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मुशर्रफ के अरबपति सम्बन्धी के कार्यक्रम में मीका ने किया परफॉर्म, ट्विटर पर मचा बवाल

जहाँ भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तानी नेता लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं, इसी बीच गायक मीका सिंह द्वारा पाकिस्तानी अरबपति के कार्यक्रम में परफॉर्म करने की ख़बर आई है। ट्विटर पर लोगों ने मीका सिंह से नाराज़गी जताई क्योंकि कराँची में जिस व्यक्ति के यहाँ उन्होंने परफॉर्म किया, वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का कजन भाई है।

मीका सिंह के साथ इस कार्यक्रम में 14 कलाकारों के क्रू को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। लोकप्रिय पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने मीका सिंह की परफॉरमेंस पर टिप्पणी करते हुए लिखा:

“मैं इस बात से ख़ुश हूँ कि मीका सिंह ने कराँची में जनरल मुशर्रफ के सम्बन्धी की मेहँदी कार्यक्रम में परफॉर्म किया। अगर उन्होंने नवाज शरीफ के किसी सम्बन्धी के कार्यक्रम में ऐसा किया होता तो पाकिस्तानी लोग ‘गद्दारी’ से जुड़ा हैशटैग ट्रेंड कर रहे होते।”

बता दें कि पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों पर रोक लगा दी है और भारतीय गानों व अन्य मीडिया कंटेंट को भी प्रतिबंधित कर दिया है। पाक वेबसाइट्स पर प्रकाशित ख़बरों के अनुसार, मीका सिंह को कराँची, इस्लामाबाद और लाहौर में कार्यक्रम करने के लिए 30 दिनों का वीजा दिया गया है।

मीका सिंह द्वारा कराँची में परफॉर्म करने से न सिर्फ़ पाकिस्तानी बल्कि भारतीय ट्विटर यूजर्स भी खफा नजर आए। जहाँ भारतीय लोगों ने सवाल किया कि इस तनाव भरे माहौल में जब पाकिस्तान ने भारत से संबंधों को तोड़ना शुरू कर दिया है, मीका को पाकिस्तान जाने की क्या ज़रूरत थी? वहीं पाकिस्तान के लोगों ने अपनी सरकार से नाराज़गी जताते हुए पूछा कि भारतीय गायक को वीजा क्यों दिया गया?

वहीं कई लोगों ने मीका सिंह का समर्थन भी किया। कुछ ट्विटर यूजर्स ने लिखा कि मीका एक कलाकार हैं और एक कलाकार के लिए बाउंड्री मायने नहीं रखता। कुछ यूजर्स ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि पाकिस्तान बॉलीवुड कलाकारों के बिना रह ही नहीं सकता।

कॉन्ग्रेस नेता का दावा उनका परिवार श्री राम के बड़े बेटे लव का वंशज, वाल्मीकि रामायण में है ज़िक्र

सुप्रीम कोर्ट के सवाल के जवाब में श्री राम के वंशजों ने दावा करना शुरू कर दिया है। पहले जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी के बाद राजस्थान के एक और राजघराने ने भगवान श्री राम का वंशज होने का दावा किया है। अब यह दावा करने वाले हैं जयपुर के गुर्जर राजपूत गोत्र के सत्येंद्र सिंह राघव, जो कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं।

‘क्या राम के कोई वंशज अभी भी हैं?’

पूरा मामला शुरू तब हुआ जब अयोध्या में मंदिर की भूमि के मालिकाना हक़ की सुनावाई में जज ने राम लला विराजमान के वकील से पूछा कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में कहीं हैं। जवाब में पहले तो जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी आगे आईं और उन्होंने खुद को और अपने परिवार को भगवान राम का वंशज बताया।

राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमारी ने दावा किया कि उनका परिवार भगवान राम के पुत्र राजकुमार कुश से संबद्ध है। उनका कहना है कि जयपुर के पूर्व राजा और उनके पिता महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी के थे।

बीजेपी सांसद ने इस बात का सबूत भी पेश किया। उन्होंने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है। साथ ही दीया ने कहा कि राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाए।

अब राघव का भी रघुकुल पर दावा

सत्येंद्र सिंह राघव का दावा है कि उनका परिवार श्री राम के बड़े बेटे राजकुमार लव का वंशज है। अपनी बात के समर्थन में वह वाल्मीकि रामायण का ज़िक्र करते हैं, जिसमें उल्लेख है कि लव का राज्य उत्तर कौशल था, जिसमें आज की अयोध्या नगरी आती है। राघव का कहना है कि लव के भाई कुश का राज्य, जिनकी वंशबेल में उत्पन्न होने का दावा जयपुर का राजवंश करता है, दक्षिण कौशल के शासक थे।

CM योगी ने जारी किया अयोध्या में श्रीरामचंद्र एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण के लिए ₹200 करोड़

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में श्री रामचंद्र एयरपोर्ट बनाने के लिए 2 अरब रुपए के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। यह राशि नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए जारी की है। 

ख़बर के अनुसार, अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 6 अरब 40 करोड़ 26 लाख 96 हज़ार 501 रुपए की योजना प्रस्तावित है। इससे पहले, प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के तौर पर दो करोड़ रुपए मार्च 2019 में जारी किए थे। फ़िलहाल, वहाँ मौजूदा हवाई पट्टी पर 177 एकड़ ज़मीन उपलब्ध है, बाक़ी 287 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना बाक़ी है।

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2013-14 से ही अयोध्या के हवाई पट्टी के रनवे के विस्तार की योजना पर चल रही थी। यूपी में बीजेपी के सत्ता पर आसीन होने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव कार्यक्रम के समय श्री रामचंद्र एयरपोर्ट के निर्माण की घोषणा की थी।

अयोध्या में श्री रामचंद्र एयरपोर्ट की योजना के साथ अनुपूरक बजट में ही अयोध्या ज़िले के ज़िला अस्पताल को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाने रास्ता भी साफ़ हो गया था। बता दें कि इस मेडिकल कॉलेज का नाम राजा दशरथ रखने के निर्णय लिया गया था, जिस पर लोगों ने अपनी खुशी भी ज़ाहिर की थी।

व्यस्त बाजार में फैज़ान ने हवाई फायरिंग कर बनाया Tik-Tok वीडियो, गिरफ़्तार

सेंट्रल दिल्ली के चाँदनी महल क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा हवाई फायरिंग कर टिक-टॉक वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। उक्त व्यक्ति का नाम फैज़ान है, जिसने अपना 32वाँ जन्मदिन मनाते हुए ऐसा किया। सबसे बड़ी बात तो यह कि फैज़ान ने जिस क्षेत्र में ये हरकत की, वहाँ ट्रैफिक भी अधिक रहता है और लोगों की भीड़ भी होती है। फैज़ान ने भीड़भाड़ वाले बाजार में हवाई फायरिंग की। हालाँकि, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि फैज़ान अपने 32वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘कुछ अलग’ करना चाहता था, जिसके लिए उसने एक व्यक्ति से कंट्री-मेड पिस्तौल ख़रीदी। इसके बाद उसने भीड़भाड़ वाले इलाक़े में जाकर हवाई फायरिंग की। वीडियो में जीन्स और टीशर्ट पहने फैज़ान को हवाई फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है।

पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिसनें फैज़ान को पिस्तौल सप्लाई किया था। फैज़ान के पिता का कैटरिंग का व्यापार है और वह भी इस काम में अपने पिता का हाथ बँटाता है।

50 साल के युसूफ़ शेख़ ने 7 साल की बच्ची का अपहरण कर मँगवाई भीख, यौन शोषण की भी आशंका

मुंबई के अँधेरी में पुलिस ने 50 वर्षीय यूसुफ़ शेख़ को एक सात साल की बच्ची का अपहरण करने और उससे भीख मँगवाने के आरोप में गिरफ़्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बच्ची ने पिछले तीन महींने में 5,000 रुपए की भीख माँगी। पुलिस ने बताया कि वो नाबालिग बच्ची को मेडिकल जाँच के लिए भेज रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि शेख ने कहीं उसका यौन उत्पीड़न तो नहीं किया।

दरअसल, बच्ची का अपहरण उस समय हुआ जब वो रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे खेल रही थी। उसके माता-पिता, जो बेघर हैं और सड़क के किनारे रहते हैं, उन्होंने अपनी बेटी की काफ़ी तलाश की, लेकिन जब वो नहीं मिली तो उन्होंने थाने में बच्ची के लापता होने की शिक़ायत दर्ज कराई।

पुलिस अधिकारी ने बताया,

“एक सतर्क नागरिक, मनीष रमेश पगार, जो एक कॉर्पोरेट के साथ कार्यरत है, उन्होंने जब सोशल मीडिया पर हमारे द्वारा पोस्ट की गई लड़की की फोटो देखी, तो हमें उस बच्ची के लापता होने के बारे में सूचित किया। पगार की जानकारी से हमें बच्चे को ट्रैक करने में मदद मिली।”

रविवार (11 अगस्त) को, मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, “अंधेरी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अनिल गायकवाड़ और उनकी टीम ने एक सतर्क नागरिक मनीष रमेश पगार की मदद से एक छोटी बच्ची के अपहरण का मामला सुलझाया। वरिष्ठ निरीक्षक लालसाहेब शेट्टी ने उनके बहुमूल्य सहयोग (सूचना देने) के लिए पगार का सम्मान किया।”

ख़बर के अनुसार, अजमेर और राजस्थान में आरोपियों की तलाश में कोई सुराग न मिल पाने की स्थिति में अँधेरी पुलिस ने बच्ची की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी थी। पुलिस ने कहा, “मनीष पगार ने बच्ची को देखा था। टिप-ऑफ ने हमें प्रभादेवी से बच्ची को ट्रैक करने में मदद की, जहाँ शेख उससे भीख मँगवाता था।” पुलिस ने बताया कि शेख पर भारतीय दंड संहिता के तहत अपहरण और भीख मँगवाने के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

खुद को NGO कर्मी बता संदिग्ध महिला ने तिहाड़ में किया प्रवेश, जाँच के आदेश

ख़ुद को ग़ैर सरकारी संगठन (NGO) का सदस्य बताकर एक महिला अपने प्रेमी से मिलने तिहाड़ जेल में घुस गई। कथित तौर पर चार दिनों तक उनकी मीटिंग पाँच घंटे से अधिक समय तक चली। इस घटना से दक्षिण एशिया की इस सबसे बड़ी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जेल अधिकारियों ने उसके प्रमाण पत्रों को बिना ठीक से जाँचे उसे जेल में प्रवेश की अनुमति दी।

ख़बर के अनुसार, हत्या के एक मामले में महिला के प्रेमी को जेल हो गई थी। जेल में बंद शख्स ने तिहाड़ जेल के एक कर्मचारी के रूप में मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर महिला से दोस्ती की। वह पिछले कुछ महीनों से उसके संपर्क में था और जुलाई में 26 दिन की पैरोल पर उसे मिला था।

जेल में बंद शख़्स की पहचान हेमंत के रूप में हुई है, जो कि जेल नंबर-2 में बंद है और उसने उस महिला से शादी करने के लिए सहमति जताई थी। यहाँ तक कि उसने जेल परिसर के भीतर इंडियन बैंक की शाखा में एक बैंक खाता भी खोला, जिसमें महिला को नोमिनी बनाया था।

हेमंत के जेल जाने के बाद, महिला ने एक NGO के सदस्य के रूप में पेश होकर तिहाड़ अधिकारियों से संपर्क किया और हेमंत से मिलने की अनुमति माँगी। किसी भी जेल अधिकारी ने महिला के दस्तावेज़ों की उचित जाँच करने की ज़हमत नहीं उठाई।

धोखाधड़ी तब सामने आई जब जेल अधिकारियों ने NGO के अधिकारियों से महिला के नाम का उल्लेख किया। तब यह पाया गया कि वह जेल में कैदियों को कपड़े बाँटने का दावा करने के लिए दाखिल हुई थी। 

तिहाड़ के प्रवक्ता AIG राज कुमार ने कहा कि इस संबंध में शिक़ायत दर्ज होने के बाद उन्होंने जाँच का आदेश दिया। जेल अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों, जिन्होंने कथित रूप से मिलने की सुविधा प्रदान की उनसे पूछताछ जारी है।

पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया, चला रहा था कश्मीर पुलिस के हाथों CRPF जवानों की हत्या का फेक न्यूज़

पाकिस्तानी पत्रकार-कम-प्रोपेगंडाबाज़ वजाहत एस खान के ट्विटर हैंडल से झूठा प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है कि कश्मीर पुलिस के मुस्लिम कर्मी ने CRPF जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी है।

इस प्रोपेगंडा के खिलाफ न केवल कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने मीडिया से बात करते हुए इसे झूठा बताया, बल्कि CRPF के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इसका खंडन किया गया है।

यहीं नहीं, CRPF ने बयान जारी कर साफ़ किया कि कश्मीर में काम कर रहीं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सौहार्द और तालमेल की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा कश्मीर मामलों के जानकार माने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने भी इस फ़र्ज़ी न्यूज़ के पीछे ISI और पाकिस्तानी सेना की प्रोपेगंडा-विंग ISPR (इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशन्स) का हाथ होने का दावा किया है।

ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा

मीडिया खबरों के अनुसार यह पाकिस्तान और उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की साइबर युद्धनीति का हिस्सा है, जिससे हिंदुस्तान में, और खासकर सुरक्षा बलों में, तनाव भड़का कर शांति भंग किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि चूँकि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद से हिंसा भड़काने के पाकिस्तान के सभी प्रयास नाकाम हो रहे हैं, इसलिए हताशा में यह कदम उठाया गया है। उसे कोई अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल रहा, हिंदुस्तान से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लेने का खमियाज़ा भी पाकिस्तान को ही अपने यहाँ बेकाबू हो रही महँगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

कौन हैं वजाहत खान?

अपने फेसबुक बायो के अनुसार यह प्रोपेगंडा फ़ैलाने वाला वजाहत खान पाकिस्तान का इकलौता एम्मी अवॉर्ड के लिए नामित पत्रकार है। इसके अलावा वह न केवल पाकिस्तान के ‘दुनिया न्यूज़’ के लिए काम करता है, बल्कि Times Of London और अमेरिका के NBC News से भी जुड़ा हुआ है। इसके अलावा वह अतीत में CNN और BBC जैसे मीडिया संस्थानों के लिए भी काम कर चुका है।

टोल टैक्स विवाद में ट्रक ड्राइवर विमल की हत्या: सिराजुद्दीन सहित सभी 7 आरोपित गिरफ़्तार

नोएडा में टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद ने इतना बड़ा रूप धारण कर लिया कि एक कैंटर चालक की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, मृतक का नाम विमल तिवारी है जो खोड़ा का रहने वाला है। विमल तिवारी कैंटर (ट्रक) चलाया करता था। यह घटना शनिवार (अगस्त 10, 2019) की सुबह में हुई जब विमल कैंटर लेकर दिल्ली जा रहा था। कालिंदी कुञ्ज के पास उनकी नोंक-झोंक टोल टैक्स वसूलने वाले बाउंसरों से हो गई।

बाउंसरों ने न सिर्फ़ विमल के साथ मारपीट की बल्कि 14,600 रुपए भी माँगे। इस घटना में बड़ा मोड़ तब आया जब शनिवार की सुबह वह यमुना पुल पर बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। विमल तिवारी की मौत के बाद परिजन आक्रोशित है।

आज सोमवार को पुलिस ने इस मामले में सभी सात आरोपितों को शिंकजे में ले लिया है। गिरफ़्तार किए गए आरोपितों के नाम हैं- सिराजुद्दीन, धर्मपाल, अमित कुमार, चेतन प्रकाश, मनरूप, मनोज कुमार और कृष्ण कुमार। मृतक के भाई राम सिंह तिवारी ने इस सभी आरोपितों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने विवाद के बाद विमल की पिटाई की और उसे फेंक दिया।

सातों आरोपितों को गिरफ़्तार करने के बाद उन्हें आज अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

स्वागत समारोह में अफरा-तफरी के बीच कटकर अलग हुई BJP अध्यक्ष की ऊँगली

उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष और परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की एक स्वागत समारोह के दौरान उंगली कटकर हाथ से अलग हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये घटना मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड पर अफरा-तफरी मचने के दौरान हुई।

भाजपा अध्यक्ष को तुरंत वर्धमान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मौक़े पर डीएम, एसपी समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं।

जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सोमवार (अगस्त 12, 2019) को मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड पर पहुँचे थे कि तभी वहाँ मौजूद कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने उनका सम्मान करने की कोशिश की। लेकिन जैसी ही कार्यकर्ताओं को देखकर स्वतंत्र देव सिंह गाड़ी से उतरने लगे, तभी उनकी दाहिने हाथ की छोटी उँगली कटकर हाथ से अलग हो गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई घटना देखकर सभी कार्यकर्ताओं के माथे पर पसीना आ गया। उन्होंने जल्दी से जल्दी स्वतंत्र देव सिंह को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में उनकी सर्जरी हो रही है।

घटना की सूचना पाते ही सभी प्रशासनिक और पुलिस महकमे के आला-अधिकारी मौक़े पर पहुँच गए। कहा जा रहा है सर्जरी के बाद भाजपा अध्यक्ष लखनऊ के लिए रवाना हो सकते हैं।

इस घटना के संबंध में अपर मुख्य़ सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया है कि स्वतंत्र देव सिंह को दाहिने हाथ की छोटी ऊँगली में चोट लगी थी। उनका इलाज डॉक्टर जैन द्वारा किया जा रहा है। इलाज के लिए सर्जरी को आवश्यक बताया गया है।

अज्ञात कंपनी ने NDTV को दिया ‘सबसे विश्वसनीय’ का अवार्ड, लोगों ने कहा सस्ते अवार्ड ख़रीदने जितना ही पैसा बचा है अब

पत्रकारिता के समुदाय विशेष की हालत कितनी पतली है, इसका अंदाज़ा यही देखकर लगाया जा सकता है कि एक समय जिस NDTV के पत्रकार सरकारें बनाने-गिराने से लेकर मंत्रियों के पोर्टफोलियो की दलाली करते थे, लुटियंस और खान मार्केट जिनके घर की खेती था, आज वही लोग न केवल संदिग्ध कंपनियों से अवार्ड बटोर रहे हैं, बल्कि उसपर इतरा भी रहे हैं। अपने ट्विटर हैंडल से, हाल ही में NDTV ने घोषणा की थी कि उसे ‘India’s Most Trusted Companies Award 2019’ (भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनियाँ) के ख़िताब के लिए चुना गया है।

प्रणॉय रॉय ने दी ‘महत्वपूर्ण अवार्ड’ जीतने की बधाई

इस अवार्ड के सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर हेमंत कौशिक का था, जिन्हें USA TV न्यूज़ चैनल का चेयरमैन और सीईओ बताया गया है। अवार्ड देने वाली कंपनी का नाम है ‘International Brand Consulting Corporation, USA’। NDTV के सह-संस्थापक प्रणॉय रॉय ने भी “तथाकथित ‘विश्वास की कमी’ से जूझती दुनिया में” अपनी टीम को इतना ‘महत्वपूर्ण अवार्ड’ जीतने की बधाई दी।

ट्विटर ने दिया धोबीपछाड़

ट्विटर यूज़र्स ने इस अनदेखे-अनसुने संस्थान से मिले अवार्ड को ‘महत्वपूर्ण अवार्ड’ बताए जाने की खिल्ली उड़ानी शुरू कर दी। किसी ने कहा कि NDTV वालों को कम-से-कम अवार्ड देने वालों की टाइमलाइन तो देख लेनी चाहिए थी, तो किसी ने कहा कि अब NDTV के पास ऐसे ‘सस्ते’ अवार्ड खरीदने जितना ही बजट बचा है।

ऑपइंडिया की तफ़्तीश

एक तरफ़ अपने मालिकों प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय के टैक्स-चोरी और भ्रष्टाचार के मामलों से जूझता NDTV इस अवार्ड को वापस सम्मानित दर्जा पाने की सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था, और दूसरी ओर किसी ने अवार्ड देने वाले हेमंत कौशिक और International Brand Consulting Corporation, USA का किसी ने नाम भी नहीं सुना था। ऐसे में हमने इनकी पृष्ठभूमि में झाँकने की कोशिश की। और हमें निम्न जानकारी मिली:


यह हेमंत कौशिक ‘हैरी’ के लिंक्डइन पेज का स्क्रीनशॉट है, जिसमें उन्होंने खुद ही को ‘टेस्टीमोनियल’ (पेशेवर कौशल या दक्षता का प्रमाण-पत्र) दिया हुआ है। अमूमन यह आपके साथ काम कर चुके एक पेशेवर द्वारा आपको दिया जाता है, खुद ही खुद को नहीं।

अब यह भी देखिए कि इसमें वह लिखते क्या हैं। वह खुद ही खुद को ‘मीडिया सेलिब्रिटी’ बताते हैं। इसके अलावा वह अपनी मीडिया कंपनी को ‘निष्पक्ष मीडिया हाउस’ बताते हैं। साथ ही यह शेखी भी बघारते हैं कि उन्हें सरकार ने पुलिस सिक्योरिटी और ‘नीली-बत्ती गाड़ी के साथ’ VIP स्टेटस दे रखा है।

ज़रा भी पेशेवर अंग्रेजी जानने वाला इंसान छूटते ही इसमें खामियाँ देख लेगा। ‘Unbiased Media House’ में से कोई भी ऐसा शब्द नहीं है, जिसे वाक्य के बीच में कैपिटल अक्षरों से शुरू करने की ज़रूरत पड़े। ‘Political Parties’ के साथ भी वही चीज़ है, और यही समस्या ‘Police Security’, ‘Government’ और ‘Blue Light Cars’ के साथ दिखती है। समस्या यह कि इससे साफ पता चलता है हेमंत कौशिक को अंग्रेजी व्याकरण के सबसे मूलभूत नियमों में से एक की भी जानकारी नहीं है।

और-तो-और, ‘so many’ पोलिटिकल पार्टीज़ कौन लिखता है भला? और ‘Blue Light Cars’ क्या होता है? अगर मतलब सरकारी और अन्य VIP कारों पर लगी लाल-नीली बत्तियों से है, तो उसके लिए अंग्रेजी शब्द ‘beacon’ होता है, वह भी स्मॉल b के साथ!

इसके अलावा वह अपनी एक दूसरी वेबसाइट वर्ल्डवाइड न्यूज़ को ‘अमेरिका की सबसे मशहूर’ न्यूज़ साइट बताते हैं, और उनका वैश्विक ट्रैफिक महज़ हज़ारों में है? इससे ज़्यादा तो अमेरिका की एक न्यूज़ वेबसाइट Breitbart News का मासिक ट्रैफिक है- पिछले 6 महीने में 7.5 करोड़ मासिक के आस-पास!

ऐसे में सवाल यह उठता है कि लगभग 12 साल से एक ‘मशहूर वेबसाइट’ के मालिक होने का दावा करने वाले व्यक्ति का अंग्रेजी पर अत्याचार और उसकी वेबसाइट की चीखती हुई संदिग्धता अगर हमें दस मिनट में दिख गए, तो खुद को देश का सर्वश्रेष्ठ अंग्रेज़ी चैनल घोषित करते रहे NDTV को क्यों नहीं दिखे? या फिर दिखे, लेकिन अवॉर्ड पाने की लालसा में NDTV ने वेबसाइट की लगभग नगण्य विश्वनीयता को दरकिनार कर दिया?

इसके अलावा हमें ‘Afternoon Voice’ नामक एक ऑनलाइन पोर्टल का भी लेख मिला, जिसमें हेमंत कौशिक की ही कम्पनी द्वारा Afternoon Voice को “India’s No.1 Brands Award 2014” देने के एवज में ₹50,000 की रकम की माँग की गई थी (और सर्विस टैक्स अलग से)। इसके अलावा Afternoon Voice की सम्पादक वैदेही त्रेहन ने जब उन अन्य ब्रांडों से बात करने की कोशिश की, जिन्हें कौशिक ने अवार्ड देने का दावा किया था तो उनमें से किसी ने उनका नाम या उनकी कम्पनी का नाम ही नहीं सुना था। बल्कि कई ने तो आरोप लगाया कि उनके ब्रांड और लोगो का इस्तेमाल बिना उनकी इजाज़त के हो रहा है।

और संदिग्ध हो गया है NDTV

NDTV खुद अपने अलावा और किसी को यह धोखा नहीं दे रहा कि ऐसे संदिग्ध संस्थान से कोई अवॉर्ड लेकर और उसपर इतरा कर उसने अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को वापिस हासिल कर लिया है। जैसी संदिग्ध, भ्रामक न्यूज़ के चलते वह जनता की नज़रों में गिरा, यह अवॉर्ड और इसे देने वाली कंपनी और उसका मालिक उसी थाली के चट्टे-बट्टे हैं। बल्कि इससे उनकी बची-खुची साख भी किस रसातल में डूब गई है, यह आने वाला समय ही बताएगा।