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कोलकाता के जिस मेडिकल कॉलेज में डाक्टर का रेप-मर्डर, वहाँ से बांग्लादेश होती थी तस्करी, लाशों को बेचने वाले रैकेट में संदीप घोष भी: RG Kar अस्पताल के पूर्व अधिकारी का दावा

पश्चिम बंगाल के आरजी कर अस्पातल के विवादों में आने के बाद अब इस अस्पताल और इसके पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। मीडिया में दावा किया जा रहा है कि संदीप घोष की संलिप्ता कई सारी अवैध गतिविधियों में थी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार संदीप घोष को लेकर मेडिकल कॉलेज के पूर्व डिप्टी सुप्रीटेंडेंट अख्तर अली ने दावा किया कि संदीप घोष तो अस्पताल से बायोमेडिकल वेस्ट और मेडिकल सप्लाई की तस्करी बांग्लादेश में भी करते थे। अख्तर अली का दावा है कि साल 2023 में उन्होंने इस बात की चिंता राज्य सतर्कता आयोग के समक्ष उठाई थी। जाँच में वह दोषी भी पाए गए लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बीवी को बेरहमी से पीटा, पड़ोसी आज तक नहीं भूले

इंडिया टुडे की एक अन्य मीडिया रिपोर्ट बताती है कि आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल अपनी पत्नी को बेरहमी से मारने के कारण भी बदनाम हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार संदीप घोष पहले बारासाट में रहते थे। वहीं के पड़ोसी ने इंडिया टुडे को बताया कि कैसे 12 साल पहले जब संदीप ने अपनी पत्नी को उस समय बुरी तरह पीटा था जब उसकी सिजेरियन हुए 14 दिन ही हुए थे।

रिपोर्ट में खुद को संदीप का पूर्व पड़ोसी बताने वाला शख्स कहता है, “एक बार मेरे और घोष के बीच बहस हुई थी। उनका व्यवहार हमेशा खराब रहता था। बाद में मुझे पता चला कि वह एक डॉक्टर थे। यहाँ रहने के दौरान एक घटना हुई जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उनके सिजेरियन टांके फट गए और उन्हें खून बहने लगा। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि इसे पारिवारिक मामला माना गया, लेकिन जब मामला बहुत गंभीर हो गया तो सभी ने विरोध करना शुरू कर दिया।”

इसी तरह एक अन्य पड़ोसी ने भी बताया, “घोष यहाँ बहुत कम समय के लिए रहा और फिर उसने अपना घर बेच दिया। इसी घर में उसने अपनी पत्नी को पीटा था। जब यह घटना हुई तो पूरा इलाका बाहर इकट्ठा हो गया। मुझे ठीक से याद नहीं है कि यह उसकी गर्भावस्था के दौरान हुआ था या बच्चे के जन्म के तुरंत बाद, लेकिन यह एक चौंकाने वाली घटना थी।”

गौरतलब है कि आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के रेप और हत्या के मामले में घोष को 12 अगस्त को रिजाइन देना पड़ा था। बाद में सीबीआई ने उनसे पूछताछ शुरू की और संदीप से जुड़े विवाद सामने आते रहे। बांग्लादेश में तस्करी, बीवी से मारपीट के अलावा संदीप घोष पर जून 2023 में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। उस समय उन्हें वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज ट्रांसफर किया गया था। हालाँकि बाद में दोबारा उनका आरजी कर अस्पताल में कार्यभार मिल गया।

अस्पताल में हुई रहस्यमयी मौतें, देह व्यापार का भी दावा

बता दें कि जिस तरह आरजी कर अस्पताल के प्रिंसिपल का नाम पहली बार विवादों से नहीं जुड़ा, उसी तरह इस अस्पताल का नाम भी विवादों में पहली बार नहीं आया है। कहा जा रहा है कि इस अस्पताल मेंपहले भी रहस्यमयी मौते हुई हैं। कभी यहाँ मेडिकल प्रोफेशनल मारे गए तो कभी प्रोफेसर और कभी हाउस स्टाफ।

  • 25 अगस्त, 2001 को ऐसी एक घटना हुई थी जब चौथे वर्ष के छात्र सौमित्र विश्वास को छात्रावास के कमरे में ही फंदे से मृत लटका हुआ पाया गया था। उनकी मौत को भी प्रशासन ने आत्महत्या बताया था, लेकिन तब भी हॉस्टल में अश्लील फिल्मों के निर्माण की बात उड़ी थी। अरोमिता दास और अमित बाला नामक उसके 2 सहपाठियों की गिरफ़्तारी के बावजूद ये मामला अनसुलझा रहा, जबकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने CID जाँच का आदेश दिया था
  • 5 फरवरी, 2003 को अरिजीत दत्ता नामक हाउस स्टाफ ने आत्महत्या की थी। बताया गया कि उसने पहले खुद को हाथ में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया, फिर कलाई की नस काट ली और फिर छत से कूद गया। वो बीरभूम के सिउरी के रहने वाले थे। न कोई सुसाइड नोट मिला, न आत्महत्या का कारण पता चला।
  • घटना के कुछ ही दिन बाद 16 फरवरी को प्रवीण गुप्ता ने आत्महत्या का प्रयास किया। हरियाणा के प्रवीण मानिकतल्ला स्थित लालमोहन हॉस्टल में रहते थे, उन्होंने अपनी दोनों कलाई की नस काटने का प्रयास किया था। प्रवीण के पिता ने बेटे के किसी बात से परेशान होने की बात कही थी, वहीं पुलिस ने प्रेम-प्रसंग बता कर कहा कि उसने अपनी प्रेमिका को सुसाइड नोट भेजा था। हालाँकि, उसके साथियों ने उसे कभी अवसादग्रस्त नहीं पाया।
  • 24 अक्टूबर, 2016 को 52 वर्षीय मेडिसिन के प्रोफेसर गौतम पाल का सड़ा-गला शव दक्षिणी दमदम स्थित उनके किराए के घर से बरामद हुआ था। दरवाजा अंदर से बंद था तो हार्ट अटैक से अचानक मौत की बात कह पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया।
  • कोरोना महामारी के दौरान स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा पौलमी साहा की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल की छठी मंजिल से कूद कर आत्महत्या की बात कही, सहपाठियों ने उसके अवसाद में होने की बात कही थी। आज तक ये भी रहस्य है।

इन रहस्यमयी मौतों के अलावा इस अस्पताल में देह-व्यापार का धंधा चलने से लेकर यहाँ ड्रग्स तस्करों तक के सक्रिय रहने की बातें होती रही हैं… अब इन बातों की सच्चाई क्या है जाहिर सी बात है ये जाँच के बाद ही सामने आ पाएगा, लेकिन सवाल तो उठता है कि अगर एक राज्य में किसी अस्पताल से जुड़ी इतनी गड़बड़ घोटालों को लेकर खुलासे हो रहे हैं तो फिर जाँच क्यों नहीं हुई। क्यों संदीप घोष को मुर्शिदाबाद से दोबारा आरजीकर अस्पताल में अपनी नौकरी वापस मिल गई, क्यों बार-बार ट्रांसफर होते-होते रह गया।

4 महीने से अश्लील वीडियो दिखा रहा था टीचर, 6 छात्राओं की शिकायत के बाद खुला मामला: महाराष्ट्र के अकोला की घटना, बोलीं पीड़िताएँ- गंदे वीडियो दिखा छूता था

महाराष्ट्र के बदलापुर में दो बच्चियों के साथ यौन दुराचार के बाद अकोला जिले में भी एक शिक्षक पर अपनी छात्राओं के साथ यौन शोषण का आरोप लगा है। अकोला के एक स्कूल में पढ़ने वाली 6 बच्चियों ने अपने शिक्षक पर गलत तरीके से छूने और गंदे वीडियो दिखाने का आरोप लगाया है। आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अकोला जिले के काजीखेड़ में स्थित एक सरकारी स्कूल में यह घटना हुई है। उराल थाने में दर्ज करवाई गई FIR में बताया गया है बच्चियों का यह शोषण पिछले 4 महीने से जारी था। उनका शिक्षक प्रमोद सरदार उन्हें अश्लील वीडियो दिखाता था और उन्हें गलत तरीके से छूता था।

बताया गया है कि बच्चियों ने बाल संरक्षण हेल्पलाइन में शिकायत की थी। इसके बाद बाल संरक्षण आयोग के कुछ सदस्यों ने मंगलवार (20 अगस्त, 2024) को स्कूल का दौरा किया। इसके बाद सदस्यों ने बच्चियों से बात की और फिर इस मामले में FIR दर्ज की। पुलिस ने शिक्षक के विरुद्ध POCSO और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कहा है कि उन्हें पहले से इस मामले में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि स्कूल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके बाद यह खुलासा हुआ। पुलिस अब आगे इस मामले में जाँच कर रही है। पीड़ित बच्चियों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं।

अकोला से पहले महाराष्ट्र के ही बदलापुर से दो बच्चियों के साथ यौन दुराचार की घटना सामने आई। यौन दुराचार की यह घटना 13 अगस्त, 2024 को सुबह 9 बजे के आसपास हुई। यहाँ किंडरगार्टन में पढ़ने वाली दो बच्चियों, जिनकी उम्र 3 और 4 वर्ष है, उनके साथ यौन दुराचार हुआ।

दोनों बच्चियाँ स्कूल का टॉयलेट इस्तेमाल करने गई थीं। यहाँ स्कूल के ही एक कर्मचारी ने दोनों बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। एक बच्ची ने बताया कि उसके कपड़े उतारे गए। दोनों बच्चियाँ इस कारण डर गईं। इनमें से एक बच्ची ने अपने परिजनों से निजी अंगों में दर्द की शिकायत की। बच्ची ने पूछे जाने पर बताया कि स्कूल के एक ही कर्मचारी उसके साथ दुराचार किया है।

इनमें से एक बच्ची के मेडिकल टेस्ट में हायमन भंग होने की बात भी सामने आई है। बच्चियाँ इस आरोपित को ‘दादा’ कहती थीं। मामले के सामने आने के बाद दोनों बच्चियों के परिजनों ने आरोपित के विरुद्ध POSCO समेत कई धाराओं में FIR दर्ज करवाई है।

बांग्लादेश में अब हिंदू सरकारी कर्मचारियों को बनाया जा रहा निशाना: कहीं टीचरों को कमरे में बंद कर लिखवाया इस्तीफा, कहीं घेरकर रिजाइन पर करवाए साइन

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनने के बाद हिंदुओं पर अत्याचार समाप्त नहीं हुए हैं। उलटा अब वहाँ उन हिंदुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है जो संस्थानों में कार्यरत है और सालों से अपनी सेवा उस संस्थान को देते आए हैं। इस क्रम में कहीं खुद मुस्लिम छात्र अपने टीचर को परेशान करके उनसे इस्तीफा लिखवा रहे हैं तो कहीं सरकारी अधिकारी से हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। कारण सिर्फ एक है- इन लोगों की धार्मिक पहचान।

20 अगस्त को बांग्लादेश में इस्कॉन के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने एक्स पर जानकारी दी कि कैसे गौतम चंद्र पाल नाम के हिंदू शिक्षक को इस घृणा का शिकार होना पड़ा। गौतम अजीमपुर सरकारी कॉलेज के सबसे बेहतरीन कैमेस्ट्री टीचरों में से एक थे, लेकिन मुस्लिम छात्रों ने उनपर दबाव देकर उनसे इस्तीफा ले लिया। तस्वीर में देखा जा सकता है कि गौतम को इर्द-गिर्द टीचरों ने घेरा हुआ है।

19 अगस्त को इसी तरह से सोनाली रानी दास नाम की हिंदू महिला पर दबाव बनाया गया था कि वो होली रेड क्रिसेंट नर्सिंग कॉलेज में अपनी असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी को छोड़ दें।

ऑपइंडिया ने जब इस मामला बांग्लादेश की एक स्कूल टीचर से बात की तो उन्होंने बताया कि कैसे मुस्लिम छात्रों ने उन्हें इस्तीफे के लिए मजबूर किया। इसके लिए छात्रों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। महिला टीचर दर्द साझा करते हुए कहती हैं- “मुझे यकीन नहीं होता कि मेरे छात्रों ने मेरे साथ ऐसा किया। मैंने कई छात्रों को पढ़ाया वो मेरे साथ अब भी संपर्क में हैं। लेकिन जो हुआ उस पर विश्वास नहीं होता। ये लोग हमें नहीं छोड़गे।”

55 साल की महिला टीचर ने बताया कि उनकी स्थिति ये कर दी गई थी कि उन्होंने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। इसके अलावा वो बच्चे उन्हें काफिर और मलाऊ जैसे शब्द कहकर बुला रहे थे।

18 अगस्त को इस्लामी कट्टरपंथी छात्रों ने हिंदू शिक्षक खुखू रानी बिस्वास का घेराव कर लिया था। खुकू रानी बिस्वास जेसोर नर्सिंग इंस्टीट्यूट की इंचार्ज थीं। उन्हें कट्टरपंथी छात्रों द्वारा उनके दफ़्तर में पाँच घंटे तक घेरे रखा था। इस दौरान बस उनसे उनके इस्तीफे की माँग हो रही थी।

इसी तरह, 18 अगस्त को एक्स यूजर @VladAdiReturns ने विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों के कुछ अन्य हिंदू शिक्षाविदों और शिक्षकों की एक लिस्ट साझा की, जो बांग्लादेश में इस्लामवादियों के निरंतर उत्पीड़न के शिकार हुए हैं। इसमें मशहूर गायक सुबीर नंदी की बेटी का भी जिक्र है जिन्हें भारत जाने को कहा गया है।

पोस्ट में बताया गया कि खुलना इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति मिहिर रंजन हलदर को 12 अगस्त को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। इसी तरह, चांदपुर के पूरनबाजार डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल रतन कुमार मजूमदार को भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।

एक्स यूजर ने यह भी बताया कि कैसे बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में सेताबगंज सरकारी कॉलेज के मुस्लिम छात्र भी प्रिंसिपल सुबोध चंद्र रॉय और उनके कार्यालय कर्मचारी निर्मल चंद्र रॉय के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

14 अगस्त को कुछ मुस्लिम छात्रों ने एक हिंदू प्रोफेसर सौमित्र शेखर को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। सौमित्र शेखर बांग्लादेश के मोयमोंसिंघा जिले में काजी नजरुल इस्लाम विश्वविद्यालय के कुलपति थे।

एक्स यूजर @Chellaney की एक अन्य पोस्ट में बताया कि कैसे मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने 363 नगरपालिका महापौरों, 60 जिला परिषदों और 493 उपजिला अध्यक्षों को उनके पदों से हटा दिया है।

मालूम हो कि बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के नाम पर भड़की हिंसा में हिंदुओं को निशाना चुन चुनकर बनाया गया था। इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी और सामान लूट ले गए थे। इसके अलावा मंदिरों में जाकर वहाँ मूर्तियों को खंडित करने का काम भी हुआ था। साथ ही साथ दुकानों से ताला तोड़कर सामान लूटे गए थे।

जिन्होंने आतंकी कसाब को दिलाई फाँसी, अब वही बदलापुर की बच्चियों को दिलाएँगे न्याय: जिनको स्कूल में कहती थीं ‘दादा’, उसने ही कपड़े खोल किया दुराचार

महाराष्ट्र के ठाणे जिला के बदलापुर में दो बच्चियों से यौन दुराचार के मामले में अब पैरवी देश के प्रख्यात वकील उज्ज्वल निकम करेंगे। वह आरोपित को कड़ी सजा दिलवाने के लिए पीड़ितों का पक्ष सरकार की तरफ से रखेंगे। उन्हें महाराष्ट्र की NDA सरकार ने यह काम सौंपा है। इस बीच बच्चियों से यौन दुराचार की घटना को लेकर लोगों का गुस्सा नहीं थम रहा है। आक्रोशित लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, इस बीच उन्होंने रेल भी रोक दी, इसके बाद 200 से अधिक व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।

बदलापुर यौन दुराचार घटना की घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने ऐलान किया है कि इस मामले में को फ़ास्टट्रैक कोर्ट में जाया जाएगा। साथ ही उन्होंने ऐलान किया है कि इस मामले में विशेष पब्लिक प्रासीक्यूटर के तौर पर वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम को नियुक्त किया गया है। उज्जवल निकम ने 26/11 मुंबई हमलों के आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ भी पैरवी की थी और उसे फांसी की सजा दिलवाने में कामयाब रहे थे।

उज्जवल निकम ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रया दी है। उन्होंने कहा, “मेरी उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने बात हुई है और उन्होंने मौखिक रूप से मुझे इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रासीक्यूटर बनने को कहा था, मैंने इस पर हामी भर दी है। हालाँकि, मुझे अभी इस संबंध में सरकारी आदेश का इन्तजार है। जल्द ही सरकारी जाँच एजेंसी इस मामले में चार्जशीट दायर करेगी और इसके बाद मेरा रोल चालू होगा। मुझे उम्मीद है मामला जल्द ही परिणाम तक पहुँचेगा।”

बदलापुर में हुए यौन दुराचार मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करके अपनी कार्रवाई चालू कर दी है। इस मामले में FIR से कई जानकारियाँ सामने आई हैं। बताया गया है कि बच्चियों के साथ यौन दुराचार की यह घटना 13 अगस्त, 2024 को सुबह 9 बजे के आसपास हुई। यहाँ किंडरगार्टन में पढ़ने वाली दो बच्चियों, जिनकी उम्र 3 और 4 वर्ष है, उनके साथ यौन दुराचार हुआ। दोनों बच्चियाँ स्कूल का टॉयलेट इस्तेमाल करने गई थीं। यहाँ स्कूल के ही एक कर्मचारी ने दोनों बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। एक बच्ची ने बताया कि उसके कपड़े उतारे गए।

दोनों बच्चियाँ इस कारण डर गईं। इनमें से एक बच्ची ने अपने परिजनों से निजी अंगों में दर्द की शिकायत की। बच्ची ने पूछे जाने पर बताया कि स्कूल के एक ही कर्मचारी उसके साथ दुराचार किया है। इनमें से एक बच्ची के मेडिकल टेस्ट में हायमन भंग होने की बात भी सामने आई है। बच्चियाँ इस आरोपित को ‘दादा’ कहती थीं। मामले के सामने आने के बाद दोनों बच्चियों के परिजनों ने आरोपित के विरुद्ध POSCO समेत कई धाराओं में FIR दर्ज करवाई है।

बच्चियों से यौन दुराचार के आरोपित का नाम अक्षय शिंदे है। वह इस स्कूल में हाल ही में नौकरी पर रखा गया था। उसने 1 अगस्त, 2024 से ही स्कूल में काम करना चालू किया था। वह स्कूल में सफाईकर्मी के तौर पर काम करता था। उसे अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि, उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लोग आक्रोशित हैं। बच्ची के साथ यौन दुराचार की खबर के बाद एक भीड़ ने उस स्कूल में भी तोड़फोड़ की और पत्थर बरसाए। उन्होंने आरोपित को फांसी देने की माँग की।

मामले में आक्रोशित लोगों ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर पटरियाँ भी जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ रेल पटरियों पर मंगलवार (20 अगस्त, 2024) के दिन लगभग 10 घंटे तक बैठी रही। इस दौरान ट्रेनों का संचालन रुक गया। बाद में इन लोगों ने रेल पटरियाँ खाली की। बदलापुर में हुए प्रदर्शन मामले में एक FIR दर्ज की है, इसमें 300 लोगों को आरोपित बनाया गया है। मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, इन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है।

झाड़-फूँक के बहाने घर में घुसा मौलवी नसरू, पहले दबाए स्तन फिर कमरे में खींचा: बुलंदशहर की घटना, रईस ने भी वाल्मिकी समाज की युवती को सड़क पर दबोचा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के एक ही इलाके में मुस्लिम समुदाय के आरोपितों द्वारा दलित उत्पीड़न के 2 अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहले मामले में नसरु नाम के एक मौलवी ने झाड़-फूँक करवाने गई एक वंचित समाज की महिला से अश्लील हरकतें की। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे मामले में रईस नाम के आरोपित ने अनुसूचित जाति की एक महिला को बदनीयती से पकड़ कर किस करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

जाटव समुदाय की महिला से मौलवी की अश्लील हरकतें

पहला मामला बुलंदशहर जिले के थानाक्षेत्र जहाँगीराबाद का है। यहाँ शनिवार (17 अगस्त 2024) को जाटव समाज के एक व्यक्ति ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि उनकी शादीशुदा बेटी अक्सर बीमार रहा करती थी। रक्षाबंधन में वो अपने मायके आई थी। किसी की सलाह पर महिला का पिता ने चचराई मोड़ के पास झाड़-फूँक करवाने मौलवी नसरु को अपनी समस्या बताई। शनिवार की दोपहर लगभग 2 बजे नसरु मौलवी खुद ही पीड़िता के मायके पहुँच गया। तब घर में पीड़िता का पिता मौजूद नहीं था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक उनकी गैर-मौजूदगी में ही मौलवी नसरू पीड़िता का हाथ देखने लगा। थोड़ी ही देर में मौलवी पीड़िता के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया और उसे बाहों में भर लिया। इसके बाद मौलवी पीड़िता को पकड़कर जबरन एक कमरे में ले जाने लगा। इसी बीच वहाँ पीड़िता की बुआ पहुँच गई। बुआ को देखकर पीड़िता की भी हिम्मत बँधी और वो मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगी। शोरगुल सुन कर आसपास के लोग जमा हो गए।

लोगों ने भाग रहे मौलवी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। शिकायत कॉपी में पीड़ित पिता ने मौलवी नसरु पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। वहीं पुलिस ने मौलवी को गिरफ्तार करके उस पर SC/ST एक्ट के साथ BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 75 के तहत कार्रवाई की है। मामले की जाँच डिप्टी एसपी अनूपशहर कर रहे हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

वाल्मीकि समाज की महिला से रईस की बदनीयती

दूसरा मामला भी बुलंदशहर के जहाँगीराबाद थानाक्षेत्र से ही है। यहाँ रविवार (18 अगस्त 2024) को वाल्मीकि समाज की एक महिला ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि रविवार की सुबह वह कुछ काम से बाहर निकली थी, तभी रईस नाम का एक युवक रास्ते में मिला। रईस ने पीड़िता को बदनीयती से दबोच लिया और किस करने की कोशिश करने लगा। पीड़िता ने आरोपित की इस हरकत का विरोध किया और खुद को जैसे-तैसे रईस के चंगुल से बचाया। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

शिकायत के मुताबिक अपने बचाव में पीड़िता के कपड़े भी फट गए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आगे लिखा, “अगर मैं वाल्मीकि समाज से नहीं होती तो यह (रईस) मेरे साथ ऐसा कृत्य नहीं करता।” आरोप है कि रईस पीड़िता के साथ पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका है। आरोपित को बेहद शातिर किस्म का बताते हुए पीड़िता ने पुलिस से कड़ी कार्र्रवाई की आशा जताई है। पुलिस ने इस शिकायत पर रईस को नामजद करते हुए SC/ST एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 और 76 के तहत FIR दर्ज कर ली है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

युवराज सिंह पर बन रही मूवी… लेकिन ‘धोनी ने जानबूझ कर हरवाया था वर्ल्ड कप’ का वीडियो हो रहा वायरल: पूछ रहे नेटिजेंस – कौन करेगा माही का रोल

भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के क्रिकेट करियर और उनकी कैंसर से लड़ाई में जीत पर एक बायोपिक फिल्म बनने जा रही है। इसके लिए T-सीरिज और सचिन तेंदुलकर पर मूवी बनाने वाले प्रोड्यूसर मिल कर बना रहे हैं। इस बीच इस मूवी को लेकर नेटिजेंस ने कई प्रश्न उठाए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रिकेटर युवराज सिंह के जीवन पर फिल्म बनाने टी सीरिज के भूषण कुमार और 200 नॉट आउट के रवि भागचंदका साथ आए हैं। इस फिल्म में युवराज और बाकी लोगों का रोल कौन करेगा, इस पर अभी काम चल रहा है। फिल्म का डायरेक्टर भी अभी तय किया जाना था।

भूषण कुमार ने NDTV को इस बारे में बताया, “युवराज सिंह का जीवन दृढ़ता, विजय और जुनून की एक कहानी है। एक होनहार क्रिकेटर से लेकर क्रिकेट हीरो और फिर असल जिंदगी में भी हीरो बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। मैं एक ऐसी कहानी लाने को लेकर रोमांचित हूँ जिसे बड़े परदे पर सुनाया ही जाना चाहिए।”

युवराज सिंह ने कहा, “मेरी कहानी भूषण जी और रवि द्वारा दुनिया भर में मेरे लाखों प्रशंसकों को दिखाई जाएगी, इस पर मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। क्रिकेट मेरा सबसे बड़ा प्यार और ताकत का स्रोत रहा है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म दूसरों को अपनी चुनौतियों से उबरने और जुनून के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।”

युवराज सिंह पर बनाई जाने वाली इस फिल्म में उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत, उनके डेब्यू, उनके 2007 के प्रदर्शन और फिर कैंसर से जूझने के साथ ही उनकी वापसी को भी दर्शाया जाएगा। फिल्म में उनके 2007 में 6 छक्कों वाले प्रदर्शन को दिखाया जाएगा।

वहीं युवराज सिंह पर बायोपिक फिल्म बनने की खबर के बाद नेटिजेंस ने सोशल मीडिया पर कई सवाल पूछने चालू कर दिए हैं। ऐसे ही एक यूजर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह का एक वीडियो डाला है।

इस वीडियो में योगराज सिंह 2019 विश्व कप सेमी फाइनल में हार को लेकर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगा रहे हैं। योगराज सिंह इस वीडियो में आरोप लगाते हैं कि 2015 का वर्ल्ड कप धोनी ने जान बूझ कर हरवाया है। योगराज सिंह ने आरोप लगाया कि धोनी 2011 के वर्ल्डकप जीत को बड़ा बनाए रखना चाहते थे इसलिए उन्होंने ऐसा किया।

इससे पहले भी योगराज सिंह ने धोनी पर युवराज सिंह को क्रिकेट टीम में मौके ना देने का आरोप लगाया था। योगराज सिंह का आरोप था कि युवराज सिंह की सेहत अच्छी होने बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई क्योंकि धोनी ऐसा नहीं चाहते थे। इन्हीं बातों को लेकर अब नेटिजेंस पूछ रहे हैं कि क्या इन्हें भी युवराज पर बनने वाली फिल्म में शामिल किया जाएगा।

‘जैसे रेप हुआ, आपका भी करेंगे’: कोलकाता की डॉक्टर के लिए न्याय माँगने पर हिरोइन मिमी चकवर्ती को धमकी, RG Kar अस्पताल के स्टाफ को भी गुंडों ने धमकाया था

पश्चिम बंगाल के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ ड्यूटी के वक्त हुई वीभत्सता के खिलाफ आवाज उठाने पर तृणमूल कॉन्ग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती को रेप की धमकियाँ मिल रही हैं। इससे पहले अस्पताल की महिला स्टाफ को भी ऐसे ही बलात्कार के नाम पर धमकाया गया था।

मिमी चक्रवर्ती ने बताया है कि कोलकाता रेप और मर्डर केस को लेकर विरोध प्रदर्शन के पोस्ट करने पर उन्हें बलात्कार की धमकियाँ दी गईं। साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अभद्र मैसेज भेज रहे हैं।

मिमी ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर इंस्टाग्राम पर आ रही धमकियों के स्क्रीनशॉट साझा किए। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “और हम महिलाओं के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं, हैं न? ये उनके कुछ उदाहरण हैं। जहाँ भीड़ में नकाब पहने जहरीले पुरुषों की तरफ से रेप की धमकियों को सामान्य बना दिया गया है, जो कहते हैं कि वे महिलाओं के साथ खड़े हैं। कौन सी परवरिश और शिक्षा इसकी इजाजत देती है?”

उल्लेखनीय है कि आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त को लेडी डॉक्टर की लाश मिली थी। पहले कहा गया कि उन्होंने सुसाइड की है। हालाँकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि डॉक्टर की रेप के बाद हत्या की गई है। घटना की जानकारी होने पर सैंकड़ों लोग सड़कों पर न्याय माँगने आ गए।

देखते-देखते बड़ा प्रदर्शन हुआ, मगर इस बीच इन आवाजों को रोकने के लिए आरजी कर अस्पताल में उपद्रवी घुस आए। इस दौरान मारपीट, तोड़फोड़ हुई।

साथ ही वहाँ महिला स्टाफ को भी धमकाते हुए कहा गया कि अगर उन्होंने आवाज उठाई तो उनका भी रेप किया जाएगा। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि स्टाफ मीडिया को बता रहा है कि उपद्रवियों ने उनसे कहा था- “जैसे रेप हुआ, आप लोगों का भी करेंगे।”

जियाउल हक़ ने मजहब छिपा कर हिन्दू लड़की को फाँसा, नशीला पदार्थ खिला बेहोश कर के किया बलात्कार: इस्लाम कबूलने के लिए धमकी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ बुधवार (14 अगस्त, 2024) को एक मुस्लिम युवक पर मज़हब छिपा कर हिन्दू महिला से रेप करने और बाद में अश्लील वीडियो दिखा कर ब्लैकमेल करने की शिकायत दर्ज हुई है। आरोपित का नाम जियाउल हक उर्फ़ जिया है। जिया ने पीड़िता पर इस्लाम कबूल कर के खुद से निकाह का भी दबाव बनाया। मना करने पर पीड़िता की पिटाई भी हुई। जियाउल हक ने पीड़िता के अलावा कुछ अन्य हिन्दुओं को भी इसी तरफ से रेप कर के ब्लैकमेल किया है। मंगलवार (20 अगस्त, 2024) को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला मध्य लखनऊ के थाना क्षेत्र महानगर का है। यहाँ 14 अगस्त को हिन्दू महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि वह मुस्लिम समुदाय के एक डॉक्टर के यहाँ घेरलू काम करती है। इसी घर के पास मूल रूप से बाराबंकी जिले के रहने वाला ड्राइवर जियाउल हक रहता था। जियाउल हक ने खुद को हिन्दू बता कर पीड़िता से दोस्ती कर लिया। एक दिन जियाउल पीड़िता को होटल में चाय-पानी करवाने के बहाने ले गया। यहाँ उसने पीडिता को नशीला पदार्थ दे कर बेहोश कर दिया और फिर उसके साथ रेप किया।

आरोप है कि रेप के दौरान जियाउल हक ने पीड़िता की अश्लील फोटो और वीडियो बना लीं। इन्हीं तस्वीरों को वायरल करने का डर दिखा कर जिया पीड़िता से कई बार अलग-अलग जगहों पर रेप किया। कुछ दिनों बाद आरोपित ने वीडियो डिलीट करने के नाम पर पीड़िता से 1 लाख रुपए माँगे। पीड़िता ने जैसे-तैसे कर के थोड़े-बहुत पैसे जियाउल हक को दे भी दिए। पैसे लेने के बावजूद आरोपित ने पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो उसके कुछ रिश्तेदारों को भेज दिए। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

आरोप है कि कुछ दिनों बाद बाद जियाउल पीड़िता पर इस्लाम कबूल कर के खुद से निकाह करने का दबाव बनाने लगा। इस से परेशान हो कर पीड़िता ने आरोपित का नंबर ब्लॉक कर दिया। नंबर ब्लॉक होने के बाद भी जियाउल अलग-अलग नम्बरों से फोन और मैसेज कर के पीड़िता को परेशान करने लगा। जब पीड़िता ने वो नंबर भी ब्लॉक कर दिए तो जिया आते-जाते रास्ते में छेड़खानी करने लगा। एक दिन उसने पीड़िता को रोक कर कहा, “अगर मुझ से शादी नहीं करोगी तो तुम्हारे शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा। अब धमकी नहीं दूँगा। ये सब कर के दिखाऊँगा।”

जियाउल की धमकियों से पीड़िता ने खुद को बेहद डिप्रेशन में बताया। उसने अपनी जान-माल के खतरे की भी आशंका जताई है। शिकायत में OBC वर्ग की एक अन्य हिन्दू का नाम लिखते हुए दावा किया गया है कि जियाउल हक ने उसे भी इसी तरह से प्रताड़ित किया था। पुलिस ने जियाउल हक उर्फ़ जिया पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 (2), 123, 308 (2), 352, 351 (2), 126 (2), 77 और 64 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है।

मंगलवार को पुलिस ने जियाउल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बिल्ली छींका फोड़े तो मोदी दोषी, लेकिन ममता बनर्जी को ‘विलेन’ मत बनाओ… YouTuber के लिए क्रूर रेप-हत्या ‘छोटी घटना’, रिहाना-पन्नू नहीं बोले इसीलिए बता रहा ‘बाहरी हाथ’

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में शुक्रवार (9 अगस्त, 2024) की रात एक महिला डॉक्टर के बलात्कार और क्रूर हत्या एक ‘छोटी घटना’ थी। जी हाँ, आपने बिलकुल ठीक पढ़ा है। वो DDLJ का डायलॉग अपने सुना होगा – “बड़े-बड़े देशों में ऐसी छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं।” गला दबाना, प्राइवेट पार्ट्स में जख्म देना, नाक से लेकर आँख तक से खून बहाना, हड्डियाँ तोड़ डालना – ये सब तो ‘छोटी बातें’ ही हैं न?

जिस कॉलेज में वो पढ़ने गई थी, जिस अस्पताल में उसे अपनी हुनर और प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका मिला था, उसी कॉलेज, उसी अस्पताल की दीवारों से टकरा-टकरा कर उसका सिर फोड़ दिया गया। छोड़िए, ‘छोटी घटना’ है। परिवार को फोन कर के कहा जाता है कि उसकी बेटी बीमार है, फिर उन्हें अस्पताल बुलाया जाता है और कहा जाता है कि आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। माँ वहाँ अस्पताल के प्रशासकों के पाँव पर गिर-गिर कर अपनी बेटी की एक झलक देखने की विनती करती रहती हैं।

कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज रेप-हत्या में लीपापोती

आखिरकार उन्हें जब अपनी बेटी को देखना का मिलता रहता है और वो उसे उस अवस्था में देखती हैं, जिसमें कोई अपने दुश्मन को भी देख कर काँप जाए जबकि ये तो उनकी अपनी थी। पाँव 90 डिग्री पर मुड़े हुए और शरीर के कई हिस्सों से खून आता हुआ। कोई अनाड़ी भी देख कर समझ जाए कि बलात्कार और हत्या है ये। फिर जल्दबाज़ी में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। कोलकाता पुलिस सिर्फ एक शख्स को गिरफ्तार कर मामले को रफ़ा-दफ़ा करने की कोशिश करती है, फिर मामला CBI के पास जाता है।

देश भर के डॉक्टर विरोध प्रदर्शन करते हैं, पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाएँ ठप्प हो जाती हैं। TMC नेता अरूप चक्रवर्ती कहते हैं कि डॉक्टरों को लोग पीटेंगे तो कोई बचाने नहीं आएगा। पार्टी के एक अन्य नेता उदयन गुहा कहते हैं कि CM की तरफ उठने वाली उँगलियों को तोड़ डाला जाएगा। सीएम ममता बनर्जी, जो कि राज्य की गृह और स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, एक रैली निकाल कर न्याय की माँग करती हैं। वही ममता बनर्जी, जिनके शासनकाल में हुई इस घटना के बाद पुलिस क्राइम सीन को सुरक्षित रखने में भी विफल हो जाती है।

अचानक से वहाँ कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया जाता है। आधी रात के समय अचानक से गुंडों की एक भीड़ अस्पताल में घुस कर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को पीटती है और घटनास्थल पर तोड़फोड़ मचाती है। सांसद सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा CBI को गाली देकर इतिश्री कर लेती हैं। जिस पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या होती है, वहाँ किनके गुंडों ने ये सब किया होगा ये बताने की ज़रूरत नहीं है। हमने संदेशखली में शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गों द्वारा जनजातीय समाज की महिलाओं का यौन शोषण और चोपरा में ताजेमुल की शरिया अदालत में महिलाओं को बाँध कर पीटे जाते हुए देखा है।

इन सभी घटनाओं के बीच कोलकाता पुलिस क्या कर रही होती है? कोलकाता पुलिस चुन-चुन कर उन सभी को नोटिस भेज रही होती है, जिन्होंने भी इस घटना में न्याय की आवाज़ उठाई। ये नया नहीं है, संदेशखली वाली घटना की रिपोर्टिंग के समय भी ‘रिपब्लिक’ मीडिया संस्थान के पत्रकार को गिरफ्तार किया गया था। न किसी ने ममता बनर्जी को तानाशाह कहा, न उनकी तुलना हिटलर से की, न कोई अभिव्यक्ति की आज़ादी का झंडा लेकर पश्चिम बंगाल गया।

सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल का ‘झूठ’, 2001 से ही संदिग्ध मौतें

इस ‘छोटी घटना’ के बारे में जितनी बात करें उतना कम है। आपको दिसंबर 2012 में दिल्ली में ‘निर्भया’ की बस में गैंगरेप और हत्या की खबर के बारे में पता होगा। उस घटना के बाद सरकार को कानून में संशोधन करना पड़ा था। तब भी देश भर में कैंडल मार्च से लेकर अन्य तरह के विरोध प्रदर्शन तक हुए थे। ‘निर्भया’ की माँ, जिन्होंने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, वो भी कह रही हैं कि ममता बनर्जी विफल हो गई हैं। एकाध अपवाद वाली घटनाओं को लेकर भारत को ‘लिंचीस्तान’ कहने वाले लोग पश्चिम बंगाल की घटना को लेकर मुँह में दही जमा कर चुप हैं।

जब सुप्रीम कोर्ट में मामला जाता है तो कपिल सिब्बल वहाँ झूठ बोल कर TMC सरकार को बचाने की कोशिश करते हैं। वहीं कपिल सिब्बल जो सपा के राज्यसभा सांसद भी हैं और सपा उस I.N.D.I. गठबंधन का हिस्सा है जो बात-बात में महिला अधिकारों के लिए लड़ने का दावा करता है। CJI डीवाई चंद्रचूड़ अब उनसे पूछते हैं कि जब गुंडे अस्पताल में घुसे थे तब पुलिस कहा थी, तो वो जवाब नहीं दे पाते। हत्या की FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई, मुख्य न्यायाधीश के इस सवाल का भी उनके पास कोई जवाब नहीं होता।

असल में इस ‘छोटी घटना’ के पीछे 2001 से लेकर अब तक का पूरा इतिहास है। तब अगस्त में सौमित्र बिस्वास अपने कमरे में फंदे पर लटके हुए मिले थे। फरवरी 2003 में अरिजीत दत्ता की मौत को आत्महत्या बताया गया। फरवरी 2003 में प्रवीण गुप्ता ने आत्महत्या की कोशिश की। अक्टूबर 2016 में प्रोफेसर गौतम पाल का सड़ा-गला शरीर उनके फ़्लैट से मिला। 2020 में पॉलोमी साहा के बारे में बताया गया कि उन्होंने छठी मंजिल से कूद कर आत्महत्या की है। ये सारी घटनाएँ इसी कॉलेज से जुड़ी हैं।

आपको हाथरस की घटना याद है? TMC के नेता सितंबर 2020 में हुई इस घटना के बाद भागते-भागते हाथरस पहुँचे थे, पूरे देश का मीडिया वहाँ जमा था। बाद में अदालत ने कहा कि इसमें गैंगरेप का कोई सबूत नहीं है। फिर भी ये एक दुःखद घटना थी। लेकिन, अब यही टीएमसी के नेता अपने राज्य में हुई घटना को लेकर आवाज़ क्यों नहीं उठा रहे? अब TMC का आरोप है कि भाजपा और लेफ्ट मिल कर भ्रम फैला रहा है, तो क्या पीड़िता का परिजन भी भ्रम फैला रहे हैं क्योंकि पिता ने कहा कि हड़बड़ी में अंतिम संस्कार किया गया।

हाथरस से लेकर कोलकाता के बीच 4 साल बीत गया, नहीं बीता तो कुछ राजनीतिक दलों का अपने शासन वाले राज्य में होने वाले अपराधों को छिपाना और भाजपा शासित राज्यों में अपवाद वाली घटनाओं में भी अपना एजेंडा देख कर बातें करना। एक YouTuber है श्याम मीरा सिंह नाम का। कहता है ममता बनर्जी सरकार ने तो कुछ ज़्यादा ही कार्रवाई कर दी इस मामले में, और माहौल ऐसा बनाया गया जैसे ‘कुछ बड़ा घटा हो’ और पश्चिम बंगाल में कुछ गलत हो रहा हो।

श्याम मीरा सिंह कहता है – ये ‘छोटी बात’, विरोध प्रदर्शन ‘पेड’

उसे गर्व है इस पर कि उसने मृतका के परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज़ उठाते हुए वीडियो नहीं बनाया, उसने धिक्कारा है ध्रुव राठी जैसे अपने गिरोह के लोगों को जिन्होंने जनता के दबाव में वीडियो बना दिया। वो भी ध्रुव राठी ने वीडियो क्या बनाया था, उसने तो अन्य राज्यों की घटनाएँ गिना कर ये बताने की चेष्टा की थी कि पश्चिम बंगाल की घटना को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। श्याम मीरा सिंह के अनुसार, बलात्कार-हत्या की घटना को लेकर आवाज़ उठाने का अर्थ है भाजपा के जाल में फँसना।

श्याम मीरा सिंह का कहना है कि कोलकाता की इस जघन्य वारदात पर जो भी टीवी शो बने, YouTube वीडियो बने या फिर ‘X’ पर पोस्ट हुए, वो सब भाजपा की तरफ से पेड थे। क्या दिल्ली में ‘निर्भया’ और यूपी में हाथरस वाली घटना के समय भी जो हुआ सब पेड था? ये सब तो उस समय भी हुआ था। अबकी तो खुलेआम लीपापोती की कोशिश हो रही है, घटना वीभत्स भी है। श्याम मीरा सिंह का कहना है कि ममता बनर्जी को विलेन बनाया गया। यही गिरोह जब थप्पड़ मारने की किसी घटना को सीधे मोदी से जोड़ कर प्रधानमंत्री का इस्तीफा माँगता है, तब किसे विलेन बना रहा होता है?

इसका ये भी मानना है कि लेफ्ट का एक धड़ा भी इसका शिकार बन गया क्योंकि उसने वीडियो बनाए। भाई, वो वीडियो TMC सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से बचाने के लिए ही बने थे। अगर किसी ने कह ही दिया कि बलात्कार पीड़िता के परिवार को न्याय दो, तो क्या ये प्रोपेगंडा हो गया? श्याम मीरा सिंह कह रहा कि दबाव में वीडियो बनाए गए, जबकि इसमें 95% फेक न्यूज़ थे। क्या था फेक न्यूज़? बलात्कार, हत्या, नग्न लाश, टूटी हड्डियाँ, आँख-नाक से बहता खून, हड़बड़ी में अंतिम संस्कार, प्रिंसिपल का तुरंत स्थानांतरण, FIR में देरी, गुंडों का अस्पताल में घुसना – इनमें से क्या था फेक न्यूज़?

ऐसा लग रहा जैसे बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ भड़की हिंसा वाली स्क्रिप्ट को इसने इस मामले में भी घुसा दिया है। इसका कहना है कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट आते थे, फिर उन्हें स्टोरी में लगा लिया जाता था। ऐसा ही तो होता है? गाज़ा में हमले को लेकर ‘All Eyes On Rafah’ वाला स्टेटस को इजरायल के खिलाफ सारी सेलेब्रिटियों ने लगाया था और सेम ही स्टोरी थी सबकी। सबको पता है कि CBI हफ्ता भर में जाँच की रिपोर्ट नहीं देती, वो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के ढोल नहीं पीटती, उसका मुख्य लक्ष्य होता है अदालत में अपराधियों को सज़ा दिलाना।

इसीलिए, पश्चिम बंगाल पुलिस को बचाने के लिए CBI को गाली देने का ये नया तरीका ईजाद किया गया है क्योंकि इन्हें पता है कि बात-बात में सीबीआई प्रतिक्रिया देने नहीं आएगी। ड्रग्स से लेकर अश्लील फिल्मों तक की शूटिंग जैसी चर्चाओं को इसने बिना जाँच अफवाह और कृत्रिम करार दिया है। फिर 2001 से लेकर कोरोना काल तक हुईं संदिग्ध मौतों पर इसका क्या कहना है? और हाँ, ये चर्चाएँ डॉक्टर ही आपस में कर रहे हैं, आसमान से उड़ कर नहीं आ गईं ये बातें, वहीं रहने-पढ़ने-ड्यूटी करने वालों ने दबी जुबान से ये सब बताया है।

खुल के कैसे बोलें? जो प्रभावशाली लोग हैं सोशल मीडिया के उन्हें तक नोटिस भेज दिया जा रहा है, फिर ये लोग तो उसी राज्य में उसी पार्टी के शासनकाल में रहते हैं और उस स्थान से उनका दाना-पानी जुड़ा हुआ है। अभी जाँच के निष्कर्ष कहाँ हैं, अदालत में चार्जशीट कहाँ गई है जो श्याम मीरा सिंह कह रहा है कि सारी खबरें फर्जी निकलीं? क्या CBI ने इसका कान में कुछ बता दिया है चुपके से? और ये दुष्प्रचार फैलाने वाले ‘बाहरी हाथ’ कौन हैं? जॉर्ज सोरोस है, एमनेस्टी है, या फिर बीबीसी है?

श्याम मीरा सिंह के अनुसार, कोलकाता में बलात्कार-हत्या की घटना ‘बड़ी बात’ नहीं

‘किसान आंदोलन’ के दौरान कनाडा-अमेरिका से जो वीडियो आते थे वो अंदरूनी हाथ थे या बाहरी हाथ? श्याम मीरा सिंह समेत पूरा गिरोह उस दौरान समर्थन में था न। नूपुर शर्मा के खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ गिरोह सक्रिय हुआ और क़तर से जो बयान आया था वो कौन सा हाथ था? रिहाना का ट्वीट भारत के किस गाँव से किया गया था? शाहीन बाग़ के समर्थन में उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे दंगाइयों के साथ कहाँ का हाथ था? निर्भया से लेकर हाथरस तक के दौरान हुए आंदोलनों में कहाँ के हाथ थे, श्याम मीरा सिंह को कुछ पता है तो बताए।

जब अपने मालिकों की सरकार में कोई जघन्य से जघन्य वारदात भी हो तो उसकी एक लाइन की खबर छापना भी ‘Conspiracy Theory’ हो जाती है लेकिन जो लोग ये कहते हैं कि CAA नागरिकता छीनने वाला कानून है – झूठे होने के बावजूद उनका समर्थन करना ‘Reality Theory’ है। यही है भारत के इस गिरोह की सच्चाई। श्याम मीरा सिंह इसी गिरोह का नया टुंटपुँजिया है। अभी बड़ा हो रहा है। टूलकिट पर चलने वाले अब भाजपा पर टूलकिट का आरोप लगा रहे हैं।

सिलाई सिखाने के बहाने धर्मांतरण रैकेट चला रही थी किरण राजपूत, जैकी पठान से निकाह कर बनी मुस्लिम: घर में हिन्दू लड़की को बंधक बना दानिश से करवाया रेप

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले सोमवार (12 अगस्त, 2024) को एक हिन्दू लड़की को बंधक बना कर रेप करवाए जाने का मामला सामने आया था। यहाँ दानिश नाम के युवक पर हिन्दू लड़की से बलात्कार का आरोप लगा था। यह रेप जैकी पठान के मकान में बंधक बना कर हुआ था। इसी केस में जैकी पठान की बीवी किरण और उसके भाई निक्की पठान को भी नामजद किया गया था। अब किरण ने पुलिस की पूछताछ में नए खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वो पहले हिन्दू थीं जो जैकी पठान से से निकाह के बाद मुस्लिम बन गई थी। इसके बाद किरण हिन्दू लड़कियों को ब्रेनवॉश करने में जुट गईं थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ के बाद किरण राजपूत एक मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आईं हैं। वो मूल रूप से महाराष्ट्र के मुंबई की रहने वाली हैं। 4 साल पहले सोशल मीडिया पर किरण की दोस्ती शाजापुर के जैकी पठान से हुई। गाड़ियाँ चलाने वाले जैकी पैठान पर डीजल चोरी का पहले से केस दर्ज है। कुछ दिनों बाद किरण राजपूत ने अपना घर छोड़ दिया और मुंबई से शाजापुर आ कर जैकी के साथ रहने लगीं। यहाँ पर उन्होंने अपने परिवार से रिश्ता खत्म कर के इस्लाम कबूल कर लिया। हालाँकि, किरण ने अपना नाम नहीं बदला।

शाजापुर में 28 वर्षीया किरण ने सिलाई सिखाने का काम शुरू कर दिया। सिलाई सीखने कई हिन्दू लड़कियाँ भी आने लगीं जिन्हें किरण इस्लाम की तारीफ सुनाया करती थीं। सिलाई सीखने पीड़िता की एक सहेली भी आया करती थी। पीड़िता की पढ़ाई छूट चुकी थी। वह भी अपनी सहेली के साथ किरण राजपूत के सिलाई सेंटर जाने लगी। यहीं पर पीड़िता का ब्रेनवॉश किया गया। कुछ दिनों बाद विश्वास में पूरी तरह से लेते हुए किरण ने पीड़िता की दोस्ती अपने देवर दानिश से करवाई। बाद में किरण ने पीड़िता और दानिश को अपने ही घर पर मिलवाना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि दानिश काफी पहले से ही पीड़िता से इंस्टाग्राम पर जुड़ा हुआ था। कुछ ही दिनों के बाद दानिश पीड़िता के घर के भी चक्कर लगाने लगा। इस से लड़की के घर वालों को शक हुआ। पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी को डाँट लगाई। इस डाँट का असर पड़ा और लड़की ने दानिश से दूरी बना ली। लड़की को खुद से दूर होता देख 10 अगस्त को दानिश पीड़िता के घर पहुँच गया। यहाँ पीड़िता के पिता ने उसे डाँट कर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को भी डाँटा।

इसी डाँट से नाराज हो कर लड़की किरण के घर चली गई। यहाँ पहले से शौहर जैकी और देवर निक्की मौजूद थे। इन सभी ने पीड़िता से हमदर्दी का झूठा नाटक किया और पीठ पीछे चुपके से दानिश को बुला लिया। इस बीच किरण राजपूत पीड़िता को ले कर एक कमरे में गई। वहाँ पीछे से दानिश को भी बुला लिया गया। बाद में किरण राजपूत, उनके शौहर जैकी और देवर निक्की की मिलीभगत से दानिश ने पीड़िता से रेप किया। कहीं मुँह खोलने पर पीड़िता के पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी मिली।

पीड़िता को लम्बे समय से घर पर न पा कर उसके परिजन खोजबीन में जुट गए। इसी तलाश में वो किरण राजपूत के घर भी गए। आरोप है कि किरण राजपूत और उनके शौहर सहित देवर ने पीड़ित परिवार को मारा-पीटा। इसी बीच हिन्दू संगठन के सदस्य पुलिस के साथ पहुँच गए। आरोपितों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। आखिरकार पुलिस ने घर से पीड़िता को बरामद कर लिया। फ़िलहाल सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हिन्दू संगठनों ने सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है।