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UP में BJP की साजिश और हरियाणा में कॉन्ग्रेस के दुष्प्रचार से बसपा एक भी सीट नहीं जीती: मायावती

उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। बीजेपी ने 11 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं समाजवादी पार्टी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है। बसपा और कॉन्ग्रेस का खाता भी नहीं खुला। बसपा को इस चुनाव में करारी हार मिली है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस हार का ठीकरा भारतीय जनता पार्टी के सिर पर फोड़ा। मायावती ने यूपी में अपनी पार्टी की हार को छिपाने के लिए BJP पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया।

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले बीएसपी के लोगों का मनोबल गिराने के षडयंत्र के तहत बीजेपी द्वारा इस उपचुनाव में सपा की कुछ सीटें जिताने और बीएसपी को एक भी सीट नहीं जीतने देने को पार्टी के लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं। वे इनके इस षडयंत्र को फेल करने के लिए पूरे जी-जान से जरूर जुटेंगे। मायावती ने इसे बीजेपी की साजिश बताई है।

वहीं बसपा सुप्रीमो ने हरियाणा में मिली शिकस्त का इल्जाम कॉन्ग्रेस पर लगाते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस ने अपने स्वार्थ के लिए मत विभाजन के भय का खूब प्रचार किया जिससे बसपा के परम्परागत वोटरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन अन्य मतदाता जरूर भ्रमित हो गए। मायावती ने ट्वीट कर यह कहने की कोशिश की कि कॉन्ग्रेस के झूठे प्रचार करके लोगों को बरगलाया इसीलिए कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन पिछली बार से अच्छा रहा।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “हरियाणा की जनता भी बीजेपी सरकार के कुशासन से काफी दुःखी व त्रस्त थी और इनसे मुक्ति चाहती थी। लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने स्वार्थ के लिए जनता में वोटों के बँटने के भय को खूब प्रचारित किया। इससे बीएसपी के समर्पित वोटर तो कतई नहीं डिगे परन्तु अन्य वोटर जरूर भ्रमित हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि बीएसपी इस बार हरियाणा विधानसभा आमचुनाव में सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी, हालाँकि बीएसपी को पिछली बार से ज्यादा वोट मिले हैं।”

गौरतलब है कि हरियाणा चुनाव में हरियाणा विधानसभा चुनाव में किसी की पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। लेकिन 40 सीटें जीतकर बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। कॉन्ग्रेस को 31 सीटों पर सफलता हासिल हुई। 

महाराष्ट्र नतीजे: शिव सेना दिखा रही तेवर, गठबंधन पर बादल, बागी समर्थन तलाश रहे फडणवीस

कल (गुरुवार, 24 अक्टूबर, 2019 को) पहले रुझान आने पर बैकफुट पर जाते दिख रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जहाँ 24 घंटे बाद सरकार बनाने को लेकर लगभग आश्वस्त दिख रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र में आसान लगने वाली राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राह रातों-रात मुश्किल हो गई है।

कल ही महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के लिए मुश्किलें तब दिखनीं शुरू हो गईं थीं जब पता चला कि कद्दावर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रहे गोपीनाथ मुंडे की विरासत और विधानसभा सीट फडणवीस सरकार की मंत्री रहीं पंकजा मुंडे के हाथ से छिटक कर उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे के हाथ में चली गई है। राज्य की फडणवीस सरकार के कुल 8 मंत्री विधानसभा लौटने का जनादेश पाने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा फडणवीस के खुद के ‘घर’ और गढ़, और भाजपा के पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दुर्ग, नागपुर में भी भाजपा को लगभग आधी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।

हालाँकि, अगर आँकड़ों में देखें तो अभी भी भाजपा और शिवसेना का गठबंधन बड़े आराम से बहुमत के लिए ज़रूरी 145 के आँकड़े के पार दिख रहा है, लेकिन शिवसेना ने साफ़ कर दिया है कि वह भाजपा से और दबने वाली नहीं है।

शिव सेना के मुखपत्र सामना में आज के सम्पादकीय में विधानसभा नतीजों की जो समीक्षा है, उससे दिवंगत बाला साहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे की भगवा पार्टी का रुख स्पष्ट है। सामना के मुताबिक यह जनादेश कोई “महा जनादेश” नहीं है। यह उनके लिए सबक है जो “सत्ता की मद में चूर” हैं। सामना में शिव सेना ने यह भी कहा है कि इस जनादेश ने वह ग़लतफ़हमी भी दूर कर दी कि चुनाव जीतने का रास्ता दल बदल की इंजीनियरिंग करना और विपक्षी पार्टियों को तोड़ना है।

एक तरफ उद्धव ठाकरे भाजपा पर दूसरे दलों में दल बदल कराने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देवेंद्र फडणवीस चुनावी नतीजों का ठीकरा भाजपा के ही बागियों के सर फोड़ने में जुटे हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने उनके हवाले से दावा किया है कि भाजपा और गठबंधन को नुकसान कॉन्ग्रेस और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के विपक्षी गठबंधन यूपीए से कम हुआ है, अपने बागियों के चलते अधिक हुआ है।

उनका दावा है कि 15 बागियों से वह बातचीत कर रहे हैं, और उन्हें वे जल्दी ही भगवा खेमे में लौटा लाएँगे। अगर वे ऐसा कर ले जाते हैं, तो न केवल भाजपा की शिव सेना पर निर्भरता घट जाएगी, बल्कि शिव सेना के लिए उस समय गठबंधन छोड़ने का औचित्य समझाना मुश्किल हो जाएगा जब बागी भी भाजपा में लौटने लगे हैं।

हत्यारे अशफाक का ऑडियो सुनिए, क़त्ल के बाद भी बाप-बीवी को गम नहीं, कहा ‘अल्लाह अच्छा करेगा तेरा’

कमलेश तिवारी हत्याकांड में हत्यारोपित अशफाक का उसकी बीवी के साथ बात करते हुए ऑडियो वायरल हुआ है। हालाँकि, इस ऑडियो वायरल की खबर पहले भी मीडिया में आ चुकी है, लेकिन उस समय इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई थी।

इस ऑडियो में अशफाक को उसकी बीवी और पिता से बात करते हुए स्पष्ट सुना जा सकता है। जिससे पता चलता है कि मामले की पूरी जानकारी होने के बाद भी अशफाक की बीवी और पिता उसका साथ देने को हर तरह से तैयार थे।

इस ऑडियो में हत्यारे के पिता-बीवी दोनों लगातार अशफाक से गुजरात आने की गुजारिश करते सुनाई पड़ रहे हैं। लेकिन अशफाक कह रहा है कि गुजरात आना उसके लिए पॉसिबल नहीं हैं।

ऑडियो में हुई बातचीत के अंश-

अशफाक की पत्नी- हेलो
अशफाक- अस्सलाम वालेकुम!
पत्नी- वालेकुम अस्सलाम….कहाँ हो मेरी जान कहाँ हो?
अशफाक- हम लोग कल लखनऊ पहुँच जाएँगे…पापा को बोल दो।
पत्नी- लेकिन तुम वहाँ क्यों जा रहे हो? यहाँ आ जाओ न।
अशफाक- वहाँ जाना पड़ेगा।
बीवी- हाँ तो ठीक है न हम यहाँ से प्रोसेस करेंगे तुम्हारे लिए, तुम प्लीज यहाँ आ जाओ न
अशफाक- पॉसिबल ही नहीं है… पापा है?
बीवी- क्यों नहीं है पॉसिबल? हाँ है पापा… बात करोगे? लो बात करो।
पिता- अस्सलाम वालेकुम बेटा!
अशफाक-वालेकुम अस्सलाम!
पिता- बेटा तू यहाँ कुछ भी करके आजा… अल्लाह अच्छा करेगा, तेरा भी अच्छा करेगा, तू नहीं आ सकता तो हमे बोल दे… हम आकर ले जाएँगे तुझे।
अशफाक- हाँ तो, हम लोग अभी शाहजहाँपुर जा रहे हैं, वहाँ से कल हम लोग लखनऊ जाएँगे।
पिता- न बेटा, वहाँ मत जाओ बेटा। इस तरफ आ जाओ। उन लोगों ने हमको बोला है बेटा। हम अहमदाबाद उनके यहाँ हो आए हैं। खाली उन्होंने बोला तू यहाँ आजा।
अशफाक- किसके यहाँ?
पिता- एसटी… एटी… (लड़खड़ाते हुए… पीछे से बीवी बोलती है एटीएस)… हाँ बेटा सब प्रोसिजर कर आए। तू चालू रख।
बीवी- हेलो
अशफाक-बाद में फोन करता हूँ, ये दूसरे का फोन है।
बीवी- करोगे न फोन?
अशफाक- हाँ
बीवी- तुम अच्छे हो न?

अशफाक- हाँ, अल्लाह का शुक्र है।

यहाँ बता दें कि हत्या को अंजाम देने के बाद अशफाक का ये ऑडियो उसके और उसकी बीवी के बीच हुई बातचीत का एक छोटा-सा अंश है। हत्याकांड की जाँच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया है कि अशफाक लगातार अपने घरवालों से अलग-अलग नंबरों से बात कर रहा था। जिसके कारण ही गुजरात एटीएस ने उसकी पत्नी का फोन सर्विलांस पर लगवा दिया था और लगातार उसकी कॉल डिटेल्स चेक की जा रही थी। अशफाक के घरवालों को मुठभेड़ के नाम से डराया गया था। जिसके बाद उसके पिता और बीवी ने अशफाक का फोन आते ही उससे गुजरात आने की गुजारिश की।

ऑडियो में कई बार ‘प्लीज’ शब्द को सुना जा सकता है, जिससे पता चलता है कि अशफाक की करतूत सामने आने के बाद भी उसके पिता-बीवी का मोह उससे नहीं छूटा था। वे उसे सब ठीक कर देने के नाम का लगातार आश्वासन दे रहे थे और बता रहे थे कि उन दोनों को यूपी में खतरा है।

इस पूरी ऑडियो को आप नीचे यूट्यूब लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं:


मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, सुनवाई 5 नवम्बर को

समाज सुधार की श्रृंखला में एक नया अध्याय जुड़े इसके लिए इस्लामिक बेड़ियों में जकड़ी महिलाओं को उनके मस्जिद जाने जैसे सामान्य अधिकार के लिए शुक्रवार को उच्चतम न्यायलय ने मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश सम्बन्धी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। इस याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस ए नज़ीर की पीठ ने मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश देने के अनुरोध पर केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।

बता दें कि रूढ़िवादी इस्लामिक मान्यता को चुनौती देने वाली इस याचिका को दायर करने वाले यास्मीन जुबैर अहमद पीरजाद खुद भी इस्लाम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। जुबैर ने मौलिक अधिकारों के हनन की बात को आधार बताते हुए अपनी याचिका दायर की है। इसमें जुबैर अहमद ने सरकारी अधिकारियों और वक्फ बोर्ड जैसे मुस्लिम निकायों को मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने का अनुरोध किया है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 5 नवम्बर को होनी है।

भारत में महिलाओं की स्थिति को लेकर लम्बे समय से गंम्भीर विमर्श होता रहा है। उनकी स्थिति को सुधारने के लिए कभी सरकार, तो कभी समाज ने आगे आकर अपने दायित्व को निभाया है। मगर महिलाओं में भी एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो शरीयत जैसी मान्यताओं के बंधन की वजह से अपने मूल अधिकारों से पूर्णतः वंचित हैं, यह आबादी दरअसल उन मुस्लिम महिलाओं की है जिन्हें इस्लामिक मान्यताओं तले हमेशा शोषित और पीड़ित बनाकर ही रखा गया है। देश में अक्सर यह बहस उठती है कि महिलाओं को मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति देकर उन्हें उनका उचित सम्मान क्यों नहीं दिया जाता जिसकी वह हकदार हैं।

बता दें कि इस्लाम में शरीयत के हिसाब से कोई भी महिला दरगाह, कब्र या मस्जिद में प्रवेश नहीं कर सकती। मुंबई के हाजी-अली दरगाह मामले में इस मुद्दे को लेकर देश पहले ही काफी बहस देख चुका है।

‘आदिवासियों की जमीनें गलत तरीके से खरीदी’ – पूर्व CM सोरेन और परिवार के खिलाफ जाँच आदेश

पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा अवैध तरीके से सीएनटी एक्ट के दायरे में आने वाली जमीन की खरीदारी के मामले की अब जाँच होगी। भाजपा के राज्यसभा सदस्य समीर उरांव समेत अन्य नेताओं की ओर से दिए गए शिकायती पत्र के बाद मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है। गुरुवार (अक्टूबर 24, 2019) को राज्य सरकार ने इस संबंध में राँची, जमशेदपुर और बोकारो के उपायुक्तों को आदेश दिया।

झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले भाजपा की रघुवर दास सरकार ने सोरेन परिवार पर शिकंजा कस दिया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व भाजपा के राज्यसभा सदस्य समीर उरांव ने मुख्य सचिव से मिलकर इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में उन्‍होंने सोरेन परिवार द्वारा आदिवासियों की जमीनें गलत तरीके से खरीदने की बात कही थी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कई बार खुले मंच से सीएनटी और एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन खरीदने के आरोप सोरेन परिवार पर लगाए हैं। रघुवर दास ने शनिवार (12 अक्टूबर) को जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर प्रदेश को लूटने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता अफ़वाह फैलाकर आदिवासी समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता भी लगातार इस मामले को लेकर झामुमो अध्यक्ष और उनके परिवार पर तीखे बयान देते रहे हैं।

वहीं, सरकार द्वारा दिए गए जाँच के आदेश पर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना है कि जाँच के आदेश निंदनीय हैं। उन्होंने कहा, “यह भाजपा के विरोधियों को डराने के लिए है। उन्होंने देश भर में ऐसा ही किया है। हालाँकि, हम डरने वाले नहीं हैं और इससे हमारी चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

AAP सदस्य जसलीन कौर का सर्वजीत पर छेड़छाड़, अश्लीलता का आरोप झूठा, कोर्ट ने किया बरी

2015 में AAP सदस्य जसलीन कौर द्वारा दिल्ली ट्रैफिक सिग्नल पर उत्पीड़न, अश्लील टिप्पणी और छेड़छाड़ के आरोपित सर्वजीत सिंह को आखिरकार अदालत ने बरी कर दिया है। सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से यह ख़बर शेयर की और उन लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उस पर विश्वास किया और उसके साथ खड़े रहे, जब पूरे सोशल मीडिया ने उसे कौर के शब्दों के आधार पर अपराधी घोषित कर दिया था।

एक्टिविस्ट दीपिका भारद्वाज ने सर्वजीत सिंह के पोस्ट को शेयर किया और कहा कि सर्वजीत को अदालत ने चार साल की लंबी सुनवाई के बाद सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

सर्वजीत सिंह पिछले चार साल से ट्रायल कोर्ट में पेश हो रहे थे। जसलीन कौर तीन साल तक ट्रायल में पेश नहीं हुईं। जसलीन ने 14 मुक़दमों की तारीखों के बाद पिछले साल दिसंबर में कोर्ट में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराई। इसके लिए उन्होंने तर्क दिया था कि वह कनाडा में ‘अकादमिक ज़िम्मेदारियों’ के चलते कोर्ट में हाज़िर नहीं हो सकीं।

क्या था मामला

23 अगस्त, 2015 को दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज की छात्रा और AAP सदस्य जसलीन कौर ने ट्रैफिक सिग्नल पर सिंह की एक तस्वीर पोस्ट की थी और दावा किया था कि सिंह ने उन पर अश्लील टिप्पणी करने के साथ-साथ फ़ोटों न क्लिक करने की धमकी दी थी।

कौर का यह फेसबुक पोस्ट कुछ ही घंटों के भीतर वायरल हो गया। हालाँकि, सर्वजीत सिंह ने कौर की फ़ोटो पर वायरल पोस्ट में ख़ुद की पहचान बताने वाली टिप्पणी की थी और कहा था कि वह निर्दोष है क्योंकि धमकी देने वाली ख़ुद जसलीन थी जिसने उसे तब धमकी दी थी जब उसने ट्रैफिक सिग्नल को पार करने के लिए जसलीन के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया था।

इस मामले में सिंह को जल्द ही पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया। इस मामले को एक उदाहरण के तौर पर यह कहकर ख़ूब उछाला गया कि दिल्ली की लड़कियों को हर दिन कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जसलीन के इस कारनामे पर सेलिब्रिटी और राजनेताओं ने एक बहादुर युवा महिला के रूप में उन्हें ख़ूब बधाइयाँ दी। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी जसलीन की सराहना की थी।

अरविंद केजरीवाल का ट्वीट, साभार: इंडिया टुडे

रातों-रात कौर एक सेलिब्रिटी बन गईं। इंडिया टुडे की ख़बर के अनुसार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कौर को उनकी ‘बहादुरी’ के लिए इनाम देने की घोषणा की थी।

चश्मदीद का दावा

सर्वजीत की गिरफ़्तारी और चश्मदीद गवाहों की जाँच के तुरंत बाद, मामला ठंडा होने लगा। घटना-स्थल पर मौजूद विश्वजीत सिंह ने बताया कि सर्वजीत निर्दोष था और वास्तव में, जसलीन जिसने सर्वजीत के साथ मौखिक रूप से दुर्व्यवहार और ग़लत व्यवहार किया था। कौर ने फिर से सोशल मीडिया पर दावा किया कि वह सही थीं और चश्मदीद गवाह झूठ बोल रहा है।

परीक्षण

लंबे समय से सर्वजीत सिंह ने उत्पीड़न का शिकार रहा। 2016 में, उन्होंने सोशल मीडिया फिर से एक पोस्ट के माध्यम से लोगों से अपील की। इसमें उन्होंने विवरण देते हुए कि लिखा कि किसी व्यक्ति पर उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाना कितना आसान होता है और एक व्यक्ति दोषी न होते हुए भी दोषी बन जाता है। दूसरे व्यक्ति का सिर्फ़ उसके लिंग के आधार पर किसी का उत्पीड़ित करना ग़लत है।

अपने विवरण में सिंह ने यह तक लिखा कि इस उत्पीड़न मामले में उनका चेहरा इतना बदनाम हो गया था कि उन्हें कई नौकरियाँ तक गँवानी पड़ीं। साथ ही एक यह मानसिक प्रताड़ना थी कि वो पुलिस को बिना बताए दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते थे।

मीडिया प्रचार और परिणाम

लगभग सभी मीडिया चैनल ने एक विकृत और अपराधी के रूप में सर्वजीत को दिखाया। सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी जसलीन के पोस्ट और अन्य संबंधित पोस्ट को बड़े धड़ल्ले से शेयर किया, इससे लोगों के मन में सर्वजीत की ख़राब छवि बन गई। जैसे-जैसे सच्चाई सामने आने लगी, वैसे-वैसे उन मीडिया चैनल्स की भी सच्चाई सामने आने लगी, जिन्होंने सर्वजीत सिंह का ग़लत चित्रण किया। टाइम्स नाउ को भी आदेश दिया गया था कि वह एनबीएसए द्वारा अदालतों के समक्ष दोषी के रूप में सर्वजीत को ग़लत तरीके से पेश करने के मामले में लगातार कवरेज के लिए माफी माँगे और ज़ुर्माना अदा करे।

सेब ले जाने आए दो ट्रक ड्राइवरों की आतंकियों ने की नृशंस हत्या: प्रतिबन्ध हटते ही कश्मीर में जिहाद जारी

जम्मू कश्मीर में संचार माध्यमों की बहाली के बाद से जारी दहशत और खूँरेजी का दौर बदस्तूर जारी है। जिहादी आतंकियों ने कश्मीर के शोपियाँ इलाके में कश्मीर से सेबों का ट्रांसपोर्टेशन करने आए दो ट्रक ड्राइवरों की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी है। यही नहीं, उनके ट्रकों को भी आग के हवाले कर दिया गया है। एक तीसरा ड्राइवर भी उसी हमले में घायल हो गया है।

यह ताज़ा हमला तीन दिनों के अंदर कश्मीर में हत्या की तीसरी घटना है। इस्लामी आतंकवादियों ने इसके पहले एक फल बागान से ट्रक लेकर जा रहे राजस्थान के आदमी और एक मजदूर की भी हत्या की थी। इसके अलावा शोपियाँ में ही पिछले हफ्ते जिहादियों ने एक सेब विक्रेता की भी गोली मारकर जान ले ली थी

जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि ये हत्याएँ जिहादियों की हताशा से उपजीं हैं। वे कश्मीर घाटी में फलों के ट्रांसपोर्टेशन के ज़ोर पकड़ने से बौखला गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, “यह (दो ट्रक ड्राइवरों की हत्या का मामला) एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वे ट्रक ड्राइवर इलाके के अंदरूनी हिस्से में बिना सुरक्षा बलों को सूचना किए चले गए थे।” पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि मारे गए ड्राइवरों की लाशें पुलिस ने बरामद कर लीं हैं, और एक अन्य घायल को इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। पुलिस टीमें आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए कोशिशों में लगा दी गईं हैं

मारे गए ड्राइवरों में से एक की पहचान राजस्थान के अलवर निवासी मोहम्मद इलियास के रूप में हुई है। दूसरे मृत ड्राइवर की पहचान पता करने की कोशिश हो रही है। इसके अलावा घायल ड्राइवर की शिनाख्त पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले जीवन के रूप में हुई है।

पुलिस के सूत्रों के अनुसार जिहादी जम्मू कश्मीर में राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को निशाना इसलिए बना रहे हैं ताकि उनमें डर बिठाया जा सके। इससे वे राज्य की व्यापर व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।

जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। साथ ही राज्य का पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म कर उसे विधानसभा युक्त केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। लेकिन उससे लद्दाख को अलग कर दशकों पुरानी माँग के मुताबिक उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। उसके बाद इसी तरह के जान माल के नुकसान से बचने के लिए सरकार ने मोबाइल व्यवस्था बंद कर रखी थी जिसे हाल ही में पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए चालू किया गया था।

हरियाणा में खट्टर की सरकार बननी तय! 5 से बढ़कर अब 7 निर्दलीय विधायक समर्थन में

हरियाणा चुनाव में खुद बहुमत से दूर रहने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने के लगातार करीब पहुँचती जा रही है। कल देर रात रानिया सीट से निर्दलीय विधायक और ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई रणजीत सिंह चौटाला ने समर्थन का ऐलान कर ही दिया था। उनके अलावा 4 और निर्दलीय भारतीय जनता पार्टी और मनोहरलाल खट्टर के समर्थन में दिख रहे थे। अब 46 के पूर्ण बहुमत की जरूरत के लिए भाजपा को 2 और विधायकों का समर्थन मिलता दिख रहा है, और खुद भाजपा की 40 सीटें तो हैं ही।

निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा को मिलाकर अब भाजपा के पास 47 विधायक हो गए है। आज तक की खबर के हिसाब से सातों निर्दलीय विधायकों ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी से मुलाकात कर भाजपा को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा 5 अन्य विधायक कल रात नड्डा और हरियाणा भाजपा के प्रभारी एवं महासचिव अनिल जैन से मिले थे, जिनमें रणजीत सिंह चौटाला भी शामिल थे।

अब भाजपा को समर्थन करने वाले 7 विधायकों की सूची कुछ ऐसी है:

1) रणधीर गोलन- पुंडरी

2) बलराज  कुंडू- महम

3) रणजीत सिंह- रानियां

4) राकेश दौलताबाद- बादशाहपुर

5) गोपाल कांडा – सिरसा

6) सोमवीर सांगवान- दादरी

7) धर्मपाल गोंदर- नीलोखेड़ी

आपको बता दें कि रानिया से जीते रणजीत सिंह 31 साल बाद एक बार फिर से विधानसभा की सीढ़ियाँ चढ़ेंगे। रणजीत सिंह का एक वीडियो सामने आया है। इसमें रणजीत सिंह कहते हैं, “मैं बीजेपी को अपना समर्थन दे रहा हूँ। मैं रानिया विधानसभा से एमएलए चुनकर आया हूँ। मैं मोदी जी की नीतियों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी को अपना समर्थन दे रहा हूँ।”

हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला ने भी कहा था कि निर्दलीय विधायक बीजेपी के साथ हैं और राज्य में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में बीजेपी फिर से सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा, “जनता का जनादेश बीजेपी को मिला है। हालाँकि इस बात की हम समीक्षा भी करेंगे कि हमें इस बार पिछली बार की तुलना में सात सीटें कम क्यों मिलीं। पार्टी और मुझे स्वयं इस चुनाव के परिणामों से सीखने को मिलेगा। हम राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए कदम उठाएँगे।” वहीं सरकार बनाने की बात पर उन्होंने कहा, “हरियाणा के निर्दलीय विधायक बीजेपी के साथ हैं। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में सरकार बनेगी। वो आज चर्चा के लिए दिल्ली आ रहे हैं।”

Pak से लौटे मैकेनिक अबरार के पास हुई अरबों की संपत्ति, दाव-ए-इस्लाम का करता है भारत में प्रचार

उत्तरप्रदेश के बिजनौर में 5 साल पहले तक मोटर बाइंडिंग का काम करने वाले मैकेनिक अबरार नाम के शख्स के ख़िलाफ जाँच करने के लिए पुलिस ने ईडी को पत्र लिखा है। दरअसल, अबरार को लेकर पुलिस ने अपनी जाँच में पाया है कि उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध हैं और उसके संबंध पाकिस्तान के एक मज़हबी संगठन से हैं। पुलिस का कहना है कि अबरार इस संगठन का भारत में चोरी-छिपे प्रचार प्रसार करता है और अब तक हैसियत से ज्यादा धन अर्जित कर चुका है। उसके नाम कई अरबों की बेनामी संपत्ति का भी पुलिस को मालूम चला है

43 वर्षीय अबरार धामपुर के गाँव हर्रा का रहने वाला है। जिसके कारण धामपुर के सीओ महावीर सिंह रजावत और अभिसूचना ईकाई ने अबरार की जाँच की है। इस पूरी जाँच में खुलासा हुआ है कि केवल 4-5 साल के अंदर अबरार ने सैकड़ों गुणा संपत्ति अपने नाम कर ली है। जो उसकी हैसियत से भी ज्यादा है। जाँच में पुलिस ने बताया है कि अबरार के पास अरबों रुपए की बेनामी संपत्ति भी है। जो कि उसके पाकिस्तान से लौटने के बाद बढ़ी।

पुलिस के अनुसार अबरार कुछ समय पहले पाकिस्तान गया था और वहाँ एक मज़हबी संगठन दाव-ए-इस्लाम से जुड़ गया। इसके बाद अबरार की संपत्ति में अथाह बढ़ोतरी हुई। अब पुलिस चाहती है कि ईडी आरोपित के ख़िलाफ़ जाँच करें। इसके मद्देनजर एसपी संजीव त्यागी ने प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ को पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अबरार के ख़िलाफ़ जाँच की माँग उठाई है।

पुलिस की मानें तो उन्होंने अपनी जाँच में पाया कि अबरार संदिग्ध तौर पर पाकिस्तान आता जाता रहता है और उसके घर में भी संदिग्धों का आना-जाना है। इसके अलावा वह पाक के एक संगठन का भारत में प्रचार-प्रसार करके पैसे कमाता है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने जाँच में पाया कि अबरार ने 19 फरवरी 2014 को मोहल्ला पुराना धामपुर हुसैनपुर में 111.77 गज का प्लॉट, 5 फरवरी 2014 को 86.44 गज का प्लॉट, इसी दिन 90.63 गज का प्लॉट, 30 जून 2014 को 129.66 गज का प्लॉट, 27 जनवरी 2015 को गाँव जलालपुर हर्रा में आधा बीघा जमीन, 10 अप्रैल 2017 को 71.2 गज का प्लॉट नई बस्ती धामपुर में, 29 अगस्त 2017 को अपनी पत्नी खातूना के नाम से नहटौर मार्ग पर मौजमपुर जैतरा में 180.44 गज का प्लॉट, गाँव नसीरपुर में दस से 15 बीघा जमीन खरीदी।

इसके अलावा भी पाकिस्तान से लौटने के बाद कई अन्य सम्पत्तियाँ अबरार द्वारा खरीदी गई। जाँच के अनुसार 2019 में अबरार ने एक ट्रैक्टर और 14 लाख रुपए कीमत की हाइड्रा मशीन की भी खरीद की। इस दौरान उसने धामपुर में दोमंजिला मकान बनाया, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है।

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया है कि अबरार पाँच वर्ष पहले एक जमात के साथ पाकिस्तान गया था, लेकिन कुछ दिन बाद बाकी सभी लोग लौट आए और वो पाकिस्तान में ही रुका रहा। जब लौटा तो पाक के मज़हबी संगठन दाव-ए-इस्लाम के लिए प्रचार-प्रसार करने लगा।

यहाँ बता दें दाव-ए-इस्लाम को पाक का एक धार्मिक संगठन बताया जाता है और कहा जाता है कि वहाँ इन संगठनों की आड़ में ही आतंक का खेल चलता है। ऐसे में अब अबरार का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस उसके अन्य साथियों की जाँच करने में भी जुटी है। एसपी संजीव त्यागी ने बताया है कि अबरार के जुड़े सभी लोगों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, बाकी लोगों की भी संपत्ति की जाँच होगी।

‘भारतीयों को हमारे यहाँ आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं’ – ब्राजील राष्ट्रपति ने किया ऐलान

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने भारत और चीन के लोगों को तोहफा दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार इन दोनों देशों के पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वीजा जरूरत को खत्म करेगी। यानी अब ब्राजील जाने के लिए वीजा की भाग-दौड़ से दोनों देशों के नागरिकों को छुटकारा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने बोल्सनारो ने अपनी नीतियों को शुरू में ही स्पष्ट किया था। उन्होंने उसी दौरान कहा था कि उनकी सरकार विकासशील देशों के लिए वीजा की जरूरतों को खत्म करेगी।

लेकिन, भारत और चीनी नागरिकों के लिए ये घोषणा उन्होंने अपने बीजिंग के आधिकारिक दौरे से ठीक पहले की। बता दें कि इस योजना के अंतर्गत ये पहली बार है किसी विकासशील राष्ट्र के लिए ब्राजील ने अपने वीजा नियमों में बदलाव किया हो।

यहाँ बता दें कि इस साल की शुरुआत में ब्राजील की सरकार ने अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलिया के यात्रियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए वीजा आवश्यकताओं को समाप्त किया था, लेकिन इन देशों ने ब्राजील के नागरिकों के लिए अपनी वीजा जरूरतों को खत्म नहीं किया था।

अब भारत के नागरिकों के लिए इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट में राष्ट्रपति बोल्सोनारो से मिलेंगे। ये समिट ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में 13-14 नवंबर को आयोजित होगी। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। कहा जा रहा है प्रधानमंत्री और ब्राजील के राष्ट्रपति इस दौरान कई अहम मुद्दों पर समझौता कर सकते हैं। इससे पहले दोनों जी-20 समिट के दौरान मिले थे। जहाँ दोनों के बीच व्यापार और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने की बात हुई थी।