाहों पर भी दबाव बना रही थी। जिस गवाह ने यह खुलासा अपने पड़ोसी के सामने किया, उसके घर में एक बार-ओ-मीटर लगाया गया था।

कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार, मुंबई पुलिस उसके घर में रात 3:00-3:30 बजे घुस गई। दोनों के बीच की बातचीत से स्पष्ट था कि मुंबई पुलिस ‘रिपब्लिक टीवी’ के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव बना रही थी, जिसके कारण गवाह अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी डरा हुआ था। 

2. BARC भी पकड़ चुका है व्यूअरशिप में इंडिया टुडे की गड़बड़ी, ₹5 लाख जुर्माना भी लगाया था

‘TRP स्कैम’ मामले में 9 अक्टूबर, 2020 को एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया, जब मुंबई पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में फर्जी टीआरपी का इल्जाम रिपब्लिक टीवी पर लगाया और FIR में नाम इंडिया टुडे का निकल आया। इसके बाद रिपब्लिक टीवी के पत्रकार व एक मुख्य गवाह के बीच बातचीत में भी यह खुलासा हुआ था कि उस गवाह के बेटे को इंडिया टुडे देखने को कहा गया था ताकि अवैध रूप से इंडिया टुडे की TRP बढ़ सके।

इंडिया टुडे ने इस बीच खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के आधार पर रिपब्लिक टीवी और अर्णब गोस्वामी पर खूब वार किया। हालाँकि ये बात और थी कि वह खुद का बेवकूफ ही बनाते रहे। उन्होंने उन गवाहों के बयानों को झूठा कहा और तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिन्होंने यह खुलासा किया था कि इंडिया टुडे ने खुद को सही साबित करने के लिए सारा ठीकरा रिपब्लिक टीवी पर फोड़ा।

हमारे सूत्रों ने हमें जानकारी दी कि इंडिया टुडे को 5 लाख रुपए का फाइन भरने को कहा गया था, क्योंकि उन्होंने अपनी व्यूअरशिप बढ़ने के पीछे जो स्पष्टीकरण BARC Disciplinary Council (BDC) को सौंपा, वह उन्हें संतोषजनक नहीं लगा। व्यूअरशिप में नजर आ रही गड़बड़ी (malpractice) के संबंध में टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और BARC को 27 अप्रैल 2020 को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था।

3. सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को दी जमानत, कहा – ‘मुंबई पुलिस तुरंत माने आदेश’

ऑपइंडिया ने अर्णब गोस्वामी को बेल मिलने की खबर को ब्रेक किया। जमानत आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इसे मानने के लिए मुंबई पुलिस को निर्देशित किया। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था-  “हम मानते हैं कि जमानत नहीं देने में हाईकोर्ट गलत था।” इसके साथ ही अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपितों को 50,000 रुपए के बॉन्ड पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था कि आदेश का तुरंत पालन किया जाए।

4. ये भारत के लोगों की जीत है: ‘भारत माता की जय’ ‘वंदेमातरम’ के नारों के साथ लौट आए अर्णब

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी ने जेल से बाहर आते ही ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। उन्होंने पूरे जोश के साथ कहा, “मैं सुप्रीम का आभारी हूँ। ये भारत के लोगों की जीत है।”

भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को तत्काल रिहा करने के आदेश के बाद, उनके समर्थक और प्रशंसक उनकी रिहाई का जश्न मनाने के लिए देश भर में सड़कों पर उतर आए।

5. दिल्ली दंगों की प्लानिंग का वॉट्सऐप चैट, OpIndia के हाथ आए एक्सक्लुसिव सबूत से समझिए क्या हुआ 24 फरवरी को

फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान भी ऑपइंडिया ने कई एक्सक्लूसिव जानकारी दी। दिल्ली में हुआ हिंदू विरोधी दंगा स्वतःस्फूर्त नहीं था। इसके लिए साजिश रची गई थी। यह साजिश रची गई थी सड़क पर, घरों में हुए मीटिंग में और डिजिटल मीडियम में भी। ऑपइंडिया को इन दंगों की प्लानिंग को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप का एक चैट सबूत कै तौर पर हाथ लगा था।

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त इन दो वॉट्सऐप चैट को देख कर यह स्पष्ट था कि दंगों की प्लानिंग की गई थी। स्पष्ट यह भी था कि इसी ग्रुप में कुछ लोग हिंसा और दंगों की प्लानिंग को लेकर नाराज थे और लोगों को समझाने की कोशिश भी कर रहे थे।

6. ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे… 16 हिन्दुओं के नाम FIR में

ऑपइंडिया ने दिल्ली दंगों में एक और एक्सक्लूसिव जानकारी देते हुए बताया था कि साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे। दिल्ली के हिन्दू-विरोधी दंगों में मोहनपुरी इलाके में 25 फरवरी 2020 को एक लाश मिली। लाश की पहचान परवेज आलम के रूप में हुई। 26 फरवरी को एक FIR लिखी गई कि ASI राकेश को फोन के जरिए सूचना मिली कि जीटीबी अस्पताल में एक परवेज नाम का व्यक्ति है, जिसका पता मालूम नहीं, उसे किसी नितेश ने अस्पताल लाया, जहाँ वो ‘मृत अवस्था में लाया गया’ घोषित कर दिया गया।

जाफराबाद पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में परवेज की जेब से 13 जिंदा कारतूस (गोलियाँ), एक नोकिया फोन और चाभियों का एक गुच्छा बरामद होने की बात कही गई। इसके बाद यह लिखा गया कि इस व्यक्ति को घोंडा चौक से बाबू राम चौक की तरफ जाने वाली सड़क से घायल अवस्था में अस्पताल में दाखिल कराया गया। नितेश की खोज की गई तो वो मिला नहीं, न ही उसके द्वारा लिखवाया गया पता सही पाया गया। ऑपइंडिया ने जब उस इलाके में पूछताछ की तो उक्त पते पर कोई नितेश नहीं मिला। यही बात सबसे पहली प्राथमिकी में ASI राकेश ने भी लिखा था।

7. MP बदरुद्दीन के बाल गृहों में अलकायदा की फंडिंग, 302 बच्चे गायब, बच्चियों के कमरे में पुरुष कर्मचारी: NCPCR रिपोर्ट

ऑपइंडिया ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की रिपोर्ट के हवाले से खुलासा किया कि असम और मणिपुर में बदरुद्दीन अजमल के मरकाजुल मारीफ के द्वारा संचालित 6 बाल संरक्षण गृहों में फंड्स का गलत इस्तेमाल किया गया। इनमें से एक बाल संरक्षण गृह को तो उस NGO से फंड्स मिले, जिसकी वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा से लिंक्स की जाँच की जा रही है। शुक्रवार (दिसंबर 25, 2020) को NCPCR ने कहा था कि उसकी इंस्पेक्शन टीम को बताया गया कि इन 6 बाल संरक्षण गृह में 778 बच्चे रह रहे हैं।

लोकसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध उनके बायो में बताया गया कि इनमें 1010 बच्चे रह रहे हैं। मरकाजुल मारीफ की वेबसाइट पर इनमें 1080 बच्चों के होने की बात बताई गई। इस तरह से संस्था द्वारा दी गई जानकारी और अन्य आँकड़े अलग-अलग थे। NCPCR का कहना था कि बाकी के 300 बच्चों के बारे में पता करना आवश्यक है।

8. मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी

शेहला रशीद के पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्हें उनकी बेटी मौत की धमकी दे रही है। उन्होंने शेहला के खिलाफ जाँच की माँग की थी। उनका कहना था कि शेहला ‘कुख्यात गतिविधियों’ में शामिल है और उनके घर में राष्ट्र विरोधी गतिविधियाँ चल रही हैं। उन्होंने शेहला की ‘कुख्यात गतिविधियों’ को उजागर करते हुए उसके बैंक अकाउंट की जाँच की माँग की थी। 

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी को लिखे पत्र में अब्दुल रशीद शोरा ने दावा किया था कि शेहला ने कश्मीर केंद्रित राजनीति में शामिल होने के लिए ‘कुख्यात लोगों’ से 3 करोड़ रुपए नकद लिए हैं। उन्होंने माँग की थी कि फिरोज पीरजादा, जहूर वटाली (एनआईए द्वारा गिरफ्तार) और रशीद इंजीनियर के बीच के ‘रहस्यमय वित्तीय डील’ की जाँच की जाए।

9. बेंगलुरु में दंगे करवाने वाले आरोपित कॉन्ग्रेसी नेता संपत राज को जिसने कराया फरार, वो रियाजुद्दीन गिरफ्तार

बेंगलुरु दंगे मामले में आरोपित फ़रार कॉन्ग्रेस नेता संपत राज के नज़दीकी सहयोगी रियाजुद्दीन को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया। रियाजुद्दीन पर आरोप था कि उसने मुख्य आरोपित को छुपने और फरार होने में मदद की। रियाजुद्दीन खुद फरार चल रहा था। उसे कॉन्ग्रेस नेता संपत राज की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह संपत राज को नगरहोले स्थित एक फ़ार्महाउस लेकर गया था और उसने आगामी कुछ दिनों तक संपत राज को वहीं छुपाया था।

10. अमित शाह को हुआ कोरोना, रिपोर्ट आई पॉजिटिव – अस्पताल में भर्ती

देश के गृहमंत्री अमित शाह की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ऑपइंडिया ने खबर ब्रेक करते हुए बताया कि कोरोना के शुरुआती लक्ष्ण दिखने पर उन्होंने टेस्ट करवाया और यह रिजल्ट पॉजिटिव आया है। अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

अमित शाह ने कोरोना के बारे में जानकारी देते हुए बताया था, “मेरी तबीयत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूँ। मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएँ।”

बुर्के वाली Sexpert: इस्लामी गाइडलाइन के अनुसार कैसे बनाएँ संबंध? देती है हर ‘गुप्त’ परेशानी का समाधान

किसी भी सोशल मीडिया वेबसाइट से ज्यादा आज यूट्यूब को लेकर क्रेज हर वर्ग के लोगों में देखने को मिलता है। इस एक प्लेटफॉर्म पर दुनिया भर की जानकारियाँ हैं। कई अलग-अलग तरह के चैनल हैं जो एक ही विषय पर सूचना देते हैं। ऐसा ही एक चैनल हाल ही में हमारे संज्ञान में आया। हमने देखा कि यह चैनल बाकी सभी से अलग, ‘हटकर’ और अजीब तरह की जानकारी देता है। पड़ताल में पता चला कि ‘Human Issues’ (ह्यूमन इश्यूज) नाम के चैनल को एक पाकिस्तानी चलाता है।

इस चैनल का नाम वैसे तो ‘Human issues’ है लेकिन इसे चैनल Halal, ‘ask the sexpert’ (हलाल, आस्क दी सेक्स्पर्ट) भी कहा जा सकता है, क्योंकि इस शो की होस्ट इस पर सिर्फ यही बताती हैं कि कौन से सेक्स एक्ट इस्लामी गाइडलाइन के अनुरूप हैं भी या नहीं। इस चैनल की वीडियो देखते हुए आपको सब कुछ बहुत हास्यास्पद लग सकता है।

सबसे अजीब बात है कि इस शो की होस्ट बुर्का पहन कर आती हैं और बहुत गंभीरता से सवालों के जवाब देती हैं। उन्हें देख कोई पता नहीं लगा सकता कि आखिर वो हैं कौन और जवाब देते हुए उनके चेहरे के भाव क्या हैं।

इस सेक्सपर्ट (सेक्स सम्बन्धी मामलों के जानकार) का एक जवाब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में होस्ट बता रही हैं कि आखिर महिला शारीरिक संबंध के दौरान मुँह से ‘आह-आह’ की आवाज क्यों निकालती है?

होस्ट इस सवाल के जवाब में कहती हैं, ”विज्ञान ने बहुत मेहनत के बाद यह नतीजा निकाला है कि जब औरत पर कार्रवाई जारी होती है तो उसे ऐसा मजा आता है कि वो अपनी खुशी का इजहार ‘आह-आह’ के जरिए निकालती है। जैसे हम थके होते हैं तो कोई हमारा कंधा दबाता है, हमें सकून मिलता है कि आह! कितना मजा आ रहा है। ताकि दबाने वाला शख्स दिलचस्पी से दबाए। इसी तरह औरत आह-आह की आवाजें निकालती है ताकि सामने वाला इस कार्रवाई को सरअंजाम दे।”

इस चैनल पर ऐसी कई वीडियोज हैं, जहाँ होस्ट ने सवालों के बेहद अजीब जवाब दिए। स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि इन वीडियो के टाइटल और भी ज्यादा भद्दे हैं। अब हम ये पुष्टि नहीं कर सकते कि ये सब गंभीरता में किया जा रहा है या मजाक के लिहाज से! लेकिन हर वीडियो 1 लाख से अधिक बार देखे गए हैं। इन वीडियोज के कमेंट बंद हैं इसलिए यह बताना भी सम्भव नहीं है कि लोगों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है।

यूट्यूब चैनल से लिए गए स्क्रीनशॉट

वीडियो में होस्ट ओरल सेक्स पर बात करते हुए कहती हैं कि ऐसा करने वाली महिलाओं के बारे में तभी पता चल पाता है जब मर्द डिमांड करे और औरत उसे पूरा कर दे। होस्ट आगे कहती है कि पाकिस्तानी औरत ये काम कम करती हैं। ये काम गंदे लोग करते हैं, जिनका इस्लाम से ताल्लुक नहीं होता और जो मुस्लिम महिलाएँ ये करती हैं, वो दीन से दूरी के कारण ये सब करती हैं। ऐसी हरकत किसी को नहीं करनी चाहिए और न करवानी चाहिए। होस्ट के अनुसार, यह सब करने से कैंसर होता है।

एक अन्य वीडियो में होस्ट कहती हैं कि उनसे एक औरत ने सवाल किया है कि उसने एक वीडियो देखी, जिसमें एक औरत अपने कुत्ते से नीचे का मकाम चटवा कर लज़्ज़त हासिल कर रही है। क्या वो भी ऐसा कर सकती है। इस पर होस्ट कहती है, “आपने तो बस चटवाने के लिए पूछा, आपको नहीं मालूम है लोग क्या-क्या करते हैं। अभी कुछ दिन पहले की बात है कि एक मुस्लिम लड़के ने बिल्ली को नहीं छोड़ा। खैर आपने जो सवाल पूछा वो गलत है। इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है।”

इस चैनल के विवरण में बताया गया है, “सुखद वैवाहिक जीवन के लिए (कुरान और सुन्नत के अनुसार) महिलाओं और पुरुषों की हर गुप्त परेशानी का समाधान, खासकर यौन संबंधी परेशानियों का, आपको हमारा सबसे अलग चैनल सब्सक्राइब करना चाहिए और जल्द से जल्द सुनने के लिए बेल बटन दबाना चाहिए।” 

हनुमान चालीसा पढ़ रही रैली पर मस्जिद से पथराव, राम मंदिर निर्माण के चंदा के लिए निकले थे भक्त

इंदौर जिले के चाँदन खेड़ी गाँव में मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) को हिंदूवादी संगठन के लोगों पर पथवराव की घटना के बाद इंदौर और ग्रामीण क्षेत्रों से भारी पुलिस बल पहुँच गया है। यह गाँव साँवेर-गौतमपुरा रोड पर स्थित हैं। इस घटना में करीब 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। गाँव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। 

डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने घटना को लेकर कहा कि क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य है और सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार दोपहर 1 बजे संगठन द्वारा अयोध्या के राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। दोपहर करीब एक बजे कुछ कार्यकर्ता मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। कुछ ही देर में पत्थर बरसने लगे।

वाहन पर सवार हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे। जब कार्यकर्ता नारे लगाते हुए एक विशेष समुदाय के क्षेत्र से निकल रहे थे तभी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और तोड़फोड़ भी की गई है।

घटना की सूचना मिलते ही गाँव में अफरा-तफरी मच गई। इंदौर स्थित पुलिस मुख्यालय में सूचना मिलते ही आला अधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पहुँचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही इंदौर डीआरपी लाइन से 50 पुलिसकर्मियों की टुकड़ी लेकर बड़े अफसर पहुँच गए। जब बात नहीं बनी तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों उज्जैन में भी हिंदूवादी संगठन की रैली के दौरान बेगमबाग में जमकर पत्थर चले थे। जिसके बाद उज्जैन में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वहाँ भी बेगमबाग क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण को लेकर धन संग्रह करने के लिए निकले हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की रैली पर पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भोपाल में कोरोना सर्वे टीम के साथ बदसलूकी की खबर सामने आई थी। लोगों ने दस्तावेज फाड़ने के बाद हाथों में पत्थर लेकर टीम का पीछा किया था। पुलिस के कहने पर मस्जिद से की गई अपील के बाद लोग शांत हुए और टीम ने सर्वे का काम पूरा किया गया।

नंगा कर एकता के किए टुकड़े, प्रिया को बेटी संग घर में ही गाड़ा: 2020 में ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) की टॉप 10 घटनाएँ

मेरठ की प्रिया हो या फिर फरीदबाद की निकिता… साल 2020 में आए लव जिहाद कानून की पृष्ठभूमि इन्हीं हिंदू लड़कियों के साथ घटी नृशंस वारदातों को देखने के बाद तैयार हुई है। इस साल ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) के कई ऐसे मामले सामने आए, जिसने न केवल हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ घृणा को उजागर किया बल्कि इंसानियत को भी तार-तार किया। इस साल के जाने से पहले आइए आपको एक बार दोबारा फ्लैशबैक में ले जाकर उन 10 मुख्य घटनाओं को याद दिला दें, जब ग्रूमिंग जिहाद के कारण मानवता सिहर उठी।

लव जिहाद में मारी गई एकता: भाभी रेशमा ने किया था नंगा, शाकिब और अब्बू सहित परिवार ने किए थे शरीर के टुकड़े
लुधियाना के अंकुजा आनंद नगर की एकता देशवाल की नृशंस हत्या का खुलासा इसी वर्ष हुआ था। शाकिब ने पहले बीकॉम में पढ़ रही एकता को झूठ बोल कर ग्रूमिंग जिहाद में फँसाया और फिर उसे मेरठ में लाकर अपने परिजनों की मदद लेकर बर्बरता से मौत के घाट उतार दिया। शाकिब ने इतनी चालाकी से सारी वारदात को अंजाम दिया कि पुलिस को पूरे एक साल लग गए इस मामले को सुलझाने में। उसे मारने से पहले उसे नंगा करके उसके शव के टुकड़े किए गए थे।

‘तू मेरा मंदिर अपने घर ले जा, मैं इसका अनादर नहीं देख सकती’- शमशाद के घर जाने से पहले सहेली से प्रिया की बात
मेरठ के परतारपुर से इस साल लव जिहाद का सबसे वीभत्स चेहरा सामने आया था। गाजियाबाद निवासी प्रिया नाम की महिला को पहले शमशाद नाम के युवक ने अमित गुर्जर बनकर फँसाया और लंबे समय तक साथ रहने के बाद मार्च में लॉकडाउन के दौरान उसे और उसकी बेटी कशिश को मौत के घाट उतार दिया। शमशाद ने वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शवों को घर के बेडरूम में गढ्ढा खोद कर दफनाया था और शव को गलाने के लिए उस पर 20 पैकेट नमक डाले थे।

शालिनी यादव से बनी फिजा फातिमा: फैसल संग किया निकाह, भाई ने बताया लव जिहाद का मामला, किए कई चौंकाने वाले खुलासे
यूपी के कानपुर से इस साल लव जिहाद के अनेक मामले उजागर हुए। मगर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला केस शालिनी से फातिमा बनी युवती का था। कानपुर की शालिनी ने घर से गायब होने के कुछ दिन बाद एक वीडियो जारी करके बताया था कि उसका नाम अब फिजा फातिमा हो चुका है। और उसने फैसल नाम के एक शख्स से शादी कर ली है। वहीं, शालिनी के भाई का कहना था कि फैसल ने उसे बहला-फुसलाकर प्रेमजाल में फँसाया है। इसी कारण वह घर से 10 लाख रुपए लेकर निकली।

अपहरण के प्रयास में तौसीफ ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत
अक्टूबर माह में फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की दिन दहाड़े हुई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उसकी हत्या नूँह से कॉन्ग्रेस विधायक आफताफ अहमद के चचेरे भाई तौसीफ ने गोली मार कर की थी। लड़की के परिवार ने मीडिया को बताया था कि तौसीफ लंबे समय से उनकी बेटी पर धर्म परिवर्तन करके निकाह करवाना चाहता था, लेकिन निकिता इसके लिए कभी राजी नहीं हुई। तौसीफ ने अपनी मनमानी करने के लिए निकिता का एक बार अपहरण भी किया था।

उत्तर प्रदेश: राजकुमार बन आसिफ ने नेहा से की शादी, सच्चाई उजागर होने पर मारी गोली
उत्तर प्रदेश के बदायूँ में हिंदू लड़की नेहा को आसिफ ने पहले राजकुमार बनकर प्रेमजाल में फँसाया, फिर उससे धोखे से शादी की। जब नेहा के सामने हकीकत का खुलासा हुआ और उसने इसके ख़िलाफ़ आवाज उठानी चाही तो एक दिन आसिफ ने अपने दोस्त तौफीक की मदद लेकर उसे गोली मारी और सारा इल्जाम लड़की के भाई पर डाल दिया। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि लड़की का भाई इस रिश्ते से नाखुश होकर अपनी बहन से बात करना बंद कर चुका था। और इस पूरी वारदात को अंजाम आसिफ ने दिया था।

प्यार में फाँस कर रेप के बाद निकाह… फिर छोड़ कर सऊदी अरब, अंजना से आएशा बनीं लेकिन मिली मौत
लखनऊ में एक महिला ने इस वर्ष बीच सड़क पर खुद को आग के हवाले कर आत्मदाह का प्रयास किया था। जब घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुई तो वामपंथियों ने इसके लिए योगी सरकार को घेरा। हालाँकि बाद में पूरा केस ग्रूमिंग जिहाद का निकला। 35 वर्षीय अंजना से आइसा बनी महिला ने आरोप लगाया कि महाराजगंज के निवासी अखिलेश तिवारी से उसकी शादी हुई थी, जिसके बाद तलाक हो गया। तत्पश्चात महिला ने धर्म परिवर्तन कर आसिफ नाम के युवक से शादी कर ली। मगर शादी होते ही आसिफ सऊदी अरब चला गया और उसके परिजन उसे प्रताड़ित करने लगे।

साहिल कुमार बन कर शौकत अली ने फँसाया, शादी भी कर ली… फिर कुल्हाड़ी से हमला कर घर से भगाया
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हिंदू महिला को शौकत अली नाम के कश्मीरी युवक ने छद्म हिन्दू पहचान बता कर पहले प्रेम जाल में फँसाया, फिर उससे शादी कर ली। लड़की जब अपने ससुराल पहुँची, उसे शौकत के असली मजहब का भान हुआ। कुछ दिन में ही उसे प्रताड़िता किया जाना शुरू हो गया। एक दिन सबने मिल कर उस पर कुल्हाड़ी से हमला किया और अंत में पीट-पीट कर घर से बाहर निकाल दिया। महिला ने प्रशासन से मदद माँगी पर निराशा हाथ लगने पर वीडियो के जरिए सारी आपबीती सुनाई।

सचिन बन अली ने फँसाया, गौमांस खिला इस्लाम कबूलने को किया मजबूर: कानपुर की हिंदू पीड़िता
कानपुर से आए लव जिहाद के एक अन्य मामले में शीबू अली नाम के युवक ने पहले सचिन बनकर हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फॅंसाया। फिर अश्लील वीडियो बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा। शीबू ने महिला को मौलवी के साथ संबंध बनाने को कहे। उसे गौमांस खिलाया। जब लड़की ने विरोध किया तो चाकू से उस पर हमला कर दिया। इस केस में लड़की ने शीबू की हरकतें देख कर खुद इस बात का भान किया था कि सचिन कोई हिंदू युवक नहीं है बल्कि दूसरे समुदाय का है। बावजूद इसके वह कई बार उसके झाँसे में फँसी और उस पर हमले होते रहे। 

मोहम्मद आफताब के मारपीट और दबाव से तंग पूजा पटेल ने लगाई फाँसी, नमाज और इस्लाम के अनुसार रहने को किया जाता था मजबूर
मॉडल बनने के सपने देखने वाली पूजा लव जिहाद का शिकार होने के बाद खुद को इस गर्त से निकाल नहीं पाई और मात्र 25 साल की उम्र में फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। बनारस की उस युवती ने 3 साल पहले मो. आफताब से प्रेम विवाह किया था। मगर, शादी के बाद उस पर जबरन नमाज पढ़ने को कहा जाने लगा। धीरे-धीरे आफताब और उसके परिजन पूजा को मारने पीटने लगे। जिससे तंग आकर उसने खुदखुशी कर ली।

कलावा पहन ख़ालिद ने 14 साल की हिन्दू लड़की को प्रेम में फँसाया: ‘4 बार रेप किया, वीडियो भी बनाया’
उत्तर प्रदेश के बरेली से इस साल 14 साल की दलित हिन्दू लड़की को गलत धार्मिक पहचान बताकर प्रेमजाल में फँसाने, बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर नाबालिग को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया था। लड़की ने बताया था उसे पार्लर आते-जाते एक लड़का मिला था, जिसने अपनी पहचान अमन बताई थी। लड़की के अनुसार वह उससे मिलते वक्त हाथ में कलावा और कड़ा पहनता था। कई बार लड़की को विश्वास में लेने के लिए वह उसके साथ मंदिर भी गया। बाद में लड़की को पता चला कि वो अमन नहीं खालिद है जिसे देख पीड़िता ने उससे मिलना-जुलना बंद कर दिया। ऐसा होने पर ख़ालिद ने उसे डराया-धमकाया और पीटा भी। साथ ही अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी।

अक्षय और अजय देवगन ने क्यों ठुकरा दी राजा सुहेलदेव की बायोपिक, जिन्होंने गाजी मियाँ को हरा कर मार डाला था

हिन्दू राजा सुहेलदेव (Suhaldev) की बायोपिक फिल्म को लेकर बॉलीवुड में प्रयास चल रहे हैं। लेकिन क्या बॉलीवुड के कुछ बड़े अभिनेताओं ने इस प्रोजेक्ट को विभिन्न कारणों का हवाला देकर ठुकरा दिया?

11वीं शताब्दी में बहराइच में ग़ज़नवी सेनापति सैयद सालार मसूद ग़ाज़ी, जिसे गाजी मियाँ भी कहते थे, को हराकर उसे मार डालने वाले राजा सुहेलदेव का नाम आज भी काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। कहा जा रहा है कि अक्षय कुमार और अजय देवगन ने इस फिल्म को ठुकरा दिया है।

अश्विन वर्डे इस फिल्म को अमिश त्रिपाठी की किताब के आधार पर निर्मित करना चाहते हैं, जो उन्होंने राजा सुहेलदेव के जीवन पर लिखी है। ‘Next TV’ के अनुसार, अश्विन इसी महीने दिल्ली गए थे और वहाँ उन्होंने अक्षय कुमार के साथ इस फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने के लिए बृहद चर्चा की, लेकिन अक्षय कुमार ने इसकी स्क्रिप्ट पर और काम किए जाने की सलाह देकर ठुकरा दिया। साथ ही, उन्होंने डेट्स भी उपलब्ध न होने की बात कही।

खबर में आगे बताया गया कि अक्षय कुमार का कहना है कि अगले दो वर्षों तक की उनकी सारी तारीखें व्यस्त हो चुकी हैं। साथ ही फिल्म के निर्माताओं की क्रिएटिविटी के साथ उनकी सोच भी नहीं मैच हो पाई, जिस कारण उन्होंने ये बायोपिक नहीं की। इस फिल्म को 2021 में ही शुरू किया जाना है और मुख्य अभिनेता को 70 दिन इसके लिए देने होंगे। कहा जा रहा है कि अजय देवगन ने भी कहानी सुनी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसमें रुचि नहीं दिखाई।

उस समय आश्विन भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं थे और कहा जा रहा था कि ‘तान्हा जी‘ फिल्म के बाद अजय देवगन इसी प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेंगे। चूँकि अमिश त्रिपाठी की पुस्तक को लोगों ने हाथोंहाथ लिया है, इसीलिए फिल्म में भी अपार संभावनाएँ देखी जा रही हैं। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, निर्माताओं को उम्मीद है कि जल्द ही कोई बड़ा एक्टर फाइनल कर लिया जाएगा। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी ‘नेक्स्ट जेन’ अभिनेता को भी ये रोल सौंपा जा सकता है।

वहीं, राजा सुहेलदेव पर बनने वाली फिल्म के निर्माताओं Wakaoo फिल्म्स, Casa मीडिया और Immortal स्टूडियोज ने एक साझा बयान जारी कर के कहा है कि उन्होंने अभी किसी अभिनेता से संपर्क नहीं किया है। साथ ही स्वीकार किया कि उन पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि मीडिया के एक हिस्से में चल रही खबरें गलत हैं और स्क्रीनप्ले पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म से हर भारतीय जुड़ा हुआ महसूस करेगा और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा होगी।

वामपंथी मीडिया का लाडला केरल, अकेला राज्य जहाँ लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले

भारत में कोरोना वायरस के केस तेजी से कम हो रहे हैं, मगर केरल देश का ऐसा राज्य है, जहाँ कोविड-19 संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस महीने 13 से 26 दिसंबर के आँकड़े देखें तो 10 फीसदी कोरोना के केस बढ़े हैं। वहीं 30 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच मामलों में 9.4 फीसदी उछाल देखने को मिली।

अगर संक्रमित मामलों की दर देखें तो हर 100 सैंपलों की जाँच में पाँच फीसदी से ज्यादा टेस्ट पॉजिटिव निकल रहे हैं। यह दर बीते 14 दिनों से लगातार देखने को मिल रही है। यह राज्य रेड जोन में आ गया है।

बता दें कि कुल 100 टेस्ट में से जितने भी कोरोना के संक्रमित केस मिलते हैं उन्हें ही पॉजिटिविटी रेट कहते हैं। अगर पॉजिटिविटी रेट 14 दिन के दौरान 5% से अधिक होता है तो उसे रेड जोन माना जाता है। यही वजह है कि केरल को रेड जोन में रखा गया है।

समाचार वेबसाइट ‘मातृभूमि’ के अनुसार, केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा है कि राज्य में कोरोना वायरस म्यूटेशन्स के जरिए आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में की गई स्टडी से इसका पता चला है। केरल में अब तक 7,32,085 कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आए हैं जिनमें 6,64,951 लोग ठीक हो गए हैं और 2,931 लोगों की वायरस से मौत हो गई है।

वामपंथी मीडिया लगातार करती रही है केरल की प्रशंसा

गौरतलब है कि केरल के ‘COVID-19 मॉडल’ की लगातार ही देशभर में सराहना की गई। वामपंथी मीडिया ने हर संभव तरीके से वामपंथी सत्ता वाली केरल सरकार की प्रशंसा की, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों द्वारा इस बीमारी को रोकने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की अनदेखी की गई। यहाँ तक ​​कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जुलाई माह में केरल के COVID प्रबंधन पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की। उस अवधि के दौरान, शिवसेना-कॉन्ग्रेस-एनसीपी की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार इस बीमारी को रोकने के लिए संघर्षरत था।

गोवा में देखने के मिल रहा सुधार

केरल के अलावा गोवा एकमात्र राज्य ऐसा है जहाँ पर पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से ज्यादा, 6 फीसदी है। लेकिन पिछले एक पखवाड़े के आँकड़े देखें तो यहाँ पॉजिटिव मामलों की संख्या कम हुई है। ऑल इंडिया पॉजिटिव रेट 30 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 3 फीसदी थी जो अब घटकर 13 दिसंबर से 26 दिसंबर के बीच 2.2 फीसदी हो गई है।

अन्य राज्यों का यह है हाल

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का पॉजिटिव रेट 5 फीसदी से नीचे है। बीते एक पखवाड़े से एक बड़ा सुधार इन राज्यों में देखने को मिला है। वहीं दिल्ली में 1.4 फीसदी, गुजरात (1.8 फीसदी) और तमिलनाडु (1.5 फीसदी) है। डेढ़ महीने पहले (8-21 नवंबर) के बीच 9 राज्य ऐसे थे जिनकी कोरोना पॉजिटिव दर 7 फीसदी से 15 फीसदी के बीच थी। 15 फीसदी की दर से सबसे आगे हिमाचल प्रदेश था। उसके बाद दिल्ली-13 फीसदी, राजस्थान -11 फीसदी, हरियाणा -10 फीसदी, केरल -10 फीसदी, गोवा -9 फीसदी, पश्चिम बंगाल – 8 फीसदी, महाराष्ट्र -8 फीसदी और छत्तीसगढ़ 7 फीसदी थी। अब, केरल और गोवा को छोड़कर, अन्य सभी राज्यों में संक्रमित मामलों की दर घट गई है।

उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम और बिहार सबसे अच्छे

उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम और बिहार सबसे नीचे हैं। यहाँ पर पॉजिटिविटी दर 1 फीसदी से नीचे है। अक्टूबर-नवंबर के दौरान पुष्टि की गई मामलों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होने के बाद दिल्ली में अच्छा प्रदर्शन जारी है। उस समय दिल्ली की पॉजिटिविटी रेट 13% पहुँच गई थी।

बंगाल में श्रमिकों को मार्च से नहीं मिला वेतन, बैठक में चली कुर्सियाँ तो भाग खड़े हुए ममता के मंत्री: देखें Video

दिल्ली में कृषि कानून के नाम पर केंद्र सरकार के विरोध में हो रहे किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस को अपने ही प्रदेश में मजदूरों की आवाज सुनाई नहीं पड़ रही। सोमवार (दिसंबर 28, 2020) को इसी कारण बंगाल के नेताजी इंडोर स्टेडियम में टीएमसी नेताओं को ठेका मजदूरों के विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज मजदूरों ने कॉन्फ्रेंस के बीच ही कुर्सियाँ पटकनी, फ्लेक्स बोर्ड फाड़ने शुरू कर दिए। मजदूरों का कहना था कि लंबे समय से उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि उन्हें उनकी सैलरी आखिर कब मिलेगी।

स्टेडियम में मजदूरों का रोष कल (दिसंबर 28, 2020) बैठक के दौरान देखने को मिला। यह बैठक राज्य के वरिष्ठ मंत्रियों ने मजदूरों की माँग सुनने के नाम पर बुलाई थी। इस पर मजदूरों ने कहा कि वो इस बैठक में तभी शामिल होंगे जब उनकी डिमांड को मानने का आश्वासन दिया जाएगा। इस बैठक में राज्य शहरी मंत्री फिरहाद हकीम, ऊर्जा मंत्री सोभन देब चट्टोपाध्याय और श्रम मंत्री मोलोय घटक मौजूद थे।

कार्यक्रम में मोलोय घटक जैसे ही अपनी स्पीच बंद करने चले, तभी स्टेडियम का माहौल बिगड़ गया। मजदूरों ने कहा कि इस बैठक में वो सैलरी पर बातचीत की अपेक्षा कर रहे थे। मगर जब उन्होंने देखा कि सारी बात खत्म होने के बाद भी कोई इस पर बात नहीं कर रहा तो सभी मजदूरों ने नेताओं के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसे देख सभी मंत्री जल्दी जल्दी में स्टेडियम से भाग निकलने में सफल हुए।

एक मजदूर ने इस दौरान कहा, “आपको हमारी मासिक 13,500 मजदूरी देनी होगी।” दूसरे ने कहा, “हमें लगा था कि आज हमारी सैलरी मिल जाएगी। फिर आखिर ऐसा क्यों नहीं हुआ।”

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में देख सकते हैं प्रदर्शनकारियों को आश्वासान देने की बजाय ये राज्य नेता मंच छोड़कर भागते नजर आए थे। इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक राज्य शहरी मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, “डिमांड ऐसी पूरी नहीं की जा सकेंगी। अगर हम मुख्यमंत्री को बताएँगे तो वो जरूर सुनेंगी।”

वहीं घटक ने कहा, “हमारे पास आज घोषणा के लिए कुछ नहीं है। हमें मालूम है इन्हें पिछले 6 माह से कमीशन नहीं मिल रहा। हम इनकी डिमांड पर गौर कर रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रदर्शन ठीक नहीं।”

बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन सेल्फ एंप्लॉडय लेबर ऑर्गनाइजेशन के मजदूरों द्वारा किया गया था, जिसे वामपंथी काल में अस्तित्व में लाया गया। इसका मकसद असंगठित श्रमिकों से सोशल सेक्योरिटी स्कीम में तय राशि को निकलवाना था। मजदूरों ने इस पर बताया कि उनको असंगठित श्रमिकों से पैसे निकालने के लिए कमीशन मिला। पूरे राज्य में ऐसे लगभग 6,500 कर्मचारी हैं। इनका कहना है कि उनका पैसा मार्च-अप्रैल से रोक दिया गया था, जिससे उन्हें कमीशन भी नहीं मिल रहा। अब इनकी माँग है कि न्यूनतन मजदूरी फिक्स की जाए जबकि मंत्री कह रहे हैं कि वो तभी माँग सुनेंगे जब प्रदर्शन वापस लिया जाएगा।

भाजपा बंगाल ने इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है। उन्होंने ऐसी घटना के पीछे भ्रष्टाचार, फर्जी वादे और बढ़ती बेरोजगारी को जिम्मेदार बताया है। साथ ही कहा कि यह सब बंगाल में हर तरह से बढ़ रहा है।

‘क्रिसमस पर PM मोदी गए चर्च, किया प्रेयर’ – कॉन्ग्रेसी महिला नेता ने शेयर की फोटो, हुआ वायरल – Fact Check

सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने के लिए पुरानी तस्वीर शेयर करके अक्सर अपनी फजीहत करवाना कॉन्ग्रेसियों के लिए कोई नई बात नहीं है। लेकिन बार-बार पोल खुलने के बावजूद भी वह इस काम को करने के इतने आदी हो चुके हैं कि मौका आते ही उनकी पहली प्राथमिकता झूठ फैलाना ही होता है।

हाल में क्रिसमस के मौके पर पीएम मोदी ने ट्विटर के जरिए सबको क्रिसमस की बधाई दी, लेकिन कहीं भी ऐसी खबर देखने को नहीं मिली कि पीएम ने चर्च विजिट किया। फिर भी इस बीच उनकी एक तस्वीर का इस्तेमाल करके यह दावा कर दिया गया कि वह चर्च में गए थे।

कर्नाटक में महिला कॉन्ग्रेस की सदस्य और कॉन्ग्रेस के प्रियदर्शिनी अभियान की इंचार्ज भव्या नरसिम्हामूर्ति ने तो इसे शेयर करके न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा बल्कि बजरंग दल पर भी तंज कसने का प्रयास किया। बता दें कि असम में कच्छर के बजरंग दल मुख्य सचिव मीथू नाथ ने कहा था कि जो कोई भी क्रिसमस पर चर्च जाएगा, उसे पीटा जाएगा। 

भव्या के कॉन्ग्रेसी नेत्री होने के प्रमाण

इसी के मद्देनदर भव्या ने पीएम मोदी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “कोई तस्वीर में बजरंगदल को टैग कर दो। ये आदमी क्रिसमस पर चर्च जा रहा है। इसकी हिम्मत कैसे हुई?”

ट्विटर पर किसान नाम के यूजर ने लिखा, “नरेंद्र मोदी, हिंदू युवा वाहिनी, करणी सेना, बजरंग दल को चिढ़ाने के लिए क्रिसमस पर चर्च पहुँच गए।” कई अन्य लोगों ने इसी तस्वीर को शेयर करके पीएम मोदी को अंधभक्तों का संता क्लॉज बताया और लिखा, “अंधभक्तों का संता आज चर्च पहुँचे हैं।”

ऐसे फैलाया गया फेक न्यूज

कुल मिलाकर इन सभी लोगों का दावा यही दर्शा रहा था मानो क्रिसमस पर प्रधानमंत्री ने चर्च विजिट किया हो। लेकिन वास्तविकता में यह तस्वीर 9 जून 2019 की है, जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका में हुए बम ब्लास्ट के बाद मृतकों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करने गए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 9 जून को प्रकाशित अखबार में बताया था कि पीएम मोदी कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च ईस्टर हमले का शिकार हुए पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने पहुँचे।

इसके अलावा पीएम मोदी ने भी ट्विटर पर अपने इस दौरे की तस्वीर शेयर की थी। उन्होंने 9 जून 2019 के ट्वीट में लिखा, “मुझे यकीन है कि श्रीलंका दोबारा उठेगा। आतंकियों के कायराना हमले श्रीलंका के साहस को नहीं हरा सकके। भारत श्रीलंका के साथ एकजुट होकर खड़ा है।”

गौरतलब है कि साल 2019 के अप्रैल माह में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो ईस्टर रविवार को विस्फोटों से दहल उठी थी। इस हमले में तीन चर्च और 4 लक्जरी होटलों सहित 8 विस्फोट हुए थे। इस पूरे हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी लेकिन सरकार ने स्थानीय कट्टरपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात को भी बमबारी के लिए जिम्मेदार बताया था। इसी हमले के लगभग डेढ़ माह बाद पीएम ने सेंट एंथनी चर्च में विजिट किया था। जो आतंकियों के आत्मघाती हमले का शिकार था।

नेपाल में सड़क पर उतरे लोग: चीन का उलटा पड़ा दाँव तो भारत पर ही लगा दिया जासूसी का आरोप

नेपाल में चीन का दाँव अब काम नहीं आ रहा है, ऐसे में अब चीनी मीडिया ने भारत को ही दोष देना शुरू कर दिया है। चीन ने आरोप लगाया है कि भारत उसकी जासूसी कर रहा है। जबकि दुनिया भर में कई देश चीन पर ही हैकिंग से लेकर जासूसी तक के आरोप लगाते रहते हैं। ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भारत पर नेपाल की राजनीति में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है, जबकि सच्चाई ये है कि चीन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल फ़िलहाल 4 दिन के प्रवास में काठमांडू में बैठा हुआ है।

ऊपर से चीन दुनिया को बेवकूफ बनाने के लिए ये कह रहा है कि कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उप-मंत्री गुओ येझोउ के नेतृत्व में चीन की जो टीम नेपाल गई है, वो कोरोना वायरस पर चर्चा के लिए पहुँची है। जबकि चीन लगातार नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के विभिन्न गुटों को एक करने में लगा हुआ है। चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने नेपाल की राजनीतिक परिस्थितियों और बदलते घटनाक्रम को संज्ञान में लिया है।

चीन ने नेपाल की सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी को राजनीतिक स्थिरता, राष्ट्रीय सुरक्षा, देश के हित, विकास और संपूर्ण परिदृश्य को ध्यान में रखने की सलाह देते हुए आंतरिक विवाद को सुलझाने के लिए कहा है। उधर ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने फूदान यूनिवर्सिटी के प्रफेसर लिन मिनवांग के हवाले से दावा किया है कि नेपाल के विवाद में भारतीय हस्तक्षेप से चीन चिंतित है। दावा किया गया है कि भारत के ख़ुफ़िया एजेंट NCP नेताओं पर नजर रख रहे हैं।

वहीं नेपाल के कई राजनीतिक दल और और बुद्धिजीवी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के संसद भंग किए जाने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। काठमांडू में शनिवार (दिसंबर 26, 2020) को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। इनमें अधिकतर लेखक, कवि और कलाकार शामिल थे। लोगों ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने की बात करते हुए अपना आक्रोश जताया। ओली और प्रचंड गुट के बीच समझौता नहीं हो पा रहा है।

वहीं नेपाल ने कहा है कि भारत के साथ उसके रिश्ते आगे बढ़ते रहेंगे। नेपाल ने कहा कि वहाँ की राजनीतिक अस्थिरता का प्रभाव भारत के साथ उसके रिश्तों पर नहीं पड़ेगा। भारत में नेपाल के राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने TOI से कहा कि वहाँ के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली जल्द ही नई दिल्ली आएँगे। साथ ही जॉइंट कमीशन की बैठक भी होनी है। जहाँ नेपाल की राजनीति में चीन बेशर्मी से हस्तक्षेप कर रहा है, भारत ने अपनी तटस्थता से नेपाल की जनता को भी खुश किया है।

इस दौरान भारत के तीन बड़े अधिकारियों ने काठमांडू का दौरा कर के द्विपक्षीय हितों को मजबूत करने पर बल दिया। कॉमर्स और एनर्जी मंत्रालय के सचिवों की नेपाल के उनके समकक्षों के साथ बैठक भी हुई। नेपाल द्वारा गलत नक्शा जारी किए जाने के बाद पिछले कुछ महीनों में उसके रुख में बड़ा बदलाव आया है और भारत के साथ रिश्ते पटरी पर आ गए हैं। उधर चीनी प्रतिनिधिमंडल लगातार NCP नेताओं के साथ बैठकों में व्यस्त है।

बता दें कि चीन का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार (दिसंबर 27, 2020) को काठमांडू पहुँचा और तुरंत ही नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) को टूट से बचाने के काम में लग गया। चीनी टीम ने नेपाल के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसके बाद शाम के 7:30 बजे चीनी टीम बालूवाटर पहुँची और वहाँ पीएम ओली के साथ उसकी बैठक हुई। टीम स्थिति का यही आकलन करने आई है कि नई परिस्थितियों में उस निवेश पर क्या असर पड़ेगा। 

‘ईश्वर की चेतावनी’ के बाद रजनीकांत ने त्यागा राजनीति में आने का प्लान, तमिलनाडु चुनाव में ‘थलाइवा’ की ‘नो एंट्री’

रक्तचाप समस्याओं के कारण सुपरस्टार रजनीकांत कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। अब वहाँ से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा है कि वो राजनीतिक पार्टी की शुरुआत नहीं करेंगे। इससे पहले वो दिसंबर महीने के अंत में राजनीतिक दल शुरू करने को लेकर निर्णय लेने वाले थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने उन्हें एक चेतावनी दी है, जिसका अनुपालन करते हुए वो राजनीति में नहीं आएँगे।

अपने प्रशंसकों के लिए उन्होंने ट्विटर पर एक पत्र लिख कर उनका आभार जताया और उन्हें जानकारी दी कि उनके अस्वस्थ होने की हालिया घटना ईश्वर की तरफ से उन्हें मिली एक चेतावनी थी, जिसके बाद उन्होंने राजनीतिक दल शुरू करने की योजना को रोक दिया है। तमिलनाडु में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं और वहाँ ‘थलाइवा’ के नाम से पुकारे जाने वाले रजनीकांत की पोलिटिकल एंट्री का इंतजार सभी को था।

रजनीकांत ने ऐलान किया था कि वो ईश्वर से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और इसीलिए उनकी राजनीति आध्यात्मिक किस्म की होगी। उन्होंने कहा कि कई लोग उन पर विश्वास करते हैं और वो नहीं चाहते कि वो लोग अपने-आप को ठगा हुआ महसूस करें, इसीलिए ये निर्णय लिया गया है। उन्होंने महामारी का हवाला देते हुए कहा कि इस परिस्थिति में उनका चुनाव प्रचार करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यूज़ मीडिया और सोशल मीडिया आपको जीत नहीं दिला सकता।

दिसंबर 12 को अपना 70वाँ जन्मदिन मनाने के बाद से ही उन्होंने अपनी फिल्म ‘Annathe’ की शूटिंग शुरू कर दी थी, लेकिन सेट पर कुछ लोगों को कोरोना होने के बाद वो भी रुक गई थी। अब उन्होंने कहा है कि उनके सेट पर ऐसी स्थिति आने के कारण उन्हें भी डॉक्टरों की निगरानी में रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने इसका भी जिक्र किया कि कैसे अब ब्रिटेन में इस वायरस ने अपना रूप बदल लिया है।