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आपस में ही चले लात-घूसे, बरसे पत्थर: शाहीन बाग में आपस में ही सिर फुटव्वल

जहाँ एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस के खतरे से लड़ रहा है, शाहीन बाग़ के उपद्रवी आपस में ही लात-घूसा चला रहे हैं। एक तो शाहीन बाग़ वालों ने कोरोना वायरस के खतरों को नजरंदाज कर धरना-प्रदर्शन जारी रखा है और पूरी दिल्ली को ख़तरे में डाल दिया है, ऊपर से वो क़ानून-व्यवस्था के लिए भी संकट उत्पन्न कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने शाहीन बाग़ का शनिवार (मार्च 21, 2020) का एक विडियो शेयर किया है। इसमें प्रदर्शनकारी आपस में ही मारपीट करते हुए दिख रहे हैं।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि शाहीन बाग़ के इन प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ़ आपस में लात-घूसों से लड़ाई की बल्कि एक-दूसरे पर पत्थर भी चलाए। अब इससे ये शक उभरता है कि क्या आज वहाँ पर पेट्रोल बम का फेंका जाना आपस की गैंगवार का प्रतिफल है? दिल्ली के हालिया हिन्दू-विरोधी दंगों में भी मुस्लिम दंगाई भीड़ ने पेट्रोल बम का जम कर इस्तेमाल किया था। कपिल मिश्रा का कहना है कि कोरोना के चक्कर में इनका धंधा बंद हो रहा है, इसलिए बौखला कर आपस में ही सिर-फुटव्वल कर रहे हैं।

हो सकता है कि कोरोना पर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और संक्रमित होते लोगों के बीच शाहीन बाग़ को पब्लिसिटी न मिल पा रही हो और इसके लिए उन्होंने कोई कुचक्र रचा हो। वो लगातार सरकारी आदेशों की तौहीन कर रहे हैं। उनकी आपस की लड़ाई भी इसी बौखलाहट का नतीजा हो सकती है कि उन्हें मीडिया का अटेंशन नहीं मिल रहा और 100 दिन से ज्यादा समय से चल रहे इस उवद्रव से अब वो भी बोर हो चुके हैं। कोरोना पर शेहला रशीद और योगेंद्र यादव सहित कई अन्य सीएए विरोधियों द्वारा मोदी की तारीफ करने से भी लिबरलों के कट्टरवादी समूह में बौखलाहट का माहौल है।

क्वारंटाइन में भेजे जाने से पहले 4 दिन तक भागता रहा दुबई से आया मुस्तफा, शादी में की शिरकत

गुजरात में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। पिछले 76 घंटों में कोरोना के 13 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसे लेकर गुजरात सरकार एक्शन प्लान बनाने में लगी हुई है। शनिवार (मार्च 21, 2020) को मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने राज्य के सबसे बड़े सिविल अस्पताल का दौरा किया था। वहीं डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने वडोदरा के एसएसजी अस्पताल का दौरा किया।

इस बीच एक खबर सामने आ रही है कि 35 वर्षीय जामनगर निवासी मुस्तफा हाला को शनिवार को क्वारंटाइन किया गया है। वह पिछले दिनों दुबई से लौटा था। क्वारंटाइन करने से पहले मुस्तफा ने स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस को काफी परेशान किया। आइसोलेशन में रखे जाने से पहले 4 दिनों तक मुस्तफा लोगों के बीच घूमता रहा।

अब पुलिस ने मुस्तफा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकारी आदेश के उल्लंघन के लिए उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। मुस्तफा ने मोरबी जिले में शादी के एक समारोह में शामिल होने के लिए एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार चकमा दिया। इसके बाद जामनगर नगर निगम (JMC) के स्वास्थ्य अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ा।

JMC के अधिकारियों के मुताबिक, हाला 10 मार्च को दुबई से लौटा था। एक हफ्ते तक अहमदाबाद में रहा। 17 मार्च को जैसे ही वह हलाला जामनगर पहुँचा, जिला प्रशासन की एक टीम ने उससे संपर्क किया। उसे शहर के क्वारंटाइन सेंटर ले जाया गया। लेकिन मुस्तफा चकमा देकर वहाँ से भाग निकला।

जामनगर के जिला कलेक्टर रविशंकर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, “हमें पता चला कि मुस्तफा हाला मोरबी जिले में एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए भाग गया। हमने मोरबी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को इस व्यक्ति का पता लगाने के लिए सूचित किया और हमारी टीम को भी वहाँ भेजा।”

जिला अधिकारियों के अनुसार, जब मुस्तफा को पता चला कि पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी उसकी तलाश कर रहे हैं, तो वह मोरबी के मालिया मियाना शहर के विवाह स्थल से भाग गया। यहाँ से भागकर वो गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) के बस डिपो पहुँचा। स्वास्थ्य अधिकारी उसका पीछा करते हुए यहाँ भी पहुँच गए। जब मुस्तफा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को पीछा करते हुए देखा तो डिपो पर आने वाली पहली बस में चढ़कर वहाँ से फरार हो गया।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बस का पीछा किया और एक होटल से मुस्तफा को गिरफ्त में लिया। इसके बाद उसे क्वारंटइन सेंटर में भर्ती किया गया।

17 जवान वीरगति को प्राप्त: छत्तीसगढ़ में 2 वर्षों का सबसे बड़ा नक्सली हमला, CM बघेल ने साधी चुप्पी

छत्तीसगढ़ से बड़ी ख़बर आ रही है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शनिवार (मार्च 21, 2020) को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 17 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। अब तक कहा जा रहा था कि ये सभी जवान लापता हैं लेकिन अब उनके वीरगति को प्राप्त होने की पुष्टि हो गई है। इनमें से 12 डीआरजी के हैं जबकि 5 एसटीएफ के हैं। पुलिस कल से ही इनकी खोज में लगी हुई थी। इसके लिए एक बड़ी सर्च टीम भी तैयार की गई थी। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों का कहर शुरू हो गया है।

चितागुफा के पास वाले जंगल में 150 लोगों की टीम को सर्च अभियान में लगाया गया था ताकि गायब जवानों का कोई सुराग मिल सके। ये मुठभेड़ शनिवार (मार्च 21, 2020) को हुई थी। सुकमा के एसपी शलभ सिन्हा का कहना था कि अभी तक सर्च पार्टी को सफलता हाथ नहीं लगी है। 14 घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर के रायपुर ले जाया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। ये मुठभेड़ दोपहर ढाई बजे कोरजागुड़ा पहाड़ी के पास हुई। एसपी ने बताया कि वो लोग उस समय ‘एरिया डोमिनेशन एक्सरसाइज’ को अंजाम दे रहे थे। इसके बाद डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ के जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन के जरिए बुरकापाल और तिमेलिएदा क्षेत्र में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही तलाशी अभियान चलाया।

नक्सलियों ने डीआरजी की टीम पर फायरिंग भी की। 600 सुरक्षा बलों की टीम पर नक्सलियों ने फायरिंग की, जिसका ताबड़तोड़ जवाब दिया गया। सूचना मिली थी कि तेलंगाना के कई बड़े नक्सली यहाँ के नक्सली नेताओं के साथ बैठक करने आए हुए थे। अधिकारियों का मानना है कि इस मुठभेड़ में कई बड़े नक्सली हताहत हुए हैं और उन्हें ख़ासा नुकसान पहुँचा है। एनकाउंटर की ख़बर मिलते ही सीआरपीएफ ने घटनास्थल पर मोर्चा संभाल लिया है। अप्रैल 2017 में यहाँ से कुछ ही दूरी पर नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। एसटीएफ का मानना है कि नक्सली अब नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर अस्पताल में जाकर घायल जवानों से मुलाक़ात की हैं। हालाँकि, वीरगति को प्राप्त जवानों को लेकर अभी उनका कोई बयान नहीं आया है। नक्सल समस्या के फिर से सिर उठाने से कॉन्ग्रेस सरकार का घिरना तय है।

क्वारंटाइन में भेजे गए इटली से लाए गए 263 भारतीय, पंजाब में भी पूरी तरह लॉकडाउन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 327 हो चुकी है।दिल्ली में ही कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 27 तक पहुँच गए हैं। इस लड़ाई में आज प्रधानमंत्री द्वारा बुलाया गया ‘जनता कर्फ्यू’ एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। इन सबके बीच कोरोना की मार से बेहाल इटली से आज 263 भारतीय छात्रों को लेकर एयर इंडिया का एक विशेष जहाज भारत पहुँच चुका है।

इटली से भारतीय छात्रों को ला रही फ्लाइट रविवार सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी। थर्मल स्क्रीनिंग और इमिग्रेशन के बाद इन सभी छात्रों को आईटीबीपी छावला कैंप में क्वारेंटाइन फैसिलिटी में भेज दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि अब तक दूसरे देशों से 1600 भारतीयों की देश वापसी हो चुकी है। इन्हें हम अपने क्वारंटाइन सेंटर में सेवाएँ दे चुके हैं। आज रोम से आने वाले 263 यात्रियों को भी हम क्वारंटाइन सेंटर में रखेंगे। इनमें से अधिकतर छात्र हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र व राज्य सरकारें कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ रहीं। उड़ीसा और महाराष्ट्र द्वारा कुछ शहरों को लॉक डाउन किए जाने और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस तरह के कदम उठाने के संकेत के मध्य राजस्थान और पंजाब ने 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन का निर्णय लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य की जनता से कोरोना वायरस से लड़ने में प्रशासन की मदद करने की भी अपील की है।

पंजाब को पूरी तरह लॉक डाउन करने का निर्णय लेने के पहले अमरिंदर सरकार ने राज्य के कुछ जिलों जालंधर, संगरूर आदि को बंद करने का फैसला लिया था। लेकिन कोरोना संक्रमण के फैलते जाने के बाद राज्य सरकार ने 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य को लॉकडाउन करने का फैसला लिया है। खबरों के अनुसार इस दौरान सब्जी, दूध की दुकानों के साथ-साथ मेडिकल स्टोर आदि दैनिक जरूरतों की दुकानें खुली रहेंगी।

याद रहे कि पंजाब में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 13 हो चुकी है, जिसमें से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। शनिवार को नवांशहर के पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत होने के साथ ही उसके परिवार के छह लोगों का टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। सभी मरीजों को नवांशहर के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है।

पंजाब के साथ साथ राजस्थान की गहलोत सरकार ने भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए रविवार से 31 मार्च तक टोटल लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इस लॉकडाउन के दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, मॉल, फैक्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि बंद रहेंगे जबकि सब्जी, दूध जैसी रोज की जरूरत की दुकानें और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे।

75 जिले पूरी तरह से लॉकडाउन, सरकार का सख्त फैसला: रोड ट्रांसपोर्ट सेवा भी 31 मार्च तक रद्द

कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण के कारण केंद्र सरकार ने देश के 75 जिलों को 31 मार्च तक पूरी तरह से बंद (लॉकडाउन) करने का फैसला लिया है। देश के जिन राज्यों में कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उनके 75 जिलों को पूरी तरह से लॉकडाउन किया गया है। इसके साथ ही सभी शहरों की मेट्रो 31 मार्च तक बंद रहेंगे। इसमें फैसला लिया गया कि सभी राज्यों के बीच रोड ट्रांसपोर्ट सेवा को भी 31 मार्च तक रद्द कर दिया जाए।

कैबिनेट सेक्रेटरी और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में तमाम राज्यों के मुख्य सचिवों ने हिस्सा लिया। इसी बैठक में सहमति बनी कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए अनावश्यक यात्री परिवहन को तुरंत रोकना आवश्यक है।

प्रेस नोट –

इसके साथ ही राजस्थान और पंजाब के बाद ओडिशा ने भी लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। इन राज्यों ने 29 मार्च, 9 बजे तक के लिए लॉकडाउन का एलान किया है। खुर्दा, कटक, गंजम, केंद्रपाड़ा, अंगुल, पुरी, राउरकेला, संबलपुर, झारसुगुडा, बालासोर, जजपुर और भद्रक शहर भी लॉकडाउन रहेगा। वहीं, नोएडा में जनता कर्फ्यू को सुबह 6 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात के संकेत दिए थे।

गौरतलब है कि पीएम मोदी की अपील पर आज देश में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू जारी है। पीएम मोदी ने शाम 5 बजे थाली और ताली बजाकर स्वास्थ्य और सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने की अपील की है।

CAA विरोधियों ने जनता कर्फ्यू का मखौल उड़ाया: लखनऊ और दिल्ली में प्रदर्शन जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर आज रविवार (मार्च 22, 2020) को पूरे देश के लोग जनता कर्फ्यू का पालन कर रहे हैं। वहीं एक तबका ऐसा भी है जो न सिर्फ़ अन्य लोगों के लिए ख़तरा बन कर उभरा है, बल्कि अपनी जिद के कारण कोरोना के ख़तरे को नज़रअंदाज़ कर रहा है। ये तबका है सीएए विरोधियों का। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सीएए विरोधियों के गुट ने सरकार, डॉक्टरों व विशेषज्ञों की हर सलाह को धता बताते हुए कोरोना के ख़तरे को नज़रअंदाज़ कर धरना-प्रदर्शन जारी रखा।

लखनऊ स्थित घंटाघर के नीचे कई महिलाओं ने धरना देकर पीएम मोदी की इस अपील का मखौल उड़ाया। वहाँ इससे पहले भी सीएए विरोधी धरने पर बैठे हुए थे। कोरोना वायरस के ख़तरे को देखते हुए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है और लोगों को हाथ न मिलाने से लेकर एक-दूसरे से दूर रहने को कहा जा रहा है। लेकिन, सोशल मीडिया पर वायरल हो हरे कई मजहबी विडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि कोरोना समुदाय विशेष का कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुरजीत पाटिल ने बताया कि शहर के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पूरी तरह अमल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क़ानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसी तरह दिल्ली के शाहीन बाग़ में भी धरना स्थगित नहीं किया गया है। वहाँ अब चौकी लगा कर महिलाएँ बैठी हुई हैं। जूता-चप्पल रख कर भी प्रदर्शनकारी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

उधर रविवार की सुबह एक एक अन्य तस्वीर आई, जिसमें देखा जा सकता है कि शाहीन बाग़ एंटी-सीएए प्रदर्शन स्थल के नजदीक आग लगी हुई है और लोग उसे बुझाने में लगे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि वहाँ किसी ने पेट्रोल बम फेंक दिया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों व नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़: 14 जवान अभी भी लापता, कई घायल

छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद 14 जवान गायब हो गए हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। सुकमा में हुई इस मुठभेड़ में कई जवानों के घायल होने की भी सूचना है। चिंतागुफा के पास वाले जंगल में 150 लोगों की टीम को सर्च अभियान में लगाया गया है ताकि गायब जवानों का कोई सुराग मिल सके। ये मुठभेड़ शनिवार (मार्च 21, 2020) को हुई थी। सुकमा के एसपी शलभ सिन्हा का कहना है कि अभी तक सर्च पार्टी को सफलता हाथ नहीं लगी है। 14 घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर के रायपुर ले जाया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

एक अच्छी ख़बर ये है कि सभी घायल जवानों की हालत स्थित है और जान की कोई हानि नहीं हुई है। बता दें कि शनिवार को ‘डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप (DRG)’ और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। ये मुठभेड़ दोपहर ढाई बजे कोरजागुड़ा पहाड़ी के पास हुई। एसपी ने बताया कि वो लोग उस समय ‘एरिया डोमिनेशन एक्सरसाइज’ को अंजाम दे रहे थे। इसके बाद डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ के जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन के जरिए बुरकापाल और तिमेलिएदा क्षेत्र में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही तलाशी अभियान चलाया।

नक्सलियों ने डीआरजी की टीम पर फायरिंग भी की। 600 सुरक्षा बलों की टीम पर नक्सलियों ने फायरिंग की, जिसका ताबड़तोड़ जवाब दिया गया। सूचना मिली थी कि तेलंगाना के कई बड़े नक्सली यहाँ के नक्सली नेताओं के साथ बैठक करने आए हुए थे। अधिकारियों का मानना है कि इस मुठभेड़ में कई बड़े नक्सली हताहत हुए हैं और उन्हें ख़ासा नुकसान पहुँचा है। एनकाउंटर की ख़बर मिलते ही सीआरपीएफ ने घटनास्थल पर मोर्चा संभाल लिया है। अप्रैल 2017 में यहाँ से कुछ ही दूरी पर नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। एसटीएफ का मानना है कि नक्सली अब नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

सीपीआई माओइस्ट के नए मुखिया बासवराजू ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है और वो नक्सलियों के प्रभाव को बढ़ाने में लगा हुआ है, जो सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। नक्सलियों ने अपने हथियारों को भी दुरुस्त कर लिया है और वो ग्रेनेड लॉन्चर का प्रयोग करने में लगे हुए हैं। कहा जा रहा है कि गायब 17 जवानों में से 3 का पता चल गया है, जबकि बाकी के 14 का अभी तक कोई पता नहीं चला है।

TMC नेता ने फैलाई फेक न्यूज़, 5 साल पुरानी तस्वीर ट्वीट कर पूछा- हम कोरोना से ऐसे लड़ेंगे?

तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी ने कोरोना वायरस को लेकर अफवाह फैलाई है। इसके लिए उन्होंने उसी रेलवे का सहारा लिया, जिसके वो कभी मंत्री हुआ करते थे। पूर्व रेलमंत्री ने एक पुरानी तस्वीर शेयर कर मोदी सरकार पर आरोप लगाए। बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस से अब तक 3 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 13 हज़ार लोगों ने इस संक्रमण से अपनी जान गँवाई है। जहाँ एक तरह पीएम मोदी जनता कर्फ्यू की अपील कर के लोगों को इससे बचाव के उपायों पर अमल करने को कह रहे हैं, कुछ नेता लगातार अफवाह फैलाने में लगे हैं। त्रिवेदी उनमें से ही एक हैं।

दिनेश त्रिवेदी ने दादर रेलवे स्टेशन की एक पुरानी फोटो शेयर की। उन्होंने इसे ताज़ा तस्वीर बताते हुए सवाल किया कि तस्वीर में दिख रही भीड़ अगर गाँवों तक आ पहुँची, फिर देश कोरोना वायरस से कैसे लड़ पाएगा? त्रिवेदी ने जो तस्वीर शेयर की, वो ‘अलामी स्टॉक’ की थी। उन्होंने सरकारी तैयारियों पर निशाना साधते हुए इसे बेहूदापन करार दिया। उन्होंने पूछा कि क्या इसी तरीके से हम कोरोना से लड़ने के दावे कर रहे हैं?

जब हमने ‘अलामी स्टॉक’ पर जाकर इस फोटो के बारे में छानबीन की तो पता लगा कि ये फोटो मार्च 3, 2015 को क्लिक की गई थी। यानी दिनेश त्रिवेदी ने 5 साल पुरानी तस्वीर को शेयर कर मोदी सरकार पर कोरोना से निपटने की तैयारी न होने के आरोप लगाए। पल्लवी घोष जैसे ‘दरबारी’ पत्रकारों ने उनके इस ट्वीट को आगे बढ़ाया और सरकार पर निशाना साधा। कॉन्ग्रेस की पत्रकार के रूप में जानी जाने वाली पल्लवी ने इस फोटो को आगे शेयर किया और लिखा- “ओह गॉड!

पल्लवी घोष ने दिनेश त्रिवेदी की ट्वीट को आगे बढ़ाया

दिनेश त्रिवेदी तृणमूल कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वो बैरकपुर से लोकसभा सांसद रहे हैं। हाल ही में वे राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। जहाँ ऐसे नेताओं से इस समय जिम्मेदारी से बयान देने की उम्मीद की जा रही है, दिनेश त्रिवेदी ने इसके एकदम उलट काम किया है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की ही सरकार है। राज्य में संक्रमण के 3 मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे लेकर असंवेदनशीलता दिखा रही हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार दिल्ली दंगों से ध्यान भटकाने के लिए कोरोना वायरस को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही है। इतना ही नहीं रविवार (मार्च 22, 2020) को जनता कर्फ्यू को धता बताते हुए सरकारी स्कूलों में चावल और आलू बाँटने का कार्यक्रम रखने का ऐलान किया था।

बिहार पहुँचा कोरोना: कतर से लौटे सैफ की मौत, देश में अब तक 6 मौतें

पूरे भारत में कोरोना वायरस के अब तक कुल 326 मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र में रविवार (मार्च 22, 2020) को हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद कुल मौत का आँकड़ा बढ़कर 5 हो गया था। अब बिहार से बड़ी ख़बर आ रही है, जहाँ कोरोना वायरस के संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत होने की बात कही जा रही है। 38 वर्षीय सैफ कतर से आया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पटना के राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्‍टीच्‍यूट (RMRI) में दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिनमें से एक की मौत हो गई वहीं दूसरे का इलाज जारी है।

ये बड़ी ख़बर है क्योंकि अब तक बिहार में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया था। मरीज की मौत होने के बाद उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की बात पता चली, क्योंकि उसे क्रोनिक किडनी रोग था। विदेश से लौटे सैफ को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। अभी उसकी ऑटोस्पी रिपोर्ट आने के बाद अधिक जानकारी मिलेगी। उक्त मरीज पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में किडनी का इलाज करा रहा था। वो मुंगेर का निवासी था। सवास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने उसके कोरोना इन्फेक्टेड होने की पुष्टि की और साथ ही मौत की भी जानकारी दी।

आरएमआरआइ के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने शनिवार देर रात को ही बता दिया था कि वहाँ कोरोना के दो मामले मिले हैं। बिहार में विदेश से 520 लोगों के आने की बात पता चली है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कोरोना के और भी मरीज हो सकते हैं, जिन्हें आइसोलेट कर के इलाज किए जाने की ज़रूरत है। एम्स के एक डॉक्टर ने ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मरीज को शायद बीमारी के बारे में आशंका थी और वो क़तर से बिहार इलाज के लिए आया था।

दिल्‍ली में भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राज्‍य के स्वास्थ्य मंत्री व प्रधान सचिव को बिहार में कोरोना के दो मामले मिलने और एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना दे दी गई है। उस मरीज की दोनों किडनी काम नहीं कर रही थी, ऐसे में डॉक्टरों ने कहा कि उसकी मौत के लिए कोरोना कितना जिम्मेदार है, ये पूरी जाँच के बाद ही पता चलेगा। अभी भी अस्पतालों में 500 से अधिक लोग सर्विलांस पर रखे गए हैं।

घाटी में आतंकियों को हथियार मुहैया कराता था आदिल, साथी इरफान अहमद के साथ दबोचा गया

दक्षिणी कश्मीर के शोपियां से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल कराने के लिए युवाओं को बरगला रहे दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि चोटीपोरा का इरफान अहमद कुट्टे इमाम साहिब तथा आस-पास के युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल कराने के लिए बरगला रहा है। उसने अलोरा इलाके के आदिल बशीर लोन को संगठन में शामिल करने के लिए तैयार कर लिया है। 

सूचना मिलने पर पुलिस ने इरफान अहमद व आदिल बशीर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह पता चला कि दोनों दोनों आतंकी समूह के लिए काम कर रहे थे। उनके पास से एक एके-47 भी बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि आदिल घाटी में आतंकियों को हथियार और अन्य सामान मुहैया कराता था।

अहमद कुट्टे ने यह भी खुलासा किया कि वह मारे गए आतंकवादी जुबैर तुर्रे के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम किया था और उसे हथियार और अन्य विस्फोटक सामाग्री मुहैया कराया था। उसने कहा कि उसे आतंकी शाहिद इस्लाम ने जुबैर से मिलवाया था और वह दोनों टेलीग्राम और वीपोल ऐप से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से संपर्क में रहते थे। आतंकी नाइकू फिलहाल पब्लिक सेफ्टी कानून (PSA) के तहत हिरासत में है।

इरफान ने आगे बताया कि आदिल बशीर को लश्कर-ए-तैयबा में शामिल करने के लिए उसे पाकिस्तान से आदेश मिला था। साथ ही लोन ने खुलासा किया कि पिछले साल नवंबर में वह लश्कर के पाकिस्तानी आतंकवादी वलीद के संपर्क में आया था, जिसके साथ उसने आतंकी समूह में शामिल होने की इच्छा जताई थी।

वलीद ने उसका कॉन्टैक्ट नंबर लिया और लोन से आगे की जानकारी के लिए प्रतीक्षा करने को कहा। लगभग एक महीने के बाद आदिल बशीर लोन को +92 नंबर से एक व्हाट्सएप कॉल आया जिसमें उसे इरफान के माध्यम से भर्ती होने के लिए कहा गया था।

पूछताछ के दौरान कुट्टे ने बताया कि उसने अपने गौशाला में एके 47 छिपाया है। जिसके बाद छापेमारी में पुलिस ने हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ UAPA की धारा 18 और 39 के तहत FIR दर्ज कर आगे की जाँच-पड़ताल कर रही है। 

गौरतलब है कि भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा। शुक्रवार को पूरी रात पाकिस्तान ने हीरानगर सेक्टर में गोले बरसाए। इसमें तीन घरों को नुकसान पहुँचा है। बीएसएफ ने भी इसका करारा जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए शुक्रवार रात करीब नौ बजे से शनिवार सुबह साढ़े पाँच बजे तक बीके चेक पोस्ट से भारतीय सीमा में गोलाबारी की। बीएसएफ चौकियों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया। भारत की अग्रिम चौकी मनियारी और गाँव में कई घरों पर गोले दागे गए। यहाँ तीन घरों को नुकसान पहुँचा है।