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मध्य प्रदेश: चौथी बार CM बनने को ‘मामाजी’ तैयार, आज शाम शपथ लेने के हैं आसार

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के इस्तीफे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब राज्य में चौथी बार सरकार बनाने को तैयार हैं। ताजा खबरों के मुताबिक, आज शाम 7 बजे वह सीएम पद की शपथ लेंगे। इस दौरान कोरोना के कारण राजभवन में खामोशी होगी और किसी तरह का समारोह नहीं होगा।

खबरें आ रही हैं कि शाम को 6 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल लालजी टंडन उन्हें राजभवन में ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला सकते हैं।

गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके फिर सीएम बनने पर मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। 

शिवराज सिंह के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार सीएम रहे हैं। इस बार शिवराज के साथ-साथ नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा के नाम की भी चर्चा थी। लेकिन अब, माना जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने शिवराज के नाम ही मुहर लगा दी है।

उल्लेखनीय है कि 20 मार्च को कमलनाथ द्वारा सीएम पद से इस्तीफे दिए जाने के बाद सीएम पद की दौड़ में शिवराज ही सबसे मजबूत दावेदार थे। पार्टी का एक खेमा भी मौजूदा विधानसभा में संख्या गणित को देखते हुए अभी फिलहाल शिवराज सिंह चौहान को ही कमान देने का दबाव बना रहा था। लेकिन, कयासो में कई बार अन्य दावेदारों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी सामने आया।

मगर, अब सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह द्वारा सीएम पद की शपथ लिए जाने की खबर के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखते बन रहा है। यूजर उन्हें बधाई दे रहे हैं उन्हें किसानों का मसीहा बता रहे हैं।

यहाँ बता दें कि अगर प्रदेश में भाजपा सरकार बना लेती है, तब भी उसे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। पिछले साल महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद भी उन्हें विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना पड़ा, जिसमें वे जीत गए थे।

भारत में इस दवा से होगा कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज: मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिया प्रस्ताव

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन नामक मेडिकल ड्रग देने का प्रस्ताव दिया है। जिस मामले में स्थिति ज्यादा ख़राब हो, वहाँ इसका प्रयोग किया जा सकता है। एनटीएफ ने कहा है कि ‘हाई रिस्क’ वाले मामलों में इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हालाँकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा को लेने से मना किया गया है।

इस दवा का इस्तेमाल अब तक मलेरिया से निपटने के लिए किया जाता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी दावा किया था कि कोरोना वायरस से निपटने में इसका प्रयोग गेमचेंजर साबित हो सकता है। बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के और हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इस पत्र के माध्यम से माँग की गई थी कि कोरोना के मरीजों के इलाज में इस दवा के प्रयोग की मंजूरी दी जाए।

अमेरिका में भी जब कोरोना के मरीजों को ठीक करने के लिए इस दवा का परीक्षण किया गया तो इसके कुछ अच्छे परिणाम सामने आए थे। ख़ुद डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बात करते हुए इसकी जानकारी दी थी। रिसर्च में सुखद परिणाम मिलने के बाद वहाँ के प्रशासन ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दे दी।

दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस के 3.5 लाख से भी अधिक केस सामने आए हैं और 15300 लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी है। भारत में अब तक इसके 400 से भी अधिक मामले सामने आए लोगों की मौत हुई है। अभी तक इसके इलाज के लिए कोई वैक्सीन नहीं खोजा जा सका है। दुनिया भर के वैज्ञानिक और मेडिकल क्षेत्र के विशेषज्ञ इस काम में लगे हुए हैं।

कॉन्ग्रेसी नेता ने संसद में गिनाए गोमूत्र के फायदे, किया इससे कैंसर ठीक होने का दावा: जानिए क्या है सच

गोमूत्र को लेकर कॉन्ग्रेस नेता अक्सर ही उपहास करते रहते हैं और इसका फायदा बताने वालों की भी खिल्लियाँ उड़ाई जाती है। मगर इस सब के बीच दावा किया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने न सिर्फ गोमूत्र के फायदे गिनाए बल्कि इसे कैंसर का उपचार भी बताया।

क्या है सच? 

इस दावे की सत्यता की जाँच के लिए जब हमने उनका राज्यसभा का भाषण सुना तो उन्होंने बुधवार (मार्च 18, 2020) राज्यसभा में भारतीय चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी से जुड़े दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान कहा कि गौमूत्र से कैंसर का इलाज संभव है और अगर हमारा पूरा देश योग करें तो स्वास्थ्य बजट आधा हो जाएगा।

उन्होंने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि मेरे दोस्त जयराम रमेश (कॉन्ग्रेस सांसद) मेरी खिंचाई करते हैं जब मैं गोमूत्र की बात करता हूँ। इसके बाद कॉन्ग्रेस सांसद ने मेरठ के एक शख्स का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, “मैं मेरठ में एक आश्रम गया था। मैंने वहाँ एक स्वामीजी से मुलाकात की और फिर मुझे वापस मेरठ आना था, लेकिन मुझे रास्ता नहीं पता था। स्वामीजी ने काफी मदद की और उन्होंने रास्ता दिखाने के लिए अपना एक ड्राइवर मेरे साथ भेज दिया।”

ऑस्कर फर्नांडिस ने कहा, “इस दौरान मैंने ड्राइवर से पूछा कि वो यहाँ कैसे आया? तो उसने मुझे बताया कि उसे कैंसर था। कोई दवाई नहीं थी, जिससे इलाज हो सके। आखिरकार उसे इस आश्रम आना पड़ा। इस आश्रम में उसे गोमूत्र दिया गया। उसे लेने के बाद बहुत आराम मिला और उसका कैंसर का इलाज हो गया। इसके बाद उसने फैसला लिया कि वो जिंदगी भर इस आश्रम में सेवा करेगा। वो कोई भी और नौकरी नहीं करेगा, क्योंकि इस आश्रम ने उसे नई जिंदगी दी है।”

इसके बाद कॉन्ग्रेस सांसद ने अपना खुद का अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं गाँव में खेती कर रहा था। जब मैं सांसद के लिए चुना गया तो मुझे संसद या खेती दोनों में से एक का चुनाव करना था। मेरे पास कोई विकल्प नहीं था और मुझे खेती छोड़नी पड़ी। मेरे घुटनों में बहुत दर्द हुआ करता था। जब मैं उसका परीक्षण कराने गया तो एक डॉक्टर ने मुझे बताया कि आपके घुटनों को बदलना होगा।”

आगे ऑस्कर फर्नांडिस ने बताया, “मैंने डॉक्टर से कहा कि इसके अलावा मुझे कुछ और बताएँ। मेरे घुटनों में इतना दर्द था कि मैं सीढ़ी भी नहीं चढ़ पाता था। फिर मैंने व्रजासन शुरू किया और आज मैं खुलकर बता सकता हूँ कि इसके बाद मैं बिना किसी दिक्कत के रेसलिंग भी कर सकता हूँ।” यानी कि कॉन्ग्रेस नेता के गोमूत्र के फायदे बताने को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वह सच हैं। कॉन्ग्रेसी नेता ने सच में गोमूत्र को लेकर यह बातें संसद में कहीं।

रूस में लोगों को घर में रखने के लिए पुतिन ने सड़क पर छोड़े 500 शेर? कोरोना से बचाव के लिए लिया फ़ैसला?

एक तस्वीर को ब्रेकिंग न्यूज़ बता कर शेयर किया जा रहा है। इसमें सड़क पर एक शेर घूमता हुआ दिख रहा है। बताया जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिस पुतिन ने लोगों को घर में रखने के लिए ये तरीका आजमाया है। तस्वीर के साथ कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते ख़तरे के मद्देनज़र लोग सेल्फ-क्वारंटाइन में रहें, इसीलिए पुतिन ने लोगों के भीतर डर बैठाने के लिए ये तरीका आजमाया है। ये भी दावा किया जा रहा है कि रूस में ऐसे 500 शेर सड़कों पर खुले छोड़ दिए गए हैं।

इस तस्वीर को ऐसा बनाया गया है ताकि देख कर प्रतीत हो कि ये किसी टीवी न्यूज़ चैनल पर चल रहे ‘लाइव’ न्यूज़ का स्क्रीनग्रैब है। बता दें कि रूस में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है और न ही ऐसा कुछ करने का निर्णय लिया गया है। जो तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, वो दक्षिण अफ्रीका स्थित जोहान्सबर्ग की है। ये तस्वीरें ताज़ी भी नहीं हैं। ये 2016 की है। इस वायरल पोस्ट को एक मोबाइल ऐप के जरिए बनाया गया है। आप देख सकते हैं कैसे इस पोस्ट को शेयर कर के लोगों को भ्रमित किया जा रहा है:

जैसे ही इस पोस्ट को ट्विटर पर डाला गया, लोगों ने इसे लेकर चर्चा शुरू कर दी। कई लोग इस फेक ख़बर के झाँसे में आ भी गए। जहाँ एक तरफ कुछ लोगों ने पुतिन की आलोचना करते हुए पूछा कि अगर शेर ने किसी बच्चे को नुकसान पहुँचाया तो, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसे एक ‘साहसी निर्णय’ बताते हुए इसकी तारीफ की। जबकि या तस्वीर तो सच्ची है लेकिन इसे लेकर शेयर की जा रही ख़बर झूठी है।

दक्षिण अफ्रीका का शेर ‘कोलम्बस’ वाले तस्वीर की सच्चाई

अब इस तस्वीर की सच्चाई जानते हैं। इसे अप्रैल 15, 2016 में ‘न्यू यॉर्क टाइम्स’ ने शेयर किया था। ख़बर के अनुसार, तस्वीर में दिख रहे शेर का नाम ‘कोलंबस’ है जिसे जोहान्सबर्ग स्थित पार्क से एक फ़िल्म की शूटिंग के लिए लाया गया था। उसी दौरान उसे सड़क पर छोड़ा गया था, जो फ़िल्म शूटिंग का ही हिस्सा था। ‘डेली मेल’ ने भी ये ख़बर उस दिन शेर कोलम्बस की तस्वीर के साथ शेयर की थी। दक्षिण अफ्रीका के स्थानीय न्यूज़ पोर्टलों ने भी इस ख़बर को प्रकाशित किया था।

Breaking: ट्रेन के बाद अब हवाई जहाज भी बंद, 24 मार्च से सभी घरेलू उड़ान सेवाओं पर रोक

सरकार ने ट्रेनों के बाद अब सारी फ्लाइट सेवाओं पर भी रोक लगा दी है। नए आदेश के मुताबिक़, सभी कमर्शियल उड़ान मंगलवार (मार्च 24, 2020) की आधी रात के बाद से बंद हो जाएँगे। हालाँकि, कार्गो फ्लाइट्स के लिए ये पाबन्दी लागू नहीं होगी। बता दें कि रेलवे ने सारी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के आवागमन पर पहले ही रोक लगा दी है। केवल सामान ढोने वाले ट्रेनें ही चल रही हैं, जिन्हें गुड्स ट्रैन कहा जाता है। अब फ्लाइट सेवाओं पर भी पाबन्दी लगा दी गई है।

बता दें कि लॉकडाउन और कर्फ्यू की चर्चा के बीच लोग पैनिक होकर शहर छोड़ने लगे थे और अपने घर की ओर भागने लगे थे। दिल्ली और महारष्ट्र जैसे राज्यों से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई थी। कई लोगों ने तो फ्लाइट से जाना उचित समझा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपील कर चुके हैं कि लोग पैनिक न हों और जो जहाँ है, वहीं रहने का प्रयास करें। अब लॉकडाउन के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना मुश्किल होगा।

विभिन्न सरकारों ने ये भी कहा है कि लॉकडाउन के दौरान राशन की दुकानें खुली रहेंगी और मेडिकल सेवाओं पर कोई रोक नहीं लगेगी, इसीलिए पैनिक होने की ज़रूरत नहीं है। फ्लाइट सेवाओं को बंद करने का फ़ैसला कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनज़र लिया गया है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स से आने वाले यात्रियों को पहले से ही 14 दिन क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य कर दिया गया था। पीएम मोदी ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की सलाह दी है।

12 साल की बच्ची के मुँह में लोहे की रिंच डालकर की गई हत्या, नग्न अवस्था में खून से लथपथ मिला शव, गैंगरेप की आशंका

7 साल संघर्ष करने के बाद निर्भया के दोषियों को अभी चंद दिनों पहले ही सजा-ए-मौत मिली कि उत्तरप्रदेश के हमीरपुर से फिर एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आ गया। जानकारी के मुताबिक यहाँ 12 वर्षीय नाबालिग के साथ रेप (अनुमानित) के बाद निर्मम हत्या की घटना सामने आई। बच्ची का शव खून से लथपथ देखकर सबके होश उड़ गए। अब पुलिस अधिकारी इस मामले में जाँच कर रहे हैं। आरोपित अभी फरार है।

घटना हमीरपुर जिले के चिकासी थाना क्षेत्र की है। जहाँ बताया जा रहा है कि 12 साल की बच्ची के साथ रेप करने के बाद उसके मुँह में लोहे रिंच डालकर उसकी हत्या की गई। मीडिया में मौजूद जानकारी के अनुसार, जिस समय ये वारदात घटी उस समय बच्ची अपने घर में अकेली थी। उसके माता-पिता व बहन खेतों पर फसल की कटाई करने गए थे। देर शाम जब परिजन घर पहुँचे तो वहाँ का नजारा देख उनके होश उड़ गए। घर में बिटिया का शव नग्न अवस्था में मिला। जिसके बाद हड़बड़ी में उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी ।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है बच्ची के सिर पर हथौड़ा मारकर और पेंचकस से गोदकर उसकी हत्या की गई। जबकि कुछ रिपोर्ट्स में उसके सिर पर किसी वजनी चीज के मारे जाने पर आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने फॉरेंसिक जाँच के बाद दुष्कर्म की पुष्टि की बात कहते हुए घटना की पड़ताल शुरू की है। एसपी व एएसपी ने भी घटना स्थल का देर शाम मुआयना करके थाना पुलिस को जरूरी निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों ने बच्ची के शव की हालत देखकर पेंचकस से खोदकर हत्या करने और नाजुक अंग पर भी वार करने की आशंका जताई है। जबकि मौके पर पहुँची पुलिस से परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष आरके पटेल ने बताया कि बालिका के सिर पर गहरी चोट के निशान हैं, जिससे खून निकला है। मुँह में पेंचकस गोदकर हत्या करने की पुष्टि हुई है। फॉरेंसिक टीम जाँच कर रही है, मेडिकल परीक्षण के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होगी।

इधर RaGa ने मास्क को लेकर केंद्र पर साधा निशाना, उधर राजस्थान में गायब हो गए ₹11 करोड़ के N95 मास्क

देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण और उससे उपजे डर के कारण मास्क की कालाबाजारी चरम पर है। इस कालाबाजारी के आलम में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से भी मास्क गायब होने की खबरें आनी शुरू हो गईं हैं। वाकया जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल का है, जहाँ से मीडिया खबरों के अनुसार तकरीबन ढाई लाख से ज्यादा मास्क गायब हो गए हैं। इन गायब हुए मास्क की कीमत लगभग 11 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि गायब हुए मास्क एन-95 क्वालिटी के हैं और काफी महँगे आते हैं। ऐसे एक मास्क की कीमत अभी 450 रुपए बताई जा रही है। यानी कि ऐसे ढाई लाख मास्क गायब होने का मतलब है अस्पताल प्रशासन को 11 करोड़ रुपए से अधिक का चूना लगना। ये मास्क कहाँ और कैसे गायब हो गए, इसकी खबर किसी को नहीं है। इसके संबंध में एक जाँच कमिटी बनाई गई है।

मामले में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंडारी ने कहा कि डॉक्टरों से जानकारी माँगी गई है। एसएमएस अस्पताल में डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, आइसोलेशन में काम करने वालों के लिए मास्क की डिमांड की गई थी। पिछले कुछ दिनों में तीन लाख से अधिक मास्क आए, लेकिन अब फिर से डिमांड की जाने लगी। अब सभी डॉक्टर्स और जिम्मेदारों से इस संदर्भ में जानकारी ली जा रही है कि किसने, कितने मास्क और कब-कब लिए।

सबसे हैरत की बात यह है कि जिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ के लिए मास्क खरीदी गई थी, वो कहते हैं कि हम तो खुद के स्तर पर मास्क मँगा रहे। अस्पताल में मास्क की कमी का आलम यह है कि जिस 4-F वार्ड में कोरोना संक्रमित पेशेंट भर्ती किया जा रहा है, वहाँ के भी रेजीडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को अच्छी क्वालिटी के मास्क नहीं दिए गए। यहाँ तक कि उनके लिए सेनेटाइजर भी अस्पताल ने उपलब्ध नहीं करवाया।

इस खबर से जुड़ा एक ट्विस्ट और है। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का मास्क को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधना। लेकिन उनकी ही पार्टी की सरकार राजस्थान में है, जहाँ ‘मास्क घोटाला’ किया जा रहा है और उन्हें पता ही नहीं! तभी लोग सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी को लेकर निशाना भी साधने लगे।

केरल की पूरे विश्व में वाहवाही हो रही: थरूर ने फेक न्यूज़ शेयर कर के CM विजयन की पीठ थपथपाई, डिलीट करने से किया मना

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर केरल की वामपंथी सरकार की पीठ थपथपाने के चक्कर में इतने उतावले हो उठे कि उन्होंने फेक न्यूज़ शेयर कर दी। ‘ब्रिटिश हेराल्ड’ नामक इस संदिग्ध वेबसाइट ने केरल सरकार की प्रशंसा करते हुए लिखा था कि कोरोना वायरस से निपटने की वहाँ की रणनीति मास्टरक्लास है। थरूर ने इसी लेख को शेयर करते हुए दावा किया कि केरल सरकार को इसके लिए पूरे विश्व से वाहवाही मिली है। उन्होंने पिनराई विजयन के प्रयासों को बहादुराना बताते हुए कहा कि लोगों को जागरूक करने और जनता को आगे रखने में वो कामयाब हुए हैं।

साथ ही फेक न्यूज़ के आधार पर थरूर ने केरल कॉन्ग्रेस की भी सराहना की क्योंकि उसने वामपंथी सरकार के अच्छे काम में उसका ‘साथ दिया’। बकौल थरूर, केरल सरकार ने जनहित को राजनीति से ऊपर रखा। जबकि जिस ‘ब्रिटिश हेराल्ड’ के लेख को उन्होंने शेयर किया, उस ब्रांड का स्वामित्व 2018 में ही आसिफ अशरफ ने ख़रीद लिया था। इसीलिए, कई ट्विटर यूजरों ने इस वेबसाइट की ख़बर की प्रमाणिकता पर सवाल खड़े किए। अंसारी केरल का एक बड़ा कारोबारी है। सबसे बड़ी बात कि ऐसा ही एक लेख ‘अमेरिकन बाजार ऑनलाइन’ नामक पोर्टल पर भी आया।

इसका भी स्वामित्व एक अहफान कॉनडेथ नामक व्यक्ति के पास है। क्या आप जानना चाहेंगे कि इस लेख में क्या लिखा है और केरल सरकार की प्रशंसा के लिए कौन से तर्क दिए गए हैं? केरल अकेला ऐसा राज्य है जहाँ कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है, जहाँ सभी मजहबों के लोग एक साथ रहते हैं, यहाँ भाजपा को एक ही सीट मिली, अन्य राज्यों में ऐसा नहीं होता- ऐसे ही बेकार तर्कों के आधार पर केरल में कोरोना ने निपटने की तैयारियों की तारीफों के पुल बाँधे गए हैं। हाँ, इस लेख में कभी भी आपको कोई ऐसा डाटा नहीं मिलेगा, जो इस दावे की पुष्टि करता हो।

थरूर ने वेबसाइट की न्यूज़ शेयर की

तो फिर केरल में क्या ख़ास हो रहा है? दोनों वेबसाइट कहते हैं कि विदेश से आने वाले लोगों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जा रही है, जाँच के लिए अस्पताल की व्यवस्था है और मरीजों को स्थानीय अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डस में ले जाया जा रहा है। लेकिन, ऐसा किस राज्य में नहीं हो रहा है? ऐसा तो सभी राज्यों में हो रहा है। साथ ही केरल के लोगों को जागरूक बताया गया है। बता दें कि कासरगोड के एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छिपा कर कइयों को संक्रमित कर दिया।

थरूर ने पोल खुलने के बाद भी ट्वीट का किया बचाव

दुःखद बात तो ये भी है कि महाराष्ट्र के बाद पूरे भारत में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज केरल में ही हैं। केरल और झारखण्ड की जनसंख्या कमोबेश समान ही है लेकिन झारखण्ड में कोरोना के एक भी मरीज नहीं हैं जबकि केरल में 67 हैं। फिर किस आधार पर थरूर ने वामपंथी सरकार की पीठ थपथपाई, ये वो ही जानें। पोल खुलने के बाद भी थरूर ने इस ट्वीट को डिलीट करने से इनकार कर दिया और कहा कि अब तो ये वायरल हो चुका है।

कोरोना से पैनिक न हों बस सावधानी रखें, भीड़-भाड़ से बचें: सुनिए पहले संक्रमित मरीज ने वीडियो में क्या कहा

देश दुनिया पर हावी होते कोरोना के खौफ के बीच आज आगरा के रहने वाले अमित कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बकौल अमित वो देश में इस वायरस से सबसे पहले संक्रमित होने वाले व्यक्तियों में से एक हैं। जो अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। अमित अपने वीडियो में कहते हैं कि इस वायरस से डरने या घबराने की जगह बस सावधानी रखने की जरूरत है।

वो एक ही बात लगातार अपने वीडियो में कहते सुने जा सकते हैं कि पैनिक बिल्कुल क्रिएट मत करें, जिनसे आपको मदद मिलनी है उनसे भाग कर कहाँ जाएंगे? अमित कपूर देश वासियों और दुनिया को अपने वीडियो के जरिए यह भरोसा दिलाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं इस वीडियो में कि यह वायरस कोई बड़ा मुद्दा नहीं है डरना नहीं है बस आप को साफ़ सफाई का ध्यान रखना है, छींकते या खाँसते समय मुँह पर रुमाल रखिए। और अगर दुर्भाग्यवश आपको कोरोना संक्रमण हो भी जाता है तो यह आसानी से ठीक हो जाएगा, 14 दिन के आइसोलेशन में सिर्फ इसलिए रखा जाता है जिससे कोरोना संक्रमित व्यक्ति से, यह संक्रमण दूसरों में न फ़ैल जाए।

याद रहे कि दुनिया भर में कोरोना वायरस से अब तक करीब 13,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। भारत में भी अब तक 415 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव लोगों के पाए जाने की पुष्टि हो चुकी हैं, जिनमें से 7 की मौत कल तक हो चुकी थी। इस संक्रमण को रोकने के लिए भारत समेत पूरी दुनिया लॉकडाउन की स्थिति में जा रही है।

केरल: प्रार्थना सभा आयोजित करने पर चर्च का पादरी गिरफ्तार, सभा में भाग लेने वाले 100 अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज

केरल में चर्च के एक पादरी को सोमवार (मार्च 23, 2020) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पाऊली पदयट्टी नाम के इस पादरी को राज्य में कोरोना वायरस के मद्देनजर एहतियात के तौर पर जारी किए दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया

बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार न हो, इसलिए राज्य में सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा दी गई है। मगर इसके बावजूद चलाकुडी निथ्या सह्या मठ चर्च के पादरी ने सरकार के आदेश की अवहेलना करते हुए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया, जिसमें कम से कम 100 लोगों ने हिस्सा लिया था।

पुलिस ने बताया कि पादरी ने चर्च में सुबह 6:30 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस वहाँ पर पहुँची और पादरी को गिरफ्तार कर लिया। पहले पुलिस ने सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए पादरी को पुलिस स्टेशन ले जाने से पहले उसे सैनिटाइजर से हाथ धोने के लिए कहा।

हालाँकि, बाद में पादरी को जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने कहा कि पादरी और प्रार्थना सभा में भाग लेने वाले 100 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 269 और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118 के तहत केस दर्ज किया गया है।

शनिवार (मार्च 21, 2020) को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों को आगाह किया था कि वह भारी संख्या में कहीं न जुटें। उन्होंने कहा था, “हमारी जानकारी में आया है कि कुछ जगहों पर सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा और धार्मिक आयोजन किया गया। सरकार लोगों से फिर अपील कर रही है कि बड़ी संख्या में कहीं न जुटें। अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो हम कर्फ्यू लगाने जैसी कठोर कार्रवाई करने से परहेज नहीं करेंगे।”

बता दें कि कोरोना वायरस से देश में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 415 हो गई है। केरल में कोरोना वायरस से संक्रमण के 15 नए मामलों की पुष्टि होने के बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 60 हो गई है