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मेडिकल की छात्रा के बगल में बैठ 52 साल के शमसुद्दीन ने किया हस्तमैथुन, पुलिस ने पकड़ा, केरल के कोझिकोड की घटना

केरल के कोझिकोड में शमसुद्दीन नाम के एक शख्स ने सरकारी बस में एक छात्रा के बगल में बैठ कर हस्तमैथुन किया। छात्रा ने शख्स की इस हरकत वीडियो बना ली। शख्स को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे इसके बाद जमानत भी मिल गई।

जानकारी के अनुसार, सोमवार (27 मई, 2024) को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड को जाने वाली बस में 52 वर्षीय शमसुद्दीन नाम का एक शख्स सुबह 4 बजे चढ़ा। पहले वह एक खाली सीट पर बैठा हुआ था। इसी बस में मेडिकल की एक छात्रा भी बैठी हुई थी। शमसुद्दीन बाद में जाकर इस छात्रा के बगल में खाली सीट पर बैठ गया।

इसके बाद वह छात्रा के बगल में बैठ कर हस्तमैथुन करने लगा। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो उसने छात्रा से बदसलूकी की। छात्रा ने शमसुद्दीन की इस हरकत का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में बना लिया। छात्रा ने शमसुद्दीन की इस हरकत को लेकर बस के कंडक्टर को बताया।

कंडक्टर ने बस कोझिकोड के पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ ले जाने को कहा। इस दौरान शमसुद्दीन ने बस भागने की भी कोशिश की लेकिन बस के स्टाफ और यात्रियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस थाने पहुँचने पर शमसुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया और इस विषय में छात्रा से शिकायत ली गई। शमसुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसे जमानत मिल गई।

इससे पहले मई, 2023 में भी केरल की सरकारी बस में एक सवाद नाम के एक शख्स के हस्तमैथुन करने की घटना सामने आई थी। उसने बस में दी महिलाओं के बीच में बैठ कर यह हरकत की थी। उसने बस में बैठी कई महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की थी। उसकी इस हरकत को लेकर मॉडल नंदिता ने भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। केरल पुलिस ने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया था।

‘जितने पैसे चाहिए उतने दूँगा, मारो मत’: पुणे पोर्श कार केस में बेटा सड़क पर दिखा रहा था पैसे की हेकड़ी, बाप डॉक्टरों को रिश्वत खिलाने में जुटा था

पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नया खुलासा हुआ है। एक चश्मदीद ने बताया है दो इंजीनियरों को रौंदने के बाद जब भीड़ ने आरोपित लड़के को पकड़कर मारना शुरू किया था तो वो लोगों से कह रहा था- “जितने माँगोगे उतने पैसे अभी मँगाकर दूँगा, मुझे मारो मत।”

चश्मदीद के अनुसार, लड़का उस समय इतने नशे में था कि उसपर कोई असर भी नहीं हो रहा था। उसने पोर्श की गाड़ी से इतनी स्पीड में पीड़ितों को टक्कर मारी थी कि उनमें से एक 15 फीट तक ऊपर उठकर नीचे गिरा था। चश्मदीद ने बताया, शायद लड़के को पता भी नहीं चलता कि उसने क्या किया, मगर भीड़ उसे पकड़कर लेकर गई और उसे दिखाया। इसके बाद उसे स्टेशन ले जाया गया।

बता दें कि एक तरफ लड़का सड़क पर पैसे की हेकड़ी दिखा रहा था और दूसरी तरफ आरोपित लड़के के पिता विशाल अग्रवाल इस मामले को पैसे की लेन-देन से सुलझाने में लगे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार फॉरेंसिंक मेडिसीन डिपार्टमेंट के हेड डॉ अजय तावड़े को करीबन 14 कॉल किया था ताकि उनके बेटे के ब्लड सैंपल को बदलवा सकें।

इस संबंध में 27 मई को पुणे क्राइम ब्रांच ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था। दोनों डॉक्टर सैसन अस्पताल के थे। इनके ऊपर ब्लड सैंपल्स से छेड़छाड़ करने का आरोप था। एक डॉक्टर अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन अस्पताल के हेड डॉ अजय तावड़े ही हैं जबकि दूसरे चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ श्रीहरि हाल्नर हैं। इसके अलावा अस्पताल के चपरासी भी गिरफ्तार हुआ है। ये सारे लोग 30 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे।

बताया जा रहा है कि इस मामले में एक अस्पताल के अटेंडेट द्वारा दोनों वरिष्ठ डॉक्टरों के लिए 3 लाख रुपए की रिश्वत ली गई थी ताकि लड़के के ब्लड सैंपल को ऐसे ब्लड से बदला जाए जिसमें शराब के मिले होने का पता न चल।

इस मामले में गिरफ्तारी के बाद जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन हुआ है। मामले में आरोपित के पिता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में यरवदा की सेंट्रल जेल में रखा गया है। वहीं मामले में 25 मई की सुबह पुणे क्राइम ब्रांच मामले में नाबालिग आरोपित का दादा भी गिरफ्तार हुआ था। उसके अंडरवर्ल्ड से संबंध सामने आए थे। साथ ही उस पर ड्राइवर को धमकाने के आरोप भी लगे थे। पुलिस ने इस मामले की जाँच के लिए पोर्श कार को ढककर रखा हुआ है ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न की जा सके।

नहीं बढ़ेगी CM केजरीवाल की अंतरिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से भी किया मना: 7 दिन के लिए जेल से और बाहर रहना चाहते थे AAP सुप्रीमो

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत को बढ़ाने वाली याचिका को लेने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने उनकी याचिका को लेने से इनकार किया है।

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने बुधवार (29 मई, 2024) को CM केजरीवाल की याचिका लेने से मना किया और कहा कि उन्हें जब अंतरिम जमानत दी गई थी तभी साधारण जमानत के लिए उनके पास निचली अदालत जाने का विकल्प था। वह वहाँ नहीं गए। रजिस्ट्री ने कहा कि वर्तमान याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने इस विषय में यह भी कहा कि CM केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपनी गिरफ्तारी की चुनौती दी है और इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुरक्षित है। ऐसे में यह याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। CM अरविन्द केजरीवाल को अब 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को लेकर सुनवाई करते हुए मंगलवार (28 मई, 2024) को कहा था कि CM केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई हो या नहीं, इसका निर्णय CJI डीवाई चंद्रचूड़ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था।

CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए। उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने कहा था कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

CM केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।

देशद्रोह मामले में HC ने शरजील इमाम को दी बेल, फिर भी रहना होगा जेल: दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में अब भी है नाम, भड़काऊ भाषणों पर कोर्ट ने दिया फैसला

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों से पहले भड़काऊ बयानबाजी करने वाले शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल दी है। उस पर आरोप है कि उसने 2019 में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भाषण देकर लोगों को भड़काया था, जिसके बाद उस पर देशद्रोह और यूएपीए का मामला दर्ज हुआ था।

अब दिल्ली कोर्ट के जस्टिस सुरेश कुमार और जस्टिस मनोज जैन ने इसी मामले में उसे बेल दी है। हालाँकि कहा जा रहा है कि भड़काऊ भाषण मामले में जमानत पाने के बाद भी शरजील इमाम जेल में रहेगा क्योंकि उसे दिल्ली दंगा मामले में राहत नहीं मिली है।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 17 फरवरी 2024 को शरजील को कोई भी राहत देने से इनकार किया था। जज ने कहा था कि CAA के खिलाफ शरजील इमाम के भाषणों और अन्य गतिविधियों में लोगों को हथियार उठाने या मारने के लिए नहीं कहा गया, लेकिन इसके कारण लोग लामबंद हुए। इसके कारण दिल्ली में अशांति फैल गई।

अदालत ने कहा था कि शरजील इमाम के भाषण इतने भड़काऊ (Powerful) थे कि इसने विशेष समुदाय (मुस्लिम) लोगों की कल्पना पर कब्जा कर लिया और उन्हें विघटनकारी गतिविधियों में भाग लेने के लिए उकसाया। शरजील ने सोशल मीडिया और अपने भाषणोें में वास्तविक तथ्यों से छेड़छाड़ की और शहर में तबाही मचाने के लिए लोगों को उकसाया। जिसके कारण फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे हुए।

गौरतलब है कि शरजील इमाम के खिलाफ द्रेशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है। साल 2019 में दिल्ली के जामिया इलाके और फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में शरजील इमाम ने भड़काऊ भाषण दिया था। इन्हीं मामलों में जमानत की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जज ने टिप्पणी की थी और अब इन्हीं पर उसे दिल्ली कोर्ट ने राहत देने का निर्णय लिया है।

‘शादी का वादा करके महीनों तक करता रहा रेप’: फिल्म डायरेक्टर उमर लुलु पर हिरोइन ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, केस दर्ज

‘ओरु अडार लव’ फिल्म बनाने वाले मलयाली फिल्म डायरेक्टर उमर लुलु के खिलाफ एक अभिनेत्री ने रेप का मामला दर्ज करवाया है। अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि लुलु ने उसका कई बार रेप किया। केरल पुलिस अब इस मामले में जाँच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, केरल के एर्नाकुलम जिले के नेदुम्बस्सेरी थाने में उमर के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ है। अपनी FIR में अभिनेत्री ने बताया है कि उमर लुलु ने जनवरी, 2024 और अप्रैल, 2024 के बीच उसे कई जगह ले जाकर रेप किया। अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि उमर लुलु ने उसके साथ शादी का भी वादा किया।

युवा अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि उमर लुलु ने उसे एक फिल्म में काम देने का झाँसा भी दिया था। अभिनेत्री ने पहले कोच्चि में इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन मामले की जाँच के बाद इसे नेदुम्बस्सेरी थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में उमर लुलु के खिलाफ धरा 376 के तहत FIR दर्ज की है और आगे की जाँच कर रही है।

पुलिस ने इस मामले में अभिनत्री का बयान भी दर्ज कर लिया है और आगे उमर को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है। दूसरी तरफ उमर ने इन आरोपों से इनकार किया है और बताया है कि यह आरोप उनसे पैसे वसूलने की एक साजिश है।

उमर ने कहा कि अभिनेत्री ने उन पर रेप का आरोप निजी दुश्मनी में लगाया है। उन्होंने कहा, “मैं इस लड़की का काफी समय से दोस्त हूँ। यह मेरे साथ कई जगह यात्राओं पर भी गई थी। लेकिन बाद में हमारी दोस्ती में दरार आ गई और हम पिछले छह महीने से एक दूसरे से बात नहीं कर रहे। इस लड़की ने मेरी हालिया फिल्म में भी काम किया है।”

उमर लुलु ने आगे बताया, “अब जैसे ही नई फिल्म शुरू हुई तो वह रेप की यह शिकायत लेकर सामने आई। ऐसे आरोप के पीछे का मकसद फिल्म में काम न ना दिए जाने के कारण उनकी खीझ हो सकती है। कभी कभार पैसा वसूलने के लिए भी ऐसे मामले दर्ज करवाए जाते हैं।” उमर ने कहा है कि वह पुलिस जाँच में सहयोग करेंगे।

गौरलतब है कि 2019 में आई ओरु अडार लव फिल्म ओ लुलु ने ही बनाया था। इस फिल्म के एक सीन से अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वरियर काफी विख्यात हो गईं थी। इसके एक गाने पर काफी बवाल हुआ था। इस फिल्म के एक गाने ‘माणिक्य मलराया पूवी पर मुस्लिम संगठनों ने फतवा जारी किया था और कहा था इसमें पैगम्बर मुहम्मद की पत्नी खदीजा का जिक्र है। उमर लुलु और प्रिया प्रकाश पर इस गाने से मजहबी भावनाओं को भड़काने के लिए FIR भी करवाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह FIR रद्द कर दी थी।

मणिशंकर अय्यर ने चीन के 1962 के हमले को बताया ‘कथित’, BJP का विरोध देख माँगनी पड़ी माफी: कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश बोले- उम्र देखकर उन्हें छूट दे दो

कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने 1962 में चीन के भारत पर हमले को ‘कथित’ बता दिया है। उन्होंने चीन के भारत पर हमले को एक स्पष्ट युद्ध मानने की बजाय इस पर शंकाएँ उत्पन्न करने की कोशिश की है। भाजपा ने इस घटना को कॉन्ग्रेस का चीन के लिए प्यार बताया है।

मंगलवार (28 मई, 2024) को मणिशंकर अय्यर ने एक कायर्क्रम में एक किताब के विमोचन के दौरान कहा, “अक्टूबर 1962 में चीन ने कथित तौर पर भारत पर आक्रमण किया।” उन्होंने इस दौरान 1962 के भारत-चीन युद्ध की कुछ घटनाएँ भी बताईं।

अमित मालवीय ने लिखा, “नेहरू’स फर्स्ट रिक्रुट्स पुस्तक के विमोचन के दौरान FCC में बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने 1962 में चीनी आक्रमण को ‘कथित’ बताया है। यह सच्चाई को बदलने का एक निर्लज्ज प्रयास है। नेहरू ने चीन को संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सीट दे दी। राहुल गाँधी ने चीन के साथ गुप्त समझौता किया।”

आगे उन्होंने लिखा, “राजीव गाँधी फाउंडेशन ने चीनी दूतावास से पैसा लिया और चीनी कंपनियों के लिए बाजार में घुसने की सिफारिश करने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके आधार पर सोनिया गाँधी की UPA सरकार ने चीनी सामानों के लिए भारत का बाजार खोल दिया। इससे MSME को नुकसान पहुँचा और अब कॉन्ग्रेस नेता अय्यर चीनी आक्रमण पर पर्दा डालना चाहते हैं। इस युद्ध के बाद चीन ने 38,000 स्क्वायर KM भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया है। कॉन्ग्रेस का चीनियों के प्रति यह प्रेम क्या दर्शाता है?”

मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस बैकफुट पर आ गई। कॉन्ग्रेस के मीडिया प्रमुख जयराम रमेश ने तुरंत डैमेज कंट्रोल में बताया कि मणिशंकर अय्यर ने माफी माँग ली है। उन्होंने लिखा, “मणिशंकर अय्यर ने ‘कथित आक्रमण’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगी है। उनकी उम्र की वजह से उन्हें छूट दी जानी चाहिए। कॉन्ग्रेस उनके शब्दों के चुनाव से खुद को अलग करती है।”

कॉन्ग्रेस के इस बयान से दूरी बनाने के बाद भी सोशल मीडिया पर मणिशंकर अय्यर की काफी आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि चीन के भारत पर हमले को कथित बताकर अय्यर ने इतिहास में गड़बड़ी करने की कोशिश की है। मणिशंकर अय्यर ने हाल ही में कहा था कि भारत को पाकिस्तान की इज्जत करनी चाहिए क्योंकि उनके पास परमाणु बम है।”

‘काफिर हो काफिर ही रहोगी’: रोहित शर्मा की पत्नी ने ‘RAFAH’ के लिए किया पोस्ट, फिर भी भड़के कट्टरपंथी, स्टोरी करनी पड़ी डिलीट

भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद पर एक स्टोरी लगाई थी जिसमें ‘राफा’ को लेकर कहा गया था- अब नजरें राफा पर हैं।

इस स्टोरी को देखने के बाद उनसे सोशल मीडिया पर काफी सवाल हुए। उनसे पूछा गया कि आखिर वो भारत में हिंदुओं पर होते अत्याचार को लेकर कहाँ रहती हैं। इसके अलावा जब कोई अन्य घटना होती है तब भी वो चुप होती हैं। ऐसा क्यों?

उनकी इस स्टोरी के बाद जहाँ कई भारतीय और हिंदू यूजर्स उनसे नाराज मिले तो वही इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें इस्लाम कबूलने की सलाह देते दिखाई पड़े। उन्हें कहा गया कि फिलीस्तीन पर चर्चा करने से कुछ नहीं होगा। तुम हिंदू काफिर हो और हिंदू काफिर ही रहोगी चाहे वो ‘राफा’ के लिए कितनी ही आवाज उठा लो।

मोहम्मद परवेज ने कहा, “सारे काफिर। कुछ भी कर लें फिर भी जगन्नुम में सड़ोगे। इन्हें जन्नत जाने के लिए मुस्लिम बनना होगा। ये अल्लाह का संदेश है। कुरान पढ़ो। रितिका सजदेह और रोहित शर्मा फिलीस्तीन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन इन्हें अपना मजहब बदलना होगा और जन्नत नसीब पाने के लिए अल्लाह को मानना होगा।”

इन सारी प्रतिक्रियाओं के बाद रितिका को अपने सोशल मीडिया से स्टोरी को हटाना पड़ा। रितिका के स्टोरी हटाने के बाद कई लोगों ने उनके इस निर्णय का सम्मनान किया और बताया कि आखिर इस तरह एक पक्ष होकर चीजों के लिए नजरिया रखना क्यों गलत होता है।

बता दें कि रितिका सजदेह का विवाह रोहित शर्मा से साल 2015 में हुआ था। उनकी एक बेटी है समायरा। शादी से तीन साल पहले से दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे। इन दोनों की पहचान युवराज सिंह के जरिए एक दूसरे से हुई थी।

रेमल तूफान ने नॉर्थईस्ट में ली 37 लोगों की जान, सबसे ज्यादा कहर मिजोरम पर टूटा: 135km/h की रफ्तार से घुसा था भारत में

बंगाल की खाड़ी में आए तूफान रेमल के कारण उत्तरपूर्व के राज्यों में अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक नुकसान मिजोरम में हुआ है जहाँ मौत का आँकड़ा 27 है, इसके अलावा असम, मेघालय और नागालैंड में भी काफी नुकसान तूफान की वजह से हुआ है।

मिजोरम सरकार के जनसम्पर्क विभाग ने बताया है, “तूफान रेमल के कारण हुए भूस्खलन से आइजोल जिले में 27 लोगों की जान चली गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचने के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने ने राज्य आपदा राहत कोष के लिए ₹15 करोड़ की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।” मिजोरम में सबसे अधिक नुकसान एक पत्थर खदान के ढहने से हुआ है।

मिजोरम के आईजोल में एक पत्थर खदान ढह गई, जिसके कारण कई लोग इसके नीचे दब गए। यहाँ राहत बचाव का काम अब भी चल रहा है। इस खदान के ढहने से 13 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा राज्य में अलग अलग जगह भारी बारिश के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। मिजोरम के अलावा पड़ोसी राज्य नागालैंड में भी 4 लोगों की मौत हो गई और कई घर ढह गए। नागालैंड में एक 7 वर्ष के बच्चे की मौत हो गई है।

असम में भी रेमल के कारण काफी नुकसान हुआ है। असम में रेमल के कारण 4 मौतें हुई हैं। असम में भी रेमल के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिजली की आपूर्ति भी रुक गई है। कई जगह पेड़ गिरने के कारण यातायात की गति भी प्रभावित हो गई है। मेघालय में भी तूफान रेमल के कारण 2 मौतें दर्ज की गई हैं। तूफान रेमल ने उत्तरपूर्वी राज्यों से पहले पश्चिम बंगाल में भी काफी तबाही मचाई है। पश्चिम बंगाल में रेमल के कारण 6 मौतें हुई हैं। 135 किलोमीटर की रफ़्तार आने वाले तूफान के कारण यहाँ जनजीवन बड़े स्तर पर प्रभावित है।

‘हमने तोड़ा था लाहौर समझौता, हम ही कसूरवार’: पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने 25 साल बाद माना अपने मुल्क का गुनाह, PM शहबाज से बोले- अब गलती सुधारें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और सत्ताधारी PML-N के मुखिया नवाज शरीफ ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान ने 1999 का द्विपक्षीय लाहौर समझौते का उल्लंघन किया। लाहौर समझौता तोड़ने के लिए उन्होंने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कि मौजूदगी में कही।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, “पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु धमाके किए। इसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान आए और दोनों देशों के बीच समझौता हुआ। वो अलग बात है कि हमने वो समझौता तोड़ दिया, इसमें हम कसूरवार हैं। इसमें हमारी गलती है। अब शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री है, यह पाकिस्तान का रुख मोड़ें।”

नवाज शरीफ ने यह बातें सत्ताधारी PML-N के एक कार्यक्रम में कहीं। यह PML-N का अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। इसमें उन्होंने पाकिस्तान के आंतरिक मुद्दे उठाए। इस दौरान मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि फरवरी 1999 में भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के सम्बन्धों को लेकर एक समझौता किया था। इसे लाहौर में अंतिम रूप दिया गया था, इसलिए इसे लाहौर समझौता कहा गया था।

इस समझौते में दोनों देश इस बात पर राजी हुए थे कि वह आपस में परमाणु हथियारों की दौड़ नहीं करेंगे, जम्मू कश्मीर समेत बाकी सीमा पर शान्ति के लिए काम करेंगे। इस समझौते में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वह इस क्षेत्र में मिल कर काम करेंगे।

इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली से लाहौर बस से गए थे। इसी दिन से दिल्ली से लाहौर सीधी बस सेवा चालू हुई थी। इस समझौते को दोनों देशों की संसद में भी मंजूरी दी गई थी। हालाँकि, यह समझौता ज्यादा दिन नहीं टिक सका।

समझौते के कुछ ही दिनों के भीतर पाकिस्तानी फ़ौज ने भारत के कारगिल क्षेत्र घुसपैठ कर दी और कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया। बताया गया कि यह काम तत्कालीन पाक फ़ौज के मुखिया परवेज़ मुशर्रफ ने किया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को भगाने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया था। दोनों देशों के बीच कारगिल युद्ध के बाद काफी दरार आई थी।

3.5 किलो मांस, थोड़े बाल और खून: जहाँ हुई बांग्लादेशी सांसद की हत्या उस फ्लैट के सीवेज से मिले कई सुराग, अब होगी DNA जाँच

बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनाक की हत्या के मामले में अब बांग्लादेश से आए खुफिया विभाग के अधिकारी जाँच कर रहे हैं। उन्होंने इसी क्रम में कोलकाता फ्लैट का सीवर और सेप्टिंक टैंक खुलवाया है जहाँ उन्हें माँस के टुकड़े बरामद हुए हैं। इन मांस के टुकड़ों का DNA टेस्ट होने के बाद पता चलेगा कि ये अनवारुल अजीम का ही है या किसी और कहा

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बांग्लादेश जासूसी विभाग के प्रमुख हारुन-या-रशीद ने बताया, “हमने पश्चिम बंगाल CID की मदद से उस डुप्लेक्स फ्लैट (हत्या की जगह) की सीवेज लाइन और सेप्टिक टैंक खुलवाया है, वहाँ हमें मांस मिला है। इसे फोरेंसिक और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फोरेंसिक और डीएनए टेस्ट के बाद ही हम बता सकते हैं कि यह किसके शरीर के माँस हैं।”

इस मामले में एक अन्य रिपोर्ट खुलासा करती है कि सेप्टिक बैंक से करीब 3.5 किलो मांस मिला है। साथ ही कुछ बाल भी बरामद किए गए हैं। एक सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी सांसद की जिस फ्लैट में हत्या की गई, उसे लेकर पुलिस को संदेह था कि खून को शौचालय के जरिए ही बहाया गया होगा। यही वजह रही कि एक टीम को नाली के पाइप और सेप्टिक टैंक की जाँच में लगाया गया। जाँच हुई तो उसके बाद वहाँ से मांस के टुकड़े और बाल मिले।

बता दें कि भारत अपने इलाज के लिए आए बांग्लादेशी सांसद अजीम की हत्या कोलकाता के फ्लैट में की गई थी। इसके बाद कसाई से उनके शरीर से खाल उतरवाकर मांस छीला गया था और फिर उसके 80 टुकड़े करके उसे हल्दी लगातार पैकेटों में बहाया गया ताकि वो बदबू न करें। इनमें कुछ पैकेट आसपास नहर में फेंके गए थे वहीं कुछ अन्य जगह। पुलिस सांसद के सारे टुकड़े बरामद करने का प्रयास कर रही है।