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झारखंड की राजधानी राँची में बकरीद पर खुलेआम गोवंश को काटा, देख रहीं थी औरतें-बच्चे: Video वायरल, अमानुल्लाह और हकीम खान की तलाश जारी

झारखंड की राजधानी राँची में बकरीद पर एक गोवंश की कुर्बानी के लिए हत्या कर दी गई। गोवंश को सार्वजनिक स्थान पर काटा गया, इसका एक वीडियो भी वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच चालू कर दी है और दो लोगों की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, राँची शहर के रमजान कॉलोनी थाना क्षेत्र में सोमवार (17 जून, 2024) को यह घटना हुई। यहाँ कुछ लोगों ने एक गोवंश की खुले मैदान में हत्या कर दी। यह हत्या बकरीद में क़ुरबानी के लिए की गई। पास में मौजूद एक व्यक्ति ने इस घटना का वीडियो बना लिया।

यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक जानवर को जमीन पर डालते दिखते हैं। आसपास में भी कई लोग खड़े हैं जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी हैं। वीडियो में कुछ लोग टोपी लगाए हुए भी दिखते हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद राँची में इस पर बवाल हो गया और कार्रवाई की माँग की गई। गोवंश काटने के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और इसे काटने वाले दो लोगों की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस इन दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

राँची शहर के डिप्टी एसपी केवी रमन ने इस मामले में ऑपइंडिया को बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची थी। यहाँ से उसे मांस बरामद हुआ है जिसे जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। उन्होंने बताया है कि प्रारम्भिक जाँच में मामला गौवंश की हत्या का बनता है।

केवी रमन ने ऑपइंडिया को बताया कि इस मामले में गौवंश की हत्या में शामिल मोहम्मद अमानुल्लाह और हकीम खान की पहचान कर ली गई है। यह दोनों राँची के रहने वाले हैं। यह घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे। इनकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जाँच हो रही है, यदि किसी और का नाम आता है तो उसे भी जोड़ा जाएगा। गौरलतब है कि झारखंड में 2005 से ही गौवध निषेध क़ानून लागू है। इसके अंतर्गत गौवंश की हत्या गैर जमानती अपराध है और इसके लिए 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

इस मामले को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो-कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा है। बाबूलाल मरांडी ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पाकुड़ के बाद आज राजधानी रांची के बीचोबीच स्थित पीस रोड वाले इलाके में खुलेआम गौहत्या कर दी गई। झामुमो-कॉन्ग्रेस द्वारा किया जा रहा मुस्लिम तुष्टिकरण बेहद खतरनाक संकेत है। घुसपैठियों को राजनीतिक प्रश्रय देकर बंगाल जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश हो रही है।”

पाकुड़ में भी गौवंश काटने का आरोप

इससे पहले बकरीद के ही पाकुड़ के गोपीनाथपुर थाना क्षेत्र में गौवंश काटने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था। ग्रामीणों के इस क़ुरबानी का विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया गया था। उनके घरों पर पत्थरबाजी और बम चलाए गए थे। कई लोगों को मारा पीटा भी गया था।

NEET-UG में 0.001% की भी लापरवाही हुई तो… : सुप्रीम कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर माँगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 परीक्षा में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जुड़ी याचिकाओं पर एनटीए और केंद्र सरकार को मंगलवार (18 जून 2024) को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगर किसी की ओर से 0.001 प्रतिशत की लापरवाही है तो इस पर एक्शन लेकर इससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक की तैयारी के लिए मेडिकल छात्रों की मेहनत को भूलाया नहीं जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “बच्चों ने परीक्षा की तैयारी की है, हम उनकी मेहनत को नहीं भूल सकते।” जस्टिस विक्रम नाथ ने एनटीए से कहा कि सुप्रीम कोर्ट को उससे समय पर कार्रवाई की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम 8 जुलाई को याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।”

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवी भट्टी की अवकाशकालीन पीठ कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर 0.001 प्रतिशत भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को इस मामले में नोटिस जारी किया और जवाब माँगा है।

याचिकाकर्ता नितिन विजय ने अपनी याचिका में कहा कि 20 हज़ार छात्रों ने नीट एक्जाम में गड़बड़ी को लेकर चलाए जा रहे डिजिटल सत्याग्रह के तहत अपनी शिकायत दी है। याचिका में पेपर लीक और गड़बड़ी का हवाला देते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा किये जाने की माँग की गई। इस मामले में भी अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एटीए यानी नेशनल टेस्टिंज एजेंसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर उनका जवाब माँगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने कहा कि अगर 0.01% भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। हम परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों की मेहनत को समझते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से कहा कि वो छात्रों की शिकायत को नजरअंदाज न करें। अगर एग्जाम में वाकई कोई गलती हुई है तो उसे समय रहते सुधारा जाए। इसके बाद अदालत ने दोनों याचिकाओं को पिछली याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। याचिकाओं में नीट परीक्षा रद्द करने की माँग की गई है।

बता दें कि नीट-यूजी 2024 में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई से जाँच की माँग वाली याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित नीट यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जाँच कराने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

लंदन में शादी करने जा रहा है भगोड़ा विजय माल्या का बेटा, गर्लफ्रेंड के साथ फोटो शेयर कर लिखा- वेडिंग वीक: नेटिजन्स बोले- पैसे तो लौटा दो

भारत के बैंकों को करीबन 900 करोड़ रुपए का चूना लगाकर भागने वाले विजय माल्या का बेटा सिद्धार्थ माल्या जल्द ही लंदन में शादी करने वाला है। उसने ये जानकारी अपने इंस्टा हैंडल पर दी है। अपनी होने वाली पत्नी के साथ फोटो साझा करते हुए ऐलान किया है।

सिद्धार्थ ने अपनी और अपनी मंगेतर की फोटो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा है- “शादी का हफ्ता शुरू हो चुका है।” इस पोस्ट के बाद अब लोग उसे बधाइयाँ दे रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि वो इस बड़े इवेंट का इंतजार में हैं। वहीं खबरों में कहा जा रहा है कि सिड माल्या की शादी ग्रैंड होने वाली है। होने वाली बीवी का नाम जास्मिन है।

इस पोस्ट के देखने के बाद कुछ भारतीय इस पर चुटकी ले रहे हैं। वो पोस्ट पर कमेंट कर रहे हैं- शादी कर रहे हो वो कोई बात नहीं लेकिन भारत के पैसे तो वापस कर दो।

मालूम हो कि सिद्धार्थ माल्या खुद पेशे से एक्टर और मॉडल है। वह विजय माल्या की पहली पत्नी समीरा की संतान है। भारत में रहने के दौरान सिद्धार्थ के कई हिरोइनों के साथ अफेयर्स के चर्चे हुए थे। उनमें एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, कटरीना कैफ, मशहूर गोल्फर और मॉडल र्मिला निकोलेट, एक्ट्रेस सोफी चौधरी, फ्रीडा पिंटो का नाम शामिल है।

भगोड़ा विजय माल्या

गौरतलब है कि सिद्धार्थ माल्या के पिता विजय माल्या पर इस समय करीबन 10 हजार करोड़ रुपए भारतीय बैंकों के बकाया हैं। वह कई सालों से विदेश में है और भारतीय एजेंसियाँ उMके प्रत्यर्पण के प्रयास कर रही हैं। उसने साल 2016 में गिरफ्तारी के डर से भारत छोड़ दिया था। कहा जाता है कि वह यूनाइटेड किंगडम में रह रहा है। वहीं, सरकारी एजेंसियाँ उसे लाने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए 900 करोड़ रुपए से अधिक लोन लिया था, जिसे उसने चुकाया नहीं।

पिछले साल माल्या को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मुंबई कोर्ट में दाखिल पूरक आरोप पत्र में बताया था कि जब माल्या की कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही थी, तब उसने साल 2015-16 में इंग्लैंड और फ्रांस में 330 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी। अपने चार्जशीट में सीबीआई ने कहा कि यह वही समय था, जब बैंक शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक माल्या से कर्ज की वसूली करने की कोशिश कर रही थी। हालाँकि, वह इसमें नाकाम रही थीं।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि सन 2008 और 2017 के बीच बैंकों को चुकाने के लिए विजय माल्या के पास पर्याप्त पैसे थे, लेकिन उसने चुकाया नहीं। माल्या ने अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (केएएल) के लिए इन बैंकों से लोन लिया था। माल्या ने बैंकों के लोन नहीं चुकाए, लेकिन पूरे यूरोप में उसने ‘निजी संपत्ति’ खरीदी। यहाँ तक कि स्विट्जरलैंड में अपने बच्चों के ट्रस्टों को भी भारी मात्रा में पैसे हस्तांतरित किए।

तेजस्वी यादव के बगल में खड़े इस राजा को देखिए, वहीं के व्यवसायी को सुपारी देकर मरवाया जहाँ से माँ थी RJD उम्मीदवार: हत्या के बाद दी थी मटन पार्टी

बिहार के पूर्णिया में 2 जून, 2024 को हुई एक व्यवसायी गोपाल यादुका की हत्या की सुपारी राजद नेता बीमा भारती के बेटे राजा ने दी थी। उसने ही व्यापारी को मारने के लिए शूटरों का इंतजाम किया था। हत्या का खुलासा होने के बाद से राजा फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बीमा भारती ने हाल ही में राजद के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ा था।

पूर्णिया पुलिस ने हार्डवेयर व्यापारी गोपाल यादुका की हत्या का खुलासा करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया है। पुलिस ने बताया है कि संजय नाम के एक शख्स से गोपाल यादव का जमीनी विवाद था। वह गोपाल यादुका की हत्या करवाने के लिए शूटर तलाश रहा था। संजय, राजा का दोस्त है। जब उसे शूटर नहीं मिले तो उसने अपनी यह परेशानी बीमा भारती के बेटा राजा को बताई, इसके बाद राजा ने हत्या करवाने के लिए शूटर उपलब्ध करवाए।

हत्या के लिए ₹5 लाख में डील तय हुई थी। इसके लिए विशाल नाम के शूटर को सुपारी दी गई थी। विशाल ने एक विकास यादव नाम के एक और अपराधी को अपने साथ इस हत्या के लिए शामिल किया था। दोनों ने 2 जून, 2024 को सुबह ही गोपाल यादुका की हत्या कर दी। इस दौरान वह भवानीपुर में अपनी दूकान खलने गए हुए थे। हत्या के दौरान ब्रजेश यादव और संजय भी मौजूद थे। ब्रजेश यादव भी राजा का दोस्त है।

इस हत्या के बाद यह चारों राजा के पास कडवा वासा इलाके में इकट्ठा हुए जहाँ सबने मिलकर मटन पार्टी की। राजा ने इस दौरान ब्रजेश यादव को ₹48,00 और विकास यादव को ₹50,000 दिए। विकास को हत्या से पहले भी ₹76,000 भेजे जा चुके थे। पुलिस ने हत्या के खुलासे के बाद विकास यादव, ब्रजेश यादव और संजय को गिरफ्तार कर लिया है। राजा इस हत्या के खुलासे के बाद फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है।

इस मामले में राजा के शामिल होने की सूचना सामने आने के बाद बीमा भारती पर प्रश्न उठ रहे हैं। बीमा भारती ने पूर्णिया से लोकसभा चुनाव 2024 राजद के टिकट पर लड़ा था। उन्हें मात्र 27,120 वोट यहाँ से मिले थे। वह रुपौली विधानसभा क्षेत्र से पाँच बार विधायक रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के पहले वह जदयू छोड़ कर राजद में आ गईं थी। रुपौली सीट पर फिर से उपचुनाव होने वाला है। लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीमा भारती यहाँ से टिकट के लिए प्रयासरत हैं।

बीमा भारती ने मंगलवार (18 जून, 2024) को बीमा भारती ने स्पष्ट किया है कि उन्हें राजद विधानसभा उपचुनाव के लिए भी टिकट दे रही है। उन्होंने कहा है कि इस सीट से वह खुद या उनके पति चुनाव लड़ेंगे। अपने बेटे के हत्या में शामिल होने को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा है। बीमा भारती का बेटा राजा लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव के बगल में खड़ा देखा गया था।

चुनाव ब्रिटेन का और वोट ‘कश्मीर की आजादी’ के नाम पर माँग रहा सत्ताधारी दल का सांसद, हिंदू-भारत घृणा से भरा है चुनावी अभियान

यूके के संसदीय चुनाव में कश्मीर की ‘आजादी’ की आवाज उठाने को मुद्दा बनाकर वोट माँगा जा रहा है। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता ने अपने इलाके के मुस्लिमों को हिंदू घृणा, नरेंद्र मोदी से नफरत और भारत विरोधी प्रचारों के जरिए आकर्षित करने की कोशिश की है। इस नेता का नाम मार्को लोंगी है, जो इस्लामियों से वोट माँग रहा है, ताकि वो ब्रिटेन की संसद में कश्मीर “आज़ादी” का मुद्दा उठा सकें।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डुडले में ब्रिटिश पाकिस्तानी और कश्मीरी समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कंजर्वेटिव पार्टी के नेता मार्को लोंगी ने पहले तो बकरीद की शुभकामनाएँ दी, उसके बाद भारत विरोधी आग उगलना शुरू किया। उसने कहा, ‘भारत में बीजेपी फिर से चुनी गई है, इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में ‘कश्मीर के लोगों के लिए कठिन समय’ होगा। नरेंद्र मोदी ने हाल में साफ कहा कि वो कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्ज देने जा रहे हैं, जिसका मतलब होगा कि कश्मीरियों की संप्रभुता का अधिकार और स्पेशल स्टेटस छिन जाएगा।’ इस दौरान हिंदू विरोधी, भारत विरोधी पर्चा भी बाँटा गया।

कंजर्वेटिव पार्टी में टोरियों के तौर पर माने जाने वाले मार्को लोंगी ने कहा कि वो साल 2019 में सांसद बने थे, तो ‘कश्मीरी पर हो रहे भारत सरकार के अत्याचारों’ को लेकर मुखर रहे थे। लोंगी ने दावा किया कि उन्होंने कश्मीर से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और कश्मीर में भारत सरकार की कार्रवाईयों की निंदा की।

इस पर्चे में लेबर पार्टी की संसदीय उम्मीदवार सोनिया कुमार पर विशेष तौर पर निशाना साधा गया है और उनके उपनाम ‘कुमार’ को हाईलाइट किया गया है। पर्चे में लिखा है, “मैं यह फैसला आप पर छोड़ता हूँ। अगर आप मुझे वोट देते हैं, तो मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं संसद में कश्मीर के लिए अपनी आवाज और भी बुलंद करूँगा और संसद में कश्मीरियों के लिए खड़े होने में सबसे आगे रहूँगा।”

लीसेस्टर ईस्ट में लेबर संसदीय उम्मीदवार राजेश अग्रवाल ने लोंगी द्वारा जारी किए गए पर्चे की निंदा की और कहा, “यह समुदायों को विभाजित करने का एक शर्मनाक प्रयास है और मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के लिए अपमानजनक है। लोंगी जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से लोंगी का समर्थन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा, “ऋषि सुनक को पार्टी से पहले देश को प्राथमिकता देनी चाहिए और लोंगी के अभियान के लिए अपनी पार्टी का समर्थन तुरंत वापस लेना चाहिए और ब्रिटिश भारतीयों को अलग-थलग करने के प्रयास के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए।”

दूसरी ओर, मार्को लोंगी ने पर्चे का बचाव करते हुए कहा कि वह बस “अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने कश्मीरी समुदाय का मुखर समर्थन कर रहे थे।” उसने आगे तर्क दिया कि डुडले में बहुत ही मिश्रित समुदाय है और वह बहुत से लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, “अतीत में उनमें से कई लोगों ने मुझसे कहा है कि वे कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, उससे बहुत चिंतित हैं।”

लोंगी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पर्चा “राजनीति” का हिस्सा है, “यह राजनीति है, है न? क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं जो लगातार कश्मीरियों का समर्थन करता रहा है, जहाँ मानवाधिकारों का हनन हुआ है या आप सोनिया कुमार नामक किसी ऐसे व्यक्ति को चाहते हैं, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही न हो? मुझे नहीं लगता कि मेरे लिए अपने कश्मीरी समुदाय के सदस्यों के सामने इस बात को उजागर करना कोई समस्या है।” जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कुमार के उपनाम को क्यों उजागर किया, तो उन्होंने कहा, “उनके पास सिर्फ़ स्टारमर का एक पर्चा है। मैं चाहता हूँ कि लोग जानें कि मैं स्टारमर के खिलाफ़ नहीं खड़ा हूँ, मैं कुमार के खिलाफ़ खड़ा हूँ।”

लोंगी ने आगे दावा किया कि वह केवल व्यापक समुदायों के भीतर एक समूह का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और यह विशेष रूप से कश्मीरियों का प्रतिनिधित्व कर रहा था। सोनिया कुमार ने पर्चे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

‘मुझे दुआओं में याद रखिएगा’… बॉलीवुड की मशहूर गायिका अलका याग्निक हुईं दुर्लभ बीमारी की शिकार: कान से सुनाई देना बंद, सोशल मीडिया पर माँगा सपोर्ट

बॉलीवुड की मशहूर गायिकाओं में से एक अलका याग्निक को एक दुर्लभ बीमारी डायगनोस हुई है। इसका खुलासा उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया है कि वो इस समय सुन नहीं पा रही हैं।

इंस्टाग्राम पर इस समस्या के बारे में बताते हुए अलका ने लिखा, “मेरे सभी फैन्स, दोस्तों, फॉलोअर्स और शुभचिंतकों, कुछ हफ्ते पहले, जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकल रही थी तो मुझे अचानक लगा कि मैं कुछ सुन नहीं पा रही हूँ। इस एपिसोड के बाद के हफ्तों में थोड़ी हिम्मत जुटाने के बाद, अब मैं अपने दोस्तों और शुभचिचिंतकों के लिए, इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूँ, जो मुझसे लगातार पूछ रहे हैं कि मैं कहाँ गायब हूँ।”

अलका ने आगे बताया, “मेरे डॉक्टर्स ने इसे एक रेयर सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस डायग्नोज किया है, जो एक वायरल अटैक की वजह से हुआ है। इस अचानक से हुए बड़े सेटबैक ने मुझे शॉक कर दिया है। मैं उसे स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूँ, इस बीच अप मुझे अपनी दुआओं में याद रखिएगा।”

अपने पोस्ट में अलका याग्निक ने युवाओं को भी संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे फैन्स और यंग साथियों को मैं हेडफोन्स और लाउड म्यूजिक को लेकर एक चेताना चाहती हूँ। किसी दिन मैं अपनी प्रोफेशनल लाइफ से, हेल्थ को होने वाले नुकसान पर बात जरूर करूँगी। आप सबके प्यार और सपोर्ट से, मैं फिर से अपना जीवन पटरी पर लाने की आशा करती हूँ और जल्द ही फिर आपके सामने आने की कामना करती हूँ। इस क्रिटिकल समय में आपका सपोर्ट और अंडरस्टैंडिंग मेरे लिए बहुत मायने रखती है।”

क्या है लक्षण, कैसे होती है ठीक हियरिंग लॉस की बीमारी

बता दें कि जिस रेयर सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस का शिकार अलका याग्निक हुई हैं वो अचानक होने वाली बीमारी नहीं है। सामान्य तौर पर ये सिर में कोई गंभीर चोट लगी है, या आप रोजाना तेज ध्वनी के संपर्क में आने से अचानक सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता हैं। इसके अतिरिक्त रक्तप्रवाह में रुकवाट आने से भी हियरिंग लॉस होता है और बहुत सी बात गलत दवाइयों के कारण ऐसा सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस हो जाता है। वायरल संक्रमण के कारण भी सुनने की क्षमता अचानक ही कम हो जाती है।

डॉक्टर इस बीमारी से बचने के लिए सलाह देते हैं कि कभी भी किसी साउंड सिस्टम को जरूरत से ज्यादा तेज आवाज में न चालू करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो सबसे पहले तो ईयर प्रोटेक्टर पहलें। ईयर वैक्स को ठीक से हटाएँ। फिर भी अगर किसी को अचानक इस तरह बहरेपन के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे ऑडियोमैट्री टेस्ट कराना चाहिए, इसके अलावा एमआरआई और सीटी स्कैन से भी बीमारी का पता लगने में सहायता होती है। बीमारी डिटेक्ट होने के बाद दवाई देकर, ऑक्सीजन थेरेपी देकर इस बीमारी का इलाज संभव होता है।

पुरानी दिल्ली में 127 बकरों को जैन समाज ने कटने से बचाया, ₹11 लाख खर्च कर खरीदे: जीवन भर देखभाल का भी किया प्रबंध

बकरीद के मौके पर बकरों को कुर्बानी से बचाने के लिए जैन समाज ने ₹11 लाख खर्च करके 100 से अधिक बकरों को खरीद लिया। जैन समाज ने आपसी सहयोग के माध्यम से यह कदम उठाया और अब यह बकरे आगे भी काटे जाने से बचें, इसका भी इंतजाम कर दिया है।

यह पूरा मामला दिल्ली का है। यहाँ बकरीद (17 जून, 2024) के मौके पर काटे जाने के लिए बकरों की खरीद बिक्री के बीच जैन समाज से जीव हत्या को रोकने के लिए एक शानदार निर्णय लिया। दिल्ली धर्मपुरा जैन मंदिर से जुड़े लोगों ने यह पहल की।

धर्मपुरा जैन मंदिर के युवा जैन संगठन ने इसके लिए समाज से अपील की कि वह जीव हत्या रोकने के लिए सहयोग करें। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुपों में सहयोग की अपील की गई। देखते-देखते इस अपील के कारण ₹11 लाख जमा हो गए और इसके बाद बकरों की खरीददारी चालू हो गई।

जैन समाज ने जमा की गई इस धनराशि से बाजार में कुर्बानी के लिए बिक रहे 127 बकरे खरीदे और उनका जीवन बचा लिया। उनको कटने से बचाने के बाद जैन समाज ने उन्हें एक जगह इकट्ठा करके जीवसेवा के लिए रखा है। यहाँ उन्हें लगातार दाना पानी दिया जा रहा है। सभी बकरों की मेडिकल जाँच भी करवाई गई है।

बकरों के खाने-पीने के अलावा, उनको भविष्य में कोई कुर्बानी के लिए दोबारा ना खरीद सके, इसके भी इंतजाम किए गए हैं। इन बकरों को आगे सहारनपुर स्थित एक पशुशाला में भेजा जाएगा, यहाँ इनको पाला जाएगा। इन्हें आगे अब कभी बेंचा नहीं जाएगा।

बकरों को बचाने वाले युवाओं ने बताया कि उन्हें देश-विदेश से इस पुनीत कार्य के लिए चन्दा मिला है। उन्होंने बताया कि इस कम में जैन समाज के अलावा अन्य समाज के लोगों ने भी पैसा दिया है। अब इनकी आगे की व्यवस्था की जा रही है। जैन मंदिर से जुड़ी समाजसेवी महिला ने बताया कि उनका धर्म अहिंसा की प्रेरणा देता है और इसीलिए उन्होंने यह कदम उठाया।

युवाओं ने बताया कि इस बकरीद पर यह केवल एक छोटे प्रयास के रूप में चालू किया गया था। आगे इसका दायरा बढ़ाया जाएगा ताकि और भी बेजुबानों की रक्षा हो सके। इसमें देश विदेश के लोगों को जोड़ा जाएगा। इसको अब बड़े स्तर पर किया जाएगा।

गौरतलब है कि बकरीद के पहले देश भर में बकरों की काफी बिक्री होती है, इन्हें मुस्लिम कुर्बान करने के लिए खरीदते हैं। इन्हें कुछ दिन पहले खरीदने के बाद कुर्बान कर दिया जाता है। इस दौरान बकरों की कीमत भी बाजार में बढ़ जाती है।

हज यात्रियों पर आसमान से बरस रही आग, अब तक 22 मौतें: मक्का की सड़कों पर पड़े हुए हैं शव, सऊदी अरब के लचर इंतजाम की खुली पोल

मुस्लिमों के 5 सबसे बड़े धार्मिक कार्यों में से एक हज है। सऊदी अरब के मक्का-मदीना के बीच की मजहबी यात्रा को अपने जीवन में एक बार जरूर करना हर मुस्लिम का फर्ज है। लेकिन सऊदी अरब में इस साल हज यात्रा पूरा होने की जगह लोगों की जिदगियाँ पूरी हो रही हैं। भयंकर गर्मी की वजह से लोगों की मौतें हो रही हैं। अब तक 22 हज यात्रियों की मौत हो गई है। तो हीटस्ट्रोक की वजह से 2700 से ज्यादा लोगों की हालत खराब है।

इस साल, हज यात्रा पर 1.8 मिलियन लोग यानी 18 लाख लोग पहुँचे हैं। इसमें से 16 लाख लोग विदेशी हैं। भारी भीड़ और भीषण गर्मी-लू की वजह से जॉर्डन के 17, ईरान के 5 लोगों की मौत हो गई। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो सऊदी अरब का बताया जा रहा है।

इस वीडियो को शेयर किया है पत्रकार मोहम्मद ताहा ने। इस वीडियो को बनाने वाला व्यक्ति सड़क पर पड़े हुए शवों को दिखाता है और दावा करता है कि घंटों तक कोई एंबुलेंस नहीं आई। इस वीडियो में कई शव सड़कों के किनारे डिवाइडर और फुटपाथ पर रखे देखे जा सकते हैं। यही नहीं, व्यक्ति वीडियो बनाते समय कई शवों को पास से भी दिखाता है और बताता है कि बस, ट्रेन, टैक्सी जैसी कोई भी सुविधा नहीं है और लोग मर रहे हैं, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

मोहम्मद ताहा ने वीडियो को पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, “इस वीडियो में कई हज यात्रियों के कई शव देखे जा सकते हैं। क्या सऊदी शासन को जवाब देह ठहराया जाएगा? वे इस इस्लामी पर्यटन को बढ़ावा देते हैं और इससे अरबों कमाते हैं। लेकिन अभी तक, मैंने इस पर मीडिया में ज़्यादा कवरेज नहीं देखी है!”

मिस्र की 61 वर्षीय तीर्थयात्री अजा हामिद ब्राहिम ने समचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने सड़क के किनारे पड़ी हुई लाशें देखीं। ऐसा लग रहा था कि जैसे कयामत का दिन आ गया है। बड़ी संख्या में मौतों और उसके बाद शवों को लेकर हो रही बदइंतजामी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सऊदी अरब की आलोचना कर रहे हैं।

काबा में 51 डिग्री सेल्सियस तपामान

सऊदी मौसम सेवा के अनुसार, सोमवार (17 जून 2024) को मक्का की ग्रैंड मस्जिद में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया। इस जगह पर तीर्थयात्री काबा की परिक्रमा करते हैं। ग्रैंड मस्जिद के पास स्थित मीना में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस था। इस जगह पर हज यात्रियों ने तीन कंक्रीट की दीवारों पर शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा की। यहाँ गर्मी और भीड़ ने स्थिति को विकट बना दिया था।

पाकिस्तान से ज्यादा हुए भारत के एटम बम, अब चीन को भेद देने वाली मिसाइल पर फोकस: SIPRI की रिपोर्ट में खुलासा, ड्रैगन के परमाणु जखीरे में भी उछाल

खुद को परमाणु ताकत बताकर अक्सर भारत के आगे उछलने वाले पाकिस्तान के लिए चिंताजनक खबर है। एक रिपोर्ट आई है जिसमें बताया गया है कि इस साल यानी 2024 में भारत परमाणु शक्ति के मामले में उनसे आगे निकल गया है। ये रिपोर्ट स्वीडिश थिंक-टैंक (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट) ने जारी की है। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि परमाणु से लैस देश परमाणु हथियारों को बढ़ा रहे हैं और उनका आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास 2024 में 172 परमाणु हथियार हैं जबकि पाकिस्तान के पास इसकी संख्या 170 ही है। रिपोर्ट दिखाती है कि भारत ने 2023 वर्ष में अपने परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाया है। 2023 में भारत के पास 164 परमाणु हथियार थे लेकिन 2024 में ये संख्या 172 हो गई है। वहीं पाकिस्तान के पास अब भी पिछले साल जितने परमाणु हथियार हैं। 170 के 170।

सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का मुख्य लक्ष्य जहाँ भारत को टारगेट करना है, तो वहीं भारत लगातार लंबी दूरी की मिसाइलों को बनाने की कोशिश में है, ताकि चीन के पूरे क्षेत्र तक अपनी पहुँच बना सके।

उल्लेखनीय है कि SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में परमाणु शक्ति संपन्न देशों में भारत, चीन, पाकिस्तान के साथ अलावा अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, उत्तर कोरिया और इजरायल भी आते हैं। इनमें से अमेरिका के पास 3708 हथियार हैं। वहीं रूस के पास 4380 हथियार हैं। ब्रिटेन पर 225, फ्रांस पर 290 है, नॉर्थ कोरिया पर 50 और इजरायल पर 90।

इन सबके अलावा चीन की बात करें तो चीन भी लगातार अपने पास परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है। 2023 में उनके पास 410 परमाणु हथियार थे। हालाँकि अब उनके पास 2024 में 500 हथियार हैं। इसका मतलब साफ है कि उन्होंने एक साल में 90 परमाणु हथियारों का निर्माण किया है।

ये वृद्धि उस समय देखने को मिली है जब हाल ही में कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में परमाणु नीति कार्यक्रम और कार्नेगी चीन के एक वरिष्ठ फैलो टोंग झाओ ने कहा था कि 2027 तक 700 से अधिक और दशक के अंत तक 1,000 से अधिक वारहेड हो सकते हैं।

रिपोर्ट ये भी जानकारी देती है कि युद्ध के दौर के हथियारों के खत्म होने के कारण दुनिया भर में परमाणु हथियारों की कुल संख्या में कमी आ रही है, लेकिन संघर्ष की स्थिति में तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले ऑपरेशनल वॉरहेड की संख्या में साल-दर-साल लगातार वृद्धि हो रही है। दुनियाभर में लगभग 2,100 तैनात परमाणु हथियारों को बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाकर उच्च परिचालन अलर्ट की स्थिति में रखा गया है। इनमें से लगभग सभी रूस और अमेरिका के हैं।

अमेरिकी अदालत में निखिल गुप्ता ने खुद को बताया निर्दोष, खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने का है आरोप: चेक गणराज्य से लाने का Video आया सामने

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश में गिरफ्तार भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने खुद को दोषी नहीं माना है। निखिल गुप्ता ने एक अमेरिकी कोर्ट में पेशी के दौरान यह किया। निखिल गुप्ता को इससे पहले चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित करके लाया गया था।

जानकारी के अनुसार, सोमवार (17 जून, 2024) को निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क में एक कोर्ट में पेश किया गया। यहाँ सुनवाई के दौरान निखिल ने खुद को निर्दोष बताया। निखिल गुप्ता को 28 जून, 2024 तक हिरासत में भेजा गया है। निखिल गुप्ता को जमानत नहीं दी गई।

निखिल गुप्ता के वकील जेफरी चेब्रोवी ने कहा कि यह काफी जटिल मामला है और इसमें दोनों देश (अमेरिका और भारत) जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हमें मामले को समझे बगैर ऐसे ही इसके निष्कर्षों पर नहीं जाना चाहिए। जेफरी ने कहा कि वह कोर्ट ने निखिल को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे।

इस बीच निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी निखिल गुप्ता को एक एयरपोर्ट पर ले जाते हुए दिखते हैं। निखिल गुप्ता को शुक्रवार को चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था। इस बात की पुष्टि चेक गणराज्य के न्याय मामलों के मंत्री ने भी की।

इससे पहले निखिल गुप्ता ने चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण रोकने के लिए वहाँ के स्थानीय कोर्ट में याचिका भी लगाई थी लेकिन मई, 2024 में कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ कर दिया था। इससे पहले फरवरी, 2024 में इस पर रोक लगाई गई थी।

कोर्ट ने इस दौरान कहा था कि गुप्ता को प्रत्यर्पित किए जाने से उनके मूलभूत अधिकारों को लेकर कोई खतरा नहीं उत्पन्न होता है, ऐसे में उन्हें प्रत्यर्पित जा सकता है। इसके बाद उनके अमेरिका जाने का रास्ता साफ़ हो गया था। अब यह खबर आई है कि उसे अमेरिका भेज दिया गया है। निखिल गुप्ता जून 2023 से ही चेक गणराज्य में था।

गौरतलब है कि अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाए थे कि निखिल गुप्ता अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरवतपन्त सिंह पन्नू को मरवाने की साजिश में शामिल था। निखिल गुप्ता पर आरोप था कि उसने अमेरिका में पन्नू को मारने के लिए एक हत्यारे को सुपारी दी।

अमेरिका ने आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता ने 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) पन्नू को मारने के लिए दिए थे। निखिल गुप्ता पर अमेरिका की एजेंसियों की आरोप ने लगाया था कि वह भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिल कर काम कर रहा था और और यह सुपारी उसने भारतीय एजेंटों के कहने पर ही दी थी। इसके लिए 15,000 डॉलर का अग्रिम भुगतान किया गया था।

निखिल गुप्ता ने जिसको पैसे दिए थे वह अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का ही सदस्य था। इसी कारण से पूरा मामला खुलने की बात कही गई थी। निखिल गुप्ता के परिवार ने इस बीच आरोप लगाया था कि निखिल को बीफ और पोर्क खिलाया जा रहा था जो उनके धार्मिक मूल्यों के विरुद्ध है।

इस मामले में भारत ने अमेरिका के आरोपण को खारिज किया है कि वह पन्नू को मारने की साजिश जैसी कोई बात थी और इस पूरे मामले में जाँच के लिए एक कमेटी गठित की है। निखिल गुप्ता के अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।