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10 साल में 27 करोड़ लोगों को ग़रीबी से मिली मुक्ति: निर्मला ने जेटली को बताया GST का आर्किटेक्ट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पूर्ववर्ती दिवंगत अरुण जेटली को याद करते हुए वार्षिक बजट 2020 का अभिभाषण प्रारम्भ किया। उन्होंने जेटली को जीएसटी का मुख्य आर्किटेक्ट बताया और कहा कि वो दूरदर्शी नेता अरुण जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। निर्मला ने जीएसटी को सभी आर्थिक सुधारों में सबसे ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी धीरे-धीरे एक ऐसा टैक्स सिस्टम बनता जा रहा है, जिसने पूरे देश को वित्तीय रूप से एकीकृत किया है। बता दें कि इस बार लगातार तीसरे महीने जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया है।

पिछले महीने हुआ 1.1 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन अब तक का दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। निर्मला सीतारमण ने बजट अभिभाषण के दौरान बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 40 करोड़ जीएसटी रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं। इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष 16 लाख नए करदाता भी जोड़े गए हैं। बकौल वित्तमंत्री, ‘सबका साथ, सबका विकास’ की राह पर चलते हुए मोदी सरकार ने योजनाओं व नीतियों को इस तरह से लागू किया कि इसका लाभ ग़रीब और निचले तबके के लोगों को सीधे मिला। वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार का जोर अर्थव्यवस्था के मूल ढाँचे को मजबूत करने पर है।

उन्होंने कहा कि ये बजट अल्पसंख्यकों, एससी-एसटी और महिलाओं की उम्मीदों को पूरा करने वाला होगा। उन्होंने व्यापार जगत को तकनीक फ्रेंडली होने की भी सलाह दी। वित्तमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ये बजट लोगों की आय को बढ़ाने वाला और उनकी खरीददारी की ताक़त को मजबूत करने वाला होगा। वित्तमंत्री ने जानकारी दी कि कृषि क्षेत्र में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2020 ख़त्म होने तक तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर सरकार चल रही है। उन्होंने भारत के दुनिया में पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने की भी जानकारी दी।

सरकार पर कुल ऋण की बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि कुल क़र्ज़ मार्च 2014 में 52.2% था, जो मार्च 2019 तक घट काट 48.7% पर आ गया है। वित्तमंत्री ने बताया कि ये बजट 3 चीजों के इर्द-गिर्द घूमता है, वो चीजें हैं:

  • लोगों के ‘स्टैण्डर्ड ऑफ लिविंग’ को मजबूत करना,
  • सभी के आर्थिक विकास का ध्यान रखना, और
  • मानवीय और परस्पर सहयोगी समाज का निर्माण करना

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2006-2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से ऊपर लाना एमए कामयाबी हासिल की। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार लोगों ने ‘इज ऑफ लिविंग’ को ऊँचा उठाने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने किसानों के लिए ‘किसान रेल’ की घोषणा की, जिससे कृषि उत्पादों को एक जगह से दूसरे जगह ले जाना आसान हो जाएगा। फार्मिंग सेक्टर में सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, किसानों के लिए 16 पॉइंट फार्मूला जारी किया गया।

अगर दिल्ली सुरक्षित नहीं है, तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ केजरीवाल ही जिम्मेदार हैं: निर्भया के पिता

निर्भया गैंगरेप-मर्डर के चारों दोषियों की फाँसी एक बार फिर से टलने के बाद निर्भया के माता-पिता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इसके लिए दोषी ठहराया है। निर्भया के पिता बद्रीनाथ ने कहा, “कोर्ट ने मामले को टाल दिया, पता नहीं कितने दिन मामला टला रहेगा, इसका मतलब केजरीवाल ने ये काम किया है, केजरीवाल के अधिकार में जेल अथॉरिटी है, वहीं से सब कुछ रुका हुआ है। पूरा सिस्टम केजरीवाल के हाथ में है। केजरीवाल नहीं चाहते कि फाँसी हो। केजरीवाल के लिए बिजली- पानी महत्वपूर्ण है, महिला सुरक्षा महत्वपूर्ण नहीं है, केजरीवाल ने कुछ नहीं किया।”

निर्भया के पिता ने आगे कहा कि राहुल मेहरा जो सरकारी वकील हैं, उन्होंने कोर्ट में आकर विपक्ष का पक्ष रखा था। इसका मतलब है कि तब भी उन्होंने गलत किया, आज भी उन्होंने गलत किया है। निर्भया के पिता ने कहा कि जो केंद्र सरकार के हाथ में था, वो मोदी सरकार ने किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषियों की दया याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सुरक्षित नहीं है, तो इसके लिए सिर्फ और सिर्फ अरविंद केजरीवाल ही जिम्मेदार हैं। भुगतना पड़ेगा इनको।

वहीं निर्भया की माँ आशा देवी ने कहा कि दोषियों के वकील एपी सिंह ने उन्हें ऊँगली दिखा कर चुनौती देते हुए कहा है कि दोषियों को कभी भी फाँसी नहीं दी जाएगी। उन्होंने रोते हुए कहा कि वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। सरकार को दोषियों को फाँसी देनी ही होगी। आशा देवी ने कहा, “’कहीं ना कहीं सरकारों की चाल है। हमें सांत्वना देते रहे। क्योंकि उनका वोट आने वाला है। सात साल पहले ये लोग पूरी दिल्ली में झंडा उठाए, टोपी पहनाए कि हम दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा करेंगे। अब तीसरी बार वोटिंग हो रही है, लेकिन मुजरिम का वकील मुझे चैलेंज करके गया है कि यह फाँसी नहीं होगी।”

बीजेपी और अकाली दल ने भी इसके लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “निर्भया की माँ की आँखों से निकला एक-एक आँसू, मुँह से निकली एक-एक हाय केजरीवाल की सत्ता को भस्म कर देगी।”

वहीं अकाली दल नेता मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “निर्भया बेटी से आज पूरे देश को माफी माँगनी चाहिए। हमारे देश का कानून खोखला साबित हो रहा है। अरविंद केजरीवाल जी आपकी आत्मा आपको धिक्कारती नहीं? सिर्फ निर्भया के माता पिता ही नहीं। मैं भी आपको इस नाइंसाफी का दोषी मानता हूँ।”

लिबरलों का, वामपंथियों का, कट्टरपंथियों का… सबका नाम बुराएगा तेरा कश्यप: जब ट्विटर पर हुई धुलाई

अंग्रेजी में एक कहावत है- “Light travels faster than sound. That’s why certain people appear bright until you hear them speak.” जिसका अर्थ है- प्रकाश की गति आवाज से ज्यादा तेज होती है, यही वजह है कि कुछ लोग तभी तक सही नजर आते हैं, जब तक वो अपनी जुबान नहीं खोल देते।

अनुराग कश्यप इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि सोशल मीडिया पर सुबह से शाम तक सरकार विरोधी ट्वीट करने और दूसरों को ‘अनपढ़-ट्रोल-संघी’ कहना मात्र किसी के ‘ज्ञानी’ होने का परिचय नहीं होता है। अनुराग कश्यप लगातार अपने ट्विटर अकाउंट से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी और हर CAA समर्थक को गाली देते हुए देखे जा रहे थे। लेकिन कल के दिन के लिए अनुराग कश्यप शायद हमेशा पछतावा करते नजर आएँगे। हालाँकि उनके जैसे गालीबाज से पछतावा और आत्मचिंतन की उम्मीद करना ज्यादती और इन शब्दों का अपमान ही हो सकता है।

दरअसल, अनुराग कश्यप ने ऑपइंडिया CEO राहुल रौशन के एक व्यंग्य को पूरा पढ़े बिना ही सच समझकर उन्हें अनपढ़ अंधभक्त जैसे विशेषण दे डाले। लेकिन इसके बदले मिले जवाबों से अनुराग कश्यप कुछ जवाब देते नहीं देखे गए।

ऑपइंडिया के सीईओ राहुल रौशन ने एक व्यंग्य ट्वीट करते हुए लिखा था- “गोपाल का कहना है कि वह पाँच साल पहले जामिया में पढ़ना चाहता था, और जब वह एडमिशन फॉर्म जमा करने के लिए गया तो उसे कुछ स्टूडेंट्स द्वारा आजादी के नारे लगाने के लिए उकसाया गया, जिसके लिए उसे जमीन पर नाक रगड़नी पड़ी। इसके बाद वह कट्टरपंथी बन गया। स्रोत- द स्क्विंट।”

राहुल रौशन ने यह ट्वीट लेफ्ट लिबरल गिरोह के पत्रकारों पर व्यंगात्मक शैली में किया था। अक्सर इस तरह की शैली देश के लेफ्ट लिबरल पत्रकारों द्वारा आतंकवादी और चरमपंथियों के पकड़े जाने पर इस्तेमाल की जाती है। लेकिन अनुराग कश्यप ने मानो तय कर लिया था कि उन्हें जलील होना ही है।

ऑपइंडिया सीईओ, जो कि अपनी व्यंगात्मक शैली के लिए ‘फेकिंग न्यूज़’ नामक हास्य व्यंग्य वेबसाइट में ‘पागल पत्रकार’ के नाम से जाने जाते थे, के इस ट्वीट को पढ़ते ही बिना समय व्यर्थ किए और बिना समझे ही अनुराग कश्यप ने उन्हें टैग करते हुए लिखा- “17 साल का गोपाल बारह साल की उमर (उम्र) में जामिया में अड्मिशन (एडमिशन) लेने गया था। ऐसे तो बेवक़ूफ़, गधे हैं जो भाजपा का माउथ्पीस (माउथपीस) हैं। खुद ही अपना झूठ बता देते हैं। और IQ भी दिखा देते हैं। बराबर match (मैच) है। (,) अनपढ़ गंवार सरकार और उनके बेवक़ूफ़ भक्तों का। @rahulroushan

अनुराग कश्यप ने इस ट्वीट में व्यंग्य को ना समझते हुए अनपढ़ और बुद्धिमत्ता पर सवाल खड़े कर दिए लेकिन शायद उन्हें जल्दी ही समझ आ गया कि वो अपनी ही बात कर रहे थे।

राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप को तुरंत जवाब देते हुए लिखा- “इसे सारकाज़्म कहते हैं चरसी। जैसे तुम्हारी जमात जिहादियों के लिए कहानी बनाती है न, वैसे ही ये भी है। ‘The Squint’ नाम की कोई वेबसाइट नहीं है। कम-अकल वालों के लिए वो हिंट था, पर तू तो बे-अकल निकला। तुझे दवा की ज़रूरत है। यहाँ पैसे भेज, दवा ख़रीद के भेजता हूँ।”

इसके साथ ही राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप की हिंदी पर भी प्रकाश डालते हुए उन्हें ‘है’ और ‘हैं’ के बीच का अंतर भी बताया। उन्होंने लिखे- “‘है’ पे बिन्दी नहीं लगा पाया, वो लगा ले। माथे पे मत लगा लेना। और UPI से भी पैसे भेज सकता है। helprahul@icici”

इसके बाद राहुल रौशन ने अनुराग कश्यप को दवा लेकर स्वास्थ्य लाभ लेने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अनुराग कश्यप पूरा पागल हो चुका है और हरकतें भी वैसी ही कर रहा है। इसके लिए राहुल रौशन ने अपनी पे-पाल लिंक देते हुए रुपए देने की बात कही ताकि वो अनुराग कश्यप के लिए दवाएँ भिजवा सकें।

अनुराग कश्यप की इस भूल पर ट्विटर यूज़र्स ने उनके खूब मजे लिए। एक नजर-

अनुराग कश्यप की इस हरकत पर कुछ लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि जब इसे एक सामान्य सा चुटकुला समझ नहीं आता है तो इसे नागरिकता कानून कैसे समझ आया होगा?

अनुराग कश्यप ऐसे लोगों का उदाहरण बन चुके हैं जिनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर सिर्फ और सिर्फ सरकार विरोधी एजेंडा चलाते हुए लोगों को गाली देने तक सीमित है। स्पष्ट है कि जिस इंसान को दिन-रात सोशल मीडिया पर देखा जाता है, जब उसे एक व्यंग्य की समझ नहीं है तो वह लोगों को CAA और NRC जैसे विषयों पर कैसे ज्ञान दे सकता है?

अलविदा ब्रीफकेस कल्चर! ‘बही-खाता’ लेकर पहुँचीं निर्मला: रेलवे को लेकर भी बड़ी घोषणाएँ संभव

आम बजट 2020 के ‘बही-खाता’ को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से निकल संसद पहुँच गई हैं। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। निर्मला सीतारमण इस बार अपना दूसरा बजट पेश करने जा रही हैं। बजट के बस्ते का रंग इस बार भी लाल ही है, जो मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में चर्चा का विषय रहा है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ब्रीफकेस में बजट न पेश कर के ‘बही-खाता’ में पेश किया जा रहा है।

आज शनिवार होने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज कारोबार के लिए खुला रहेगा। इससे पहले फ़रवरी 28, 2015 को ऐसा हुआ था, जब शनिवार के दिन के दिन एनएसई और बीएसई ट्रेडिंग के लिए खुला रहा था।

हालाँकि, शेयर बाजार पर आम बजट के प्रभाव को लेकर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का पिछला अनुभव शानदार नहीं रहा था। जुलाई 2019 में जब उन्होंने अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया था, तब उस ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स ने 2% की गिरावट दर्ज की थी। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार को सलाह दी है कि मंद आर्थिक विकास दर को देखते हुए राजस्व घाटे से ज्यादा ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीएमओ के साथ बैठक में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर जोर देने की वकालत की।

बता दें कि आम बजट के अंतर्गत ही आज रेलवे बजट भी पेश किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा इस बार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को लेकर भी रेल बजट में बड़ी घोषणाएँ की जा सकती हैं। कई दिनों से विभिन्न रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की चर्चा चल रही है। आज इस सम्बन्ध में चीजें साफ़ हो जाएँगी। भारत के पहले प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस’ की सफलता के बाद सरकार उत्साहित है। हाल ही में रेलवे ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की थी, इसीलिए इसकी सम्भावना कम ही है कि इसे बढ़ाया जाएगा। नए रूट व नई ट्रेनों को लेकर भी घोषणाएँ की जाएँगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाक़ात करेंगी। अगर शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स फ़िलहाल 140 पॉइंट्स नीचे 40,576 पर है, वहीं निफ्टी 126.5 पॉइंट्स नीचे जाते हुए 11,910 पर है। कुछ ही दिनों में दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों की भी नज़र बजट पर है। आशा की जा रही है कि इस बजट में मिडिल क्लास के लिए बहुत कुछ होगा।

जिन्ना बनना चाहता था शरजील इमाम: मस्जिदों में बँटवाए थे भड़काऊ पर्चे, फोन व लैपटॉप जब्त

संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने की बातें करने वाले शरजील इमाम को लेकर कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। जैसे-जैसे पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे उसकी जिहादी मानसिकता और अच्छी तरह सामने आ रही है। अब पता चला है कि उसने मस्जिदों में भड़काऊ पर्चे बँटवाए थे। उसने सीएए और एनआरसी को लेकर कई पैम्पलेट तैयार किए थे, जिनमें भयभीत करने वाली भड़काऊ बातें लिखी हुई थी। उन पर्चों की प्रति भी जब्त कर ली गई है और उस दुकान को भी चिह्नित कर लिया गया है, जहाँ उन्हें छपवाया गया था।

पुलिस ने शरजील इमाम के जहानाबाद स्थित घर से उससे जुड़ी कई चीजों को जब्त किया है। दिल्ली के वसंत कुंज में भी उसने किराए पर फ्लैट ले रखा था। वहाँ से उसका एक कंप्यूटर और एक लैपटॉप जब्त किया गया। उसके मोबाइल फोन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। उधर शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को ही अलीगढ़ पुलिस ने शरजील के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया। इसके बाद उसे अलीगढ़ ले जाकर पूछताछ किए जाने की सम्भावना है। शरजील फ़िलहाल दिल्ली पुलिस के शिकंजे में है।

शरजील के ख़िलाफ़ जारी वारंट को तिहाड़ जेल में दाखिल किया जाएगा, जिसके बाद उसे यूपी ले जाया जाएगा। वहाँ की सिविल लाइन्स पुलिस में उसके ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया है। दिल्ली में भी वह इसी आरोप के तहत कार्रवाई का सामना कर रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ पूछताछ में शरजील स्वीकार कर चुका है कि उसके जो विवादित वीडियो वायरल हुए हैं, उनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और उसमें उसका ही बयान है। शरजील जेएनयू से रिसर्च कर रहा था।

शरजील इमाम के जामिया हिंसा से भी लिंक हो सकते हैं। इस सम्बन्ध में भी उसके साथ पूछताछ की जा रही है। उसके पास से कई संदिग्ध फोन नंबर मिले हैं, जिनकी एक-एक कर जाँच की जा रही है। शरजील इमाम ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट को शेष भारत से अलग करने का बयान दिया था। साथ ही उसने महात्मा गाँधी को फासिस्ट नेता बताया था और गोहत्या की वकालत की थी।

शरजील इमाम के बारे में यह भी पता चला है कि वह मुहम्मद अली जिन्ना के उन हथकंडों का फैन था, जिनका इस्तेमाल कर के देश का बँटवारा किया गया था। वह ख़ुद भी जिन्ना की तरह बनना चाहता था। वह पाकिस्तान के विभाजन की नींव रखने वाले मोहम्मद इक़बाल का भी प्रशंसक है। अब उसके गैजेट्स खंगालने के बाद उसके बारे में और बातें पता चलेंगी।

गाय काटना हमारा फर्ज; हम जहाँ खड़े वही मस्जिद, वहीं पढ़ेंगे नमाज: शाहीन बाग का मास्टरमाइंड शरजील

भारत को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहता है शरजील इमाम, पूछताछ में माना- वीडियो से नहीं हुई छेड़छाड़

शरजील ‘एक प्रेम कथा’: आतंकी जाकिर मूसा की तरह शरजील इमाम को भी जानेमन ने ही करवाया गिरफ्तार

कोरोना वायरस के केंद्र से 324 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुँचा विमान, पाकिस्तानियों पर ‘बेरहम’ इमरान सरकार

कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे चीन के वुहान में फँसे 324 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विशेष विमान दिल्ली पहुँच गया है। चीन से उड़ान भरने के बाद विमान सुबह 7:30 बजे दिल्ली के IGI-T3 हवाई अड्डे पर उतरा। सभी लोग कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में फँसे हुए थे। बता दें कि एयर इंडिया का यह विमान शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) की दोपहर चीन के वुहान शहर से भारतीयों को वापस लाने के लिए दिल्ली से वुहान के लिए रवाना हुआ था। 

इस विमान में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 5 डॉक्टरों की टीम भी मौजूद थी। इसके अलावा विमान में पैरा मेडिकल स्टाफ भी था, जिसके पास जरूरी दवाइयाँ, मास्क, ओवरकोट और पैक किया हुआ भोजन था। इसके अलावा इंजीनियर्स और सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम भी इस फ्लाइट में मौजूद थी।

चीन से भारत पहुँचने वाले लोगों की देखभाल के लिए भारतीय सेना ने बड़ी तैयारी की है। लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट से छावला और हरियाणा के मानेसर ले जाया जाएगा। इन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और इंडियन आर्म फोर्स मेडिकल सर्विसेज के भवन में रखा जाएगा। जाँच के दौरान अगर कोई नागरिक संदिग्ध पाया गया तो उसे दिल्ली स्थित वॉर्ड में शिफ्ट किया जाएगा। 

आईटीबीपी  (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) ने संक्रमित भारतीयों को मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सेवा देने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है। चीन से भारत पहुँचे यात्रियों को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में आईटीबीपी केंद्र में 14 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के इस केंद्र में बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहाँ चीन के वुहान शहर से आने वाली भारतीय फैम‍िली को रखा जाना है। इस जगह पर क्वालीफाइड डॉक्टरों की टीम लोगों में फैले कोरोनावायरस के इन्फेक्शन पर नजर रखेगी।

जानकारी के मुताबिक हुबेई प्रांत में करॉना वायरस का सबसे अधिक असर देखा गया है। वुहान हुबेई प्रांत की राजधानी है और इस प्रांत में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 700 है। चीन में मौजूद बाकी लोगों को लाने के लिए एयर इंडिया के दूसरे विमान को आज वुहान भेजा जा सकता है। वहीं, चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आँकड़ा बढ़कर 259 पहुँच गया है। जबकि इसके 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं।

वहीं पाकिस्तान ने वुहान में फँसे छात्रों को वहाँ से निकालने से मना कर दिया है। यहाँ वुहान में कोरोना वायरस की चपेट में आए पाकिस्तानी छात्रों के एक समूह ने इमरान खान सरकार से उन्हें वहाँ से निकालने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान सरकार ने वायरस के खतरे के डर से उन्हें चीन से निकालने से मना कर दिया है।

पाकिस्तान कोरोना वायरस के डर से चीन में फँसे अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकालेगा, रोकी उड़ान

उइगर मुस्लिमों पर किया अत्याचार, इसलिए चीन का कोरोना वायरस से हुआ ये हाल: इलियास शराफुद्दीन

चीन में 41 लोगों की जान लेने वाले Corona Virus ने भारत में दी दस्तक, 11 लोगों को निगरानी में रखा गया

पत्नी को जिंदा जला डाला नईम और उसके घर वालों ने, दहेज में बाइक और ₹1 लाख की कर रहे थे माँग

हरिद्वार में निकाह के बाद दहेज की माँग पूरी ना होने पर विवाहिता को जिन्दा जलाने की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाइस्ता का निकाह छह माह पूर्व ही हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र की डोगरिला बस्ती के अहबाबनगर निवासी नईम से हुआ था। इस घटना के समबन्ध में जनवरी 30, 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई।

ससुराल पक्ष द्वारा बाइक और 1 लाख रुपए की माँग पूरी ना होने पर उन्होंने विवाहिता पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। इस घटना में पीड़ित शाइस्ता करीब पचास प्रतिशत जल गई हैं। महिला का इलाज फिलहाल देहरादून के एक निजी अस्पताल में चल रहा है जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

शादी के बाद से ही ससुराल वाले शाइस्ता पर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। वो एक लाख रुपये और बाइक की डिमांड कर रह थे। शाइस्ता ने विरोध किया तो तीन दिन पहले ससुरालियों ने शाइस्ता पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे जिंदा जला दिया।

पीड़ित शाइस्ता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने बृहस्पतिवार (जनवरी 30, 2020) को आरोपित पति नईम, सास शबनम, देवर वसीम और ननद फराह के खिलाफ हत्या के प्रयास, दहेज उत्पीड़न समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवाहिता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी हो चुके हैं। मामले की जाँच जारी है।

पटना में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान पथराव, फायरिंग और बमबाजी, गुमला में भी तनाव

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को दो गुटों की बीच हिंसक झड़प हो गई। शुरुआत सरस्वती मूर्ति के विसर्जन के लिए निकली जुलूस पर पथराव से हुई। इसके बाद फायरिंग हुई और बम भी चले। वहीं, झारखंड के गुमला में सोशल मीडिया पर मॉं सरस्वती को लेकर की गई अश्लील टिप्पणी के बाद तनाव पैदा हो गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पटना का अशोक राजपथ पर देर शाम फायरिंग और बमबाजी से अफरातफरी मच गई। पटना विश्वविद्यालय के छात्रों और लालबाग मोहल्ले के लोगों बीच जमकर संघर्ष हुआ। धमाके में पीरबहोर थाने के दारोगा मनोज कुमार जख्मी हो गए। एक सिपाही सहित कई अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। उपद्रवियों ने दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ की और दो कार को आग के हवाले कर दिया। छात्र सैदपुर, मिंटो और नूतन हॉस्टल के बताए जा रहे हैं।

बताया जाता है कि शुरुआत में बवाल देख पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। बाद में अतिरिक्त बल के साथ आईजी रेंज और एसएसपी मौके पर पहुॅंचे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स और रैफ के जवानों को तैनात किया गया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।

यह घटना जिस जगह पर हुई है उसके करीब ही सब्जीबाग है। यहॉं पिछले कई दिनों से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर ही प्रदर्शन चल रहा है। बीते महीने इससे सटे कारगिल चौक पर सीएए के विरोध में हिंसा भी हुई थी। उपद्रवियों ने पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया था। दो पुलिस बूथ, बैरिकेडिंग समेत एक दर्जन से अधिक वाहनों को फूॅंक दिया था। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को उस वक्त आंसू गैस के गोले और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

इधर, झारखंड के गुमला में भी जमकर बवाल होने की खबर है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार जिले के घाघरा प्रखंड में आक्रोशित लोगों ने दोपहर के वक्त चॉंदनी चौक के करीब सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मॉं सरस्वती की प्रतिमा को लेकर अश्लील टिप्पणी किए जाने से नाराज थे। वे आरोपित की गिरफ्तारी की मॉंग कर रहे थे। आरोपित समुदाय विशेष का बताया जा रहा है।

‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के साथ विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी, मंदिर को भी नहीं छोड़ा

देवी लक्ष्मी के विसर्जन का मुस्लिमों ने किया विरोध: भड़की साम्प्रदायिक हिंसा, कपिलवस्तु में सूरज की मौत

पाकिस्तान कोरोना वायरस के डर से चीन में फँसे अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकालेगा, रोकी उड़ान

कोरोना वायरस की चपेट में आए चीनी शहर वुहान में फँसे पाकिस्तानी छात्रों के एक समूह ने इमरान खान सरकार से उन्हें वहाँ से निकालने के लिए प्रयास करने का अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान सरकार ने वायरस के खतरे के डर से उन्हें चीन से निकालने से मना कर दिया है।

इस पर पाकिस्‍तान ने कहा है कि वह चीन में फँसे अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में फँसे पाकिस्‍तानियों में मुख्‍य रूप से छात्र हैं जो वुहान शहर में फँसे हुए हैं। वुहान चीन का वह शहर है जहाँ से यह महामारी चीन के बाकी हिस्‍सों समेत दुनियाभर के शहरों में पहुँची है।  

चीन में कोरोना वायरस के कारण अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने नेशनल हेल्‍थ सर्विस पर पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक जफर मिर्जा के हवाले से बताया है कि सरकार अपने नागरिकों को चीन के वुहान शहर से नहीं निकालेगी।

जफ़र मिर्जा ने कहा- “विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी यही चाहता है और चीन की भी ऐसी ही इच्‍छा है। हम भी इसी नीति के साथ हैं। हम पूरी एकजुटता से चीन के साथ खड़े हैं। चीन की सरकार ने इस महामारी को वुहान शहर तक सीमित रखने की कोशिश की है। ऐसे में यदि हम गैरजिम्मेदारी से काम करते हैं और अपने लोगों को वहाँ से निकालना शुरू करते हैं तो यह महामारी जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में फैल जाएगी। “

निर्भया दोषियों के वकील ने दी चुनौती, कभी नहीं होने दी जाएगी फाँसी, केजरीवाल सरकार बचा रही: माँ का आरोप

1 फरवरी को निर्भया के चारों दोषियों को होने वाली फाँसी एक बार फिर टल गई। इसके बाद निर्भया की माँ ने कड़ी नाराजगी जताई और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों के वकील ने मुझे चुनौती दी है कि इनको कभी फाँसी नहीं होगी और फाँसी की तारीख ऐसे ही आगे बढ़ती रहेगी।

कोर्ट के आदेश के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोषियों के वकील खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, कि दोषियों को कभी फाँसी नहीं दी जाएगी और ऐसे ही फाँसी की तारीख आगे बढ़ती रहेगी। इससे साफ है कि कोर्ट और सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। यह सब देखकर लगता है कि उसका महिला के रूप में जन्म लेना एक गुनाह था। इतना ही नहीं फाँसी टलने से निराश निर्भया की माँ मीडिया से बात करते-करते रो पड़ीं।

उन्होंने कोर्ट की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैं सुबह 10 बजे से कोर्ट रूम में बैठी रही, लेकिन फैसला दोपहर बाद सुनाया गया। जब कोर्ट को दोषियों को राहत देते हुए फाँसी की तारीख टालनी ही थी तो कोर्ट ने यह फैसला तभी क्यों नहीं सुनाया। इससे साफ है कि दिल्ली सरकार (केजरीवाल) और कोर्ट भी दोषियों की फाँसी को टालना चाहते हैं, लेकिन मैं दोषियों को फाँसी दिला कर रहूँगी और इसके लिए मैं आख़िरी साँस तक लड़ूँगी।

आपको बता दें कि निर्भया के दोषियों के वकील ने एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर रोक लगाने के लिए पटियाला हाउस अदालत में एक याचिका दायर की थी। दोषियों के अधिवक्ता एपी सिंह की तरफ से दायर याचिका पर अदालत ने तिहाड़ प्रशासन को नोटिस जारी किया था, जिसमें वकील एपी सिंह ने कहा था कि फाँसी पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा देनी चाहिए। क्योंकि अभी दोषियों के लिए कानूनी उपाय बाकी हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार किसी अपराध के लिए जब दोषियों को एक साथ डेथ वारंट जारी होता है, तो उन्हें फाँसी भी एक ही साथ देनी पड़ती है। भले ही इस मामले में मुकेश के लिए सारे रास्ते बंद हो चुके हैं, लेकिन अन्य तीन दोषियों के पास अभी कानूनी उपाय बचे हैं। ऐसे में निर्भाया के दोषियों को 1 फरवरी को फाँसी देना अब संभव नहीं हो सकता।