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बंगाल में मौलवी को घेर कर पीटा, कहा- AIMIM से चुनाव लड़ने वाला हूँ, इसलिए TMC विधायक ने करवाया हमला

पश्चिम बंगाल के विवादित मौलवी अब्बास सिद्दीकी पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 10 अगस्त को हमला बोल दिया। फुर्फूरा शरीफ पीरजादा को दक्षिण 24 परगना के भांगर क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेर कर पीटा। वहाँ वह अपने एक अनुयायी से मिलने गया था।

इस घटना का एक वीडियो क्लिप भी सामने आया है। इसमें टीएमसी कार्यकर्ताओं को सिद्दीकी को धमकाते, गाली देते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा वीडियो में यह भी देख सकते हैं कि टीएमसी के गुर्गों ने दरवाजे और खिड़कियों को तोड़ कर भी घर में घुसने की कोशिश की।

इससे पहले 9 अगस्त को सिद्दीकी के कुछ अनुयायियों को टीएमसी के गुर्गों ने अपना निशाना बनाया था। इस हमले में कुछ लोग बुरी तरह घायल हुए। सिद्दीकी इन्हीं में एक से अगले दिन मिलने गया था। पीरजादा के अनुसार, जैसे ही वह घर में पहुँचा, उस पर हमला हो गया।

सिद्दीकी का आरोप है कि उसके वाहन पर ईंट-पत्थरों से सैकड़ों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इसके बाद जब वह अपनी गाड़ी से नीचे उतरे तो कई उपद्रवियों ने उन्हें घेर लिया, सबके हाथ में डंडे और बंदूक थे। रिपोर्ट के अुसार, मौलवी के समर्थकों को और उनके वाहन को भी इस हिंसा में निशाना बनाया गया।

पीरजादा का आरोप है कि यह सब टीएमसी विधायक शौकत मौला ने करवाया है। सिद्दीकी ने कहा कि उसी के हजारों समर्थकों ने डंडे, बम, बंदूक से हमला बोला और मार डालने की धमकी दी। इसके बाद हमले के खि़लाफ़ सिद्दीकी के समर्थकों ने साउथ 24 परगना में फौरन आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की।

अब्बास सिद्दकी ने यह भी बताया कि संप्रदाय विशेष के नेता ने उन पर हमला इसलिए करवाया क्योंकि उन्होंने अगले चुनावों में AIMIM की ओर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। बता दें कि इस हमले के बाद सिद्दीकी को भाजपा की ओर से भी समर्थन मिला। बीजेपी नेताओं ने हमले की निंदा की। राज्य के भाजपा नेता अभिजीत दास ने कहा कि सिद्दीकी अपने घायल साथी से मिलने गए थे, उन्हें यह करने का अधिकार है। लेकिन सरकार ने इस हमले के ख़िलाफ़ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया। अभिजीत के अलावा राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी इस हमले की निंदा की।

याद दिला दें, अधिक समय नहीं बीता जब अब्बास ने अपनी विवादित वीडियो को लेकर माफी माँगी थी। अपनी वीडियो में उन्होंने करोड़ों भारतीयों के मरने की कामना की थी। इस वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता था, “हाल में मेरे पास खबर आई है कि पिछले दो दिनों से मस्जिदों में आग लगाईं जा रही है, माइक जलाए जा रहे हैं। मुझे लगता है कि एक महीने के अंदर ही कुछ होने वाला है। अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारतवर्ष में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि भारत में दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।”

यह भाषण पीरजादा ने दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद दिया था। लेकिन अपनी माफी में मौलवी ने कहा कि उनका संदर्भ अलग था। इससे पहले अब्बास सिद्दकी ने सीएए वापस न लेने की बात पर कोलकाता एयरपोर्ट जाम करने की धमकी भी दी थी।

शाहरुख ने मजहब छिपा महिला का 3 साल तक किया यौन शोषण, राज खुला तो गंदी तस्वीरों और वीडियो से करने लगा ब्लैकमेल

राजस्थान के जोधपुर से एक कथित लव जेहाद का मामला सामने आया। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि संप्रदाय विशेष के एक युवक ने अपना मजहब छिपा कर 3 साल तक उसका यौन शोषण किया। जब उसकी पहचान सामने आ गई तो वह महिला को ब्लैकमेल करने लगा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार बिलाड़ा थाने के पुलिस ने बताया कि शाहरुख नाम के युवक ने अपना मजहब छिपाते हुए नाम बदलकर महिला से दोस्ती की। उसके बाद शाहरुख ने महिला को अपने प्रेम जाल में फँसाते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसने महिला की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना ली। सच्चाई सामने आने के बाद इनके जरिए उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

एफआईआर में महिला ने बताया है कि वह 2017 में शाहरुख से मिली थी। उसने अपना नाम और मजहब बदल कर उससे दोस्ती की। धीरे-धीरे शाहरुख ने उससे नजदीकियाँ बढ़ानी शुरू कर दी। उनका संबंध दोस्ती के बाद प्यार में बदल गया। शाहरुख उसे अपने झाँसे में लेकर तीन साल तक यौन शोषण करता रहा। बाद जब उसकी सच्चाई सामने आई तो महिला ने उससे दूरी बनानी चाही। लेकिन शाहरुख उसे पहले बनाए गए शारीरिक संबंधों की अश्लील फ़ोटो और वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा।

पुलिस मामले की जॉंच कर रही है। महिला का मेडिकल कराया गया है। ब्लैकमेल, दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करना, नशीला पदार्थ पेय में मिलाकर अश्लील वीडियो व फोटो खींचना, दुष्कर्म कर ब्लैकमेल करने की धाराओं मे मामला दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद कई स्थानीय हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है।

इससे पहले ऐसा ही एक मामला राजस्थान के उदयपुर से सामने आया था। हनीफ खान नाम के एक युवक ने वीर सिंह बन विवाहिता से फेसबुक पर दोस्ती की। फिर उसे झॉंसे में लेकर बाड़मेर ले गया। वहॉं उसका जबरन धर्मांतरण कराया और दो महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।

कुरान में 2500 त्रुटियाँ, इसे आधुनिक युग के अनुकूल बनाने की जरूरत: सऊदी अरब की वेबसाइटों ने लेख के जरिए की वकालत

सऊदी अरब की वेबसाइटों पर दो लेखों के जरिए कुरान में ‘लिपिकीय त्रुटियों’ को ठीक करने की माँग उठी है। इन लेखों में यह भी अपील की गई है कि मजहबी ग्रंथ को आधुनिक धारणाओं के लिहाज से फिर से व्यवस्थित किया जाए ताकि वह आधुनिक युग के अनुकूल हों

इनमें से एक लेख वेबसाइट पर जनवरी में प्रकाशित हुआ था और दूसरा जुलाई में। इनका उद्देश्य यह था कि यदि इस्लाम के पवित्र ग्रंथ ‘कुरान’ में कुछ शब्दों में सुधार कर लिया जाए तो इसके पाठक बढ़ेंगे।

सऊदी के पत्रकार अहमद हाशिम ने 10 जनवरी 2020 को “सऊदी ओपिनियन्स” वेबसाइट पर प्रकाशित अपने लेख में कहा कि आज जिसे कुरान कहा जाता है उसे पैगंबर के जीवनकाल के बाद, तीसरे खलीफा उथमान बिन अफ्फान (644-656 शासन) के समय में ‘उथमानिक लिपि’ में लिखा गया था, जिसमें उथमान का नाम भी आता है। इसलिए इसके लेखन प्रणाली को पवित्र माने रखने का कोई मतलब नहीं है, जैसा कि विश्व भर में इस्लाम को मानने वाले करने में अभ्यस्त हैं, क्योंकि इसमें मानवीय हस्तक्षेप है। वर्तनी त्रुटियों के उदाहरण रखते हुए उन्होंने तर्क दिया कि उसमें व्याकरण और वर्तनी (स्पेलिंग) की 2500 गलतियाँ थीं जो आज भी कुरान का हिस्सा बनी हुई हैं।

दूसरा लेख, कुर्दिश-इराकी मूल के लेखक, बगदाद पत्रिका के संपादक और राजनीतिक विश्लेषक जारजिस गुलज़ादा द्वारा वेबसाइट एल्फ के लिए लिखा गया। उन्होंने भी अपने लेख में ये तर्क दिया कि तर्कहीन तरीके से स्क्रिप्ट को पवित्र मानने ने ही अधिक त्रुटियों को पेश किया है।

MEMRI, जिसने इन लेखों के अनुवाद अपनी वेबसाइट पर डाले हैं, उनके मुताबिक लेखक ने कुरान के संशोधित वर्जन को आधुनिक वर्तनी के साथ पब्लिश करने की माँग उठाई थी, क्योंकि वर्तमान शैली में यह आधुनिक दुनिया में और विशेष रूप से गैर-अरब इस्लामी राष्ट्र के लिए उपयुक्त नहीं है। लेख में यह भी लिखा गया कि इस कार्य को सऊदी अरब द्वारा ही किया जाना चाहिए। विशेष तौर पर वहाँ के किंग और प्रिंस के द्वारा।

पहले लेख में लिखा है, “उथमानी लिपि, जिसमें कुरान लिखी गई है, वह पैगंबर के कई साथियों और बाद की पीढ़ी के कई सदस्यों द्वारा बनाई गई थी, और वे उस समय के लिए अपनी क्षमता के अनुसार किए गए प्रयासों के लिए श्रेय के पात्र हैं। (हालाँकि) उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत के लिए अगर एक बेहतर और अधिक सुविधाजनक विकल्प है, तो उसे विकसित और संशोधित किया जा सकता है, जैसा कि (बाद के वर्षों में) किया गया था, जब विकृति विज्ञान और विराम चिह्नों को जोड़ दिया गया था (कुरान में)। समय आ गया है कि वर्तनी की त्रुटियों और अन्य त्रुटियों में संशोधन किया जाए, और इसे अरबी भाषा और व्याकरण के नियमों के अनुकूल बनाया जाए। कुरान ऐसे किसी भी संशोधन के लिए बिलकुल खुला है, जो अल्लाह की किताब को इस्लाम मानने वालों के लिए पढ़ने और भाषाई रूप से आसान और सही बना देगा।”

दूसरे लेख में लिखा गया, “पहला मुद्दा जिसका मैं (उन्हें) आग्रह करता हूँ कि कुरान की लिपि की पुनर्रचना हो, उथमानी लिपि, जो आधुनिक दुनिया में इस्लामिक राष्ट्र और विशेष रूप से गैर-अरबी इस्लामी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इसके शब्दों का उच्चारण करने में कठिनाई होती है और उनकी वर्तनी गलत है। हालाँकि सुन्नियों ने कुरान की उथमनी लिपि को पवित्र माना है, लेकिन इसके प्रमाण (मौजूद हैं) तर्कहीन हैं, क्योंकि किसी मानव-निर्मित वस्तु के लिए ‘पवित्रता’ को जिम्मेदार ठहराने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है जैसे कि एक लिपि।”

बता दें, सऊदी वेबसाइट्स पर छपे इन लेखों के अंग्रेजी अनुवाद MEMRI वेबसाइट पर प्रकाशित हैं। इस लेख को भी उसी आधार पर बनाया गया है।

तमिलनाडु में गणपति का होगा विसर्जन, हाई कोर्ट ने दी इजाजत; मुंबई के 3 जैन मंदिरों को खोलने का SC का आदेश

तमिलनाडु में गणेश प्रतिमा का विसर्जन होगा। लोग अपने घरों के बाहर प्रतिमा स्थापित भी कर पाएँगे। शर्तों के साथ मद्रास हाई कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है। इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने कोरोना का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमा की स्थापना और विसर्जन करने पर रोक लगा दी थी।

हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी तरह की शोभा यात्रा निकालने और सामूहिक विसर्जन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। विसर्जन के दौरान महामारी से संबंधित हर तरह के दिशा-निर्देशों का पालन भी करना होगा।

तमिलनाडु सरकार के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि धार्मिक उत्सव मनाए जाने जरूरी हैं और किसी भी समुदाय को इससे रोका नहीं जा सकता।

इससे पहले राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने कहा कि राहत देने से अव्यवस्था होगी। नियम और क़ानूनी की अनदेखी होगी। ऐसे मौकों पर काफी भीड़ इकट्ठा होती है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल होगा। इन दलीलों को नकारते हुए पीठ ने कहा कि विसर्जन धार्मिक उत्सव है और लोगों को इससे दूर नहीं किया जा सकता है। लेकिन इस बार विसर्जन में भीड़ नहीं होगी बल्कि एक ही व्यक्ति को विसर्जन करने की अनुमति होगी।     

तमिलनाडु राज्य सरकार ने कोविड 19 महामारी के चलते लोगों को अपने घरों में ही गणेश चतुर्थी मनाने की बात कही थी। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ सार्वजनिक स्थानों पर गणेश भगवान की प्रतिमा की स्थापना करने पर रोक लगाई गई थी। इसके अलावा किसी भी तरह की शोभा यात्रा निकालने पर प्रतिबंध लगाया था।

इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने आज ही (शुक्रवार 21 अगस्त 2020) 3 जैन मंदिरों को खोलने और पर्युषण पूजा की सशर्त अनुमति दी थी। ये मंदिर आगामी दो दिनों के लिए खोले जाएँगे। इस दौरान कोरोना महामारी संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि हम दादर, बायकुला और चेंबूर स्थित जैन मंदिर खोलने और पर्युषण पूजा की अनुमति दे रहे हैं।    

साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है किसी अन्य मंदिर को खोले जाने या उसमें पूजा की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस फैसले को किसी अन्य धार्मिक आयोजन के अनुमति माँगने का आधार भी नहीं बनाया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश बोबदे ने कहा कि गणेश चतुर्थी उत्सव पर अंतिम निर्णय स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी का होगा। अगर याचिकाकर्ता कोरोना महामारी संबंधी नियमों का ईमानदारी से पालन करते हैं तो तो दादर, बायकुला और चेंबूर में पूजा की अनुमति देना ख़तरनाक नहीं होगा।    

अंत में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा फ़िलहाल यह आदेश किसी और मामले में लागू करने की मंशा नहीं है। खासकर ऐसे धार्मिक समारोह जिनमें विशाल जनसमूह और मंडली शामिल हैं। जिस पर मंदिर प्रबंधन का नियंत्रण नहीं है। यहाँ हमारा सीधा मतलब मुंबई में और अन्य स्थानों पर गणेश उत्सव के दौरान होने वाली पूजा का ख़ास तौर पर उल्लेख कर रहे हैं।    

सुशांत के शव से रिया चकवर्ती ने की थी छेड़छाड़? गुपचुप मोर्चरी में घुसी, 45 मिनट तक कूपर हॉस्पिटल में रही

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई जुट गई है। इस बीच मीडिया रिपोर्टों से कुछ नई जानकारी सामने आई है। इससे रिया चकवर्ती की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह सुशांत का शव देखने गुपचुप कूपर हॉस्पिटल के शवगृह में गई थी। अस्पताल में उसने करीब 45 मिनट गुजारे। एक चश्मदीद के हवाले से दावा किया गया है कि रिया ने सुशांत के शव को देखने बाद ‘सॉरी बाबू’ कहते हुए माफ़ी माँगी थी।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट अनुसार रिया का सुशांत के साथ खून का रिश्ता नहीं था। ऐसे में उन्हें शव देखने की इजाजत कैसे मिली। सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस खुलासे पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब पोस्टमार्टम चल रहा था तो क्या रिया भी वहॉं मौजूद थी और सबूतों से छेड़छाड़ कर रही थी?

रिपब्लिक न्यूज चैनल की एक रिपोर्ट् के अनुसार सुशांत की मौत के बाद रिया अपने माता-पिता और भाई के साथ अस्पताल पहुॅंची थी। शव देखने के लिए वह गुपचुप तरीके से अंदर गई।

चश्मदीद सुरजीत सिंह राठौर ने बताया, “15 जून को रिया चक्रवर्ती कूपर अस्पताल के मोर्चरी में पहुँची थी। मैं वहाँ पर मौजूद था। तभी सूरज सिंह ने आकर मुझसे कहा कि रिया चक्रवर्ती यहाँ आना चाहती हैं तो प्लीज थोड़ा मदद करें, पुलिस को थोड़ा समझा दें और उन्हें शव को देखने दें। मैंने उसके बाद वहाँ मौजूद अधिकारियों से बात की और कहा कि रिया चक्रवर्ती आई है उसको सुशांत सिंह की बॉडी को देखना है। इसके बाद उन्होंने हमें परमिशन दी।”

उन्होंने बताया,”10 मिनट बाद मैं और रिया चक्रवर्ती शवगृह में गए। रिया के साथ उसका भाई, माँ और एक और सदस्य भी शायद उसके पिता थे। मैंने सुशांत के चेहरे से सफेद कपड़े को हटाया, उनके गले में एक निशान था। उसी वक्त मुझे कुछ गड़बड़ लगा था।”

चश्मदीद ने बताया रिया चक्रवर्ती पाँच से सात मिनट तक शव गृह में रही। इस दौरान मैंने ही रिया को कफन उठा कर सुशांत को दिखाया था। रिया ने सुशांत के चेस्ट पर हाथ रखकर कहा था सॉरी बाबू। ये सुनकर मैं चौंक गया। क्या इसने कुछ गलत किया है? इसके अलावा रिया ने और कुछ नहीं बोला और वो रोने लगी।

आपको बता दें कि नियम के तहत इस तरह अस्पताल में परिवार के अलावा कोई भी शव देखने नहीं जा सकता है।
इस बात के सामने आने के बाद सुशांत सिंह के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने कहा है, “रिया आखिर शवगृह में कैसे पहुँच गई? वो शवगृह में किस हैसियत से गईं? परिवार को मालूम था कि रिया सुशांत की लाइफ बर्बाद कर रही है। मुंबई पुलिस को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।”

‘SP से इस्तीफा दो नहीं तो रेप केस में फँसा दूँगा’: जहर खाने से पहले लालू यादव के दामाद तेज प्रताप पर हरवीर ने लगाए आरोप

उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व राज्य सचिव हरवीर सिंह प्रजापति ने गुरुवार (अगस्त 20, 2020) को जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। सपा नेता ने आत्महत्या से पहले फेसबुक पर पोस्ट भी डाला। पोस्ट में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पौत्र व सपा के पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। तेज प्रताप बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद भी हैं।

पोस्ट में हरवीर ने तेज प्रताप यादव, राजेश खटीक और विश्वनाथ प्रजापति को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि तेज प्रताप उन्हें पिछले 2 हफ्तों से मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रजापति के मुताबिक, तेज प्रताप उन पर दबाव बना रहे हैं कि वह समाजवादी पार्टी को छोड़ भाजपा में शामिल हो जाएँ। इतना ही नहीं, प्रजापति का आरोप है कि यादव उन्हें धमकाते हैं कि अगर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया तो वह उस पर झूठा रेप केस कर देंगे।

फेसबुक पोस्ट

प्रजापति ने यह भी बताया है कि उनके बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके अलावा गायत्री प्रजापति जैसे मामले में फँसाने के लिए उनके फोन से दो लड़कियों को वीडियो कॉल करके उनकी फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड की गई है।

प्रजापति के अनुसार, इन लड़कियों को पैसे देकर उन्हें परेशान करवाया गया, क्योंकि तेज प्रताप यादव और विश्वनाथ प्रजापति ऐसा चाहते हैं। प्रजापति ने इस पोस्ट में लिखा है कि वह अब अपने परिवार के सामने जाने में बहुत शर्म महसूस करते हैं, इसलिए अपने जीवन को समाप्त कर रहे हैं।

बता दें, हरवीर सिंह के इस पोस्ट को जैसे ही उनके परिजनों ने देखा, वह फौरन उन्हें बचाने गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अब वह फिलहाल खतरे से बाहर हैं। इस घटना के बाद हरवीर सिंह को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया है। एक प्रेस रिलीज जारी करके यह सूचना सार्वजनिक की गई।

प्रेस रिलीज में पार्टी के जिलाध्यक्ष ने लिखा कि तेज प्रताप सिंह यादव पर गंभीर टिप्पणी करने के आरोप में हरवीर सिंह को पार्टी में जिला सचिव पद से हटा दिया गया है। इस रिलीज में हरवीर सिंह के आरोपों को अनुशासनहीनता करार दिया गया। साथ ही कहा गया कि उन्होंने ये आरोप बिना किसी सबूत के लगाए हैं।

‘मैंने उसे कहा था… UP पुलिस छोड़ती नहीं’: 5 साल ध्रुव को किडनैप करने वाले अशफाक का रोते हुए Video

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 5 साल के ध्रुव की किडनैपिंग का खुलासा होने के बाद आरोपित अशफाक की वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में अशफाक बच्चे को किडनैप करने के लिए माफी माँग रहा है। साथ ही इस वीडियो में वह यह भी बता रहा है कि अगर शिखा (ध्रुव की माँ) उसे नहीं कहती तो वह कभी बच्चे को यूपी से बाहर नहीं लेकर जाता। वीडियो में उसके चेहरे पर यूपी पुलिस का खौफ भी साफ देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर सामने आई अशफाक की इस वीडियो में वह रोते हुए कहता है, “…तभी तो बच्चा छोड़ दिया सर मैंने, नहीं तो नहीं छोड़ता। मैंने उसे (शिखा को) बोला था कि अगर बात पुलिस तक गई तो पक्का पकड़ा जाऊँगा। कोई चांस नहीं होगा छूटने का। लेकिन उसने बोला कि नहीं ये बात पुलिस में नहीं जाएगी। तभी मैं ले गया उसे यूपी से बाहर। वरना सर मैं लेकर ही नहीं जाता। क्योंकि यूपी पुलिस छोड़ती नहीं साहब…नहीं छोड़ती है।”

बता दें कि कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में शिखा नाम की महिला ने प्रेमी अशफाक के साथ भागने के लिए अपने 5 साल के बच्चे ध्रुव का ही अपहरण करवा दिया। पुलिस ने किडनैपिंग में शिखा और अशफाक के हाथ होने का खुलासा करते हुए बताया था कि दोनों की मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई और फिर प्यार परवान चढ़ा। एक दिन क्राइम पेट्रोल देखते हुए शिखा ने फिरौती के लिए यह साजिश रची, क्योंकि वह अशफाक के साथ भागना चाहती थी। अशफाक को जिम खोलने के लिए पैसे चाहिए थे।

रिपोर्ट की मानें तो शिखा ने स्वयं ही ध्रुव को समझाया था कि वह अशफाक को परेशान न करे। बाद में खुद भी आने का वायदा किया। अशफाक ने भी बच्चे को घुमाने का लालच दिया और उसे लेकर नोएडा के एक होटल में पहुँच गया। पुलिस ने अपहरण की सूचना पर जब कार्रवाई की तो घबराकर बच्चे को कौशांबी में छोड़ दिया।

मुंबई: मास्क पहनने को कहा तो नफीसा ने डॉक्टर से की बदसलूकी, मेहराज ने एक्ट्रेस को धमकाया

मुंबई पुलिस ने अनुदान रोड स्थित नर्सिंग होम के एक डॉक्टर को गाली और धमकी देने के आरोप में नफीसा अब्बास लकड़ावाला नाम की महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डॉक्टर ने नफीसा से मास्क पहनने के लिए कहा। इसी बात पर पर भड़कते हुए उसने डॉक्टर्स के साथ बदसलूकी की। फिलहाल पुलिस ने महिला को गिरफ्तार नहीं किया है।

ज्ञात हो कि मालाबार हिल क्षेत्र निवासी डॉक्टर कविता तिलवानी अपने भाई के साथ ग्रांट रोड में एसपी नर्सिंग होम चलाती हैं। उनकी तहरीर पर डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में बुधवार (अगस्त 19, 2020) को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि 8 महीने की गर्भवती मरीज फैज़मा शेख 17 अगस्त को नर्सिंग होम में भर्ती हुई थी।

18 अगस्त को उनकी डिलीवरी हुई। डिलीवरी के बाद फैज़मा शेख के 20-22 रिश्तेदार उसे देखने के लिए नर्सिंग होम में आए थे। उनमें से कुछ लोगों ने मास्क नहीं पहना था। इसके साथ ही, फैज़मा से मिलने आए रिश्तेदारों ने कमरे में भीड़ जमा कर ली थी।

अपनी शिकायत में डॉ. तिलवानी ने बताया कि बिस्तर पर तीन महिलाएँ मरीज के साथ बैठी थीं। इनमें कुछ ने मास्क भी नहीं पहना था। साथ ही, कमरे में आए लोगों की वजह से काफी भीड़ इक्कठा हो गई थी, जो कोरोना महामारी के समय किसी के लिए भी जनलेवा हो सकता था।

इस पर डॉक्टर ने आपत्ति जताते हुए लोगों को बाहर जाने और मास्क लगाने के लिए कहा तो नफीसा अब्बास लकड़ावाला, जो फैज़मा के बिस्तर पर बैठी थी, ने डॉक्टर को भद्दी गालियाँ देनी शुरू कर दी। साथ ही उसने मारपीट करने की धमकी भी दी।

महिला द्वारा की गई बदसलूकी के बाद नर्सिंग होम के कर्मचारियों ने वहाँ मौजूद लोगों को कमरे से बाहर निकाला। साथ ही, डॉ. तिलवानी ने डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन को फोन कर लकड़ावाला के खिलाफ महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस (हिंसा और नुकसान की रोकथाम या संपत्ति को नुकसान) अधिनियम, 2010 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कराया।

डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक सूर्यकांत बाँगर ने मामले की जाँच के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि आरोपित महिला के बयान दर्ज करने और मामले की तह तक पहुँचने बाद उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मेहराज और उसके दोस्त ने एक्ट्रेस को दे दी धमकी

एक अन्य मामले में, बुधवार (अगस्त 19, 2020) को मुंबई के अंधेरी में मराठी एक्ट्रेस मानसी नाइक ने एक सुपरमार्केट के बाहर मेहराज निसार आजमी (28) और उसके साथी सूर्या दुबे (20) को मास्क ना पहनने के लिए टोका। इस पर दोनों ने ही अभिनेत्री मानसी नाइक की बात का विरोध करते हुए उनके साथ बदतमीजी की और धमकी देनी शुरू कर दी।

हालात बिगड़ते देख अभिनेत्री को मदद के लिए पुलिस को फोन करना पड़ा। इस मामले में मेहराज और सूर्या दुबे के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। हालाँकि, बाद में दोनों को चेतावनी देकर छोड़ भी दिया गया।

16 साल की लड़की से गैंगरेप: मदद के नाम पर 30 लोगों ने लाइन में लगकर किया बलात्कार, Video वायरल

इजरायल से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहॉं के इलट (Eilat) शहर स्थित एक होटल में 30 लोगों ने लाइन लगाकर एक 16 साल की लड़की का रेप किया और वीडियो बना ली।

आरोपित एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे और लड़की की मदद के बहाने उसके साथ रेप किया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने पूछताछ में माना है कि लड़की के साथ कई लोगों ने रेप किया। पुलिस ने यह भी कहा है कि लड़की होटल में गेस्‍ट नहीं थी, बल्कि वह अपने दोस्‍तों के साथ शराब पीने के बाद बाथरूम गई थी।

इसके बाद लड़की को कुछ लोग होटल के कमरे में ले गए और गैंगरेप किया। ये आरोपित भी एक-दूसरे को नहीं जानते थे। एक संदिग्‍ध ने बताया कि आरोपितों ने लड़की के कमरे के बाहर लाइन लगाई और एक के बाद एक कमरे में जाकर उसके साथ बलात्‍कार करते रहे।

संदिग्ध ने बताया कि बलात्‍कारी मेडिकल सहायता देने के नाम पर लड़की के कमरे में घुसे थे। इस दौरान लड़की के नशे में होने का फायदा उठाकर उसके साथ बलात्‍कार किया। जाँचकर्ता लड़की के मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं मामला प्रकाश में आने में पूरे देश में गुस्सा है। लोग सड़कों पर उतर कर लड़की के लिए इंसाफ माँग रहे हैं।

इस पूरी घटना से बेहद दुखी इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सब बेहद हैरान करने वाला है। यह केवल लड़की के खिलाफ अपराध नहीं है, यह खुद मानवता के खिलाफ अपराध है। इसकी पुरजोर निंदा होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्‍मेदार हैं उनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होनी चाहिए।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पुलिस ने इस मामले में जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनका कहना है कि लड़की इस महीने की शुरुआत में एक दोस्त के साथ इलट आई, जहाँ उसने अपने दोस्तों के परिचितों से मुलाकात की और उन सबने शराब पी। शराब पीने के बाद वह होटल में वॉशरूम इस्तेमाल करने गई। जहाँ कुछ लोगों ने उसका रेप किया।

इस बीच किशोरी के दोस्त ने उसकी मदद करनी चाही, लेकिन वह उन पुरुषों को रोकने में सक्षम नहीं था। यहाँ बता दें कि हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ये इजरायल के निवासी हैं और इनकी उम्र 20 के आसपास है।

गौरतलब है कि पिछले साल भी इजरायल से एक गैंगरेप केस का मामला सामने आया था। तब एक 19 साल की ब्रिटिश महिला ने 12 इजरायल युवकों पर रेप का आरोप लगाया था।। हालाँकि, बाद में उसे झूठ बोलने का आरोपित बना दिया और 4 महीने की सजा सुनाई गई। फिर, महिला अधिकारों की माँग करने वाले समूह ने इस केस को दोबारा खोला और वकील ने कहा कि महिला अपनी सजा के ख़िलाफ़ अपील करेगी।

बेंगलुरु दंगों पर येदियुरप्पा ने दिया डीके शिवकुमार को दो टूक जवाब, कहा- एक ईमानदार जाँच से कॉन्ग्रेस को डर कैसा

एक दिन पहले कॉन्ग्रेस कमेटी के मुखिया डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी पर बेंगलुरु दंगे की जाँच प्रभावित करने का आरोप लगाया था। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा विरोधी दलों को तब तक कोई आरोप नहीं लगाना चाहिए जब तक जाँच की रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती है।    

मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर बयान जारी करते हुए कहा, “बेंगलुरु दंगों की जाँच अभी चल रही है। बहुत जल्द सच सामने आएगा इसलिए कॉन्ग्रेस को इस मुद्दे पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। न ही इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहिए।”

इसके पहले कर्नाटक सरकार में स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री के सुधाकर ने भी डीके शिवकुमार के बयान पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि डीके शिवकुमार ईमानदार तरीक़े से हो रही जाँच से क्यों डर रहे हैं।    

के सुधाकर ने कहा, “KPCC (कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी) के अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से बेंगलुरु के मंडलायुक्त कमल पंत पर आरोप लगाया है। जबकि वह दंगों के इन मामले की निष्पक्ष रूप से जाँच कर रहे हैं। लोग उन्हें भाजपा का एजेंट कह रहे हैं। डीके शिवकुमार आखिर इस जाँच से क्यों डर रहे हैं? यह कोशिश किसे बचाने के लिए की जा रही है?”

बीते दिन (20 अगस्त 2020) मीडिया वार्ता करते हुए डीके शिवकुमार ने भाजपा पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था पुलिस अपनी जाँच में कॉन्ग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है।    

इसके अलावा डीके शिवकुमार ने अपने बयान में कहा था, “मैं पुलिसकर्मियों से निवेदन करना चाहता हूँ। खासकर मंडलायुक्त, जिनके लिए यह चेतावनी है। मैं इस बात पर चर्चा नहीं करना चाहता हूँ कि क्यों हाल ही में हिंसा की घटना हुई। लेकिन आप सभी (पुलिस अधिकारी) भाजपा के मंत्रियों से प्रभावित होकर जाँच कर रहे हैं। मिस्टर कमीश्नर हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। हम भले भाजपा का विरोध करें या नहीं लेकिन पुलिस वालों का विरोध ज़रूर होगा। कॉन्ग्रेस का कोई भी नेता हिंसा के लिए ज़िम्मेदार नहीं है यह पूरी तरह पुलिस की नाकामी है। पुलिस घटना को नियंत्रित नहीं कर पाई और हम इस घटना की निंदा करते हैं।” 

बेंगलुरु दंगे के सिलसिले में अब तक 61 लोगों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सिटी पुलिस कमिश्नर के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई है।

पंत ने बताया कि मामले की जॉंच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर यह आगे बढ़ रही है। इसी आधार पर आरोपितों की गिरफ्तारी की जा रही है। जो आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, उन्हें भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। कर्नाटक की राजधानी में 11 अगस्त की रात हिंसा और आगजनी हुई थी। राज्य के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने पिछले दिनों दंगों के पीछे संप्रदाय विशेष के कट्टरपंथी लोगों का हाथ होने की बात बताई थी। उन्होंने इसे बड़ी साजिश का हिस्सा बताते हुए जॉंच के आदेश दिए थे।

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस विधायक के भतीजे नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर पैगम्बर मोहम्मद के कथित अपमानजनक पोस्ट को लेकर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुए दंगों में उग्र भीड़ द्वारा ‘पुलिसकर्मियों को मार डालो, उन्हें मत छोड़ो, उन्हें खत्म करो’ के नारे भी लगाए गए। नवीन को भी फिलहाल गिरफ्तार किया गया है। विधायक के आवास और डीजे हाली के एक थाने में संप्रदाय विशेष के उपद्रवियों ने उत्पात मचाया, जिन्होंने कई पुलिस और निजी वाहनों को भी आग लगा दी और लूटपाट भी मचाई थी। 

मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की शाम कॉन्ग्रेस विधायक अखंडा श्रीनिवास मूर्थी के आवास पर संप्रदाय विशेष के हज़ारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। कुछ ही देर में भीड़ ने पूरे घर को तबाह कर दिया। इसके बाद डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस थाने पर भी जम कर तोड़ फोड़ की। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कुल 3 लोगों की जान गई थी और 6 लोग घायल हुए थे। दंगे की घटनाओं में 60 पुलिसकर्मी घायल हुए थे जिसमें से 15 नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती हुए थे।