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‘हिन्दुओं में हर महिला को वेश्या मानते हैं’ – कॉन्ग्रेसी समर्थक सांसद ने पेरियार TV पर कही बात, वीडियो वायरल

तमिलनाडु में कथित दलितों के राजनीतिक दल कहे जाने वाले विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने एक पेरियारवादी समूह द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन सेमिनार में हिंदू धर्म ग्रंथ मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म में, खासकर ब्राह्मणों में महिलाओं को सेक्स वर्कर्स (Sex workers) यानी वेश्या माना जाता है। साथ ही, VCK प्रमुख ने कहा कि हिन्दू धर्म में महिलाओं का स्थान पुरुषों से नीचे रखा गया है।

गत 26 सितम्बर को ‘पेरियार टीवी’ (Periyar TV) नाम के इस यूट्यूब चैनल से बात करते हुए, थिरुमावलवन ने सनातन धर्म और हिंदू मान्यताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में महिलाओं को सेक्स वर्कर माना जाता है। गौरतलब है कि थोल थिरुमावलवन, तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष हैं और राज्य की चिदंबरम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सांसद भी।

‘पेरियार टीवी’ नामक यूट्यूब चैनल द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन सेमिनार में गेस्ट के रूप में, VCK चीफ थिरुमावलवन ने पेरियार के बारे में बोलते हुए कहा कि किस प्रकार उसने हिंदू धर्मग्रंथों द्वारा सिखाई गई ब्राह्मणवादी विचारधाराओं को तोड़ने में मदद की। उसने अपने सम्बोधन में कहा कि सनातन धर्म और मनुस्मृति में कहा गया है कि सदियों पुरानी हिंदू प्रथाओं ने महिलाओं को वेश्या माना गया है।

थोल थिरुमावलवन ने वीडियो में कहा, “अगर कोई यह देखेगा कि महिलाओं को सनातन धर्म में क्या माना गया है.. उनके साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, कैसे उन्हें प्राचीन समय से ही दबाया जा रहा है, कैसे उनका शोषण किया जा रहा है… सनातन धर्म महिलाओं के बारे में क्या कहता है?”

पेरियार टीवी पर थिरुमावलवन ने कहा, “भगवान ने उन्हें ऐसा बनाया है। उन्हें तुलना में पुरुषों से कमतर बताया जाता है। यह ब्राह्मण महिलाओं के साथ-साथ अन्य जातियों की महिलाओं पर भी लागू होता है। यह सनातन धर्म कहता है।”

यह वीडियो बृहस्पतिवार (अक्टूबर 22, 2020) को सोशल मीडिया पर वायरल होते देखा गया। लोगों का कहना है कि उसने न ही शास्त्रों को समझा, और उसने महिलाओं को अपमानित भी किया है। यह वीडियो लोगों द्वारा कई बार शेयर और रीट्वीट किया जा चुका है और #थिरुमावलवनचोर भी ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। लोगों का कहना है कि इसने अतीत में भी हिन्दू मंदिरों को भद्दा बताते हुए राम मंदिर निर्माण का भी विरोध किया था।

तमिलनाडु बीजेपी के आईटी हेड सीटी निर्मल कुमार ने ट्विटर पर वायरल हुए वीडियो को साझा करते हुए कहा कि ये ऐसे उदाहरण हैं जहाँ वीसीके प्रमुख ने हिंदुओं अपमानित कर उनकी भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु के किसी भी चैनल ने इसे नहीं दिखाया।

हालाँकि, विवाद बढ़ता देख थिरुमावलवन और उसके समर्थकों ने कहा कि वीडियो को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और इसका मतलब वह नहीं था जिसके लिए कि कई हिंदूवादी संगठनों द्वारा थिरुमावलवन का बहिष्कार किया जा रहा है।

2019 के आम चुनाव में ‘मोदी लहर’ भगाने के लिए VCK, DMK और कॉन्ग्रेस हुए थे एकजुट

उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) व विदुथलाई चिरुथाइगल काँची (VCK) के साथ लोकसभा चुनाव के लिए समझौता हुआ था जिसके अनुसार, भाकपा व वीसीके को दो-दो सीटें मिलनी तय हुईं थीं।

भाकपा तमिलनाडु के राज्य सचिव आर मुथरासन ने कहा था कि माकपा, DMK को उपचुनावों में समर्थन देगी, जो कि तमिलनाडु की खाली 21 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में कराए जाएँगे। तब DMK ने कॉन्ग्रेस, भाकपा, VCK, आईयूएमएल व केडीएमके जैसे वाम दलों के साथ चुनावी गठबंधन के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तब इसी VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने इस गठबंधन को मोदी लहर के खिलाफ ‘पवित्र समझौता’ बताया था।

‘पैगंबर मोहम्मद पर कमेंट करने वाले गैर मुस्लिम (हिंदुओं) की सूची बनाओ, सबको जेल में डालो’ – जाकिर नाइक

अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों और उन विवादों से पैदा होने वाली सुर्ख़ियों में बने रहने वाले जाकिर नाइक ने एक बार फिर कुछ ऐसा ही कहा है। इस बार जाकिर नाइक ने खाड़ी के देशों में रहने वाले गैर मुस्लिम (विशेष रूप से हिन्दू) लोगों पर बयान दिया है। बयान में उसका कहना है कि अगर खाड़ी के देशों में रहने वाले गैर मुस्लिम पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करते हैं तो उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। इसके अलावा उसने वीडियो में यहाँ तक कहा है कि ऐसे लोगों का समुचित दस्तावेज़ (डाटा बेस) तैयार किया जाए, जो सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करते हैं। 

दरअसल फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने पर एक शिक्षक का गला काट कर हत्या के बाद जाकिर नाइक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुआ। वीडियो इस साल के मई महीने में जारी किया गया था, जिसमें जाकिर नाइक ने भारत के हिंदुओं और पूर्वी देशों में रहने वाले हिंदुओं के लिए अनेक नफ़रत भरी बातें कही थीं। जाकिर नाइक ने वीडियो में कहा कि खाड़ी के देशों में रहने वाले एक वकील ने जेनेवा में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस याचिका में वकील ने पूछा कि अगर पैगंबर मोहम्मद पर कोई गैर मुस्लिम टिप्पणी करता है तो उसके लिए क्या करना चाहिए?

इसके बाद जाकिर नाइक ने कहा, “उस वकील के लिए मेरा सुझाव है कि अगली बार अगर वह (हिन्दू) किसी भी खाड़ी के देश में वापसी करते हैं, चाहे वह कुवैत हो, सऊदी अरब हो या इंडोनेशिया हो। इस बात की विशेष रूप से निगरानी की जानी चाहिए कि क्या उन्होंने इस्लाम या पैगंबर मोहम्मद के लिए अपशब्द कहे हैं या उन पर अनैतिक या अपमानजनक टिप्पणी की है। सबसे पहले ऐसे लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज की जानी चाहिए और इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर देना चाहिए। इन लोगों के लिए इससे बेहतर कोई और सज़ा नहीं हो सकती है।” 

वीडियो के अगले हिस्से में जाकिर नाइक ने और भी अप्रत्याशित बातें कही। जाकिर ने कहा, 

“इस बात की जानकारी सार्वजनिक रूप से देनी चाहिए कि हमारे पास ऐसे लोगों के नाम का दस्तावेज़ है लेकिन उनका नाम गुप्त रखा जाए। जैसे ही वह खाड़ी के देशों में वापस आएँ वैसे ही उनकी गिरफ्तारी हो और उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाए। फिर कार्रवाई पूरी करके उचित दंड दिया जाए। मेरा भरोसा करिए, ज़्यादातर लोग भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं और इस्लाम के विरुद्ध घृणा का माहौल बना रहे हैं, वह डर कर रहेंगे। इससे हम इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद पर होने वाली टिप्पणियों पर रोक लगाने में सक्षम होंगे। जैसे ही 5-10 लोगों पर इस तरह की कार्रवाई होगी, वैसे ही टिप्पणियाँ बंद हो जाएँगी क्योंकि ज़्यादातर गैर मुस्लिम खाड़ी के देशों में यात्रा करते हैं।”         

पंजाब: बलात्कार के बाद 6 साल की बच्ची को जलाया, अधजला शव बरामद

पंजाब के होशियारपुर जिले के जलालपुर गाँव में 6 साल की बच्ची के साथ दो लोगों ने बलात्कार किया और उसे जिंदा जला दिया। पुलिस को बच्ची की अधजली लाश टांडा के जलालपुर गाँव स्थित एक घर में मिली।

आरोपित और उसके दादा को 6 साल की मासूम के साथ बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 15 वर्षीय आरोपित गुरप्रीत सिंह और उसके दादा सुरजीत सिंह को हत्या, बलात्कार और आईपीसी की अन्य संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।

मृतक पीड़िता एक प्रवासी मजदूर की बच्ची थी। ये परिवार इसी गाँव में रह रहा था। मृतक बच्ची के पिता ने आरोप लगाए हैं कि गुरप्रीत कथित तौर पर उनकी लड़की को अपने घर ले गया जहाँ उसने उसका बलात्कार किया।

बताया जा रहा है कि आरोपित गुरप्रीत और उसके दादा सुरजीत, दोनों ने मिलकर बच्ची की हत्या कर दी और फिर उसकी लाश को जला दिया। पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि बच्ची की अधजली लाश आरोपितों के घर से बरामद हुई है।

मृतका के पिता के अनुसार, बच्ची का बलात्कार करने के बाद, गुरप्रीत और सुरजीत दोनों ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी और उसके शरीर को आग लगा दी।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्विटर पर इस घटना पर दुख और दुख व्यक्त किया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि उचित जाँच के साथ कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने अदालतों से निवेदन किया कि वे तत्परता से मामले की सुनवाई करें और दोषी को कठोर सजा दें।

अनुसूचित जाति आयोग ने लिया स्वत संज्ञान

रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष तेजिंदर कौर ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया और होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से 26 अक्टूबर तक एक विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।

‘भारत हवा में गंदगी भेजता है, हाउडी मोदी का रिजल्ट अब सामने’ – कपिल सिब्बल ने PM मोदी पर साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर कॉन्ग्रेस नेता व वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाना बनाया है। ट्रंप ने जहाँ अपने एक बयान में इस बात को कहा कि भारत, चीन और रूस में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है। वहीं, कपिल सिब्बल ने इस बयान के आधार पर इसे प्रधानमंत्री मोदी से जोड़ दिया। कॉन्ग्रेस नेता ने इस बयान को हाउडी मोदी का रिजल्ट बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तंज कसा। कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ”ट्रंप की दोस्ती के फल, भारत में कोरोना से होने वाली मौतों पर सवाल, भारत हवा में गंदगी भेजता है- कहना, भारत को टैरिफ किंग कहना… अब हाउडी मोदी का रिजल्ट सामने आने लगा है।”

बता दें कि कपिल सिब्बल के अलावा कुछ अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं व समर्थकों ने भी ट्रंप के “भारत की गंदी हवा” वाले बयान का वीडियो शेयर करते हुए केंद्र पर निशाना साधा है। कॉन्ग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई ने ट्रंप का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ”डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ। इस पर हमारे पीएम का क्या कहना है ?”

इसी प्रकार गौरव पांधी, राणा अय्यूब, ध्रुव राठी, साकेत गोखले जैसे वामपंथियों ने भी इस बयान पर अपना आलोचनात्मक ट्वीट किया है।

गौरतलब है कि अमेरिका में आगामी चुनावों के मद्देनजर अंतिम प्रेसिडेंशल डिबेट में राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने खराब हवा को लेकर जैसे ही भारत पर टिप्पणी की, उसके बाद से ही ट्विटर पर ‘Filthy’ ट्रेंड होने लगा। इस बयान को विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल किया।

इस हैशटैग पर कई लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं। कुछ लोग ट्रंप की आलोचना को सही मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग जलवायु गुणवत्ता की सच्चाई को जानते हुए भी सवाल उठा रहे हैं।

यहाँ बता दें कि आज डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावों में अपने प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन के साथ एक बहस के दौरान जलवायु मुद्दे व पेरिस समझौते पर बात करते हुए कहा, “चीन को देखो, वहाँ कितनी गंदी हवा है। रूस को देखो। भारत को देखो। यहाँ हवा गंदी है। मैं पेरिस समझौते से बाहर इसलिए चला गया क्योंकि हमें खरबों डॉलर निकालने थे। हमारे साथ बहुत गलत व्यवहार किया गया था।” उन्होंने इस बहस में यह भी कहा, “पेरिस समझौते की वजह से मैं लाखों नौकरियों और हजारों कंपनियों का बलिदान नहीं करूँगा, बहुत अनुचित है।”

‘दल-बदलू नहीं समझेंगे’ – Axis बैंक मामले पर अमृता फडणवीस ने प्रियंका चतुर्वेदी को लगाई लताड़

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर आज (अक्टूबर 23, 2020) महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस (Amruta Fadnavis) और शिवसेना नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। ये जंग 50,000 पुलिसकर्मियों के सैलरी अकॉउंट दूसरे बैंक मे ट्रांसफर करने के मुद्दे पर शुरू हुई।

कॉन्ग्रेस की पूर्व प्रवक्ता व वर्तमान में शिवसेना नेत्री ने सैलरी अकॉउंट स्थानांतरित करने को लेकर कहा कि यह कदम बेहद जरूरी था क्योंकि एक्सिस बैंक को बेहद मनमाने ढंग से चुना गया था और राज्य कर्मचारियों के सैलरी अकॉउंट उसमें ट्रांसफर हुए थे।

प्रियंका चतुर्वेदी के इसी ट्वीट का जवाब अमृता फडणवीस ने दिया। पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी होने के साथ एक्सिस बैंक की सीनियर एग्जीक्यूटिव होने के नाते अमृता ने शिवसेना नेता के ट्वीट की जमकर आलोचना की। अपने ट्वीट में प्रियंका चतुर्वेदी को ‘दल बदलू’ लिखते हुए उन्होंने कहा कि वह नहीं समझेंगी कि कड़ी मेहनत और इमानदारी क्या होती है।

उन्होंने बताया कि साल 2005 की तकनीक और सेवाओं में खातों का अधिग्रहण किया गया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक्सिस बैंक उनके घर का बैंक नहीं है और वह प्राइवेट सेक्टर बैंक की सूची में तीसरा सबसे बड़ा बैंक है।

उन्होंने लिखा,

“एक्सिस बैंक मेरे परिवार का बैंक नहीं है। ये प्राइवेट सेक्टर का तीसरा सबसे बड़ा सूचिबद्ध बैंक है और मैं इसकी एक ऐसी कर्मचारी हूँ, जो पिछले 18 सालों से यहाँ काम कर रही हूँ। लेकिन एक दल बदलू कैसे किसी की इमानदारी और कड़ी मेहनत को समझेगा! ये सारे अकॉउंट का 2005 में तकनीक व बेहतर सेवाओं के लिए अधिग्रहण हुआ था।”

इस ट्वीट पर जवाब देते हुए प्रियंका ने लिखा कि अगर यह उनका पारिवारिक बैंक नहीं है तो आखिर क्यों मुंबई पुलिस के अकॉउंट ट्रांसफर की बात से वह इतना आहत हुई हैं। इसके बाद दल बदलू शब्द पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका ने लिखा कि इसका जवाब एकनाथ खडसे अच्छे से दे पाएँगे, जिन्होंने हाल में भाजपा से निकल कर एनसीपी का हाथ थामा है।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने बुधवार को HDFC बैंक के साथ एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें 50,000 मुंबई पुलिसकर्मियों के खाते एक्सिस बैंक से एचडीएफसी में ट्रांसफर होने की बात थी। इस खबर के आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे थे कि आखिर एक PSU बैंक की जगह सैलरी अकॉउंट प्राइवेट बैंक में ट्रांसफर क्यों किए जा रहे हैं।

एक ओर पुलिस जहाँ इस अकॉउंट ट्रांसफर के मुद्दे पर दावा कर रही है कि अच्छी सुविधाओं के लिए यह फैसला लिया गया है, वहीं महाविकास आघाड़ी सरकार ने हिंट दे दी है कि यह कदम अमृता फडणवीस की आलोचनाओं के बाद लिया गया है। अमृता ने यह आरोप भी लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार ने बैंक अकाउंट ट्रांसफर करके सिर्फ़ उन्हें और उनके पति को निशाना बनाया है।

याद दिला दें कि पिछले साल से ही अमृता शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस के गठबंधन की कई मुद्दों पर धुर विरोधी रही हैं। उनका दावा यह भी कि 2005 में कॉन्ग्रेस एनसीपी के शासनकाल में राज्य के कर्मचारियों के खाते एक्सिस बैंक में खोले गए थे। सरकार ने यह निर्णय बेहतर तकनीक को देखते हुए व बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को देखकर लिया था।

इससे पहले अपने एक बयान में अमृता फडणवीस ने बताया था कि एक्सिस बैंक में कर्मचारियों के खाते साल 2005 में उनकी और देवेंद्र फडणवीस की शादी होने से पहले खोले गए थे। उन्होंने कहा था, “निजी बैंक भी भारतीय बैंक हैं और बेहतर तकनीकी सेवाएँ प्रदान करते हैं। सरकार को तर्कसंगत रूप से सोचना चाहिए। ऐसा करने से (खातों को स्थानांतरित करने), वे (सरकार) देवेंद्र और मुझे निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”

‘अब और बुखार सहन नहीं कर सकता’: जयपुर में कोरोना संक्रमित बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या

जयपुर में कोरोना वायरस से संक्रमित एक 66 वर्षीय व्यक्ति ने बृहस्पतिवार (अक्टूबर 22, 2020) को शहर के मालवीय नगर इलाके में एक चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मालवीय नगर स्थित सेक्टर -10 के निवासी सुरेंद्र कुमार बृज के रूप में हुई, जो कि एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह COVID -19 वायरस परीक्षण में पॉजिटिव निकलने से निराश थे। 66 वर्षीय बृज और उनकी पत्नी गत 19 अक्टूबर को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इस कारण घर पर ही क्वारंटाइन होकर इलाज ले रहे थे। सुरेंद्र का किसी से भी मिलना-जुलना बंद हो गया था जिस कारण वह अवसाद में थे।

घर पर मिले सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है, “मैं अब और कोरोना वायरस का बुखार सहन नही कर पा रहा हूँ। स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहा हूँ। इसमें किसी का दोष नही है।”

एसीपी महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र यहाँ अपनी पत्नी के साथ रहते थे। मृतक की पत्नी ने सुबह 2 बजे उठकर अपने पति को घर से गायब पाया। पुलिस ने कहा, “वह बेडरूम में सुसाइड नोट देखने से हैरान थीं। वह तुरंत पड़ोसी के साथ पुलिस स्टेशन पहुँची। हमने मालवीय नगर और जवाहर सर्कल क्षेत्र में और उसके आसपास उनकी तलाश शुरू की। सुबह 6 बजे, उनका कटा हुए शरीर मालवीय नगर से गुजरने वाली रेलवे पटरियों पर पाया गया।”

मृतक सुरेन्द्र का बेटा दिल्ली में नौकरी करता है और वह अपने माता-पिता के संक्रमित होने की खबर सुनकर घर लौट रहे थे। बेटे ने बताया कि क्वारंटाइन रहने और इलाज के बाद उनकी माँ की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी, जबकि उनके पिता को बुखार था। पुलिस से सूचना मिलने पर वह दिल्ली से जयपुर पहुँचे थे।

‘विभाजन के बाद दिल्ली में हुए सबसे भयावह दंगे, राष्ट्र की अंतरात्मा पर घाव जैसा’ – दिल्ली दंगों पर कोर्ट ने कहा

दिल्ली की एक अदालत ने गुरूवार (22 अक्टूबर 2020) को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर टिप्पणी की। अदालत ने इन दंगों को विभाजन के बाद राजधानी में हुए सबसे भीषण और भयावह दंगे बताया। साथ ही यह भी कहा कि पूरा घटनाक्रम विश्व शांति के लिए आदर्श बनने की आकांक्षा रखने वाले देश की अंतरात्मा के लिए घाव जैसा था।

आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की कुल 3 मामलों में जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। इसके अलावा अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में इस साल हुए दंगों के अन्य पहलुओं पर भी टिप्पणी की। 

अदालत ने अपने आदेश में कहा, “इस साल की शुरुआत में 24 फरवरी 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई क्षेत्र दंगों की चपेट में आ गए थे। दंगे इतने भयानक थे कि इन्होंने विभाजन के बाद हुए नरसंहार की याद दिला दी। बेहद सीमित समय में दंगे पूरी राजधानी में फ़ैल गए और नतीजा यह निकला कि कई निर्दोष लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी।”

अतिरिक्त सत्र के न्यायाधीश विनोद यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा, “भारत प्रमुख वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है। ऐसे राष्ट्र के लिए 2020 के दिल्ली दंगे राष्ट्र की अंतरात्मा पर घाव जैसे हैं, इन दंगों को विभाजन के बाद का सबसे भयावह दंगा कहना गलत नहीं होगा।” अदालत ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इतने बड़े पैमाने पर हुए भीषण दंगे पूर्व नियोजित षड्यंत्र के बिना सम्भव नहीं हैं। 

इसके बाद न्यायाधीश ने कहा कि यह बात स्वीकार करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं कि ताहिर हुसैन अपराध के स्थान पर मौजूद थे और अपने समुदाय के दंगाइयों को भड़काने में अहम भूमिका निभा रहे थे। इतना ही नहीं यह सभी आरोप गंभीर प्रवृत्ति के हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है।

अदालत के अनुसार जिन तीन मामलों में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज की गई है, इन मामलों के सरकारी गवाह उस क्षेत्र के ही निवासी हैं। ऐसे में ताहिर हुसैन द्वारा डराए या धमकाए जाने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है। 

जिन 3 मामलों में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज की गई, वो हैं: 

  1. पहला दयालपुर क्षेत्र में हो रहे दंगों के दौरान ताहिर हुसैन के आवास की छत पर पेट्रोल बम की बरामदगी और सैकड़ों लोगों की कथित तौर पर मौजूदगी। इसके अलावा अन्य समुदाय के लोगों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंकना।
  2. दूसरा मामला एक दुकान में आगजनी और लूटपाट, जिसमें दुकान के मालिक को लगभग 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
  3. तीसरा मामला, एक दुकान में लूटपाट और आग लगाने संबंधित और इस मामले में दुकान मालिक को 17 से 18 लाख रुपए का नुकसान हुआ। 

आम आदमी पार्टी का पूर्व पार्षद दिल्ली दंगों के मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता है। दंगों की साजिश ने बारे में भी उसने कई हैरान करने वाली बातें कही थीं। उसने पूछताछ के दौरान कहा:

“मेरा घर इलाके में सबसे ऊँचा था। CAA समर्थकों को सबक सिखाने के लिए मैंने अपने सहयोगियों के साथ पहले ही साजिश रच ली थी। घर में कन्स्ट्रक्शन का काम भी चल रहा था, ऐसे में ईंट-पत्थर इत्यादि पहले ही जमा कर लिए थे। मेरी लाइसेंसी पिस्टल थाने में जमा थी, जिसे मैं दंगों के 2-3 दिन पहली ही छुड़ा कर लाया था। पुलिस के हाथ सबूत न लगे, इसीलिए मैंने पहले ही क्षेत्र के सारे सरकारी व प्राइवेट CCTV कैमरे तोड़वा दिए थे। मैंने अपने समर्थकों को हर तरीके से तैयार रहने कह दिया था।” 

दिल्ली की एक अदालत ने 21 अगस्त, 2020 को फरवरी में हुए हिंदू विरोधी दंगों में शामिल AAP के पूर्व नेता ताहिर हुसैन के खिलाफ दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कहा था कि ताहिर हुसैन के उकसावे पर संप्रदाय विशेष के लोग हिंसक हो गए और हिंदू समुदाय पर पथराव शुरू कर दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने फरवरी में उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुए हिंदु विरोधी दंगों के दौरान खुफिया (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से संबंधित मामले और दंगों को भड़काने में हुसैन की भूमिका के खिलाफ दायर आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की थी। 

दुर्गा पूजा पंडाल को काले कपड़ों से ढक दिया झारखंड सरकार ने, BJP नेता की शिकायत पर फिर से लौटी रौनक

दुर्गा पूजा भारत में लगभग हर जगह मनाई जाती है। बंगाल के पड़ोसी झारखंड में तो इसकी रौनक ही कुछ खास होती है। लेकिन चायनीज कोरोना वायरस के कारण इसके धूमधाम की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई है। रही-सही कसर कॉन्ग्रेस समर्थित झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार कर दे रही है।

मामला राँची रेलवे स्टेशन के नजदीक दुर्गा पूजा पंडाल से जुड़ा है। यहाँ स्थानीय लोग बहुत पहले से ही दुर्गा पूजा मनाते आ रहे हैं। इस साल भी इन्होंने कोरोना संबंधी सरकारी दिशा-निर्देशों को मानते हुए पंडाल बनाया था। लेकिन हेमंत सोरेन सरकार को यह रास नहीं आया। राँची प्रशासन ने 22 अक्टूबर को इस पंडाल में पहुँच कर पेंटिंग्स के कारण भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए इसे काले पर्दे से ढकने का निर्देश दिया।

प्रशासन के निर्देशों को मानते हुए राँची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल समिति ने तुरंत ही पंडाल के सारे पेंटिग्स को काले कपड़ों से ढक दिया। लेकिन यह खबर ज्यादा देर तक दबी नहीं रह सकी। स्थानीय BJP नेताओं से होते हुए यह खबर पूर्व CM बाबूलाल मरांडी तक भी पहुँची। उन्होंने तुरंत ही इस मामले को फोटो सहित ट्वीट कर राज्य की हेमंत सरकार के कथित सेकुलर छवि का पर्दाफाश किया। बाबूलाल मरांडी ने लिखा:

“राँची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल को प्रशासन के द्वारा काले कपड़ों से ढकवाकर हेमंत सोरेन सरकार ने धार्मिक आस्था पर चोट पहुँचाई है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। मुझे यह बताते हुए काफी दुःख हो रहा कि झामुमो सरकार द्वारा लिया गया अधिकतर निर्णय बहुसंख्यक समाज की आस्था के अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा। दुर्गा पूजा सिर्फ हिंदुओं का ही नहीं अपितु सभी धर्म के लोगों की शक्ति और स्वास्थ्य वर्धन हेतु आस्था और विश्वास का प्रतीक है।”

इस खबर के स्थानीय BJP नेताओं से लेकर बड़े नेताओं और पूर्व CM तक पहुँचने के कारण प्रशासन ने फिर से आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुसार एक घंटे के भीतर ही पंडाल से काले कपड़े हटा लिए गए। छीछालेदर से बचने के लिए प्रशासन ने इसके बाद बैरिकेडिंग आदि करवाई।

पंडाल से काले कपड़े हटाने के बाद लौटी फिर से रौनक

बिना काले कपड़े से ढँका राँची रेलवे स्टेशन का पंडाल
माँ दुर्गा की अराधना करते स्थानीय लोग

‘ईद-ए-मिलाद नबी के जुलूस की इजाजत नहीं देना मुस्लिमों की अनदेखी’ – अमर जवान ज्योति में तोड़-फोड़ करने वाले दंगाइयों की धमकी

रज़ा एकेडमी ने महाराष्ट्र सरकार के विरुद्ध न्यायालय जाने की धमकी दी है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र की उद्धव सरकार अगर ईद-ए-मिलाद के जुलूस की इजाज़त नहीं देती है तो वह इसके विरोध में अदालत जाएँगे। 

रज़ा एकेडमी ने शुक्रवार (23 अक्टूबर 2020) को बयान जारी करते हुए कहा कि ईद का जुलूस निकालने की इजाज़त नहीं देना मुस्लिम समुदाय के मज़हबी जज़्बातों की अनदेखी है। चानयीज कोरोना वायरस के चलते पैदा हुई महामारी की वजह से किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भीड़ के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है। इसमें धार्मिक आयोजनों की भीड़ भी शामिल है और ऐसा इसलिए किया गया, जिससे महामारी फैलने का ख़तरा न बढ़े। ईद-ए-मिलाद का आयोजन पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के रूप में किया जाता है और इस वर्ष यह 29 अक्टूबर को है।

रज़ा एकेडमी का हिंसात्मक इतिहास

रज़ा एकेडमी देश के उन उपद्रवी संगठनों में से है, जिसके इतिहास में हिंसा की कोई कमी नहीं। इस साल रज़ा एकेडमी ने धमकी देते हुए कहा था कि क़ानून व्यवस्था बिगड़ सकती है अगर ‘मोहम्मद: द मेसेंजर ऑफ़ गॉड’ फिल्म पर पाबंदी नहीं लगाई जाती है। इस फिल्म में पैगंबर मोहम्मद के जन्म से लेकर 13 साल तक की उम्र का जीवनकाल दिखाया गया है। 

साल 2011 के अगस्त महीने में इस संगठन के नेताओं ने आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था, जो कुछ ही समय में हिंसात्मक दंगों में तब्दील हो गया था। हालात इतने भयावह और अनियंत्रित हो गए थे कि रज़ा एकेडमी के दंगाइयों ने ‘अमर जवान ज्योति’ में तोड़ फोड़ मचाई थी। इन दंगों में 2.72 करोड़ रुपए की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ था। 

यह विरोध प्रदर्शन मुंबई में सांप्रदायिक हिंसा/दंगे भड़काने की मंशा से किए गए थे। वहीं आईबी ने अपनी जाँच रिपोर्ट में इस बात के संकेत दिए थे कि दंगों में पाकिस्तानी लोगों के शामिल हो सकते हैं। जिस क्षेत्र में दंगे हुए, वहाँ बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बरामद किए गए थे। पूरे घटनाक्रम में लगभग 65 आम नागरिक और 40 सुरक्षाबल घायल हुए थे।         

‘दाढ़ी वाले सब-इंस्पेक्टर को जिस SP ने किया सस्पेंड, उसे निलंबित करो’ – UP और केंद्र सरकार से देवबंद की माँग

बीते दिन उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर (एसआई) इंतसार अली को बिना अनुमति के दाढ़ी रखने के लिए निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा की गई, नतीजतन देवबंद के उलेमाओं ने उनके विरुद्ध जहर उगलना शुरू कर दिया है। देवबंद के उलेमाओं का कहना है कि यह कार्रवाई करने वाले एसपी को निलंबित किया जाए। 

एसपी अभिषेक सिंह की कार्रवाई का विरोध करते हुए उलेमाओं ने इसे गलत करार दिया है। इस मुद्दे पर इत्तेहाद उलेमा-ए-हिन्द देवबंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारि मुस्तफ़ा देहलवी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने एसआई इंतसार अली को दाढ़ी रखने के लिए लाइन हाजिर कर दिया। उनके मुताबिक़ एक पुलिस अधिकारी को इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। इसके बाद उन्होंने कहा, “तास्सुब को मद्देनज़र रखते हुए इस तरह की कार्रवाई सही नहीं है, हम अपनी और अपनी तंजीमों की तरफ से इस कार्रवाई की सख्त अलफ़ाज़ में आलोचना करते हैं।” 

अंत में उनका कहना था, “हम उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार से इस बात की माँग करते हैं कि जो अधिकारी तास्सुब की बुनियाद पर नौकरी कर रहे हैं, इस तरह के लोगों को नौकरी में रहने का हक़ नहीं है। ऐसे अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए, ऐसे लोगों का रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोगों पर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।”  

उत्तर प्रदेश के बागपत जिला स्थित रमाला थाने में इंतसार अली बतौर सब इंस्पेक्टर (एसआई) तैनात थे। उन्होंने बिना अनुमति पिछले कुछ समय से लंबी दाढ़ी रखी हुई थी नतीजतन उन्हें पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें कई बार दाढ़ी रखने के लिए विभाग से अनुमति लेने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी भी तरह की अनुमति लिए पिछले काफी समय से दाढ़ी रखी थी।

कुछ समय पहले सब इंस्पेक्टर इंतसार अली पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के बावजूद दाढ़ी रखने को लेकर सुर्ख़ियों का कारण बने थे। इंतसार अली मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती किए गए थे। 

इस मुद्दे पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा था, “पुलिस मैनुएल के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिख समुदाय के पुलिसकर्मियों के अलावा किसी भी अन्य समुदाय का व्यक्ति पुलिस विभाग में तैनात रहते हुए दाढ़ी नहीं रख सकता है। अगर पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति ऐसा करना चाहता है तो उसे सबसे पहले अनुमति लेनी होती है। इतने महत्वपूर्ण आदेश के बिना इंतसार अली बिना किसी भी तरह की आज्ञा लिए दाढ़ी रख रहे थे। इस मामले में कई बार शिकायत तक मिल चुकी थी। इस संबंध में उन्हें 3 बार चेतावनी दी गई और यहाँ तक की बात करने का भी प्रयास किया गया लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा हासिल नहीं हुआ। अनुशासनहीनता जारी रहने बाद उन पर यह कार्रवाई की गई है।”