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चुनाव के चलते अलवर गैंगरेप मामला दबाने की कोशिश में कॉन्ग्रेस सरकार, SC से हस्तक्षेप की अपील

बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान के अलवर में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना को कॉन्ग्रेस सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ में पीडि़त परिवार को डरा धमकाकर तब तक इस घटना को उजागर नहीं होने दिया, जब तक कि वहाँ पर मतदान नहीं हो गया। मायावती का कहना है कि वहाँ पर उनके लोगों के द्वारा काफी प्रयास के बाद सरकार पर दबाव बनाया गया, जिसके बाद सरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो गई। मायावती ने इस मामले के दोषी के खिलाफ फाँसी की सजा की माँग की है।

गौरतलब है कि, राजस्थान के अलवर में 26 अप्रैल को कुछ लोगों महिला का उसके पति के सामने सामूहिक बलात्कार किया गया था। इस मामले में पुलिस द्वारा पीड़ित की शिकायत देर से लिखे जाने पर काफी बवाल मचा था। जानकारी के मुताबिक, महिला ने पुलिस अधिकारियों को इस मामले में 30 अप्रैल को ही जानकारी दी थी, लेकिन 7 मई तक पुलिस ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। पीड़ित महिला के पति का कहना है कि पुलिस ने चुनाव की वजह से रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की। बता दें कि, पुलिस ने इस मामले में सभी 6 आरोपितों- इंद्र राज गुर्जर, महेश गुर्जर, अशोक गुर्जर, हंसराज गुर्जर, छोटे लाल गुर्जर और मुकेश गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है।

मायावती ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार एवं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाना चाहिए, जिन्होंने वहाँ राजनीतिक स्वार्थ के लिए पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाकर इस मामले को दबाए रखा। मायावती का कहना है कि ये मामला सिर्फ एक दलित महिला से नहीं, बल्कि सभी महिलाओं से जुड़ा है।

इसके साथ ही मायावती ने चुनाव आयोग को भी निशाने पर लिया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ किए जा रहे अपमानजनक टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कई नेता महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बयान दे रहे हैं, मगर चुनाव आयोग की तरफ से उन पर किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती दिख रही है। आयोग को इसका संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

कॉन्ग्रेस की कर्जमाफी योजना की खुली पोल: सिंधिया ने सबके सामने किसान को चुप कराया

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार किसानों की कर्ज माफ़ी योजना को अब तक एक उपलब्धि के तौर पर दिखा रही थी लेकिन आज ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने एक किसान ने कर्जमाफ़ी की पोल खोल दी। आज (मई 11, 2019) सिंधिया के सामने एक किसान ने विरोध प्रदर्शन किया लेकिन नेताओं द्वारा उस किसान को चुप करवा दिया गया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया आज चुनाव प्रचार के लिए करोद गाँव में पहुँचे थे। यहाँ वह सरकार की किसान योजना को उपलब्धि बताकर पेश कर रहे थे। इसी बीच वहाँ मौजूद एक किसान उठा और उसने इस योजना को झूठा करार दिया। किसान का विरोध देखकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उसे शांत कराने की कोशिश की। साथ ही जनसभा से हटाने का भी प्रयास किया लेकिन नाराज़ किसान ने एक नहीं सुनी।

किसान का विरोध देखकर उसे सिंधिया के पास ले जाया गया। सिंधिया ने उस किसान को शांत रहने की नसीहत दी और पीछे भेज दिया। सिंधिया ने उस किसान को कहा कि जब उसे बोलने का मौक़ा दिया जाएगा, तभी वह बोले, तब तक चुप रहे।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार किसानों की कर्जमाफ़ी के बड़े वादे के साथ सत्ता में आई थी। इस दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी ने प्रदेश के 34 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ़ करने का वादा किया था।

सिख दंगों के गुनहगारों को बचाने वाले को केजरीवाल ने बेच दिया लोकसभा टिकट

दिल्ली में लोकसभा चुनाव प्रचार थम चुका है लेकिन मतदान से ठीक एक दिन पहले वेस्ट दिल्‍ली से आम आदमी पार्टी के उम्‍मीदवार बलबीर सिंह जाखड़ के बेटे उदय जाखड़ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उदय जाखड़ ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि उनके पिता ने टिकट पाने के लिए अरविन्द केजरीवाल को 6 करोड़ रुपए दिए थे। उदय के अनुसार यह एक प्रकार की घूस है जिसने उसकी अंतरात्मा हिला के रख दी।

बलबीर के बेटे उदय जाखड़ ने कहा, “ये बात मेरे पिता ने खुद मुझे बताई थी, जिसके लिए मैंने मना भी किया था। एक नागरिक होने के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि सच्चाई दुनिया के सामने आए। मेरे पिता ने तीन महीने पहले ही राजनीति ज्वॉइन की थी। मेरे पिता कभी भी आम आदमी पार्टी के सदस्य नहीं रहे और ना ही अन्ना हजारे आंदोलन में उन्होंने हिस्सा लिया था। वह कभी भी आम आदमी पार्टी में भी नहीं रहे। जनवरी में ही वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।”

उदय ने इसी प्रेस कांफ्रेंस में और भी कई खुलासे करते हुए बताया, “पिता ने मुझसे कहा कि उन्हें आप से टिकट मिल रहा है जिसके लिए उन्होंने 6 करोड़ रुपए सीधे अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय को दिए हैं। किसी भी गैर राजनीतिक शख्स को टिकट देना अपने आप में आश्चर्यजनक है। मैंने पिता से पढ़ाई के लिए पैसे माँगे तो उन्होंने मना कर दिया था। मेरे पिता ने पूर्व कॉन्ग्रेस नेता और 1984 के सिख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार और यशपाल सिंह को जमानत दिलवाने की भी कोशिश कर रहे हैं, जिसके लिए वह मोटी रकम देने को तैयार हैं।”

इतना ही नहीं उदय जाखड़ ने कहा कि दिल्ली में सिखों का नरसंहार करने वाले को कोई कैसे रिहा करा सकता है। उनके अनुसार केजरीवाल सज्जन कुमार की जमानत के समर्थन में हैं। उदय घूस संस्कृति के खिलाफ है। उदय का कहना है कि उसके पापा ने बहुत गलत किया। जो पार्टी ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को समर्थन दे, जो देश में घूस की संस्कृति को बढ़ावा दे, कोई उस पार्टी का साथ कैसे दे सकता है। उदय ने कहा, “मेरी आत्मा ने मुझे अंदर से कचोटा जिससे मैं आज ये सारे खुलासे कर रहा हूँ। मेरा किसी भी पार्टी से संबंध नहीं है।”

‘स्वघोषित’ ईमानदार नेता अरविन्द केजरीवाल का चेहरा बेनकाब हो चुका है। ऐसे कई खुलासे हुए थे जिनसे राज्य सभा टिकट बेचने का भी आरोप लगा था और यह आरोप कोई और नहीं बल्कि उन्ही के पार्टी के नेता कुमार विश्वास और कपिल मिश्रा लगा चुके हैं। हालाँकि, दुसरो पर लगातार बेबुनियाद आरोप लगाने वाले केजरीवाल अभी तक इस खुलासे पर मौन हैं।

उदय ने आम आदमी पार्टी को यह चैलेंज भी दिया कि यदि उनके पास कोई सबूत है कि बलबीर जाखड़ का पहले से AAP से कोई संबंध है तो उसका प्रमाण दें। साथ ही इस पूरे खुलासे के बाद उदय जाखड़ ने दिल्ली की जनता से अपना वोट बर्बाद न करते हुए उसे समझदारी से देने की अपील भी की।

भारत बना रहा है विश्व का सबसे बड़ा टेलिस्कोप, NASA के हबल से 12 गुना अधिक शक्तिशाली

जहाँ एक ओर कॉन्ग्रेस और विपक्षी मीडिया मोदी सरकार पर ‘साइंटिफ़िक टेम्पर’ बर्बाद करने का आरोप लगा रही है वहीं दूसरी ओर भारत दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीनों में से एक के निर्माण में महती भूमिका निभा रहा है। 30-मीटर टेलिस्कोप (TMT) नामक यह दूरबीन अमेरिका के हवाई प्रान्त में मौना केआ नामक स्थान पर स्थापित होनी है। यह सहभागिता भारत की कुल सात महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परियोजनाओं में भागीदारी की शृंखला में से एक है।

कई भारतीय संस्थान हैं शामिल

इस परियोजना में भारत की के कई संस्थान अपना योगदान दे रहे हैं। नवभारत टाइम्स ने TMT के सहायक परियोजना प्रबंधक रविंद्र भाटिया के हवाले से बताया है कि इन संस्थानों में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एस्ट्रोफीजिक्स, आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंस, इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस दूरबीन की स्पष्टता नासा के हबल टेलिस्कोप से 12 गुना अधिक होगी।

विभिन्न स्थानों पर कार्य जारी, 492 हिस्से हैं दूरबीन के आईने में  

इस परियोजना के बारे में नेहरू साइंस सेंटर (वर्ली, मुंबई) में वैज्ञानिकों को विज्ञान संगम कार्यक्रम के दौरान सम्बोधित करते हुए TMT इंडिया के सहायक परियोजना निदेशक एएन रामप्रकाश ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेलिस्कोप का निर्माण इसी वर्ष प्रारंभ हो जाने की आशा है। साथ ही यह जानकारी भी दी कि भारत न केवल टेलिस्कोप के कंट्रोल सिस्टम और सॉफ्टवेयर बल्कि उपकरणों के विकास में भी महती भूमिका निभाएगा

इस टेलिस्कोप का प्राइमरी आईना 30 मीटर का होगा जिसके 492 षट्कोणीय हिस्से होंगे। 66 मीटर चौड़े और 56 मीटर ऊँचे इस टेलिस्कोप का सेंसर पुडुचेरी में निर्माणाधीन होगा, जबकि ऐक्चुएटर बंगलुरु में तैयार किया जाएगा। जहाँ टेलिस्कोप कंट्रोल सिस्टम पुणे में तैयार हो रहा है, वहीं कुछ हिस्से मुंबई में भी तैयार किए जाएँगे।

केजरीवाल ने 6 करोड़ में बेचा लोकसभा टिकट, प्रत्याशी के बेटे ने किया खुलासा

लोकसभा चुनाव के छठे चरण में दिल्ली में वोटिंग से कुछ घंटे पहले एक सनसनी खेज खुलासा हुआ है। आम आदमी पार्टी के वेस्ट दिल्ली के उम्मीदवार बलवीर सिंह जाखड़ के बेटे ने केजरीवाल पर 6 करोड़ रुपए में लोकसभा टिकट बेचने का आरोप लगाया है। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में यह आरोप साफ़ सुना जा सकता है।

ईमानदार राजनीति का खोखला दावा करने वाले केजरीवाल का चरित्र आज फिर दिल्ली के सामने उजागर हुआ है कि कैसे यह पार्टी के नेताओं को किनारे कर सिर्फ पैसे के लिए लोकसभा टिकट बेच रहे हैं। इस इंटरव्यू के बाहर आने से दिल्ली में अच्छी-खासी हलचल है।

वेस्ट दिल्ली के उम्मीदवार बलबीर सिंह जाखड़ के बेटे को जब पता चला कि उसके पापा से चुनाव लड़ने के लिए केजरीवाल ने 6 करोड़ रुपए लिए हैं तो वह भड़क गया। कहा कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को समर्थन देने वाले को आपने पैसे क्यों दिए।

कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी के आज कैसे दिन आ गए हैं। जिसने सभी मर्यादा को ताक पर रख दिल्ली की जनता को ठगने का पूरा मॉड्यूल तैयार किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो चुकी है। हालाँकि, अभी तक इस केजरीवाल का कोई भी बयान नहीं आया है। लेकिन इस खुलासे का असर चुनाव पर पड़ना तय है।

‘चूड़ियाँ खनकाने वाली दुल्हन हैं मोदी’: सिद्धू का PM पर आपत्तिजनक बयान

लोकसभा चुनाव के इस मौसम में विवादित बयानबाजी अब आम हो चली है। इन हमलों में कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल है। मध्य प्रदेश के इंदौर में सिद्धू ने पीएम की गरिमा को तार-तार करते हुए उन्हें ‘दुल्हन के हाथों की खनकती चूड़ियाँ’ तक कह डाला। उन्होंने कहा, “मोदी जी उस दुल्हन की तरह हैं जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियाँ ज़्यादा खनकाती है, ताकि मोहल्ले वालों को यह पता चले कि वो काम कर रही है। बस यही हुआ है मोदी सरकार में।”

सिद्धू ने यह कहकर पीएम मोदी पर काम कम करने और प्रचार ज़्यादा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मोदी केवल झूठ बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री और उनका पूरा कुनबा झूठा है।” सिद्धू इतने पर ही नहीं रुके और अपने तुकबंदी के अंदाज़ में बोले, “ना राम मिला, ना रोज़गार मिला, हर गली में मोबाइल चलाता एक बेरोज़गार मिला।”

ख़बर के अनुसार, सिद्धू ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कटाक्ष किया, “मैंने हीरो नम्बर वन, कुली नम्बर वन और बीवी नम्बर वन जैसी फिल्में देखी थीं। लेकिन इन दिनों मोदी की नई फ़िल्म आ रही है- फेंकू नम्बर वन।” उन्होंने कहा, “मैं उन्हें झूठा नंबर वन, डिवाइडर इन चीफ़ और अंबानी और अडानी का बिजनेस मैनेजर कहता हूँ।”

इससे पहले भी नवजोत सिंह सुद्धू ने पीएम मोदी पर हमलावर रुख़ अपना चुके हैं जिसमें उन्होंने मोदी के ख़िलाफ़ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी में उन्होंने प्रधानमंत्री पर “राफ़ेल विमान सौदे में पैसा बनाने” का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि पीएम मोदी ने अमीरों को राष्ट्रीयकृत बैंकों को लूटने के बाद देश से भागने की अनुमति दी। इसी टिप्पणी पर भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी, जिसके परिणामस्वरूप सिद्धू को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था, साथ ही सिद्धू पर 72 घंटों के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इससे पहले भी वो इंदौर में एक चुनावी रैली में पीएम मोदी पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप मढ़ चुके हैं। सिंधी कॉलोनी में चुनावी सभा में उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा, “मोदी में दम है तो वह रोज़गार, नोटबंदी और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ें। लेकिन वह लोगों को धर्म और जात-पात के नाम पर बाँटकर चुनाव लड़ रहे हैं।”

देश के प्रधानमंत्री को लेकर सिद्धू के मन में जो छवि है वो उनके शब्दों से साफ़ झलकती है। यह कहना ग़लत नहीं होगा कि पीएम मोदी को लेकर की गई टीका-टिप्पणी अनगिनत हैं। शायद ही ऐसा कोई दिन गुज़रता हो जिस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमले न किए गए हों। बात अगर पीएम मोदी की करें तो वो अपने बयानों में भ्रष्टाचार जैसे विषयों को मुद्दा बनाते हैं और इसमें जो भी नाम शामिल होते हैं उन्हें उजागर करते हैं। लेकिन विपक्ष के पास तो कोई मुद्दा ही नहीं होता इसलिए वो अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से नहीं चूकते। फिर चाहे उस अभद्र भाषा का इस्तेमाल उनकी माँ के लिए किया गया हो, उनकी धर्मपत्नी के लिए किया गया हो या फिर उनके परिवार के किसी अन्य सदस्यों को लेकर किया गया हो, उससे विपक्ष को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

IAF को मिला पहला Apache हेलीकॉप्टर, भारत के लिए साबित हो सकता है गेम चेंजर

शनिवार (मई 11, 2019) को अमेरिका के एरिजोना में स्थित प्रोडक्शन फैसिलिटी सेंटर में भारतीय वायुसेना ने पहला अपाचे हेलिकॉप्टर प्राप्त किया। इस दौरान एयर मार्शल एएस बुटोला ने भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करते हुए पहला अपाचे स्‍वीकार किया। अपाचे हेलीकॉप्टर के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद पाकिस्तान समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों में निगरानी मजबूत हो जाएगी। साथ ही आपात स्थिति में यह हेलीकॉप्टर सेना की त्वरित मदद भी कर पाएँगे।

बता दें कि 15 चिनूक और 22 अपाचे हेलिकॉप्‍टर के लिए भारत और अमेरिकी सरकार के बीच 3 बिलियन डॉलर का समझौता हुआ था। डील के तहत अमेरिका को इन सभी हेलीकॉप्टर्स की डिलीवरी तीन से चार साल के भीतर करनी थी। अब भारतीय वायुसेना को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर मिल गया है। चिनूक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी पहले ही शुरू हो चुकी है।

अपाचे हेलीकॉप्टर की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे रडार से पकड़ना काफी मुश्किल है। साथ ही सबसे बड़ी बात ये है कि इसके पास 16 एंटी टैंक मिसाइल को छोड़ने की क्षमता है, जिसे सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अपाचे हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियाँ भरी जा सकती हैं। AH-64 E अपाचे एक प्रमुख लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसे किसी भी मौसम में उड़ाया जा सकता है। इसकी फ्लाइंग रेंज 550 किलोमीटर है और ये एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ान भर सकता है। अपाचे से दुश्मनों पर किसी भी परिस्थिति में हमला किया जा सकता है। इसमें हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइल के साथ ही दोनों तरफ 30mm की दो गनें भी लगी हुई हैं।

रक्षा विश्‍लेषकों का मानना है कि अपाचे युद्ध के समय ‘गेम चेंजर’ की भूमिका निभा सकता है। उन्‍होंने बताया कि अमेरिका ने ब्‍लैक हॉक और अपाचे हेलिकॉप्‍टर के अंदर कुछ बदलाव करके वर्ष 2011 में उनका इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान के अंदर घुसकर अल क़ायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए किया था।

मुस्लिम इलाकों में नहीं हुआ कोई ‘सियासी ऐलान’, क्या सचमुच रमज़ान के कारण कम होगा मतदान?

रमजान शुरू होने के बाद दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनाव की सरगर्मी ठंडी पड़ गई है। मुस्लिम समुदाय के लोग इन दिनों रोजे रखते हैं और शाम को इफ्तार और उसके बाद तरावीह की नमाज़ में व्यस्त हो जाते हैं। ज़ाहिर है इस दौरान आम मुस्लिमों के पास राजनीति पर चर्चा करने का वक्त नहीं रहता।

दिल्ली में 12 मई को वोट पड़ने हैं और हर राजनैतिक पार्टी अपने-अपने दावे कर रही है लेकिन मुस्लिम अपना वोट किसे देंगे इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है। उलमा भी इस बार इन मामलों पर बोलने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने तो कुछ दिन पहले ही ऐलान किया था कि इन चुनावों में वो किसी भी राजनैतिक पार्टी के पक्ष में या फिर विपक्ष में अपील नहीं करेंगे। अपनी बात पर कायम रहते हुए शुक्रवार (मई 10,2019) को जुमे की नमाज के बाद उन्होंने कोई ऐलान नहीं किया।

नवभारत टाइम्स से हुई बातचीत में बुखारी ने कहा कि उन्होंने लोगों से वोट करने की अपील इसलिए नहीं कि क्योंकि लोग खुद समझदार हैं और लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए जो जरूरी होगा वो करेंगे। वहीं दिल्ली की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद फतेहपुरी के शाही इमाम डॉ मुफ्ती मोहम्मद मुकर्म ने जुमे के मौक़े पर लोगों से केवल वोट करने की अपील की।

मुफ्ती ने इलाके के मुस्लिमों को सलाह दी कि सभी को सुबह 7 बजे अपने-अपने पोलिंग बूथ पर मौजूद होना चाहिए। वहाँ मौजूद रहकर उन्हें बुजुर्गों, औरतों और बीमार लोगों की वोट डालने में मदद करनी चाहिए। हालाँकि मुफ्ती ने भी किसी पार्टी के पक्ष में कोई अपील नहीं की लेकिन यह जरूर कहा कि वोट बँटना नहीं चाहिए।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार फिरोजशाह कोटला किले के मस्जिद के बाहर नमाज़ पढ़कर निकले पुरानी दिल्ली के कुछ लोगों ने एनबीटी से बातचीत में बताया कि दिन में तो किसी के पास वक्त नहीं रहता लेकिन नमाज के बाद जब लोग खाली होते हैं तो जरूर इस बात पर चर्चा करते हैं कि वोट किसे दिया जाए।

उल्टा राहुल EC को डाँटे: ‘मैंने कोई गलती नहीं की, आप भेदभाव मत कीजिए’

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग में जवाब दाखिल किया। इसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग को नसीहत दी है कि आयोग आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करते वक्त निष्पक्ष रहे और कॉन्ग्रेस के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैया न अपनाए। राहुल गाँधी का कहना है कि उन्होंने आदिवासियों के बारे में जो बयान दिया था, उसमें उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।

दरअसल, राहुल गाँधी ने 23 अप्रैल को मध्यप्रदेश के शहडोल में कहा था कि मोदी सरकार एक ऐसा कानून लेकर आई है, जिसके तहत आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है। वो आपकी जमीन और जंगल पर कब्जा कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब माँगा था। चुनाव आयोग के कारण बताओ नोटिस के जवाब में राहुल ने कहा कि उन्होंने भारतीय वन कानून में प्रस्तावित संशोधन को अपने एक राजनीतिक भाषण में संक्षिप्त कर सरल ढंग से समझाने का प्रयास किया था। इसके पीछे जनता को गुमराह करने या झूठ फैलाने की कोई मंशा नहीं थी।

राहुल ने कहा कि भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि वह एक राजनीतिक पार्टी के प्रमुख होने के साथ ही उसके स्टार प्रचारक भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना मोदी सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और कार्यों तक ही सीमित थी। भाषणों में मोदी सरकार के कामकाज की आलोचना करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। शहडोल में भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को लेकर दिया गया था। इसलिए शिकायत को रद्द किया जाना चाहिए।

राहुल गाँधी ने चुनाव आयोग से कहा कि आयोग पार्टियों के खिलाफ की गई शिकायतों पर कार्रवाई करते वक्त निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण, गैर-मनमाना और संतुलित दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित भाजपा नेताओं द्वारा दिये गए कई बयानों का हवाला दिया, जिनमें कई नेताओं ने ‘आपत्तिनजक’ शब्दों का इस्तेमाल किया था।

‘न्यूट्रल’ मीडिया ने पित्रोदा से कहा: ‘चुप भी करो यार, भाजपा को फायदा हो रहा है’

सिख दंगों पर सैम पित्रौदा का ‘हुआ तो हुआ…’ वाला विवादित बयान आने के बाद उनकी चारों ओर से आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी तक ने दिल्ली में चुनाव करीब होने के कारण सैम पित्रोदा से माफ़ी माँगने को कहा है, ताकि इसका खामियाज़ा पार्टी को चुनाव के आगामी चरणों में न भुगतना पड़े।

जिस प्रकार राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के अन्य नेता पित्रोदा के बयान की खुलकर आलोचना कर रहे हैं, वैसे ही इस सूची में कई जाने-माने ‘न्यूट्रल पत्रकारों’ ने भी अपना नाम शामिल कर लिया है जिन्होंने चुनावी माहौल देखते हुए अपने ट्वीट के जरिए सैम पित्रोदा के बयान के विरोध में लेकिन कॉन्ग्रेस के समर्थन में आवाज़ें उठाई हैं।

आजतक के राहुल कंवल ने सैम पित्रौदा के बयान के बाद ट्वीट किया कि कॉन्ग्रेस में किसी व्यक्ति को सैम पित्रौदा से कहने की जरूरत है कि वो टीवी कैमरा से 23 मई तक दूर रहें। राहुल के मुताबिक हर बार सैम जब भी बोलते हैं तो वो कॉन्ग्रेस की विरोधी पार्टियों (अर्थात भाजपा) को फायदा पहुँचा रहे होते हैं।

वहीं प्रसिद्ध पत्रकार सबा नकवी ने बड़ी इज़्ज़त के साथ सैम पित्रौदा के ट्वीट पर सवाल किया कि वह ऐसे समय में (चुनावी माहौल में) इंटरव्यू ही क्यों दे रहे हैं?

आदित्य मेनन नामक पत्रकार ने सैम के ‘गड़बड़ ट्रांस्लेशन’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि वो सार्वजनिक स्थलों पर बोलते ही क्यों हैं? आदित्य मेनन ने कहा कि ‘नो कमेंट’ जैसी भी कोई चीज होती है। क्या वो जानते हैं।

अभिसार शर्मा ने सैम पित्रौदा के इस बयान को आधार बनाकर ट्वीट किया है कि इससे सैम पित्रोदाजी को अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि मिली है।

वहीं शिवम विज नामक जर्नलिस्ट ने सलाह दी कि कॉन्ग्रेस इन चुनावों में ज्यादा सीटों से जीत सकती है अगर सैम पित्रोदा को मीडिया के सामने बोलने से रोक लिया जाए।

स्वाति चतुर्वेदी नामक ट्रोल पत्रकार ने सैम पित्रौदा को कॉन्ग्रेस पार्टी का नया मणिशंकर अय्यर बताया है। स्वाति के मुताबिक पित्रौदा के मूर्खतापूर्ण बयानों पर मोदी ने छक्का मारा है।

हरिंदर बावेजा ने ट्वीट पर कमेंट करते हुए कहा कि सैम पित्रौदा ने जिन (सिख) दंगों पर ‘हुआ तो हुआ’ वाली प्रतिक्रिया दी है, उसकी पीड़ा के साथ आज भी कई विधवा और अनाथ जी रहे हैं और न्याय के लिए लड़ रहे हैं। क्या कॉन्ग्रेस में कोई भी उन्हें चुप नहीं कर सकता है।