22 साल के हर्ष राज की 27 मई 2024 को पटना के लॉ कॉलेज में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। लाठी-डंडों से लैस हमलावर मास्क पहनकर आए थे। पुलिस इनकी पहचान में जुटी है।
हर्ष राज पटना के ही बीएन कॉलेज के बीए फाइनल ईयर के छात्र थे। लॉ कॉलेज में उनका एक्जामिनेशन सेंटर था। परीक्षा देकर वे जैसे ही निकले उन पर हमला कर दिया गया। इसके बाद कॉलेज कैंपस में भगदड़ मच गई। पुलिस ने बताया है कि उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
हर्ष मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के मझौली गाँव के रहने वाले थे। उनके पिता पेशे से पत्रकार हैं। हर्ष खुद भी सामाजिक तौर पर काफी सक्रिय थे। लोकनायक युवा परिषद नाम से वे एक संगठन भी चलाते थे। कुछ दिन पहले उन्हें समस्तीपुर में चुनाव प्रचार करते भी देखा गया था। यहाँ से एनडीए की प्रत्याशी शांभवी चौधरी उन्हें अपना भाई मानती थीं। ये वहीं शांभवी चौधरी हैं, जिन्हें दरभंगा में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बेटी जैसा बताया था।
रिपोर्ट के अनुसार 25 मई को छठे चरण का मतदान होने के बाद हर्ष पटना लौटे थे। वे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। उनकी हत्या के विरोध में 28 मई को पटना विश्वविद्यालय बंद रहेगा।
हर्ष की हत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ समय पहले कॉलेज में डांडिया नाइट्स का आयोजन किया गया था। इसके अगुवा हर्ष ही थे। इसको लेकर छात्रों के एक गुट से उनका विवाद चल रहा था। उनकी हत्या में लॉ कॉलेज और पटेल हॉस्टल के छात्रों के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि हमलावर लॉ कॉलेज के गेट के बाहर हर्ष का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही परीक्षा देकर वे बाहर निकले और अपनी बुलेट पर बैठे, उसी समय करीब एक दर्जन से अधिक की संख्या में आए नकाबपोशों ने उन पर हमला कर दिया।
लाठी, रॉड, ईंट से उन्हें बुरी तरह मारा गया। उन्हें लहूलुहान हालत में पीएमसीएच ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बची। उनकी हत्या के बाद यूनिवर्सिटी में परीक्षाएँ रद्द कर दी गईं हैं। उन पर हमले के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हैं। इनकी मदद से पुलिस हमलावरों के पहचान का प्रयास कर रही है।
ऑल्ट न्यूज के मोहम्मद जुबैर ने एक बार फिर एक भड़काऊ खबर साझा की है। मोहम्मद जुबैर ने कुरान जलाने को लेकर एक खबर साझा की जिसका हरिद्वार पुलिस ने फैक्ट चेक कर दिया। जुबैर ने अपने पोस्ट में कुरान जलाने की बात को एकदम सही मान लिया था लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
स्वघोषित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रूड़की का एक यूट्यूबर कुरान जलाते और उसे नष्ट करते हुए दिख रहा है। इस मामले को रूड़की पुलिस जल्दी देखे।” जुबैर ने यह लिखते हुए वीडियो साझा नहीं की।
A video doing rounds on social media where a Youtuber from Roorkee has posted a video of him burning and stamping Quran. Request you to kindly look in this ASAP. C'C : @haridwarpolice@uttarakhandcops Not sharing the sensitive video and his personal details here on this…
हर बात का फैक्ट चेक करने वाले जुबैर ने इस मामले में फैक्ट चेक करके सच्चाई सामने लाना सही नहीं समझा और इस खबर को इस तरीके से साझा किया कि लोग सच ही मान लें। जुबैर ने ना ही यह बताया कि यह वीडियो पुराना है और ना ही यह बात स्पष्ट की कि वीडियो बनाने वाले के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
संदर्भित प्रकरण में Ex-मुस्लिम समीर पिछले लगभग 03 साल से 'पाडली गुर्जर' नामक स्थान में नहीं रह रहा है और न ही जनपद हरिद्वार में कहीं भी पवित्र कुरान की बेअदबी का कोई प्रकरण हुआ है।
अतः बिना जानकारी के प्रकरण को शेयर न करें अन्यथा आपके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है। pic.twitter.com/hxSGtskzTM
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) May 27, 2024
हालाँकि, मोहम्मद जुबैर की इस मंशा को हरिद्वार पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। उसने इस वीडियो की सच्चाई बताते हुए लिखा, “संदर्भित प्रकरण में Ex-मुस्लिम समीर पिछले लगभग 03 साल से ‘पाडली गुर्जर’ नामक स्थान में नहीं रह रहा है और न ही जनपद हरिद्वार में कहीं भी पवित्र कुरान की बेअदबी का कोई प्रकरण हुआ है। अतः बिना जानकारी के प्रकरण को शेयर न करें अन्यथा आपके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है।”
Hello, Police is denying any such sort of incident happening. Why didn’t you fact check and posted this without getting clarification from the police? Why didn’t you approach Uttarakhand Police like you do with every other incident for clarification? Hello @uttarakhandcops kindly… https://t.co/rissKyTs7x
लोगों ने हरिद्वार पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद जुबैर को प्रश्न उठाए और कार्रवाई की माँग की। एक यूजर ने लिखा, “पुलिस इस तरह की किसी भी घटना होने से इनकार कर रही है। तुमने तथ्यों की जाँच क्यों नहीं की और पुलिस से स्पष्टीकरण प्राप्त किए बिना इसे पोस्ट क्यों नहीं किया? तुमने स्पष्टीकरण के लिए हर दूसरी घटना की तरह उत्तराखंड पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया? उत्तराखंड पुलिस कृपया इस पोस्ट पर संज्ञान ले। जुबैर नाम का शख्स फर्जी जानकारी देकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहा है।”
ऐसी खबरों से साम्प्रादायिक तनाव फैलने का खतरा लगातार बना रहता है। इससे पहले जब मोहम्मद जुबैर ने भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा का एक कटा हुआ वीडियो साझा किया था, तब उन्हें मारने और ‘सर तन से जुदा’ की धमकियाँ मिली थीं। कट्टरपंथियों ने देश में इसके बाद हिंसा की थी। इसी के बाद उदयपुर में दरजी कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी। ऐसे प्रकरणों के बाद जुबैर पर कार्रवाई की माँग तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतांतरण करने वाला दम्पति मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासी हैं। लगभग 10 साल पहले यह परिवार हरिद्वार के रानीपुर इलाके में काम-धंधे के सिलसिले में बस गया था। इस दम्पति के बेटे कुंदन कुमार ने पुलिस में तहरीर दे कर बताया है कि पिछले 2 सालों से उनकी माँ संगीता के कमर में दर्द होने लगा था। बीती सर्दियों के मौसम में जब यह दर्द बढ़ा तो किसी ने इन्हे देहरादून के विकासनगर इलाके में रहने वाले हकीम आदिल के बारे में बताया।
कुंदन की माँ अपने पति चरण सिंह के साथ हकीम आदिल के पास इलाज करवाने गईं। आदिल खुद को मुफ़्ती भी बताता है। हकीम आदिल ने संगीता को दवा के नाम पर खाने के लिए चूरन दिया। आरोप है कि इसी दौरान मुफ़्ती आदिल ने संगीता और उनके पति को जमीन और पैसे का लालच दिया। चरण सिंह और संगीता मुफ़्ती की बातों में आ गए। थोड़े समय में ही उनके हाव-भाव और व्यवहार मुस्लिमों जैसे होने लगे। चरण सिंह तो टोपी लगा कर अल्लाह-अल्लाह भी करने लगे।
कुंदन की माँ अपने पति चरण सिंह के साथ हकीम आदिल के पास इलाज करवाने गईं। आदिल खुद को मुफ़्ती भी बताता है। हकीम आदिल ने संगीता को दवा के नाम पर खाने के लिए चूरन दिया। आरोप है कि इसी दौरान मुफ़्ती आदिल ने संगीता और उनके पति को जमीन और पैसे का लालच दिया। चरण सिंह और संगीता मुफ़्ती की बातों में आ गए। थोड़े समय में ही उनके हाव-भाव और व्यवहार मुस्लिमों जैसे होने लगे। चरण सिंह तो टोपी लगा कर अल्लाह-अल्लाह भी करने लगे।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि मुफ़्ती आदिल ने उनके माता-पिता के अलावा कई अन्य हिन्दुओं का भी धर्मान्तरण करवा रखा है। अपनी जान का खतरा बताते हुए पीड़ित ने आरोपित मुफ़्ती पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने कुंदन की शिकायत पर दर्ज FIR में देहरादून के मुफ़्ती आदिल को नामजद किया है। उस पर उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3/5 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
ऑपइंडिया ने कुंदन की माँ संगीता से बात की। संगीता ने हमें बताया कि इलाज के दौरान उनको मुफ़्ती ने कई बार इस्लाम कबूल करने के लिए कहा। वह घंटों तक संगीता और उनके परिवार से बातें करता था। इस दौरान वह उन्हें मजहबी बातें समझाया करता था। संगीता ने यह भी कहा कि वो हिन्दू धर्म में ही अपना आगे का जीवन बिताएँगी। हालाँकि संगीता अपने पति चरण सिंह की हरकतों से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति कलमा और नमाज पढ़ने लगे हैं। वो किसी की भी सुनने को तैयार नहीं है और हमेशा मुफ़्ती के साथ ही रहने की बात करते हैं।
संगीता ने मुफ़्ती की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की माँग की है। वहीं उत्तराखंड के हिन्दू संगठनों ने भी इस घटना पर आक्रोश जताया है। हिन्दू संगठन के पदाधिकारी राकेश उत्तराखंडी ने इस घटना को आने वाले समय के लिए एक बुरा संकेत बताया है। उन्होंने लोगों से भी जागरूकता की अपील की है।
नेपाल के कोशी प्रदेश में गौहत्या का मामला सामने आया है। यहाँ के सुनसरी जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति पर भैंस की आड़ में गाय का मांस बेचने का आरोप लगा है। आरोपित का नाम फेकू महमद मियाँ है। गोकशी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले का खुलासा करने वाले हिन्दू पत्रकार पर भी खुकरी से हमला किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर के महमद मियाँ को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (26 मई, 2024) की है।
यह मामला सुनसरी के इनरुआ नगरपालिका का है। यहाँ फेकू महमद मियाँ की माँस बेचने की दुकान है। यहाँ के स्थानीय लोग इस दुकान से भैंस का मांस खरीद कर ले जाया करते थे। कुछ स्थानीय पत्रकारों को खबर मिली कि फेकू महमद भैंस के गोश्त की आड़ में गाय का माँस बेच रहा था। इस सूचना की पुष्टि के लिए गणेश यादव नाम के पत्रकार के फेकू महमद की दुकान पर स्टिंग ऑपरेशन किया। यहाँ उन्होंने पाया कि आरोपित की दुकान में कई गायें बँधी हुई थीं। एक गाय कटी हालत में भी मिली।
जब फेकू महमद को पत्रकार गणेश पर शक हुआ तो उसने खुकरी से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में गणेश को घाव लगा। फेकू महमद गणेश को मार ही डालना चाहता था। तभी अचानक वहाँ पुलिस पहुँच गई। पुलिस ने न सिर्फ गणेश को बचाया बल्कि फेकू महमद को गिरफ्तार भी कर लिया। गणेश यादव का अस्पताल में इलाज करवाया गया। तलाशी के दौरान दुकान में रखे फ्रिज से गोमांस बरामद हुआ। यहाँ ढेर सारी हड्डियाँ भी पड़ी मिलीं जो गोवंश की बताई जा रहीं हैं। एक मृत गाय भी मिली जिसकी गर्दन को काट दिया गया था। ऑपइंडिया के पास संबंधित वीडियो मौजूद हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों सहित हिन्दू संगठन के सदस्यों का जमावड़ा शुरू हो गया। नेपाल में हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया से हुई बातचीत में बताया कि फेकू महमद मियाँ मूल रूप से रोहिंग्या मुस्लिम है। फिलहाल उसकी दुकान को सील कर दिया गया है। पता चला कि आरोपित गाँव-गाँव घूम कर बीमार और कमजोर गोवंश कम दामों पर खरीदता था। उसकी नजर निराश्रित गोवंशों पर भी होती थी। वह इन गोवंशों को काट कर भैंस का मांस बता कर लोगों को बेचा करता था।
राजेश यादव ने हमें आगे बताया कि वामपंथी सरकार आने के बाद इस प्रकार के संदिग्धों की करतूतों में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके की यह घटना है वहाँ बहुत तेज़ी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। इस बदलाव की वजह उन्होंने बाहर से आ कर बस रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बताया है। राजेश का दावा है कि इलाके में न सिर्फ लव और लैंड जिहाद बल्कि गोहत्या की घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस प्रशासन पर भी उन्होंने इन घटनाओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।
कर्नाटक में सेक्स स्कैंडल के मामले में फँसे JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने जर्मनी से ही एक वीडियो जारी किया है और जाँच में सहयोग की बात कही है। उन्होंने इस महीने इस प्रकरण पर दूसरा वीडियो जारी किया है। 26 अप्रैल, 2024 को पहले चरण के लोकसभा चुनाव में हासन सीट पर मतदान होने के साथ ही वो विदेश निकल गए थे। उन्होंने वीडियो में कहा है कि वो इस मामले की जाँच के लिए बनी SIT के समक्ष 31 मई को पेश होंगे। साथ ही उन्होंने अपने परिवार से माफ़ी भी माँगी है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले वो अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री HD देवगौड़ा और अपने चाचा पूर्व मुख्यमंत्री HD कुमारस्वामी से माफ़ी माँगना चाहते हैं। उन्होंने कर्नाटक की जनता और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से भी क्षमा माँगते हुए कहा है कि उन्हें इसका अफ़सोस है कि विदेश जाने की जानकारी वो नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को जब मतदान हुआ तब SIT का गठन नहीं हुआ था और उनके खिलाफ कोई केस नहीं था। उन्होंने कहा कि विदेश जाने की उनकी योजना पूर्व से बनी हुई थी और 3-4 दिन बाद YouTube और न्यूज़ चैनलों को देखते वक्त उन्हें मामले का पता चला।
उन्होंने कहा कि इसके बाद राहुल गाँधी सहित विपक्ष के अन्य नेता उनके खिलाफ बयान देते हुए दुष्प्रचार करने लगे। प्रज्वल रेवन्ना का कहना है कि इस दौरान वो अवसाद में चले गए थे, अकेलेपन से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा कि हासन में कुछ राजनीतिक ताकतों ने उनके खिलाफ साजिश रची है, इसीलिए उन्होंने खुद को ये सब से दूर कर लिया है। उन्होंने बताया कि वो 31 मई को सुबह 10 बजे SIT के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने कहा कि वो जाँच में सहयोग करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे।
After a month absconding abroad, rape-accused MP Prajwal Revanna says today he went into ‘depression’ over the allegations and that he will appear before the SIT on May 31.
Europe must be nice when you need to nurse such depression ????
उन्होंने विश्वास जताया कि वो इस मामले से निर्दोष साबित होकर निकलेंगे क्योंकि ये मामला झूठा है। बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कई सेक्स वीडियो वायरल हुए थे और उनके दादा ने बयान जारी कर के उन्हें वापस आने के लिए चेताया भी था। प्रज्वल के पिता रेवन्ना भी इस सेक्स स्कैंडल में फँसे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि अगर प्रज्वल आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें परिवार से अलग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बात न मानने पर प्रज्वल को उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा 11 की छात्रा है जो स्कूल गई पर घर लौट कर नहीं आई। लड़की अपने घर से 1 लाख रुपए और जेवरात भी ले गई है। इस मामले में 4 नामजद मुस्लिमों सहित 1 अन्य अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी गई है। आरोपितों में 3 सगे भाई और उनके अब्बा शामिल हैं। पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (24 मई, 2024) की है।
यह घटना बरेली के थाना क्षेत्र अलीगंज की है। शनिवार (25 मई, 2024) को यहाँ पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। शुक्रवार को वह गाँव के ही पास अपने स्कूल में मार्कशीट लेने गई थी लेकिन शाम तक घर लौट कर नहीं गई। लड़की के परिजनों ने खोजबीन शुरू की। परिचितों और रिश्तेदारी में पीड़िता नहीं मिली। लड़की के पिता कहीं बाहर रहते हैं। वो अपनी बेटी के गायब होने की खबर पर घर आ गए।
इस बीच पीड़िता के परिजनों ने अपनी तरफ से सुराग लगाना शुरू किया। उन्हें पता चला कि उनके ही थानाक्षेत्र में रहने वाला मोनिश नाम का युवक लड़की को कहीं ले कर गया है। उसके साथ इस काम में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मदद किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक मोनिश काफी समय से पीड़िता को परेशान कर रहा था। इसकी शिकायत पहले भी उसके घर वालों से की गई थी। हालाँकि इन मिन्नतों का मोनिश के घर वालों पर कोई असर नहीं पड़ा था। उलटे उन लोगों ने लड़की के परिजनों को ही डाँट कर भगा दिया था।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उनकी बेटी घर से जाते हुए 1 लाख रुपए कैश और कुछ जेवर भी ले गई है। शिकायत में मोनिश के 2 भाईयों सहित उसके अब्बा अहमद रजा को भी नामजद किया गया है। नामजद भाइयों के नाम जाहिद और माजिद हैं। एक अन्य व्यक्ति अज्ञात में दर्ज है। इन सभी पर IPC की धारा 363 व 366 के साथ 120- बी के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।
AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के PA रहे विभव कुमार की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी है। जस्टिस सुशिल अनुज त्यागी ने ये फैसला सुनाया। 18 मई, 2024 को विभव कुमार को गिरफ्तार किया गया था और उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। 24 मई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आरोप है कि उसने स्वाति मालीवाल के पेट, छाती, पाँव और प्राइवेट पार्ट पर प्रहार किया।
वहीं दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि इस घटना का वीडियो फुटेज CCTV से गायब है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण भी हो सकता है, वहीं ये जानबूझकर किया गया भी हो सकता है। दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि विभव कुमार को अरविंद केजरीवाल के PA के पद से हटाए जाने के बावजूद CM आवास में सब उससे आदेश ले रहे थे, ये दिखाता है कि वो प्रभावशाली है। वहीं स्वाति मालीवाल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जान से मार डालने और बलात्कार की धमकियाँ मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि ध्रुव राठी द्वारा इस घटना पर वीडियो बनाने के बाद ये सब हो रहा है। स्वाति मालीवाल का कहना है कि अगर विभव कुमार बाहर आता है तो उन्हें और उनके परिवार को खतरा है। इस फैसले के बाद विभव कुमार अब दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगा। AAP ने अपने एक बयान में ये जानकारी दी है। उधर NCW (राष्ट्रीय महिला आयोग) ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में जुड़े लोगों के कॉल रिकार्ड्स निकालने को कहा है।
AAP MP Swati Maliwal assault case: It has come to the notice of the National Commission for Women (NCW) that during Maliwal’s visit to the residence of the Chief Minister of Delhi, Bibhav Kumar was called after the arrival of Swati Maliwal at the CM residence. In light of this,… pic.twitter.com/LPSTtBTz0h
दिल्ली के CM और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल के कॉल रिकॉर्ड्स भी खँगाले जाएँगे। संस्था ने कहा कि ये सूचना मिली है कि स्वाति मालीवाल के CM आवास पहुँचते ही विभव कुमार को फोन कॉल कर के बुलाया गया, ऐसे में ये पता लगाया जाना ज़रूरी है कि किसके आदेश पर ऐसा हुआ। पुलिस कमिश्नर को NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पत्र भेजा है। साथ ही स्वाति मालीवाल को धमकी देने वालों के खिलाफ 3 दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है।
कर्नाटक के दावणगेरे जिले में शुक्रवार (24 मई, 2024) को मुस्लिम भीड़ ने चन्नागिरी थाने पर हमला किया था। भीड़ पुलिस पर आदिल नाम के युवक को हिरासत में मार डालने का आरोप लगा रही थी। इस हमले में 11 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस 3 अलग-अलग FIR दर्ज कर के जाँच कर रही थी। ‘विश्व हिन्दू परिषद’ (VHP) ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया है। अब इस घटना में शामिल 25 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। केस CID को ट्रांसफर कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (27 मई, 2024) को पुलिस ने थाने पर हुए हमले की जानकारी साझा की है। पुलिस ने बताया कि अब तक 25 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य संदिग्धों को चिह्नित करने के प्रयास जारी है। इन सभी हमलावरों पर IPC की धारा 353 और 307 के तहत कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले पर कर्नाटक के गृहमंत्री G परमेश्वर का बयान भी आया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए एक DSP व एक इंस्पेक्टर के निलंबन की पुष्टि की है।
#Breaking | Channagiri, Karnataka police station vandalized
पुलिस के मुताबिक, मृतक आदिल को क्षेत्र में हो रहे जुआ के एक मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। यहाँ कुछ ही देर में उसकी तबीयत खराब हुई। आदिल को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई। मौत की वजह भी ब्लड प्रेशर का लो होना बताया गया। आदिल पर पहले से केस दर्ज होने का भी दावा किया जा रहा है। हालाँकि, आदिल के परिजनों ने पुलिस पर टॉर्चेर का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रिश्वत की माँग की थी जिसे न मिलने पर आदिल की पिटाई की गई जो बाद में मौत की वजह बनी। राज्य के गृहमंत्री ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जाँच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएँगे उन पर एक्शन लिया जाएगा।
थाने पर हुए इस हमले एक विरोध में विश्व हिन्दू परिषद ने दावणगेरे में प्रदर्शन किया है। VHP ने पुलिस पर हमला करने वालों पर कठोर की माँग उठाई है। JDS और भाजपा ने भी बिना पूरी कार्रवाई के पुलिस वालों को सस्पेंड करने पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की वजह आदिल का मुस्लिम होना बताया है। JDS ने भी पुलिस की जाँच के निष्पक्ष होने पर संदेह जताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी IANS को इंटरव्यू दिया है। इस दौरान उन्होंने मीडिया एजेंसी की तारीफ भी की। जब उनसे पूछा गया कि आजकल राहुल गाँधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना समर्थन क्यों मिल रहा है, तो उन्होंने कहा कि चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही परिपक्व है, तंदरुस्त परंपराएँ हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं है कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहाँ से क्यों उठती है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब ये बहुत बड़ी जाँच-पड़ताल का यह गंभीर विषय है, उन्हें नहीं लगता है कि वो जिस पर पर बैठे हैं वहाँ से ऐसे विषयों पर कोई टिप्पणी करनी चाहिए, लेकिन वो इस चिंता को समझते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम और जनता का लूटा हुआ पैसा वापस पहुँचने के मुद्दे पर IANS से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं, दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। उन्होंने याद किया कि जब वो 2013-14 में चुनाव के समय भाषण देते थे और भ्रष्टाचार की बातें बताते थे तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हाँ, कुछ होना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि 2014 के बाद व्यवस्थागत तरीके से उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है और ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो।
उन्होंने कहा कि ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। उन्होंने बताया कि दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100%, जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूँढेगा नहीं।
पीएम मोदी ने कहा कि करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हाँ हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। बकौल प्रधानमंत्री, सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है और सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना।
पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी में भी हुआ, क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। उन्होंने जानकारी दी कि अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। साथ ही उन्होंने याद किया कि अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता था तो 15 पैसा पहुँचता था तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि जहाँ तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। पीएम ने कहा कि फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो।
उन्होंने याद किया कि हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है, अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो।
पीएम मोदी ने कहा, “ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूँ। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। पीएम मोदी का मानना है कि जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।
गरीबी हटाने की योजनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। उन्होंने कहा कि पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। बकौल पीएम मोदी, वो ये समझ नहीं पा रहे हैं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए।
उन्होंने कहा कि दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है ‘Be American By American’ उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है, तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। पीएम ने कहा कि जहाँ तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। उन्होंने कहा कि अब वो ऐसी गलती नहीं कर सकते कि गेहूँ एक्सपोर्ट करें और ब्रेड इम्पोर्ट करें, बल्कि वो तो चाहेंगे कि देश में ही गेहूँ का आटा निकले, देश में ही गेहूँ का ब्रेड बने।
प्रधानमंत्री ने समझाया कई देश के लोगों को रोजगार मिले तो उनका ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जो मिशन है उसके पीछे उनकी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार मिले, देश का धन बाहर न जाए, देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए उन्होंने विदेश विभाग को भी कहा है कि आपकी सफलता को वो तीन आधारों से देखेंगे – एक, भारत से कितना सामान आप जिस देश में हैं वहाँ पर खरीदा जाता है, दूसरा, उस देश में आधारित टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभी तक भारत में नहीं है, वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है, और तीसरा, उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये उनका क्राइटेरिया रहेगा।
छोटे-मोटे काम करने वाले गरीबों के संबंध में पीएम मोदी ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि एक मिशन के तहत हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्योंकि भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। वो चाहते हैं कि इसको हम लोगों के सामने लाएँ और वो कभी विदेश जाते हैं तो चीजें कौन सी ले जाएँगे, वो उलझन नहीं होती है।
पीएम मोदी ने कहा कि वो सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखते हैं, तो उन्हें लगता है यूरोप जाएँगे तो यह लेकर जाएँगे, अफ्रीका जाएँगे तो यह लेकर जाएँगे। बकौल पीएम मोदी, यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्योंकि, दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। उन्होंने कहा कि अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का, मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया।
पीएम मोदी ने IANS से कहा कि दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे, वो वहाँ जाकर बातें करने लगे। पीएम मोदी ने समझाया कि जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहाँ भेज रहे हैं, जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे उन्होंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, वो वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी 2015-16 के भीतर-भीतर जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी उन्होंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी उन्होंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं उन्होंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं जानता हूँ कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएँ समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो वो उसमें जोड़ना चाहते हैं। पीएम मोदी ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हैं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएँ हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। उन्होंने समझाया कि गाँव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा, वो भी देश की बहुत बड़ी शक्ति है। उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। उन्होंने समझाया कि इसलिए उनकी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है, कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।
‘डिजिटल इंडिया’ और मे’क इन इंडिया’ का विपक्ष द्वारा कभी मजाक बनाए जाने के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया मूवमेंट उन्होंने शुरू किया तो शुरू में आरोप लगाए गए कि जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। बकौल पीएम मोदी, इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है, टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है, आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने दूरदर्शिता का परिचत देते हुए कहा कि हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए, आज अगर UPI न होता तो कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए, हम आराम से दे सकते हैं। पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं, अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है।
बकौल पीएम मोदी, उन्होंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं, उदाहरण के लिए – “छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है।” पीएम मोदी ने इस उदाहरण के बाद बताया कि यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब वो इस विषय को चर्चा कर रहे थे तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था। पहली बार वोट दे रहे युवाओं से अपने कनेक्ट के संबंध में पीएम मोदी ने कहा कि वो उनके एस्पिरेशन को समझ पाते हैं।
उन्होंने कहा कि जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले 5 थे तो अब 7 में जाएगा, 7 से 9, ऐसा नहीं है। वह 5 से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है, हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें और इसलिए यूथ को समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि वो परीक्षा पर चर्चा करते हैं और उन्होंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है, लेकिन वह उनके साथ 10 साल के बाद की बात करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक नई जनरेशन है, अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड में वो बार-बार चिंतित थे कि यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फँसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा, उनकी जवानी आएगी नहीं, वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि वो उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाते था का आप यह करिए, और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ, उसका हमें बेनिफिट हुआ है। पीएम ने कहा कि भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझते हैं, वो टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहते हैं।
मुंबई की एक अदालत ने भारत में घुसपैठ करने वाले 20 बांग्लादेशियों को 8 माह की सजा सुनाई है। इन पर 4-4 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर इन्हें 16 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। अदालत ने इन्हें गैर कानूनी तरीके से भारत में प्रवेश करने और फर्जी पहचान पत्र तथा अन्य कागजात बनवाने का दोषी पाया। सजा का ऐलान शुक्रवार (24 मई 2024) को हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 19 अक्टूबर 2023 को मुंबई की बोरीवली पुलिस को अवैध तौर पर मौजूद बांग्लादेशियों की सूचना मिली थी। पुलिस ने दबिश देकर 3 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए। इनसे हुई पूछताछ के आधार पर नालासोपारा, विरार और पुणे से 17 और घुसपैठियों को दबोचा गया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ जाँच कर आरोप-पत्र अदालत में पेश कर दिए थे। जाँच के दौरान पुलिस की टीमें महाराष्ट्र के कई हिस्सों के अलावा पश्चिम बंगाल तक गईं।
गिरफ्तार घुसपैठियों के पास से अवैध तौर पर बने भारतीय पहचान पत्र व अन्य कागजात बरामद हुए थे। पुणे से इन बांग्लादेशियों को भारत में बसाने और सुविधाएँ देने वाले कुछ एजेंट भी गिरफ्तार किए गए थे। उनसे हुई पूछताछ में कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए जो घुसपैठ में मददगार थे। उन्होंने घुसपैठियों के अवैध कागजातों को तैयार करने में एजेंटों का साथ दिया था। पुणे के पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले की जाँच करवाई और 3 अलग-अलग थानों में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके विरुद्ध विभागीय जाँच बिठा दी थी।
इन सभी के खिलाफ मुंबई के किला कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में बचाव और अभियोजन दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। शुक्रवार को कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों को सजा के लिए पर्याप्त माना। सभी 20 बांग्लादेशी घुसपैठियों को 8-8 माह की कैद और 4-4 हजार के जुर्माने की सजा हुई। सभी घुसपैठियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सजा पूरी होने के बाद इन्हें बांग्लादेश को सौंप दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से कई ने भारतीय पहचान का इस्तेमाल कर पासपोर्ट भी बनवा लिए थे। इस पासपोर्ट के आधार पर ये विदेश जाने की फिराक में थे।