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‘हिंदू की गाड़ी जला दी, दुकानें जला रहे हैं’: दिल्ली में फिर पत्थरबाजी-आगजनी, अब तक 5 मौतें

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की आड़ में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार की सुबह भी हिंसा हुई। मौजपुर में दंगाइयों ने मुॅंह ढक कर पथराव किया। कुछ वाहनों को भी फूॅंक दिया। ब्रह्मपुरी इलाके में भी पथराव हुआ। इसके बाद दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने फ्लैग मार्च किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से हिंसा को लेकर उसके पास लगातार कॉलें आ रही है। बीती रात सीलमपुर डीसीपी ऑफिस में बैठक कर पुलिस कमिश्नर ने खुद हालात की समीक्षा की।

हिंसा की शुरुआत रविवार को हुई थी। सोमवार को चॉंदबाग, जाफराबाद, करावल नगर, भजनपुरा सहित कई इलाकों में हिंसा हुई थी। गोकलपुरी में टायर मार्केट को आग के हवाले कर दिया गया। अब तक पॉंच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनमें एक दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी हैं। घायलों में भी करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी हैं। डीसीपी अमित शर्मा भी जख्मी हैं।

जाफराबाद में एक शख्स ने बीच रोड पर तमंचे से 8 राउंड गोलियाँ दागीं। शख्स की पहचान शाहरुख के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।

मंगलवार (फरवरी 25, 2020) सुबह भी नार्थ-ईस्ट दिल्ली में हालात तनावपूर्ण है। मंगलवार को भी मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई। सुबह-सुबह पाँच मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात है। देर रात से सुबह तक मौजपुर और उसके आस-पास इलाकों में आगजनी के 45 मामले सामने आए, जिसमें दमकल की एक गाड़ी पर पथराव किया गया, जबकि एक दमकल की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। तीन दमकलकर्मी घायल हुए हैं।

इंडिया टुडे और आज तक के पत्रकार तनुश्री पांडे ने दिल्ली हिंसा की भयावहता को दिखाने के लिए अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है। इससे आप हिंसा की साजिश का अंदाजा लगा सकते हैं। इस वीडियो के बैकग्राउंड में एक शख्स को कहते हुए सुना जा सकता है, “हिंदू की गाड़ी जला दी, हिंदू की दुकानें जलाने जा रहे हैं।” उन्होंने बताया है कि यह घटना मौजपुर की है, जब वो ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए वहाँ गई थी। हालाँकि ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

दिल्ली में हिंसा की वजह से आज भी मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एन्क्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। मेट्रो ट्रेन केवल वेलकम स्टेशन तक ही जाएगी। सोमवार को मौजपुर और भजनपुरा में कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई। उपद्रवियों ने यहाँ एक पेट्रोल पंप को जला दिया। आग बुझाने पहुँची दमकल की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों से भी मारपीट की गई। देर शाम उपद्रवियों ने गोकुलपुरी की टायर मार्केट को भी फूँक दिया। डीसीपी शर्मा के हाथ और सिर में चोट आई है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दस अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों की आपात बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा की।

जाफराबाद में गोली चलाने वाले का नाम है शाहरुख, ‘दी प्रिंट’ की पत्रकार का दावा; पुष्टि का इन्तजार

VIDEO: ट्रम्प के भारत दौरे के बीच दिल्ली में प्रदर्शन के नाम पर गोलीबारी-आगजनी, हेड कॉन्स्टेबल की मौत

जाफराबाद में गोली चलाने वाले का नाम है शाहरुख, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

दिल्ली करीब ढाई महीने से शाहीन बाग़ में चल रहे नागरिकता कानून विरोध (CAA) के विरोध ने सोमवार को नई शक्ल ले ली। रविवार शाम से ही शुरू हुए हिंसा और दंगों ने सोमवार सुबह व्यापक दंगों और पत्थरबाजी का रूप ले लिया। दंगाइयों ने पेट्रोल पम्प से लेकर ऑटो, रिक्शा तक को आग के हवाले कर दिया।

इसी बीच एक युवक ने आठ राउंड गोलियाँ भी चलाई, जिसकी पहचान शाहरुख के तौर पर हुई है। दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। शुरुआत में ‘दी प्रिंट’ की सीनियर एसोसिएट एडिटर BhardwajAnanya (अनन्या भारद्वाज) ने बन्दूक पकड़े हुए इस युवक की पहचान शाहरुख के रूप में ट्विटर पर बताई थी। बाद में आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर दी गई।

ट्विटर पर जारी एक वीडियो में शाहरुख को दिल्ली पुलिस की ओर गोलियाँ चलाते हुए आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है। सोमवार को मौजपुर-जाफराबाद सड़क पर उसने ताबड़तोड़ कई राउंड फायर किए थे। करीब 8 राउंड फायर किए। इस दौरान एक पुलिसवाले ने उसे रोकने की काफी कोशिश की लेकिन वो नहीं रूका और फायर करते रहा।

इस बीच सोशल मीडिया पर पत्थरबाजी कर रहे और गोलियाँ चलाने वाले प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘नारंगी रंग’ की टोकरियाँ इस्तेमाल करने के कारण इस हिंसा को भगवा रंग से जोड़ने की भी कोशिशें की गईं। लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने गोली चलाने वाले इस युवक के CAA और NRC विरोध प्रदर्शन में भी नजर आने की बात कही है। हालाँकि, ऑपइंडिया इस बात की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है।

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गौरतलब है कि आज दिल्ली में हुई इस हिंसा और पत्थरबाजी के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई। वह एसीपी गोकुलपुरी ऑफिस में तैनात थे। इसके अलावा शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा भी घायल हो गए। उन्हें पटपड़गंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

‘पिंचर’ बनाने वालों से डर नहीं लगता साहब, ‘IIT-IIM वालों से’ लगता है: एंटी CAA से जलता भारत

बंबइया फिल्म्स के सफल डायरेक्टर करन जौहर की पीरियड फिल्म ‘तख़्त’ में काम कर रहा हुसैन हैदरी नामक यह कथित लेखक और कवि जो हिंसा को रोमांटिसाइज करने और हिन्दुओं के खिलाफ नफरत फैलाने का आदी है, सोशल मीडिया पर ‘हिन्दू आतंकवादी’ ट्वीट करने के कारण विवादों में हैं। यह दिमागी रूप से विक्षिप्त आदमी न सिर्फ हिन्दू आतंकवादी शब्द को एक बार नहीं दो बार नहीं बल्कि 11 बार लिखता है, जो अपर कास्ट हिन्दुओं को चप्पल से पीटने की बात भी कर चुका है, कहता है – ‘हिन्दू आतंकवादी’ ये दो शब्द काफी महत्त्वपूर्ण हैं, इसके बाद सोशल मीडिया में खुद के खिलाफ पैदा गुस्से के बाद फिलहाल ये अकाउंट डिलीटेड है।

नागरिकता कानून के पास होने के बाद जैसे अपना मानसिक संतुलन खो चुका यह व्यक्ति, लगातार अनर्गल ट्वीट करता दिखता है, जेएनयू के दो छात्र गुटों के बीच हुई हिंसा इसे ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड-हिन्दू आतंकवाद’ और ‘हिन्दू स्पॉन्सर्ड-स्टेट आतंकवाद’ जान पड़ता है।

नागरिकता कानून के खिलाफ होते विरोध प्रदर्शनों और फैलाए गए दंगों के कारण सार्वजनिक सम्पत्ति को हुई क्षति और आम देशवासियों को हुई परेशानियों का जिस बेशर्मी के साथ बचाव पिछले दिनों किया गया है वो एक बार फिर उस तथ्य को स्पष्ट करने वाला है कि ज्यादातर रेडिकल इस्लामिक संगठनों के प्रमुख, मुस्लिम आतंकी सरगनाओं की पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि किसी ‘पिंचर’ बनाने वाले की नहीं है, ये लगभग सब के सब अच्छे सम्पन्न परिवारों से आते हैं- चाहे वो ओसामा बिन लादेन हो, या अल जवाहिरी, द्वि राष्ट्र सिद्धांत का जनक दार्शनिक और शायर इक़बाल या बैरिस्टर जिन्ना।

वो IIM-इंदौर का हुसैन हैदरी हो या भारत की ‘चिकेन नेक’ काटने की धमकी देने वाला शरजील इमाम जो IIT से एमटेक और जेएनयू में इतिहास का शोधार्थी है या एएमआईएम का ओवैसी, ‘उम्मत’ के लिए जारी लड़ाई की बागडोर हमेशा पढ़े लिखे लोगों के पास ही रही है जिन्होंने अपने इस जहरीले एजेंडे के लिए पैदल सिपाहियों की भर्ती उसी तबके से की जिसे ‘पिंचर’ बनाने वाला कहा जाता है, जिसको इस्लामिक सुप्रीमेसी का घोल पिलाने के लिए ‘हमने 800 साल राज्य किया’ जैसे जुमले गढ़े गए, जिससे ‘पिंचर’ वालों की गरीबी को हिन्दू राज्य में हुई कथित नाइंसाफी के मत्थे मढ़ विक्टिमहुड का कार्ड खेला जा सके। हालाँकि ‘पिंचरवाला’ टर्म इस्लामिक सुप्रीमेसी का राग अलापने वालों का मुँह बंद करने के लिए अचूक बाण है जिससे उनको बताया जा सके कि तुमने किसी पर 800 साल राज्य नहीं किया था, बंद करो यह बकवास।

ओवैसी, शरजील इमाम, हुसैन हैदरी, इकबाल, जिन्ना, लादेन की फेहरिश्त में आप नाम जोड़ते जाइए उन सबका भी जो शायद आपके आसपास बैठा हो, जो आपके साथ काम करता हो, जिनका पेशा कुछ भी क्यों न हो लेकिन वो लगे हों उम्मत के लिए ही।

खतरा इन्हीं से है। खतरा एएमयू, जामिया में लगते “सब बुत उठवाए जाएँगे, बस नाम रहेगा अल्लाह का” से है।

भारत ने ब्रिटेन से वापस माँगी तमिलनाडु के मन्दिर से चोरी की हुई 15वीं शताब्दी की कांस्य प्रतिमा

भारत ने ब्रिटेन से तमिलनाडु के मंदिर से चोरी हुई एक तमिल संत की 15वीं शताब्दी की कांस्य प्रतिमा को वापस लौटाने की औपचारिक माँग की है। इसके लिए भारत ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय स्थित एक ब्रिटिश संग्रहालय से अनुरोध किया है।

माना जाता है कि इस मूर्ति को तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराया गया था। जिसके बाद संत तिरुमानकई अलवार की यह मूर्ती वर्ष 1967 के साउथबेई की नीलामी में नीलाम की गई और इस तरह आखिरकार यह प्रतिमा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एश्मोलीन संग्रहालय (Ashmolean Museum) पहुँची। इस नीलामी में जेआर बेलमॉन्ट नाम के एक ब्रिटिश कलेक्टर के कलेक्शन की नीलामी की गई थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, एश्मोलीन संग्रहालय ने कहा कि उसे इस प्राचीन मूर्ति के मूल स्थान के बारे में एक स्वतंत्र शोधकर्ता ने पिछले साल नवंबर में सतर्क किया, जिसके बाद उसने भारतीय उच्चायोग को इस बारे में जानकारी दी। एश्मोलीन संग्रहालय द्वारा सोमवार (फरवरी 24, 2020) को जारी एक बयान में कहा गया, “IFP-EFEO (इंस्टीट्यूट फ्रैंकाइस डी’पांडिचेरी एंड द इकोल फ्रैंकाइश डी’एक्सट्रीम-ओरिएंट) के फोटो अभिलेखागार में शोध में यही कांस्य प्रतिमा वर्ष 1957 में तमिलनाडु के श्री सौंदरराजनपेरुमल कोविल मंदिर में नजर आई।”

हालाँकि, इस मूर्ति के बारे में आधिकारिक रूप से कोई दावा नहीं किया गया था। संग्रहालय ने गत वर्ष ही आधिकारिक रूप से इस मामले में भारतीय उच्चायोग का ध्यान आकर्षित किया था और उनसे इस बारे में पुलिस रिकॉर्ड समेत अन्य जानकारियाँ थीं। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने संग्रहालय द्वारा उठाए गए कदम पर संज्ञान लिया और आगे की कार्रवाई के लिये मामले को भारतीय अधिकारियों के समक्ष भेजा। इसके बाद इस महीने के शुरू में संग्रहालय से इस मूर्ति को लौटाने को लेकर औपचारिक अनुरोध किया गया। भारत की तरफ से इस बारे में और जानकारी दिए जाने के बाद संग्रहालय अब आगे की जाँच कर रहा है।

VIDEO: ट्रम्प के भारत दौरे के बीच दिल्ली में प्रदर्शन के नाम पर गोलीबारी-आगजनी, हेड कॉन्स्टेबल की मौत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत पहुँचते ही देश का एक विशेष वर्ग नागरिकता कानून के बहाने अपनी पारम्परिक हरकतों में व्यस्त हो गया। दिल्ली के जाफराबाद, बाबरपुर, मौजपुर, कबीर नगर, करावल नगर, मालवीय नगर, भजनपुरा, सीलमपुर आदि में पत्थरबाज़ी, आगजनी, गोली चलाने की खबरें सामने आई हैं।

दिल्ली के जाफराबाद इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरने पर बैठे लोग सोमवार सुबह एक बार फिर से हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस पर पथराव किया फिर जाफराबाद में दस गाड़ियों में भी आग लगा दी। इस पत्थरबाजी और गोलीबारी के बीच एक हेड कॉन्स्टेबल की मृत्यु भी हो गई, जिसके बाद कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। यह सब देश की राजधानी दिल्ली में हो रहा है।

CAA का विरोध करने वाली यह भीड़ इतनी ‘शांतिप्रिय’ है कि इसने आज पेट्रोल पम्प से लेकर बाइक, ऑटो, रिक्शा आदि को आग के हवाले कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी पिस्टल लेकर पहुँच गया, जिसने 8 राउंड फायरिंग भी की। आज ही कई मेट्रो स्टेशंस के पास मुस्लिमों को अपने बोरिया-बिस्तरों के साथ इकट्ठा होते हुए भी देखा जा रहा है। पूछने पर पता चला कि किसी ‘दुआ’ के लिए सभी लोग इकट्ठे हो रहे हैं। उम्मीद है कि यह दुआ ही हो।

इस पूरे प्रकरण पर देखिए यह वीडियो –

मौजपुर में CAA विरोध में गोलीबारी, एक हेड कॉस्टेबल की मौत; दस जगहों पर धारा 144 लागू

गुजरात में दंगे भड़कने से 1 की मौत, दंगाइयों ने किए 25 घर आग के हवाले; इलाके में पुलिस तैनात

अयोध्या फैसले के बाद ‘ज्ञानवापी आंदोलन’ की घोषणा, ‘हर-हर महादेव’ के साथ बनारस ने किया समर्थन

अयोध्या में राममंदिर के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित हुए कुछ लोगों ने वाराणसी में शिवरात्रि को ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा कर दी। आंदोलन के अगले क्रम में संकट मोचन मंदिर से ज्ञानवापी तक दंडवत यात्रा निकालने की घोषणा की गई थी। ऐसा करने वालों में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के नेता सुधीर सिंह प्रमुख हैं जिन्हें पुलिस ने रविवार को उनके घर से गिरफ्तार कर धारा 151 में जेल भेज दिया है।

सपा के आपसी टकराव के बाद शिवपाल सिंह यादव के साथ उनकी पार्टी में शामिल हुए सुधीर सिंह ने चार दिन पहले काशी विश्‍वनाथ ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन शुरू करने की घोषणा की थी। महाशिवरात्रि को अस्‍सी घाट पर उन्होंने द्वादस ज्योतिर्लिंग में शामिल बाबा विश्‍वनाथ ज्‍योतिर्लिंग तथा श्रृंगार गौरी को मुक्‍त कराने की शपथ ली।

महाशिवरात्रि के दिन ही ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन को काशी वासियों ने छतों से खड़े होकर हर-हर महादेव के नारे और घंटे-घड़ियाल, शंख की ध्वनि के साथ भारी संख्या में अपना समर्थन दिया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार इसी क्रम में रविवार को सुधीर सिंह और आंदोलन से जुड़े अन्य लोग मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्‍दुल बातिन के साथ ही कई मुस्लिम नेताओं से मिलकर ज्ञानवापी परिक्षेत्र से मस्जिद अन्‍य शिफ्ट करने का अनुरोध करने वाले थे। इसके बाद उनकी योजना सोमवार को संकटमोचन मंदिर से काशी विश्‍वनाथ मंदिर तक दंडवत यात्रा निकालने की तैयारी थी। पर उससे पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के ठीक पहले सुधीर सिंह ने फेसबुक पर लिखी अपनी पोस्ट में कहा-


इस आंदोलन की घोषणा से पहले मंगलवार को सुधीर सिंह वाराणसी में सिविल जज की कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर को हिंदुओं को सौंप देने की माँग करने को लेकर एक याचिका भी दाखिल कर चुके हैं। जिसमें कहा गया है, “ज्ञानवापी मस्जिद पहले भगवान शिव का मंदिर था जिसे मुगल आक्रमणकारियों ने ध्वस्त कर मस्जिद बना दिया था, इसलिए हम हिंदुओं को उनके धार्मिक आस्था एवं राग भोग, पूजा-पाठ, दर्शन, परिक्रमा, इतिहास, अधिकारों को संरक्षित करने हेतु अनुमति दी जाए।” इस वाद पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

ध्यातव्य है कि अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद अब द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक को लेकर खुदाई की माँग भी दुबारा उठने लगी है। इसी कड़ी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की अपील प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से सिविल जज (सीनियर डिवीजन-फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर की गई थी।

यह सुनवाई सिविल जज (सीनियर डिवीजन-फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी की अदालत में चल रही है। जिस पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।

गुजरात में दंगे भड़कने से 1 की मौत, दंगाइयों ने किए 25 घर आग के हवाले; इलाके में पुलिस तैनात

एक ओर जहाँ देशभर में नागरिकता कानून को लेकर तरह-तरह के दंगे और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, वहीं गुजरात में आज दो समुदायों के बीच हिंसा और झड़प का मामला सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से पहले आनंद जिले के खंभात तालुका में रविवार को दो समुदायों के बीच अचानक दंगा भड़क जाने के कारण 13 लोग घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि वो अभी इस झड़प का कारण पता कर रही है।

गुजरात के आनंद जिले के खंभात तालुका में कल रविवार (फरवरी 23, 2020) को दो समुदायों के बीच अचानक दंगा भड़क गए। इस दंगों में 13 लोग घायल हो गए। दोनों समुदायों की उत्तेजित भीड़ ने एक-दूसरे के कम से कम 25 घरों-दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। खम्भात के इस इलाके में दोनों समुदायों के बीच पिछले एक महीने में सांप्रदायिक संघर्ष की यह दूसरी घटना बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले गत जनवरी 24, 2020 को दोनों समुदायों में दंगा भड़का था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। खम्भात स्थित आनंद जिले के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक दिव्य मिश्रा ने बताया है कि रविवार को अकबरपुरा इलाके में दोनों समुदायों के बीच 24 जनवरी के दंगे को लेकर मौखिक बहस शुरू हो गई, जो आपस में मारपीट और पथराव में बदल गई।

पुलिस ने बताया कि दंगा भड़कने के पीछे के असली कारण की फिलहाल जाँच की जा रही है और फिलहाल इस मामले में आरोपित 46 लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद वहाँ के हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। किसी प्रकार के साम्प्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका के चलते करीब 100 पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है।

वहीं, कुछ लोगों का सोशल मीडिया पर कहना है कि यह दंगे, आगजनी और तोड़-फोड़ मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई है।

UP: गौ तस्करी में पकड़े गए आदिल, फिरोज और सलमान, मुठभेड़ में 2 घायल

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में सिंघावली अहीर थाना और बागपत कोतवाली पुलिस ने रविवार (फरवरी 23, 2020) की रात हुई एक मुठभेड़ के बाद 3 गौ तस्करों को धर दबोचा। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से 2 तस्कर घायल हो गए। मगर, पुलिस इस दौरान तीनों तस्करों को पकड़ने में सफल रही।

पुलिस ने इन तस्करों के पास से बिना नंबर की मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, एक बछिया, एक सांड़ के अलावा इंजेक्शन, दो तमँचे, दो कारतूस बरामद किए। इसके बाद घायल तस्करों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनकी पहचान आदिल और मोहम्मद फिरोज के रूप में हुई है। जबकि पीछा कर पकड़े गए तीसरे तस्कर का नाम सलमान है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिंघावली अहीर एसओ शिव प्रकश ने बताया कि रविवार की रात खिंदौड़ा तिराहे पर चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो कार सवार स्पीड बढ़ाते हुए पुलिस के सामने से भाग निकले।

इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा शुरू करते हुए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इस पर कोतवाली बागपत पुलिस भी सामने से आ गई। बसोद और मीतली जाने वाले रास्ते पर कार सवारों ने खुद को घिरता हुआ देख दोनों थानों की पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में 2 कार सवार पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए जबकि तीसरा सलमान जब मौक़े से भागने लगा तो पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि पकड़े गए तीनों तस्कर सलमान, फिरोज, आदिल थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के कस्बा अमीनगर सराय के रहने वाले हैं। ये जंगलों में बेसहारा घूम रहे गोवंशों को पकड़कर उन्हें नशीला इंजेक्शन लगाकर काटते थे और उनके अवशेषों को जंगलो में फेंककर माँस को मेरठ में बेचते थे। इनकी पुलिस को पिछले काफी समय से तलाश थी। पुलिस तस्करों के अन्य साथियों की भी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

भारत के साथ 3 बिलियन से ज्यादा की होगी डिफेंस डील, इस्लामी आतंकवाद का करेंगे खात्मा: ट्रम्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (फरवरी 24, 2020) को अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम को संबोधित किया। अहमदाबाद आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लंबे रोड शो के बाद मोटेरा स्टेडियम पहुँचे, जहाँ पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की तारीफ में कसीदे पढ़े। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान अमेरिका को भारत का सबसे अच्छा दोस्त बताया और कहा कि पीएम मोदी एक सच्चे चैम्पियन हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया की तारीफ की और अमेरिका को सच्चा साथी बताया।

इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ डील करने की बात करते हुए कहा, “रक्षा क्षेत्र में हमारा सहयोग जारी है और हम भारत को इस धरती पर सबसे बेहतरी सैन्य साजो-सामान देने जा रहे हैं। हमने अब तक का सबसे बेहतरीन हथियार बनाया है। हमने सबसे बेहतर बनाया है और उसको लेकर हम भारत के साथ डील करने जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस बात की घोषणा करते हुए खुशी है कि कल हमारे प्रतिनिधि 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की डिफेंस डील करने जा रहे हैं, जिनमें मिलिट्री हेलीकॉप्टर और भारतीय सुरक्षाबलों के लिए अन्य चीजें शामिल होंगी।”

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का ये पहला भारत दौरा है, ऐसे में इस कार्यक्रम से काफी उम्मीदें हैं। भारत और अमेरिका इस दौरे पर कई बड़े समझौते कर सकते हैं, जिनमें डिफेंस डील, ट्रेड डील पर चर्चा भी शामिल है। इस दौरान ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, डिफेंस, सुरक्षा, आतंकवाद, एनर्जी सुरक्षा, धार्मिक सुरक्षा, अफगानिस्तान के मसले पर दोनों नेता बात करेंगे। बताया जा रहा है कि इंटलैक्चुएल प्रॉपर्टी राइट्स, ट्रेड फैसिलेशन, होमलैंड सिक्युरिटी समेत कुल पाँच मसलों पर दोनों नेता बात करेंगे, जिसमें भारत-अमेरिका समझौता फाइनल कर सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसकी तरफ इशारा करते हुए कहा, “कल मैं पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करूँगा, जिसमें हम कई डील पर बात करेंगे। भारत और अमेरिका डिफेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, हम भारत को जल्द ही सबसे खतरनाक मिसाइल और हथियार देंगे। डोनाल्ड ट्रंप बोले कि अमेरिका-भारत दोनों एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे, इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका लड़ाई लड़ रहा है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के साथ डिफेंस डील की तो घोषणा भी कर दी है। अब बाकी अन्य डील भी होने की संभावना जताई जा रही है। ये पाँच डील दोनों ताकतवर देशों के रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करेंगे। इसके अलावा दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच धार्मिक स्वतंत्रता, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता और हिंद-प्रशांत की स्थिति सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामी आतंकवाद पर बात करते हुए कहा, “हमारे देश इस्लामी आतंकवाद का शिकार रहे हैं, जिसके खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी है। अमेरिका ने अपने एक्शन में ISIS को खत्म किया और अल बगदादी का खात्मा किया। हम आतंक के खिलाफ कड़े एक्शन ले रहे हैं, पाकिस्तान पर भी अमेरिका ने दबाव बनाया है। पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेना होगा, हर देश को अपने सुरक्षित करने का अधिकार है।”

कठुआ में जल्द तैयार होगा दिवंगत नेता अरुण जेटली के नाम से स्टेडियम, केंद्र ने जारी की पहली किश्त

जम्मू कश्मीर स्थित कठुआ के हीरानगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की याद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार होगा। यह स्टेडियम लगभग 68 करोड़ रूपए की लागत से 170 कनाल भूमि पर बनेगा। केंद्र सरकार ने इस स्टेडियम के लिए 10 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू आगामी मार्च महीने में इस स्टेडियम का शिलान्यास करेंगे। इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, समेत अन्य खेल गतिविधियों की सुविधा मिलेगी। कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्टेडियम को इस पूरे क्षेत्र का सबसे बेहतरीन स्टेडियम बनाने की योजना है।

इस स्टेडियम के बनने के बाद गोलाबारी से प्रभावित अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर सेक्टर में क्रिकेट सहित अन्य खेल मुकाबलों का आयोजन होगा। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को समर्पित अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के लिए कवायद शुरू हो गई है। कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने कहा कि 68 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस स्टेडियम के लिए सरकार ने पहली किस्त 10 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है, जिससे अब स्टेडियम निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने कहा, “स्टेडियम को संभाग के बेहतरीन स्टेडियम में से एक बनाने की योजना है। जल्द ही शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियाँ शुरू हो जाएँगी। 68 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस स्टेडियम के लिए दस करोड़ रुपए की राशि पहली किस्त में जारी हो चुकी है। इससे काम में भी तेजी लाई जाएगी।”

अरुण जेटली का जम्मू-कश्मीर से है खास नाता

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का जम्मू-कश्मीर से गहरा नाता रहा है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में उनका ससुराल था। उनकी पत्नी संगीता जम्मू-कश्मीर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गिरधारी लाल डोगरा की बेटी हैं। गिरधारी लाल जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य थे। डोगरा ने दो बार संसद सदस्य के रूप में और छह बार विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला था। इसीलिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बीते सितंबर में खेल मंत्री किरन रिजिजू से मुलाकात करके हीरानगर स्टेडियम को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली समर्पित करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया था।

गौरतलब है कि गत वर्ष अगस्त माह में पूर्व भाजपा नेता अरुण जेटली के देहांत के बाद दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने दिल्ली स्थित फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम अपने पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के नाम पर रखने का फैसला लिया था। इस स्टेडियम को अब अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। फिरोजशाह कोटला मैदान का नया नामकरण 12 सितंबर को एक समारोह में किया गया था।

केंद्र सरकार कर रही है अपने दिवंगत लोकप्रिय नेताओं को सम्मानित

हाल ही में मोदी सरकार ने दिल्ली में ‘इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस’ (IDSA) का नाम बदलकर ‘मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस’ करने का फैसला लिया है।

दरअसल मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ना सिर्फ मनोहर पर्रिकर बल्कि सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने भी जनता के लिए अपनी सेवाभाव और कर्तव्यपरायणता के कारण जमकर लोकप्रियता बंटोरी थी। लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्वास्थ्य ने इनका साथ नहीं दिया और उन्होंने बड़े पदों से खुद को अलग कर लिया। दुर्भाग्य से भाजपा के इन लोकप्रिय नेताओं का खराब स्वास्थ्य के कारण देहांत हो गया। जिसके बाद अब केंद्रीय नेतृत्व ने इन्हीं लोकप्रिय नेताओं को सम्मान देने की शुरुआत की है।

पूर्व भाजपा नेता सुषमा स्वराज के नाम दो प्रमुख संस्थान

केंद्र में मोदी सरकार ने दुनियाभर में फैले भारतीय समुदाय से सम्पर्क के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र ‘प्रवासी भारतीय केंद्र’ का नामकरण ‘सुषमा स्वराज भवन’ करने का फैसला कुछ ही समय पहले लिया है। इसके अलावा विदेश सेवा संस्थान का नाम बदलकर ‘सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस’ कर दिया गया है।

ब्राह्मणों पर पहली बार जजिया कर लगाने वाले फिरोजशाह तुगलक ने बसाया था ‘कुश्के-फिरोज’

फिरोजशाह कोटला का नाम अब होगा अरुण जेटली स्टेडियम, लंबे समय तक रहे थे DDCA के अध्यक्ष