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मणिशंकर अय्यर ने चीन के 1962 के हमले को बताया ‘कथित’, BJP का विरोध देख माँगनी पड़ी माफी: कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश बोले- उम्र देखकर उन्हें छूट दे दो

कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने 1962 में चीन के भारत पर हमले को ‘कथित’ बता दिया है। उन्होंने चीन के भारत पर हमले को एक स्पष्ट युद्ध मानने की बजाय इस पर शंकाएँ उत्पन्न करने की कोशिश की है। भाजपा ने इस घटना को कॉन्ग्रेस का चीन के लिए प्यार बताया है।

मंगलवार (28 मई, 2024) को मणिशंकर अय्यर ने एक कायर्क्रम में एक किताब के विमोचन के दौरान कहा, “अक्टूबर 1962 में चीन ने कथित तौर पर भारत पर आक्रमण किया।” उन्होंने इस दौरान 1962 के भारत-चीन युद्ध की कुछ घटनाएँ भी बताईं।

अमित मालवीय ने लिखा, “नेहरू’स फर्स्ट रिक्रुट्स पुस्तक के विमोचन के दौरान FCC में बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने 1962 में चीनी आक्रमण को ‘कथित’ बताया है। यह सच्चाई को बदलने का एक निर्लज्ज प्रयास है। नेहरू ने चीन को संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सीट दे दी। राहुल गाँधी ने चीन के साथ गुप्त समझौता किया।”

आगे उन्होंने लिखा, “राजीव गाँधी फाउंडेशन ने चीनी दूतावास से पैसा लिया और चीनी कंपनियों के लिए बाजार में घुसने की सिफारिश करने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके आधार पर सोनिया गाँधी की UPA सरकार ने चीनी सामानों के लिए भारत का बाजार खोल दिया। इससे MSME को नुकसान पहुँचा और अब कॉन्ग्रेस नेता अय्यर चीनी आक्रमण पर पर्दा डालना चाहते हैं। इस युद्ध के बाद चीन ने 38,000 स्क्वायर KM भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया है। कॉन्ग्रेस का चीनियों के प्रति यह प्रेम क्या दर्शाता है?”

मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस बैकफुट पर आ गई। कॉन्ग्रेस के मीडिया प्रमुख जयराम रमेश ने तुरंत डैमेज कंट्रोल में बताया कि मणिशंकर अय्यर ने माफी माँग ली है। उन्होंने लिखा, “मणिशंकर अय्यर ने ‘कथित आक्रमण’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगी है। उनकी उम्र की वजह से उन्हें छूट दी जानी चाहिए। कॉन्ग्रेस उनके शब्दों के चुनाव से खुद को अलग करती है।”

कॉन्ग्रेस के इस बयान से दूरी बनाने के बाद भी सोशल मीडिया पर मणिशंकर अय्यर की काफी आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि चीन के भारत पर हमले को कथित बताकर अय्यर ने इतिहास में गड़बड़ी करने की कोशिश की है। मणिशंकर अय्यर ने हाल ही में कहा था कि भारत को पाकिस्तान की इज्जत करनी चाहिए क्योंकि उनके पास परमाणु बम है।”

‘काफिर हो काफिर ही रहोगी’: रोहित शर्मा की पत्नी ने ‘RAFAH’ के लिए किया पोस्ट, फिर भी भड़के कट्टरपंथी, स्टोरी करनी पड़ी डिलीट

भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद पर एक स्टोरी लगाई थी जिसमें ‘राफा’ को लेकर कहा गया था- अब नजरें राफा पर हैं।

इस स्टोरी को देखने के बाद उनसे सोशल मीडिया पर काफी सवाल हुए। उनसे पूछा गया कि आखिर वो भारत में हिंदुओं पर होते अत्याचार को लेकर कहाँ रहती हैं। इसके अलावा जब कोई अन्य घटना होती है तब भी वो चुप होती हैं। ऐसा क्यों?

उनकी इस स्टोरी के बाद जहाँ कई भारतीय और हिंदू यूजर्स उनसे नाराज मिले तो वही इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें इस्लाम कबूलने की सलाह देते दिखाई पड़े। उन्हें कहा गया कि फिलीस्तीन पर चर्चा करने से कुछ नहीं होगा। तुम हिंदू काफिर हो और हिंदू काफिर ही रहोगी चाहे वो ‘राफा’ के लिए कितनी ही आवाज उठा लो।

मोहम्मद परवेज ने कहा, “सारे काफिर। कुछ भी कर लें फिर भी जगन्नुम में सड़ोगे। इन्हें जन्नत जाने के लिए मुस्लिम बनना होगा। ये अल्लाह का संदेश है। कुरान पढ़ो। रितिका सजदेह और रोहित शर्मा फिलीस्तीन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन इन्हें अपना मजहब बदलना होगा और जन्नत नसीब पाने के लिए अल्लाह को मानना होगा।”

इन सारी प्रतिक्रियाओं के बाद रितिका को अपने सोशल मीडिया से स्टोरी को हटाना पड़ा। रितिका के स्टोरी हटाने के बाद कई लोगों ने उनके इस निर्णय का सम्मनान किया और बताया कि आखिर इस तरह एक पक्ष होकर चीजों के लिए नजरिया रखना क्यों गलत होता है।

बता दें कि रितिका सजदेह का विवाह रोहित शर्मा से साल 2015 में हुआ था। उनकी एक बेटी है समायरा। शादी से तीन साल पहले से दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे। इन दोनों की पहचान युवराज सिंह के जरिए एक दूसरे से हुई थी।

रेमल तूफान ने नॉर्थईस्ट में ली 37 लोगों की जान, सबसे ज्यादा कहर मिजोरम पर टूटा: 135km/h की रफ्तार से घुसा था भारत में

बंगाल की खाड़ी में आए तूफान रेमल के कारण उत्तरपूर्व के राज्यों में अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक नुकसान मिजोरम में हुआ है जहाँ मौत का आँकड़ा 27 है, इसके अलावा असम, मेघालय और नागालैंड में भी काफी नुकसान तूफान की वजह से हुआ है।

मिजोरम सरकार के जनसम्पर्क विभाग ने बताया है, “तूफान रेमल के कारण हुए भूस्खलन से आइजोल जिले में 27 लोगों की जान चली गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचने के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने ने राज्य आपदा राहत कोष के लिए ₹15 करोड़ की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।” मिजोरम में सबसे अधिक नुकसान एक पत्थर खदान के ढहने से हुआ है।

मिजोरम के आईजोल में एक पत्थर खदान ढह गई, जिसके कारण कई लोग इसके नीचे दब गए। यहाँ राहत बचाव का काम अब भी चल रहा है। इस खदान के ढहने से 13 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा राज्य में अलग अलग जगह भारी बारिश के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। मिजोरम के अलावा पड़ोसी राज्य नागालैंड में भी 4 लोगों की मौत हो गई और कई घर ढह गए। नागालैंड में एक 7 वर्ष के बच्चे की मौत हो गई है।

असम में भी रेमल के कारण काफी नुकसान हुआ है। असम में रेमल के कारण 4 मौतें हुई हैं। असम में भी रेमल के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिजली की आपूर्ति भी रुक गई है। कई जगह पेड़ गिरने के कारण यातायात की गति भी प्रभावित हो गई है। मेघालय में भी तूफान रेमल के कारण 2 मौतें दर्ज की गई हैं। तूफान रेमल ने उत्तरपूर्वी राज्यों से पहले पश्चिम बंगाल में भी काफी तबाही मचाई है। पश्चिम बंगाल में रेमल के कारण 6 मौतें हुई हैं। 135 किलोमीटर की रफ़्तार आने वाले तूफान के कारण यहाँ जनजीवन बड़े स्तर पर प्रभावित है।

‘हमने तोड़ा था लाहौर समझौता, हम ही कसूरवार’: पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने 25 साल बाद माना अपने मुल्क का गुनाह, PM शहबाज से बोले- अब गलती सुधारें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और सत्ताधारी PML-N के मुखिया नवाज शरीफ ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान ने 1999 का द्विपक्षीय लाहौर समझौते का उल्लंघन किया। लाहौर समझौता तोड़ने के लिए उन्होंने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कि मौजूदगी में कही।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, “पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु धमाके किए। इसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान आए और दोनों देशों के बीच समझौता हुआ। वो अलग बात है कि हमने वो समझौता तोड़ दिया, इसमें हम कसूरवार हैं। इसमें हमारी गलती है। अब शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री है, यह पाकिस्तान का रुख मोड़ें।”

नवाज शरीफ ने यह बातें सत्ताधारी PML-N के एक कार्यक्रम में कहीं। यह PML-N का अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। इसमें उन्होंने पाकिस्तान के आंतरिक मुद्दे उठाए। इस दौरान मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि फरवरी 1999 में भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के सम्बन्धों को लेकर एक समझौता किया था। इसे लाहौर में अंतिम रूप दिया गया था, इसलिए इसे लाहौर समझौता कहा गया था।

इस समझौते में दोनों देश इस बात पर राजी हुए थे कि वह आपस में परमाणु हथियारों की दौड़ नहीं करेंगे, जम्मू कश्मीर समेत बाकी सीमा पर शान्ति के लिए काम करेंगे। इस समझौते में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वह इस क्षेत्र में मिल कर काम करेंगे।

इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली से लाहौर बस से गए थे। इसी दिन से दिल्ली से लाहौर सीधी बस सेवा चालू हुई थी। इस समझौते को दोनों देशों की संसद में भी मंजूरी दी गई थी। हालाँकि, यह समझौता ज्यादा दिन नहीं टिक सका।

समझौते के कुछ ही दिनों के भीतर पाकिस्तानी फ़ौज ने भारत के कारगिल क्षेत्र घुसपैठ कर दी और कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया। बताया गया कि यह काम तत्कालीन पाक फ़ौज के मुखिया परवेज़ मुशर्रफ ने किया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को भगाने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया था। दोनों देशों के बीच कारगिल युद्ध के बाद काफी दरार आई थी।

3.5 किलो मांस, थोड़े बाल और खून: जहाँ हुई बांग्लादेशी सांसद की हत्या उस फ्लैट के सीवेज से मिले कई सुराग, अब होगी DNA जाँच

बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनाक की हत्या के मामले में अब बांग्लादेश से आए खुफिया विभाग के अधिकारी जाँच कर रहे हैं। उन्होंने इसी क्रम में कोलकाता फ्लैट का सीवर और सेप्टिंक टैंक खुलवाया है जहाँ उन्हें माँस के टुकड़े बरामद हुए हैं। इन मांस के टुकड़ों का DNA टेस्ट होने के बाद पता चलेगा कि ये अनवारुल अजीम का ही है या किसी और कहा

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बांग्लादेश जासूसी विभाग के प्रमुख हारुन-या-रशीद ने बताया, “हमने पश्चिम बंगाल CID की मदद से उस डुप्लेक्स फ्लैट (हत्या की जगह) की सीवेज लाइन और सेप्टिक टैंक खुलवाया है, वहाँ हमें मांस मिला है। इसे फोरेंसिक और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फोरेंसिक और डीएनए टेस्ट के बाद ही हम बता सकते हैं कि यह किसके शरीर के माँस हैं।”

इस मामले में एक अन्य रिपोर्ट खुलासा करती है कि सेप्टिक बैंक से करीब 3.5 किलो मांस मिला है। साथ ही कुछ बाल भी बरामद किए गए हैं। एक सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी सांसद की जिस फ्लैट में हत्या की गई, उसे लेकर पुलिस को संदेह था कि खून को शौचालय के जरिए ही बहाया गया होगा। यही वजह रही कि एक टीम को नाली के पाइप और सेप्टिक टैंक की जाँच में लगाया गया। जाँच हुई तो उसके बाद वहाँ से मांस के टुकड़े और बाल मिले।

बता दें कि भारत अपने इलाज के लिए आए बांग्लादेशी सांसद अजीम की हत्या कोलकाता के फ्लैट में की गई थी। इसके बाद कसाई से उनके शरीर से खाल उतरवाकर मांस छीला गया था और फिर उसके 80 टुकड़े करके उसे हल्दी लगातार पैकेटों में बहाया गया ताकि वो बदबू न करें। इनमें कुछ पैकेट आसपास नहर में फेंके गए थे वहीं कुछ अन्य जगह। पुलिस सांसद के सारे टुकड़े बरामद करने का प्रयास कर रही है।

‘ये छूटा तो मेरी जान को खतरा होगा’ : स्वाति मालीवाल के बयान के बाद 3 दिन और बढ़ी विभव कुमार की हिरासत, वकील ने कोर्ट में ‘ड्रामा’ किया

स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में आज (28 मई 2028) दिल्ली सीएम के पर्सनल असिस्टेंट रहे विभव कुमार की तीस हजारी कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस हिरासत और बढ़ा दी। इस फैसले को सुनाते वक्त कोर्ट में काफी ‘ड्रामा’ होने की भी खबर है।

दरअसल, मीडिया में बताया जा रहा है कि विभव कुमार के वकील ने कोर्ट में सवाल उठाए थे कि आखिर सरकारी वकील, फैसला आने से पहले जज के चैंबर में क्यों बैठे थे। उन्होंने जज से भी पूछा कि आखिर वो वकील उनके चैंबर में एक घंटे से क्या कर रहे थे और ‘अभी-अभी (कोर्ट में फैसले के वक्त) क्यों निकले हैं।’

बता दें कि इससे पहले तीस हजारी कोर्ट में सोमवार (27 मई 2028) को स्वाति मालीवाल और विभव कुमार के वकीलों के बीच काफी जिरह हुई थी। स्वाति मालीवाल की ओर से जहाँ दिल्ली कोर्ट में विभव की बेल का विरोध करते हुए कहा गया था कि अगर विभव को बेल मिली तो इससे उनकी और उनके परिवार की जान को खतरा हो सकता है, तो वहीं विभव कुमार के वकील ने कहा कि सीएम हाउस में जबरन स्वाति मालीवाल घुसीं और केस उनके खिलाफ हो रहा है।

विभव कुमार के वकील ने कहा कि उस दिन स्वाति मालीवाल सोच के आई थीं कि वो बिन पूछे घुसेंगी। क्या एक राज्यसभा सांसद होने के मतलब ये होता है कि सीएम हाउस में बिन अनुमति घुस लिया जाए वो भी सिक्योरिटी जोन को क्रॉस करके। वकील के मुताबिक, सुरक्षाकर्मी स्वाति से बार-बार पूछ रहे थे कि क्या उन्होंने विभव से बात की है, क्योंकि विभव ही सीएम की सिक्योरिटी के लिए जवाबदेह होता।

वकील ने कहा कि उस दिन सुरक्षाकर्मियों ने आराम से स्वाति को घर से बाहर किया था और फुटेज में भी वो आराम से जा रही थीं। उन्होंने पूछा कि अगर घर में ऐसा कुछ हुआ भी था तो उन्होंने उसी दिन शिकायत क्यों नहीं दी, क्यों तीन दिन तक इंतजार किया गया। वो तो डीसीडब्लू की चीफ रही हैं। उन्हें अपने अधिकार पता है। अगर किसी अधिकार का उल्लंघन हुआ तो उन्हें शिकायत देनी चाहिए थी।

वकील ने कहा कि एक बार उस जगह को देखिए जहाँ घटना घटित बताई जा रही है, वहाँ बहुत लोग थे। प्रोटोकॉल अधिकारी, सिक्योरिटी अधिकारी भी। सब स्वाति को जानते थे। उन्होंने कहा कि ये सब सोच-समझकर किया गया है। लेकिन फिर भी वो सिर्फ बेल माँग रहे हैं। मामले से रिहा होने को नहीं कर रहे।

मीडिया में मौजूद जानकारी के अनुसार, स्वाति मालीवाल सुनवाई के दौरान एक जगह रोने लगी थीं। वहीं दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा, “आप एक महिला को बिन किसी उकसावे के पीटते हैं। उसके साथ खींचतान करते हैं। ऐसे मारते हैं कि उसकी बटन खुल जाते हैं। इसमें कोई मंशा देखने की जरूरत नहीं है। आप जो कर रहे थे उससे सम्मान आहत होता है।”

दिल्ली पुलिस ने गौर करवाया कि अब सब कह रहे हैं कि मालीवाल सीएम की छवि खराब करने की योजना से उनके आवास पर गई थी, लेकिन ये मालूम हो कि पार्टी प्रमुख ने उन्हें लेडी सिंघम तक कहा है। अब वो कह रहे हैं वो उनकी छवि बिगाड़ने गई थी?

दिल्ली पुलिस ने कहा कि स्वाति मालीवाल केजरीवाल के साथ बहुत पहले से हैं। विभव के साथ होने से पहले भी। इसके साथ पुलिस ने पूछा अगर स्वाति उस दिन जबरन घर में घुस भी रही थीं तो 100 नंबर पर कॉल क्यों नहीं किया गया।

इस पूरी सुनवाई के दौरान स्वाति मालीवाल ने बताया कि उन्हें केस के बाद जान से मारने और बलात्कार की धमकियाँ आ रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे बुरी तरह पीटा गया। आप नेता कह रहे हैं कि मैं भाजपा की एजेंट हूँ। आप के पास सोशल मीडिया ट्रॉल्स की एक बड़ी मशीनरी है। अगर यह आदमी बाहर आता है, तो यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ी मौत का खतरा होगा।”

सीएम केजरीवाल को लेकर स्वाति मालीवाल ने यह भी कहा, “मुख्यमंत्री आरोपित के साथ घूम रहे हैं और उसे लखनऊ तथा अन्य स्थानों पर ले गए। उनके पास ट्रोल्स की बड़ी मशीनरी है, सभी पार्टी नेताओं को मेरे खिलाफ खड़े होने की चेतावनी दी गई है। वह (विभव कुमार) कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं, उसे ऐसी सुविधाएँ मिलती हैं जो मंत्रियों को भी नहीं मिलतीं। अगर वह बाहर आते हैं, तो मेरी और मेरे परिवार की जान को गंभीर खतरा हो जाएगा।”

इस जिरह के बाद दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने विभव कुमार की तीन दिन की हिरासत बढ़ाने का फैसला सुनाया।

वरुण धवन, ‘Animal’ वाली तृप्ति डिमरी और रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह ने इंस्टाग्राम पर फिलिस्तीन के लिए लगाई स्टोरी, लोग पूछ रहे – हिन्दुओं पर अत्याचार पर कब बोलेंगे?

इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध के बीच भारतीय क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह ने रफ़ा के लिए चिंता जताई है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगा कर रफ़ा के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसके बाद वो आलोचना का शिकार बन रही हैं। लोग उनसे पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने कभी उन कश्मीरी हिन्दुओं के लिए चिंता जताई है, जिन्हें अपने ही देश में पलायन का शिकार बनना पड़ा, उनका नरसंहार हुआ, उनकी महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया।

लोग ये भी पूछ रहे हैं कि क्या कभी रितिका सजदेह ने भारत में मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथियों द्वारा किए जा रहे ‘लव जिहाद’ व अन्य आपराधिक घटनाओं के खिलाफ आवाज़ उठाई है? लोग ये भी याद दिला रहे हैं कि उन्होंने कभी पाकिस्तान-बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भी आवाज़ नहीं उठाई है। जबकि वो किसी ऐसी घटना को लेकर चिंता जता रही हैं, जसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि रफ़ा फिलिस्तीन के गाजा पट्टी में स्थित शहर है।

सिर्फ रितिका सजदेह ही नहीं, बल्कि अभिनेता वरुण धवन और अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने भी ये ‘All Eyes On Rafah’ वाला पोस्ट लगाया। वरुण धवन को पिछले साल ‘बवाल’ फिल्म में देखा गया था, जबकि 2022 में उनकी फिल्म ‘भेड़िया’ आई थी। तृप्ति डिमरी की बात करें तो रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘एनीमल’ के एक किरदार के लिए उन्हें खासी प्रशंसा मिली थी। लोग इन सेलेब्रिटियों से पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने कभी हिन्दुओं की शोभा यात्राओं पर होने वाले हमलों को लेकर चिंता जताई है?

वहीं कुछ लोगों ने इसे पेड ट्रेंड भी करार दिया और कहा कि इन सेलेब्रिटी की PR टीम पैसे लेकर ये सब निर्णय लेती है कि स्टेटस-स्टोरी-पोस्ट में क्या लगाना है। बता दें कि रफ़ा में हाल ही में हुए इजरायली एयर स्ट्राइक में 21 लोगों की मौत हुई है। WHO ने भी इजरायल की आलोचना करते हुए कहा है कि वो रफ़ा में मेडिकल मदद नहीं पहुँचा पा रहा है। UN ने भी इस हमले की निंदा की है। अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीनी आतंकियों ने इजरायल में घुस कर 1100 लोगों का नरसंहार किया था।

‘सपने आते हैं EVM से वोट डाले जा रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें गिन नहीं रहा’: विदेश में बैठकर ‘बुद्धिजीवी’ प्रोफेसर फैला रही भारतीय चुनावों पर प्रोपगेंडा

लोकसभा चुनावों के अंतिम चरण से पहले भारत विरोधी प्रोपगेंडा फैलाने के लिए कुख्तात प्रोफेसर निताशा कौल ने ईवीएम को लेकर मनगढ़ंत कहानी शेयर की है। निताशा ने अपने पोस्ट में फैलाया है कि वो रात भर सो नहीं पातीं क्योंकि उन्हें सपने आते हैं कि भारत में लोग ईवीएम से वोट तो डाल रहे हैं लेकिन उनके वोट नहीं गिने जा रहे।

निताशा कौल ने दावा किया, “हाल ही में मैं एक वर्कशॉप लंच के दौरान एक ब्रिटिश सहकर्मी से कह रही थी कि पिछली रात मुझे ठीक से नींद नहीं आई क्योंकि मुझे ऐसे सपने आए जिनमें लोग ईवीएम पर वोट कर रहे थे लेकिन वोटों की गिनती नहीं हो रही थी। एक तुर्की सहकर्मी ने यह बात सुनी और बताया कि तुर्की में एर्दोगन के चुनावों के दौरान उसे भी परेशान करने वाले सपने आते थे।”

अपने इस ट्वीट के जरिए निताशा ने कॉन्ग्रेस के प्रोपगेंडे को हवा दी जिसमें चुनावों में अपनी हार होती देख वो ईवीएम का रोना रोने लगते हैं। निताशा ने अपने ट्वीट में कहा कि 4 जून के नतीजे भारत के लोकतंत्र के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। उसने आगे लिखा कि ये उसके लिए सिर्फ जरूरी नहीं है कि वो कोई ऐसी शख्स है जिसे भारत में अधिनायकवाद में काम करने से मोदी सरकार में रोका गया बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी अगर ऐसा हुआ तो वो दोबारा अपनी माँ के पैर छू पाएगी।

बता दें कि निताशा कौल लंदन में रहने वाली शिक्षाविद और लेखिका हैं जो हमेशा भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने में लगी रहती हैं। उन्होंने फरवरी में कश्मीर में आतंकियों के कुकृत्य को कमतर दिखाने का काम किया था। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में झूठी जानकारी फैलाने का काम भी किया था। निताशा अकसर इस्लामी कट्टरपंथी स्टैंड विद कश्मीर, कश्मीर सॉलीडेट्री मूवमेंट और इंडियन मुस्लिम काउंसिल द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भी भाग लेती रहती हैं। इसके अलावा वॉर्टन स्कूल ऑफ बिजनेस में पीएम मोदी का भाषण रुकवाने के लिे कॉल सबसे आगे थीं।

वामपंथी छात्र संगठन AISA का उपाध्यक्ष है हर्ष राज की हत्या में गिरफ्तार चंदन यादव: लालू यादव और राहुल गाँधी की रैली में सक्रिय, महागठबंधन के लिए घूम-घूम माँगे वोट

बिहार की राजधानी पटना में लॉ कॉलेज के सामने हर्ष राज नामक छात्र की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता चंदन यादव को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। पुलिस ने गिरफ्तार चंदन यादव के लिए ‘कुख्यात’ और ‘लाइनर’ बताया है। हालाँकि, पुलिस ने उसके चेहरे को नकाब से ढँक दिया। बिहटा के अम्हारा गाँव के रहने वाले चंदन के पिता का नाम जितेंद्र यादव है। हर्ष राज की हत्या में एक दर्जन के करीब बदमाश शामिल थे।

चंदन यादव वामपंथी छात्र संगठन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) से जुड़ा हुआ है। अब जो खुलासे सामने आए हैं, उसके बाद लगता है कि बिहार का जो महागठबंधन इस हत्याकांड को लेकर NDA सरकार को कोस रहा था और आरोपितों की गिरफ़्तारी की माँग कर रहा था, अब उसे ही कटघरे में खड़ा होना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर वो नालंदा से महागठबंधन के उम्मीदवार CPI(ML)L के संदीप सौरव के लिए वोट माँगता हुआ नज़र आ रहा है।

संदीप सौरव पटना के पालीगंज से 2020 में विधायक बने। वो एसिस्टेंट प्रोफेसर का पद छोड़ कर राजनीति में आए हैं। चंदन यादव पटना यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता का छात्र है। वो फाइनल ईयर में है। साथ ही वो पटना विश्वविद्यालय में AISA का उपाध्यक्ष भी है। 2 वर्षों से वो जैक्शन हॉस्टल में रह रहा था। नालंदा से महागठबंधन उम्मीदवार के लिए उसने घूम-घूम कर वोट भी माँगे हैं। 3 मार्च को पटना के गाँधी मैदान में महागठबंधन की जो संयुक्त रैली हुई थी, उसमें भी वो खासा सक्रिय था।

उस रैली को राहुल गाँधी ने भी संबोधित किया था, वहीं मंच पर लालू यादव और सीताराम येचुरी भी मौजूद थे। इस रैली में चंदन यादव की सक्रियता के वीडियो भी उसके सोशल मीडिया हैंडल पर मौजूद हैं। ऐसे में अपने नेताओं की गुंडागर्दी के लिए जानी जाने वाली राजद एक बार फिर फजीहत का शिकार हो सकती है। बता दें कि हर्ष राज ने दहशरा 2023 के मौके पर डांडिया नाइट का आयोजन किया था। उस दौरान एक विवाद हुआ था, जिस रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई।

मानहानि केस में AAP मंत्री आतिशी को दिल्ली कोर्ट ने भेजा नोटिस, 29 जून से पहले देना होगा जवाब: केजरीवाल बोले- तानाशाही से देश बचाना जरूरी

भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की ओर से दायर मानहानि मामले में दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आतिशी से कहा है कि वो 29 जून से पहले कोर्ट में हाजिर हों। इस समन को देख AAP मंत्री ने कहा है कि उन्होंने तो पहले ही कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के लिए प्लानिंग की जा रही है। वहीं दिल्ली सीएम ने भी आतिशी के खिलाफ समन जारी देख कहा है कि अब आतिशी को गिरफ्तार करने की कोशिश हो रही है।

बता दें कि ये मानहानि केस दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने उस बयान के खिलाफ किया है जिसमें आतिशी ने आरोप लगाया था कि भाजपा आम के विधायकों को पैसों का लालच दे रही है। कपूर ने ये मामला 30 अप्रैल को दायर करवाया था। इसमें कहा था आतिशी के बयान से उनकी पार्टी की छवि खराब होती है।

अपनी शिकायत में उन्होंने केजरीवाल के उस पोस्ट का भी जिक्र किया था जिसमें आप सुप्रीमो ने दावा किया था भाजपा आप के विधायकों को कॉन्टैक्ट करके 25 करोड़ के ऑफर दे रही है। वहीं आतिशी ने भी कहा था कि भाजपा ने उन्हें किसी बहुत करीबी के जरिए संपर्क किया। उस करीबी ने उनसे कहा था कि अगर राजनैतिक करियर बचाना है तो फिर भाजपा को ज्वाइन कर लो। वरना ईडी एक महीने में गिरफ्तार कर लेगी।

इसी बयान के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। अब अरविंद केजरीवाल का इस मामले पर कहना है- “मैंने पहले कहा था कि वे अगली बार आतिशी को गिरफ्तार करेंगे। वे अब ऐसा करने इसी की तैयारी में है। पूरी तरह से तानाशाही है। पूरी तरह से तुच्छ और झूठे मामलों में, वे AAP के सभी नेताओं को एक-एक करके गिरफ्तार कर रहे हैं। अगर मोदी जी सत्ता में वापस आते हैं तो हर एक विपक्षी नेता को गिरफ्तार किया जाएगा। AAP महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे प्यारे देश को तानाशाही से बचाना महत्वपूर्ण है।