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13 साल की थी जब बचपन के दोस्त ने किया रेप, फिर ड्राइवर-मछुआरे-मजदूर सबसे करवाया रेप: तस्वीर-वीडियो से केरल की दलित एथलीट को करते थे ब्लैकमेल

केरल के पथानमथिट्टा जिले में दलित एथलीट के 5 साल तक लगातार रेप-गैंगरेप के मामले में चौंकाने वाले खुलासे होते जा रहे हैं। अब सामने आया है कि 13 साल की आयु से निशाना बनाई गई पीड़िता के यौन शोषण की शुरुआत उसके पड़ोसी और बचपन के दोस्त ने ही की थी। इसके बाद उसने और लोगों को भी इसमें शामिल किया और बलात्कारियों की संख्या बढ़ती चली गई। बच्ची का रेप करने वालों में ड्राइवर, मजदूर, मछुआरे और उसके कई पड़ोसी तक शामिल थे।

बचपन के दोस्त ने ही चालू किया यौन शोषण

द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार, दलित बच्ची का 13 वर्ष की उम्र में यौन शोषण उसके पड़ोस में रहने वाले सुबिन ने चालू किया। सुबिन पीड़िता से 6-7 वर्ष बड़ा है और दोनों के घर आसपास ही हैं। उसने यौन शोषण के बाद पीड़िता के फोटो और वीडियो भी ले लिए। इसके बाद उसने इन फोटो और वीडियो का इस्तेमाल अपने करके अपने दोस्त से भी पीड़िता का रेप करवाया। इसके बाद उसके शोषण चालू हो गया। सुबिन के इस दोस्त ने 2 और दोस्तों से पीड़िता का रेप करवाया।

उसके फोटो और वीडियो इसके बाद अलग-अलग लोगों को दिए जाते रहे। उसका यौन शोषण करने वालों की संख्या बढ़ती रही। उसका रेप करने वालों में ड्राइवर, मछुआरे और मजदूर तक रहे। उसका रेप करने वालों में उसके कॉलेज और स्कूल के पाँच छात्र भी थे। इस मामले में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है, उनमें 4 नाबालिग हैं। इसके अलावा उसका रेप करने वाले 2 और लोग घटना के समय नाबालिग थे। 1 आरोपित तिरुवनंतपुरम का है, जो कि 100 किलोमीटर दूर का रहने वाला है।

इसके अलावा 2 आरोपित देश से बाहर हैं। अधिकांश आरोपित उसकी ही बस्ती के रहने वाले हैं। इस बस्ती में अधिकांश घर दलितों के हैं। यहाँ से शादीशुदा लोग भी उठाए गए हैं। बस्ती के लोग पीड़िता और आरोपितों, दोनों को जानते हैं। कई आरोपित उससे 10 साल से ज्यादा बड़े हैं। दो मौकों पर उसका गैंगरेप भी हुआ, जिसमें कई लोग जुड़े हुए थे। आरोपितों ने बस और अस्पताल समेत अलग-अलग जगह पर उसे बुलाया और यौन शोषण किया।

पिता के फोन पर मैसेज करता था सुबिन

आरोपित पीड़िता के पिता के स्मार्टफोन पर मैसेज करता था। इसी में वह बताता था कि रेप करने वालों से कहाँ मिलना है। वह पीड़िता की फोटो भी माँगा करता था। पीड़िता के पिता को फोन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्हें लगता था कि किसी और काम के लिए बेटी फोन का इस्तेमाल करती है। वह शराब के नशे में भी रहते थे।

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि पीड़िता के माता-पिता दोनों ही मजदूर हैं। जब पीड़िता कई दिनों के लिए घर से बाहर होती थी तो उसके परिजन सोचते थे कि वह खेल के सिलसिले में गई है। पीड़िता के एथलीट है और लगातार कई सालों से इस सक्रिय है।

29 FIR हो चुकीं, 44 हुए गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने 29 FIR दर्ज की हैं। इनमें रेप और गैंगरेप की FIR हैं। पुलिस अब तक 44 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। पुलिस को उसने कुछ समय लेकर इन 58 आरोपितों के नाम, आयु और उन्होंने कैसे उसका रेप कहाँ किया बताया है। पुलिस ने 40 लोगों का नम्बर पीड़िता के पिता के फोन से ही निकाल लिया था। बाकी गिरफ्तारी के लिए अभी प्रयास चल रहा है। तब तक पीड़िता को एक संरक्षण गृह में रखा गया है। यहाँ उसकी पढ़ाई के लिए इंतजाम किया गया है।

इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी पी एस नंदकुमार कर रहे हैं, जबकि जाँच की निगरानी खुद डीआईजी एस अजीता बेगम कर रही हैं। डीआईजी अजीता बेगम ने कहा, “सबरीमला यात्रा खत्म होने के बाद इस टीम में और अधिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।”

भारत में चिंकारा और काला हिरण की हत्या, बुल्गारिया में जंगली सूअर: सैफ अली खान पर चला था केस, उनके अब्बा मंसूर पटौदी थे Blackbuck के हत्यारे, कोर्ट ने सुनाई थी सजा

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान को बुधवार-गुरुवार (15-16 जनवरी 2025) की रात एक अज्ञात शख्स ने मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर में घुसकर चाकू मार दिया। उन्हें 6 घाव लगे हैं और वह अस्पताल में भर्ती हैं। हाई सिक्योरिटी वाले इस ऐक्टर के घर में इस तरह का वारदात होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे काला हिरण कांड से भी जोड़ रहे हैं।

यह मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। उस समय राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग राजस्थान के जोधपुर में हो रही थी। इस फिल्म के अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम कोठारी शूटिंग कर रहे थे। कहा जाता है कि उसी दौरान इन लोगों ने दो चिंकारा और तीन काले हिरण का शिकार किया था। इन्हें बिश्नोई समाज में पवित्र माना जाता है।

काला हिरण और चिंकारा के शिकार में सैफ

सलमान खान और सैफ अली खान सहित अन्य अभिनेता एवं अभिनेत्रियों पर 27-28 सितंबर 1998 की रात को हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा। यह भी कहा गया था कि इन लोगों ने कांकाणी गाँव में 1 अक्टूबर 1998 को 2 काले हिरणों के शिकार किया था। काले हिरण को बिश्नोई समाज में बेहद पवित्र माना जाता है और वे इसकी पूजा करते हैं।

इसको लेकर बिश्नोई समाज ने इन अभिनेताओं पर दो मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा लगभग 20 साल तक चला और आखिर में इन सभी अभिनेताओं को आरोप से बरी कर दिया गया। हालाँकि, इस मामले के चश्मदीद गवाह रहे हीरालाल ने बताया पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि उन्होंने हिरण का शिकार करने वाले अभिनेताओं का पीछा किया था। बाद में पुलिस ने भी इन्हें पकड़ा था।

हीरालाल ने कहा था, “जिस दिन उन्हें पकड़ा गया उस रात वे सभी 3 बजे तक जेल में थे। उनके साथी, वन विभाग के लोग और सलमान खान जेल के अंदर थे। तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान को मिलाकर पाँच आदमी जेल में थे। इस बात के गवाह उनके परिवार के लोग हैं। अगर उन्होंने कोई शिकार नहीं किया तो उन्हें दो-तीन मुकदमों में सजा क्यों हुई? सलमान खान ने तीन हिरण मारे हैं।”

बिश्नोई समाज के लोगों ने कहा था, “हम सबने देखा था कि सलमान खान के हाथ में पिस्तौल थी। रात के 12 बजे हम सबने सलमान खान का पीछा किया था।” बिश्नोई समाज के एक और व्यक्ति ने बताया था कि दिन में ये अभिनेता फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने वहाँ हिरणों की टोली को देखा। इसके बाद शाम को आकर उनका शिकार किया।

इन सभी को घोड़ा फार्म हाउस में हिरण का मांस पकाते पकड़ा गया था। दरअसल, इस मामले में जोधपुर कोर्ट ने साल 2018 में सलमान खान को पाँच साल की सजा सुनाई थी। वहीं, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान, नीलम कोठारी और तब्बू को बरी कर दिया था। इसके अलावा, कांकाणी हिरण शिकार मामले में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी और तब्बू को बरी कर दिया था।

बुल्गारिया में जंगली सूअर का शिकार

इतना ही नहीं, साल 2018 में सैफ अली खान के लिए जंगली सूअर का शिकार करने पर बुल्गारिया सरकार ने एक्शन लिया था। इस मामले में इंटरपोल ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सैफ अली खान का बयान दर्ज किया था। दरअसल, बुल्गारिया की सरकार ने इंटरपोल को एक जंगली सूअर के शिकार के मामले में सैफ अली खान का बयान लेने को कहा था।

सैफ अली खान का बयान गवाह के तौर पर दर्ज किया गया है। इस मामले में बुल्‍गारिया की पुलिस ने एक एजेंट को गिरफ्तार किया था। उस एजेंट ने सैफ अली के लिए जंगली सूअर का शिकार किया था। शिकार के लिए जरूरी लाइसेंस और परमिट नहीं लिए गए थे। बुल्गारिया पुलिस इस मामले की जाँच कर रही थी और सैफ अली खान को इसमें गवाह बनाया गया था। 

सैफ अली के अब्बा मंसूर अली भी काला हिरण मारने के दोषी

सैफ अली खान के अब्बा और पटौदी के नवाब रहे क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी ने भी साल 2005 में काले हिरणों का शिकार किया था। उन्होंने हरियाणा के झज्जर में हिरणों का शिकार किया था। जिस दिन मंसूर अली खान ने हिरणों को मारा था, उस दिन 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस था। तब झज्जर के SHO ने पटौदी और उनके शिकारी टीम के 6 सदस्यों को पकड़ा था।

इनकी गाड़ियों से एक मादा काला हिरण और खरगोश के शव बरामद किए गए थे। पुलिस ने उनके पास .22 बोर की राइफल भी बरामद की थी। यह राइफल मंसूर अली खान की बेटी और सैफ खान की बहन सोहा अली खान के नाम पर पंजीकृत थी। बाद में साल 2009 में गुड़गाँव के डीएम ने इस लाइसेंस को रद्द कर दिया था।

इस मामले में फरीदाबाद की विशेष पर्यावरण अदालत ने जनवरी 2015 में सभी 6 लोगों को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। हालाँकि, सैफ अली खान के अब्बा मंसूर अली खान पटौदी का इससे पहले ही साल 2011 में मौत हो गई थी। इसके बाद दोषियों में से मंसूर अली खान का नाम हटा दिया गया था।

1-चोर कैसे घुसा, 2-CCTV में कौन, 3-अंडरवर्ल्ड वसूली, 4-सिक्योरिटी गार्ड, 5-नौकरानी… सैफ अली खान पर चाकू अटैक, नेटीजन्स लगा रहे अपना दिमाग

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के बाद से पुलिस इस केस में हर एंगल से जाँच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

घटना 16 जनवरी 2025 की रात के ढाई बजे की है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी में इस समय के आसपास बिल्डिंग में कोई घुसता नहीं दिखा। संभव है कि वो पहले ही आकर बिल्डिंग में छिपा हो और हमले के बाद भी वहीं रहा हो।

इस हमले में बता दें कि सैफ अली खान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हमलावर ने उन्हें छह बार चाकू घोंपा। इनमें से 2 बार वह गंभीर रूप से चोटिल हुए और एक बार चाकू उनकी रीढ़ पर लगा। सैफ अली खान का इलाज अभी मुंबई के लीलावती अस्पताल में चल रहा है। उनकी सर्जरी न्यूरोसर्जन कर रहे हैं।

उनके परिवार ने कहा है कि ये मामला पुलिस का है और वो स्थिति को लेकर अपडेट देते रहेंगे। सैफ अली खान पर हुए हमले के बाद जहाँ उनके फैंस चिंतित हैं तो वहीं सोशल मीडिया पर हमला कैसे हुआ होगा इसे लेकर कयास लग रहे हैं।

नेटीजन्स उस बिल्डिंग की फोटो शेयर कर रहे हैं जहाँ सैफ के चार फ्लोर अपने हैं। नेटीजन्स का मानना है कि बिलडिंग इस तरह की है ही नहीं कि यहाँ कोई आसानी से घुस पाए। किसी को चोरी, डकैती वाले एंगल पर विश्वास नही हो पा रहा है।

कुछ लोग पूछ रहे हैं कि अगर सीसीटीवी में कोई दिख नहीं रहा, बिल्डिंग में कोई अचानक घुस नहीं सकता तो कहीं ये सब कोई पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं।

एक यूजर कहते हैं कि ये कोई चोरी का मामला नहीं है, संभव है कि अंडरवर्ल्ड द्वारा किया गया वसूली का प्रयास हो। कोई भी आम चोर अकेले ऐसे घर में नहीं घुस सकता। केस को डकैती-चोरी के रूप में क्यों दर्ज किया गया।

कुछ लोग इस मामले में बिल्डिंग की सिक्योरिटी पर भी संदेह कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि क्या बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड चोर को पकड़ तक नहीं पाया। उसका काम क्या सिर्फ रजिस्टर पर लोगों की एंट्री एग्जिट लिखना है। इसके अलावा ये भी सवाल हो रहे हैं कि आखिर जिस बिल्डिंग में इतना बड़ा सेलीब्रिटी रहता हो वहाँ इतने कैमरे भी नहीं कि पता चले आरोपित कहाँ से आया और कहाँ भागा?

गौरतलब है कि सैफ अली खान पर ये हमला उस समय हुआ जब सैफ अपने दोनों छोटे बच्चों के साथ फ्लैट में थे। हमलावर चाकू लेकर घुसा था। जब उनकी मेड उसे देख चीखी तो वो बाहर निकले और उसके साथ उनकी झड़प हुई। इसी दौरान उनपर एक के बाद एक हमला हुआ।

SpaDex की डॉकिंग पूरी, ISRO ने अंतिरक्ष में जोड़े दोनों सैटेलाइट: भारत के अलावा सिर्फ 3 देश के पास यह क्षमता, पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत ने वर्ष 2025 की शुरुआत के साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। ISRO ने अंतरिक्ष में ही SpaDeX मिशन के दो सैटेलाइट मॉड्यूल आपस में जोड़ लिए हैं। इस मिशन में ‘डॉकिंग’ की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह क्षमता हासिल करने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया है। इस मिशन के लिए 30 दिसम्बर, 2024 को सैटेलाइट छोड़े गए थे और बाद में धीमे-धीमे इन सैटेलाइट को पास में लाकर जोड़ दिया गया। ISRO अब इसी मिशन के बाकी लक्ष्य पूरा करने के लिए कदम बढ़ाएगा।

ISRO ने गुरुवार (16 जनवरी, 2025) को यह जानकारी देश को दी। ISRO ने ट्विटर पर लिखा, “स्पेस क्राफ्ट डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था। पहले 15 मीटर से 3 मीटर होल्ड पॉइंट तक पास लाया गया। डॉकिंग की शुरुआत सटीकता के साथ हुई, इसके बाद अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक कैप्चर किया गया… डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई।भारत अंतरिक्ष डॉकिंग को सफल बनाने वाला चौथा देश बन गया। पूरी टीम को बधाई! भारत को बधाई!”

ISRO की इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “सैटेलाइट की अंतरिक्ष डॉकिंग में सफलता के लिए सफल प्रदर्शन के लिए ISRO के हमारे वैज्ञानिकों और पूरे समुदाय को बधाई। यह आने वाले वर्षों में भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इस मिशन की सफलता भारत को अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने, अपने अंतरिक्ष यात्री को भेजने और बाकी स्पेस मिशन पूरे करने में मदद करेगी। ISRO ने जो प्रक्रिया पूरी की है उसे डॉकिंग कहा जाता है। डॉकिंग से पहले दोनों सैटेलाइट मॉड्यूल अलग थे।

कैसे हुई डॉकिंग?

ISRO द्वारा लॉन्च किए गए मिशन में से SDX-01 चेसर सैटेलाइट है जबकि SDX-02 टार्गेट सैटेलाइट है। इसका मतलब है कि SDX-01 कक्षा में स्थापित किए जाने के बाद SDX-02 की तरफ बढ़ा और अंत में दोनों जुड़ गए। PSLV C-60 रॉकेट ने इन्हें आपस में लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर छोड़ा था। इसके बाद इन्हें जोड़ने की प्रक्रिया चालू की गई।

दोनों सैटेलाइट को जोड़ने की प्रक्रिया यानि डॉकिंग 7 जनवरी, 2025 को चालू की गई। इसके लिए सबसे पहले दोनों को 20 किलोमीटर की दूरी पर रोका गया था। इसके बाद टार्गेट सैटेलाइट SDX-01 को स्टार्ट किया गया। 10 जनवरी, 2025 को यह दोनों 1.5 किलोमीटर पास लाए गए। 11 जनवरी को 225 मीटर पर लाए गए। 12 जनवरी को यह 100 मीटर पर आए।

इस बाद ISRO ने इन्हें 15 मीटर और फिर 3 मीटर करीब लाया। दोनों को फिर वापस 15 मीटर पर ले जाया गया। इसके बाद 16 जनवरी, 2025 की सुबह दोनों मॉड्यूल आपस में जोड़ दिए गए। अब इन पर आगे और भी प्रयोग भी किए जाएँगे।

अब सारे प्रयोग पूरे होने के बाद दोनों सैटेलाइट को अनडॉक यानी एक-दूसरे से अलग भी किया जाएगा। यह दोनों इसके बाद लगभग 2 साल तक अलग-अलग प्रयोग में काम आएँगे। SDX-01 सैटेलाइट पर छोटे कैमरे भी लगे हुए हैं। यह कैमरे इसके बाद तस्वीरें और  वीडियो लेंगे। इसके अलावा भी इस पर कई सेंसर लगे हैं।

यह सेंसर अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों का पता लगाएँगे। इनमें से एक सेंसर रेडियेशन का स्तर भी मापेगा। इन सैटेलाइट को भारत में स्थित सैटेलाइट नियंत्रण सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा।

डॉकिंग क्या होती है?

ISRO ने सोमवार को रात 10 बजे श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV C-60 रॉकेट लॉन्च किया था। इस रॉकेट पर कुल 24 सैटेलाइट लदे हुए थे। इनमें से सबसे प्रमुख दो सैटेलाइट थे, जिनकी डॉकिंग होनी थी। ISRO ने इन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अब अंतरिक्ष में ही जोड़ लिया।

इनका नाम SDX-01 और SDX-02 था। इन दोनों का वजन 220 किलो है। यह दोनों सैटेलाइट अंतरिक्ष में पृथ्वी से 470 किलोमीटर की ऊँचाई और 55 अंश के कोण पर छोड़े गए थे। डॉकिंग को सरल भाषा में समझा जाए, तो यह दो सैटेलाइट (मॉड्यूल) को अंतरिक्ष में जोड़ने की प्रक्रिया को कहते हैं। यह कुछ-कुछ जमीन पर कोई पुल बनाने जैसा है। जिस तरह पुल के अलग-अलग हिस्से आपस में जोड़े जाते हैं, उसी तरह डॉकिंग में भी दो या उससे अधिक सैटेलाइट आपस में जोड़े जाते हैं। यह पूरी सरंचना किसी विशेष काम के लिए उपयोग होती है।

डॉकिंग का उपयोग वर्तमान में दो सैटेलाइट के बीच किन्हीं वस्तुओं के आदान प्रदान समेत बाक़ी काम के लिए होता है। अंतरिक्ष में स्थापित अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भी इसी सिद्धांत पर काम करता है। इसका निर्माण भी डॉकिंग के जरिए हुआ था। इसमें सामान की आपूर्ति भी डॉकिंग के जरिए ही होती है। दरअसल, कई ऐसे सैटेलाइट या फिर मॉड्यूल होते हैं, जिन्हें एक बार में रॉकेट नहीं ले जा सकते। ऐसे में उन्हें अलग-अलग हिस्से में भेज कर अंतरिक्ष में जोड़ा जाता है। इसी तकनीक ISRO ने इस SpaDeX मिशन के जरिए हासिल किया है।

कितनी बड़ी छलाँग?

अब तक विश्व के तीन देश ही यह डॉकिंग की तकनीक हासिल कर सके थे। यह देश अमेरिका, रूस और चीन हैं। 16 जनवरी, 2025 को भारत भी इस लीग में शामिल हो गया है। इस तकनीकी तरक्की का फायदा ISRO को आगे के मिशन में मिलेगा। भारत ने अंतरिक्ष में अपना भी स्पेस स्टेशन बनाने का ऐलान किया है।

डॉकिंग में सफलता इसके रास्ते खोलेगी। भारत को 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना है, इसके लिए 2028 से काम चालू होगा। एक-एक कर इसके हिस्से अंतरिक्ष पहुँचाए जाते रहेंगे। इसके पूरे होने पर इसमें भारतीय एस्ट्रोनॉट जा सकेंगे। इसके अलावा यह प्रक्रिया चंद्रमा पर भारतीय भेजने, वहाँ से सैंपल वापस लाने समेत बाकी मिशन के लिए मील का पत्थर होगी।

हिंदू लड़के के साथ लिव-इन में थी मुस्लिम लड़की, बेटी भी पैदा हो गई… कर दिया रेप का केस: ₹5 लाख और शादी की बात पर मानी, इलाहाबाद HC ने दी बेल, कहा- ये मामूली विवाद

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक रेप मामले में अतुल गौतम नाम के आरोपित को इस शर्त पर बेल दे दी कि वो अपनी उसी मुस्लिम लिव इन पार्टनर के साथ शादी करे जिसने उसके ऊपर रेप का इल्जाम लगाया है। जमानत देने के साथ ही कोर्ट ने शर्त रखी कि अतुल को ये शादी ‘विशेष विवाह अधिनियम’ के तहत करनी होगी और लिव इन पार्टनर और उनके बच्चे की सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपए की राशि जमा करनी होगी।

ये फैसला जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने सुनाया है। उन्होंने ये फैसला इस आधार पर दिया कि केस दर्ज कराने वाली महिला और आरोपित दोनों नवजात बच्चे के साथ पति-पत्नी के रूप में शांति से रहने को तैयार थे। कोर्ट ने माना कि यह मामला एक मामूली विवाद का परिणाम था, जब दोनों पक्षों ने साथ रहने की इच्छा को व्यक्त किया तो फैसला इसी तथ्य को आधार बनाकर सुनाया गया।

मामले में दोनों पक्ष व्यस्क हैं। दोनों का मजहब अलग है। कुछ समय तक ये लोग लिव-इन रिलेशन में थे। इस दौरान इनकी बेटी हुई (जो अभी 4-5 महीने की है)। बाद में महिला ने गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज करवा दिया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 504 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपित ने उससे शादी करने का अपना वादा तोड़ दिया। मामले में जमानत की माँग करते हुए अतुल ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और तर्क दिया कि प्राथमिकी एक छोटे विवाद के कारण दर्ज की गई थी। इस दौरान उन्होंने माना कि वही उस बच्ची के पिता हैं और वो अपनी लिव-इन पार्टनर से शादी करने और बच्चे का भरण-पोषण करने को तैयार हैं।

उनकी इस बात के बाद महिला मान गई, लेकिन साथ ही उसने आशंका जताई कि हो सकता है कि आरोपित अपनी बात से बात में पलट जाए। ऐसा में कोर्ट ने जमानत देने के साथ आरोपित के सामने कुछ शर्ते भी रखीं जैसे रिहाई के सात दिनों के भीतर उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के लिए आवेदन करना होगा, विवाह के बाद उन्हें उसे जल्द से जल्द रजिस्टर कराना होगा, बच्चे की देखभाल के लिए पाँच लाख रुपए की सावधि जमा करनी होगी, अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराना होगा और कही भीं देश के बाहर बिना कोर्ट की अनुमति के नहीं जाएँगे आदि।

बता दें कि ये मामला पिछले साल कोर्ट ने 5 दिसंबर 2024 को सुनाया था। हालाँकि इसकी जानकारी अब सामने आई है। वहीं एफआईआर की बात करें तो वो जुलाई 2024 में दायर हुई थी और आरोपित सितंबर से ही कस्टडी में था।

सैफ अली खान पर चाकुओं से हमला, किए 6 वार, अस्पताल में चल रही सर्जरी: काला हिरण हत्या मामले में थे सलमान खान के साथ आरोपित

काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ आरोपित रहे बॉलीवुड ऐक्टर सैफ अली खान पर बुधवार (15 जनवरी 2025) की रात चाकुओं से हमला कर दिया गया। हमलावर ने इस दौरान उनके साथ हाथापाई भी की। मुंबई के बांद्रा स्थित आवास में हमले के बाद घायल ऐक्टर को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय सैफ अली खान के परिवार के कुछ सदस्य घर में मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफ अली खान को 6 बार चाकू मारा गया है। एक घाव गर्दन पर है और एक रीढ़ के पास लगी है। रीढ़ के पास जख्म थोड़ा गहरा है। उनकी सर्जरी की जा रही है। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। इस हमले में सैफ अली खान के साथ-साथ उनकी नौकरानी भी घायल हुई है। हालाँकि, नौकरानी को मामूली चोट आई है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह घटना बीती रात लगभग 2 बजे के करीब हुई। एक अज्ञात शख्स उनके घर में घुस आया और फिर वहाँ मौजूद नौकरानी से बहस करने लगा। इसी दौरान वहाँ सैफ अली खान भी आ गए। उन्होंने उस अज्ञात शख्स को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह अभिनेता पर भड़क गया और गुस्से में सैफ अली खान पर चाकू से वार करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई।

दरअसल, सैफ अली खान के घर में एक पाइपलाइन है, जो उनके बेडरूम के पास तक जाता है। माना जा रहा है कि हमलावर इसी रास्ते में घर में घुसा होगा। हालाँकि, पुलिस इसकी जाँच कर रही है कि हमलावर घर में कैसे घुसा और वह कौन है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त हमला हुआ था, उस समय करीना कपूर और उनके दोनों बच्चे भी घर में ही थे।

इस मामले में सैफ अली खान के पीआर का आधिकारिक बयान आया है। बयान में कहा गया है कि सैफ अली खान के घर में चोरी की कोशिश हुई है। वहीं, करीना कपूर की टीम ने कहा कि उनके घर में चोरी की कोशिश हुई है और सैफ को हाथ में चोट लगी है। बयान में कहा गया है कि इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लीलावती अस्पताल ने भी बयान जारी किया है 6 घाव बताए हैं।

बता दें कि काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ सैफ अली खान भी आरोपित थे। हालाँकि, इस मामले के 20 साल बाद कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। अभिनेता सलमान खान को 1998 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अपने साथी कलाकारों- सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के साथ दो काले हिरणों को मारने का आरोपित बनाया गया था।

इस मामले में सलमान खान के साथ-साथ सैफ अली खान एवं आरोपित बरी हो गए हैं। इसको लेकर बिश्नोई समाज सलमान खान से आज भी खफा रहता है, क्योंकि इस कुकृत्य के लिए उन्होंने आज तक माफी नहीं माँगी है। इसको लेकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान पर कई बार हमला भी किया है और उन्हें धमकी भी दी है। काला हिरण की हत्या समय की गई थी, तब फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के लिए राजस्थान गए थे।

अडानी को निशाना बनाने के 2 साल के भीतर ही बंद हुई हिंडनबर्ग, फाउंडर ने किया ऐलान: डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता संभालने से पहले ही बाँधा बोरिया-बिस्तर

भारतीय कारोबारी अडानी ग्रुप को लगातार निशाना बनाने वाले अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपना बोरिया-बिस्तर बाँध लिया है। इसके फाउंडर ने ऐलान किया है कि हिंडनबर्ग को अब बंद कर दिया गया है। इसके फाउंडर ने बताया है कि हिंडनबर्ग को बंद करने का प्लान लम्बे समय से चल रहा था।

बुधवार (15 जनवरी, 2025) को फाउंडर नेट एंडरसन ने यह घोषणा की। इसको लेकर उन्होंने हिंडनबर्ग की वेबसाइट पर पूरा बयान छापा है। इसमें उन्होंने लिखा, “मैंने पिछले साल के आखिर समय में ही अपने परिवार, दोस्तों और अपनी टीम के साथ हिंडनबर्ग को साझा करने की बात बताई थी। योजना यह थी कि हम जिन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे, उन्हें पूरा होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। और अब हमने पोंजी स्कीम वाला काम पूरा कर लिया है, ऐसे में वह दिन आज है।”

नेट ने इस बयान में हिंडनबर्ग पर ताला लगाने के पीछे कोई एक कारण होने से इनकार किया है। नेट ने कहा, “आखिर हम भी अपनी कम्पनी क्यों बंद कर रहे हैं? इसका कोई ख़ास एक कारण नहीं है, ना ही कोई खतरा है, ना कोई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है और ना ही कोई बड़ी व्यक्तिगत समस्या।” नेट ने हिंडनबर्ग को एक लव स्टोरी जैसा बताया है।

हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म को नेट एंडरसन ने 2017 में शुरू किया था। यह फर्म बड़ी कंपनियों के विषय में महीनों तक रिसर्च करती थी। इस दौरान मिली गड़बड़ियों या फिर आरोपों को इकट्ठा करती थी और एक बड़ी रिपोर्ट तैयार करती थी।

इसी दौरान यह उस कम्पनी के शेयर स्टॉक मार्केट में शॉर्ट (किसी शेयर पर यह दांव लगाना कि इसका भाव गिरेगा) करती थी। सही मौका देख कर यह रिपोर्ट सनसनीखेज तरीके से जारी की जाती थी। इसके बाद जब उस कंपनी के शेयर का दाम गिरता तो यह लोग करोड़ों डॉलर कमाते थे।

भारत के अडानी समूह के मामले में हिंडनबर्ग ने यही किया था। इसके चलते भारतीय निवेशकों को लाखों करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था। हालाँकि, अडानी पर हिंडनबर्ग ने जो आरोप लगाए उनमें से अधिकांश हवा हवाई थे और उनके बारे में पहले से ही जानकारी सार्वजनिक थी।

बाद में हुई जाँच में भी अडानी समूह के खिलाफ कोई अपराध सामने नहीं आए थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद भारत में सियासी बवाल भी हुआ था। हालाँकि, अडानी समूह वापस पटरी पर आ चुका है लेकिन हिंडनबर्ग को बंद करने की नौबत आ गई है।

हिंडनबर्ग को बंद करने का फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में निजाम बदल रहा है। नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 20 जनवरी, 2025 को पदभार संभालेंगे। ट्रम्प प्रशासन में टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क काफी ताकतवर होंगे। हिंडनबर्ग बायडेन प्रशासन के दौरान एलन मस्क के भी पीछे पड़ गया था।

ट्विटर डील में मस्क के खिलाफ कार्रवाई होने के कयास लगाते हुए इसने ट्विटर पर पैसा लगाया था। अब जब मस्क के समर्थन वाली सरकार सत्ता में आ रही है, तो यह कामधाम समेट रहा है।एलन मस्क, जॉर्ज सोरोस के खिलाफ भी रहे हैं। जॉर्ज सोरोस की ही संस्थाएँ हिंडनबर्ग को फंडिंग दिया करती थी।

हेलिकॉप्टर से ‘प्रयागराज दर्शन’ के नाम पर महाकुंभ में ठगी, ‘पवन हंस’ के नाम पर चल रहा रैकेट: जानिए ऑपइंडिया की पड़ताल में क्या मिला, जालसाजों से कैसे बचे

प्रयागराज महाकुंभ की दिव्य और भव्य शुरुआत हो चुकी है। पहले 2 राजसी स्नानों में करोड़ों लोग श्रद्धा की डुबकी लगा चुके हैं। देश-दुनिया से प्रयागराज पहुँचने वाले श्रद्धालुओं का ताँता लगा हुआ है, तो इसमें ठग भी सक्रिय हो चुके हैं। महाकुंभ में सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर छू-मंतर हो रहे हैं। पुलिस लोगों को सावधान कर रही है, इसके बावजूद ठग बाज नहीं आ रहे हैं। वो नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं, इसी में से एक है हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी।

दरअसल, महाकुंभ मेले में हेलीकॉप्टर द्वारा प्रयागराज के हवाई दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए महज 1296 रुपए प्रति व्यक्ति का रेट तय हुआ है। चूँकि सेवा का लाभ लेने वालों की भीड़ बहुत ज्यादा है, ऐसे में अब हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी भी हो रही है। इसी कड़ी में असम के प्रसिद्ध मंदिर कनकधारा लक्ष्मी मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद उपाध्याय के साथ भी ठगी हो गई। उनसे प्रयागराज में हेलीकॉप्टर से महाकुंभ दर्शन के नाम पर 5184 रुपए ठग लिए गए।

अपने साथ ठगी का ब्यौरा देते हुए ज्योतिषाचार्य ने बताया कि वो कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर-24 स्थित अपने कैंप में थे। जहाँ एक व्यक्ति आया, उसने कहा कि हेलीकॉप्टर से कुंभ के दर्शन हो सकते हैं। इसके बाद उसने अपने नेटवर्क के अंकित वर्मा नाम के व्यक्ति का नंबर दिया। उस नंबर पर चैट के माध्यम से संपर्क किया गया, तो उसने उनके डॉक्यूमेंट्स मंगाए। इसके बाद उसने उसके बाद ठग ने उनसे ऑनलाइन पेमेंट भेजने की बात कही। उन्होंने 2 लोगों की बुकिंग के लिए उसके दिए नंबर पर 5184 रुपए भेज दिए। ये खाता नंबर राजीब मल्ला के नाम पर था।

इसके बाद ठग ने उनसे इंतजार करने के लिए कहा। उन्हें ठग ने मीठी बातों में फंसाकर भरोसे में ले लिया था, ऐसे में उन्हें कोई शक नहीं हुआ, लेकिन थोड़ी देर बाद ठगों का नंबर बंद जाने लगा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उन्होंने लोगों से भी सावधान रहने की अपील की है।

इस मामले में पीड़ित की ओर से पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई गई है, जिसपर पुलिस एक्शन ले रही है। बहरहाल, जब इस मामले में ऑपइंडिया ने पड़ताल की, तो कुछ तथ्य निकल कर सामने आए।

1- ठग पवन हंस नाम की कंपनी का नाम ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं।

2- निजी नंबरों-यूपीआई आईडी पर पेमेंट ले रहे हैं।

3- पेमेंट लेने के बाद वो ठगी के शिकार लोगों को ब्लॉक कर गायब हो जा रहे हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद उपाध्याय ठगी मामले में पीड़ित की तरफ से ठगों के 2 नंबर 7042796908 और 8336871326 उपलब्ध कराए गए। उनके द्वारा साझा किए गए नंबरों पर वॉट्सऐप कॉलिंग हो रही थी। ऑपइंडिया ने जब ठग से संपर्क किया, तो उसने बेहद सधी आवाज में प्रतिक्रिया दी। ठग से हेलीकॉप्टर बुकिंग के बारे में सवाल किया गया, तो उसने खुद को पवन हंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया।

ठग ने बुकिंग के पैसों के बारे में पूछने पर सरकारी रेट यानी कि 1296 रुपये प्रति व्यक्ति बताए और बुकिंग के लिए पैसे ऑनलाइन भेजने के लिए कहा। हालाँकि जब हमने उससे ज्योतिषाचार्य से पैसे लेने की बात कही, और बदले में सेवा देने की जगह फोन बंद करने करने की बात कही, वैसे ही ठग ने फोन तुरंत काट दिया और नंबर को ब्लॉक कर दिया। ठग की वॉट्सऐप प्रोफाइल पर पवन हंस के हेलीकॉप्टर का फोटो लगा हुआ है और नीचे प्रोफाइल में कंपनी का नाम (पवन हंस प्रा.लि.) भी दिया गया है।

आपको बता दें कि पवन हंस नाम की कंपनी अभी कोई सेवा नहीं दे रही है। उसकी हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग भी अभी नहीं शुरू हुई है, बल्कि ये 16 जनवरी से शुरू होनी है। पवन हंस अपनी सेवाओं की शुरुआत 20 जनवरी से करेगी, ऐसा उसके आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया है। ऐसे में साफ है कि पवन हंस की सेवा शुरू होने से पहले ही ठग उसके नाम पर ठगी पर उतर चुके हैं।

साइबर ठग की वॉट्सऐप प्रोफाइल

प्रयागराज महाकुंभ में साइबर फ्रॉड से ऐसे बच सकते हैं आप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्स की ओर से सस्ते दामों पर होटल, धर्मशाला, टेंट सिटी और कॉटेज बुकिंग जैसी सुविधाओं के नाम पर ठगने की कोशिश हो रही है। ऐसे में आप भी महाकुंभ आ रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। इसके लिए साइबर क्राइम मुख्यालय की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है। श्रद्धालुओं के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ ऑनलाइन भी दी जा रही हैं। कुंभ के लिए विशेष वेबसाइट www.Kumbh.gov.in का भी निर्माण किया गया है, तो चैटबॉक्स व अन्य माध्यमों से भी उनकी मदद की जा रही है।

मेले में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचे रहने के लिए महाकुंभ पुलिस ऐप को डाउनलोड कर लें। किसी भी संभावित खतरे से बचे रहने के लिए समाचार और अलर्ट पर ध्यान दें। अगर मेले में किसी फर्जी वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मिले तो तुरंत इसकी शिकायत करें। पुलिस ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर क्राइम का शिकार होता है, तो वो नेशनल हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम की रिपोर्ट के लिए अधिकृत वेबसाइट www.cybercime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा यूपी पुलिस की यूपीकॉप ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बाबरी मस्जिद फिर बनाएँगे… पाकिस्तान में बैठ ‘फिदायीन जंग’ के लिए उकसा रहा फरहतुल्लाह गोरी, रिपोर्ट में दावा- वेबसाइट से हो रही आतंकियों की भर्ती

पाकिस्तान में बैठे आतंकी फिर से भारत को दहलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वह नए आतंकियों की भर्ती कर रहे हैं। इसके लिए वह बाबरी के नाम पर मुस्लिम युवाओं को भड़का रहे हैं।आतंकियों को भर्ती करने का यह काम वह आतंकी सरगना ही कर रहा है, जिसने कुछ महीने पहले भारत में इन्फ्रा को निशाना बनाने की बात कही थी।

आतंकियों की साजिश की यह खबर इंडिया टुडे ने दी है। इंडिया टुडे ने अपनी ओपन सोर्स इंटेलिजेंस से पता लगाया है कि पाकिस्तानी आतंकियों ने एक ऑनलाइन नेटवर्क बनाया है। इस नेटवर्क में एक वेबसाइट भी है। इस पर मुस्लिमों से बाबरी को दोबारा खड़ा करने के लिए जिहाद छेड़ने, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने और आतंक फ़ैलाने की अपील की गई थी। वेबसाइट के साथ ही यह नेटवर्क फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और बाकी सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहा है।

यह आतंकी नेटवर्क सिग्नल एप का भी इस्तेमाल कर रहा है, इसको ट्रैक करना कठिन होता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के मुस्लिमों को आतंक से जोड़ने की अपील करने वाली यह वेबसाइट 3 दिसम्बर, 2025 को बनाई गई थी। इस पर बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने के संदेश के साथ ही फरहतुल्लाह गोरी के वीडियो भी डाले गए हैं।

इसी वेबसाइट पर पड़े एक वीडियो में फरहतुल्लाह गोरी राम मंदिर को मलबे में बदलने की बात करता है। इसमें वह कहता है कि, “एक दिन, अल्लाह की रजा से राम मंदिर मलबे में बदल जाएगा। मुसलमान कुरान से शिक्षा लेकर भारत में आतंकवादी हमले करने का ऐलान करें। सिर्फ सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट पोस्ट करने से कुछ नहीं बदलेगा।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इसी वेबसाइट पर एक और वीडियो में फरहतुल्लाह गोरी ने उस आतंकी की तारीफ़ भी कि जिसने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में धमाका किया था। गोरी दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता संभाली है, तब से आतंकी हमला करना मुश्किल हो गया है।

वेबसाइट पर 2024 में 19 वीडियो जारी किए गए, जिसके जरिए आतंकी भर्ती करने की कोशिश की गई। इसी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को सिग्नल एप पर एक ग्रुप में जोड़ा जा रहा है। इसका नाम सौत-अल-हक़ है। इसमें 63 सदस्य थे। इस ग्रुप में भी आतंक से जुड़ने की अपील की जाती है।

आतंकी सरगना फरहतुल्लाह गोरी ने कुछ महीने पहले एक वीडियो जारी कर ट्रेनों में हमला करने की बात कही थी। उसने कहा था कि मुस्लिम भारत के इन्फ्रा को निशाना बनाएँ। यह वीडियो सुरक्षा एजेंसियों को मिला था।

सुरक्षा एजेंसियों को मिले वीडियो में गोरी ने बताया था कि कैसे ट्रेनों में अलग-अलग तरीके से धमाके किए जा सकते हैं। वह इसके लिए प्रेशर कुकर जैसी चीजों से बम बनाने का भी आईडिया दे रहा था। गोरी अभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की शह पर वहीं रह रहा है और भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। फरहतुल्लाह गोरी रामेश्वरम कैफे में हुए हमले और गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए हमले का मास्टरमाइंड है।

भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर में 3 दिनों से भगवान हैं भूखे, न लग रहा भोग-न हो रही पूजा: मकर संक्रांति के अनुष्ठान भी नहीं हुए पूरे, जानिए क्यों?

ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर में सेवादारों के दो समूहों के बीच हुए विवाद के बाद सोमवार (13 जनवरी, 2025) से भगवान को भोग नहीं लगाया जा रहा है। सेवादारों के दो समूहों में आपसी मतभेद के चलते मकर संक्रांति के अनुष्ठान भी नहीं हो पाए हैं।

यह विवाद बादु निजोग और महासूरा निजोग सेवादारों के बीच में चल रहा है। यह विवाद मकर संक्रांति को ही लेकर चालू हुआ है। मकर संक्रांति के दौरान लिंगराज मंदिर में तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। लिंगराज मंदिर में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर ‘पुष्यभिषेक संध्या धूप’ के साथ सारे अनुष्ठान शुरू होते हैं।

इस दौरान मंदिर में स्थापित देव को गर्भगृह से बाहर लाकर लिंगराज मंदिर के परिसर में स्थित ‘मकर मंडप’ के ऊपर बैठाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन, ‘मकर घी’ या ‘घृत कमला’ को ‘घृत कमला लगी’ अनुष्ठान में देवता को चढ़ाया जाता है। यह मकर घी, बडू साही के कुछ विशिष्ट परिवारों से एकत्र किए गए दूध से तैयार किया जाता है।

विश्वास है कि ‘घृत कमला’ देवता को सर्दियों के सूखेपन से राहत दिलाने के लिए लगाया जाता है। बादु निजोग सेवादार इस दूध को उबालते हैं और घी तैयार करते हैं। इसके बाद जब घी निकलता है तो उसे घृत कमला रूप में बादु निजोग और महासूरा निजोग सेवकों द्वारा चढ़ाया जाता है।

सोमवार को बादु निजोग सेवादारों ने इस बात कि जिद की कि वह महासूरा सेवादारों को बिना साथ लिए घी चढ़ाएँगे। महासूरा सेवादारों ने इसका विरोध किया। इसके चलते ‘पुष्यभिषेक संध्या धूप’ के बाद घृत कमला नहीं चढ़ाया गया। देवता को केवल दो दिनों के लिए मकर मंडप में बैठाया गया है। मंदिर भक्तों के लिए खुला है लेकिन अनुष्ठान निलंबित हैं।

बादु निजोग समूह के एक सेवादार ने कहा, “हम हर साल यह अनुष्ठान करते आ रहे हैं और मंदिर प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। दरअसल, भगवान को चढ़ाए जाने वाले घी को बादु निजोग परिवारों में बाँटा जाता है। महासुआरा निजोग के सदस्य अगर सिर्फ घी पकाने के आधार पर अनुष्ठान का दावा करते हैं तो इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।”

मंदिर प्रशासन विवाद को शांत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। ब्राह्मण निजोग के सचिव बिरंची नारायण ने घृत कमला अनुष्ठान के बारे में बात करते हुए कहा कि घृत कमला लागी का पहला दौर महसूरा सेवादारों द्वारा किया जाता है और फिर बादु सेवादार इसे संभालते हैं।

विवाद को निपटाने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई है। इस बैठक में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, आयुक्त, खुर्दा कलेक्टर, कानून विभाग के सचिव, स्थानीय विधायक और बादु निजोगों के सेवक मौजूद थे। बैठक में भी कोई हल नहीं निकला।

दोबारा बैठक ‘ब्राह्मण निजोगों’ की मौजूदगी में होगी क्योंकि पहले की बैठक में नहीं थे और फैसला रुक गया था। कानून मंत्री ने मामले की जाँच की भी घोषणा की और कहा कि राज्य सरकार हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज के माध्यम से जाँच करवाएगी। कानून मंत्री ने ट्रस्ट बोर्ड की बैठक बुलाकर भोग प्रसाद वापस चालू करने का प्रयास किया जाएगा।

कानून मंत्री ने दोनों पक्षों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर विवाद नहीं निपटाया गया तो सख्त कदम उठाए जाएँगे। कानून मंत्री हरिचंदन ने कहा, “यह मामला बेहद निंदनीय है। अगर वाकई कोई समस्या थी तो वे मिल-बैठकर इसका समाधान निकाल सकते थे। भगवान लिंगराज के अनुष्ठान को रोकना बेहद निंदनीय है।”

इस गतिरोध गतिरोध से भक्तों में गुस्सा है और उन्होंने दोनों समूहों की निंदा भी की है तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। एक नाराज भक्त ने कहा, “भगवान लिंगराज पिछले तीन दिनों से भूखे हैं। सेवायतों की वजह से ही भगवान लिंगराज को भूखे रहना पड़ रहा है। यह बेहद निंदनीय है।”