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SC ने केजरीवाल को लगाई फटकार: केंद्र पर अखबारों में विज्ञापन न छपने देने का लगाया था आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल की सरकार को फटकार लगाई है। दरअसल, दिल्ली सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय कमेटी उनके विज्ञापनों को अखबारों में छपने नहीं दे रही है। राज्य सरकार के वकील का कहना है कि उनके विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि केंद्रीय कमेटी ऐसा करने की इजाजत नहीं दे रही है।

इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हम रोज अखबारों में दिल्ली सरकार के विज्ञापन देखते हैं, ऐसे में ये विज्ञापन कहाँ रुक रहे हैं?” केजरीवाल सरकार ने इस याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की थी, मगर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए इस पर जल्द सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है।

बता दें कि, केजरीवाल सरकार ने चुनाव से कुछ महीने पहले 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त करने की घोषणा कर एक बड़ा दाँव खेला है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर कोई 200 यूनिट तक बिजली खर्च करता है, तो उसे बिल देने की जरूरत नहीं है। केजरीवाल सरकार ने 20000 लीटर तक पानी मुफ्त करने के साथ ही अब बिजली के दाम भी आधे कर दिए हैं।

कश्मीर में आतंकी पैदा करने वाले राजनीतिक दल अब कर रहे गोला-बारूद की बात: राम माधव

कश्मीर में आतंकवाद के लिए भाजपा महासचिव राम माधव ने वहॉं के कुछ राजनीतिक दलों और हुर्रियत तथा जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। इन पर नकेल कसने की जरूरत पर जोर देते हुए
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ऐसा कर रही है। वे श्रीनगर से सटे बलहामा में गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

राम माधव ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के दो कारण हैं। पहला, यहॉं के राजनीतिक दलों की तुच्छ राजनीति जो अपने फायदे के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर आतंकियों का समर्थन करते हैं और अब गोला-बारूद की बात करने लगे हैं। इनमें हुर्रियत और जमात जैसे गैर राजनीतिक संगठन भी हैं जो आतंकियों को पैसे और अन्य तरीके से मदद करते हैं।

दूसरा कारण, केन्द्र सरकार द्वारा भेजे जाने वाले पैसों का इस्तेमाल राज्य के नागरिकों के फायदे के लिए नहीं होना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र हर साल कश्मीर को हजारों करोड़ रुपए भेजता है। लेकिन, यह पैसा जरूरतमंदों तक नहीं पहुॅंचता। राज्य के राजनीतिक परिवार सारा पैसा हजम कर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में भ्रष्टाचार बीते तीन दशक में चरम पर पहुॅंच गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ाई से पेश आ रही। राम माधव ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि सीमा पार से आतंकी घुसपैठ करते हैं। लेकिन स्थानीय आतंकी भी हैं। इनको दहशतगर्द बनाने वाले नेता जो अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करते हैं, अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेज देते हैं।”

उन्होंने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा बल अब तक के सबसे सफल तरीके से आतंकियों से निपट रहे हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए, मोदी सरकार आतंकियों के हमदर्द पर भी कार्रवाई कर रही है।

आतंकवाद के खिलाफ नया UAPA संशोधन बिल, 2019 राज्यसभा में पास: अब शख्स भी घोषित हो सकेगा आतंकी

विपक्ष के कड़े विरोध के बाद भी शुक्रवार अगस्त 02, 2019 को राज्यसभा में UAPA, विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) बिल पास हो चुका है। बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस बिल के दुरुपयोग की बात गलत है। इस बिल के अंतर्गत NIA को ज्यादा अधिकार देकर संगठन के साथ-साथ किसी व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने जैसे अधिकार दिए गए हैं। UAPA बिल के मुताबिक जिस व्यक्ति को आतंकी घोषित किया जाएगा, उसकी संपत्ति जब्त करने और यात्राएँ करने पर रोक जैसी कार्रवाई की जा सकेगी।

राज्यसभा में आज विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) (UAPA) (Unlawful Activities (Prevention) Act) संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। इस बिल में आतंक से संबंध होने पर संगठन के अलावा किसी शख्स को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल है।

इसके साथ ही NIA की शक्तियाँ बढ़ाने को लेकर शाह ने कहा कि जब आतंकवाद दोगुनी ताकत के साथ बढ़ रहा है तो हमें सुरक्षा एजेंसियों और जाँच एजेंसियों की ताकत 4 गुना बढ़ानी होगी। 

इस बिल को पहले ही लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है। उच्च सदन में 58 पुराने कानूनों को खत्म करने संबंधी बिल पर विचार होगा, साथ ही मजदूरी संहिता बिल भी सदन के एजेंडे में शामिल है। लोकसभा के एजेंडे में जलियावाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन बिल समेत 3 बिल शामिल हैं। संसद में आज गैर सरकारी कामकाज नहीं होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा, जब हम विपक्ष में थे, तो हमने पिछले UAPA संशोधनों का समर्थन किया था, चाहे वो 2004 या 2008 या फिर 2013 की बात हो। जैसा कि हम मानते हैं कि सभी को आतंक के खिलाफ कड़े कदमों का समर्थन करना चाहिए। हम यह भी मानते हैं कि आतंक का कोई धर्म नहीं है, यह मानवता के खिलाफ है, किसी विशेष सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।

वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने UAPA बिल पर कहा कि राज्य के DG के अधिकार नहीं छीने जा रहे हैं और जब NIA जाँच शुरू करेगी तो राज्य पुलिस को जानकारी दी जाएगी। एनआईए की जाँच के दौरान राज्य पुलिस से संपत्ति जब्त करने की इजाजत लेना ठीक नहीं है क्योंकि जाँच की बारीक जानकारी तो NIA के पास ही है।

कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून का गलत इस्तेमाल करेगी, जिस पर शाह ने कहा- “कॉन्ग्रेस आपातकाल याद कर ले, कानून के दुरुपयोग का इतिहास कॉन्ग्रेस का है। एक धर्म को आंतकवाद से जोड़ा गया था।” अमित शाह ने कहा, “जिहादी किस्म के केसों में 109 मामले, वामपंथी उग्रवाद के 27, नार्थ ईस्ट में अलग-अलग हत्यारी ग्रुपों के खिलाफ 47  ,खालिस्तानवादी ग्रुपों पर 14 मामले रजिस्टर्ड किए गए।”

गृह मंत्री के जवाब के बाद चिदंबरम ने कहा कि हम सभी प्रावधानों के खिलाफ नहीं है सिर्फ 2 पर हमारी आपत्ति है। उन्होंने कहा कि पहला आप किसी स्टेज पर किसी को आतंकी घोषित करेंगे, यह बताएँ। अमित शाह ने कहा कि हालात काफी जटिल हैं और इस पर सब कुछ साफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सघन पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद ही ऐसा किया जाएगा। लेकिन अगर कोई विदेश में है और हमारे साथ बातचीत नहीं कर रहा है तो उसे किया जाएगा। 

6 बच्चों की माँ ने खर्चे के लिए माँगे पैसे तो शौहर ने दिया तीन तलाक: बच्चों सहित घर से भी निकाला

ट्रिपल तलाक बिल अब कानून बन चुका है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अब भी तीन तलाक के मामले खत्म नहीं हो रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के शहर हापुड़ से सामने आया है। जिले में एक शौहर ने अपनी बीबी को घर खर्च के लिए रुपए माँगने पर तीन तलाक देकर 6 बच्चों के साथ घर से निकाल दिया। इसके बाद इंसाफ के लिए भटक रही पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत कर कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने का आदेश दे दिया।

हापुड़ के एसपी यशवीर सिंह ने कहा कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता सीमा ने बताया कि जनपद मेरठ के किठोर के साजिद के साथ उसका निकाह 14 साल पहले हुआ था। साजिद का ये दूसरा निकाह है। पहली बीबी की मौत के बाद साजिद ने पीड़ित महिला के साथ दूसरी शादी की थी। साजिद की पहली शादी से 6 बच्चे थे, जिनका पालन पोषण भी पीड़िता ने की।

सीमा के भी 6 बच्चे हैं और जब उसने इन बच्चों की परवरिश के लिए साजिद से पैसे माँगे, तो उसने पीड़िता के भाई साबिर के सामने ही तीन तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। इससे पहले भी साजिद पीड़िता के साथ मारपीट करता रहता था।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद ट्रिपल तलाक बिल आखिरकार ट्रिपल तलाक कानून बन गया है और मु्स्लिम महिलाओं को तीन तालक जैसे कुप्रथा से आजादी मिल गई है। यह कानून तीन तलाक को अपराध बनाता है।

हलाल मांस इस एक वजह से भी हो जाता है ‘हराम’, जानिए क्या है मजहब का ‘कानून’

इन दिनों सोशल मीडिया पर मांसाहारी और शाकाहारी भोजन को लेकर एक विवाद छिड़ा हुआ है। हाल ही में, ऑनलाइन फूड कंपनी ज़ोमैटो (Zomato) का एक विवाद सोशल मीडिया पर सामने आया, जब एक हिन्दू ग्राहक ने ऑडर लेने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि डिलीवरी ब्वॉय दूसरे समुदाय से था। इसके पीछे कारण था कि हिन्दू ग्राहक श्रावण के महीने में ग़ैर-हिन्दू के हाथ से ऑर्डर स्वीकार नहीं करना चाहता था।

एक हिन्दू ग्राहक होने के नाते इस मुद्दे को न सिर्फ़ तूल दिया गया बल्कि ज़ोमैटो ने खाने की डिलीवरी के साथ-साथ ज्ञान देना भी शुरू कर दिया, जिसमें बताया गया कि खाने का कोई मज़हब नहीं होता बल्कि खाना अपने आप में मज़हब होता है।

इसी कड़ी में आइए नज़र डालते हैं हलाल से जुड़ी कुछ अन्य बातों पर, जिनसे पता चलता है कि समुदाय विशेष अपने नियम के तहत गै़र-मुस्लिम के हाथ का मांस हराम तक मानते हैं।

हलाल केवल एक मुस्लिम व्यक्ति ही कर सकता है। इसका मतलब साफ़ है कि हलाल फर्म में गैर-मुस्लिमों को रोज़गार से वंचित रखा जाता है। इसके अलावा कुछ और भी शर्तें हैं, जिन्हें अवश्य पूरा किया जाना चाहिए। जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि यह हलाल पूरी तरह से एक इस्लामी प्रथा है। भारत में हलाल के एक प्रमाणीकरण और प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर दिशानिर्देश उपलब्ध हैं जो यह स्पष्ट करता है कि पशु वध प्रक्रिया (हलाल) के किसी भी हिस्से में गैर-मुस्लिम कर्मचारियों को रोज़गार नहीं दिया जा सकता है।

पूरे दस्तावेज़ में इस्लामी पशु वध के दिशानिर्देशों को सूचीबद्ध किया गया है, इसमें शामिल कर्मचारियों के धर्म का उल्लेख करने के लिए ध्यान रखा गया है। यह स्पष्ट करता है कि केवल समुदाय विशेष के कर्मचारियों को ही हलाल के हर चरण में भाग लेने की अनुमति है। यहाँ तक ​​कि मांस का लेबल लगाने का काम भी मजहब के ही लोग कर सकते हैं।

Source: Halal India

यूरोपीय संघ के हलाल प्रमाणन विभाग ने यह और भी स्पष्ट कर दिया है कि हलाल फ़र्म में रोज़गार के अवसर विशेष रूप से इस्लाम के अनुयायियों के लिए उपलब्ध होंगे। इसमें कहा गया है, ”पशु वध एक वयस्क मुस्लिम द्वारा किया जाना चाहिए। एक ग़ैर-मुस्लिम द्वारा मारा गया जानवर हलाल नहीं कहलाएगा।” इसमें आगे कहा गया है, “जानवर का वध करते समय अल्लाह का नाम (उल्लेखित) लिया जाना चाहिए: बिस्मिल्लाह अल्लाहु अकबर यानी (अल्लाह के नाम पर; अल्लाह सबसे महान है)। यदि पशु का वध करते समय किसी दूसरे का नाम (अर्थात जिसके लिए पशु की बलि दी जा रही हो) अल्लाह का नाम नहीं लिया जाता है, तो वो मांस हराम यानी, ‘ग़ैर-क़ानूनी’ हो जाता है।

Department of Halal Certification EU

इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि जब कोई व्यक्ति माँग करता है कि उसे केवल हलाल मांस परोसा जाए, तो वो शख़्स न केवल आहार वरीयता का प्रयोग कर रहा है, बल्कि वो यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि उस जानवर का वध करने की प्रक्रिया से लेकर उसके लेबल लगाने तक में समुदाय विशेष का हाथ है या नहीं?

इसके अलावा, समुदाय विशेष को अपने धर्म ग्रंथों द्वारा ग़ैर-हलाल भोजन का सेवन करने से रोका गया है। इस प्रकार, जब एक मुस्लिम विशेष रूप से हलाल मांस की माँग करता है, तो ऐसे में वह साफ़ तौर पर ऐसी सेवा की माँग कर रहा होता है, जो केवल मजहब के लोगों द्वारा दी जा सकती हो। बेहद साफ़ है कि एक समुदाय विशेष का शख्स अपनी धार्मिक पहचान के कारण एक ग़ैर-मुस्लिम से सेवा लेने से इनकार करता है।

हलाल प्रमाणन विभाग भी पशु वध (Slaughtering) के इस्लामी तरीके के बारे में दिशानिर्देश देता है। इसमें कहा गया है कि जानवर का क़त्ल तेज़ चाकू का इस्तेमाल कर सिर्फ़ एक झटके में किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि विंडपाइप (गला), फूड-ट्रैक्ट (ग्रासनली) और दो गले की नसों को एक ही झटके में काट देना चाहिए। ध्यान रखा जाना चाहिए कि सिर अलग न होने पाए और रीढ़ की हड्डी को भी न काटें। नियम तो यह भी कहते हैं कि एक मशीन द्वारा वध किया गया मांस हलाल की श्रेणी में नहीं आता, जानवर का क़त्ल एक समुदाय विशेष के व्यक्ति द्वारा ही होना चाहिए।

यह एक संपूर्ण उद्योग है जहाँ कुछ क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर गैर-मुस्लिमों के लिए पूरी तरह से बंद और प्रतिबंधित हैं। यह न केवल हिंदू धर्म के लोगों, बल्कि ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, सिख धर्म और अन्य लोगों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया है।

बहुत से लोग यह कहेंगे कि शाकाहारी भोजन की तरह ही हलाल भोजन की माँग करना अपनी-अपनी पसंद की बात है। लेकिन यह पूरी तरह से ग़लत है। जबकि लोग अपनी पसंद से शाकाहारी बन जाते हैं, समुदाय विशेष के लोगों के पास इस संदर्भ में कोई विकल्प नहीं है। इस्लामी नियम उन्हें हराम या ग़ैर-हलाल भोजन का सेवन करने से मना करता है, उन्हें केवल हलाल भोजन का सेवन ही करना होता है।

हलाल के नियम क़ुरान से हदीस और सुन्नत में निहित हैं और इस्लाम के अनुयायियों को इन नियमों का पालन करना पड़ता है। जैसे अधिकांश हिंदुओं के लिए गोमांस नहीं खाना केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है। एक समुदाय विशेष का व्यक्ति जो सूअर का मांस खाने से इनकार करता है या किसी ग़ैर-मुस्लिम द्वारा मारे गए जानवर का मांस, मात्र पसंद का मामला नहीं है, दोनों ही मामलों में मांस का सेवन करने से धर्म उन्हें रोकता है।

रेप पीड़िता के चाचा को तत्काल रायबरेली से तिहाड़ जेल लाया जाए: उन्नाव मामले पर SC का आदेश

उन्नाव रेप केस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2019) को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के लिहाज से तत्काल पीड़िता के चाचा को रायबरेली की जेल से दिल्ली की जेल में स्थानांतरित किया जाए। जबकि इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़िता के ट्रांसफर पर कोई आदेश नहीं दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता का इलाज अभी लखनऊ में ही होने दिया जाए। अगर आगे जरूरत पड़ेगी तो पीड़िता की तरफ़ से रजिस्ट्री आकर ट्रांसफर के लिए कहा जा सकता है। बता दें कि पीड़िता की माँ ने भी सर्वोच्च न्यायालय से अपनी बेटी का उपचार लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में ही जारी रहने देने की गुहार लगाई थी, जिसके मद्देनजर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

कोर्ट ने इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया से पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए कहा है। कोर्ट का आदेश है कि उन्नाव केस में रिपोर्टिंग के दौरान मीडिया इस बात का ध्यान रखे कि पीड़िता की पहचान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उजागर न हो। इस मामले के मद्देनजर अगली सुनवाई सोमवार (अगस्त 5, 2019) को होगी।

शुक्रवार को हुई इस सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायलय को ये जानकारी दी कि उन्होंने 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा रेप पीड़िता को सौंप दिया है। मुआवजे की इस रकम का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को एक दिन पहले ही दिए थे। साथ ही सरकार ने ये भी कहा है कि उन्हें पीड़िता के चाचा को रायबरेली से तिहाड़ भेजने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।

‘दानवी ताकतों’ से निबटने के लिए ‘जय श्री राम’ बोलने की ज्यादा जरूरत: DGP जैकब थॉमस

केरल के थ्रिसुर में रामकथा कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुँचे डीजीपी (निलंबित) जैकब थॉमस ने गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यही वो समय है, जब हमें उससे भी अधिक तीव्रता से जय श्री राम का जप करना है, जितनी तीव्रता से हम अभी तक करते आए हैं।

उनके मुताबिक इन दिनों दानवी ताकतें बहुत ज्यादा हो गई हैं, इसलिए हमें जय श्री राम का नारा लगाने की और ज्यादा जरूरत है। उन्होंने इस मौके पर बातचीत के दौरान राम भगवान को सच्चाई, नैतिकता और न्याय का प्रतीक बताया।

उन्होंने केरल के अट्टापदी इलाके में एक आदिवासी युवक मधु और पलक्कड़ जिले में राजनीति से जुड़े एक कार्यकर्ता की मौत का हवाला देते हुए कहा,”आज उन मूल्यों को अपनाने और बढ़ाने की जरूरत है, जिनका प्रतिनिधित्व राम किया करते थे।”

निलंबित डीजीपी ने इस इस दौरान लोगों को जय श्री राम बोलने के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसा देश नहीं बन सकते, जहाँ जय श्री राम का नारा लगाने पर पाबंदी हो। यह वो समय है, जब हमें जय श्री राम का नारा लगाने की और ज्यादा जरूरत है।” इस दौरान थॉमस ने अपनी बात को ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ खत्म किया।

गौरतलब है कि साल 2017 में जैकब थॉमस द्वारा ओखी चक्रवात पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के भी आरोप लगाए गए थे। जबकि अपने सस्पेंशन पर थॉमस का कहना था कि ये ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के नियमों के ख़िलाफ़ है। उन्होंने इसके खिलाफ याचिका भी दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट की बेंच ने 29 जुलाई 2019 को केरल सरकार को निर्देश दिए कि जैकब थॉमस को डीजीपी के बराबर रैंक पर नियुक्ति दी जाए



J&K: आतंकियों द्वारा सेना की गाड़ी पर IED से हमला: मुठभेड़ में 2 जवान घायल, 1 वीरगति को प्राप्त

जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ जिले में लगातार दूसरे दिन सुरक्षाबल और आतंकवादियों के बीच मुठभे़ड़ जारी है। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबल का एक जवान वीरगति को प्राप्त हो चुका है, जबकि 2 के घायल होने की खबर आ रही है।

जानाकारी के मुताबिक सेना की 34RR, SOG और CRPF की संयुक्त टीम शोपियाँ के पंडुशन इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चला रही है। इसमें अभी तक 2-3 आतंकियों को घेरा जा चुका है।

इसके अलावा दक्षिण कश्मीर के शोपियाँ में भी 55 राष्ट्रीय राइफल (आरआर) की एक गाड़ी को आतंकियों द्वारा निशाना बनाए जाने की खबर है

खबरों के मुताबिक आतंकियों ने सेना की एक गाड़ी पर एक शक्तिशाली आईईडी (IED) से हमला किया है। लेकिन राहत की बात ये है कि घटना में सुरक्षाबल का कोई जवान घायल या हताहत नहीं हुआ, हालाँकि इस हमले से गाड़ी को थोड़ी क्षति पहुँची है।

बता दें कि एक ओर जहाँ शोपियाँ की मुठभेड़ में गुरुवार को सुरक्षाबलों द्वारा एक आतंकी को मार गिराया जा चुका है, वहीं बांदोपोरा जिले के गुरेज़ सेक्टर में LoC के पास घुसपैठ कर रहे 3 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है।

इसके अलावा कुछ दिनों पहले सुरक्षाबल ने पुलवामा अटैक मे शामिल रहे जैश कमांडर फयास पंजू और उसके साथी शानू शौकत को एंकाउंटर के दौरान मार गिराया था। जिसके बाद सेना ने अपने ट्वीट से ‘लीडरलेस जैश’ का दावा करते हुए जानकारी साझा की थी।

कलावा पहन ख़ालिद ने 14 साल की हिन्दू लड़की को प्रेम में फँसाया: ‘4 बार रेप किया, वीडियो भी बनाया’

उत्तर प्रदेश के बरेली में 14 साल की दलित हिन्दू लड़की को मुस्लिम युवक द्वारा प्रेमजाल में फँसाने, बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर नाबालिग को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इस संदर्भ में पीड़िता ने ख़ालिद नाम के शख़्स के ख़िलाफ़ बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में मामला दर्ज करवाया है। एसपी सिटी अभिनंदन सिंह के मुताबिक़ ख़ालिद के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-376, 363, 323, पॉक्सो और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और इसकी जाँच शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल, आरोपित फ़रार है। 

एसपी सिटी अभिनंदन सिंह

पीड़िता ने बताया कि वो ब्यूटी पार्लर में नौकरी करती है और रोज ऑटो से आती-जाती है। इस दौरान उसकी मुलाक़ात ऑटो चालक से हुई, जिसने उसे अपना नाम अमन बताया। पीड़िता के मुताबिक, अमन ने ख़ुद को हिन्दू बताया और वो उसके साथ कई बार मंदिर भी गया। ख़ुद को हिन्दू बताने के लिए उसने अपने हाथ में कलावा बाँधा हुआ था और कड़ा भी पहन रखा था। ख़ालिद ने नाबालिग को अपने प्रेमजाल में फँसाकर उससे दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो भी बनाया।

पीड़िता ने बताया कि एक दिन अचानक पता चला कि वो हिन्दू नहीं है बल्कि मुस्लिम है और उसका नाम अमन नहीं बल्कि ख़ालिद है। इसके बाद पीड़िता ने उससे मिलना-जुलना बंद कर दिया। ऐसा होने पर ख़ालिद ने उसे डराया-धमकाया और पीटा भी। साथ ही अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी।

पीड़िता की माँ का कहना है कि उसकी बेटी को ख़ालिद ने ख़ुद को हिन्दू बताकर फँसा लिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म का अश्लील वीडियो बनाने की बात भी उन्होंने कही। पीड़िता की माँ आरोपित के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई चाहती हैं, जिससे उसे कड़ी सज़ा मिल सके।

ख़बर के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि 4 अगस्त को आरोपित की शादी होने वाली है, इसलिए वो चाहती है कि ख़ालिद को जल्द पकड़कर उसे सज़ा दी जाए जिससे वो और किसी लड़की की ज़िंदगी बर्बाद न कर सके।

घटना की सूचना जब हिन्दू संगठन को मिली तो वो ही पीड़िता को बारादरी थाने लेकर गए। वहाँ पहले तो FIR लिखने में हिन्दू संगठन के नेताओं और पुलिस में कहासुनी हो गई, लेकिन बाद में FIR दर्ज की गई। हिन्दू संगठन के नेताओं का कहना है कि मुस्लिम लड़के हाथों में कलावा बाँधे कॉलेज के आसपास घूमते हैं और हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फँसाकर लव जिहाद करते हैं। बरेली में ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसलिए पुलिस को इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल में BJP कार्यालय में तोड़फोड़ और बमबाजी: छठी क्लास के दो छात्र हुए घायल, दहशत में लोग

पश्चिम बंगाल में बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को एक बार फिर राजनैतिक संघर्ष देखने को मिला और इसका शिकार छठी कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्र हुए, जो कि फिलहाल कूचबिहार सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती हैं। कूचबिहार-1 ब्लॉक के चांदामारी इलाके में स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर तोड़फोड़ और बमबाजी की गई। इस दौरान ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे दो छात्र इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

दरअसल, सूबे के चांदामारी ब्लॉक स्थित पार्टी कार्यालय को लेकर सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच काफी समय से टकराव की स्थिति है। गुरुवार को हुए इस हमले के लिए बीजेपी ने टीएमसी के ऊपर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गुरुवार की सुबह टीएमसी के कुछ लोग बाजार में पहुँचे और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ और बमबाजी की। इस घटना से लोगों में दहशत फैल गई। काफी देर के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया।

चांदामारी के स्थानीय भाजपा नेता परेशचंद्र राय का कहना है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस की गुंडा वाहिनी ने अचानक से बाजार में आकर पार्टी ऑफिस तोड़ दिया। पुलिस को खबर देने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इलाके को अशांत करके रखा है। कूचबिहार जिला की भाजपा अध्यक्ष मालती राभा ने भी टीएमसी पर इलाके में आतंक फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस की तरफ से जल्द ही इन पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मजबूरन उनकी पार्टी को बड़े आंदोलन पर उतरना होगा।

वहीं, उत्तर बंगाल विकास मंत्री और टीएमसी नेता रवीन्द्रनाथ घोष का कहना है कि उनकी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उनकी पार्टी पर गलत आरोप लगाया गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर लोकसभा चुनाव के बाद से ही इलाके में शांति भंग करने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर है और इस सियासी हिंसा की अब तक कई भाजपा कार्यकर्ता भेंट चढ़ चुके हैं। बीते दिनों भाजपा कार्यकर्ता काशीनाथ घोष का शव हुगली के गोघाट के नहर से बरामद किया गया था। भाजपा ने सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर उनकी हत्या का आरोप लगाया था।