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सीतामढ़ी से अयोध्या का सफर होगा आसान: CM योगी ने किया राम-जानकी मार्ग के निर्माण का ऐलान

उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बिहार के सीतामढ़ी में जनता को संबोधित करते हुए राम जानकी मार्ग के निर्माण का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अयोध्या और सीतामढ़ी को जोड़ने वाले एक मार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिसका नाम राम-जानकी मार्ग होगा। इससे श्रद्धालु 5-6 घंटे में अयोध्या से सीतामढ़ी सफर कर पाएँगे।

इस जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सरकार कैसी होनी चाहिए इस पर भी बात की। उन्होंने याद दिलाया कि 6 साल पहले देश की जनता ने जब पीएम मोदी के हाथ में देश की भागदौड़ सौंपी थी, उससे पहले देश में जाति के नाम पर, परिवार के नाम पर, मजहब के नाम पर, क्षेत्र और भाषा के नाम पर राजनीति होती थी। लेकिन पीएम मोदी ने यह सब बदल कर गाँव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं के लिए समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान के लिए, कार्य करते हुए सबको केवल ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज उत्तर बिहार में नेपाल से सटे सीतामढ़ी जिले में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने सीता के जन्मस्थान के रूप में मशहूर सीतामढ़ी के लोगों को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (Ayodhya Ram Mandir) की शुभकामनाएँ दी। साथ ही कि अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच राम-जानकी मार्ग का ऐलान किया।

अपनी इन चुनावी रैलियों में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राजद और कॉन्ग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस सिर्फ विभाजन की राजनीति करते हैं। पहले इन्होंने देश बाँटा, अब जाति-मजहब के आधार पर लोगों को बाँट रहे है। 

आगे वह बोले, “राजद-कॉन्ग्रेस ने गरीबों को मकान, बिजली, गैस कनेक्शन, रोजगार, स्वास्थ्य बीमा, किसान सम्मान निधि नहीं दिया, बल्कि हड़पने का काम किया था। ये लोग फिर से आँखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं, लेकिन बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।”

उल्लेखनीय है कि सीतामढ़ी जिले की 3 विधानसभा सीटों- सीतामढ़ी, बेलसंड और रुन्नीसैदपुर में दूसरे चरण में मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों- रीगा, बथनाहा, परिहार, सुरसंड और बाजपट्टी सीटों के लिए आखिरी चरण में वोटिंग होगी। मतदान का आखिरी चरण 7 नवंबर को है। इसके बाद 10 नवंबर को हार-जीत का रिजल्ट सामने आएगा।

कुशेश्वर स्थान में विकास और नाराज पंडे | Kusheshwar Asthan and Panda community’s grievances

बिहार के दरभंगा जिले में स्थित कुशेश्वर स्थान में विकास को लेकर खूब दावे किए जा रहे हैं, मगर यहाँ के पंडों को सरकार से काफी नाराजगी है। 2010 के परिसीमन के बाद कुशेश्वर स्थान नाम से विधान सभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। पहली बार बीजेपी टिकट पर शशिभूषण हजारी जीते। दूसरी बात जदयू के निशान पर भी वही जीते। इस बार उनकी जीत की हैट्रिक के बीच कॉन्ग्रेस के अशोक राम की चुनौती है।

इस दौरान हमने शशिभूषण हजारी से बात की। उन्होंने विकास के दावे किए। मगर जब हमने पंडों से बात की, तो वो काफी नाराज दिखे। उनका कहना है कि सरकार ने उनके लिए कुछ नहीं किया। हर जगह मंदिर खुल गए हैं, लेकिन यहाँ पर बंद हैं। उनका कहना है कि पंडा समाज भूखे मर रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। यहाँ के 500 पंडा बेरोजगार हो गए हैं।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

मथुरा के नंदबाबा मंदिर का गंगाजल से शुद्धिकरण: जबरन घुस कर पढ़ी गई नमाज, संतों ने पूछा – ‘मस्जिद में आरती होगी?’

मथुरा स्थित नंदबाबा मंदिर में मोहम्मद चाँद और फैजल सहित 4 लोगों द्वारा परिसर में घुस कर नमाज पढ़ने और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दर्ज हुई FIR के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं हिन्दुओं ने मंदिर में हवन कर के गंगाजल से शुद्धिकरण किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि बिना अनुमति मंदिर में घुस नमाज पढ़ने के कारण उन्हें शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।

भक्तों ने पंडितों के साथ बैठ कर पूरी प्रक्रिया के साथ हवन-पूजन किया। वहीं विश्व हिन्दू परिषद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘नमाज जिहाद’ करार दिया। संस्था के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मथुरा के परिक्रमा मार्ग पर स्थित नंदगाँव मंदिर में जिस तरह से कुछ ‘इस्लामी जिहादियों’ ने नमाज पढ़ने की कोशिश की, उससे कई सवाल खड़े हो जाते हैं। उन्होंने पूछा कि छलपूर्वक मंदिर में घुसना और वहाँ अनायास नमाज पढ़ कर उसकी तस्वीरें-वीडियो वायरल करना क्या किसी मानसिकता की ओर संकेत नहीं करता?

उन्होंने कहा कि ये जो सेक्युलरिज़्म का ढोंग रचने वाले लोग हैं, जो समानता की बात करते हैं, क्या वो जवाब देंगे कि किसी मस्जिद में जाकर हनुमान चालीसा या दुर्गा चालीसा का पाठ किया जा सकता है? उन्होंने पूछा कि जामा मस्जिद या फतेहपुरी मस्जिद में किसी ने ऐसा किया है? क्या किसी मदरसे में ऐसा करने का दुःसाहस कोई कर सकता है? उन्होंने चेताया कि किसी भी प्रकार के ‘नमाज जिहाद’ को भारत में प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से ‘लव जिहाद’ में बेटियों को छलपूर्वक फँसाया जा रहा है, उन्हें धर्मान्तरित कर के उन्हें मार दिया जाता है – इस घटनाओं को मंदिरों के माध्यम से करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूजा करनी है तो पूजा की जगह पर करिए और नमाज पढ़ने के लिए नमाज की जगह पर जाइए। उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे।

ये मामला ऐसे समय में आया है, जब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर मामला अदालत की चौखट पर जा पहुँचा है और मस्जिद द्वारा कब्जाई गई मंदिर की जमीन को वापस लेने के लिए अदालत से लेकर संतों के अखाड़े तक मुहीम शुरू कर दी गई है। शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की याचिका पर इसी महीने सुनवाई होनी है। राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला आने के बाद इस मामले में भी हिन्दुओं को न्याय की उम्मीद जगी है।

अखिल भारतीय संत समिति ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। वाराणसी के संत जितेंद्रानद सरस्वती ने पूछा कि आखिर इन लोगों को पढ़ने के लिए एकमात्र जगह मंदिर ही क्यों दिखी? संगठन महामंत्री ने समिति की तरफ से इन घटना की निंदा करते हुए कहा कि केवल मंदिरों में ही नमाज अदा होगी या फिर मस्जिदों में भी आरती करने की अनुमति दी जाएगी? वहीं सेवायतों द्वारा शुद्धिकरण यज्ञ किए जाने पर लोगों ने हर्ष व्यक्त किया।

क्यों हुआ मथुरा के नंदबाबा मंदिर का शुद्धिकरण?

ज्ञात हो कि गुरुवार (अक्टूबर 29, 2020) को नन्दगाँव के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में दोपहर को दो युवक अपने साथियों के साथ हरी टोपी लगा कर पहुँचे। एक व्यक्ति ने अपना नाम फैजल खान बताया और अपने साथ आए साथियों का परिचय मोहम्मद चाँद, नीलेश गुप्ता और आलोक रतन के रूप में दिया। उन लोगों ने बताया कि वो मंदिर के सेवायत पुजारी कान्हा गोस्वामी के दर्शन हेतु आए हैं और हिन्दू-मुस्लिम एकता में विश्वास रखने वाले लोग हैं।

वो अपने मोबाइल फोन में कई हिन्दू साधु-संतों और महंतों के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाने लगे, ताकि उन पर यकीन कर लिया जाए। इसके बाद वो लोग सीधे गेट संख्या 2 के पास पहुँचे। कोरोना महामारी के कारण मंदिर में लोगों की चहल-पहल उतनी नहीं है, जिसका फायदा उठा कर फैजल और चाँद वहीं पर नमाज पढ़ने लगे और बाक़ी दोनों ने तस्वीरें क्लिक कीं। वहाँ खड़े लोगों ने नमाज पढ़ने से लाख मना किया, लेकिन वो नहीं माने।

फैजल खान ने मंदिर प्रबंधन को विश्वास में लेने के लिए रामायण की चौपाई ‘रामहि केवल प्रेम पियारा, जान लेहि सो जान निहारा’ का इस्तेमाल किया था। उसने श्रीकृष्ण और उनके मित्र उद्धव के बीच प्रेम और ज्ञान को लेकर हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान ने प्रेम को ऊपर रखा था। उसने दावा किया कि उसका ग्रुप दिल्ली से सायकल से आया है। उसने ये भी कहा कि जो श्रीराम और श्रीकृष्ण का रास्ता है, वही पैगंबर का रास्ता है। अब नमाज के बाद मथुरा के नंदबाबा मंदिर का शुद्धिकरण हुआ है।

प्राचीन हिंदू मंदिर को किया ध्वस्त, देवी-देवताओं को निकाल बाहर फेंका: 20 दिन में पाकिस्तान में ऐसी तीसरी घटना

पाकिस्तान में एक बार फिर से हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना सामने आई है। यह घटना पाकिस्तान के भीमपुरा कराची की है। यहाँ पर एक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। मंदिर के हिंदू देवी-देवताओं को निकाल कर बाहर फेंक दिया गया। इसके साथ ही देवी-देवता से संबंधित सामानों को भी फेंक दिया गया। 

पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह 20 दिनों में हिंदू मंदिरों में तोड़-फोड़ की तीसरी घटना है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल भी उठाया कि ये लोग फ्रांस में हत्या कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में वे गैर-मुस्लिम के साथ क्या कर रहे हैं?

राहत ऑस्टिन ने आगे लिखा, “उन्हें लगता है कि वे लोगों को अपने मजहब का सम्मान करने के लिए मजबूर कर सकते हैं और उन्हें सिर काटने और आतंक की आलोचना करने के लिए रोक सकते हैं। यह छठी शताब्दी नहीं है सर। दूसरों को सम्मान देने पर ही आप सम्मान पा सकते हैं।”

इससे पहले पाकिस्तान के सिंध के बदीन ज़िला स्थित कड़ियू घनौर शहर में शनिवार (अक्टूबर 10, 2020) को एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद इस्माइल शैदी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी थी। कुमार ने आरोप लगाया था कि संदिग्ध मुहम्मद इस्माइल ने गाँव के मंदिर में तोड़फोड़ की। इस्माइल ने मंदिर में रखी मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया और फिर मौके से फरार हो गया। कड़ियू घनौर पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295(ए) के तहत मामला दर्ज कर अभियुक्त मोहम्मद इस्माइल शैदी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके अलावा पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 171 हिंदुओं को रविवार (सितंबर 20, 2020) को इस्लाम में धर्मांतरित करवाया गया। राहत ऑस्टिन ने ही ये दावा किया था। इससे पहले जून में, सिंध प्रांत के बाडिन जिले में सौ से अधिक हिंदुओं को इस्लाम में धर्मांतरित किया गया था।

एक स्थानीय मंदिर में रखी हिंदू देवताओं की सभी मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया और परिसर को एक मस्जिद में बदल दिया गया। 17 मई को सिंध प्रांत में हिंदुओं ने दावा किया था कि तबलीगी जमात के लोगों ने उन्हें प्रताड़ित किया, उनके घरों में तोड़फोड़ की और इस्लाम कबूल नहीं करने पर एक हिंदू लड़के का अपहरण भी कर लिया।

अवैध बांग्लादेशियों के फर्जी आधारकार्ड, पैनकार्ड बनाने के गोरखधंदे का पर्दाफाश: ओवैसी के पार्टी के दो MLA का लेटर हेड बरामद

मुंबई पुलिस ने बांग्लादेश के अवैध नागरिकों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने साकीनाका इलाके में दो बांग्लादेशी नागरिकों एवं दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात है कि पुलिस ने एक एजेंट के पास से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के दो विधायकों के लेटर हेड मिले हैं।

आशंका जताई गई है कि विधायकों के इन लेटरहेडर का इस्तेमाल फर्जी कागजात बनाने के लिए होता था। एआईएमआईएम के जिन विधायकों के लेटर हेड मिले हैं, उनके नाम मुफ्ती मोहम्मद इस्माईल और शेख आसिफ शेख रसीद है।

बताया जा रहा है कि एजेंट के पास से 5 अन्य विधायकों के लेटर हेड भी मिले हैं लेकिन अभी इनके नाम का खुलासा नहीं किया गया है। सवाल है कि ये लेटर हेड असली हैं या नकली है, इसकी जाँच होनी अभी बाकी है। जाँच में यदि ये लेटर हेड सही साबित होते हैं तो एआईएमआईएम के इन विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे गंभीर बात बताई है। भाजपा ने विधायकों के लेटर हेड की जाँच कराए जाने की माँग की है। भाजपा ने कहा है कि इस पूरे मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से करानी चाहिए।   

पुलिस ने नाशिक मालेगाँव के एक एजेंट के पास से 155 आधार कार्ड, 34 पासपोर्ट, 28 पैनकार्ड, 8 राशन कार्ड, 187 बैंक और पोस्टल डिपार्टमेंट के पासबुक, 19 रबर स्टैम्प और स्कूल छोड़ने के 29 नकली लीविंग सर्टिफिकेट बरामद किए हैं। 

भाजपा प्रवक्ता अतुल भटखालकर ने कहा कि इस मामले की जल्द से जल्द जाँच कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। एमआईएमआईएम विधायकों के लेटर हेड की जाँच होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा है कि 24 घंटे में इन दोनों विधायकों के लेटर पैड की जाँच की जाए औए इनकी गिरफ्तारी हो। साथ ही इस केस को NIA को सौंपा जाए, यह एक बड़ा रैकेट है जो कि देश मे चल रहा है।

‘यूपी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई- राजनीतिक प्रतिशोध’: माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर माँगी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की बीवी ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पत्र लिखा है। इस बात की सूचना सोमवार (नवंबर 2, 2020) को गाजीपुर से बसपा सांसद अफजल अंसारी ने दी है। उन्होंने सोमवार को अफशा अंसारी का पत्र मीडिया को जारी किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पत्र में अफशा अंसारी ने उनके परिवार की पृष्ठभूमि का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी, कॉन्ग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्‍तार अंसारी, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शौकतुल्लाह उनके ही परिवार के हैं। उन्होंने आगे लिखा कि उनके परिवार के ख़िलाफ़ की जा रही कार्रवाई केवल राजनीतिक प्रतिशोध हैं।

अपने पत्र में उन्होंने आशंका जताई है कि भाजपा सरकार के इशारे पर उनके पति व विधायक मुख्तार अंसारी और उनके बेटों समेत अन्य परिजनों के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है। इतना ही नहीं अपने पति के लिए उन्होंने सभी मुकदमों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए करवाए जाने का अनुरोध भी किया है।

पंजाब की जेल में बंद है मुख्तार अंसारी, यूपी प्रशासन कर रही अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई

यहाँ बता दें कि मुख्तार अंसारी इन दिनों पंजाब की जेल में बंद है। पिछले दिनों यूपी पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने के लिए पंजाब गई थी, मगर वहाँ बीमारी का हवाला देकर यूपी पुलिस के साथ नहीं आया। इस पर यूपी पुलिस के अधिकारियों ने पंजाब प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताई थी। साथ ही मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस के साथ न भेजे जाने पर कॉन्ग्रेस शासित प्रदेश पंजाब पर कई सवाल भी खड़े किए थे।

इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने उसकी अवैध संपत्तियों पर लगातार प्रहार का सिलसिला जारी रखा था। इसी क्रम में कल माफिया विधायक के अवैध साम्राज्य पर सबसे गहरी चोट करते हुए उसके ‘ताज महल’ गजल होटल को तोड़ा गया।

गाजीपुर के गजल होटल को रविवार (नवंबर 1, 2020) की सुबह ध्वस्त किया गया था। ये मुख़्तार अंसारी की बीवी और बेटों के नाम पर पंजीकृत था। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड विनियमित क्षेत्र गाजीपुर ने शनिवार को गजल होटल के मालिक अब्बास अंसारी व उमर अंसारी की अपील खारिज कर दी थी। ये दोनों मऊ से 5वीं बार विधायक चुने गए मुख़्तार अंसारी के बेटे हैं। अपील ख़ारिज होने के साथ ही बुलडोजर चलना तय हो गया था।

दूसरी ओर मुख्तार अंसारी के भाई अफजल अंसारी की पत्नी के ख़िलाफ़ यूपी में इस बीच शिकायत दर्ज हुई थी। फरहत अंसारी पर भी सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगा था। शिकायत में कहा गया था कि फरहत सहित अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने लखनऊ में फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किया। जिसके कारण उनपर सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दायर हुआ।

बेंगलुरु दंगों में MLA का घर जलवाने के लिए पूर्व मेयर और कॉन्ग्रेसी नेता संपत राज को नोटिस: फरार है, पुलिस पड़ी है पीछे

आतंकवाद विरोधी सेल ने ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिक (बीबीएमपी) के पूर्व मेयर और कॉन्ग्रेस नेता संपत राज को नोटिस भेजा है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक उनसे सहायक संयुक्त आयुक्त बीआर वेणुगोपाल के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

बता दें कि डीजे होली वार्ड के पूर्व मेयर संपत राज पर 11 अगस्त को बेंगलुरु के दंगों के दौरान कवेल बिसरांड्रा में विधायक आर अखंडा श्रीनिवास मूर्ति के घर को जलाने के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया है।

केंद्रीय अपराध शाखा (Central Crime Branch) ने सोमवार (अक्टूबर 12, 2020) को अगस्त, 2020 में बेंगलुरु के डीजे होली और केजी हल्ली क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुए दंगों के संबंध में एक प्रारंभिक आरोप पत्र दायर किया। 850 पन्नों के आरोप पत्र में 52 लोगों के नाम आरोपित के रूप में शामिल हैं। आरोप पत्र में दो कॉन्ग्रेस नगरसेवकों- पूर्व मेयर संपत राज और जाकिर हुसैन को क्रमशः आरोपित नंबर 51 और 52 बताया गया।

राज से पहली बार अगस्त में पूछताछ की गई थी। लेकिन जब पुलिस ने उन्हें फिर से पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा, तो उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

पुलिस ने पूर्व महापौर को छुट्टी देने से पहले उन्हें सूचित करने के लिए अस्पताल को एक नोटिस दिया था। हालाँकि, राज 30 अक्टूबर को ही अस्पताल से गायब हो गए। केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) की विशेष टीमें शहर और आसपास के जिलों में उनका पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस को संपत राज के फरार होने की जानकारी उस समय मिली, जब हिंसा की जाँच कर रहे एसीपी वेणुगोपाल उससे मिलने के लिए अस्पताल पहुँचे। वेणुगोपाल ने संपत राज की फरारी की पुष्टि करते हुए कहा था , “हाँ वह फरार है और हम उसकी तलाश कर रहे हैं।”

पुलिस के मुताबिक, वेणुगोपाल ने 7 अक्तूबर को अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेजकर संपत राज को डिस्चार्ज करने से पहले पुलिस को जानकारी देने का निर्देश दिया था। लेकिन अस्पताल ने बिना पुलिस को सूचित किए ही संपत राज को डिस्चार्ज कर दिया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को एक और नोटिस जारी करते हुए जवाब माँगा है। 

बता दें कि 11 अगस्त को 3000 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने कॉन्ग्रेस विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति, उनकी बहन और डीजे हल्ली व केजी हल्ली पुलिस थानों में आग लगा दी थी। भीड़ सोशल मीडिया पर विधायक के एक रिश्तेदार की तरफ से अपलोड की गई भड़काऊ पोस्ट को लेकर नाराज थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल की मौत बाद में अस्पताल में हो गई थी।

अक्तूबर की शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल करते हुए संपत राज को भीड़ को भड़काकर विधायक की राजनीतिक हत्या करने के प्रयास का आरोपित बनाया था। पुलिस ने इस मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता मुजम्मिल पाशा समेत 400 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी भी जाँच कर रही है और दो साजिशकर्ता गिरफ्तार कर चुकी है।

‘लव जिहाद के खिलाफ पहले ही कानून बन गया होता तो मेरी बेटी की जान नहीं जाती’: निकिता तोमर के पिता का छलका दर्द

हरियाणा स्थित फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की हत्या के बाद ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की माँग जोर पकड़ने लगी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज ने भी कहा था कि सरकार इस पर विचार कर रही है। हरियाणा सरकार की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए निकिता तोमर के पिता ने कहा कि ये निर्णय बहुत पहले ही लिया जाना चाहिए था।

निकिता तोमर के पिता ने कहा कि अगर ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध क़ानून होता तो शायद उनकी बेटी की जान नहीं जाती। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सभी पक्षों को एक होकर सामने आना चाहिए और फैसला लेना चाहिए। वल्लभगढ़ में निकिता तोमर हत्याकांड के बाद आरोपित तौसीफ के कॉन्ग्रेस नेताओं के परिवार से कनेक्शन सामने आए थे। उसका परिवार रसूख वाला है और उसकी माँ भी निकिता पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बना रही थी।

रविवार (नवंबर 1, 2020) को इस मामले में न्याय की माँग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। बल्लभगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के पास प्रदर्शनकारी जमा हो गए नारेबाजी शुरू कर दी। कुल 36 समुदायों के लोगों ने न्याय के लिए आवाज़ उठाई। हरियाणा पुलिस के डीसीपी सुमेर सिंह ने बताया कि बिना अनुमति के लिए हो रहे ‘महापंचायत’ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कई ‘बदमाशों’ को हिरासत में लिया गया है

इस मामले में जाँच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। निकिता की हत्या के बाद गिरफ्तार किए गए तौसीफ और रेहान अपना हुलिया बदल कर फरीदाबाद में ही छिपे थे। उन्हें यकीन ही नहीं था कि वो पकड़े जा सकते हैं। अग्रवाल कॉलेज के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों की पहचान हुई थी। हत्या के बाद दोनों अपने एक रिश्तेदार के निर्माणाधीन मकान में छिप गए थे।

दोनों आरोपितों ने नाई को बुला कर अपने बाल भी कटवा लिए थे। जबकि सीसीटीवी फुटेज में देखा जाए तो उसके बाल काफी बड़े थे। दोनों को लगता था कि पुलिस को ये जानने में ही काफी समय लग जाएगा कि इस हत्या के पीछे कौन है और कौन नहीं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में निकिता के भाई नवीन ने उनकी पहचान कर ली। अब सभी को हरियाणा सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय जाँच समिति की रिपोर्ट का इन्तजार है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि सरकार भी ‘लव जिहाद’ के मामलों पर रोक लगाने के लिए क़ानून लेकर आएगी। इसके बाद उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों के लिए चेतावनी है, जो अपनी पहचान छिपा कर हमारी बहनों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करते हैं।” उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया है शादी-ब्याह के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार भी निर्णय ले रही है कि हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का प्रयास करेंगे

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, “योगी आदित्यनाथ जी जो कहते हैं, जब कहते हैं, सत्य कहते हैं, ये लव जिहाद का इलाज करना जरूरी है बच्चियों को बचाने के लिए। अगर इसके लिए कानून बनाना पड़े, कुछ और करना पड़े तो, किया जाना आवश्यक है। हम इस पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने ट्वीट कर के जानकारी दी कि हरियाणा में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है।

इस्लाम जिमखाना में ताश पर पाबंदी लगाया पूर्व कॉन्ग्रेसी MLA युसूफ अब्रहानी ने, सदस्यों ने कहा – ‘क्लब है, मदरसा नहीं’

मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित इस्लाम जिमखाना फ़िलहाल सुर्खियों में बना हुआ और इन सुर्ख़ियों की वजह एक विवाद है। इसके अध्यक्ष और पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक ने जिमखाना परिसर में ताश सहित अन्य खेलों पर पाबंदी लगा दी है लेकिन इस्लाम जिमखाना के अनेक सदस्यों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इसका स्वरूप ‘लिबरल’ है, इसलिए इस तरह के फैसले का कोई औचित्य नहीं है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष युसूफ अब्रहानी ने शुक्रवार (30 अक्टूबर 2020)) को ईद-ए-मिलाद के मौके पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया। यह आदेश जारी करते हुए युसूफ अब्रहानी ने जिमखाना के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वह ताश की आड़ में ‘जुआ और सट्टा’ खेलते हैं।

इसके विपरीत जिमखाना के सदस्यों ने युसूफ अब्रहानी के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि जिमखाना लिबरल और स्वच्छंद विचारों की जगह है। इसे बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिमखाना को मदरसा नहीं बनाया जा सकता है।

मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित इस्लाम जिमखाना के एक सदस्य इश्तियाक अली ने विरोध दर्ज कराते हुए इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर अब्रहानी को इस बात का अंदेशा है कि जिमखाना में लोग जुआ खेलते हैं तो वह पुलिस में शिकायत क्यों नहीं करते? यह एक क्लब है, इसे मदरसा नहीं बनाया जा सकता है। उन्हें इस मुद्दे पर धार्मिक कार्ड नहीं खेलना चाहिए।” 

इनके अलावा इस्लाम जिमखाना के एक और सदस्य आसिफ फारुखी ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर वह जुआ रोकना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। सदस्यों को ताश खेलने से रोकना और खासकर वरिष्ठ नागरिकों को, यह सरासर गलत है। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं किया जाना चाहिए।” फ़िलहाल इस मुद्दे पर विवाद जारी ही है।

इसके कुछ समय बाद इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष युसूफ अब्रहानी ने अपने फैसले के पीछे की वजह भी बताई। उनका कहना था कि जिमखाना प्रशासन तमाम तरह के खेलों को प्रोत्साहन देता है लेकिन यहाँ बहुत से लोग कार्ड खेलने के नाम पर जुआ खेल रहे हैं और वह सही नहीं है। फिर उन्होंने कहा, “हमारे रिकॉर्ड में मौजूद है कि कार्ड रूम में एक सदस्य के लिए कुल 5 मेहमान (गेस्ट) थे मौजूद थे।” 

अंत में उन्होंने कहा, “हमने जिमखाना में दर्जनों खेल शामिल किए हैं, जिसमें टेनिस, बैडमिन्टन, वॉलिबॉल, महिलाओं के लिए रिक्रिएशन सेक्शन, जिम, जकूज़ी, स्टीम बाथ, सौना बाथ और स्पा शामिल हैं। जो लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं कि हम इसे मदरसे में तब्दील कर रहे हैं, वही बताएँ कि किस मदरसे में स्पा और स्टीम बाथ होती है?” 

उल्लेखनीय है कि इस्लाम जिमखाना का इतिहास 130 साल पुराना है, यह खेल कूद और सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।

शार्ली एब्दो के कार्टून पर फेसबुक पोस्ट लिखने के कारण कट्टरपंथी मुस्लिमों ने किया हमला: बांग्लादेश में हिंदुओं के जलाए घर

बांग्लादेश में एक बार फिर से असहिष्णुता और कट्टरता देखने को मिली। कट्टरपंथी इस्लामवादियों के एक समूह ने रविवार (नवंबर 1, 2020) को बांग्लादेश के कोमिला जिले में मुरादनगर उपजिला के तहत आने वाले कोरबनपुर गाँव में 10 से अधिक हिंदू परिवारों पर हमला कर दिया

रिपोर्टों के अनुसार, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर फ्रांस के साथ एकजुटता दिखाई और साथ ही फेसबुक पर शार्ली एब्दो के कार्टून का बचाव किया। जिसके बाद उग्र मुस्लिमों की भीड़ ने चुन-चुन कर हिंदू परिवारों पर हमला किया और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया। व्यक्ति की पहचान एक शंकर देबनाथ के रूप में की गई है। मुस्लिमों की भीड़ ने स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष बांकुमार शिव के कार्यालय को, उनके घर को, शंकर के घर और उस क्षेत्र के अन्य हिंदू परिवारों के घरों को जला दिया।

इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में एक हिंसक इस्लामी भीड़ को स्कल कैप पहने लाठी-डंडों से लैस होकर हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ करते हुए देखा जा सकता है। ट्विटर यूजर जॉय चक्रवर्ती ने दावा किया कि है कि पुलिस ने आगजनी करने वालों और उपद्रवियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि फेसबुक पर टिप्पणियों के कारण दो हिंदुओं को जेल में डाल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामी भीड़ का यह तांडव 5 घंटे तक चला। रविवार को, शंकर और अनिक भौमिक नाम के एक अन्य व्यक्ति को ‘धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में’ गिरफ्तार किया गया था।

आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को बुलाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर, बंगरा पुलिस, एसपी सैयद नुरुल इस्लाम, डीसी अबुल फजल मीर और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों ने अपराध स्थल का दौरा किया। एएसपी अजीमुल अहसन ने कहा, “रविवार दोपहर को कोरबनपुर गाँव के स्थानीय लोगों के एक समूह ने स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष बनकुमार शिव और शंकर देबनाथ के घर को जला दिया। इसके साथ ही अन्य कई अन्य हिंदू परिवारों के साथ भी बर्बरता की। हमने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है।” 

दुर्गा पूजा मंडप जा रही हिंदू लड़की गायब

गौरतलब है कि बांग्लादेश के सदरघाट स्थित जगन्नाथ यूनिवर्सिटी की छात्रा तिथि सरकार दुर्गा पूजा मंडप के दर्शन के लिए जाते समय गायब हो गईं। उनका कोई अता-पता नहीं है। तिथि सरकार को यूनिवर्सिटी द्वारा भी सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने फेसबुक पर इस्लाम और पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी की थी, जो वहाँ ईशनिंदा के तहत आता है। हालाँकि, हिंदू संगठनों ने उन पर लगे आरोपों को झूठा बताया है।

 उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के आरोप में जगन्नाथ विश्वविद्यालय अधिनियम -2005 की धारा 11 (10) के तहत विश्वविद्यालय से अस्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया था। तीसरी वर्ष की छात्रा तिथि सरकार रविवार (अक्टूबर 25, 2020) को दुर्गा पूजा मंडप के दर्शन के लिए जा रही थीं।