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टीम इंडिया का हेड कोच बनना चाहते हैं नरेंद्र मोदी और अमित शाह, BCCI को मिले 3000 आवेदन: तेंदुलकर-धोनी ने भी किया अप्लाई, जानिए क्या है माजरा

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच के पद के लिए 3,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। हेड कोच के लिए अधिकांश आवेदन फर्जी आए हैं। BCCI को अब इन्हें छाँटने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कई आवेदन फर्जी नामों से भी किए गए हैं।

रिपोर्टस के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए 3000 से अधिक आवेदन 13 मई, 2024 के बाद से मिले हैं। BCCI ने 13 मई, 2024 को सोशल मीडिया के माध्यम से नए हेड कोच के लिए आवेदन माँगे थे। यह आवेदन गूगल फॉर्म्स के जरिए दिए जाने थे।

इस गूगल फॉर्म के जरिए 27 मई, 2024 तक आवेदन दिया जाना था। BCCI को दिए जाने वाले आवेदन में कई जानकारियाँ भरनी थी लेकिन इसे कोई भी भर सकता था। ऐसे में इस लिंक का इस्तेमाल करते हुए अधिकांश फर्जी आवेदन भरे गए। इनको भरने वाले कोई पूर्व क्रिकेटर या अनुभवी कोच नहीं बल्कि सामान्य इंटरनेट यूजर थे।

कई लोगों ने फर्जी नामों से फर्जी आवेदन किए। लोगों ने हरभजन सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंदर सहवाग नाम जैसे पूर्व क्रिकेटरों के नाम से फर्जी फॉर्म भर दिए। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नाम से भी आवेदन कर दिया।

इन फर्जी आवेदनों की बाढ़ के बीच BCCI को अब सही दावेदारों को तलाशना मुश्किल हो रहा है। अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि किसी अनुभवी दावेदार ने इस प्रक्रिया के जरिए आवेदन किया है या नहीं। इससे पहले 2022 में भी BCCI को 5000 आवेदनों में से सही आवेदन तलाशने पड़े थे और उसे काफी मुश्किलें आई थी।

अगले कोच का कार्यकाल वर्तमान में अमेरिका में आयोजित हो रहे T20 विश्व कप के बाद चालू होगा और 2027 तक रहेगा। 2027 में 50 ओवर वाला विश्वकप भी होना है। इस बीच चर्चा है कि पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर का नाम हेड कोच के लिए लाया जा सकता है लेकिन इस पर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

‘शराब घोटाले के सरगना हैं अरविंद केजरीवाल, मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार विनोद चौहान से डायरेक्ट बातचीत के सबूत’: ED ने कोर्ट को बताई स्कैम में दिल्ली के CM की भूमिका

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल बुरी तरह फँसते नजर आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार (28 मई 2024) को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल आबकारी नीति मामले में हुई मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े हैं और इस केस में ‘मुख्य साजिशकर्ता’ और ‘सरगना’ भी हैं।इस आरोप पत्र के दाखिल होने के बाद और दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की कोर्ट ने इस मसले पर अपना फैसला 4 जून तक सुरक्षित रख लिया है।

दिल्ली सीएम के मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार आरोपित वकील विनोद चौहान से भी डायरेक्ट बातचीत के सबूत ईडी को मिले हैं। विनोद चौहान वही शख्स है जिसे लेकर ईडी ने कहा था कि वो इस केस में गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए रुपयों को हैंडल कर रहा था। उस पर गोवा चुनावों के वक्त AAP को हवाला के जरिए रकम पहुँचाने के भी आरोप हैं। इसके अलावा उसके पास से 1.06 करोड़ रुपए जब्त किए गए थे।

बता दें केजरीवाल फिलहाल जेल से बेल पर बाहर हैं। ऐसे में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में केजरीवाल की संलिप्ता की बात कोर्ट को चार्जशीट दाखिल कर बताई हैं। इसके साथ ही ईडी ने कहा है कि आरोपित (अरविंद केजरीवाल) के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए इसमें पर्याप्त सबूत हैं। ईडी ने आरोपपत्र में आम आदमी पार्टी को भी आरोपित बनाया है।

वहीं, ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने अदालत को बताया कि यह ऐसा मामला है जिसमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 70(1) और 70(2) दोनों को लागू किया जाना है। उन्होंने कहा, “दिल्ली आबकारी घोटाले, जिसमें आप नेता और अन्य लोग शामिल हैं, उसके मुख्य साजिशकर्ता और सरगना केजरीवाल हैं।” उन्होंने कहा कि इस मामले में रिश्वत की माँग की गई थी, और अपराध करने में मुख्य रूप से केजरीवाल शामिल थे।

ईडी ने इस दौरान शराब घोटाले के आरोपित विजय नायर की भी बात की। ईडी के वकील ने कहा है कि आरोपित विजय नायर मुख्यमंत्री आवास के पास वाले बंगले में रह रहे थे और विजय नायर सीधे केजरीवाल को रिपोर्ट कर रहे थे और वह हमेशा मुख्यमंत्री आवास पर होते थे।

दिल्ली शराब घोटाले में बेटी K कविता की जमानत के लिए ‘डील’ करना चाहते थे KCR, विधायक सौदेबाजी केस से डालना चाहते थे दबाव: पूर्व DCP का खुलासा

तेलंगाना फोन टैपिंग केस में आरोपित पूर्व DCP (टास्क फ़ोर्स) के कबूलनामे की रिपोर्ट से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री K चंद्रशेखर राव मोइनाबाद फार्महाउस विधायक सौदेबाजी मामले का इस्तेमाल भाजपा पर समझौते का दबाव बनाने के लिए करना चाहते थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि KCR (जिन्हें पेडन्ना भी कहा जाता है) अपनी बेटी MLC के कविता को दिल्ली शराब घोटाला मामले से राहत दिलाने के लिए इस मामले का इस्तेमाल करना चाहते थे।

राव के कबूलनामे में बताया गया है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री KCR ने विधायकों को तोड़ने की साजिश के बारे में जानकारी होने पर इसके तकनीकी सर्विलांस के आदेश दिए थे। इसके बाद भाजपा नेता बी एल संतोष को गिरफ्तार करने का विफल प्रयास किया गया।

हालाँकि, KCR के इरादों पर तब पानी फिर गया जब इस मामले की जाँच तेलंगाना हाई कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी। राव ने अपने कबूलनामे में बताया है कि KCR अपनी योजना के विफल होने के बाद काफी गुस्सा थे। राव ने कहा है कि वह इससे अधिक नहीं बता सकते क्योंकि KCR के उनके ऊपर कई सारे अहसान हैं।

राव ने बताया ”पेडअन्ना उम्मीदों के मुताबिक ‘काम’ पूरा नहीं होने से नाराज थे। मैं ज्यादा जानकारी का खुलासा नहीं करूँगा क्योंकि मैं पेडअन्ना का बहुत एहसानमंद हूँ जिन्होंने मुझे दो बार नियुक्त किया और 2020 में मुझे रिटायर होने के बाद सिटी टास्क फोर्स में तैनात किया।”

राव ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2023 में, स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुखिया टी प्रभाकर राव को तत्कालीन तंदूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पायलट रोहित रेड्डी ने बताया था कि भाजपा में प्रभावशाली होने का दावा करने कुछ लोग उन पर BRS छोड़ने के बाद से भाजपा में शामिल करवाने का दबाव डाल रहे थे।

पूर्व DCP राव ने आगे खुलासा किया कि SIB के पूर्व डिप्टी SP डी प्रणीत राव ने KCR के कहने पर कई व्यक्तियों और विधायकों के फोन इंटरसेप्ट किए और एक ऑडियो क्लिप भी दी। तत्कालीन मुख्यमंत्री KCR ने पुलिस को इस मामले में जाल बिछाने को कहा और निर्देश दिया कि रोहित उनके साथ सहयोग करें। उन्होंने कथित तौर पर तीन और विधायकों को इस मामले में शामिल होने के लिए कहा।

इसके बाद, तंदूर विधायक रोहित रेड्डी ने तीन लोगों-रामचंद्र भारती, नंद कुमार और सिम्हयाजी स्वामी को मोइनाबाद में स्थित एक फार्महाउस में आने के लिए मनाया। इन्हीं तीनों लोगों को 4 BRS विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

राव के कबूलनामे में कहा गया है कि साइबराबाद पुलिस अधिकारियों की क्षमता ‘अक्षमता’ के कारण एक प्रमुख व्यक्ति पुलिस हिरासत से भाग गया। राव ने बताया, ”बाद में, एक SIT का गठन किया गया और KCR इस मामले को और मजबूत बनाने के लिए भाजपा नेता बी एल संतोष को गिरफ्तार करना चाहते थे। जिससे भाजपा एक समझौते पर सहमत हो जाए, और इसका इस्तेमाल उनकी बेटी कविता के खिलाफ ED के मामले से छुटकारा पाने के लिए किया जा सके।”

राव ने बताया कि भागे हुए व्यक्ति को पकड़ने के लिए कि SP-रैंक की अधिकारी रेमा राजेश्वरी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने केरल भी गई लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। दिसंबर 2022 में, तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस आरोपित की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और मामले को CBI को दे दिया। 6 फरवरी को, तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस फैसले को चुनौती देने वाली 6 याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।

इस साल अप्रैल की शुरुआत में यह बताया गया था कि 3 पूर्व SIB अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान राजनीतिक हस्तियों की जासूसी करने, अलग अलग पार्टियों की नकदी जब्त करने और 30 नवंबर 2023 को हुए विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी गाड़ियों में नकदी को लाने ले जाने की बात कबूल की थी। तेलंगाना फोन टैपिंग मामले को यहाँ पढ़ा जा सकता है। पूर्व सीएम KCR की बेटी के कविता दिल्ली शराब घोटाला मामले के आरोपितों में से एक हैं। उन्हें इस साल मार्च में ED ने गिरफ्तार किया था।

किसान की बेटी ने नौकरी के लिए माँगी मदद, दावा – उसके कपड़े उतरवा हस्तमैथुन करने लगे AAP के मंत्री: NCW ने दिया जाँच का आदेश, स्वाति मालीवाल के बाद एक और विवाद में पार्टी

पंजाब के स्थानीय प्रशासन एवं संसदीय मामलों के मंत्री बलकार सिंह विवादों में घिर गए हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो एक महिला के साथ वीडियो कॉल पर यौन गतिविधि में लिप्त पाए गए हैं। हालाँकि, उन्होंने आरोपों से इनकार किया है। जालंधर के डिप्टी कमिश्नर रहे बलकार सिंह 2021 में AAP (आम आदमी पार्टी) के टिकट पर करतारपुर से विधायक बने थे। अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए जाँच का आदेश दिया है।

NCW ने कहा है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच होनी चाहिए। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ये खुलासा किया था, जिसमें उन्होंने बलकार सिंह पर अनुचित यौन गतिविधि में लिप्त होने के आरोप लगाए थे। बताया गया था कि जिस महिला के साथ उन्होंने यर हरकत की, वो उनसे रोजगार के लिए मदद माँग रही थी। NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पंजाब के DGP से इस मामले को देखने के लिए कहा है। साथ ही 3 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भी माँगी है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-354 (किसी महिला को उसकी मर्जी के विरुद्ध अश्लील वीडियो दिखाना) और 354B (किसी महिला को निर्वस्त्र करने के लिए बल प्रयोग) के तहत FIR दर्ज की जानी चाहिए। भाजपा ने भी इस मामले को लेकर बलकार सिंह पर निशाना साधा। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस आपत्तिजनक वीडियो में AAP के मंत्री एक लड़की के साथ गलत हरकत करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ये पार्टी वही है जिसके मुख्यमंत्री आवास में उसकी महिला सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया गया, फिर पीड़िता का चरित्र हनन किया गया। उनका इशारा ‘शीशमहल’ में पूर्व DCW (दिल्ली महिला आयोग) अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की पिटाई से था। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पंजाब की मंत्री की करतूत को लेकर लोग मुँह में दही जमा कर बैठे हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब की नई सरकार को अर्बन नक्सल सोच वाली बताया है, जहाँ कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और निवेश गिर गया है।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने कहा था कि एक 21 वर्षीय लड़की ने बलकार सिंह से मदद माँगी क्योंकि उसे नौकरी की ज़रूरत थी, लेकिन मंत्री ने न सिर्फ उसे कपड़े उतारने को मजबूर किया बल्कि उसके सामने हस्तमैथुन भी किया। लड़की के पिता पंजाब में एक सामान्य किसान हैं। उन्होंने जो वीडियो जारी किया, उसमें बलकार सिंह खड़े होकर हस्तमैथुन करते हुए दिखाई दे रहे हैं और सामने वीडियो कॉल पर लड़की है। बग्गा ने AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बलकार सिंह को गिरफ्तार करने की माँग की है।

तोड़ डाली गुंबद, हटा दी मीनारें: चीन में आखिरी मस्जिद पर भी चला हथौड़ा, पाकिस्तानी बोले- ये काम भारत करता तो हम हल्ला मचाते

चीन में इस्लामी कट्टरपंथ से निपटने के नाम पर वहाँ 5 साल पहले शुरू हुआ हर इमारत के चीनीकरण का काम पूरा होने को है। खबर है कि वहाँ अरबी शैली में बनी आखिरी बड़ी मस्जिद से मीनार और गुंबद भी हटवा दी गई है और इस मस्जिद को चीनी स्टाइल में खड़ी किया गया है। सामने आई तस्वीरों में पहले और अब के बदलाव साफ देखे जा सकते हैं।

बता दें कि चीन ने साल 2019 में हर इस्लामी इमारत को चीनी स्टाइल में बदलने का फैसला लिया था। उसके बाद ही मस्जिदों से गुंबद और मीनार हटने शुरू हुए और 5 सालों में देश की आखिरी मस्जिद से मीनार हटने का काम भी पूरा हो गया। ये आखिरी मस्जिद शादियन में स्थित था, जो कि दक्षिण-पश्चिमी युन्नान प्रांत में एक जगह है।

इस मस्जिद का निर्माण सबसे पहले मिंग राजवंश के दौरान हुआ था और फिर सांस्कृतिक क्रांति के दौरान इसे नष्ट कर दिया गया था बाद में फिर इस मस्जिद का पुननिर्माण हुआ। इस दौरान ये ध्यान दिया गया कि ये मस्जिद सऊदी अरब के मदीना में बनी मस्जिद जैसी हो, लेकिन अब चीन में एक बार फिर इस इस्लामी इमारत में बदलाव करवा दिए गए हैं। ये मस्जिद इतनी बड़ी थी कि इसमें 10 हजार लोग दुआ पढ़ने आ सकते थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल तक इस मस्जिद पर हरे रंग का गुंबद था जिसपर आधा चांध भी दिखता था। इसके अलावा इसके अगल-बगल चार मीनारें थीं। 2022 में भी इसमें रग-रोगन का काम हुआ था। लेकिन अब अगर इस मस्जिद को देखें तो ये बिलकुल चीनी स्टाइल में तब्दील इमारत है। सिर्फ इसके सामने थोड़ा बहुत उर्दू में लिखा दिखाई देता है। ऐसे ही चांद और टाइलें भी वहाँ से कम कर दी गई हैं।

चीन के इस तरह इस्लामी इमारतों को चीनी सभ्यता का बनाने के प्रयास पर कई पाकिस्तानियों ने रिएक्ट किया है। पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि अगर यही काम भारत या फिर किसी अन्य मुल्क में हो रहा होता तो पाकिस्तान इसका हल्ला मचा देता, मगर चूँकि यह हरकत चीन ने की है तो उन्हें इससे कोई लेना देना नहीं है। उन्हें न अपना मजहब याद आ रहा है और न ही मुसलमानों पर होता खतरा। मुल्क की आवाम इसलिए भी नाराज है क्योकि इस मुद्दे पर पाकिस्तान की सरकार न तो इस पर अपना मुँह खोल रही है और न ही इसका विरोध कर रही है।

सना अमजद के यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे को उठाकर पाकिस्तानी आवाम की राय माँगी गई जिसमें पाकिस्तान के लोग भी अपनी सरकार के रवैये के खिलाफ दिखाई दिए। एक पाकिस्तानी ने कहा कि भारत हमारा दुश्मन नहीं है। दुश्मन है तो सिर्फ चीन। कभी भी चीन ने किसी के साथ सौदा बिना लालच के नहीं किया। फिर भी पाकिस्तान उनके खिलाफ कुछ नहीं कहता है।

पाकिस्तानी लोगों ने कैमरे पर यहाँ तक बोला कि भारत की बारी आने पर पाकिस्तानी कश्मीर-कश्मीर करने लग जाते है, लेकिन उनका ध्यान इस पर क्यों नहीं जाता कि लद्दाख की पट्टी पर चीन अपना कब्जा जमाए बैठे हुए है, फिर आखिर कोई उसके खिलाफ क्यों नहीं बोल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तानियों ने ये भी कहा कि पाकिस्तान में चीन की दोस्ती की कसमें और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि इससे उन्हें फायदा होता है।

डांडिया नाइट आयोजित करवाना बन गया मौत की वजह! हर्ष राज हत्याकांड में बिहार पुलिस ने चंदन यादव को दबोचा, लॉ कॉलेज के बाहर पीट-पीट कर मार डाला था

बिहार की राजधानी पटना में लॉ कॉलेज के बाहर छात्र हर्ष राज की हत्या सोमवार (27 मई, 2024) को कर दी गई थी। अब इस मामले में बिहार पुलिस ने चंदन यादव नामक शख्स को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वही इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है। वो पटना कॉलेज में BA फाइनल ईयर का छात्र है और जैक्सन हॉस्टल में रहता है। पटना के गाँधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर छात्रों ने इस हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर के प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।

चंदन यादव को पटना के बिहटा स्थित आम्हारा गाँव से गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए 4 जिलों में छापेमारी की जा रही है। चंदन यादव ने पुलिस द्वारा पूछताछ में बताया है कि डांडिया नाइट के दौरान हुई मारपीट का उसने बदला लिया है। हर्ष राज वैशाली जिले के लालगंज का रहने वाला था। परीक्षा देकर निकलने के बाद जैसे ही वो अपनी बाइक की तरफ गया, वहाँ पहले से मौजूद हत्यारों ने लाठी-डंडे से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी।

सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए जाने के कारण हर्ष राज की मृत्यु हो गई। वहाँ पर कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन उन्होंने बीच-बचाव करने का कोई प्रयास नहीं किया। हर्ष राज ने पिछले साल पटना के मिलर हाईस्कूल में डांडिया नाइट का आयोजन करवाया था, जिसमें यूनिवर्सिटी के कई छात्र-छात्राएँ शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम में पटेल और जैक्सन हॉस्टल के छात्रों का हर्ष राज के बाउंसरों के साथ मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र का सिर भी फट गया था।

चंदन यादव का कहना है कि इसी रंजिश में उसने हर्ष राज की हत्या की घटना को अंजाम दिया है। अशोक राजपथ वाले इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहाँ कई थानों की पुलिस लगाई गई है। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने पटना कॉलेज से लेकर कारगिल चौक तक मार्च निकाला है। हर्ष राज BN कॉलेज के फाइनल ईयर का छात्र था। वहाँ उसकी परीक्षा थी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। 22 वर्षीय हर्ष राज को PMCH में मृत घोषित किया गया।

बिहार पुलिस ने अनुसंधान के लिए SIT का गठन किया था और अपनी तकनीकी टीम को भी काम पर लगाया था। इसमें संलिप्त अभियुक्तों की मौजूदगी का पता चलते ही छापेमारी की जा रही है। एक टीम को सबूत जुटाने के लिए भी लगाया गया है। चंदन यादव के पिता का नाम जितेंद्र यादव है।

CM केजरीवाल की याचिका तत्काल सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब CJI चंद्रचूड़ करेंगे फैसला: 2 जून को करना है सरेंडर, अब कह रहे 7 दिन और बढ़ा दो बेल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी को लेकर CJI डीवाई चंद्रचूड़ फैसला करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच ने इस मामले को तत्काल सुनने से मना कर दिया है। केजरीवाल ने 7 दिन की जमानत स्वास्थ्य आधार पर माँगी है।

मंगलवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट की जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की अवकाश बेंच ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। बेंच के सामने अरविन्द केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर लगाई गई याचिका की तत्काल सुनवाई की माँग की। उन्होंने दावा किया कि यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं बल्कि केवल एक छोटी सी माँग है।

अवकाश बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले को CJI चंद्रचूड़ के सामने रखा जाए, वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे कि याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए या नहीं। CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था । अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

CM केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।

सड़क से गुजर रहीं थी 6 जैन साध्वी, अल्ताफ हुसैन शेख ने पहले किया पीछा फिर बेल्ट से मारा: गुजरात के भरूच की घटना, गिरफ्तार

गुजरात के भरूच में अल्ताफ हुसैन शेख नाम के एक शख्स ने सड़क पर जा रहीं जैन साध्वियों पर हमला बोल दिया। हमला करने से पहले जैन साध्वियों का काफी देर तक पीछा करता रहा। उसने साध्वियों को पैरों से मारा, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 6 श्वेताम्बर साध्वी भरूच से जैन साध्वी विहार के लिए निकलीं थी। उनके साथ विहार का एक सेवक भी था। सेवक कुछ दूर उन्हें छोड़ने के बाद वापस चला गया। इसके बाद साध्वियों ने बिना किसी का साथ लिए रास्ता तय कर रहीं थी। इसी बीच मुहम्मदपुरा का अल्ताफ शेख हुसैन सड़क पर आकर उनका पीछा करने लगा। यह गाँव रास्ते में ही पड़ता है। वह काफी दूर तक उनका पीछा करता रहा और इसके बाद उनको डराने भी लगा।

साध्वियों को डराने धमकाने के बाद अल्ताफ हुसैन शेख साध्वियों के ऊपर चिल्लाने लगा। सादा जीवन बिताने और अमूमन पुरुषों से दूर रहने वाली जैन साध्वियाँ अल्ताफ हुसैन शेख से दूर रहने के लिए चेताती रहीं। उन्होंने जब अल्ताफ से दूर रहने को कहा तो उसने एक साध्वी पर हमला बोल दिया और उन्हें लातों से मारना चालू कर दिया। जब वह जमीन पर गिर गईं तो इसके बाद उसने सभी पर बेल्ट से हमला कर दिया।

अल्ताफ के हमले के दौरान यहीं से गुजर रहे एक शख्स ने साध्वियों को बचाया। उसने गाँव वालों को सूचना दी, जिन्होंने अल्ताफ हुसैन शेख को ढूंढ कर पकड़ लिया। इस मामले में पुलिस को सूचना दी गई। अल्ताफ हुसैन को पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हिरासत में ले लिया। अल्ताफ से पुलिस वर्तमान में पूछताछ कर रही है। ऑपइंडिया ने इस मामले में जानकारी के लिए भरूच पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश की है। अभी इस विषय आगे जानकारी नहीं मिल पाई है। जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।

लाश के पास बैठ जमकर पी शराब, रात भर काटा बांग्लादेश के MP का शव; फिर अनावरुल अजीम के ही कपड़े पहनकर फ्लैट से निकल गया कसाई जिहाद

बांग्लादेश के सांसद अनवारुल अजीम के शव को काटने और उनकी खाल उतार कर कीमा बनाने वाले कसाई ने बताया है कि उसने शरीर काटने से पहले शराब पी थी। उसने बताया कि वह रात भर सांसद का शव काटता रहा। फ्लैट में मौजूद उसके साथी ने सांसद के पैसे भी चुराए।

सांसद अनवारुल अजीम का शव काटने वाले कसाई जिहाद हवलदार से बांग्लादेश पुलिस और बंगाल CID ने पूछताछ की है। इसी में उसने कई खुलासे किए हैं। उसने जाँचकर्ताओं को बताया कि वह उस फ्लैट पर पहले से मौजूद था। जब सांसद यहाँ पहुँचे तो उन्हने तकिए से दबा कर मार दिया गया।

इसके बाद जिहाद ने शराब पी और सांसद अनवारुल के शव को काटने और उनकी खाल उतारने लगा। उसने सांसद के शरीर का कीमा बनाया था। सुबह होने पर उसने सांसद अनवारुल के ही कपड़े पहन लिए और निकल गया। कसाई ने यह बताया कि उसके खुद के कपड़े खून से सन गए थे इसलिए उसने सांसद के कपड़े चुराए।

उसने यह भी बताया कि उन दोनों ने सांसद के पास से ₹4.3 लाख भी चुरा लिए थे और निकल गए थे। इस दौरान उसके साथ एक और व्यक्ति मौजूद था जिसका नाम मोहम्मद सियाम था, यह अभी फरार है और उसके नेपाल में होने का शक है।

जिहाद ने इससे पहले पूछताछ में बताया था कि उसने सांसद के शव को काटा, उनकी खाल उतार कर पैकटों में भरी और कोलकाता में अलग-अलग जगह फिंकवा दिए। जिहाद बांग्लादेशी अवैध घुसपैठिया है और बांग्लादेश से भाग कर मुंबई आया था। उसे यह हत्या करने से दो महीने पहले कोलकाता लाया गया था।

सांसद की हत्या दोस्त ने कराई

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश में पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए हत्या की पूरी कहानी का खुलासा किया था। पता चला था कि अजीम की कोलकाता में हत्या उन्हीं के एक दोस्त ने करवाई थी। उसी ने अनवारुल अजीम को अपने कोलकाता वाले फ्लैट पर बुलवाया था जहाँ उनकी हत्या कर दी गई।

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी के सांसद अनवारुल अजीम 12 मई को भारत इलाज के लिए आए थे। यहाँ वह पहले दो दिन अपने एक सुनार दोस्त के यहाँ रुके थे, इसके बाद वह इलाज की बात कह कर उसके घर से निकले और फोन पर बताया कि वह दिल्ली जा रहे हैं।

हालाँकि, इसके बाद से वह गायब हो गए और उनका कोई पता नहीं लगा। इसके बाद उनकी हत्या की खबर आई। उनकी हत्या की योजना बनाने वाला अख्तरुज्ज्मान उनका पुराना दोस्त और व्यापारिक पार्टनर था। वह उनसे एक पुराने विवाद में बदला लेना चाहता था। इसलिए उसने अनवारुल अजीम की हत्या की साजिश रची थी।

अख्तरुज्ज्मान एक अमेरिकी-बांग्लादेशी नागरिक है और वह अमेरिका से भारत और बांग्लादेश इसी काम के लिए आया था। उसने अपने साथियों के साथ मिल कर कोलकाता में सांसद हत्या की साजिश रची। इस हत्या में उसके साथ अमानुल्लाह अमान, सियाम जिहाद, फैसल शजी और मोस्ताफियाज भी शामिल थे। इस हत्या में अख्तरुज्मान की गर्लफ्रेंड भी शामिल थी। यह सभी बारी बारी से भारत आए थे।

बताया गया कि अख्तरुज्ज्मान ने इस हत्या के लिए ₹5 करोड़ देने की बात कही थी। उसने कुछ पैसे पहले दे भी दिए थे। अभी कुछ धनराशि ही दी थी। बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अमान को गिरफ्तार कर लिया है, वह हत्या को अंजाम देने का आरोपित है। उसके अलावा दो और लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

दिल्ली से वाराणसी के लिए उड़ान भरने को था विमान, टॉयलेट में टिशू पेपर पर लिखा मिला ‘बम’: कूदने लगे यात्री, सभी सुरक्षित

राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश के वाराणसी को जा रही एक फ्लाइट को मंगलवार(28 मई, 2024) को बम की धमकी दी गई। इसके बाद विमान को उड़ान से ठीक पहले रोक लिया गया और यात्रियों को उतार लिया गया। सुरक्षा एजेंसियाँ अब इस मामले की जाँच में जुटी हैं।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अंतरराष्ट्रीय अड्डे को सुबह इंडिगो की एक फ्लाइट 6E 2211 जा रही थी। इसका दिल्ली से सुबह 5 बजे उड़ान भरने का समय था। इसके पहले ही इस विमान में बम होने की सूचना मिली।

बम की यह जानकारी विमान के टॉयलेट में एक टिशु पेपर पर मिली। इस पर बम लिखा हुआ था। इसके बाद यात्रियों में हडकंप मच गया। कुछ यात्री जल्दी नीचे जाने की कोशिश करने लगे। कुछ ने खिड़की से निकलने का प्रयास किया।

यात्री यह सूचना मिलने तक विमान में बैठ चुके थे और यह उड़ान के लिए तैयार था। सूचना मिलने के बाद इसे रनवे से हटा कर पार्किंग क्षेत्र में ले जाया गया और सभी यात्रियों को उतारा गया। यात्रियों को यहाँ इमरजेंसी द्वार से निकाला गया। इसके बाद विमान की जाँच के लिए टीमें पहुँची।

विमान की जाँच के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और बम निरोधक दस्ता पहुँचा। विमान के भीतर बम होने की सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है। यात्रियों को इसके कारण दिक्कतों को सामना करना पडा है। उन्हने वापस एयरपोर्ट लाया गया। पुलिस इस मामले में आगे जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में विमानों को बम की धमकी देने की काफी घटनाएँ सामने आई हैं। हालाँकि, इनकी जाँच में कुछ नहीं मिला है। इससे पहले 16 मई, 2024 को दिल्ली से वड़ोदरा जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट को बम होने की धमकी दी गई थी। 27 जनवरी, 2024 को भी मुंबई एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही वाकया हुआ था।

ऐसी सूचनाओं के कारण विमानों की उड़ान में देरी होती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकांश मौकों पर यह धमकियाँ फर्जी निकलती हैं। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियाँ इन्हें नजरअंदाज नहीं करती क्योंकि इससे पहले देश में विमान हाईजैकिंग का बड़ा हादसा हो चुका है।