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मोहम्मद आज़ाद ने ईंट फेंक कर राजकपूर शर्मा को मार डाला: पहले से रहा है आपराधिक इतिहास, दूसरी मंजिल से जानबूझकर किया था वार

बिहार के दरभंगा जिले में एक व्यक्ति की छत से ईंट फेंक कर हत्या कर दी गई है। 53 वर्षीय मृतक का नाम राजकपूर शर्मा है। हत्या का आरोप मोहम्मद आज़ाद नाम के व्यक्ति पर लगा है। पुलिस ने बताया है कि मोहम्मद आज़ाद का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। रविवार (16 जून 2024) को आरोपित को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। घटना गुरुवार (13 जून, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला दरभंगा जिले के थाना क्षेत्र बहेड़ी का है। यहाँ के वार्ड नंबर 10 में रहने वाले बिन्दे शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि 13 जून को रात लगभग 9 बजे उनके चचेरे भाई राजकपूर शर्मा पैदल ही कहीं जा रहे थे। इसी रास्ते में वार्ड नंबर 10 में ही मोहम्मद आज़ाद का भी घर पड़ता है। रात में वह अपनी छत पर था। जैसे ही राजकपूर आरोपित आज़ाद के घर के सामने से गुजरे उनके सिर पर ईंट का जोरदार वार हुआ।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये वार मोहम्मद आज़ाद द्वारा दूसरी मंजिल से जानबूझ कर हत्या कर देने की नीयत से किया गया था। सिर पर ईंट लगने से राजकपूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत गंभीर होते देख पीड़ित को DMCH में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने राजकपूर को बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे। शनिवार (15 जून) को राजकपूर ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद उनके परिजन बिन्दे शर्मा ने पुलिस में शिकायत दी।

पुलिस ने इस शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। जाँच में पता चला कि नियामत के बेटे मोहम्मद आज़ाद ने जानबूझ कर राजकपूर के सिर पर दूसरी मंजिल से ईंट फेंकी थी। पुलिस ने मोहम्मद आज़ाद को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए कहा है कि वो पहले भी इस प्रकार के अपराध कर चुका है। आज़ाद का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले भी चोरी के केस में जेल काट चुका है। रविवार (16 जून) को मोहम्मद आज़ाद को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा आगे की जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

₹12 करोड़ की लागत, 3 साल निर्माण कार्य, ठेकेदार सिराजुर्रहमान… उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त होकर बकरा नदी में समा गया पुल, वीडियो में दिखा भ्रष्टाचार का नतीजा

बिहार में भ्रष्टाचार का एक और नमूना देखने को मिला है। अररिया के सिकटी प्रखंड में 12 करोड़ रुपए की लागत से बना एक पुल उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हो गया। ध्वस्त पुल नदी में समा गया। उक्त पुल बकरा नदी पर बना हुआ था। ये हादसा मंगलवार (18 जून, 2024) को दोपहर 2:05 में हुआ। इस पुल की लंबाई 182 मीटर थी और इसे 3 हिस्सों में बनाया गया था। इसमें से 2 पाए के साथ पुल का 2 हिस्सा पूरा का पूरा ध्वस्त होकर नदी में विलीन हो गया।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इससे पहले बने हुए पुल का एप्रोच कट गया था, जिसके बाद इसका निर्माण शुरू करवाया गया था। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया समाग्रियों का इस्तेमाल हुआ है, भ्रष्टाचार किया गया है। पुल के एप्रोच पथ को बहाल किए जाने की दिशा में विभाग ने काम शुरू किया था। उससे पहले ही ये हादसा हो गया। अररिया के सांसद और विधायक ने इससे जुड़े ठेकेदार पर कार्रवाई की बात कही है।

‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ के तहत बन रहे इस पुल में करोड़ों रुपए फूँक दिए गए थे। शुरू में इसकी लागत 7.79 करोड़ रुपए थी, लेकिन एप्रोच पथ को मिला कर इसकी लागत 12 करोड़ रुपए हो गई थी। 2021 में इसका निर्माण शुरू हुआ था और जून 2023 में ये बन कर तैयार हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि वो कई दिनों से पुल के स्लैब में दरार देख रहे थे। पहुँच पथ न होने के कारण आवागमन बाधित था। इस पुल का निर्माण केंद्र सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के तहत पड़ोसी जिले किशनगंज के ठेकेदार सिराजुर्रहमान ने कराया है।

भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह और सिकटी भाजपा विधायक विजय कुमार मंडल ने कहा है कि इसे संवेदन और विभाग की लापरवाही करार दिया है। दोनों नेताओं ने कहा कि उच्च-स्तरीय समिति बना कर काम किया जाएगा। उक्त पुल पहाड़िया घाट पर बना हुआ था। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने कार्यपालक अभियंता, कन्या अभियंता और सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया है। DM इनायत खान ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है। बिहार में इससे पहले भी कई पुल ध्वस्त हुए हैं।

‘अच्छा! तो आपने मुझे हराया है’: विधानसभा में नवीन पटनायक को देखते ही हाथ जोड़ कर खड़े हो गए उन्हें हराने वाले BJP के लक्ष्मण बाग, वीडियो में दिखी लोकतंत्र की खूबसूरती

ओडिशा विधानसभा में मंगलवार (18 जून, 2024) को लोकतंत्र का जश्न मनाने वाला नज़ारा देखने को मिला। BJD नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक उन्हें विधानसभा चुनाव हराने वाले भाजपा के लक्ष्मण बाग से न सिर्फ मिले, बल्कि रुक आकर उन्हें एक तरह से शाबाशी भी दी। नवीन पटनायक ने कहा, “अच्छा! तो आपने मुझे हराया है?” बता दें कि बलांगिर जिले में स्थित कांटाबांजी विधानसभा क्षेत्र से नवीन पटनायक इस बार चुनाव है गए।

नवीन पटनायक पिछले 24 वर्षों से भी अधिक समय से ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, ऐसे में उन्हें विधायक का चुनाव हरा देना बड़ी बात है। लक्ष्मण बाग को जहाँ 90,876 वोट मिले, वही नवीन पटनायक 74,532 वोट पाकर उनसे पीछे रह गए। इस तरह 16,344 (8%) वोटों के अंतर से चुनाव हार गए। कुल वोटों का उन्हें 36.56% ही प्राप्त हो सका, जबकि लक्ष्मण बाग 44.57% वोट पाकर पहले स्थान पर रहे। हालाँकि, गंजाम जिले के हिन्जिली विधानसभा क्षेत्र से नवीन पटनायक लगातार छठी बार चुनाव जीत गए।

अब जब नव-निर्वाचित विधायकों का शपथग्रहण समारोह आयोजित हुआ, तो उसमें लक्ष्मण बाग व नवीन पटनायक का आमना-सामना हुआ। विधानसभा में जैसे ही नवीन पटनायक घुसे, लक्ष्मण बाग अपनी सीट से खड़े हो गए और उन्होंने अपना परिचय दिया। इसके बाद नवीन पटनायक ने भी उन्हें बधाई दी। लक्ष्मण बाग ने हाथ जोड़ कर वयोवृद्ध नेता का अभिवादन भी किया। ओडिशा में 78 सीटें जीत कर भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया, जबकि 147 सदस्यीय विधानसभा में BJD 51 पर ही रुक गई।

वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के 23 विधायक जीते थे, और बीजद ने 112 सीटें जीते हुए बड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाया था। लक्ष्मण बाग 2014 और 2019 में इसी सीट से हार गए थे। पिछली बार उनकी हार महज 128 वोटों से ही हुई थी। यादव समाज ने भी उनका समर्थन किया। मुसीबत में उन्होंने प्रवासी मजदूरों की खूब मदद की थी, इसका फायदा उन्हें मिला। तुरेईकेला ब्लॉक के हिआल पंचायत में जन्मे लक्ष्मण बाग 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं, 2 का निधन भी हो चुका है। उनका परिवार पंचायत चुनाव में सक्रिय रहा है। पीएम मोदी ने उन्हें शेर कहा था।

चलाई लोहे की रॉड, बरसाए पत्थर… मुस्लिम भीड़ ने हिन्दू परिवार को बनाया निशाना, महिलाओं तक को पीटा: यूपी पुलिस ने इलियास-वसीम सहित 12 को दबोचा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में सोमवार (17 जून, 2024) को एक हिन्दू परिवार पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने मुस्लिम पक्ष के 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार (18 जून) को गिरफ्तार हमलावरों के नाम इलियास, भूरा, नदीम, वसीम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, इमरान और मोहम्मद इवदेशाम हैं। इन सभी को जेल भेज दिया गया है। इन सभी आरोपितों पर हत्या के प्रयास और धमकी सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पीड़ित हिन्दू परिवार ने UP पुलिस की कार्रवाई से खुद को संतुष्ट बताया है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थानाक्षेत्र भगतपुर का है। यहाँ सोमवार (17 जून) को महेंद्र कुमार ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में महेंद्र ने बताया कि गाँव उदमावाला में उनकी टेंट की दुकान हैं। सोमवार को ही उनके ही गाँव के इलियास ने गैस चूल्हे की एक भट्टी किराए पर ली थी। शाम को लगभग 7:30 पर इलियास अपने साथियों भूरा, इरफ़ान, अरमान, मोहम्मद इब्देशाम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, नदीम और वसीम के साथ महेंद्र की दुकान पर पहुँचा। उसके साथ 5-6 अज्ञात लोग भी थे।

महेंद्र का आरोप है कि इन सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। आते ही इन सभी ने महेंद्र को गालियाँ देनी शुरू कर दीं। कुछ ही देर बाद सभी आरोपितों ने पीड़ित पर लीकेज वाली गैस पाइप देने का आरोप लगाते हुए पीटना शुरू कर दिया। महेंद्र को पिटता देख कर उसके परिजन राजवीर और जयपाल भी मौके पर पहुँचे। हमलावरों ने इन दोनों को भी मारा। पीड़ित के घर की महिलाएँ सामने आईं को उनको भी पीटा गया। लोहे की रॉड पीड़ितों के सिर में जान से मार डालने की नीयत से मारी गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी गर्दन भी दबाई गई। पिटाई से जयपाल बेहोश हो गया लेकिन इसके बावजूद हमलावरों का हमला जारी रहा। जैसे-तैसे महेंद्र वहाँ से जान बचा कर भागने लगा तो हमलावरों ने उसकी दुकान पर पथराव कर दिया। आसपास के लोग जमा होने लगे तो हमलावर मौके से भाग निकले। भाग रहे पीड़ित को देख कर हमलावरों ने कहा, “सालों आज तुम्हें जिन्दा नहीं छोड़ेंगे।” पीड़ित महेंद्र ने पुलिस में शिकायत देते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

पुलिस ने इस शिकायत पर 13 नामजदों सहित 5-6 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 149, 323, 504, 506, 307 और 336 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक इलियास, भूरा, नदीम, वसीम, फकीरा, महफूज, मुस्लिम, राशिद, मुनाजिर, अनस, इमरान और मोहम्मद इवदेशाम को गिरफ्तार किया जा चुका है। अरमान की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अन्य हमलावरों को भी चिन्हित और गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

पीड़ित पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने वीडियो जारी कर के खुद को पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह से संतुष्ट और सुरक्षित बताया है। पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँच कर न सिर्फ उनको बचाया बल्कि आरोपितों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने दिशा में कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से मंगलवार (18 जून, 2024) को ‘किसान सम्मान निधि’ की 17वीं क़िस्त जारी की, जिसके तहत 9.20 करोड़ किसानों के खाते में सीधे 20,000 करोड़ रुपए पहुँचे। ‘PM किसान सम्मान सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में 18वीं लोकसभा के लिए हुआ ये चुनाव भारत के लोकतंत्र की विशालता को, भारत के लोकतंत्र के सामर्थ्य को, भारत के लोकतंत्र की व्यापकता को, भारत के लोकतंत्र के जड़ों की गहराई को दुनिया के सामने पूरे सामर्थ्य के साथ प्रस्तुत करता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा के आशीर्वाद से, काशीवासियों के असीम स्नेह से उन्हें तीसरी बार देश का प्रधान सेवक बनने का सौभाग्य मिला है। बकौल पीएम मोदी, काशी के लोगों ने उन्हें लगातार तीसरी बार अपना प्रतिनिधि चुनकर धन्य कर दिया है, अब तो माँ गंगा ने भी जैसे उन्हें गोद ले लिया है, वो यहीं के हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में देश के लोगों ने जो जनादेश दिया है, वो वाकई अभूतपूर्व है, इस जनादेश ने एक नया इतिहास रचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में ऐसा बहुत कम ही देखा गया है कि कोई चुनी हुई सरकार लगातार तीसरी बार वापसी करे, लेकिन इस बार भारत की जनता ने ये भी करके दिखाया है। उन्होंने बताया कि ऐसा भारत में 60 साल पहले हुआ था। इसे एक बहुत बड़ी विजय और बहुत बड़ा विश्वास बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये उनके लिए एक पूँजी है। उन्होंने कहा कि जनता का ये विश्वास उन्हें लगातार सेवा के लिए, देश को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने वादा किया कि वो दिन-रात ऐसे ही मेहनत करेंगे, जनता के सपनों और संकल्पों को पूरा करने के लिए हर प्रयास करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसान, नौजवान, नारीशक्ति और गरीब को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ माना है। PM ने बताया कि अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत उन्होंने इन्हीं के सशक्तिकरण से की है, सरकार बनते ही सबसे बड़ा किसान और गरीब परिवारों से जुड़ा फैसला लिया गया है। प्रधनमंत्री ने गिनाया कि देश में गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो – ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाने के तरफ भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। कृषि सखी के रूप में बहनों की नई भूमिका उन्हें सम्मान और आय के नए साधन दोनों सुनिश्चित करेगी। आज 30 हजार से अधिक सहायता समूहों को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए हैं। अभी 12 राज्यों में ये योजना शुरू हुई है। आने वाले समय में पूरे देश में हजारों समूहों को इससे जोड़ा जाएगा। पिछले 10 वर्षों में काशी के किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार (पिछले 7 साल से राज्य सरकार को मौका मिला है) ने पूरे समर्पण भाव से काम किया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी काशी संस्कृति की राजधानी रही है, हमारी काशी ज्ञान की राजधानी रही है, हमारी काशी सर्वविद्या की राजधानी रही है। उन्होंने कहा कि इन सबके साथ-साथ काशी एक ऐसी नगरी बनी है, जिसने सारी दुनिया को ये दिखाया है कि हेरिटेज सिटी भी अर्बन डेवलमेंट का नया अध्याय लिख सकती है। उन्होंने ‘विकास भी और विरासत भी’ वाले मंत्र को काशी की पहचान बताया। लोकसभा चुनाव 2024 में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से 1.52 लाख वोटों से जीत दर्ज की है।

गाय के साथ कुकर्म का वीडियो हुआ वायरल, मुरादाबाद पुलिस ने याकूब के बेटे भूरा शेख को दबोचा, आरोप – गाय न मिलने पर कुतियों और बकरियों पर मिटाता है हवस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक गाय के साथ कुकर्म किए जाने का मामला सामने आया है। कुकर्म का आरोप याकूब के बेटे भूरा शेख पर लगा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने याकूब के खिलाफ FIR दर्ज कर के उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (15 जून, 2024) रात की बताई जा रही है। विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस को पत्र भेज कर आरोप लगाया है कि वह इस से पहले कई गायों के अलावा कुतियों और बकरियों को भी अपना शिकार बना चुका है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र डिलारी का है। यहाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रात के अँधेरे में एक व्यक्ति को खूँटे पर बंधे गोवंश के साथ कुकर्म करते देखा जा सकता है। गोवंश बार-बार आरोपित की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रहा था लेकिन बार-बार उसे अपनी तरफ खींचा जा रहा था। गाँव पीलकपुर श्योराम की ये घटना शनिवार की निकली। आरोपित की पहचान भूरा शेख के तौर पर हुई है। भूरा शेख के अब्बा का नाम याकूब शेख है।

मुरादाबाद पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। मंगलवार (18 जून 2024) को पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपित भूरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। केस की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

गाय नहीं मिलती तो बकरियों और कुतियों को बनाता है शिकार

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद ने अपनी तरफ से थाना प्रभारी डिलारी को एक पत्र भेजे जाने का दावा किया है। विहिप के जिला उपाध्यक्ष कल्याण सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि हिन्दू संगठन लम्बे समय से भूरा की हरकतों पर नजर रखे हुए थे। वह घूम-घूम कर खासतौर से पालतू और बेसहरा गायों से कुकर्म कर रहा था। आरोप है कि गाय न मिलने पर भूरा कुतियों और बकरियों को अपनी हवस का शिकार बना लिया करता था। उसके द्वारा कुकर्म की शिकार गायों की संख्या दर्जनों में और अन्य पशुओं की तादाद सैकड़ों में लिखी गई है। ऑपइंडिया के पास प्रेषित पत्र मौजूद है।

विहिप द्वारा भेजा गया पत्र

विहिप नेता का यह भी आरोप है कि गाय से कुकर्म करने के बाद भूरा अपने साथियों के आगे शेखी बघारता है। दावा है कि उसने अपने साथियों से कई बार कहा, “आज हिन्दुओं की माँ के साथ सुहागरात मनाई है।” 15 जून की घटना पर जब विहिप नेता ने उसकी करतूत की वजह पूछी तो भूरा ने उन्हें जान से मार डालने की धमकी दी और कहा, “जो करना है कर लोग। कह दो मोदी-योगी से।” विहिप ने यह भी बताया कि भूरा की आपरधिक सोच के चलते कई लोग उसके खिलाफ खड़े होने से कतराते हैं। VHP नेताओं ने आरोपित भूरा पर पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग उठाई है।

दलितों का गाँव सूना, भगवा झंडा लगाने पर महिला का घर तोड़ा… पूर्व DGP ने दिखाया ममता बनर्जी के भतीजे के क्षेत्र का हाल, कहा – गायें-मुर्गे तक लूट कर ले गए TMC के गुंडे

उत्तर प्रदेश के DGP रहे बृज लाल ने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार के बारे में ग्राउंड जीरो से वीडियो बना कर बताया है। असल में भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा ने पश्चिम बंगाल में हिंसा की जाँच के लिए एक समिति का गठन कर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विप्लब देव, राज्यसभा सांसदों बृज लाल और कविता पाटीदार को वहाँ भेजा है। इन्होंने पीड़ितों से बात की, पुलिस के समक्ष उनकी शिकायतें दर्ज कराईं और साथ ही चेताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित न किया जाए।

दलित बहुल अलताबेरिया गाँव पहुँचे बृज लाल ने बताया कि पूरा गाँव खाली पड़ा है। बता दें कि ये डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। बृज लाल ने दिखाया कि कैसे दलित-जनजातीय समाज के लोग, मत्यपालन और मजदूरी करने वाले लोग चुनाव के बाद से ही गाँव से गायब हैं, वो पलायन कर गए हैं। इन गरीबों के मुर्गे, गायें और अन्य जानवरों को भी TMC के गुंडे लूट कर ले गए हैं।

वहीं बृज लाल ने एक अन्य वीडियो भी जारी किया, जिसमें भाजपा की समिति पीड़ितों की बातें सुन रही है। इसमें महिला सांसद कविता पाटीदार बता रही हैं कि जगह-जगह उसी कहानी को दोहराया जा रहा है। भाजपा समर्थकों के पेट में लाठी मारी जा रही है, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। लोगों को खेत में काम नहीं करने दिया जा रहा, उनकी जमीनें ले ली जा रही हैं। कविता पाटीदार ने बताया कि महिलाओं का घर से निकलना दूभर है, घर में डॉक्टर नहीं आएँगे, मंदिरों में एंट्री बैन कर दी जा रही है।

बृज लाल ने दक्षिण परगना के मस्जिदबाड़ी स्थित एक दलित बस्ती का भी वीडियो दिखाया, जहाँ एक दलित महिला छोटी सी दुकान चला कर अपना जीवन-यापन करती थी। उन्होंने बताया कि उक्त दुकान को तोड़ दिया गया, क्योंकि उसके बेटे ने पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा था। बृज लाल ने कहा कि संविधान-संविधान चिल्लाने वाली ममता बनर्जी के राज में एक दलित चुनाव नहीं लड़ सकता, TMC के गुंडों ने घर और दुकान तोड़ डाला। वहीं एक अन्य महिला का घर तोड़ा गया, क्योंकि वो पूजा करती थीं, उन्होंने भगवान की प्रतिमा रखी थी और घर पर भगवा झंडा लगा रखा है।

उन्हें धमकाया गया, उनके घर में तोड़फोड़ हुई। कैमरे के सामने खौफ के कारण वो महिला कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गरीबों की बस्ती में कई घर और दुकान टूटे हुए दिखे। ये वो इलाके हैं जहाँ गरीबों के घर भी मिट्टी के हैं। बरईपुरा स्थित भाजपा कार्यालय में कई कार्यकर्ताओं ने शरण ले रखी है। वो अपने परिवार के साथ यहाँ आए हैं। उनमें महिलाएँ-बच्चे भी हैं। पार्टी ने गद्दे बिछा कर उनके लिए इंतज़ाम किया है। इन लोगों को पुलिस-प्रशासन पर भी भरोसा नहीं है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं को उनके कार्यकर्ताओं ने ही घेरा और स्पष्ट कहा कि किसी ने उनकी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ा, कोई उनका हाल तक पूछने नहीं आया। इन्होंने कहा कि इन्हें सिर्फ भाजपा समर्थक होने के कारण विस्थापित होना पड़ा। TMC पीड़ित भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर भी राजनीति कर रही है और कह रही है कि ये दिखाता है कि भाजपा में आपस में भी जंग चल रही है।

‘CM आवास में मारपीट, अपनी ही पार्टी वालों ने किया चरित्र हनन’: स्वाति मालीवाल ने राहुल गाँधी और शरद पवार से मिलने का माँगा समय, लिखी चिट्ठी

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई का मामला फिर से चर्चा में आ चुका है। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उनके पीए विभव कुमार ने पीटा था। अब इस मामले को लेकर स्वाति मालीवाल इंडी गठबंधन के बड़े नेताओं से मिलना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने राहुल गाँधी, शरद पवार जैसे शीर्ष नेताओं को पत्र लिखा है और मिलने के लिए समय माँगा है।

इस बीच, स्वाति मालीवाल ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट डाली है। स्वाति ने अपनी इस पोस्ट के माध्यम से इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलने की गुजारिश की है। मालीवाल ने कहा कि वह आज इस विषय पर मैंने इंडी गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को पत्र लिख मिलने का समय माँगा है।

स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, “पिछले 18 सालों से मैंने ज़मीन पे काम किया है और 9 सालों में महिला आयोग में 1.7 लाख केस में सुनवाई करी है। बिना किसी से डरे और किसी के आगे झुके, महिला आयोग को एक बहुत ऊँचे मक़ाम पे खड़ा करा है। पर बहुत दुख की बात है कि पहले मुझे मुख्यमंत्री के घर पे बुरी तरह पीटा गया, फिर मेरा चरित्र हरण करा गया। आज इस विषय में मैंने INDIA गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को पत्र लिखा है। मैंने सबसे मिलने का समय माँगा है।”

मालीवाल ने लेटर में कहा है कि 13 मई को सीएम के आवास पर उनके पीए ने पीटा, लेकिन समर्थन दिए जाने की बजाय उनकी ही पार्टी के नेताओं ने चरित्र हनन किया। मालीवाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए गए मुहिम की वजह से उन्हें रेप और हत्या की धमकी दी जा रही है। मालीवाल ने कहा, ‘एक महीने से मैंने खुद अनुभव किया है कि न्याय की लड़ाई में पीड़िताओं को किस तरह दर्द और अकेलपन का सामना करना पड़ता है। जिस तरह की विक्टिम शेमिंग और चरित्र हनन मेरे साथ किया गया है इससे महिलाएँ अपने खिलाफ अपराध पर बोलने से हतोत्साहित होंगी। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मैं आपसे समय चाहती हूँ। मैं इस पर आपके जवाब की प्रतिक्षा कर रही हूँ।’

विभव कुमार को नहीं मिली जमानत

बता दें कि बीते 13 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीएम ने उनके सरकारी अवकाश में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई की थी। इस विभव कुमार को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और ये मामला कोर्ट में है। इस बीच, दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल के पीए विभव कुमार की न्यायिक हिरासत 22 जून तक बढ़ा दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष बिभव को पेश किया गया।

‘हिंदुओं की माँ $^&#, गणेश को देख उलटी आती है’: मीरा रोड की सोसायटी के हिन्दुओं ने गाली बकने वाले वजूद पर दर्ज कराई FIR, बकरीद पर किया था बवाल

मुंबई के मीरा रोड इलाके की एक सोसायटी में बकरों की कुर्बानी को लेकर 16 जून (रविवार) को मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों का सोसायटी में रहने वाले हिन्दुओं से विवाद हो गया था। उस समय वजूद नाम के आरोपित ने पूरे हिन्दू समाज को माँ की गाली देते हुए भगवान गणेश तक के खिलाफ अपशब्द बोले थे। 17 जून (सोमवार) को इस मामले की शिकायत पुलिस स्टेशन में की गई थी। अब पुलिस ने आरोपित वजूद के खिलाफ FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला मीरा रोड इलाके के काशीगाँव थानाक्षेत्र का है। यहाँ पुलिस ने हिल गैलेक्सी में रहने वाले वजूद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295 ए और 153 ए के तहत FIR दर्ज किया है। वजूद पर “हिन्दुओं की माँ ** देंगे” जैसे शब्द बोल कर उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। यह गालियाँ उसने तब दी थीं जब बकरीद के मौके पर हिन्दुओं ने सोसायटी के अंदर बकरे की कुर्बानी का विरोध किया था। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालत को संभाला था।

FIR कॉपी

पुलिस ने सोसायटी के अंदर पशुओं को ले कर कोई नियम न बने होने का हवाला देकर वजूद को बकरियाँ रखने की अनुमति दे दी थी। FIR कॉपी में बताया गया है कि मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को धमकी दी गई थी। उन्होंने कहा था, “हम सोसायटी में ही बकरों की कुर्बानी देंगे। चाहे कुछ भी हो जाए। जो भी कर सको कर लो।” इसी विवाद के दौरान भगवान गणेश का भी अपमान किया था। वजूद ने कहा, “जब तुम लोग गणेश उत्सव मनाते हो तब हम कुछ कहते हैं ? जब हम तुम्हारे भगवान गणेश को देखते हैं तो हमें गुस्सा और उल्टी आती है। हम भी देखेंगे कि तुम यहाँ अपना गणेश उत्सव कैसे मनाते हो।”

शिकायत कॉपी

बताते चलें कि तब ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दुओं ने सोसायटी को मुस्लिम बहुल बताया था। उन्होंने ये भी जानकारी दी थी कि मकान खरीदने से पहले उन्हें जिम और क्लब के लिए जो जगह बताई गई थी बाद में बिल्डर की तरफ से वहाँ मस्जिद बना दी गई थी। सोसायटी आर आर बिल्डर्स द्वारा बनाई गई है। इसके मालिक रसूल, इरफ़ान, जुनैद और जब्बार शेख हैं। बकरों की कुर्बानी सोसायटी के अंदर करने पर अड़े वजूद को समझाने के लिए जब बिल्डर को बुलवाया गया तो उन्होंने शहर से बाहर होने की दलील दी थी। सोसायटी के सिख समुदाय के भी कई लोग खुद को मुस्लिमों द्वारा प्रताड़ित बताते हैं।

नोट- सिद्धि सोमानी की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। आप इसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

हैदराबाद की सड़क, ट्रक में गोवंश, मुस्लिम भीड़… फिर भी नहीं डरीं हिंदू शेरनी: माधवी लता ने मैथिली और सुनीता को किया सम्मानित, कहा- नारी शक्ति जिंदाबाद

हैदराबाद में गोवंश ले जा रहे ट्रक को रोकने वाली दो हिन्दू गौरक्षक महिलाओं को भाजपा नेता माधवी लता ने सम्मानित किया है। दोनों महिलाओं ने बकरीद से पहले एक ट्रक में भर कर ले जाए जा रहे गोवंश को बीच सड़क रोक लिया था। दोनों महिलाओं ने इस दौरान मुस्लिम भीड़ का सामना किया था।

जानकारी के अनुसार, बकरीद से एक दिन पहले 16 जून, 2024 को हैदराबाद के मलकापेट में एक वाहन में भर कर गोवंश ले जाए जा रहे थे। इसकी जानकारी जब इन दोनों गौरक्षक महिलाओं को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। यह महिलाएँ इस ट्रक को रोक कर बैठ गईं और गोवंश ले जाने का विरोध करने लगीं।

इनमें से एक महिला ट्रक के बोनट पर चढ़ गई और उसे आगे बढ़ने देने से इनकार कर दिया। इस दौरान इन महिलाओं को मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया और महिला गौरक्षकों से बदसलूकी भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल वीडियो में दिखता है कि महिला ट्रक के बोनट पर बैठी है और उसे कई टोपी लगाए लोगों ने घेर रखा है। इस बीच उसके बैठे होने के बावजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति गाड़ी आगे बढाने को कहता है, जिसका यह महिला विरोध करती है। एक दो मुस्लिम उसे ट्रक से खींचने का भी प्रयास करते हैं।

बताया गया कि बाद में इस घटनास्थल पर पुलिस आई और महिलाओं को अपने साथ ले गई। इन दोनों महिलाओं का नाम भी सामने आया है। गोवंश को बचाने के लिए प्रयास करने वाली महिलाओं के नाम श्रीवनिता मैथिली और सुनीता हैं।

भाजपा नेता और लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी बनाई गईं माधवी लता ने इस घटना की सूचना होने के बाद दोनों को सम्मानित किया है। उन्होंने इसका एक वीडियो भी साझा किया है। माधवी लता ने बताया है कि इन महिलाओं ने पूरे जीवन भर गायों को बचाने का संकल्प लिया है।