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‘उसने गला काटा, मैं भी वही करता’ – मुनव्वर राणा पर UP पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

फ्रांस में हुए आतंकी हमले को जायज ठहराने वाले मुनव्वर राणा के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। हाल में उन्होंने अपने बयान के जरिए पेरिस में शिक्षक का गला रेतने वाले आतंकी का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उस लड़के की जगह वह होते तो वह भी यही करते।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद शायर मुनव्वर राणा के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ़ आईपीसी की धारा 153-A, 295-A,298, 505(1)(B),505(2) और आईटी एक्ट की धरा 67,66 के अंतर्गत मामला पंजीकृत हुआ है।

FIR में इस बयान को वैमनस्यता बढ़ाने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार मुनव्वर राणा के द्वारा दिया गया बयान सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने के लिए पर्याप्त है, जिसकी वजह उनके खिलाफ ये FIR दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों फ्रांस में हुए आतंकी हमले पर विवादित शायर मुनव्वर राणा ने विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने हमलावर का बचाव करते हुए कहा था, “अगर उसकी जगह मैं होता तो मैं भी वही करता। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने के लिए तैयार हो जाए।”

मुनव्वर राणा ने जी न्यूज से बात करते हुए कहा था, “अगर अभी कोई शख्स मेरे बाप का कार्टून कोई ऐसा बना दे कोई गंदा कार्टून, मेरी माँ का कोई ऐसा गंदा कार्टून बना दे, तो हम तो उसको मार देंगे। अगर कोई हमारे हिंदुस्तान में हमारे देवी-देवता का, माँ सीता का या भगवान राम का ऐसा कोई कार्टून बना दे जो गंदा हो, आपत्तिजनक हो, तो हम उसको मार देंगे।”

उन्होंने आगे कहा था, “हिंदुस्तान में हजारों सालों से ऑनर किलिंग को जायज मान लिया जाता है, कोई सजा नहीं होती है। तो फिर आप उसको नाजायज कैसे कह सकते हैं।”

बता दें कि पिछले दिनों पेरिस में एक शिक्षक ने अपनी कक्षा में छात्रों के सामने पैगंबर मोहम्मद के विवादित कैरिकेचर को दिखा दिया था। इसके बाद एक कट्टरपंथी छात्र ने उन्हें दिनदहाड़े बेरहमी से मार डाला। हालाँकि बाद में उस मुस्लिम छात्र को भी एनकाउंटर में मार डाला गया। लेकिन, इस घटना के बाद फ्रांस और इस्लामी देशों व मजहबी कट्टरपंथियों के बीच नया विवाद छिड़ गया। इसी विवाद के बीच मुनव्वर राणा ने भी अपना बयान दिया।

फरार हुईं दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश? ड्रग्स मामले में NCB के समन को धता बताया: कोई अता-पता नहीं

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद सामने आए ड्रग्स मामले की जाँच कर रही NCB ने कहा है कि दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश समन भेजे जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हो रही हैं। उनका कोई अता-पता नहीं है। सोमवार (नवंबर 2, 2020) को अधिकारियों ने जानकारी दी है कि करिश्मा प्रकाश ‘अनट्रेसेबल’ हैं। उन्हें अक्टूबर 27 को ही NCB के समक्ष पेश होने को कहा गया था, लेकिन वो नहीं आईं

‘क्वान टैलेंट मैनेजमेंट कम्पनी’ के अन्य कर्मचारियों को भी समन भेजा गया है। बॉलीवुड में ड्रग्स की जाँच में इस कम्पनी का नाम भी सामने आया है। करिश्मा प्रकाश के ठिकानों से NCB ने छापेमारी के दौरान पिछले महीने 1.7 ग्राम्स चरस और एक बोतल ‘CBD ऑइल’ जब्त किया था। इस मामले में चल रही जाँच के दौरान बॉलीवुड की अभिनेत्रियों श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ की गई थी।

NCB के मुंबई जोन के डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने कहा कि एजेंसी फ़िलहाल करिश्मा प्रकाश की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई करेगी। अब तक इस मामले में 18 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 28 वर्षीय रिया चक्रवर्ती भी इस मामले में आरोपित हैं, जो फ़िलहाल जमानत पर बाहर हैं। प्रवर्तन निदेशालय के निवेदन के बाद NCB ने इस केस की जाँच शुरू की थी। सुशांत जून 14 को अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पूछताछ के दौरान अपनी मैनेजर करिश्मा प्रकाश के साथ ड्रग्स को लेकर चैट करने की बात कबूल कर ली थी। जाँच एजेंसी ने दीपिका पादुकोण और करिश्मा प्रकाश को आमने-सामने बैठाकर 2017 में की गई चैट के बारे में पूछताछ की थी। इस दौरान अभिनेत्री ने चैट की बात स्वीकार कर ली थी। अब करिश्मा प्रकाश गायब हो गई हैं।

दीपिका पादुकोण से एनसीबी की 5 सदस्यी टीम ने सवाल-जवाब किया था। करिश्मा प्रकाश ने पूछताछ में ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि वे सिर्फ सिगरेट पीती हैं। जब दीपिका-करिश्मा को आमने-सामने बिठाकर ड्रग्स चैट को लेकर सवाल पूछा गया तो दोनों ने कहा था कि वो ड्रग्स नहीं लेते हैं। NCB ने पूछा कि फिर चैट में ये वीड/हैश किसके लिए मँगवा रही हैं। इस पर दोनों ने गोल-गोल जवाब दिए थे।

‘मुस्लिम JCB ड्राइवर ले गया उसे अपने साथ’ – 21 दिन से गायब नाबालिग की माँ ने पुलिस में की शिकायत

हरियाणा के रेवाड़ी में 16 साल की एक नाबालिग लड़की के गायब होने के कई दिनों बाद उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उसे एक मुस्लिम लड़का बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया। आरोपित एक जेसीबी का ड्राइवर बताया जा रहा है। वहीं पुलिस 21 दिन से गायब लड़की को खोजने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, नाबालिग की माँ का कहना है, “मेरी 16 साल की लड़की 11 अक्टूबर से गायब है। उसे एक मुस्लिम समुदाय का जेसीबी ड्राइवर अपने साथ ले गया है।”

खोल थाना इंचार्ज पुलिस ने इस केस को लेकर कहा, “हमें 11 अक्टूबर से गायब एक नाबालिग लड़की की रिपोर्ट मिली है। एक लड़का उनके परिवार के लिए काम करता था, वह भी गायब है। हमने केस को दर्ज किया है और लड़की को ढूँढने के लिए कई जगह छापेमारी कर रहे हैं। एक बार लड़की मिल जाए, तो हर चीज का खुलासा होगा।”

गौरतलब है कि हरियाणा के रेवाड़ी से यह मामला उस समय सामने आया है, जब कुछ दिनों पहले ही तौसीफ नाम के मुस्लिम युवक ने निकिता तोमर नामक हिंदू लड़की को दिनदहाड़े गोली चला कर मार डाला। निकिता की गलती बस यही थी कि उसने धर्म परिवर्तन करने से मना किया था।

इस घटना की पूरी सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसमें साफ दिख रहा था कि आरोपित ने निकिता को पहले गाड़ी में खींचने की कोशिश की, लेकिन जब वह असफल हुआ तो उसने उसे गोली मार दी।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद हरियाणा सरकार ने ऐलान किया था कि वह लव जिहाद जैसे मामलों पर कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा था कि बल्लभगढ़ घटना के तार लव जिहाद से है और केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार ऐसे केसों में कानूनी प्रावधान बनाने पर विचार कर रही है ताकि इन कथित लव जिहाद के दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

‘तेज प्रताप यादव मंच पर ही बकने लगते हैं गाली’: युवा RJD जिलाध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा, लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

राजद नेता तेज प्रताप यादव इस बार समस्तीपुर के हसनपुर से बिहार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं, जहाँ उनका मुकाबला जीत की हैट्रिक लगाने उतरे जदयू नेता राजकुमार राय से है। अब क्षेत्र के एक राजद नेता ने तेज प्रताप यादव पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अमरेश राय ने इस्तीफा देते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव मंच पर ही गाली बकने लगते हैं, इसीलिए आहत होकर वो इस्तीफा दे रहे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार (नवंबर 3, 2020) को होना है और राजद के संस्थापक-अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे के भाग्य का फैसला भी उसी दिन मतपेटियों में कैद हो जाएगा। समस्तीपुर के युवा राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष अमरेश राय ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि वो हाल ही में हसनपुर के मंगल गढ़ में तेजस्वी यादव की जनसभा में भाग लेने पहुँचे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौरान तेज प्रताप यादव वहाँ आए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें मंच पर ही गाली दी। ‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, अमरेश राय ने बताया कि वो पिछले 15 वर्षों से युवा राजद के अलग-अलग पदों पर रहे हैं और पिछले 10 साल से पार्टी के युवा विंग के जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वो लालू यादव के परिवार के लिए जान लेने और देने, दोनों के लिए ही तैयार रहा करते थे।

उन्होंने कहा कि जहाँ मान-सम्मान नहीं मिले, वहाँ रहना उचित नहीं है। साथ ही बताया कि वो जल्द ही अपने भविष्य को लेकर घोषणा करेंगे। उन्होंने दुःखी मन से कहा कि जिस पार्टी की इतने साल तन-मन-धन से सेवा की और जिसके कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे, उसकी परिणीति उन्हें अब दुर्व्यवहार के रूप में मिली है। उन्होंने कहा कि वो प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव के कहने पर चुनाव प्रचार के लिए निकले थे, पर तेज प्रताप का व्यवहार बर्दाश्त लायक नहीं है।

बता दें कि जिस हसनपुर सीट से तेज प्रताप यादव चुनाव लड़ रहे हैं, उसे बिहार के लोहियावादी और ईमानदार माने जाने वाले वयोवृद्ध नेता गजेंद्र कुमार हिमांशु के कारण ख्याति मिली थी। हिमांशु ने ये सीट 1967, 69, 72, 77 और 80 में जीती थी। 10 साल बाद 1990 में वो लौटे और फिर से ये सीट अपने नाम की। एक दशक बाद फिर से उन्होंने 7वीं बार 2000 में ये सीट अपने नाम की। दो बार मुख्यमंत्री पद ठुकराने वाले हिमांशु ने पहली बार में मात्र 2700 रुपए खर्च कर और सायकिल से प्रचार करके मात्र 27 की उम्र में हैट्रिक लगा चुके MLA को हरा दिया था।

लेकिन, जमीन पर तेज प्रताप के लिए राह इतनी भी आसान नहीं है। खासकर, पत्नी ऐश्वर्या के साथ हुए उनके विवाद को लेकर महिलाओं और उनके स्वजातीय मतदाताओं में भी नाराजगी दिखती है। ऑपइंडिया की टीम इस इलाके में तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव की सभा के अगले दिन पहुँची थी। इससे पहले तेज प्रताप के नामांकन में भी तेजस्वी आए थे। बावजूद रोजगार और पलायन के मुद्दे पर यहाँ के चुनाव को केंद्रित करने की कोशिश में उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।

राजीव गाँधी के आदेश पर कॉन्ग्रेसियों ने किया था 1984 का सिख नरसंहार: पूर्व DGP का खुलासा और वीडियो की सच्चाई

भारत में 1984 में हुआ सिख नरसंहार किसे याद नहीं है, जब कॉन्ग्रेस नेताओं के इशारे पर सिखों का कत्लेआम मचाया गया था। इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए इस नरसंहार को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने अपने भाषण में इसे जायज भी ठहराया था। कई कॉन्ग्रेस नेताओं पर आरोप लगे थे, जिनमें से जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह जैसे नेता जेल में भी गए। कॉन्ग्रेस आज भी इस घटना को लेकर माफ़ी नहीं माँगती है।

तब राजीव गाँधी ने एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि जिस नींव पर ये देश खड़ा है, उस पर हम अपनी दीवारें खड़ी करें और अपना मकान बनाएँ। उन्होंने आगे कहा था कि हमें इंदिरा जी को याद रखना है, हमें ये याद रखना है कि उनकी हत्या क्यों हुई थी, हमें याद रखना है कि कौन-कौन लोग इसके पीछे हो सकते हैं। उन्होंने सिख नरसंहार को डाउनप्ले करते हुए कहा था कि जब इंदिरा गाँधी की हत्या हुई थी, तो हमारे देश में ‘कुछ दंगे-फसाद’ हुए। राजीव गाँधी ने कहा था,

“हमें मालूम है कि भारत की जनता के दिल में कितना क्रोध आया, कितना गुस्सा आया। और, कुछ दिन के लिए लोगों को लगा कि भारत हिल रहा है। लेकिन, जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है। लेकिन, उसके बाद जिस तरह से आपने ये ख़त्म किया, जिस तरह से दोबारा आपकी सहायता से, आपकी शक्ति से देश की एकता बनने लगी है, हम दोबारा एक होकर खड़े हो रहे हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि भारत सचमुच में एक पक्का लोकतंत्र बन गया है।”

मंच पर पीछे इंदिरा गाँधी की तस्वीर लगा कर भाषण दे रहे राजीव गाँधी ने कहा था कि पूरी दुनिया देख रही है और समझ रही है कि भारत इतनी आसानी से टूट नहीं सकता। उन्होंने भारत को और मजबूत करने और आगे ले जाने का वादा करते हुए कहा था कि दुनिया की हर शक्ति का सामना करेंगे। उन्होंने पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी और ‘भारत के गरीबों’ का काम पूरा करने का वादा करते हुए ‘जय हिन्द’ के साथ अपना सम्बोधन ख़त्म किया था।

जब राजीव गाँधी ने सिख नरसंहार को ठहराया था जायज

नवम्बर 2015 में आम आदमी पार्टी और भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को जारी कर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा था। सिखों का मामला लड़ रहे एचएस फुल्का ने कहा था कि जो प्रधानमंत्री निर्दोष लोगों के नरसंहार को जायज ठहराता है, वो निश्चित रूप से भारत रत्न का हकदार नहीं है। उन्होंने भारत सरकार से माँग की थी कि राजीव गाँधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाए। उन्होंने बताया था कि दूरदर्शन ने अपने आर्काइव्स से इस वीडियो को डिलीट कर दिया था।

मई 2019 में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ हुई मारकाट को दंगा मानने से इनकार कर दिया था। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह ने 1984 के सिख दंगे को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के इशारे पर सिखों के ख़िलाफ़ किया गया नरसंहार बताया था। उन्होंने कहा था कि 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ हुई मारकाट कोई दंगा नहीं था, क्योंकि दंगा दोनों तरफ से हुई मारकाट को कहते हैं।

उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया था कि अगर जनता के गुस्से को फूट कर बाहर निकलना होता और आवेश में यह सब कुछ हो जाता ,तो ये सब तुरंत होना था। बकायदा योजना बना कर नरसंहार शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया था कि इसके मुख्य ऑपरेटर थे- जगदीश टाइटलर, अजय माकन और सज्जन कुमार। साथ ही ये भी लिखा था कि राजीव गाँधी के मुख्य विश्वासपात्र कमलनाथ इस पूरे नरसंहार की मॉनीटरिंग कर रहे थे।

व्यंग्य: मुनव्वर राणा का रोस्ट शायरश्रेष्ठ अजीत भारती द्वारा | Ajeet Bharti roasts Munawwar Rana

पेरिस में शिक्षक का सिर कलम किए जाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैनुएल मैक्रों का रवैया विश्व भर के मुस्लिमों को नागवार गुजरा है। ऐसे में अधिकांश इस्लामी देश जहाँ फ्रांस के उत्पादों का बॉयकॉट करके अपना रोष दिखा रहे हैं, वहीं भारत में उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर ‘काणा’ भी अपने जहरीले बयान के कारण चर्चा में आए हैं।

उन्होंने पेरिस घटना के बाद अपनी पुरानी गजलों/शायरियों को मॉडिफाई किया है। इन गजलों/शायरियों में उन्होंने अपने उन सभी बिंबों को तोड़ा है, जिसमें वह माँ के प्रेम में सराबोर नजर आते थे और वाह-वाही लूटते थे। उन्होंने इस नई किस्म की गजल में कौम, जिहाद, काफिर, कुर्बानी, वैचारिक अब्बू इकबाल का जिक्र करके अपने मजहबी भाइयों के लिए नए साहित्य की रचना की है।

मुनव्वर ‘काणा’ की नई गजलें/ शायरियाँ इस लिंक पर क्लिक करके सुनें

हिंदू महिलाओं-बच्चों को पीटा, घरों में आग लगा दी: पाकिस्तानी दोस्त मुहम्मद और उसके गैंग की हरकत

पाकिस्तान की बहुसंख्यक आबादी अब हिंदुओं पर अत्याचार करते-करते उनके घरों को भी जलाकर राख करने लगी है। इसकी जानकारी वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के ट्विटर हैंडल ने दी है।

ट्विटर हैंडल से बताया गया है कि कैसे वहाँ के इस्लामी कट्टरपंथी पहले हिंदुओं को उनका घर छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं और जब हिंदू उनकी बात नहीं मान रहे, तो उनके घरों को फूँक रहे हैं।

ट्विटर अकॉउंट के अनुसार, दोस्त मुहम्मद नाम का एक कट्टरपंथी और उसके गुंडे चाहते थे कि सिंध के गोथ सोमर पाली (Goth Somar Pali) में रहने वाले गैर मुस्लिम व हिंदू इलाके से चले जाएँ, लेकिन जब हिंदुओं ने ऐसा करने से मना किया, तो उन्होंने महिलाओं व बच्चों को पीटा और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया।

वहीं प्रशासन ने हमेशा की तरह इस मामले में भी अल्पसंख्यकों के अधिकार संरक्षित करने के लिए कुछ भी नहीं किया। इस ट्वीट के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर की गई हैं। तस्वीरों में खाक हुए घरों को, बेघर हुई महिलाओं को जमीन पर बैठे देख सकते हैं।

यहाँ बता दें कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार किस कद्र बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहाँ के अल्पसंख्यक लोग किसी न किसी बहाने भारत की ओर भाग रहे हैं। कुछ दिन पहले 6 हिंदू परिवार भारत तीर्थ यात्रा के बहाने आए थे।

इन लोगों ने आपबीती सुनाते हुए कहा था कि पाकिस्तान में हिंदू बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। वहाँ मुस्लिम आबादी हिंदुओं पर बहुत अत्याचार करती है। हिंदुओं को पूजा पाठ करने नहीं दिया जाता और न ही धर्म प्रचार करने की आजादी है। अल्पसंख्यकों के बच्चे भी बहुत मुश्किल से पढ़ पाते हैं। होटलों में खाना भी सड़े बर्तनों में खिलाया जाता है।

इमरान खान भाँग को सूखा कर चरस बनाते थे, 10-20 रुपए के नोट में कोकीन डाल कर सूँघते थे: साथी क्रिकेटर का खुलासा

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सरफराज नवाज ने खुलासा किया है कि उनके मुल्क के प्रधानमंत्री इमरान खान पुराने दिनों में नशेड़ी थे। फ़ास्ट बॉलिंग की दुनिया में ‘रिवर्स स्विंग’ के जनक के रूप में जाने जाने वाले 71 वर्षीय सरफराज नवाज 1985 में निर्दलीय चुनाव जीत कर पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के एसेम्बली में चुने गए थे। उन्होंने ‘गूगली न्यूज़ टीवी’ पर खुलासा किया कि इमरान खान अपने क्रिकेट के दिनों में कोकीन का नशा किया करते थे।

बता दें कि इमरान खान भी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान रहे हैं और उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप भी जीता था। सरफराज नवाज ने बताया कि एक बार इंग्लैंड के खिलाफ बॉलिंग नहीं करा सके थे तो शाम को उनके घर आए थे और वहीं आकर नशा किया था। उन्होंने बताया कि कई खिलाड़ियों के साथ उनके घर आए इमरान खान ने चरस का सेवन किया था। साथ ही वो कोकीन सूँघा करते थे।

उन्होंने बताया कि लंदन में कोकीन को रोल कर के और नाक में डाल के इमरान खान उसका सेवन करते थे। उन्होंने कहा कि ये उनके सामने की बात है और 1987 में पाकिस्तान का इंग्लैंड के साथ मैच था, तब इमरान खान उनके इस्लामाबाद स्थित आवास पर आए थे। उन्होंने बताया कि इमरान खान 10-20 रुपए के नोट में कोकीन डाल कर उसका सेवन करते थे और भाँग को सूखा कर उसका चरस बनाया करते थे।

सरफराज नवाज ने इमरान खान को लेकर किया खुलासा

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि इमरान खान को उनके सामने लाकर ये बातें पूछी जाएँ और वो मुकर के दिखाएँ। उन्होंने कहा कि वो इस बात के अकेले गवाह नहीं हैं, बल्कि कई अन्य लोग भी हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान नशे के आदी रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि जब इमरान ने उनके घर आकर नशा किया था, तब उनके साथ मोहसिन खान, अब्दुल कादिर और सलीम मलिक भी थे। ये सभी इस बात के गवाह हैं।

बता दें कि सरफराज नवाज 1969-1984 तक पाकिस्तान की तरफ से क्रिकेट खेल चुके हैं और उन्होंने 55 टेस्ट मैच में 177 विकेट लिया था। उन्होंने 45 वनडे भी खेले थे और 63 विकेट लिया था। वो अपने बाउंसर्स, यॉर्कर्स और स्विंग से बल्लेबाजों को खासे परेशान किया करते थे। साथ ही निचले क्रम में मुश्किल समय में अच्छी बल्लेबाजी भी किया करते थे। जिस साल उन्होंने चुनाव जीता, उसी साल उन्होंने पाकिस्तान की मशहूर अभिनेत्री रानी से शादी की थी।

इमरान खान फ़िलहाल दुनिया भर में खुद को इस्लाम का मसीहा साबित करने में लगे हुए हैं और तुर्की को खलीफा बनाने के अभियान में जुटे हैं। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कट्टर बताते हुए उन पर इस्लाम पर हमला करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मैक्रों ने इस्लाम की जानकारी न होने के बावजूद मुस्लिमों पर हमला किया व इस्लामोफोबिया को बढ़ावा दिया।

मोहम्मद चाँद और फैजल ने मथुरा के नंदबाबा मंदिर में घुस कर पढ़ी नमाज: हिन्दू-मुस्लिम एकता की दी दुहाई, FIR दर्ज

मथुरा के नंदबाबा मंदिर में दो मुस्लिम व्यक्तियों द्वारा नमाज पढ़ने के बाद तनाव का माहौल पैदा हो गया है, जिसके बाद मंदिर के प्रबंधन को सफाई देनी पड़ी। लोकप्रिय नंदबाबा मंदिर में ये घटना 4 दिन पहले की है, जब इन दोनों ने वहाँ ‘जौहर की नमाज’ अदा की। रविवार (नवंबर 1, 2020) को इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद हिन्दू संगठन भी नाराज़ हो गए। मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने पुलिस में तहरीर दायर की है।

इसके आधार पर FIR भी दर्ज कर ली गई है। मथुरा में मोहम्मद चाँद सहित 4 युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एसएसपी ने जानकारी दी है कि फैसल खान और चाँद मोहम्मद समेत 4 युवकों के विरूद्ध धारा 153-A, 295 ,505, के तहत बरसाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने ख़ुफ़िया विभाग को मामले की जाँच सौंप दी है। मंदिर में नमाज पढ़ कर तस्वीरें वायरल किए जाने के पीछे क्या मंशा थी, इसकी जाँच हो रही है।

दरअसल, गुरुवार (अक्टूबर 29, 2020) को नन्दगाँव के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में दोपहर को दो युवक अपने साथियों के साथ हरी टोपी लगा कर पहुँचे। एक व्यक्ति ने अपना नाम फैजल खान बताया और अपने साथ आए साथियों का परिचय मोहम्मद चाँद, नीलेश गुप्ता और आलोक रतन के रूप में दिया। उन लोगों ने बताया कि वो मंदिर के सेवायत पुजारी कान्हा गोस्वामी के दर्शन हेतु आए हैं और हिन्दू-मुस्लिम एकता में विश्वास रखने वाले लोग हैं।

वो अपने मोबाइल फोन में कई हिन्दू साधु-संतों और महंतों के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाने लगे, ताकि उन पर यकीन कर लिया जाए। इसके बाद वो लोग सीधे गेट संख्या 2 के पास पहुँचे। कोरोना महामारी के कारण मंदिर में लोगों की चहल-पहल उतनी नहीं है, जिसका फायदा उठा कर फैजल और चाँद वहीं पर नमाज पढ़ने लगे और बाक़ी दोनों ने तस्वीरें क्लिक कीं। वहाँ खड़े लोगों ने नमाज पढ़ने से लाख मना किया, लेकिन वो नहीं माने।

नीलेश गुप्ता व आलोक रत्न खुद को गाँधीवादी कार्यकर्ता बताते हैं। जहाँ हिन्दू संगठनों में इसे लेकर आक्रोश है, ‘कौमी एकता मंच’ के मधुबन दत्त चतुर्वेदी इसे सांप्रदायिक सौहार्दता की मिसाल बता रहे हैं। आरोपितों का कहना था कि वो ’84 कोस की यात्रा’ पर आए थे। मोहम्मद चाँद और फैजल दिल्ली की ‘खोदाई खिदमतगार’ संस्था के सदस्य हैं। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयाँ सुना सबको अपने हिन्दू-मुस्लिम एकता प्रेमी होने का यकीन दिलाया और बिना अनुमति नमाज पढ़ी।

बरसाना थाने में दर्ज हुई FIR

सेवायत कृष्ण मुरारी उर्फ कान्हा गोस्वामी ने कहा कि उन्हें मथुरा के नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज पढ़े जाने की कोई जानकारी नहीं है। फैजल ने अपने फेसबुक अकाउंट से तस्वीरें पोस्ट की। भाजपा नेता प्रेम श्रोत्रिय ने कहा कि मंदिर में नमाज अदा कर शांत माहौल को बिगाड़ने का काम किया गया है। वहीं पंकज गोस्वामी ने इसे मंदिर की गरिमा के साथ खिलवाड़ करार दिया। नंदन लाल ने पूछा कि क्या मस्जिदों में रामायण-गीता का पाठ होता है?

फैजल खान ने मंदिर प्रबंधन को विश्वास में लेने के लिए रामायण की चौपाई ‘रामहि केवल प्रेम पियारा, जान लेहि सो जान निहारा’ का इस्तेमाल किया था। उसने श्रीकृष्ण और उनके मित्र उद्धव के बीच प्रेम और ज्ञान को लेकर हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान ने प्रेम को ऊपर रखा था। उसने दावा किया कि उसका ग्रुप दिल्ली से सायकल से आया है। उसने ये भी कहा कि जो श्रीराम और श्रीकृष्ण का रास्ता है, वही पैगंबर का रास्ता है।

‘बाबा का ढाबा’ वाले पहुँचे थाने, यूट्यूबर गौरव वासन पर लगाया पैसों के हेर-फेर का आरोप

‘बाबा का ढाबा’ की वीडियो वायरल होने के बाद से उसके मालिक कांता प्रसाद लगातार खबरों में हैं। पहले सोशल मीडिया पर उनके संघर्ष का जिक्र हर जगह किया जा रहा था और अब उनके साथ हुई धोखाधड़ी के कारण उन पर चर्चा जारी है। ताजा खबर के मुताबिक, कांता प्रसाद ने उनकी वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर गौरव वासन (Gaurav Wasan) के ख़िलाफ़ अपनी शिकायत दायर करवाई है। यह शिकायत मालवीय नगर थाने में दर्ज हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कांता प्रसाद ने यूट्यूबर गौरव वासन पर धोखाधड़ी, विश्वासघात, पैसों के हेर-फेर, आपराधिक साजिश का आरोप लगाया है। इसके अलावा वासन पर यह भी आरोप लगा है कि उन्होंने जानबूझकर केवल अपने और अपने परिवार/दोस्तों के बैंक डिटेल और मोबाइल नंबर दानदाताओं के साथ साझा किए और उनको कोई भी जानकारी दिए बिना विभिन्न प्रकार के भुगतानों के माध्यम से दान की भारी राशि इकट्ठा की।

इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शिकायत मिल गई है और जाँच की जा रही है। फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

यहाँ बता दें कि सोशल मीडिया पर बुजुर्ग दंपत्ति की वीडियो वायरल होने के कुछ दिन बाद एक अन्य यूट्यूबर लक्ष्य चौधरी ने गौरव वासन पर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। लक्ष्य का इल्जाम था कि जो पैसे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए माँगे गए, वह उन तक नहीं पहुँचे।

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया था कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं। इसके बाद उन्होंने गौरव वासन को लेकर कहा कि उसने बाबा का ढाबा के लिए डोनेशन माँगा लेकिन उन लोगों के साथ पैसे नहीं शेयर किए।

एक इंटरव्यू में भी कांता प्रसाद ने यह स्वीकारा था कि उन्हें अभी तक गौरव से कोई रुपए नहीं मिले हैं। इस पर चौधरी ने गौरव पर फंड गबन करने के आरोप लगाए और कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कांता प्रसाद को मदद नहीं पहुँचाई गई है। यूट्यूबर लक्ष्य ने कहा था कि गौरव ने कांता प्रसाद की मदद के लिए अपना कॉन्टैक्ट दिया और कांता प्रसाद के बैंक डिटेल्स की जगह अपनी ही अकॉउंट डिटेल्स शेयर की।

बता दें कि यूट्यूबर गौरव वासन ने 7 अक्टूबर को बाबा का ढाबा का एक वीडियो अपने यू-ट्यूब चैनल व फेसबुक पर अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने लोगों से कांता प्रसाद और बादामी देवी की मदद की अपील की थी। ये वीडियो हर जगह तेजी से वायरल हुआ और लोग दूर-दूर से यहाँ खाना खाने के लिए आने लगे। इससे बुजुर्ग दंपति को कुछ दिन बहुत फायदा हुआ मगर बाद में फिर वही हालत हो गई।