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CAA पर हमने कुछ गलत नहीं किया, हमें फ्रंट फुट पर रहना चाहिए: NDA की बैठक में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (जनवरी 31, 2020) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि CAA पर हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि हमको फ्रंटफुट पर और आक्रामक रहना है। बैठक में उन्होंने कहा कि CAA से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि नागरिकता देने के लिए यह लाया गया है।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि CAA के मुद्दे पर कुछ लोग भड़काने का काम कर रहे हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस देश के मुस्लिमों का भी देश पर उतना ही हक और कर्तव्य है जितना बाकियों का है।

प्रधानमंत्री ने संसद के बजट सत्र के दौरान आक्रामक रूप से CAA पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक अन्य नागरिकों की तरह ही हमारे अपने हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) नेता रामविलास पासवान ने कहा कि एनडीए बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव में पीएम मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्वास जताते हुए कहा गया कि एनडीए चट्टान की तरह उनके पीछे खड़ी है।

इस प्रस्ताव में कहा गया कि नागरिकता कानून के जरिए गाँधी जी के सपने को साकार किया गया है। यह प्रस्ताव रामविलास पासवान ने पेश किया था। प्रस्ताव में बोडो समझौता, धारा 370, नागरिकता कानून आौर करतारपुर का जिक्र किया गया है।

शाहीन बाग आंदोनल को खड़ा करने में शरजील ने निभाई अहम भूमिका, गिरफ्तारी पर नहीं कोई अफ़सोस

देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाला विवादिल भाषण देकर चर्चा में आए शरजील इमाम ने पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा किया है। पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरने में शरजील ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं शरजील इसके बाद देश के 15 छोटे-छोटे शहरों में भी इसी तरह के आंदोलन खड़ा करने की योजना बना रहा था।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में बिहार निवासी शाहीन बाग मास्टरमाइंड शरजील इमाम की देश के खिलाफ जितनी जहरीली बातें हैं, उससे कहीं अधिक जहरीले उसके इरादे हैं। पुलिस कस्टडी में चल रहे शरजील ने पूछताछ में बताया कि वह 13 और 15 दिसंबर को शाहीन बाग गया था, जिसने सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में आंदोलन को खड़ा करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस शरजील को कई स्थानों पर पुष्टि कराने के लिए ले गई। अब पुलिस इस बात की जाँच में जुटी है कि इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए शरजील ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था। वहीं चौकाने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर शरजील को कोई अफ़सोस नहीं है।

इतना ही नहीं शरजील ने देश को तोड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसने प्लान तैयार किया था कि सीएए के विरोध में देश के सभी प्रमुख राजमार्गों पर चक्का जाम कर दिया जाए। इससे पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसके दवाब में आकर सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले लेगी। अग़र इसके बाद भी सरकार नहीं झुकती है तो इसी मौके का फायदा उठाकर उत्तर पूर्व के सात राज्यों को अलग कर दिया जाए। इतना ही नहीं शरजील ने इन सब के लिए पहले से ही रिसर्च कर रखी थी कि कहाँ कितने प्रतिशत हिंदू और कितने प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

जामिया दिल्ली, एएमयू अलीगढ़, बिहार, पटना आदि में देश विरोधी भाषण देने वाले शरजील अपने भाषणों के जरिए ही युवाओं को बरगलाने की कोशिश करना चाहता था। पुलिस पूछताछ में शरजील ने यह भी बताया कि जामिया नगर में दिए भाषण के दौरान ही PFI के सदस्यों ने उससे संपर्क किया था। इसके बाद से दिल्ली क्राइम ब्रांच इसकी तलाश में जुट गई है कि शरजील का इस संगठन से संबंध क्या है।

बता दें कि एएमयू में सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में जेएनयू के छात्र और शाहीन बाग के मास्टरमाइंड शरजील इमाम ने देश को तोड़ने वाले भाषण दिए थे। उसने कहा था कि असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे। असम में मुस्लिमों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? CAA-NRC लागू हो चुका है वहाँ। डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं और वहाँ तो खैर कत्ले-आम चल रहा है। 6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया वहाँ, हिन्दू हो या मुस्लिम। अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपित की पहचान कर ली गई। इतना ही नहीं आरोपित के खिलाफ दिल्ली सहित कई शहरों में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से आरोपित फरार था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद बीते दिनों पुलिस ने उसको बिहार से गिरफ्तार कर लिया। 29 जनवरी को कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट ने आरोपित को 5 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गौर करने वाली बात यह कि शरजील को अपनी गिरफ्तारी पर कोई अफ़सोस नहीं है क्योंकि वह भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता था। शरजील ने यह भी स्वीकार किया कि उसके वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।

हिन्दू नाम वाले से इतनी घृणा, शरजील को किया डिफेंड? अजीत भारती का वीडियो | Ravish attacks Rambhakt

जामिया में जिस बच्चे ने गोली चलाई है, वह नाबालिग है। आम तौर पर आप देखेंगे कि पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों को उड़ाने वाले आदिल अहमद डार जैसे आदमी के साथ भी रवीश जैसा मीडिया एक अलग तरीके से ट्रीटमेंट करता है। वो कारण ढूँढने लगता है कि इसके साथ बचपन में क्या हुआ था? क्या किसी आर्मी ऑफिसर ने कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई थी?

लेकिन वही ट्रीटमेंट इस केस में बदल जाता है। यह बच्चा पिछले दो सालों से इस्लामी आतंक को देख रहा था। इसके मन पर बोझ था। चाहे वह कासगंज में तिरंगा रैली निकालने पर चंदन की मुसलमानों द्वारा गोली मारकर हत्या कर देना हो या फिर झारखंड के नीरज प्रजापति को मार डालना हो। मुसलमानों ने रॉड से हमला किया। मस्जिदों से पत्थरबाजी हो रही थी। नीरज ने सीएए के समर्थन में रैली निकाली थी।

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

ठाकरे सरकार लाएगी मुस्लिमों के लिए आरक्षण, MVA के न्यूनतम कार्यक्रम का हिस्सा: कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख

ऐसे समय में जब पूरा देश नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नागरिकता रजिस्टर (NRC) पर बहस कर रही है, महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार में मंत्री असलम शेख ने मुस्लिम आरक्षण की चर्चा छेड़ दी है।

ठाकरे सरकार के मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि महाराष्ट्र की महा विकास अगाड़ी (MVA) सरकार जल्द ही मुस्लिम आरक्षण लेकर आने वाली है। उन्होंने कहा कि यह MVA के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का एक हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिमों के लिए नौकरियों और प्रमोशन में आरक्षण शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के एजेंडे में है।

हालाँकि, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। मुंबई के अनुशक्ति नगर के विधायक ने आगे कहा- “शिवसेना सहित एमवीए के सभी तीन गठबंधन सहयोगियों ने इस मुद्दे को न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है, जिस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।”

महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन के बाद से ठाकरे सरकार लगातार अपने पुरानी छवि से समझौता करती हुई बैकफुट पर नजर आ रही है। हाल ही में शिवसेना को राहुल गाँधी के सावरकर पर दिए गए बयान पर भी चुप रहते हुए देखा गया था। हालाँकि, संजय राउत कभी-कभार अपना संयम खोते जरूर देखे गए। महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर भी ठाकरे सरकार को कॉन्ग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना पड़ सकता है।

स्कूलों के बाद बीजेपी ने दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों पर किया स्टिंग, बदहाली पर घिरे केजरीवाल

दिल्ली में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक गहमा गहमी जारी है। बीजेपी द्वारा दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर सवाल उठाने के बाद अब बीजेपी ने दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों पर एक वीडियो जारी कर उस पर सवाल उठाए हैं। इस वीडियो के खुद पार्टी आध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने ट्वविटर पर शेयर किया है।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा जारी किए गए वीडियो में लोग अपने अनुभव साझा करते हुए सुनाई पड़ रहे हैं। इसमें एक महिला यह कहते हुए सुनाई देती है कि मोहल्ला क्लीनिक में दवाएँ तो दूर न तो सुई है और न ही कोई पट्टी और बीपी चेक कराने के लिए बाहर जाने के लिए बोल दिया जाता है। वहीं दूसरे लोग कहते हुए सुनाई देते हैं कि मोहल्ला क्लीनिक अधिक समय तक बंद ही रहते हैं। इसी कारण लोग यहाँ आस-पास गंदगी फैलाते रहते हैं, जिससे ये अब मोहल्ला क्लीनिक नहीं, पेशाब घर बन चुके हैं।

इस वीडियो को जेपी नड्डा ने शेयर करते हुए केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा और कहा, “आपने हर साल 1000 मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा किया, क्लीनिक खोलना तो दूर, जो खुले हैं, उनमें न तो दवाएँ हैं और न ही कोई सुविधाएँ। आपकी ओछी राजनीति ने दिल्ली के गरीबों को सालाना 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने वाली मोदी जी की आयुष्मान भारत योजना से भी वंचित रखा।”

इस वीडियो पर गृहमंत्री अमित शाह ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “शिक्षा क्रांति के बाद अब केजरीवाल सरकार की स्वास्थ्य क्रांति की पोल खुली, क्या इममें दिल्ली का ग़रीब अपना ऑपरेशन करवाएगा। अपनी स्वार्थ पूर्ण राजनीति के लिए दिल्ली के ग़रीब को मोदी जी की आयुष्मान योजना से दूर रख उसके जीवन से खेलने का जो पाप आपने किया है उसका जवाब आपको जरूर देना होगा।”

गौरतलब है कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सत्ता में आने के बाद हर साल दिल्ली में प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक मोहल्ला क्लीनिक बनाने की बात कहते हुए 1000 मोहल्ला क्लीनिक खोलने का वादा किया था, लेकिन इस वादे को केजरीवाल पूरा नहीं कर सके। इस पर बीजेपी ने इसे केजरीवाल की ओछी राजनीति करार दिया।

बता दें कि इससे पहले भी गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदहाली, गंदे पानी, वाई-फाई, नौकरी आदि को लेकर केजरीवाल सरकार पर अपनी रैलियों में जमकर निशाना साधा था।

14 दिन की हिरासत में भेजा गया जामिया फायरिंग का नाबालिग: एग्जाम के लिए माँगी किताबें, कराई जाएगी काउंसलिंग

जामिया से राजघाट CAA विरोध मार्च में देशी तमंचे से फायरिंग करने वाले नाबालिग रामभक्त गुलशन (बदला हुआ नाम) को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से नाबालिक को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। इस दौरान छात्र की माँग को पूरा करते हुए जज ने उसे अपनी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार (30 जनवरी, 2020) को जामिया में सीएए के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक नाबालिग छात्र ने अचानक से गोली चलाकर सभी को चौंका दिया था। मीडिया कर्मियों और पुलिस कर्मियों के बीच देशी तमंचे से निकली गोली वहाँ मौजूद शादाब नाम के जामिया के एक छात्र के हाथ में लगी थी, जिसमें वह मामूली रूप से घायल हो गया था। इस दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नाबालिग को पुलिस ने शुक्रवार को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया, जहाँ से नाबालिग को 14 दिन की प्रोटेक्टिव कस्टडी में भेज दिया गया है।

पेशी के दौरान आरोपित नाबालिग ने कहा कि वो ग्यारहवीं का छात्र है इसलिए परीक्षाओं की तैयारियों के लिए उसे पुस्तकें चाहिए। मजिस्ट्रेट ने उसकी माँग को मंजूरी देते हुए उसे किताबें मुहैया करवाने के लिए आदेश दिया। जज ने नाबालिग छात्र से ट्यूशन पढ़ने के लिए भी पूछा था, जिसका नाबालिग छात्र ने कोई जवाब नही दिया। नाबालिग छात्र की सेवा कुटीर में कॉउंसललिंग भी की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी तक की पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपित नाबालिग ने 3 हजार रुपए में कैराना के एक शख्स से देसी तमंचा खरीदा था। उसने यह भी बताया कि वो जनवरी 2018 में मारे गए चंदन गुप्ता और पिछले वर्ष लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या से बहुत ज़्यादा आहत था। साथ ही वो कश्मीरी पंडितों के उत्पीड़न की सोशल मीडिया पोस्ट भी पढ़ता था, उससे भी वो आहत था और इन्हीं सब से परेशान होकर नाबालिक ने शाहीन बाग जैसे धरने को समाप्त करने के लिए कानून को हाथ में लिया।

जामिया हिंसा में शामिल एक अन्य आरोपित मुहम्मद इलियास को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

गत दिसंबर माह में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा में शामिल दंगाइयों की तलाश में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार (जनवरी, 31 2020) को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जामिया हिंसा मामले में आरोपित इलियास को गिरफ्तार कर लिया है।

ज्ञात हो कि यह गिरफ्तारी दिसंबर 13, 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास के क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में हुई है।

कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने 69 ऐसे लोगों की तस्वीरें जारी की थी, जो गत दिसंबर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जामिया नगर में CAA-विरोध को लेकर हुई हिंसा में शामिल हो सकते थे। पुलिस का कहना है कि यह तस्वीरें CCTV फुटेज और हिंसा के दौरान बनाए गए वीडियो से ली गई हैं, जिसमें ये लोग हिंसा करते दिखाई दे रहे थे।

ज्ञात हो कि गत दिसंबर 15, 2019 को जामिया नगर और नई फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई हिंसा में कम से कम पाँच बसें और सौ से ज्यादा निजी वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया था। करीब सौ से ज्यादा लोग इस हिंसा और विरोध प्रदर्शन में शामिल बताए जा रहे हैं।

SIT द्वारा करीब सौ लोगों को अब तक इस सम्बन्ध में पकड़ा जा चुका है। जिनमें से कुछ पर तोड़फोड़ को लेकर केस भी दायर किए गए हैं। पूर्व कॉन्ग्रेस नेता आसिफ मुहम्मद, जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के छात्र चंदन कुमार और स्थानीय नेता आशु खान से इस हिंसा के बारे में गत शुक्रवार को सात घंटों तक पूछताछ की गई थी।

घंटाघर लखनऊ में CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने भेजा नोटिस, खाली करने को कहा

सीएए के खिलाफ जगह-जगह हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को विरोध प्रदर्शन भारी पड़ गया। लखनऊ पुलिस ने धरने पर बैठी महिलाओं को नोटिस जारी करते हुए धरना समाप्त करने की चेतावनी दी है। वहीं इससे पहले बाल कल्याण समिति भी नोटिस जारी कर चुका है।

लखनऊ के घंटाघर पर सीएए के खिलाफ धरना दे रही करीब 80 से 100 महिलाओं को लखनऊ पुलिस ने नोटिस जारी किया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं के खिलाफ धारा-144 का उल्लंघन, यातायात बाधित और शांति व्यवस्था में खलल डालने के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। साथ ही प्रदर्शनकारी महिलाओं से जल्द से जल्द घंटाघर परिसर खाली करने को कहा गया है, अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले भी यूपी की न्यायालय बाल कल्याण समिति ने घंटाघर पर सीएए के खिलाफ बैठे प्रदर्शनकारियों को कहा था कि वे धरने में मौजूद बच्चों को वहाँ से तुरंत हटाएँ। इसके लिए अभिभावकों को नोटिस भी जारी किया था। समिति ने नोटिस में अभिवावकों से कहा था कि 18 साल की आयु से कम वाले बच्चों को धरना स्थल से तुरंत हटाया जाए, क्योंकि बच्चों की दिनचर्या में उनके बचपन, शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर अभिवावकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

सीएए के खिलाफ लखनऊ में धरने पर बैठी महिलाओं को समिति द्वारा जारी नोटिस (साभार- आज तक)

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में देश-विरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा था कि पुरुष घर में रहे रजाई ओढ़ कर सो रहे हैं और उन्होंने जानबूझ कर महिलाओं व बच्चों को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दिया है।

केजरीवाल के ट्वीट पर कुमार विश्वास ने किया तंज, कहा- जब ‘कायर-मनोरोगी’ कह रह थे, तब यह सोच कहाँ थी

पाकिस्तान के मंत्री फव्वाद चौधरी तो अक्सर अपने उल-जुलूल बयानों को लेकर चर्चा में रहते ही हैं। लेकिन, इस बार उनके ट्वीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘अपना पीएम’ कहकर अरविंद केजरीवाल भी सुर्खियों में आ गए। दरअसल, अक्सर प्रधानमंत्री पर हमलावर रहने वाले केजरीवाल का बयान देखकर उनकी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास चुप नहीं रहे और दिल्ली सीएम के प्रति भड़ास निकालते हुए उनपर तंज कस दिया। जिसके बाद जहाँ अरविंद केजरीवाल के ट्वीट को केवल 3 हजार के करीब लोगों ने रीट्वीट किया, तो वहीं कुमार विश्वास के ट्वीट पर थोड़े ही देर में 5.6 हजार रीट्वीट आ चुके हैं। धीरे-धीरे ये संख्या बढ़ रही है।

कुमार विश्वास ने दिल्ली सीएम केजरीवाल के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, “चुनाव क्या न कराए, जब इसी PM को ‘कायर-मनोरोगी’ कह रह थे तब यह भेड़िया-धर्मी विनम्रता स्वराज में डाल रखी थी? जब सेना के शौर्य के सबूत माँग कर इसी पाकिस्तान में अपनी जयजयकार करवा रहे थे, सेना के शौर्य को मेरे प्रणाम वाले वीडियो पर अमानती-गुंडा छोड़ रहे थे,तब PM क्या 2G गुप्ता थे?”

गौरतलब है कि पाकिस्तानी मंत्री ने आज ट्वीट करके पीएम मोदी पर निशाना साधा था। फव्वाद चौधरी ने सीएए पर प्रदर्शन, गिरती अर्थव्यवस्था और कश्मीर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर सवाल उठाए थे। जिसपर केजरीवाल ने जवाब देते हुए कहा था कि- “नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री है। मेरे भी प्रधानमंत्री है। दिल्ली का चुनाव भारत का आंतरिक मसला है और हमें आतंकवाद के सबसे बड़े प्रायोजकों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं। पाकिस्तान जितनी कोशिश कर ले, इस देश की एकता पर प्रहार नहीं कर सकता।”

अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद यूजर्स अलग-अलग मौक़ो पर उनके दिए बयानों का उल्लेख करते हुए कहने लगे कि अब चुनाव नजदीक होने के कारण ढोंग न करें। क्योंकि केजरीवाल ही वो शख्स है जो कल तक नरेंद्र मोदी को देशद्रोही, आतंकवादी कह रहे थे। जो पाकिस्तान पर की कार्रवाई पर सबूत माँग रहे थे। उनपर तरह-तरह के सवाल उठा रहे थे।

देश के 25 करोड़ मुस्लिमों के लिए एक और पाकिस्तान और हिन्दुस्तान को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर दीजिए: कॉन्ग्रेस नेता

कॉन्ग्रेस नेता अजय वर्मा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो भारत के समुदाय विशेष के लिए अलग से एक पाकिस्तान जैसा देश बना देने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल अजय वर्मा जी न्यूज पर टेलीकास्ट होने वाले शो ‘ताल ठोक के’ में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर बहस करते हुए कहा कि भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करने से पहले भारतीय जनता पार्टी को देश में रहने वाले सभी कथित अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान जैसा देश बना देना चाहिए।

चैनल के लाइव डिबेट के दौरान उनको कहते हुए सुना जा सकता है, “सीना दिखाइए, एक और बांग्लादेश की तरह जो देश में 20/25 करोड़ मुस्लिम आबादी हैं उनके लिए एक और पाकिस्तान बना दीजिए और हिन्दुस्तान को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर दीजिए।” 

कॉन्ग्रेस नेता अजय वर्मा की भारत तोड़ने की इस टिप्पणी पर न्यूज एंकर और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता कि इस भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना की। इसके बाद ट्विटर यूजर ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या कॉन्ग्रेस सच में ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहती है।

उल्लेखनीय है कि शाहीन बाग में चल रहे CAA विरोधी प्रदर्शन का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने शुक्रवार (24 जनवरी, 2020) को कहा था कि दिल्ली के लोगों को यह तय करने की जरूरत है कि वे जिन्ना वाली आजादी चाहते हैं या भारत माता की जय। जावडे़कर ने आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर अल्पसंख्यकों के दिमाग में जहर घोलने का भी आरोप लगाया था।

बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में ‘जिन्ना वली आज़ादी ’के नारे लगाए गए थे। ये नारे शाहीन बाग के विरोधियों की मंशा की तरफ इशारा किया था, जो कि देश तोड़ना चाहते हैं। शाहीन बाग पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी कहा कि शाहीन बाग में आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस, जो 2019 लोकसभा का चुनाव नही जीत पाईं, वो देश को तोड़ने की बातों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है। वहाँ देश विरोधी व संविधान विरोधी नारे लग रहे हैं। देश को बाँटने की बात की जा रही है। ये राजनीतिक दल 2019 के चुनाव में मिली हार को पचा नहीं पा रहे हैं। बता दें कि शाहीन बाग में कई हिंदू विरोधी पोस्टर भी लगाए गए।