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पाकिस्तान में नाबालिग हिन्दू लड़की का अधेड़ उम्र के मुस्लिम शख्स से निकाह: मदरसे के बाहर धर्मांतरण रुकवाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे परिजन, मौलवी ने बाहर से भगाया

16 साल की एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया। उसका निकाह एक अधेड़ उम्र के मुस्लिम व्यक्ति से करवा दिया गया। परिजन धर्मांतरण रुकवाने गए तो उन्हें मदरसे में भी नहीं घुसने दिया।

पाकिस्तान से एक और हिंदू नाबालिग लड़की के अपहरण, धर्मांतरण और जबरन धर्मांतरण की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब पीड़िता के परिजन घटना की जानकारी होने पर मदरसे में धर्मांतरण रुकवाने पहुँचे तो उन्हें अंदर भी नहीं जाने दिया। घटना 12 सितंबर 2024 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला पाकिस्तान के सिंध प्रान्त का है। यहाँ के हुंगुरु गाँव से बुधवार (11 सितंबर) को 16 साल की एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। पीड़िता के परिजनों की कहीं प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो वो अपनी तरफ से खोजबीन में जुट गए। इसी दौरान उनको पता चला कि उनकी बेटी का निकाह आनन-फानन में दोगुनी उम्र के मुस्लिम व्यक्ति के साथ कर दिया गया है।

परिजनों को यह भी पता चला कि गुरुवार (12 सितंबर) को पीड़िता को एक मदरसे के अंदर इस्लाम कबूल करवाया जाएगा। लड़की के परिजनों ने जैसे-तैसे मदरसे का पता लगाया और वहाँ अपनी बेटी को बचाने पहुँचे, लेकिन मदरसे के बाहर पहुँचने के बाद भी वो इस्लामी कट्टरपंथियों से जीत नहीं पाए। मदरसे के बाहर लड़की की माँ और पिता मिन्नत करते रह गए पर उन्हें उनकी बेटी से मिलवाया तक नहीं गया। मौलवी ने पीड़िता के घर वालों को भगा दिया। इसी के साथ लड़की को इस्लाम कबूल करवा दिया गया।

पाकिस्तान दारावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिवा फकीर काची ने आरोप लगाया है कि वहाँ हिन्दू लड़कियों के साथ ऐसी गंभीर घटनाएँ अब आम बात जैसी हो गईं हैं। उन्होंने हिन्दुओं को गरीब बताया जिसकी वजह से उनकी महिलाओं को कट्टरपंथी टारगेट करते हैं। बताते चलें कि बुधवार (11 सितंबर) को हैदराबाद के एक सेशन कोर्ट ने एक हिन्दू लड़की को उसके परिवार के साथ फिर से मिलाने का आदेश दिया था। पीड़िता का 2023 में हैदराबाद से अपहरण कर लिया गया था। बाद में लड़की को इस्लाम कबूल कराया गया था और फिर एक उम्रदराज मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करवा दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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