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हुड्डा के पोस्टर से गॉंधी परिवार गायब, हरियाणा में कॉन्ग्रेस का संकट गहराया

विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में कॉन्ग्रेस का संकट गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक पोस्टर से गॉंधी परिवार नदारद है। यह पोस्टर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की 18 अगस्त को होने वाली परिवर्तन रैली को लेकर 4 अगस्त को रोहतक में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन से जुड़ा है।

यूॅं तो गॉंधी परिवार वह ‘फेविकोल’ बताया जाता है जो पूरे कॉन्ग्रेस को जोड़कर रखती है। पर इस पोस्टर को देखकर लगता है कि हरियाणा में इस फेविकोल की पकड़ कमजोर हो गई है। 4 अगस्त के परिवर्तन कार्यकर्ता सम्मेलन के पोस्टर में हुड्डा के अलावा उनके पुत्र पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ही तस्वीर है। इस पोस्टर ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलग पार्टी बनाने की अटकलों को और हवा दे दी है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया है कि इस मामले पर दीपेंद्र ने यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया कि सोशल मीडिया पर कोई भी कुछ डाल देता है। दीपेंद्र ने राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए उसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राज्य में बदलाव की जरूरत है और हम जनता को विकल्प मुहैया कराएंगे। इसके लिए हम 4 अगस्त को परिवर्तन कार्यकर्ता सम्मेलन और 18 अगस्त की रैली से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।”

बताया जाता है कि दस साल तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हुड्डा पर उनके समर्थक विधायकों की ओर से अब कोई ठोस फैसला लेने का दबाव है। यही कारण है कि वे कॉन्ग्रेस आलाकमान को चुनौती देते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि रोहतक रैली से पहले यदि हुड्डा को प्रदेश कॉन्ग्रेस की कमान नहीं सौंपी गई तो वे अलग पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्टों की माने तो हुड्डा समर्थक विधायकों ने आलाकमान को दो विकल्प दिए हैं। पहला तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर हुड्डा को कमान सौंपी जाए। दूसरा, हुड्डा को टिकट बॅंटवारे की आजादी दी जाए।

तराबुद्दीन ने फोन पर तो इम्तियाज ने व्हाट्सएप पर दिया तीन तलाक, ससुर ने चेक थमाकर किया रिश्ता खत्म

तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनने के बाद भी लोगों में इसका खौफ नहीं दिख रहा है। एक के बाद एक तीन तलाक के कई मामले सामने आ रहे हैं। कहीं पर शौहर बीबी को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तीन तलाक दे रहा है, तो कहीं पर फोन पर तलाक-तलाक-तलाक बोलकर रिश्ते खत्म कर रहा। उत्तर प्रदेश की फातिमा खातून को उसके शौहर ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। वहीं महाराष्ट्र की जन्नत बेगम को व्हाट्सएप मैसेज से तीन तलाक देकर उसका पति दूसरी बीबी के साथ रहने लगा।

बता दें कि, कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के गाँव शोभा छपरा की फातिमा को उसके शौहर तराबुद्दीन ने सऊदी अरब से फोन पर तलाक दे दिया। आनन-फानन ससुराल में शुक्रवार (अगस्त 2, 2019) को पंचायत बैठ गई, जहाँ इस रिश्ते की कीमत लगाते हुए तराबुद्दीन के पिता अब्दुल रहीम ने फातिमा को डेढ़ लाख रुपए का चेक थमाकर कहा कि उनका उससे अब कोई रिश्ता नहीं है।

फातिमा का कहना है कि उसका जीवन बर्बाद करने वालों को कानून सजा दे। फातिमा का 2014 में तराबुद्दीन के साथ निकाह हुआ था। निकाह के 4 महीने बाद ही वो सऊदी चला गया और जब बीच में आता था तो उसका फातिमा के प्रति व्यवहार अच्छा नहीं रहता था। साथ ही वो उसे दूसरी लड़की की फोटो दिखाकर उससे शादी की बात कहकर प्रताड़ित करता था।

गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को फातिमा के ससुर ने उसकी तराबुद्दीन से फोन पर बात करवाई। जैसे ही फातिमा ने हैलो कहा, तराबुद्दीन ने तलाक तलाक तलाक कहकर फोन काट दिया। इसके बाद उसके ससुर ने पंचायत बुलाकर फातिमा को डेढ़ लाख रुपए का चेक दे फोटो खिंचवाई और पहले से लिखे स्टांप पेपर पर अँगूठा लगवाकर रिश्ता खत्म करने का एलान कर दिया। सीओ नवीन कुमार नायक ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई कर आरोपित के विरुद्ध सख्त कदम उठाया जाएगा।

वहीं, महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी बीबी को तलाक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुंब्रा के नजदीक पुलिस ने गुरुवार (अगस्त 1, 2019) रात आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और मुस्लिम महिला (वैवाहिक अधिकारों की रक्षा) अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। जानकारी के मुताबिक, इम्तियाज गुलाम पटेल ने पिछले साल 30 नवंबर को बीबी जन्नत बेगम को फोन और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तलाक दे दिया था। तलाक के बाद इम्तियाज अपनी दूसरी बीबी के साथ मुंबई में रह रहा है, जबकि जन्नत पिछले 8 महीने से अपने पिता के घर मुंब्रा में रह रही है।

देर रात मिलने आए कश्मीरी नेताओं से बोले राज्यपाल- बेवजह का डर पैदा किया जा रहा

आतंकी मंसूबों को नाकाम करने के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में उठाए जा रहे कदमों पर जारी राजनीतिक बयानबाजी को लेकर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने शुक्रवार देर रात मिलने आए नेताओं को शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की नसीह​त दी। साथ ही कहा कि अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी और अन्य मसलों को जोड़कर ‘बेवजह का डर’ पैदा किया जा रहा है।

राज्यपाल से पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन तथा इमरान रजा अंसारी ने मुलाकात की। इसके बाद राजभवन ने बयान जारी कर कहा कि नेताओं ने एडवाइजरी और सरकार की ओर से उठाए गए अन्य कदमों से कश्मीर घाटी में डर की स्थिति पैदा होने के बारे में चिंताएँ जताई।

जवाब में मलिक ने कहा कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास विश्वसनीय सूचनाएँ हैं। लिहाजा सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने को कहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से उठाए जा रहे कदमों को अन्य मुद्दों से जोड़कर भय का वातावरण बनाया जा रहा है।

सैनिकों की तैनाती और विभिन्न आदेशों से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे कुछ बड़े फैसलों को लेकर अटकलें जोरों पर है। इसके कारण घाटी में लोगों ने राशन और अन्य आवश्यक सामान जमा करने शुरू कर दिए हैं।

गौरतलब है कि सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था।

यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना ने कहा था कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। एक जुलाई से शुरू हुई यात्रा फिलहाल खराब मौसम की वजह से रुकी हुई है। यात्रा 4 अगस्त से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है और यह 15 अगस्त को संपन्न होगी।

AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ FIR दर्ज, ’15 मिनट वाला घाव’ का है मामला

एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ करीमनगर थाने में भड़काऊ भाषण के मामले में FIR दर्ज कराई गई है। अकबरुद्दीन ओवैसी ने 6 साल पहले एक जनसभा में दिए अपने 15 मिनट वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि दुनिया उसी से डरती है जो डराता है। अकबरुद्दीन ने कहा था, “15 मिनट ऐसा घाव है, जो अभी तक नहीं भर सका।”

हाल ही में लंबी बीमारी से ठीक होने के बाद अकबरुद्दीन ने तेलंगाना के करीमनगर में एक जनसभा में मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए अपने 15 मिनट वाले भाषण का जिक्र किया। ओवैसी ने सभा में आए लोगों से कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी से डरने की जरूरत नहीं है, ये लोग उसका बाल भी बाँका नहीं कर सकते।

इस दौरान उसने 2013 में दिए गए 15 मिनट वाले बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।”

तीन तलाक गुनाह: सुप्रीम कोर्ट पहुॅंचा सुन्नी समुदाय का संगठन, नए कानून पर रोक की मॉंग

पत्नी को फौरी ‘तीन तलाक’ को अपराध करार देने वाले कानून के खिलाफ सुन्नी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ ने शीर्ष अदालत से इस कानून पर रोक लगाने और इसे असंवैधानिक करार देने का अनुरोध किया है। याचिका में इस कानून को संविधान की धारा 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताया गया है।

‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ वही संगठन है जिसने कुछ महीने पहले केरल में एमईएस द्वारा कैंपस में चेहरा ढकने वाले सभी पहनावों पर प्रतिबंध लगाने पर नाराजगी जताई थी। उसके अध्यक्ष सैयद मुहम्मद जिफरी थंगल ने कहा था कि यह धार्मिक मसला है और इस पर फैसला लेने का हक एमईएस को नहीं है।

गौरतलब है कि संसद से पारित महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को मंजूरी दी थी। यह कानून तत्काल तीन तलाक को गैर कानूनी बनाता है और इसके लिए पुरुषों को तीन साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

इस कानून का समुदाय की आम महिलाओं द्वारा स्वागत किया जा रहा है। लेकिन, मजहबी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैबिनेट में शामिल सिद्दिकुल्लाह चौधरी ने इस कानून को इस्लाम पर हमला बताया था। उन्होंने इसे कबूल नहीं करने की बात कही थी। चौधरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पश्चिम बंगाल यूनिट के अध्यक्ष भी हैं।

घाटी में हलचल से सहमे विपक्षी दल, उमर अब्दुल्ला और महबूबा ने बुलाई आपात बैठक

आतंकी हमले के मद्देनजर घाटी में मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जारी एडवाइजरी और अतिरिक्त जवानों की तैनाती से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल सहम गए हैं। तरह-तरह की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कान्फ्रेंस, महबूबा मुफ़्ती की पीडीपी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट ने आपात बैठक बुलाई है।

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “आप (केंद्र सरकार) इकलौते मुस्लिम बहुल राज्य का प्यार जीतने में नाकाम रहे हैं, जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर सेक्युलर इंडिया को चुना। अब चीजें बदल गई हैं और भारत ने लोगों के ऊपर भूभाग को चुना है।”

एक अन्य ट्वीट में महबूबा ने लिखा है, “मुफ्ती साहब ( महबूबा के मरहूम पिता) हमेशा कहा करते थे कि कश्मीरी जो कुछ भी पाएँगे, वह अपने देश भारत से ही पाएँगे। लेकिन आज लगता है कि वही देश कश्मीरियों के पास अपनी अनूठी पहचान की रक्षा करने के लिए जो कुछ भी थोड़ा बहुत बचा है, उसको छीनने की तैयारी कर रहा है।”

वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द लौटने संबंधी एडवाइजरी के तुक पर सवाल उठाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि जब सरकार विदेशी और भारतीय पत्रकारों की टीम पर पैसे बहाकर उन्हें यह बता रही है कि कश्मीर के हालात कितने अच्छे हैं और यात्रा कितनी अच्छी चल रही है तो फिर यात्रियों और पर्यटकों को तत्काल लौटने का यह आदेश क्यों जारी किया गया है?”

हालाँकि, कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर का कहना है कि कश्मीर को लेकर चलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान ना दें। उन्होंने कहा कि यहाँ पर कोई भी स्कूल बंद नहीं कराए गए हैं।

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का खुफिया इनपुट मिलने के बाद राज्य सरकार के गृह विभाग ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द कश्मीर घाटी छोड़ने की सलाह देते हुए एक एडवाइजरी जारी किया है। इसके अलावा सेना ने भी शुक्रवार को कुछ ऐसे सबूत सामने रखे जो कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ होने की पुष्टि करते हैं।

चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान सेना की लैंडमाइंस बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा रूट से अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 भी बरामद की गई है। सेना के मुताबिक श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी।

इससे पहले केन्द्र सरकार ने घाटी में अतिरिक्त जवानों की तैनाती का आदेश दिया था। इसके बाद से अनुच्छेद 35-ए को हटाने की अटकलें जोरों पर है।

शादी के बाद भी साथ रखना चाहते थे पवन सिंह, मना करने पर धमकी दी: भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह

गायक-अभिनेता पवन सिंह और अभिनेत्री अक्षरा सिंह की गिनती भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सुपरहिट जोड़ी में होती है। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री भले जबरदस्त दिखती हो, पर असल जिंदगी में दोनों के संबंध बेहद खराब हो चुके हैं।

अक्षरा सिंह ने पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पवन अपनी शादी के बाद भी उन्हें साथ रखना चाहते थे। जब अक्षरा ने इससे इनकार कर दिया तो पवन ने अपने भाइयों से उन्हें फ़ोन पर जान से मारने की धमकी दिलवाई। इस संबंध में अक्षरा ने मुंबई के मलाड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया है।

नवभारत टाइम्स से बात करते हुए अक्षरा ने कहा

“उनके (पवन सिंह) साथ मेरा रिश्ता ख़त्म होने के बाद एक साल से जो भी चीजें हुई हैं, वह किसी से छिपी नहीं है। मीडिया और इंडस्ट्री के लोग सब कुछ जानते हैं। उनकी शादी के बाद, जब मैंने उनसे अलग होने का निर्णय किया तो उन्होंने मेरे सामने परेशानियों और मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया।”

भोजपुरी इंडस्ट्री के कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा:

“मैं जिस भी फ़िल्म में कर रही होती, उन फ़िल्मों के निर्माताओं से वह मुझे बाहर करवा देते। भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री पूरी तरह से पुरुष प्रधान इंडस्ट्री है। यहाँ किसी भी हीरोइन को टिकने के लिए हीरो की बात माननी पड़ती है, अगर कोई हीरो की बात नहीं मानता तो उसे फ़िल्म इंडस्ट्री से बाहर कर दिया जाता है। यह यहाँ की कड़वी सच्चाई है।”

अक्षरा ने बताया कि पिछले 1 साल से वे पवन की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि पवन सिंह की शादी के बाद उन्होंने उनसे दूरी बना ली, जिसे उन्होंने इगो पर ले लिया। अक्षरा के मुताबिक पवन सिंह चाहते थे कि उनकी ज़िंदगी में पत्नी के साथ-साथ वो भी रहें। यह बात नहीं मानने पर पवन उन्हें परेशान करने लगे।

पवन ने हाल ही में फैशन डिजायनर ज्योति सिंह से शादी की है। बताया जाता है कि पवन की यह शादी भी ठीक नहीं चल रही। गौरतलब है कि पवन ने पहली शादी रीना रानी से की जो बहुत दिनों तक नहीं चली। बाद में वह रूबी सिंह के साथ लिव इन में रहे। उनकी आदतों से परेशान हो कर रूबी भी अलग हो गई। बाद में रूबी सिंह ने आत्महत्या कर ली और इसके बाद पवन की जिंदगी में नीलम सिंह आईं। लेकिन, कुछ समय बाद नीलम की भी मौत हो गई, खबर आई कि उन्होंने भी आत्महत्या कर ली। पवन के अफेयर भी काफी चर्चा में रहे हैं। अक्षरा के अलावा रानी चटर्जी, काब्या सिंह के साथ भी उनका नाम जुड़ता रहा है।

कपिल मिश्रा की विधायकी गई, कहा- मोदी के नाम कुर्सी हजार बार कुर्बान

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल ने आम आदमी पार्टी (AAP) के बागी विधायक कपिल मिश्रा को अयोग्य करार दिया है। स्पीकर ने कपिल मिश्रा के खिलाफ यह कार्रवाई दल-बदल कानून के आधार पर की है। हालाँकि मिश्रा ने इस कार्रवाई को कानून का मजाक बताते हुए कहा है कि आधी सुनवाई के बीच ही यह फैसला लिया गया और उन्हें कोई भी तथ्य रखने का मौका नहीं दिया गया।

कपिल मिश्रा दिल्ली के करावल नगर से विधायक थे। अयोग्य घोषित होने के बाद कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि ये केजरीवाल का ऑर्डर है। कपिल मिश्रा ने मोदी के लिए अभियान चलाया है, MLA तो इसे रहने नहीं देंगे। सदस्यता खत्म करने ही होगी। साथियों, मुझे गर्व है कि मैंने मोदी जी के लिए अभियान चलाया है। इसके लिए विधायक की कुर्सी हजार बार कुर्बान है।”

कपिल मिश्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, “एक तरफ देशभक्त और एक तरफ टुकड़े-टुकड़े गैंग, मैं सारी दिल्ली के साथ खड़ा था। अभी ‘सातों सीटें मोदी को’ अभियान चलाया और विधानसभा चुनाव में ‘साठ सीटें मोदी को’ अभियान चलाऊँगा।”

दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके कपिल मिश्रा सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए थे। वह केजरीवाल पर कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगा चुके हैं। कपिल मिश्रा ने 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार भी किया था।

‘ताजमहल की जगह 2,000 यूनिवर्सिटी बनाते तो मुस्लिम होते दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे’

अपने विवादित बयानों, यूनिवर्सिटी में चोरी की किताबों और बेटे अब्दुल्ला के फर्जी दस्तावेजों के बाद समाजवादी नेता भूमाफिया आजम खान ने मीडिया से बातचीत में एक दिलचस्प बयान दिया है। शायरी से शुरुआत करते हुए रामपुर के सांसद ने कहा- “वो ख़त्म कर दो गिले आज मिलकर गले, खैर यूँ ही सही हम बुरे तुम भले।”

दरअसल, टाइम्स ऑफ़ इंडिया के साथ बातचीत में लोकसभा चुनावों के लिए सपा और बसपा के गठबंधन के सवाल पर आजम खान शायराना अंदाज में अपनी बात रख रहे थे। आजम खान ने कहा कि चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत विपक्ष के रूप में खड़े होने के लिए दोनों दलों में समझौता हुआ था। सभी लोग ये बात जानते हैं कि दलित वोट बैंक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि अगर मुग़ल 1 ताजमहल की जगह 2000 विश्वविद्यालय बनाते तो आज मुस्लिम दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा समुदाय होता और आज भारत विश्वस्तर पर शिक्षा का केंद्र होता।

आजम खान ने कहा कि उन्होंने ‘नेताजी’ (मुलायम सिंह) के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी के लिए काम किया। साथ ही आजम खान ने कहा कि नेता जी उनसे कहते थे- ‘देश बचेगा तो धर्म बचेगा, जब देश ही नहीं बचेगा तो धर्म कैसे बचेगा?’ इसी नारे ने हमें हिन्दू और मुस्लिमों के वोट दिलाने में मदद की। अब हम अखिलेश यादव के साथ नए सिरे से संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

उन्नाव रेप मामला: CBI ने माँगी सेंगर की कस्टडी, SC ने जाँच के लिए दिए 15 दिन

उन्नाव रेप मामले की पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की जाँच कर रही सीबीआई की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। शीर्ष अदालत ने जाँच के लिए सीबीआई को 15 दिन का समय दे दिया है। पहले अदालत ने 7 दिन का समय दिया था। सीबीआइ ने आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, अतुल सिंह, वीरेंद्र सिंह और शैलेंद्र सिंह को हिरासत में लेने की अर्जी भी दी है।

मामले को दिल्ली ट्रांसफर न करने की सीबीआई की अपील पर गौर करते हुए अदालत ने मामला लखनऊ की सीबीआई कोर्ट को सौंप दिया है। अब 15 दिन में जाँच पूरी होने तक मामला ट्रांसफर नहीं होगा। सीबीआई ने कहा था कि केस ट्रांसफर करने से अभियुक्तों को रिमांड पर लेने और जाँच करने में दिक्कत होगी।

सीबीआई ने सेंगर की कस्टडी के अलावा पीड़िता के चाचा से पूछताछ के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से इजाजत माँगी है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। कोर्ट में पीड़िता की तरफ से पेश हुए वकील बी राजशेखरन ने चाचा की सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आग्रह किया था।

कोर्ट ने बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को दिल्ली एयरलिफ्ट करने पर भी सुनवाई की। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के परिवारवालों का कहना है कि पीड़िता अभी बेहोश है और फिलहाल उसका इलाज लखनऊ में ही हो। जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का इलाज लखनऊ में ही किया जाएगा।