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जनता कर्फ्यू: जब एक घंटे के लिए पूरा देश मंदिर में तब्दील हो गया

कोरोना के भय से जब सब लोग त्रासद थे, अखबार, सोशल मीडिया और टेलीविजन पर लॉकडाउन की खबरों ने सबको निराश कर दिया था। ऐसे में जनता कर्फ्यू के एक घंटे ने मानो हर एक में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। मानो लोग पीएम मोदी की बात का बस इन्तजार भर कर रहे थे।

22 मार्च की सुबह से ही जनता कर्फ्यू के सन्नाटे के बावजूद भी सुबह कुछ लोगों ने आरती और शंख ध्वनियाँ शुरू कर दी थीं लेकिन शाम पाँच बजते ही मानो पूरा भारत एक मंदिर में तब्दील हो गया। यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि जिन लोगों ने यह पल महसूस किया है वो शायद ही कभी इसे भूल पाएँगे। शायद ही कोई ऐसा रहा हो, जिसकी आँखों में इस ऐतिहासिक पल के बाद आँसू नहीं आए होंगे।

रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान शाम के पाँच बजते ही लोग घरों से बाहर निकले। जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से थाली, घंटी आदि बजाने की बात कही थी, वहीं लोगों ने अपनी धार्मिक आस्था और विश्वास के साथ शंख ध्वनियों से जनता कर्फ्यू में अपनी उपस्थिति दर्ज की।

सोशल मीडिया पर इस एक घंटे के बीच जो कुछ देखा गया, उस पर एक नजर-

सोशल मीडिया पर जनता ने बढ़-चढ़कर अपने राज्य, इलाके गाँव और शहर के विडियो ट्वीट किए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घंटी बजाकर जनता कर्फ्यू में अपना योगदान दिया।

ट्विटर पर कुछ ऐसे भावुक करने वाले विडियो भी लोगों द्वारा शेयर किए गए, जिन्होंने गरीबी और अक्षमता के बावजूद भी जनता कर्फ्यू के दौरान कोरोना से लड़ रहे लोगों के उत्साह वर्धन के लिए तालियाँ बजाई। इस विडियो में एक गरीब व्यक्ति को सड़क पर तालियाँ बजाते हुए देखा जा रहा है।

हाल ही में मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की नाक में नकेल कसकर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी तालियाँ बजाते हुए अपना विडियो ट्वीट किया।

मोदी-विरोधी गिरोह के अग्रणी ‘पत्रकार’ दम्पति राजदीप सरदेसाई और उनकी पत्नी सागरिका घोष भी तालियों के जरिए जनता-कर्फ्यू में उपस्थिति दर्ज करते हुए देखे गए। सागरिका घोष ने विडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना के दौरान लोगों की मदद कर रहे डॉक्टर्स के लिए घंटी और तालियाँ सुनाई दे रही हैं, और मेरा बेटा भी उन डॉक्टर्स में से एक है।

लेकिन सबसे ज्यादा हैरान कर देना वाला नजारा कुछ विरोधी दलों और लेफ्ट-लिबरल वर्ग को भी तालियाँ और घंटी बजाते हुए देखना था। महाराष्ट्र में एनसीपी नेता शरद पवार भी ऐसे ही कुछ लोगों में से एक थे। ANI ने एक विडियो शेयर किया जिसमें, शरद पवार को तालियाँ बजाकर अपना समर्थन देते हुए देखा गया है।

शाम 5 बजे पाँच मिनट तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राकांपा प्रमुख शरद पवार समेत कई सेलेब्रिटीज ने भी अपने परिवार के साथ मिलकर कोरोना मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टर्स, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य सहयोगियों के लिए तालियाँ बजाई।

कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई के दौरान लेफ्ट-लिबरल वर्ग का एक ऐसा चेहरा भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में देखा जा रहा है, जो अक्सर सरकार विरोधी कुतर्कों के द्वारा ही सनसनी बटोरते हुए देखा जाता था, वह चेहरा कोई और नहीं बल्कि जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद हैं।

शेहला रशीद ने ट्विटर पर लिखा- “भारत भर के घरों की बालकनियों पर शाम 5 बजे सर्वसम्मति से जयकार बताता है कि नरेंद्र मोदी का शब्द कानून बन चुके हैं। उन्हें अपनी इस ताकत का प्रयोग लोगों को स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का सख्ताई से पालन करने के लिए करना चाहिए। आम तौर पर, मैं उनकी प्रशंसक नहीं हूँ, लेकिन इस बार हमें इसकी आवश्यकता है।” हालाँकि ट्वीट में एक आखिरी लाइन में उन्होंने अपनी लेफ्ट-लिबरल विचारधारा का इस्तेमाल करने से वो खुद को नहीं रोक पाई।

दवा के लिए चीन पर निर्भरता खत्म, ₹14000 करोड़ की घोषणा: कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार का फैसला

कोरोना जैसी महामारी के बीच सरकार ने फार्मास्युटिकल घटकों के लिए चीन पर चली आ रही निर्भरता को ख़त्म करने के उद्देश्य से देश में बड़े पैमाने पर दवा निर्माण की मदद के लिए 14 हजार करोड़ रुपए निवेश की घोषणा की है।

सरकार ने शनिवार (मार्च 21, 2020) को यह फैसला अपने ही देश में बड़े स्तर पर ड्रग या दवाओं के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए किया है। इससे देश में सक्रिय फार्मास्युटिकल घटक (एपीआई) के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही हमारी चीन से आयात निर्भरता भी कम हो सकेगी।

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारत में थोक दवाओं और एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredient) के आयात पर पूरी तरह रोक लग गई है। इससे यह डर पैदा हो गया है कि अगर महामारी की समय सीमा और भी लंबी खिंच गई तो देश में दवाओं की कमी हो सकती है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, ड्रग्स और एपीआई के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चार योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। पहली योजना के तहत सरकार ने 1,000 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो राज्यों में थोक दवाओं को उपलब्ध कराने में मदद करेगा। राज्य सरकारें मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएँगी। इसके लिए राज्यों को हर पार्क के लिए अनुदान के रूप में अधिकतम 100 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। इससे देश में उत्पादन लागत में कमी आएगी और बल्क ड्रग (एक साथ बड़ी मात्रा में दवा उत्पादन) के लिए अन्य देशों पर निर्भरता भी कम होगी।

इसके साथ ही ड्रग प्रोत्साहन योजना 6,940 करोड़ रुपए के कुल बजट के साथ चलाई जाएगी। यह योजना चार साल के लिए थोक दवा इकाइयों वाले निवेशकों को उत्पादन लागत पर 20% प्रोत्साहन प्रदान करेगी। पाँचवें साल में प्रोत्साहन 15% और छठे साल से 5% हो जाएगा।

कंपनियों द्वारा चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 3,420 करोड़ रुपए का बजट भी निर्धारित किया गया है। घरेलू विनिर्माण के लिए सभी 53 एपीआई की पहचान की गई है।

दिल्ली में भी लॉकडाउन, 23-31 मार्च तक उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई: बॉर्डर बंद

नोट: पहले इस खबर में दिल्ली से उड़ने वाले विमानों पर रोक और उसी के अनुसार शीर्षक भी लगाई गई थी। बाद में दिल्ली के इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे से उड़ानों पर रोक को (खासकर डोमेस्टिक) केंद्र सरकार ने पलट दिया और इस पर DGCA का ट्वीट भी आया। इसके बाद इस खबर को अपडेट किया गया। कृपया पुराने शेयर किए गए खबर को लेकर कंफ्यूज न हों।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अब देश की राजधानी दिल्ली को भी पूरी तरह लॉकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही दिल्ली के बॉर्डर एरिया को सील कर दिया जाएगा।

यह लॉकडाउन सोमवार (मार्च 23) सुबह 6 बजे से प्रभावी किया जाएगा। रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा – “दिल्ली में अभी तक 27 मामले सामने आए हैं, उनमें से 6 को वायरस एक दूसरे से फैला है, 21 विदेशी देशों से ही वायरस से संक्रमित होकर आए थे।”

देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देशभर में अब तक कोरोना के 364 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। वहीं दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल में कोरोना के खतरे को देखते हुए 27 मार्च तक लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही आज उत्तराखंड सरकार ने भी सम्पूर्ण राज्य में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन घोषित कर दिया है।

दिल्ली में घोषित लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बंद रहेगा। हालाँकि, रेस्टोरेंट से टेक-अवे और होम डिलिवरी जारी रहेगी। पाँच या पाँच से ज्यादा लोगों को एक स्थान पर इकट्ठे नहीं होने दिया जाएगा। टेलीकॉम, सब्जी, राशन, मेडिकल समेत जरूरत की दूकानें खुली रहेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए जनता-कर्फ्यू के बाद भारत के कई राज्यों को लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया है। पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली और यूपी के 15 जिलों को लॉकडाउन किया गया है। इससे पहले देहभर के 75 जिलों में, जहाँ संक्रमण का एक भी केस सामने आया हो, लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी गई थी।

37 में से 11 राज्यों में लॉकडाउन, बंगाल-दिल्ली भी लाइन में: किस राज्य में कितने बीमार, कितनों की मौत – पूरा आँकड़ा

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब तक 170 से ज्यादा देशों में पहुँच गया है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 13,068 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही है। भारत में अभी कोरोना से संक्रमण के मामलों की संख्या 324 है। इनमें 283 भारतीय और 41 विदेशी नागरिक हैं। इनमें से 5 की मौत हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान, उड़ीसा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड ने पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, नागालैंड और केरल में भी आंशिक लॉकडाउन किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल और दिल्ली में सोमवार (मार्च 23, 2020) शाम से लॉकडाउन की घोषणा की गई है।

आइए आँकड़ों से समझते हैं कि कौन सा राज्य इससे कितना प्रभावित है:

बिहार– 3 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 1 की मौत

आंध्र प्रदेश– 3 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

छत्तीसगढ़– 1 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

दिल्ली– 26 भारतीय संक्रमित, 1 विदेशी संक्रमित, 5 मरीज ठीक, 1 की मौत

गुजरात– 14 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

हरियाणा– 3 भारतीय संक्रमित, 14 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

हिमाचल प्रदेश– 2 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

कर्नाटक– 20 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 2 मरीज ठीक, 1 की मौत

केरल– 45 भारतीय संक्रमित, 7 विदेशी संक्रमित, 3 मरीज ठीक, 0 मौत

मध्य प्रदेश– 4 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

महाराष्ट्र– 60 भारतीय संक्रमित, 3 विदेशी संक्रमित, 2 की मौत

उड़ीसा– 2 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

पुडुचेरी– 1 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

पंजाब– 13 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 1 की मौत

राजस्थान– 22 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

तमिलनाडु– 4 भारतीय संक्रमित, 2 विदेशी संक्रमित, 1 मरीज ठीक, 0 मौत

तेलंगाना– 10 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

चंडीगढ़– 5 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

जम्मू-कश्मीर– 4 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

लद्दाख– 13 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

उत्तराखंड– 3 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

पश्चिम बंगाल– 4 भारतीय संक्रमित, 0 विदेशी संक्रमित, 0 मौत

नोट: हमारे देश में कुल 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं। शीर्षक में केंद्र शासित प्रदेश को भी राज्य की तरह मान कर लिखा गया है।

गुजरात में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत: गली-गली सैनिटाइजर स्प्रे करवाने में जुटी सरकार, गाँधीनगर में लॉकडाउन

कोरोना वायरस को लेकर गुजरात के सूरत में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद देश में इस संक्रामक वायरस से मरने वालों का कुल आँकड़ा 7 पर पहुँच गया है। रविवार (मार्च 22, 2020) को महाराष्ट्र, बिहार और अब गुजरात में कोरोना वायरस के कारण एक मरीज की मौत हुई है। अब तक देश में इससे लेकर 344 मामले आ चुके हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अब इस वायरस का प्रकोप तीसरे स्टेज में पहुँच रहा है, जो चिंता का विषय है। गुजरात में सरकार ने लॉकडाउन की भी घोषणा की है। अभी तक देश भर के विभिन्न राज्यों में लगभग 75 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है।

हालाँकि, अहमदाबाद में सैनिटाइज़ेशन की पूरी व्यवस्था की गई है। नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे मशीन द्वारा सैनिटाइज़र का स्प्रे किया जा रहा है:

गुजरात में सैनिटाइजर का स्प्रे

इस वीडियो में आप अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन के कर्मचारियों को सैनिटाइजेशन का कार्य करते हुए देख सकते हैं:

धन्यवाद के पात्र हैं AMC के कर्मचारी

पेड़-पौधों से लेकर मकानों तक को सैनिटाइज किया जा रहा है। चारों तरफ सैनिटाइजर स्प्रे किया जा रहा है:

पेड़-पौधों से लेकर घरों तक पर स्प्रे

बता दें कि गाँधीनगर में पहले से ही लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी, जिसकी तारीख अब बढ़ा दी गई है। चंडीगढ़ में भी 31 मार्च तक पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। दिल्ली में इसी तारीख तक किसी भी प्रकार की गैदरिंग या फिर प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। अब तक देश में 60 प्राइवेट लैब्स ऐसे हैं, जो कोरोना वायरस की टेस्टिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हरियाणा के झज्जर स्थित एम्स में 800 बिस्तर हैं, जिनका इस्तेमाल कोरोना के मरीजों के लिए किया जाएगा।

तस्वीरों में देखिए जनता कर्फ्यू पर PM मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस का हाल

उत्सव जहाँ की पहचान हो और आनंद जहाँ सर्व सुलभ हो, ऐसी काशी का मिजाज इन दिनों कोरोना वायरस की वजह से थोड़ा बदला हुआ है। इतना ही नहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बनारस में उत्‍सव और मेल मिलाप के आयोजन थम गए हैं। काशी की खास पहचान कल-कल बहती गंगा की मौज तो वही है, बस किनारे पर हलचल थम सी गई है। आज सुबह से ही गंगा में अठखेलियाँ करती नौकाएँ किनारे पर बँधी नजर आईं और कोरोना अलर्ट की वजह से मंदिरों, मठों तक में माहौल बेहद शांत है और गतिविधियाँ काफी सीमित रहीं।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का सन्नाटा बता रहा है विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ भी इस मुहिम में पूरी तरह से साथ हैं।

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए संक्रमण के प्रति लोगों में जागरूकता हेतु आज 22 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक घरों में रहकर जनता कर्फ्यू के पालन की अपील की थी। साथ ही इस वैश्विक महामारी से निपटने में जुटे लोगों के प्रति आभार जताने के लिए शाम 5 बजे पॉंच मिनट तक ताली, थाली, घंटे, घड़ियाल, शंख बजाने की भी अपील की थी।

ऐसे में प्रधानमंत्री का अपना संसदीय क्षेत्र कैसे अछूता रहता। वाराणसी ने अपने सांसद प्रधानमंत्री मोदी के अपील में भरपूर साथ दिया है जिसे आप कुछ तस्वीरों के माध्यम से देख सकते हैं।

सुनी सड़के-खाली गलियाँ
लंका स्थित रविदास गेट पर मौजूद पुलिस और ट्रैफिक के जवान
हर तरफ सन्नाटा
BHU लंका का नजारा
BHU स्थित सर-सुंदरलाल हॉस्पिटल में भी शांत माहौल है
BHU का आपात चिकित्सा विभाग
BHU ट्रामा सेण्टर
हर तरफ शांति
सिटी स्टेशन गोलगड्डा
अस्सी घाट भी बेहद शांत है
घाटों पर दूर-दूर तक कोई नहीं है
राजघाट पुल पर भी आवाजाही बंद है
हर तरफ लोग घरों में ही नजर आ रहे हैं : सड़कें सुनी हैं
मलदहिया चौराहा, जहाँ प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है
मुस्तैद प्रशासन

काशी विश्‍वनाथ मंदिर भी इतिहास में संभवतः पहली बार बाबा के भक्‍तों के लिए बंद किया गया है। साथ ही संकटमोचन मंदिर सहित भगवान बुद्ध की स्थली सारनाथ के बौद्ध मंदिरों और कई अन्‍य पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के मंदिरों के पट भी भक्‍तों के लिए बंद हैं। जहाँ आज देश जनता कर्फ्यू के दिन पूरी तरह से प्रधानमंत्री के साथ है और उसी क्रम में इसका सबसे बड़ा संदेश काशी से है। ये तस्वीरें धर्म की नगरी काशी से ये शंखनाद है कि हम कोरोना वायरस से लड़ने में प्रधानमंत्री मोदी के कदमों का स्वागत करते हैं।

फोटो साभार: आशीष देव उपाध्याय, वाराणसी

दिल्ली में 144 लागू: लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध, संक्रमण से लड़ाई में शाहीन बाग के लोग देंगे साथ?

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान आदि के पूरी तरह लॉक डाउन किए जाने और देश भर के कोरोना प्रभावित 75 जिलों के लॉक डाउन के बाद अब दिल्ली में सीआरपीसी सेक्शन 144 लागू कर दिया गया है। इससे 4 से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने को प्रतिबंधित किया गया है। शाहीन बाग में विरोध के नाम पर चल रही नौटंकी को प्रशासन कैसे हैंडल करती है, यह देखने लायक बात होगी!

याद रहे कि पूरे विश्व में कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आँकड़ा तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। ताजा आँकड़ों के अनुसार अब तक कुल 12,944 लोगों की मौत इस घातक वायरस से हो चुकी है। और ये संख्या पिछले एक हफ्ते में ही दुगुनी हुई है, जो लगातार आगे बढ़ रही है। कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या भी पूरी दुनिया में इसी गति से बढ़ रही है, जो अब खौफ का कारण है। भारत में भी अब तक 330 के लगभग लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से मरने वालों की संख्या 7 पहुँच चुकी है।

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या आज (रविवार, 22 मार्च, 2020 तक) बढ़कर 341 पहुँच गई है। कोरोना मरीजों की इस बढ़ती संख्या और इसके फैलाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर अप्रत्याशित फैसला लेते हुए 31 मार्च तक सभी तरह की यात्री ट्रेन सर्विसेज़ को सस्पेंड कर दिया है। अर्थात 31 मार्च तक देश में यात्री ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगीं, इसमें मेल, सुपरफास्ट और पैसेंजर सभी प्रकार की ट्रेनें शामिल हैं। इस दौरान केवल मालगाड़ी ही चलेंगी और जो यात्री ट्रेनें अपने सोर्स स्टेशनों से गंतव्य की ओर रवाना हो चुकी हैं वे सभी अपनी अपनी यात्रा पूरी कर गंतव्य स्टेशनों पर ही हॉल्ट करेंगीं। इस दौरान इन ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों का सफर के दौरान और उनके गंतव्य स्टेशनों पर समुचित ख्याल रखा जाएगा।

Covid-19: भारत में अब तक वायरस से संक्रमितों के कुल आँकड़े, एक नजर

सभी यात्री ट्रेनें 31 मार्च तक बंद, दिल्ली मेट्रो भी ठप्प: जो खुल चुकी हैं, वो पहुँचाएगी आपको गंतव्य तक

75 जिले पूरी तरह से लॉकडाउन, सरकार का सख्त फैसला: रोड ट्रांसपोर्ट सेवा भी 31 मार्च तक रद्द

23 मार्च की सुबह तक हो जनता कर्फ्यू, यह कोरोना के खिलाफ देशवासियों की सामूहिक लड़ाई: CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता कर्फ्यू को सोमवार (मार्च 23, 2020) सुबह तक बढ़ाने की अपील की है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार (मार्च 22, 2020) को जनता कर्फ्यू की अपील कर रखी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू जैसे कार्यक्रमों के लिए आगे भी तैयार रहना होगा। वायरस के खिलाफ यह देशवासियों की सामूहिक लड़ाई है। 

जनता कर्फ्यू के दौरान गोरखनाथ मंदिर से स्थिति पर नजर रख रहे सीएम योगी ने कहा कि बीमारी के उपचार से महत्वपूर्ण पहलू बचाव का है और बचाव के लिए ही यह सारे प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है। एक-दूसरे के साथ संपर्क से बढ़ सकती है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति है तो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह बीमारी और लोगों में फैल सकती है, इसलिए आवश्यक है कि सोशल डिस्टेंस बना करके रखें। बार-बार हाथ धोने और अन्य जो भी सुझाव डॉक्टरों के द्वारा दिए जा रहे हैं, चिकित्सकों और विशेषज्ञों के द्वारा दिए जा रहे हैं उन सब का ध्यान रखें यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

सीएम ने कहा कि आज जनता कर्फ्यू का आह्वान देश की 130 करोड़ जनता को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। जनता कर्फ्यू में हर नागरिक अपनी सहभागिता दर्ज करते हुए अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन करें। प्रदेश सरकार ने इसके लिए एहतियातन सभी कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 27 थी जिनमें से 11 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। शेष सभी लोग स्टेबल हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 2,000 आइसोलेशन बेड हैं। अगले दो दिनों में आइसोलेशन बेडों की संख्या 10,000 कर दी जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से सारे इंतजाम कर दिए गए हैं। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। इस लड़ाई में राज्य सरकार पूरी तरह से जनता के साथ है। कोरोना पीड़ितों के निशुल्क उपचार, पैथोलॉजी जाँच की व्यवस्था की गई है। जिन लोगों को काम नहीं मिल रहा है, उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी सरकार ने उठाई है। निशुल्क राशन देने के साथ ही प्रतिमाह एक हजार रुपए का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। सीएम ने शनिवार (मार्च 21, 2020) को घोषणा करते हुए कहा था, “15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के 20.37 लाख श्रमिकों को अपनी रोजाना की जरूरतें पूरी करने के लिए 1000 रुपए दिए जाएँगे।”

शशि थरूर की इस तस्वीर में लोगों ने एक ख़ास बात पकड़ ली, जानिए क्या है वो बात

देशभर में जारी जनता कर्फ्यू के दौरान सभी लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से अपने-अपने शहर का हाल बयाँ कर रहे हैं। तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर डाली है। लेकिन पोस्ट करते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत उनकी तस्वीर में एक कमी तलाश ली!

शशि थरूर ने ट्विटर पर अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं जनता कर्फ्यू के समर्थन में दिल्ली स्थित अपने आवास पर हूँ। इस बहाने आधे घंटे तक ट्रेडमिल पर पसीना बहाने का अवसर मिला। खुद को स्वस्थ रखकर और कभी न थकने वाले हमारे स्वास्थ्यकर्मियों का बोझ न बढ़ाकर हम उन्हें धन्यवाद दे सकते हैं!”

शशि थरूर के इस ट्वीट को भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने रिट्वीट करते हुए लिखा, “सर आज पहली बार आपको अकेले देखा।”

@YadavAnja ने शशि थरूर की तस्वीर पर कमेंट करते हुए लिखा, “#JantaCurfew के चलते आज अकेला मंडरा रहा है भंवरा।”

@FunMauji ने लिखा, “आज कोई मिली नहीं सेल्फी के लिए?”

दरअसल, सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच शशि थरूर की तस्वीरों को लेकर खासा दिलचस्पी रहती है। अक्सर उनकी महिलाओं के साथ खिंची गई तस्वीरों को लोग शेयर करचुटकुले बनाते हुए देखे जाते हैं। ऐसे में आज जनता कर्फ्यू के दौरान उनके अकेले की तस्वीर देख लोगों ने उन्हें धर लिया।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए पूरे देश में आज पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग अपने घरों में हैं। इस बीच, कई राज्यों ने 31 मार्च तक पूरी तरह लॉकडाउन का फैसला किया है।

सभी यात्री ट्रेनें 31 मार्च तक बंद, दिल्ली मेट्रो भी ठप्प: जो खुल चुकी हैं, वो पहुँचाएगी आपको गंतव्य तक

भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या आज (रविवार, 22 मार्च, 2020 तक) बढ़कर 341 पहुँच गई है। कोरोना मरीजों की इस बढ़ती संख्या और इसके फैलाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर अप्रत्याशित फैसला लेते हुए 31 मार्च तक सभी तरह की यात्री ट्रेन सर्विसेज़ को सस्पेंड कर दिया है। अर्थात 31 मार्च तक देश में यात्री ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगीं, इसमें मेल, सुपरफास्ट और पैसेंजर सभी प्रकार की ट्रेनें शामिल हैं। इस दौरान केवल मालगाड़ी ही चलेंगी और जो यात्री ट्रेनें अपने सोर्स स्टेशनों से गंतव्य की ओर रवाना हो चुकी हैं वे सभी अपनी अपनी यात्रा पूरी कर गंतव्य स्टेशनों पर ही हॉल्ट करेंगीं। इस दौरान इन ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों का सफर के दौरान और उनके गंतव्य स्टेशनों पर समुचित ख्याल रखा जाएगा।

ध्यान रहे कि भारतीय रेलें यात्रियों से खचाखच भरी होने और अपनी क्षमता से कई गुने यात्री ढोने के लिए विश्व विख्यात हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का इनके जरिए होते आवागमन के कारण कई गुना बढ़ जाने का खतरा था, जिसको देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने यह कदम उठाया। इस बीच देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे मंत्रालय के साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भी बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली मेट्रो का परिचालन 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। दिल्ली मेट्रो ने यह कदम आज रविवार को हुई बैठक में लिया।

इसके पहले डीएमआरसी ने निर्णय लिया था कि रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान मेट्रो की बंदी के बाद वाले दिनों में मेट्रो केवल सुबह और शाम चलेगी। याद रहे कि भारत में अब तक 341 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है। इन संक्रमित मरीजों में 41 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।