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हनुमान मंदिर के सामने ईदगाह का दूसरा गेट खोलने पर अड़े थे कट्टरपंथी: विरोध के बाद शुरू कर दी हिंसा, हिंदू महिला ने आँख की रोशनी गंवाई, पुलिसकर्मी की सर्जरी

राजस्थान के जोधपुर स्थित सूरसागर थाना क्षेत्र में 21 जून 2024 की रात को हिंसा भड़क गई। इसके बाद से इलाके में धारा-144 लागू है। हिंसा रूकी है, लेकिन इलाके में शांतिपूर्ण तनाव है। यह पूरा विवाद ईदगाह के गेट को शुरू हुआ था। इसके बाद आगजनी और पत्थरबाजी शुरू हो गई। मामला हिंसक होते ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया।

इस हिंसा में दुकान और ट्रैक्टर को फूँक दिया गया है। बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। आखिरकार पुलिस को लाठीचार्ज कर के स्थिति को सँभालना पड़ा। इस झगड़े में लाजवंती गहलोत ने अपनी एक आँख की रोशनी चली गई है। घटना के दिन उनका पोता बाहर खेल रहा था। उसे लेने बाहर आईं तो एक पत्थर आकर उनकी आँख में लग गई।

इसके बाद घर वाले उन्हें अस्पताल लेकर पहुँचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी आँख की रोशनी चली गई है। इस घटना के बाद लाजवंती ने शनिवार (22 जून 2024) को सूरसागर थाने में पहुँचकर अपने बयान दर्ज करवाए। इसके बाद पुलिस उन्हें एमएलसी करवाने के लिए अस्पताल लेकर गई। वहीं, घायल एक पुलिसकर्मी की सर्जरी कराई गई है। वह खतरे से बाहर है।

इस घटना को लेकर एक पक्ष शनिवार (22 जून 2024) को कलेक्ट्रेट पहुँचा। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उनके घर में घुसकर परिवार के लोगों को पीटा गया है। इसके साथ ही महिलाओं से बदसलूकी भी की गई है। कई परिवार का यह भी आरोप है कि इस विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उनसे मारपीट की गई। कई लोगों को जबरदस्ती उठाकर ले जाया गया।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। ड्रोन से छतों पर रखे पत्थर और उसे फेंकने वाले आरोपितों की पहचान की जा रही है। सबूतों के आधार पर पुलिस लोगों के घरों में दबिश देकर पकड़ रही है। जाँच के दौरान इलाके के कुछ सीसीटीवी ऐसे भी मिले हैं, जिनके तार काट दिए गए थे। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है।

जोधपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार यादव ने बताया कि बीते रात हुए इस तनाव में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें कुल 200 लोगों के नाम हैं, जिनमें से अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में 7 हिंदू हैं। बाकी संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) आलोक श्रीवास्तव ने प्रतापनगर वृत्त के पुलिस स्टेशन सूरसागर, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर व राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्रों में शनिवार सुबह छह बजे से धारा 144 लगा दी। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का हथियार लेकर इन क्षेत्रों में आ-जा नहीं सकेगा। धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है मामला?

दरअसल, सूरसागर इलाके के राजाराम सर्किल के पास ईदगाह है। हिंसा की वजह यही ईदगाह है। इसके पीछे की तरफ एक गेट बनवाया जा रहा था। जहाँ गेट बनाया जा रहा था, उसके ठीक सामने हनुमान मंदिर है। हिंदू समुदाय इस नए दरवाजे का लगातार विरोध करता रहा है। इस गेट के निर्माण को लेकर करीब 15 साल पहले भी विवाद हुआ था। विवाद के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी।

हालाँकि, शुक्रवार (21 जून 2024) की शाम को एक पक्ष ने उस समझौते को तोड़ दिया और ईदगाह का दरवाजा फिर बनवाने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही हिंदू समाज के लोग वहाँ पहुँच गए और उसका विरोध करने गए। विरोध को देखते हुए और बहसा-बहसी के बाद इस गेट को हटाने पर सहमति बन गई।

हालाँकि समुदाय के कट्टरपंथियों को यह फैसला पसंद नहीं आया। वे हर कीमत पर हनुमान मंदिर के सामने दूसरा गेट खोलना चाहते थे। इसके बाद वे घटना के दिन देर रात सड़कों पर उतर आए। इसका परिणाम हुआ कि लगभग दो घंटे तक दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई। इस दौरान एक दुकान और एक ट्रैक्टर को आग लगा दी गई, जबकि एक जीप में तोड़फोड़ की गई।

T20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराया: कंगारू कप्तान ने बनाया पहली बार ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड, अफगानों को भी पहली बार मिली यह उपलब्धि

T20 वर्ल्ड कप 2024 में बड़ा उलटफेर हो गया है। कैरिबियन शहर किंग्सटाउन में आयोजित सुपर 8 मुकाबले में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दे दी है। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने पहली बार यह उपलब्धि हासिल की है।

रविवार (23 जून, 2024) को आयोजित इस मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया इस का पीछा करते हुए 127 रन पर ही पूरी धराशायी हो गई। ऑस्ट्रेलिया पूरे 20 ओवर भी इस मुकाबले में नहीं खेल सकी और उसके खिलाड़ी एक के बाद एक पवेलियन का रास्ता नापते रहे।

अफगानिस्तान की तरफ से ओपनिंग करने उतरे रहमतुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने महत्वपूर्ण पारियाँ इस मैच में खेली। गुरबाज ने जहाँ 49 गेंदों में 60 रन बनाए तो वहीं जादरान ने 48 गेंदों में 51 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। अन्य कोई भी अफगानी खिलाड़ी बल्ले से कमाल नहीं दिखा सका।

दूसरी तरफ 148 रनों का पीछा करने उतरी मजबूत मानी जाने वाली टीम ऑस्ट्रेलिया के विकेट लगातार गिरते रहे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल ग्लेन मैक्सवेल ही 41 गेंदों में 59 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को थोड़ी देर लड़ाई में रख सके। ऑस्ट्रेलिया के 7 बल्लेबाज तो दहाई का आँकड़ा भी पार नहीं कर सके।

ग्लेन मैक्सवेल के अलावा मिचेल मार्श और मार्कस स्तोइनिस ने क्रमशः 12 और 11 रनों की पारियाँ खेलीं। ऑस्ट्रेलिया के सामने अफगानिस्तान ने काफी कसी हुई गेंदबाजी की, जिसकी बदौलत उसे जीत हासिल हुई। अफगानिस्तान के गुल्बदीन नायब ने इस मुकाबले में 4 विकेट झटके। उन्होंने ओवर में मात्र 20 रन ही दिए।

इसके अलावा नवीन उल हक़ ने भी 4 ओवर में मात्र 20 रन देकर 3 विकेट लिए। इन दोनों गेंदबाजों के अलावा राशिद खान, अजम्तुल्लाह ओमरजई और मोहम्मद नबी को भी 1-1 विकेट हासिल हुआ। कुल मिलाकर गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को कहीं भी आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया।

ऑस्ट्रेलिया की इस हार के बाद उस पर से T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। उसका अगला मैच भारत से है। यदि वह यह मैच हार जाती है और साथ अफगानिस्तान अगले मैच में बांग्लादेश को हरा देता है, तो उसे बाहर का रास्ता देखना पड़ेगा।

इस मैच में एक और रिकॉर्ड बना। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इस मुकाबले में तीन विकेट चटका कर हैट ट्रिक लगाई। उन्होंने इससे पहले गुरुवार को बांग्लादेश से हुए मुकाबले में भी हैट ट्रिक लगाई थी। T20 विश्व कप में दो लगातार मैचों में हैट ट्रिक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

केरल-कर्नाटक को केंद्र से चाहिए विशेष पैकेज: वामपंथी सरकार को पहले से ₹21000 करोड़ का कर्ज, कॉन्ग्रेसी सरकार को चुनावी गारंटियों के लिए चाहिए ₹11495 करोड़

केरल की वामपंथी सरकार ने केंद्र सरकार से एक बार फिर आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। कॉन्ग्रेस और वामपंथी सरकारों के आर्थिक कुप्रबन्धन का दंश झेल रहे राज्य ने केंद्र से ₹24,000 करोड़ करोड़ का विशेष पैकेज माँगा है। केरल का कहना है कि इस पैकेज का उपयोग वह अपनी आर्थिक संकट से लड़ने में करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (22 जून, 2024) को नई दिल्ली में हुई एक प्री बजट बैठक में केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने यह माँग रखी। यह बैठक नई सरकार के पूर्ण बजट पेश करने से पहले राज्यों के साथ आयोजित की गई थी, इस बैठक में केरल समेत अन्य राज्य भी शामिल हुए।

केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने कहा है कि उनके राज्य को दो वर्षों के लिए मदद दी जाए ताकि वह आर्थिक संकट से लड़ सकें। केरल ने ₹24,000 करोड़ के अलावा ₹5000 करोड़ की माँग विजिंझम पोर्ट के विकास के लिए भी की है।

केरल ने यह भी माँग की है कि उसे बाजार से और अधिक उधार लेने की अनुमति दी जाए ताकि राज्य की वामपंथी सरकार खर्च चला सके। उन्होंने उधार ना ले पाने को राज्य में आर्थिक संकट का कारण भी बताया है। इसके अलावा भी केरल ने केंद्र से कई माँग की हैं।

केरल की ₹24,000 के आर्थिक पैकेज की माँग तब सामने आई है जब एक माह पहले ही केंद्र उसे ₹21,253 करोड़ की राहत दे चुका है। केरल को मई में ही मोदी सरकार ने ₹21,253 करोड़ की अधिक उधारी की अनुमति दी थी। यह राहत उसे दिसम्बर, 2024 तक जारी रहेगी।

कर्नाटक ने भी माँगा ₹11,000 करोड़ का पैकेज

वित्त वर्ष 2024-25 में ₹52,000 करोड़ चुनावी गारंटियों पर खर्च करने वाले कॉन्ग्रेस शासित राज्य कर्नाटक ने भी केंद्र सरकार से ₹11,000 करोड़ के विशेष पैकेज की माँग की है। कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह राज्य के लिए ₹11,495 करोड़ जारी करे। कर्नाटक ने हाल ही में राज्य की आय बढ़ाने को एक अमेरिकी एजेंसी को काम पर लगाया था। एजेंसी को 6 महीने के काम के लिए ₹9.5 करोड़ दिए जाएँगे।

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार राज्य में मुफ्त योजनाओं के कारण आए आर्थिक दबाव को कम करने के लिए इससे पहले SC/ST के लिए जारी किया गया ₹11,000 करोड़ फंड उपयोग में ला चुकी है। उसने हाल ही में पानी के दाम और बसों के किराए बढ़ाने पर भी विचार चालू कर दिया है। कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ाए थे।

NTA अब उसके जिम्मे, प्रशासनिक सुधार के लिए जिसके चर्चे देश-विदेश तक: कौन हैं प्रदीप सिंह खरोला, जो 24 साल पहले भी कर चुके हैं असंभव को संभव

केंद्र सरकार ने NEET और UGC-NET परीक्षा में धांधली के बाद इन्हें आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जेनरल सुबोध कुमार को हटा दिया है। उनकी जगह सेवानिवृत IAS अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला को NTA का नया महानिदेशक बनाया गया है। इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की जाँच CBI को सौंप दी है।

प्रदीप सिंह खरोला उत्तराखंड के रहने वाले हैं। 1985 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी खरोला साल 2021 में नागरिक उड्डयन सचिव के पद से सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद मार्च 2022 में उन्हें राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्तमान में वह आईटीपीओ के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में काम करे हैं।

इससे पहले वह एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक थे। IAS खरोला बेंगलुरु मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक भी रहे हैं। वे 2012-13 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव भी रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक में शहरों के आधारभूत ढाँचे निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से धन जुटाने वाली संस्था अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉपोर्रेशन (केयूआईडीएफसी) का नेतृत्व भी किया है।

प्रदीप सिंह खरोला नेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म कमीशन के संयुक्त सचिव भी रहे हैं। साल 2012 में उन्हें ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और साल 2013 में प्रधानमंत्री उत्कृष्ट लोक प्रशासन पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने कई क्षेत्रों में काम किया है और प्रशासन में सुधार लाने के लिए जाने जाते हैं। इस संबंध में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।

प्रदीप सिंह खरोला सार्वजनिक परिवहन कंपनियों को घाटे से निकाल कर लाभ देने वाली कंपनी बनाने के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने बेंगलुरू की सिटी बस सेवा बेंगलुरू मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉपोर्रेशन को घाटे से उबारा था और साल 2000 में उसे फायदे में लाए दिए थे। यह देश के राज्य परिवहन का इकलौता सफल मॉडल है। बेंगलुरू में मेट्रो सेवा की शुरुआत में भी उनका अहम योगदान है।

प्रदीप सिंह खरोला ने 1982 में इंदौर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने 1984 में आईआईटी दिल्ली से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। यहाँ वे टॉपर रहे। इसके बाद उन्होंने फिलीपींस के मनीला स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से डेवलपमेंट मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है।

NTA के लिए समिति का गठन

NTA द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं में लगातार होने वाली गड़बड़ी और विद्यार्थियों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्रालय ने इसकी जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) को दे दी है। वहीं, NTA में किस तरह का परिवर्तन किया जाए, इसको लेकर मंत्रालय ने एक हाई लेवल कमिटी बनाई है। इस कमिटी की अध्यक्षता इसरो को पूर्व प्रमुख को दी गई है।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष और आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन इस समिति के अध्यक्ष होंगे। पाँच अन्य विशेषज्ञ समिति के सदस्य होंगे, जबकि मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। अध्यक्ष के अलावा समिति में 6 अन्य सदस्य भी होंगे।

विशेषज्ञ समिति के सदस्यों की सूची इस प्रकार है:

1-डॉ. के. राधाकृष्णन , पूर्व अध्यक्ष, इसरो और अध्यक्ष BoG, आईआईटी कानपुर – अध्यक्ष

2-डॉ. रणदीप गुलेरिया , पूर्व निदेशक, एम्स दिल्ली – सदस्य

3-प्रो. बी.जे. राव, कुलपति, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय – सदस्य

4-प्रो. राममूर्ति के, प्रोफेसर एमेरिटस, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी मद्रास – सदस्य

5-पंकज बंसल, सह-संस्थापक, पीपल स्ट्रॉन्ग और बोर्ड सदस्य, कर्मयोगी भारत – सदस्य

6-प्रो. आदित्य मित्तल, डीन छात्र मामले, आईआईटी दिल्ली – सदस्य

7-गोविंद जायसवाल, संयुक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार – सदस्य सचिव

क्या है NTA

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) ने साल 2017 में उच्च शिक्षा से संबंधित भर्ती की प्रवेश परीक्षा के लिए सिंगल, स्वतंत्र, स्वायत्त निकाय स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके बाद 1 मार्च 2018 को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को औपचारिक रूप से स्थापित किया गया।

इस एजेंसी को विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाएँ (NEET, JEE Main, UGC NET आदि) आयोजित कराने का जिम्मा सौंपा गया, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, कुशल और निष्पक्ष रहे।

हालाँकि, NTA अपने उद्देश्यों को पूरा करने में अब तक नाकाम रहा है। स्थापना के बाद ही एजेंसी द्वारा ली जाने वाली परीक्षा में 2018 और 2023 को छोड़कर हर साल गड़बड़ियाँ मिली हैं। इसके कारण एजेंसी पर सवाल उठते हैं। इस बार यह मुद्दा अधिक विकराल हो गया है। अब NTA के नए महानिदेशक के रूप में प्रदीप सिंह खरोला के पास इसकी विश्वसनीयता को बहाल करना प्रमुख चुनौती है।

घर के बाहर खेल रही नाबालिग लड़की को देखकर अफजल शाह की नीयत डोली, निकाह के लिए कर लिया अपहरण: अजमेर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार

अजमेर में घर के बाहर खेल रही एक नाबालिग लड़की का अफजल शाह ने घर से बाहर से ही अपहरण कर लिया। वो उसे लेकर रात भर फरार रहा, लेकिन दूसरे दिन शुक्रवार (21 जून 2024) की सुबह उसे अजमेर के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। अफजल शाह 7-8 दिन पहले ही मध्य प्रदेश से अजमेर आया था और वो नाबालिग लड़की को लेकर एमपी ही जा रहा था। अफजल शाह ने पूछताछ में बताया कि वो बच्ची से निकाह करना चाहता था, इसलिए उसने उसका अपहरण किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला अजमेर के क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र का है, जहाँ बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी अफजल शाह (34) उसे डरा धमकाकर अपने साथ ले गया। बच्ची के घर वापस नहीं आने पर परिवार तलाश करने लगा। बच्ची के रेलवे स्टेशन पर सूचना मिलने पर परिवार वहाँ पहुँचा और आरोपित को पकड़ लिया। बाद में पुलिस को सूचना देकर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़ित पिता की शिकायत पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस के अनुसार, माकड़वाली रोड निवासी पीड़ित पिता की ओर से थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पिता ने शिकायत देकर बताया कि उसकी तीसरे नंबर की बेटी घर के बाहर खेल रही थी। लेकिन वापस घर नहीं आई। तभी परिवार के द्वारा पड़ोस में उसकी तलाश की गई। रिश्तेदारों को फोन कर पूछताछ की गई लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला।

पीड़ित पिता ने बताया कि वह सुबह बस स्टैंड पर गए और उसके बच्चे रेलवे स्टेशन पर ढूँढने के लिए गए थे। इसी बीच उसके बड़े बेटे को बेटी के रेलवे स्टेशन पर बैठे होने की सूचना मिली। वह तुरंत रेलवे स्टेशन गए और पुलिस को इसकी सूचना दी और वहाँ पर आरोपित अफजल शाह को बच्ची के साथ ही पकड़ लिया।

पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि अफजल शाह बच्ची को डरा-धमकाकर अपहरण कर अपने साथ ले गया और चिल्लाने पर मरने की धमकी दी थी। पिता की शिकायत पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अफजल शाह के खिलाफ एमपी में भी मामले दर्ज हैं।

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में महिला सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने किया योग: SGPC ने ‘जघन्य अपराध’ बता दर्ज कराई शिकायत, 3 सेवादारों पर भी लिया एक्शन

अमृतसर से चौंकाने वाले घटनाक्रम की जानकारी मिल रही है। स्वर्ण मंदिर के नाम से मशहूर श्री दरबार साहिब के परिसर में योग करने वाली एक महिला के खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शिकायत दर्ज कराई है। अर्चना मकवाना नाम की ये महिला सोशल मीडिया इन्फ्लूएंशर हैं और योग की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। उन्होंने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया था और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थी, जिसके बाद SGPC ने ये कदम उठाया। यही नहीं, योग करने की अनुमति देने वाले तीन सेवादारों के खिलाफ भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक्शन लिया है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने तीन सेवादारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा, “सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में गुरुमाटी के खिलाफ काम करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती, लेकिन कुछ लोग जान बूझकर घृणित कामों द्वारा इस पवित्र स्थान की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्ता को चोट पहुँचा रहे हैं।”

धामी ने कहा कि अर्चना मकवाना नामक महिला के कृत्य से सिखों की भावनाएँ आहत हुई हैं, इसलिए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि महिला ने पहले ही अपने कृत्य के लिए माफी माँग ली है, और लोगों को ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिसके लिए बाद में माफी माँगनी पड़े।

इस मामले पर श्री दरबार साहिब के जनरल मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने बताया कि मकवाना की योग करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई थीं, जिसकी पुष्टि के लिए सीसीटीवी कैमरों की जाँच की गई। फुटेज का विश्लेषण करने पर पता चला कि महिला ने योग की मुद्रा में केवल 5 सेकंड के लिए ही पोज दिया था। इस मामले में तीन सेवादारों – गगनपाल सिंह, हरजिंदर सिंह और पलविंदर सिंह – के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में कार्रवाई शुरू की गई है।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो सेवादारों को पहले ही निलंबित कर दिया गया है, और एक को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और उसे गुरुद्वारा गढ़ी साहिब गुरदास नंगल में ट्रांसफर कर दिया गया है। भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि महिला के व्यवहार से सिखों की भावनाओं को ठेस पहुँची है, जिसके चलते लड़की के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, अर्चना मकवाना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से ये तस्वीरें और वीडियो पहले ही हटा दिए हैं।

‘चोर औरंगजेब’ की मौत को लेकर खौफ में हिंदू परिवार, व्यापार समेटकर कहीं और बसने की तैयारी: ऑपइंडिया को बताया अलीगढ़ में अब क्यों नहीं रहना चाहते

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित गाँधी पार्क इलाके में मंगलवार (18 जून) को मोहम्मद फरीद उर्फ़ औरंगज़ेब की मौत के बाद 10 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसमें से 6 आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। अधिकतर आरोपित मामू-भांजा मार्किट के कारोबारी हैं।

मृतक को चोर और अपने परिजनों को बेकसूर बताते हुए आरोपितों के परिजनों ने अपना कारोबार समेटने और इलाके से पलायन करने के एलान दिए हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने खुद को पुलिस और चोर-डकैतों की तरफ से पड़ रही दोहरी मार का शिकार बताया है।

यहीं लिया जन्म, लेकिन अब बुढ़ापे में चला जाऊँगा कहीं और

औरंगज़ेब मौत मामले में जेल भेजे गए मोहित मित्तल के 76 वर्षीय पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि औरंगजेब चोर था। इस बात को सुनने को कोई तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि घटना के दिन औरंगजेब ने मोहित के ही घर में चोरी की थी। मोहित के पिता का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इलाके में मुस्लिमों की तादाद में भारी इजाफा हुआ है।

उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने उसके पक्ष की नहीं सुनी। मोहित के पिता अपने बेटे से जेल में मिलकर आए थे। वो काफी भावुक थे और हमसे बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा कि भले ही 76 साल पहले उनका जन्म मामू-भांजा इलाके में हुआ, लेकिन अब वो कहीं और बसने का प्लान बना रहे हैं। इसकी वजह उन्होंने अगली पीढ़ी को होने वाली परेशानी बताई।

लेने वाली थी दुकान, पर अब समेट लेंगे कारोबार

इस मामले में अंकित वार्ष्णेय को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अंकित पर भी औरंगज़ेब की पिटाई और हत्या का आरोप लगाया गया है। अंकित की 65 वर्षीया दादी प्रेमा देवी ने ऑपइंडिया से बात की। प्रेमा देवी का दावा है कि लोगों ने औरंगजेब को जीवित हालत में पुलिस सौंपा था, लेकिन बाद में उसे कैसे और क्या हो गया ये संदिग्ध है।

प्रेमा देवी मृतक को चोर नहीं, बल्कि डकैत बता रही थीं। उनका यह भी दावा है कि 4-5 लोग मिलकर मित्तल परिवार के घर में घुस गए थे। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि अगर कोई घर में घुसकर लूटपाट कर रहा हो और बहन-बेटियों को छेड़ रहा हो तो क्या उसे माला पहनाई जाए? उन्होंने कहा कि इलाके में चोरी की घटनाओं से कारोबार बहुत प्रभावित हुआ है।

खुद प्रेमा देवी का दावा है कि वह मामू-भांजे इलाके में 2 दुकान खरीद कर कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन अब वो ऐसा नहीं करेंगी। प्रेमा देवी अपने परिवार को लेकर मामू-भांजा इलाके से कहीं दूर बसने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि न्याय के हिसाब से यह हत्या नहीं, बल्कि गैर-इरादतन हत्या की घटना है। कार्रवाई भी इन्हीं धाराओं में चाहिए।

हम पर रहम करे सरकार

औरंगजेब मामले में राहुल मित्तल भी नामजद हैं। राहुल मित्तल स्टाम्प पेपर आदि बेचकर अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं। घर में उनकी पत्नी और वयोवृद्ध पिता हैं। राहुल मित्तल के पिता की दोनों आँखें खराब हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा बेगुनाह है। उन्होंने दावा किया कि घटना के दिन शोर-शराबा सुनकर उन्हें महसूस हुआ था कि उनके घर में कुछ लोग जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे।

अब कोई पड़ोसी मार भी डाला जाए तो मदद करने में लगेगा डर

औरंगज़ेब की हत्या में नामजद आरोपितों में 60 वर्षीय कमल बंसल भी शामिल हैं। कमल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कमल की पत्नी और बड़े बेटे पुश्किन बंसल ने ऑपइंडिया से बात की। पुश्किन बंसल का दावा है कि उनके पिता ने पूरे जीवन भर बिना जाति-धर्म देखे सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर लोगों की मदद की।

उनका दावा है कि जेल भेजे गए 60 वर्षीय पिता पथरी के अलावा ब्लड प्रेशर व कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। इनका परिवार किराने की एक छोटी-सी दुकान से पल रहा था, जो कमल की गिरफ्तारी के बाद से बंद है। कमल के बेटे ने कहा कि चोर-चोर की आवाज सुनकर उनके पिता ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के तमाम लोग घटनास्थल पर गए थे।

पुश्किन बंसल का कहना है कि वे मुसीबत में फँसे किसी व्यक्ति की मदद करने की सोच लेकर वे बाहर गए थे। उन्होंने कहा कि औरंगजेब की घटना से अब उनके मन-मस्तिष्क में इतना डर बैठ गया है कि अगर पड़ोस में किसी व्यक्ति को कोई मार भी डाले तो शायद ही वो मदद के लिए बाहर निकल पाएँ। कमल बंसल का छोटा बेटा जन्मजात दिव्यांग है। वह चलने-फिरने में असमर्थ है।

फ़िलहाल कमल के जेल जाने के बाद परिजनों ने दवाओं तो दूर जमानत आदि के लिए भी पैसे जुटाने में खुद को असमर्थ बताया है। जब हमने पूछा कि कमल बंसल के जेल में रहते हुए घर कैसे चलेगा तो उनकी पत्नी और बेटे ने घर में रखी भगवान कृष्ण की मूर्ति की तरफ इशारा किया और कहा, “तब तक घर यही चलाएँगे।”

NEET और UGC-NET पेपर लीक में यूपी-बिहार-झारखंड से 2 दर्जन गिरफ्तार: CBI ने टेलीग्राम पर पेपर डालने वाले को पडरौना से पकड़ा, गोधरा में 30 से पूछताछ

नीट-यूजी और यूजीसी-नेट की परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामले में लगातार गिरफ्तारियाँ हो रही हैं। बिहार पुलिस ने बिहार और झारखंड से कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस तरह से अकेले बिहार और झारखंड से गिरफ्तारियों की संख्या 19 पहुँच गई है। वहीं, गुजरात के गोधरा में 30 छात्रों के परिजनों को नोटिस भेजा जा चुका है और उनमें से कुछ से पूछताछ हो रही है। इसी मामले में ग्रेटर नोएडा नीमका गाँव का रहने वाला रवि अत्रि भी पकड़ा गया है, तो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से भी सीबीआई ने एक गिरफ्तारी की है। पडरौना से पकड़े गए युवक का नाम निखिल है। बताया जा रहा है कि उसने ही यूजीपी-नेट के पेपर को टेलीग्राम पर डाला था।

एक्शन में बिहार की आर्थिक अपराध ईकाई, 6 नई गिरफ्तारियाँ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध ईकाई ने पेपर लीक करने के बाद उसका प्रिंट निकलवाकर अभ्यर्थियों तक पहुंचने वाले आरोपी पिंटू को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार कर लिया है। पिंटू बिहार के नालंदा का रहने वाला है। उसने चिंटू के कहने पर प्रिंट आउट निकाला था। पेपर लीक सरगना संजीव मुखिया के नेटवर्क में पिंटू और चिंटू शामिल हैं। चिंटू को भी देवघर से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक दोनों को खेमनीचक वाले सेफ हाउस के बारे में जानकारी थी। बताया जा रहा है कि संजीव मुखिया को किसी प्रोफेसर ने सबसे पहले प्रश्न पत्र भेजा, जिसे चिंटू और पिंटू ने मिलकर अभ्यर्थियों तक पहुँचाया। ये पेपर सॉल्वर के जरिए सवालों के जवाब हल कर 5 मई की सुबह अभ्यर्थियों को दिया गया। इसके अलावा काजू, अजीत और राजीव की भी गिरफ्तारी देवघर से की गई है। पुलिस इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

इस मामले में बिहार पुलिस पहले से 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें सिकंदर यादवेंदु (सेटर), बिट्टू कुमार (ड्राइवर), आयुष कुमार (कैंडिडेट), अखिलेश कुमार (आयुष के पिता), नीतीश कुमार (सेटर), अमित आनंद (सेटर), रोशन कुमार (सेटर अमित का सहयोगी), अभिषेक कुमार (कैंडिडेट), अनुराग यादव (कैंडिडेट), अवधेश कुमार (अभिषेक के पिता), रीना कुमारी (अनुराग यादव की माँ), आशुतोष कुमार (सेटर अमित का सहयोगी), शिवनंदन कुमार (कैंडिडेट) के नाम शामिल हैं।

नीट-यूजी लीक केस में सॉल्वर रवि अत्रि गिरफ्तार

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड रवि अत्रि को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (Uttar Pradesh Special Task Force) ने गिरफ्तार किया है। ग्रेटर नोएडा के नीमका गाँव का रहने वाला अत्रि पहले भी पकड़ा जा चुका है। 2007 में अत्रि के परिवार ने उसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा भेजा था। अत्रि ने 2012 में परीक्षा पास कर ली और पीजीआई रोहतक में दाखिला ले लिया। हालाँकि चौथे साल में अत्रि परीक्षा में शामिल नहीं हुआ और तब से वो पेपर सॉल्वर गैंग से जुड़ गया था।

यूजीसी-नेट मामले में सीबीआई ने युवक को पकड़ा

इस बीच, UGC NET 2024 परीक्षा गडबड़ी मामले में दिल्ली की सीबीआई टीम ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक युवक को पकड़ा गया है। पकड़े गए युवक का नाम निखिल बताया जा रहा है, जिससे सीबीआई टीम पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, निखिल ने भी यूजीसी नेट की परीक्षा दी थी। वह कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था और करीब एक महीना पहले निखिल कुशीनगर सिधुआ में आकर रह रहा था। निखिल ने यूजीसी नेट पेपर के कुछ अंश टेलीग्राम पर पोस्ट किए थे।

गोधरा में 30 छात्रों के परिजनों को नोटिस, 5 पहले ही गिरफ्तार

इस बीच, गुजरात के गोधरा में एक परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की उत्तर पुस्तिकाएँ भरने वाले लगभग 30 छात्रों के माता-पिता उन्हें जारी किए गए प्रारंभिक सम्मन में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें फिर से समन जारी किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि जाँच के सिलसिले में उन्हें नए समन जारी किए जाएँगे। इस मामले में पाँच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पंचमहल जिले के गोधरा में जय जलाराम स्कूल के शिक्षकों द्वारा भरी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की सूची में छात्रों के नाम थे।

बता दें कि नीट-यूजी की परीक्षा को लेकर विवाद उस वक्‍त शुरू हुआ, जब 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) ने इसके लिए दोषपूर्ण प्रश्‍नों और कुछ केंद्रों पर पेपर वितरण में देरी के चलते ग्रेस अंक दिए जाने को जिम्मेदार ठहराया। हालाँकि बिहार पुलिस की जाँच में पता चला कि परीक्षा के पेपर को कुछ चुनिंदा परीक्षार्थियों को लीक कर दिया गया था। ये मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है।

मध्य प्रदेश में 54 गोवंश की हत्या के मामले में शादाब-वाहिद सहित 7 तस्कर गिरफ्तार, सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए नागपुर-हैदराबाद से हुई थी फंडिंग: रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के सिवनी में 19 जून 2024 को गोवंश के दर्जनों कटे शव मिले थे। प्रशासन ने मवेशी डॉक्टर को बुलाकर शवों का परीक्षण करवाने के बाद शवों कों दफना दिया था। इनकी पोस्टमॉर्टम से पता चला कि इनका गला 17 और 18 जून के बीच रेता गया। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, नागपुर के तीन आरोपितों को चिह्नित किया है।

जाँच में पता चला है कि मध्य प्रदेश में ऑपरेट करने वाले गोवंश तस्करों को हैदराबाद और नागपुर से फंडिंग हो रही है। सिवनी में पकड़े गए गो तस्करों ने पुलिस पूछताछ में यही खुलासा किया है। नागपुर के तीन तस्करों के संपर्क में थे। इन्होंने गोवंश को पशु बाजार से खरीदा था और इन पशुओं को नागपुर से होते हुए हैदराबाद ले जाना था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में शादाब, वाहिद, इरफान, रामदास उइके, संतोष शामिल हैं। रामदास व संतोष पहले भी पशु तस्करी में जेल जा चुके हैं। वाहिद धनौरा थाना क्षेत्र के ग्वारी गाँव का रहने वाला है। शादाब उसका रिश्तेदार है। दोनों पर पशु क्रूरता अधिनियम का एक-एक मामला पहले से ही दर्ज है।

सिवनी के एसपी राकेश सिंह ने बताया कि मृत मिले गोवंश में से दो के कान में टैग लगे थे। अधिकांश पशुओं के कान काटकर टैग गायब कर दिए गए थे। ये टैग पशु बाजार में मवेशियों की खरीदी-बिक्री के दौरान लगाए जाते हैं। इसी टैग के सहारे पुलिस आरोपितों तक पहुँची है। एसपी राकेश सिंह के मुताबिक, हिरासत में लिए गए तस्करों को नागपुर व हैदराबाद के तस्करों से फंडिंग की गई थी।

दरअसल, पुलिस की सख्ती के कारण ये गो तस्करों ने इनके गले काटकर शवों को फेंक दिए। पुलिस और ग्रामीणों को ऐसे 54 गोवंश मिले थे। एसपी राकेश सिंह का कहना है कि गोवंश का गला काटकर तस्कर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ना चाहते थे, ताकि पुलिस की सख्ती ढीली पड़ जाए और दूसरे रास्ते से अन्य गोवंशों को ले जाने का मौका मिल जाए।

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि गोवंश का गला काटने में 12 से 15 लोग शामिल हैं। अभी सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, तीन आरोपित नागपुर के रहने वाले हैं। उनकी पहचान कर ली गई है। एसपी राकेश सिंह का कहना है कि इन तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनके नामों का खुलासा किया जाएगा।

पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि कि मवेशियों को आगे खरीदने वालों ने ही उन्हें गला काटकर फेंकने का निर्देश दिया था। दरअसल, पुलिस ने पिछले 10 सालों में पशु तस्करी रूट को ट्रैक कर संवेदनशील जिलों को चिह्नित किया है। इनमें सिवनी, बालाघाट व बैतूल सहित बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, नीमच जिले शामिल हैं।

दरअसल, 19 जून को सिवनी जिले के पिंडरई के पास वैनगंगा नदी में 19 गोवंश के शव मिले। वहीं, धूमा क्षेत्र में ऐसे 32 शव मिले। इन शवों के गर्दन कटे हुए थे। शवों का कुछ हिस्सा नजदीकी जंगलों में भी फेंका गया है। पुलिस ने गाँव के लोगों की मदद से गोवंश के शवों को वैनगंगा नदी से बाहर निकाला और उन्हें दफनाया।

जुलाई 2023 में भी सिवनी जिले में 10 गायों का सिर मिला था। उन गायों के सिर को काटकर उनके सिर को सड़क के किनारे और खेतों में फेंक दिए गए थे। वहीं, एक सिर गाँव के कुएँ में भी मिला था। हिंदू संगठनों का कहना था कि दंगे कराने की साजिश के तहत यह सब किया गया है। वहीं, इस घटना का संबंध बकरीद से होने की बात भी कही जा रही थी।

पेपरलीक की खबरों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने पूर्व ISRO चीफ की अध्यक्षता में बनाई हाई लेवल कमिटी, प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर करेगी सिफारिश

NEET-UG और UGC-NET जैसी कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवादों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 22 जून को परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। यह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के कामकाज से संबंधित मुद्दों की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा के दो दिन बाद आया है।

मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से परीक्षाओं का पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की संरचना और कार्यप्रणाली पर सिफारिशें करेगी।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष और आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन इस समिति के अध्यक्ष होंगे। पाँच अन्य विशेषज्ञ समिति के सदस्य होंगे, जबकि मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे।

विशेषज्ञ समिति के सदस्यों की सूची इस प्रकार है:

1-डॉ. के. राधाकृष्णन , पूर्व अध्यक्ष, इसरो और अध्यक्ष BoG, आईआईटी कानपुर – अध्यक्ष

2-डॉ. रणदीप गुलेरिया , पूर्व निदेशक, एम्स दिल्ली – सदस्य

3-प्रो. बी.जे. राव, कुलपति, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय – सदस्य

4-प्रो. राममूर्ति के, प्रोफेसर एमेरिटस, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी मद्रास – सदस्य

5-पंकज बंसल, सह-संस्थापक, पीपल स्ट्रॉन्ग और बोर्ड सदस्य, कर्मयोगी भारत – सदस्य

6-प्रो. आदित्य मित्तल, डीन छात्र मामले, आईआईटी दिल्ली – सदस्य

7-गोविंद जायसवाल, संयुक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार – सदस्य सचिव

ये समिति इन विषयों पर काम करेगी-

(i) परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार

(क) संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया का विश्लेषण करना तथा प्रणाली की दक्षता में सुधार लाने और किसी भी संभावित उल्लंघन को रोकने के लिए उपाय सुझाना।

(ख) एनटीए की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी)/प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा करना तथा हर स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र के साथ-साथ इन प्रक्रियाओं/प्रोटोकॉल को मजबूत बनाने के उपाय सुझाना।

(ii) डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार

(क) एनटीए की मौजूदा डेटा सुरक्षा प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का मूल्यांकन करना और इसके सुधार के उपायों की सिफारिश करना।

(ख) विभिन्न परीक्षाओं के लिए पेपर-सेटिंग और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच करना और सिस्टम की मजबूती बढ़ाने के लिए सिफारिशें करना।

(iii) राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की संरचना और कार्यप्रणाली

(क) बिंदु (i) और (ii) के तहत दी गई सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की संगठनात्मक संरचना और कार्यप्रणाली पर सिफारिशें करना और हर स्तर पर पदाधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना।

(ख) एनटीए के वर्तमान शिकायत निवारण तंत्र का आकलन करना, सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना और इसकी दक्षता बढ़ाने के लिए सिफारिशें करना।

समिति को इस आदेश के जारी होने की तिथि से दो महीने के भीतर मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि समिति अपनी सहायता के लिए किसी भी विषय विशेषज्ञ को शामिल कर सकती है।