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‘BJP सत्ता में आती है तो देश ‘हिंदू-Pak’ में तब्दील हो जाएगा’ – शशि थरूर के ख़िलाफ़ अरेस्ट वॉरंट जारी

कोलकाता के एक मजिस्ट्रेट (मेट्रोपॉलिटियन कोर्ट) ने कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर के ख़िलाफ़ आज (अगस्त 13, 2019) अरेस्ट वॉरंट जारी किया। अदालत द्वारा ये वॉरंट शशि थरूर पर उनकी ‘हिंदू-पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी को लेकर जारी किया गया है, जिसके संबंध में वकील सुमित चौधरी ने उन पर पिछले साल केस दर्ज किया था।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई महीने में सुमित चौधरी ने कॉन्ग्रेस नेता पर मामला दर्ज कराते हुए उन पर आरोप लगाया था कि उन्हें थरूर के बयान से गहरी चोट पहुँची है, साथ ही संविधान का भी अपमान हुआ है।

सुमित चौधरी ने इस दौरान शशि थरूर के उस बयान पर शिकाकत की थी जिसमें कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा की जीत के बाद भारत को ‘हिंदू-पाकिस्तान’ बनाए जाने की बात कही थी। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि 2019 में अगर भाजपा सत्ता में आती है तो देश ‘हिंदू पाकिस्तान’ में तब्दील हो जाएगा। साथ ही इस दौरान शशि थरूर ने ये भी कहा था कि 2019 में दोबारा सरकार में आने पर भाजपा एक नया संविधान लिख सकती है, जिससे राष्ट्र पाकिस्तान बनने के मार्ग पर बढ़ जाएगा। फिर, राष्ट्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सामने करने वाला कोई नहीं होगा।

थरूर के इस बयान पर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से उन्हें माफ़ी माँगने को कहा था। साथ ही एक टूक जवाब देते हुए कहा था कि पाकिस्तान बनाने के पीछे किसी और का नहीं बल्कि कॉन्ग्रेस का ही हाथ था।

कश्मीर की लेडी ऑफिसर: एक अपनों से करा रही बात, दूसरे के कंधों पर सुरक्षा का भार

कश्मीर के हालात इन दिनों देश में चर्चा का सबसे महत्वपूर्ण मसला है। ऐसे माहौल में दो महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में हैं। एक हैं 2013 बैच की आईएएस ऑफिसर डॉ. सईद सहरीश असगर और दूसरी, 2016 बैच की आईपीएस ऑफिसर पीडी नित्य।

कश्मीर की पहली महिला आईएएस डॉ. सईद सहरीश असगर को घाटी के लोगों की उनकी परिजनों से बात कराने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पीडी नित्य को श्रीनगर के राम मुंशी बाग से लेकर हरवन दागची गाँव तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इस इलाके में न केवल डल झील और राज्यपाल का आवास आता है, बल्कि इन्हीं इलाकों में स्थित इमारतों में वीआईपी लोगों को हिरासत में रखा गया है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से सुरक्षा के लिहाज से घाटी में कई पाबंदियाँ बनी हुई हैं। इनमे फ़ोन और इंटरनेट सेवा बंद करना भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलवामा की डॉ. असगर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने से केवल चार दिन पहले ही सूचना निदेशक नियुक्त की गईं थी। कुछ दिन पहले था उनका काम लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। अब पिछले 8 दिन से उनका काम लोगों की परेशानियाँ सुनना और उसका समाधान निकालना है।

बता दें कि एक साल के बटे की माँ डॉ. सईद सहरीश असगर एमबीबीएस हैं और जम्मू में डॉक्टरी की प्रैक्टिस कर चुकी हैं। वह कहती हैं कि वह बतौर डॉक्टर मरीजों का इलाज करती थीं, लेकिन आज घाटी में उनके सामने अलग चुनौतियाँ हैं जिनसे निपटने के लिए कड़ाई और नरमी दोनों की साथ-साथ जरूरत है।

नित्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग से हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों के साथ-साथ वीवीआईपी की सुरक्षा भी देखनी होती है। जिसके कारण वह कई बार लोगों के गुस्से का शिकार हो जाती हैं। वो कहती हैं कि छत्तीसगढ़ की जिंदगी और यहाँ की उनकी जिंदगी में बहुत फर्क है। बता दें कि पीडी नित्य पहले एक सीमेंट कंपनी में मैनेजर की थीं। उन्होंने केमिकल इंजिनियरिंग से बीटेक कर रखी है। कश्मीरी और हिंदी के अलावा वह तेलुगू भी बहुत अच्छे से बोल लेती हैं।

‘तुम चोर हो, हमारा पैसा खा रहे हो’ UN की अपनी ही महिला अधिकारी पर भड़का पाकिस्तानी, देखें VIDEO

कश्‍मीर पर भारत के फैसले के बाद पाकिस्‍तान जहाँ दुनियाभर से मदद की गुहार लगा रहा है, वहीं खुद विदेशों में रह रहे पाकिस्‍तानी नागरिक भी अपने नेतृत्‍व से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्‍तान की स्‍थाई सदस्य मलीहा लोधी को उस वक्‍त शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब एक कार्यक्रम के दौरान पाक‍िस्‍तानी शख्‍स ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “तुम एक चोर हो और तुम पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने लायक नहीं हो।” सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोधी पाकिस्तानी नागरिक के सवालों के जवाब देने से बचते हुए दिखाई दे रही हैं।

दरअसल, मलीहा लोधी संयुक्‍त राष्‍ट्र के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात कर रही थीं, तभी एक पाकिस्‍तानी शख्‍स ने उनसे सवाल किया कि क्‍या उसके सवालों का जवाब देने के लिए उनके पास एक मिनट का भी वक्‍त नहीं है। इसके बाद मलीहा की तरफ से किसी जवाब का इंतजार किए बगैर वो शख्स बोलना शुरू कर देता है कि वो पिछले 15-20 वर्षों से क्‍या कर रही हैं? वो पाकिस्तान का प्रतिनिधित्‍व करने लायक नहीं हैं।

मलीहा उन्हें रोकते हुए कहती हैं कि यह सवाल पूछने का तरीका नहीं है और फिर वो बिना जवाब दिए ही वहाँ से निकलने लगीं। तभी शख्स कहता है कि वो एक पाकिस्तानी है और उसे सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। जब अधिकारियों ने शख्स को रोकने की कोशिश की तो उसने कहा, “अब लोग आप तक ऐसे ही पहुँचेंगे। आप चोर हो। इतने सालों से आप हमारा पैसा खा रहे हो। आपको शर्म आनी चाहिए। इतने सालों से आप पाकिस्तानियों के पैसे पर ऐश कर रही हैं। आप हमारा प्रतिनिधित्व करने के योग्य नहीं हैं।” 

वीडियो वायरल होने के बाद कई पाकिस्तानी नागरिक इस शख्स के समर्थन में आ गए हैं और पाकिस्तानी अधिकारियों की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्विटर पर एक यूजर ने सवाल पूछने वाले को सलाम करते हुए कहा, “सलाम है भाई जिसने सवाल किया। शाबाश।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “वह शख्स बिलकुल सही है। उन्होंने पिछले 15 सालों से यूएन में हमारे लिए कुछ नहीं किया है। वह वहाँ क्या कर रही हैं?” वहीं, कुछ लोगों ने भी इस मौके को न गँवाते हुए लिखा कि वो अमेरिका में बहुत रह चुकी हैं। उन्हें अमेरिका से वापस पाकिस्तान भेज दीजिए।

Man Vs Wild: इमरान ने बेयर ग्रिल्स को बुलाया, स्वागत में चीनी बम के साथ खड़े थे लश्कर के आतंकी आका!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में कुछ पल गुजारे और इसका वीडियो लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम ‘Man Vs Wild’ के एपिसोड के स्कवरी चैनल पर सोमवार (अगस्त 12, 2019) को दुनिया भर में प्रसारित किया गया। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ नाव की सवारी भी की। सबसे ख़ास बात यह कि इस नाव को ग्रिल्स द्वारा मौके पर ही बनाया गया था। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने बचपन के दिनों और प्रकृति से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कई किस्से सुनाए।

अब ख़बर आई है कि पाकिस्तान भी पीएम मोदी की सोच से प्रभावित होकर ऐसा ही कुछ करने वाला है और इसके लिए वहाँ के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने बेयर ग्रिल्स के पास रिक्वेस्ट भी भेजी है। बेयर ग्रिल्स इस बात को लेकर आशंकित थे कि इमरान इसके लिए पाकिस्तान का कौन सा जगह चुनेंगे। लेकिन, पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक बैठक के बाद तय किया कि असली पाकिस्तान को दुनिया से रूबरू कराने और पर्यटन उद्योग को नया जीवन देने के लिए मुजफ्फराबाद के जंगलों से ज्यादा अच्छी कौन सी जगह हो सकती है?

फिर क्या था, कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लेने के लिए बेयर ग्रिल्स खुद मुजफ्फराबाद पहुँचे। वहाँ के जंगलों में उन्हें रिसीव करने के लिए लश्कर-ए-तैयबा, हिज़्बुल मुजदिद्दीन और जमात-उल-दावा के आतंकी आका पहुँचे। बेयर ग्रिल्स को आतंकी कैम्पों की ख़ूबसूरती से परिचित कराया गया। इस ख़ास अवसर पर कैम्पों को नई-नई एके-47 की बंदूकों, चीन में निर्मित बम के गोलों और पड़ोसी देशों में निर्यात करने हेतु तैयार किए गए पत्थरों से सजाया गया।

इसके बाद बेयर ग्रिल्स को मुजफ्फराबाद के सबसे बड़े संस्थान शवाई नाला कैम्प में ले जाया गया। बेयर ग्रिल्स भी तपाक से कुछ ऐसे लोगों के बारे में पूछ बैठे, जिन्होंने इस कैम्प से निकल कर दुनिया भर में नाम कमाया हो। इसके बाद बेयर ग्रिल्स को जकीउर रहमान लखवी, डेविड हेडली और अबू जुंदाल का नाम बताया गया। बेयर ग्रिल्स तब बेहोश होते-होते बचे कि डेविड हेडली से मिलने के लिए उन्हें अमेरिका के जेल में जाना पड़ेगा। खैर, बेयर ग्रिल्स ने मुजफ्फराबाद की भौगोलिक परिस्थितियों को परखना शुरू किया।

बेयर ग्रिल्स ने कैम्प के निवासियों से पूछा कि उनके लिए यहाँ सबसे बड़ी चुनौती क्या है? इसके बाद पाकिस्तानी आकाओं व अधिकारियों ने ग्रिल्स को बताया कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की नज़रों से बचना उनके लिए सबसे कठिन चुनौती है। पाकिस्तान के आतंकी आकाओं ने बताया कि आसपास के क्षेत्र में कभी भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नामक तूफ़ान आ जाया करता है, जिसके कहर से बचना काफ़ी मुश्किल है। इसके अलावा उन्होंने सीमा पार करने में होने वाली कठिनाई से बेयर को वाकिफ कराया।

इतने बड़े सर्वाइवल इंस्ट्रक्टर होने के बावजूद बेयर ग्रिल्स इस बात से चिंतित हो गए कि उन्होंने सभी प्रकार की कठिनाइयों से बचने का रास्ता तो खोज निकला है लेकिन ये पाकिस्तानी जिस तूफ़ान का जिक्र कर रहे हैं, वह क्या बला है? बेयर ग्रिल्स को पाकिस्तानियों ने बताया कि दूसरे देशों में जहाँ शिक्षित होने के बाद युवा महानगरों और बड़े शहरों में चले जाते हैं, पाकिस्तान के युवा इतने पर्यावरण-प्रेमी हैं कि उनमें से अधिकतर अपनी शिक्षा-दीक्षा पूरी करते ही ‘ख़ास ट्रेनिंग’ के लिए जंगलों का रुख करते हैं।

बेयर ग्रिल्स पाकिस्तान के पर्यावरण प्रेम से अचंभित नज़र आए। यूनिवर्सिटी और बड़े कॉलेजों के स्नातक लोग भी उन्हें पाकिस्तान के जंगलों में मिले। उन्होंने इस पर रिसर्च करने की ठानी है कि बाकी देशों के युवा पढ़ाई पूरी होने के बाद बड़े शहरों का रुख क्यों करते हैं, जबकि पाकिस्तान में कई शिक्षित लोग जंगलों, गुफाओं और पर्यावरण के नजदीक बने कैम्पों में जीवन व्यतीत करते हैं। बेयर ग्रिल्स को इसके बाद एक तबाह बिल्डिंग दिखी, जिससे उनकी उत्सुकता फिर से जाग उठी।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने बेयर को बताया कि इस बिल्डिंग में चीन से लाए जाने वाले बमों को रखा जाता है। चूँकि वे चीन में निर्मित होते हैं, वे अपने-आप कहीं भी ब्लास्ट होने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि मुजफ्फराबाद के कई बिल्डिंग्स आज जर्जर हालत में आ चुके हैं। वैसे फिलहाल बेयर ग्रिल्स ने पाकिस्तान में कार्यक्रम शूट करने की योजना कैंसिल कर दी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि ये देश पहले से ही भूखे-प्यासे सर्वाइव करने में सक्षम है और उन्हें कुछ सीखने की जरूरत नहीं।

सिक्किम: 25 वर्षों तक CM रहे चामलिंग को छोड़ पार्टी के सभी विधायक BJP में शामिल

सिक्किम में पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को छोड़ कर उनकी पार्टी के सभी विधायक भाजपा में शामिल होने वाले हैं। एएनआई की ख़बर के अनुसार, राज्य विधानसभा में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) के 15 विधायक थे, जिनमें से 14 ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने का फैसला लिया है। इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद अब पूर्व सीएम चामलिंग अपनी पार्टी के इकलौते विधायक रह गए हैं। लगातार 25 वर्षों तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे पवन चामलिंग की पार्टी 2019 विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी।

सिक्किम में लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए गए थे। इस चुनाव के बाद सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग राज्य के मुख्यमंत्री बने। 15 विधायकों के साथ चामलिंग विपक्ष में बैठे थे, वहीं तमांग ने 17 विधायकों के साथ नई सरकार का गठन किया था। ख़बर लिखे जाने तक 15 में से 10 एसडीएफ विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।

एसडीएफ के 15 विधायकों में से 10 ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की उपस्थिति में भाजपा ज्वाइन कर ली।

बिहार: शिवभक्तों की गाड़ी पर पथराव, महिला श्रद्धालुओं को भी नहीं बख्शा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में सोमवार (अगस्त 12, 2019) को डीजे बजाने से रोकने को लेकर विशेष समुदाय के लोगों ने शिवभक्तों के साथ मारपीट की। जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान न केवल जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई बल्कि लोगों की बाइक और साइकलें भी फूँक दी गई। साथ ही कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा डीजे की गाड़ी को भी तोड़ डाला गया। जिसका वीडियो आप खबर के नीचे दिए लिंक में देख सकते हैं। पूरी घटना में पाँच लोग गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मामला शांत कराने के लिहाज से मौक़े पर पहुँची पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस काे लाठीचार्ज करना पड़ा फिर जाकर किसी तरह मामला शांत हुआ। पूरे मामले के मद्देनजर फिलहाल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। तनावपूर्ण स्थिति के कारण जिलाधिकारी एसएसपी समेत भारी संख्या में पुलिस कैंप कर रही। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर चकमुरमुर में 500 की संख्या में महिलााएँ जलभरी कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए निकली थीं कि इसी बीच डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। कुछ असामाजिक तत्वों ने जलभरी गाड़ी के साथ तोड़-फोड़ किया और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में जुट गए। पत्थरबाजी होने लगी। मुस्लिम पक्ष के लोगों ने डीजे की गाड़ी को तोड़ डाला और लोगो को पिटाई कर दी।

जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने बताया कि जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है उसपर नामजद एफआईआर किया जाएगा। जो भी लोग शामिल है उसपर कड़ी करवाई की जाएगी। घटना से संबंधी वीडियो आप नीचे ऑपइंडिया के यूट्यूब लिंक पर जाकर देख सकते हैं।

Article 370: चिदंबरम के चेहरे पर कालिख पोतने वाले को इनाम देगा मुस्लिम यूथ एसोसिएशन

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले को संप्रदाय से जोड़ने को लेकर वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की चौतरफा आलोचना हो रही है। अलीगढ़ के मुस्लिम यूथ एसोसिएशन ने चिदंबरम के चेहरे पर कालिख पोतने वाले व्यक्ति को 21,000 रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक, मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के प्रमुख मोहम्मद आमिर रशीद का कहना है कि चिदंबरम की टिप्पणी हिन्दू- मुस्लिम की एकता के लिए नुकसानदेह है। रशीद ने कहा कि वो चिदंबरम का मुँह काला करने वाले को अपनी ईदी  (ईद के दौरान उपहार के रूप में प्राप्त नकद) में से 21,000 रुपए देंगे।

गौरतलब है कि, पी चिदंबरम ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है, इसलिए आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किया गया है। यदि यह राज्य हिन्दू बहुल होता तो भाजपा सरकार इस मुद्दे को छूती भी नहीं।

इस दौरान चिदंबरम ने सात राज्यों में सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सभी पार्टियों ने राज्यसभा में बीजेपी के कदम के खिलाफ डर की वजह से सहयोग नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो कि एक सच है। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें गोलीबारी हुई, ये भी सच्चाई है। इसके साथ ही चिदंबरम ने कहा था कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।

जयपुर में श्रद्धालुओं पर टूटा पत्थरबाज मुस्लिम भीड़ का कहर, सरिया और डंडों से मचाया आतंक

बकरीद के मौके पर जयपुर में जमकर बवाल हुआ। ईद के साथ-साथ कल सावन का अंतिम सोमवार भी था। ऐसे में मुस्लिमों द्वारा किए गए बवाल के कारण कई काँवरिया भी फँस गए। फसाद एक मामूली कहासुनी से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग जयपुर के दिल्ली रोड पर जमा हो गए और वाहनों पर जम कर पथराव किया।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़क जाम कर दोनों तरफ के यातायात को बाधित कर दिया। भीड़ ने पत्थर, सरिया और डंडों का इस्तेमाल कर आतंक मचाया। मंडी खटीकान क्षेत्र में पहुँच कर मुस्लिम भीड़ ने लोगों के घरों पर पत्थर बरसाए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में फायरिंग किए जाने की बात भी कही गई है। हालाँकि, अधिकारी अभी भी साफ़-साफ़ नहीं बता पा रहे हैं कि भीड़ आखिर सड़क पर आई क्यों?

जयपुर में मुस्लिम समुदाय द्वारा किए गए बवाल के बाद ‘राजस्थान पत्रिका’ में छपी ख़बर

इस दौरान नजदीक के ही हनुमान मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु फँसे रहे। श्रद्धालुओं को भीड़ के आतंक से बचाने के लिए पुलिस ने उन्हें वहाँ से निकालना शुरू कर दिया। किसी तरह वहाँ पूजा-पाठ के कार्यक्रम में शामिल लोगों को निकाला गया। वे किसी तरह बच निकल कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचे तो ज़रूर लेकिन मुस्लिम भीड़ की पत्थरबाजी के कारण उनकी गाड़ियों को ख़ासा नुकसान पहुँचा। कई लोग घायल भी हुए हैं। श्रद्धालुओं की गाड़ी के शीशे फोड़ डाले गए। एक व्यक्ति का सिर फूट गया।

एक श्रद्धालु ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे बस से हरिद्वार जा रहे थे, तभी रास्ते में भीड़ ने बस को रुकवाया और तोड़-फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज भी की। हरिद्वार जा रही बस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ख़ुद पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव को नहीं पता था कि मुस्लिम भीड़ ने आखिर किस घटना के कारण आक्रोशित होकर इतना आतंक मचाया?

जयपुर में बवाल को लेकर दैनिक भास्कर में छपी ख़बर

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के 7 जवान भी घायल हो गए। रविवार को भी अप्रिय घटना की सूचना आई थी, जब चार दीवार के पास स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं पर पथराव किया गया था। एक घायल पुलिसकर्मी ने बताया कि अचानक से कुछ लोग नारेबाजी करते हुए आए और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। बीच-बचाव की कोशिश में कब उनका सिर फूट गया, उन्हें भी इसका पता नहीं चला। यह उपद्रव रात 2 बजे तक चला।

इस दौरान मृत सम्बन्धी की अस्थियाँ लेकर हरिद्वार जा रहे एक परिवार को बचाने के लिए एटीएस को एड़ी-चोटी का जोड़ लगाना पड़ा। प्रशासन द्वारा 10 थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट ठप्प कर दिया गया है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है।

Article 370: अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान, गिलगित-बाल्टिस्तान हाथ से निकलने का सता रहा डर

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से गीदड़ भभकी पर उतरे पाकिस्तान की नींद गुलाम कश्मीर के लोगों ने उड़ा रखी है। गिलगित-बाल्टिस्तान के हाथ से निकलने के डर से वह सहमा हुआ है। जम्मू-कश्मीर के मसले पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में वह अलग-थलग पड़ गया है। इतना ही नहीं, डूबती अर्थव्यवस्था, म​हंगाई और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की वजह से घर के भीतर भी इमरान खान की सरकार की बात नहीं सुनी जा रही है।

सोमवार को बकरीद के मौके पर गुलाम कश्मीर के मुजफ्फराबाद पहुँचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर के मसले पर राजनीतिक दलों से एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि हमारे बीच मतभेद हैं। लेकिन, कश्मीर पर एकजुटता नहीं दिखाई तो हमें नुकसान हो सकता है। उनका इशारा बीते सप्ताह पाकिस्तानी संसद में भारत के खिलाफ प्रस्ताव की भाषा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच उभरे मतभेद को लेकर था।

गि​लगित-बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने से जुड़े सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर पर पाकिस्तान के स्टैंड को नुकसान पहुॅंचेगा। उन्होंने कहा कि इस मसले पर कैबिनेट में चर्चा हुई थी। उन्होंने यह बात ऐसे वक्त में कही है जब पाकिस्तान से अलग होने की मॉंग को लेकर गि​लगित-बाल्टिस्तान में विरोध-प्रदर्शन जोरों पर है।

जम्मू-कश्मीर के मसले पर वैश्विक समर्थन नहीं मिलने को लेकर कुरैशी ने कहा, “हमें मूर्खों के स्वर्ग में नहीं रहना चाहिए। पाकिस्तानी और कश्मीरियों को यह जानना चाहिए कि कोई आपके लिए नहीं खड़ा है। आपको जद्दोजहद करना होगा।” इसके बाद उन्होंने कहा, ” जज्बात उभारना बहुत आसान है, मुझे दो मिनट लगेंगे। 35-36 साल से सियासत कर रहा हूँ, बाएँ हाथ का काम है। जज्बात उभारना आसान है, ऐतराज उससे भी आसान है। लेकिन, मसले को आगे की तरफ ले जाना कठिन है।”

कुरैशी ने आर्टिकल 370 पर दुनिया के अन्य देशों के पाकिस्तान से किनारा करने की बात को सामने रखते हुए कहा, “दुनिया के उनके साथ हित जुड़े हुए हैं। एक अरब की मार्केट है। बहुत से लोगों ने वहाँ इन्वेस्टमेंट कर रखे हैं। हम उम्मा की बात तो करते हैं, लेकिन कई मुस्लिम देशों ने भी वहाँ इन्वेस्टमेंट किया हुआ है। “

मम्मी रिटर्न्स पर शिवसेना: कॉन्ग्रेस दिल्ली का मीना बाजार, घूम रहे पुराने ग्राहक

सोनिया गाँधी के अंतरिम अध्यक्ष चुन जाने पर शिवसेना ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस दिल्ली का मीना बाजार बन गई है, जहाँ सिर्फ पुराने ग्राहक घूमते नजर आते हैं। सामना में लिखा है, “73 वर्षीय सोनिया गाँधी को फिर कॉन्ग्रेस की कमान संभालने के लिए आगे आना पड़ा। सोनिया गाँधी बार-बार बीमार पड़ती हैं। इलाज के लिए उन्हें विदेश जाना पड़ता है। बीच-बीच में उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने की खबरें आती रहती हैं। ऐसी स्थिति में कॉन्ग्रेस का नेतृत्व करने का बोझ उन्हें उठाना पड़ रहा है, ये अमानवीय है।”

सामना का संपादकीय पृष्ठ

संपादकीय में आगे लिखा गया है कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गाँधी का कहना था कि कॉन्ग्रेस की नीति के अनुसार नए अध्यक्ष को चुना जाए, अध्यक्ष गाँधी परिवार के बाहर का हो। पार्टी गाँधी परिवार की बैसाखी त्याग अपने दम पर खड़ी हो। कुछ लोगों द्वारा प्रियंका गाँधी का नाम आगे लाते ही राहुल गाँधी ने उन्हें फटकार लगाई। कॉन्ग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगता रहा है और इसके लिए गाँधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसलिए राहुल गाँधी ने यह फैसला किया कि उनके निर्णय का सम्मान होना जरूरी है।

लेकिन 75 दिनों के बाद कॉन्ग्रेस को गाँधी परिवार के बाहर का अध्यक्ष नहीं मिला। 73 वर्षीय सोनिया गाँधी फिर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बन गई हैं। वर्तमान समय में कॉन्ग्रेस पार्टी में नेतृत्व की पहली पंक्ति अस्तित्व में नहीं है। मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, गुलाम बनी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, ये सिर्फ टूटी हुई पंक्तियाँ हैं।

सामना में कहा गया है, “पूरा देश आर्टिकल 370 हटाए जाने का स्वागत कर रहा है, वहीं जीर्ण-शीर्ण कॉन्ग्रेस पार्टी 370 के मकड़जाल को अपने शरीर से दूर करने को तैयार नहीं है। उनकी पार्टी में ही इस पर दो-फाड़ हो गया है। ट्रिपल तलाक के संदर्भ में राजीव गाँधी द्वारा की गई भयंकर गलती को इस बार सुधारा जा सकता था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने इतिहास की गलतियों से सीखने की तैयारी नहीं दिखाई। इसी कारण कॉन्ग्रेस पार्टी दिल्ली का मीना बाजार बन गई है। पुराने ग्राहक वहाँ घूमते नजर आते हैं सिर्फ इतना ही। कॉन्ग्रेस के पतन के लिए मोदी-शाह जिम्मेदार न होकर वे खुद ही जिम्मेदार हैं। 73 साल की सोनिया गाँधी के कंधों पर भार सौंपकर कॉन्ग्रेस ने बचा-खुचा सत्व भी गँवा दिया है।”