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जो फिरंगन कभी थी अमर्त्य सेन की गर्लफ्रेंड, उसके लिए भारत ‘भूखों का देश’: कहा – छीन लो बच्चा पैदा करने का अधिकार, आबादी बढ़ने के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

मनोवैज्ञानिक एवं प्रोफेसर मार्था नुसबौम ने जनसंख्या नियंत्रित करने की बात की है और साथ ही दावा किया कि भारत में काफी ज़्यादा लोग हैं। उन्होंने सैमुएल किम्ब्रिएल और शादी हामिद के एक पॉडकास्ट में शनिवार (18 मई, 2024) को ये बातें कही। इस पॉडकास्ट में ये लोग पशु अधिकार और जनसंख्या नियंत्रण पर चर्चा कर रहे थे। मार्था नुसबौम की ताज़ा पुस्तक ‘जस्टिस फॉर एनिमल्स: आवर कलेक्टिव रेस्पोंसिबिलिटी’ के विषय पर ये चर्चा हो रही थी।

आगे बढ़ने से पहले मार्था नुसबौम के बारे में बता दें कि 1980 के दशक में भारतीय अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के साथ उनका रोमांटिक रिलेशनशिप रहा है। अमर्त्य सेन भी आजकल उलूल-जलूल बातें करने के लिए जाने जाते हैं। UPA काल में उनकी तूती बोलती थी। मार्था नुसबौम ने भारत को लेकर एक किताब भी लिख रखी है, जिसमें उन्होंने देश को मुस्लिम विरोधी बता कर पेश किया। 2002 के गुजरात दंगों के लिए भी वो तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराती है।

मार्था नुसबौम ने भारत पर मढ़ दिया जनसंख्या बढ़ने का दोष

जनसंख्या नियंत्रण पर कई तरीकों से चर्चा हो सकती है, लेकिन मार्था नुसबौम ने कड़वे शब्दों का इस्तेमाल किया और भारत पर दोष मढ़ दिया। उन्होंने दावा किया कि धरती पर जनसंख्या को देखते हुए किसी को भी बच्चे पैदा करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वन्य जीवन बचाने के लिए मनुष्यों की आबादी को नियंत्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत जैसे देशों में अत्यधिक जन्म-दर ने पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और संसाधन संबंधित चुनौतियों को पैदा किया है।

जब शादी हामिद ने भारत की जनसंख्या को लेकर चिंता जताई, तो महिला प्रोफेसर ने कहा कि भारत एक व्यापक अकाल का सामना कर रहा है, जिसका कारण जनसंख्या का अत्यधिक होना और खराब आर्थिक नीतियाँ हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की संख्या को कम करने से रहन-सहन अधिक स्थिर और संतुलित होगा। पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि जंगली जीवों को बचाने के लिए मानवों की जनसंख्या कम करनी होगी। हालाँकि, उनके विचारों से पॉडकास्ट के होस्ट्स ने भी सहमति नहीं जताई।

मनोवैज्ञानिक मार्था नुसबौम ने कहा कि हम मानव आबादी को सीमित कर के जंगली जीवन की रक्षा कर सकते हैं। जब उनसे पूछा क्या कि उनका तात्पर्य क्या है, तो उन्होंने कहा कि मानव निर्माण और मानव परिवारों द्वारा वन्य जीवन के आवास को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने अफ्रीका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ के लोग गरीबी के कारण सोचते हैं कि ज़्यादा बच्चे पैदा करना अच्छा है, जिस कारण हाथियों की जनसंख्या के साथ उनकी प्रतियोगिता हो रही है।

हामिद ने इस दौरान फर्टिलिटी को लेकर कुछ सवाल उनके सामने रखे। उन्होंने बताया कि भारत में फर्टिलिटी रेट पहली बार सिप्लेस्मेंट रेट से कम हो गया है, ऐसे में जनसंख्या स्थिर नहीं रह पाएगी। इस पर मार्था नुसबौम ने कहा कि 160 करोड़ की जनसंख्या उनके लिए बहुत अधिक है। उन्होंने दावा कर डाला कि भारत के कई हिस्सों में लोगों के पास खाने के लिए भोजन नहीं है और देश भयंकर अकाल का सामना कर रहा है। उन्होंने अत्यधिक जनसंख्या और खराब आर्थिक नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जनसंख्या कम करनी ही होगी।

पश्चिमी ‘श्वेतवादी मानसिकता’, एशियाई देशों को आज भी समझते हैं गुलाम

इस दौरान उन्होंने यूरोपीय देशों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहाँ जन्म-दर कम होने के कारण लोगों के रहन-सहन का स्तर सुधरा है, लेकिन भारत में ऐसी स्थिति बिलकुल भी नहीं है। हामिद ने कहा कि रिप्लेसमेंट रेट कम होने का अर्थ होगा कि भविष्य में बुजुर्गों की जनसंख्या अधिक होगी, व्यवस्था में पैसों का प्रवाह बनाए रखने के लिए युवाओं की कमी होगी। इस पर मार्था नुसबौम कहने लगीं कि तुम भारत के बारे में ज्यादा नहीं जानते, वहाँ सामाजिक सुरक्षा की कोई भावना ही नहीं है।

उन्होंने भारत में स्वास्थ्य सुविधाएँ तक न होने का दावा करते हुए कहा कि प्रदूषण व अन्य मानव निर्मित कारकों की वजह से भारत में लोगों की औसत आयु भी कम है। बता दें कि पश्चिमी पितृसत्तात्मक सोच के कारण इस तरह की बातें भारत को लेकर की जाती हैं, जो औपनिवेशिक इतिहास की याद दिलाता है। ये भारत जैसे देशों की संप्रभुता का सम्मान नहीं करते। एशियाई देशों की संस्कृति को दरकिनार करते हुए ये सब कुछ ‘श्वेतवादी सोच’ से ही देखते हैं।

भारत को कैसे विकसित होना है, ये देश तय करेगा, यहाँ की सरकार तय करेगी। जनसंख्या नियंत्रण की ज़रूरत है, लेकिन मार्था नुसबौम जैसे लोगों को इसके लिए पश्चिमी सोच और पुराने आँकड़ों के आधार पर नीतियाँ तय करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पापुलेशन रिप्लेसमेंट रेट की भी एक अलग चुनौतियाँ हैं, आर्थिक विकास के रास्ते में। युवाओं की कमी होने से लेबर प्रॉब्लम आएगा, कस्टमर डिमांड घटेगा और सामाजिक दबाव बढ़ेगा।

भारत जैसे देश में जब काम करने वालों की संख्या घटेगी तो वो बुजुर्गों की एक बड़ी जनसंख्या को सपोर्ट नहीं कर पाएँगे, जिससे सार्वजनिक सेवाओं में संसाधनों की कमी हो जाएगी। जापान और इटली इसी तरह के डेमोग्राफिक शिफ्ट से गुजर चुके हैं, इससे वहाँ का आर्थिक विकास ज्यों का त्यों रह गया और सामाजिक सुरक्षा पर भार बढ़ेगा। जो विचार वास्तविकता से दूर है और कायम रखने लायक नहीं है, उस पर चल कर भारत और खतरनाक स्थिति में पहुँच जाएगा।

वैसे मार्था नुसबौम अकेली नहीं हैं जो इस विषय पर बातें करती हैं। अरबपति बिल गेट्स भी इस पर अपने विचार रखते रहे हैं। उन्होंने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के अच्छे परिणाम मिलने और गरीबी घटाने के लिए जन्म-दर घटाने की बात की थी। फैमिली प्लानिंग और महिला शिक्षा से सशक्तिकरण के माध्यम से वो नियंत्रित प्रजनन को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए काम करते हैं। 2010 में उन्होंने कहा था कि कैसे स्वास्थ्य सुविधाएँ बढ़ने और फैमिली प्लानिंग से जन्म-दर घटेगा और आर्थिक विकास बढ़ेगा।

कई लोग स्थिर विकास को मान्यता देते हैं, तो कई तो कई इसे व्यक्तिगत एवं सांस्कृतिक हस्तक्षेप के रूप में देखते हैं। बिल एन्ड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने जनसंख्या नियंत्रण में भारी निवेश कर रखा है। मार्था नुसबौम के तो बयान से ही लगता है कि उन्हें भारत को लेकर कोई जानकारी ही नहीं है, खासकर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद पिछले एक दशक में आए बदलावों की तो कतई नहीं। न भारत में सामाजिक सुरक्षा खराब है, न यहाँ अकाल पड़ा है, न लोग भूखे मर रहे और न यहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ बदतर हैं।

भारत में बदल गए हैं हालात, मार्था नुसबौम करें अध्ययन

मनोवैज्ञानिक एवं प्रोफेसर मार्था नुसबौम ने भारत को लेकर शायद कोई अध्ययन ही नहीं किया है। उदाहरण के लिए आप ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)’ को ले लीजिए, जिसे ‘आयुष्मान भारत’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके तहत 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता है। इसने गरीब परिवारों को बेहतर और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘जन औषधि’ केंद्रों से आम लोगों को सस्ते में दवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, इससे बड़ी राहत मिलती है।

मोदी सरकार द्वारा लाए गए ‘नेशनल पेंशन सिस्टम’ (NPS) को ही ले लीजिए। इससे रिटायर हुए नागरिकों को फायदे मिलते हैं, वो अच्छा जीवन जी सकते हैं। इसी तरह ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-दान (PM-SYM)’ को देख लीजिए, जिससे जनसंख्या के एक बड़े हिस्से जो कि वर्कफोर्स का हिस्सा है उसे समर्थन मिलता है। वर्ल्ड बैंक के आँकड़ों की मानें तो भारत में जन्म-दर 2015 में 68.5 साल से 2021 में 70.8 साल हो गया है। कोरोना के कारण इसके बाद इसमें थोड़ी कमी आई, ये एक वैश्विक महामारी थी।

स्वास्थ्य इंफ़्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार आया है, मेडिकल सेवाओं तक लोगों की पहुँच बढ़ी है और सरकारी योजनाओं के कारण जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और इसमें कामकाजी युवाओं का बड़ा योगदान है। मुद्रा लोग, GST, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियान काम कर रहे हैं। जनसंख्या नियंत्रण की जब हम बात करते हैं तो हमें सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को दरकिनार करने से बचना चाहिए, खासकर मार्था नुसबौम जैसी तथाकथित विद्वान को।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- आरक्षण का आधार मजहब नहीं होगा, ‘कौन जात हो’ फेम रवीश कुमार ने किया गुमराह: जानें पूरी सच्चाई

लोकसभा चुनाव हों और जनता को भ्रमित करने के लिए मीडिया गिरोह द्वारा आधी-अधूरी जानकारी न फैलाई जाए… ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अपने ‘कौन जात हो’ डायलॉग के लिए मशहूर रवीश कुमार ने लखनऊ में मतदान से पहले ऐसा करके प्रथा जारी रखी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में दावा किया है कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देश से आरक्षण का आधार बदलने की बात कह रहे हैं।

अपने X पोस्ट में वह लिखते हैं, “अमर उजाला को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंटरव्यू दिया है। राजनाथ जी कह रहे हैं कि आरक्षण का आधार ग़रीबी होना चाहिए। क्या वे आरक्षण के आधार को बदलने की बात कर रहे हैं? आरक्षण विरोध की शुरुआत ही इस तर्क से होती है। बाक़ी आरक्षण के सिद्धान्त जानकार इस पर रौशनी डालेंगे ही। बताएँगे कि धर्म और ग़रीबी के बीच एक मुख्य आधार ग़ायब है और वो क्या है।”

अपनी बात में दम दिखाने के लिए उन्होंने पोस्ट में ये भी बताया कि राजनाथ सिंह का इंटरव्यू पेज दस पर छपा है। वह वरिष्ठ राजनेता हैं। कई बार चुनाव जीत चुके हैं। इसके साथ उन्होंने पोस्ट में ये भी लिखा कि आज लखनऊ में मतदान भी है।

पोस्ट से साफ है कि वो मतदाताओं के मन में शंका डालना चाहते हैं कि भाजपा आई तो आरक्षण खत्म न कर दे।

अब लेकिन इस पोस्ट की हकीकत है क्या? क्या सच में रक्षा मंत्री ने देश में आरक्षण खत्म करने की बात कही है जैसा कि रवीश कुमार समझा रहे हैं? या कुछ और… तो इसके बारे में पता लगाने के लिए हमने अमर उजाला का इंटरव्यू देखा।

इंटरव्यू देख पता चलता है कि आरक्षण पर रक्षा मंत्री से सवाल जो हुआ था वो इस प्रकार था- विपक्ष का कहना है कि यदि भाजपा 400 पार हुई तो आरक्षण या संविधान में बदलाव होगा? इसी सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ने पूरे मुद्दे पर अपनी राय रखी, लेकिन ये राय ये संदेश नहीं देती जो रवीश बताते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा-

“80-90 बार संविधान में संशोधन तो इन्हीं लोगों ने किया। वर्ष 1976 में इंदिरा गाँधी ने तो संविधान की आत्मा उसकी प्रस्तावना में ही परिवर्तन कर दिया था। धर्म के नाम पर नहीं, गरीबी के आधार पर आरक्षण होना चाहिए और भारत में इस समय गरीबी के आधार पर ही आरक्षण दिया जा रहा है। इसे खत्म करने का प्रश्न ही नहीं उठता। विपक्ष कहता है कि हम धर्म के नाम पर आरक्षण देंगे। क्या संविधान इसकी इजाजत देता है। मैं विपक्ष से कहता हूँ कि अल्पसंख्यकों से झूठ मत बोलो।”

अमर उजाला की कॉपी से लिया गया इंटरव्यू

अब रवीश कुमार ने अपना प्रोपगेंडा चलाने के लिए जनता तक क्या पहुँचाया कि रक्षा मंत्री आरक्षण खत्म करने की बात कर रहे हैं… लेकिन ये नहीं बताया कि जहाँ तक उन्होंने जनता को बयान बताया है उसकी अगली ही लाइन में रक्षा मंत्री ने कहा कि इसे खत्म करने का प्रश्न नहीं उठता।

रवीश कुमार की इस हरकत के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स भी उनकी हकीकत जानकर उन्हें सुधर जाने की नसीहत दे रहे हैं। इसके साथ ही यूजर्स का कहना है कि आरक्षण का आधार गरीबी ही होना चाहिए। केवल बौद्धिक आतंकियों को ही इसमें आरक्षण विरोध दिख सकती है। संविधान भी जाती पाती की बात नहीं करता लेकिन तुम लोगों को भारत को बाँटना है इसलिए इस तरह के कुतर्क को गढ़ रहे हो। बंद करो देश को बाँटना।

इलाज के लिए भारत आए बांग्लादेश के सांसद, 3 दिन से हैं लापता: बिहार के मुजफ्फरपुर में मिली आखिरी लोकेशन, एक कान से नहीं सुनते हैं MP अनवारुल अजीम

बांग्लादेश के एक सांसद व आवामी लीग के दिग्गज नेता भारत में 3 दिन से लापता हैं। बहुत खोजने पर भी उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। सांसद का नाम अनवारुल अजीम अनार (Anwarul Azim Anar) है। बताया जा रहा है कि उनकी आखिरी लोकेशन बिहार के मुजफ्फरपुर में मिली थी। अब उनकी बेटी ने इस संबंध में ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच से सहायता करने की अपील की है।

बेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंल कर बताया कि उनके अब्बा, जो कि तीन बार के सांसद हैं और कालीगंज उपजिला में आवामी लीग के अध्यक्ष हैं, उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। वह एक कान से नहीं सुन पाते हैं और उसी के इलाज के लिए भारत गए थे। अब वह किसी का फोन नहीं उठा रहे। बेटी के मुताबिक कॉल करने पर उनके पिता का फोन कभी बंद आता है, कभी खुल जाता है। कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हुआ क्या है। वह इस संबंध में काफी चिंतित हैं।

सांसद की बेटी की शिकायत मिलने के बाद बांग्लादेश की डीबी शाखा के प्रमख और एडिशनल पुलिस कमीशनर हारुन-या-रशीद ने उनसे मुलाकात की। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनके मुल्क की पुलिस भारत की पुलिस के साथ मिलकर सांसद को खोजने का प्रयास कर रही है।

अभी तक जितनी भी जानकारी जुटाई गई है उससे यही पता चला है कि सांसद की आखिरी लोकेशन बिहार के मुजफ्फरपुर की है। वह 12 मई को दर्शना गेडे सीमा से भारत आए थे। यहाँ वह गोपाल नाम के व्यक्ति के घर रुके थे, जहाँ से वो नाश्ता-पानी करके निकल लिए थे। इसके बाद उन्हें शाम को घर आना, मगर जब वो शाम को वापस नहीं आए तो उन्हें कॉल किया गया, मगर कोई रिस्पांस नहीं मिला।

16 मई को उनके नंबर पर डीबी प्रमुख और जेनाइदाह जिला आवामी लीग के महासचिव सईदुल करीम मिंटू के फोन आए। उनकी कॉल भी सांसद ने नहीं उठाई। इसके बाद सांसद की खोजबीन के लिए भारतीय विशेष कार्यबल से संपर्क किया गया, तब से दोनों देशों के सुरक्षाबल उन्हें ढूँढने में लगे हैं। वहीं बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने कहा है कि इस मामले में चिंता की कोई बात नहीं है। वह कोलकाता गए होंगे। बाकी जानकारी जाँच एजेंसियाँ जुटाने में लगी हुई हैं। इस संबंध में बांग्लादेश के उच्चायोग और कोलकाता के डिप्टी हाई कमीशन विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं।

बता दें कि बांग्लादेश से आकर भारत में लापता हुए अनवारुल तीन बार निर्वाचित सांसद रहे हैं। लेकिन उनके खिलाफ झेनियादह और चुआडांगा में कई मामले दर्ज हैं। 2008 में वह हथियार और विस्फोटक संबंधित क्राइम के लिए इंटरपोल द्वारा वांटेड लिस्ट में रखे गए थे। हालाँकि 2014 में सांसद बनने के बाद उनके खिलाफ दर्ज तमाम मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया। इसके बाद वह 2018 और और 2024 में लगातार सांसद चुने गए।

यूँ ही कटोरा लेकर नहीं घूम रहा है पाकिस्तान, भारत ने 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगा तोड़ी अर्थव्यवस्था की कमर: पुलवामा हमलों के बाद मोदी सरकार ने दिया करारा जवाब

हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने यह स्वीकार किया कि 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में कड़वाहट आई। इस हमले में भारतीय सुरक्षा बलों के 40 जवानों की मौत हुई थी। भारत ने इसके बाद पाकिस्तान से व्यापार लगभग समाप्त करते हुए उसके उत्पादों पर 200% की इम्पोर्ट ड्यूटी लगा दी थी।

इस घटना के बाद, भारत ने घोषणा की थी कि पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ या MFN का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों पर 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगा दी। इससे भारत में आतंकी भेजने वाले पाकिस्तान को भारी झटका आर्थिक फ्रंट पर लगा।

इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के भीतर बालाकोट में एयर स्ट्राइक भी की। पाकिस्तान पर की गई आर्थिक स्ट्राइक को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ”पुलवामा घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से MFN का दर्जा वापस ले लिया है। इस नए एक्शन के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाली सभी सामानों पर 200% की इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई जाएगी”

पाकिस्तान के मंत्री ने मानी नुकसान की बात

पाकिस्तान के मंत्री इशाक डार का यह बयान शर्मिला साहिबा फारुकी हाशम द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया गया। इशाक डार से पूछा गया था कि उन्हें भारत के साथ रिश्ते सुधारने में क्या समस्या आ रही हैं।

भारत से रिश्ते सुधारने को लेकर डार ने दावा किया कि पाकिस्तान भारत के साथ सहयोग वाले रिश्ता रखना चाहता है। इशाक डार ने अपने बयान में जम्मू कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र बताया। डार ने दावा किया कि भारत ने ऐसी परिस्थितयां बनाई हैं कि अब दोनों देशों के बीच शांति और सहयोग नहीं हो पा रहा।

डार ने कहा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना अवैध था और भारत कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने पकिस्तान से आयात पर 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगा दी और कश्मीर से पाकिस्तान जाने वाली बसें भी बंद कर दी। डार ने यह भी मानने से इनकार किया कि वह भारत में आतंक फैलाता है।

200% इम्पोर्ट ड्यूटी से पाकिस्तान पर पड़ा असर

भारत द्वारा 200% इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण पाकिस्तान अब भारत को माल नहीं भेज पा रहा। भारत उसका एक प्रमुख बाजार हुआ करता था। पाकिस्तान भारत को कपड़ा और कृषि उत्पादों भेजता थ। डार ने इस मामले में कहा, “भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगाए जाने के कारण भारत के साथ व्यापार संबंधों के धीमे पड़ने से हमारे निर्यात पर गंभीर रूप से प्रभाव पड़ा है।” उनके इस बयान साफ़ हो गया कि भारत के एक्शन ने पाकिस्तान पर काफी फर्क डाला है।

डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के व्यापारी भारत के साथ व्यापार चालू करना चाहते हैं लेकिन अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के पास उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2016-17 और 2018-19 के बीच पाकिस्तान से 450 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,000 करोड़) से अधिक का सामान खरीदा था।

लेकिन जब से 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगी है, यह घट कर 2019-20 में 14 मिलियन डॉलर (लगभग ₹116 करोड़) हो गया। इसके बाद 2020-21 में मात्र 2 मिलियन डॉलर(₹ 16 करोड़) पर आ गया। तब से इसमें तेजी से गिरावट आई। 2023-24 में यह मात्र 3 मिलियन डॉलर (लगभग ₹24 करोड़) पर आ गया। इस दौरान भारत से पाकिस्तान भेजा जाने वाला समान भी घटा, लेकिन उसमें इतनी गिरावट नहीं दर्ज की गई, जितनी पाकिस्तान से आने वाले समान में दर्ज हुई।

भारत ने उठाया सही कदम

जहाँ एक और भारत में मणिशंकर अय्यर और फारूक अब्दुल्ला जैसे नेता पाकिस्तान के साथ ‘सामान्य’ रिश्ते चाहते हैं, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा की गई एकदम सही है और पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने के कारण जरूरी भी हैं। भारत द्वारा डाला गया आर्थिक दबाव इस बात का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता का कड़ा विरोध किया जाएगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाकर, भारत ने उसकी आतंक की फैक्ट्रियों को कमजोर करने में सक्षम रहा है।

वैसे भी पाकिस्तान ने बार-बार कहा है कि जब तक मंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा सत्ता में है, तब तक भारत के साथ ‘सामान्य’ संबंध संभव नहीं हैं। हाल ही में, पूर्व पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी ने लोकसभा चुनाव 2024 में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को समर्थन दिया।

क्या है भविष्य की संभावना

पीएम मोदी के सत्ता में वापस आने की उम्मीद है, इन परिस्थितयों में पाकिस्तान से व्यापार दोबारा चालू होने के आसार नहीं दिखाई पड़ते, भले ही पाकिस्तान और भारत में कुछ लोग इसका ख्वाब देखते हों। वहीं दूसरी तरफ आने वाले वर्षों में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और खराब होने की आशंका है, जिससे वह भारत के खिलाफ आतंक को और पोषित नहीं कर पाएगा।

पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत पर तब तक आगे नहीं बढ़ा जाना चाहिए जब तक वह आतंक को पैसा देना और पोषित करना बंद ना कर दे। साथ ही उसे जम्मू कश्मीर पर से भी दावा छोड़ना होगा। हालाँकि, यह काम पाकिस्तान कभी नहीं करेगा। ऐसे में भारत की वर्तमान नीति सफल मालूम होती है।

आगरा की मस्जिद में मिली महिला की अधनंगी लाश, रेप कर हत्या की आशंका: कुचला हुआ था सिर, पर्स में आमिर खान की फोटो मिलने से हुई पहचान

उत्तर प्रदेश के आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र में स्थित नगला पैमा मस्जिद में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। महिला का सिर बुरी तरह पत्थर से कुचला गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। बड़ी मशक्कत के बाद उसकी शिनाख्त पर्स में मिली एक तस्वीर के जरिए हुई। आशंका है कि महिला का रेप भी किया गया होगा।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, ताजमहल के नगलापैमा में संदली मस्जिद में महिला का शव बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। महिला अर्द्धनग्न अवस्था में थी। उसके पास से कोई फोन भी नहीं मिला है। पास में सिर्फ एक पर्स था जिसमें एक लड़के की पासपोर्ट साइज फोटो थी।

पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि लड़के का नाम आमिर खान है। पुलिस छानबीन करते हुए आमिर खान के घर पहुँची। आमिर घर पर ही था। पुलिस ने अपनी पूछताछ की तो उसकी अम्मी ने बताया कि वो फोटो महिला को उन्होंने खुद दी थी। उनके मुताबिक, ऐसा उन्होंने इसलिए किया था क्योंकि महिला मस्जिद में काम करती थी और उसकी जान पहचान झाड़फूँक करने वालों से थी। आमिर की अम्मी चाहती थीं कि महिला उनके बेटे पर कुछ झाड़फूँक करवा दे ताकि उसकी अच्छी जगह नौकरी लग सके।

आमिर की अम्मी से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने महिला के घर के बारे में जानकारी जुटाई। वहाँ कॉल की और इस घटना की सूचना दी। आगे पता चला कि मृतिका 35 साल की थी। उसकी शादी हो गई थी। पति ने उसे छोड़ दिया था। उसकी 15 साल की बेटी भी है। वह काम के सिलसिले में रोजाना आठ बजे घर से जाती थी और दोपहर दो बजे लौट आती थी।

अब महिला की पहचान होने के बाद पुलिस यह मानकर चल रही है कि हत्याकांड के तार संदरी मस्जिद से ही जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा ये भी आशंका है कि महिला के साथ रेप हुआ और घटना में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में एसीपी सदर पियूष कांत राय ने बताया कि पैनल से महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसके बाद ही पता चलेगा कि रेप हुआ था या नहीं। इसके अलावा घटना के बारे में सीसीटीवी खंगाल कर पता लगाया जा रहा है।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का इंतकाल, सरकारी मीडिया ने की पुष्टि: हेलीकॉप्टर में सवार 8 अन्य लोगों की भी मौत, अजरबैजान की पहाड़ियों में मिला था मलबा

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना रविवार (19 मई, 2024) को ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुई थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। सोमवार सुबह इस हेलीकॉप्टर का मलबा राहत बचाव टीमों को मिला।

इस मलबे में कोई भी जीवित नहीं मिला। इसके बाद ईरान ने आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की मौत की घोषणा कर दी। उनके साथ इस हेलीकॉप्टर में सवार ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान समेत 8 अन्य लोग भी मारे गए। ईरान ने इसे देश की सेवा करते हुए मिली शहादत बताया है।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी रविवार को पूर्वी अजरबैजान इलाके में एक बाँध का उद्घाटन करने गए थे। उनके साथ विदेश मंत्री के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण नेता थे। यहाँ से वापसी के दौरान उनका हेलीकॉप्टर कुछ देर उड़ा और फिर एक निर्जन इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

उनके इस काफिले में और हेलीकॉप्टर थे, जो कि अपने गंतव्य तक सही पहुँच गए। यह सूचना मिलने के बाद ईरान ने एक बड़ा राहत बचाव अभियान चलाया। कई घंटों तक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जगह को नहीं ढूँढा जा सका। इसके बाद तुर्की के ड्रोन इस जगह का पता लगाया।

जगह का पता लगने के बाद यहाँ टीमें पहुँची। उन्हें यहाँ हेलीकॉप्टर पूरी तरह से ध्वस्त मिला। उन्हें यहाँ कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला। जहाँ यह हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह काफी मुश्किल पहाड़ी इलाका है। राहत और बचाव टीमों के किसी के नाम मिलने के कुछ देर बाद रईसी की मौत की घोषणा कर दी गई।

राष्ट्रपति रईसी की मौत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति डॉ. सैयद इब्राहिम रईसी के दुखद निधन से गहरा दुख और सदमा लगा है। भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और ईरान के लोगों के प्रति मेरी हृदय से संवेदना। दुख की इस घड़ी में भारत ईरान के साथ खड़ा है।”

ईरान के राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान की मौत पर भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान के निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा। उनके साथ मेरी कई बार मुलाक़ात हुई, सबसे हालिया जनवरी 2024 में हुई थी। उनके परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएँ। इस त्रासदी के समय हम ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं।”

राष्ट्रपति रईसी की मौत के बाद अब ईरान में प्रथम वरीयता के उपराष्ट्रपति मुहम्मद मोखबर राष्ट्रपति पद का भार संभालेंगे। ईरान में 50 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव होगा। तब तक मोखबर ही काम करेंगे जिसमें ईरान की कुछ और संस्थाएँ मदद करेंगी।

विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरे AAP ने किया किनारा, पर एक ‘महिला’ अब भी स्वाति मालीवाल के लिए लड़ रही: जानिए कौन हैं वंदना सिंह

स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास पर हुई बदसलूकी मामले में जहाँ विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद भी पूरी आम आदमी पार्टी एक तरफ होकर अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद का चरित्र हनन करने में लगी हुई है। वहीं पार्टी की एक युवा महिला नेत्री ने इस मामले में स्वाति के लिए आवाज उठाई है और एक तरफ से सारे दिग्गज आप नेताओं को जवाब देने में लगी हैं। महिला नेत्री का नाम वंदना सिंह हैं।

कौन हैं वंदना सिंह

वंदना फिलहाल दिल्ली महिला आयोग की सदस्य हैं और उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ कई मामलों पर काम किया है। वह आप की छात्र युवा संघर्ष समिति की भी नेता हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी की यूथ विंग की राष्ट्रीय प्रभारी के तौर पर काम कर रही थीं। उस समय उन्होंने AAP की परिवर्तन रैली का भी नेतृत्व किया था। इसके अलावा उनके X से पता चलता है कि वो अपनी पहचान एक भारतीय, एक ट्रैवलर, अरविंद केजरीवाल की समर्थक, एपीजे अब्दुल कलाम की फॉलोवर, धोनी और मेसी की फैन के तौर पर बताती हैं।

स्वाति के साथ एकजुटता लेकिन केजरीवाल का विरोध नहीं

वंदना के सोशल मीडिया अकॉउंट को अगर देखें तो पता चलेगा कि उन्होंने इस पूरे मामले में स्वाति के साथ एकजुटता दिखाई है। लेकिन, स्वाति ने जहाँ अरविंद केजरीवाल का फोटो अपने अकॉउंट से हटाकर AAP का विरोध दिखाया है, तो वहीं वंदना सिंह ने केजरीवाल की फोटो अपने अकॉउंट पर पिन रखते हुए स्वाति मालीवाल के साथ फोटो शेयर करके संदेश दिया है कि वो उनके साथ हैं।

फिलहाल वह, अपनी टाइमलाइन पर आप नेताओं को जवाब देने के साथ स्वाति के पुराने ट्वीट भी रीट्वीट कर रही हैं जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया है, केजरीवाल को सपोर्ट किया है, संजय सिंह को शेर बताया है। शायद वो दिखाना चाह रही हैं कि स्वाति मालीवाल कभी भी भाजपा की एजेंट नहीं थी जैसा कि उनपर अब आरोप लगाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर ये गौर करने वाली बात है कि पार्टी के अन्य नेता जहाँ विभव कुमार की बदसलूकी पर खुलकर बोलने से इसलिए डर रहे हैं कि कहीं केजरीवाल के खिलाफ न माहौल बने… तो वहीं वंदना सिंह इस मामले में AAP समर्थकों से सवाल भी कर रही हैं, और साथ ही अभी भी केजरीवाल की फोटो अपने अकॉउंट पर पिन करके लगाई हुई है। उनके हर ट्वीट में केजरीवाल के लिए सर शब्द कहा जा रहा है। शायद दोनों चीजें एक साथ करके वो दिखाना चाहती हैं कि ये मामला सीएम के विरुद्ध जाने का नहीं, बल्कि एक महिला नेता का साथ देने का है।

देख सकते हैं कि वंदना सिंह ने अपने ट्वीट में आतिशी मार्लेना की वीडियो पर जवाब दिया है जिसमें वो कह रही थीं कि ये सारा षड्यंत्र भाजपा ने रचा है। इसमें जहाँ वो ये कहती हैं कि मालीवाल बिन अपॉइंटमेंट के सीएम से मिलने आईं उस पर वंदना पूछती हैं कि अगर ये मान भी ले कि स्वाति मालीवाल बिना अपॉइंटमेंट के मिलने आ गई थी तो क्या तुम उसको पिटवा दोगे? वैसे अरविंद केजरीवाल सर से तो वो हमेशा बिना अपॉइंटमेंट ही मिली हैं। इसके अलावा वो ये भी गौर करवाती हैं कि घटना सीएम आवास की है, अगर बात बीजेपी के इशारे पर कुछ करने की होती तो वो सीएम का नाम ही न ले लेती, पीएस का क्यों लिया।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी से दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बने सौरभ भारद्वाज ने जो स्वाति मालीवाल के कुर्ते पर कमेंट किया है कि उसमें बटन थी ही नहीं तो टूटी कैसे। उसे लेकर वंदना ने स्वाति की एक फोटो शेयर की है जिसमें उन्होंने वही कुर्ता पहना है और उसमें बटन भी दिख रही है। वंदना कहती हैं- “मंत्री सौरभ जी, स्वाति जी की फोटो जूम करके कह रहे हो बटन थे ही नहीं… लीजिए एक और फोटो उसी कपड़े में, शायद इसमें आपको बटन बंद दिख जाएँ। वैसे औरतों के कपड़े और बटन से ध्यान हटाएँ और काम पे लगाएँ। आपसे इस लेवल तक गिरने की उम्मीद नहीं की थी।”

इसी तरह एक आप समर्थक ने जब स्वाति मालीवाल के अरविंद केजरीवाल से मिलने की बात पर सवाल उठाए तो भी वंदना ने जवाब दिया कि शायद सीएम जेल से आए हैं इसलिए वो मिलने गई थी। लेकिन लगता है उसने गलती ही कर दी। वो अपने ही पार्टी नेताओं से कहती हैं कि हर मामले में सबको बीजेपी वाला या गद्दार कहने से काम नहीं चलेगा।

स्वाति मालीवाल के साथ ऐसी घटना घटने के बाद वंदना सिंह ने एक भी बार आम आदमी पार्टी का समर्थन अपने वॉल पर नहीं दिखाया है। न ही उन्होंने पार्टी की किसी अन्य नेता के स्टैंड से सहमति दिखाई है। वह लगातार स्वाति के साथ होने का दावा कर रही हैं। उन्होंने पूरी टाइमलाइन शेयर करके समझाया है कि कैसे ये घटना एक ऐसी महिला नेता के साथ घटी है जिसने अपना तन-मन सब पार्टी को समर्पित रखा। उन्होंने पार्टी के नेताओं का रवैया देख उन्हें ट्रोल कहा है और गिरी हुई सोच का बताया है।

जिस हेलीकॉप्टर में 8 लोगों के साथ सवार थे ईरान के राष्ट्रपति, उसका मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों में मिला: सभी सवारों के मौत की आशंका

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को एक आयोजन से वापस लेकर आ रहा एक हेलीकॉप्टर रविवार (19 मई, 2024) को दुर्घटना का शिकार हो गया। यह दुर्घटना ईरान के पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में हुई। दुर्घटना के बाद से राष्ट्रपति रईसी के विषय में कोई जानकारी नहीं है। उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति रईसी पूर्वी अजरबैजान प्रांत में एक बाँध का उद्घाटन करने गए थे। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दोल्लाहियान भी थे। इसके अलावा और भी दो महत्वपूर्ण नेता राष्ट्रपति रईसी के साथ थे। हेलीकॉप्टर में कुल 9 लोग थे। राष्ट्रपति रईसी के काफिले में दो और हेलीकॉप्टर थे, जो कि सुरक्षित रूप से पहुँच गए।

रईसी के हेलीकॉप्टर के साथ दुर्घटना की सूचना के बाद सेना समेत राहत बचाव टीमें उन्हें ढूढ़ने में लग गईं। रईसी के हेलीकॉप्टर की लोकेशन काफी समय तक ढूंढी नहीं जा सकी। हालाँकि, कई घंटों की मेहनत के बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जगह तक टीमे पहुँच पाई।

बताया गया है कि जहाँ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहाँ घना कोहरा था और कुछ भी दिख नहीं रहा था। ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति रईसी के गायब होने की सूचना के बाद देशवासियों से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने की अपील की थी। राजधानी तेहरान समेत देश की तमाम मस्जिदों में राष्टपति रईसी के लिए नमाज पढ़ी जा रही है।

बताया गया है कि कुछ टीमें हेलीकॉप्टर के दुर्घटना ग्रस्त होने वाली जगह पर पहुँची हैं और उन्हें यहाँ कोई भी जीवित नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर पूरी तरह जल चुका है। हेलीकॉप्टर तक पहुँचने के लिए तुर्की के एक ड्रोन का सहारा लिया गया, जिसमें एक जगह से धुआँ उठता दिखता है।

दुर्घटनास्थल पर पहुँची राहत बचाव टीमों ने बताया है कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर का पूरा केबिन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। किसी के भी जीवित बचने की सम्भावना नजर नहीं आ रही है। शवों के विषय में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अभी आधिकारिक रूप से रईसी और उनके विदेश मंत्री की मृत्यु या घायल होने के विषय में कोई पुष्टि नहीं की गई है।

बताया गया कि रईसी का जो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वह बेल कम्पनी द्वारा निर्मित 212 मॉडल था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 1979 के बाद ईरान पर जारी प्रतिबंधों के कारण नए कोई हेलीकॉप्टर ईरान को नहीं मिल सकते थे, ऐसे में यह हेलीकॉप्टर काफी पुराना हो सकता है।

रईसी 2021 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे और उनकी भूमिका गाजा में युद्ध छिड़ने के बाद से और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। रईसी की आयु 63 वर्ष थी और राष्ट्रपति बनने से पहले वह ईरान में की महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह ईरान की न्यायपालिका में ख़ासा दखल रखते हैं।

रईसी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई का उत्तराधिकारी माना जाता है, ईरान में सुप्रीम लीडर ही सर्वोच्च्च होता है और उसे राष्ट्रपति से भी अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं। रईसी के साथ हुई दुर्घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संवेदना प्रकट की है।

उन्होंने एक्स(पहले ट्विटर) पर लिखा, “आज राष्ट्रपति रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना के संबंध में आई रिपोर्टों से अत्यधिक चिंतित हों। हम संकट के इस समय में ईरानी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा के प्रार्थना करते हैं।”

कमल बनकर कामिल ने हिंदू लड़की को फँसाया, फिर ब्लैकमेल कर एक साल तक किया यौन शोषण: मुस्लिम बनने, नमाज पढ़ने और बीफ खाने का बनाते थे दबाव

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कामिल नाम के एक मुस्लिम लड़के ने अपना नाम और धर्म छिपाकर एक हिंदू लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ली। उसके बाद उसने युवती को ब्लैकमेल करके लगभग एक साल तक उसका यौन शोषण किया। युवती का आरोप है कि इस दौरान कामिल और उसके परिजनों ने उस मुस्लिम बनने, नमाज पढ़ने और गोमांस खाने का भी दबाव बनाया। शनिवार (18 मई) को पीड़िता ने थाने में शिकायत दी है।

युवती हरियाणा के जिंद जिले की रहने वाली है। लगभग डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम पर कमल नाम के युवक से मुलाकात हुई थी। दरअसल, यह कामिल ही था, जिसने कमल नाम से अपनी आईडी बना रखी थी। कामिल ने युवती को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और उसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। सोशल मीडिया की बातचीत धीरे-धीरे फोन कॉल और मैसेज तक पहुँच गई।

उसने शादी के नाम पर युवती को अपने झाँसे में ले लिया। उसने युवती से शारीरिक संबंध भी बनाए। इसका उसने अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिया। लगभग एक साल पहले कामिल ने युवती को अपने साथ आने के लिए कहा। उसने धमकी दी की अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो उसका वीडियो और तस्वीरें वह सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और वह कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रहेगी।

इतना ही नहीं, पुलिस को दी गई शिकायत में लड़की ने यह भी आरोप लगाया है कि कामिल ने उसके भाई की हत्या की भी धमकी दी। कामिल ने उसे मुज़फ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गाँव संधावली आने को कहा और साथ में अपने जेवरात आदि लाने के लिए कहा। युवती का कहना है कि डर के कारण वह अपने घर से पैसे और जेवरात लेकर निकल गई।

युवती ने बताया, “उसके साथ आने के बाद उसने मुझे एक साल तक अपने घर में रखा। इस दौरान वह रेप करता था। मुझे मारा-पीटा व उसने और उसकी फैमिली ने मेरा शोषण किया। वे मुसलमान बनने के लिए मेरे साथ जबरदस्ती की। वे कहते थे- मुसलमान बन, बुर्का पहन, नमाज पढ़, उर्दू पढ़। उन्होंने मुझे गाय का मीट आदि भी खिलाने की कोशिश की। वे मेरे साथ जोर-जबरदस्ती करते थे।”

युवती ने बताया, “जान-पहचान के दौरान उसने अपना बैकग्राउंड बहुत अच्छा बताया था। उसने कहा था कि उसका सैलून है, उसका घर है। उसने होटल के रूम में फोटो क्लिक कर रखी थी और कहा था कि देख में रिसेप्शन पर बैठा हूँ। मेरे पास सब कुछ है। लेकिन, उसके पास ऐसा कुछ भी नहीं था। उसने बहुत टाइम तक ऐसे ही करके मेरा बेवकूफ बनाया है। दो बार गर्भवती होने पर उसने मेरा गर्भपात कराया।”

लड़की ने आगे बताया, “यहाँ मुझे पता चला कि वह मुसलमान है और उसका नाम कामिल है। वह सन्धावली गाँव का है। उसका एक भाई दुबई में है और एक भाई केरल साइड काम करता है। ये ऐसे ही करके लड़कियों को बेचते होंगे। मैं चाहती हूँ कि उसको सजा मिले और वह जेल में रहे। कभी बाहर ना आए। अगर बाहर आया तो पता नहीं मेरी तरह कितनी लड़कियों को फँसाकर उनकी जिंदगी खराब करेगा।”

आरोपितों के चंगुल से छूटी पीड़िता ने शनिवार (18 मई) को हिंदू संगठनों से संपर्क किया और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता को लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता एसएसपी से मिले। पूरा मामला सुनने के बाद एसएसपी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोपित कामिल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

भारत में 1300 आइलैंड्स, नए सिंगापुर बनाने की तरफ बढ़ रहा देश… NDTV से इंटरव्यू में बोले PM मोदी – जमीन से जुड़ कर बड़ा और दूर का सोचता हूँ, उतारूँगा ढोंगी सेक्युलरिज्म का नकाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के 5वें चरण से पहले NDTV को इंटरव्यू दिया है। ‘AMG मीडिया नेटवर्क’ के CEO एवं मुख्य संपादक संजय पुगलिया को दिए गए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि वो टुकड़ों में नहीं सोचते हैं, उनका बहुत ही व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सिर्फ मीडिया अटेंशन के लिए काम करना उनकी आदत में नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच ये है कि जब देश आजादी का 100 साल मनाएगा तो हम कहाँ रहेंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए 2047 को ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने काफी मंथन किया है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले टर्म में उनकी सरकार ने 100 दिन की बजाए 125 दिन का टारगेट सेट किया है। उन्होंने ‘माय भारत’ के लॉन्च का उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में वो ‘माय भारत’ को किस प्रकार से देश के युवा को जोड़ा जाए और युवा शक्ति में बड़े सपने देखने की आदत डाली जाए इस पर काम होगा। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि पहले हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत बड़ा दुरुपयोग हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले इसका मतलब होता था- जितना बड़ा प्रोजेक्ट, उतनी ज्यादा मलाई। NDTV से बातचीत में पीएम मोदी ने इस सोच को देश की तबाही के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इसको रिव्यू कर गति देने का काम किया गया। बकौल पीएम मोदी, एक तो स्कोप बहुत बड़ा होना चाहिए और यह टुकड़ों में नहीं होना चाहिए। दूसरा, स्केल बहुत बड़ा होना चाहिए और फिर स्पीड भी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों के अनुसार ही होनी चाहिए।

बकौल पीएम मोदी, स्कोप, स्केल और स्पीड के साथ स्किल भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये चारों चीजें अगर हम मिला लेते हैं तो हम बहुत कुछ हासिल कर लेते हैं। पीएम मोदी ने समझाया कि उनकी कोशिश होती है कि स्किल भी हो, स्केल भी हो और स्पीड भी हो – कोई स्कोप जाने नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहाँ करीब 1300 आईलैंड्स हैं, लेकिन पहले हमारे पास इसका रिकॉर्ड नहीं था, उनकी सरकार ने स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके भारत में जितने भी आईलैंड्स हैं उसका सर्वे किया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कुछ आईलैंड्स तो करीब-करीब सिंगापुर के साइज के हैं, इसका मतलब है कि अगर हम लग जाएँ तो भारत के लिए नया सिंगापुर बनाना मुश्किल नहीं है और हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने संजय पुगलिया से बातचीत में कहा कि आप जो भारत में डिजिटल क्रांति देख रहे हैं, गरीब के सशक्तिकरण करने का एक सबसे बड़ा साधन डिजिटल रिवॉल्यूशन है। उन्होंने कहा कि असमानता कम करने में डिजिटल रिवॉल्यूशन बहुत बड़ी मदद करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि AI में भारत दुनिया में लीड करेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “बाबासाहेब कहते थे कि इस देश में इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन बहुत जरूरी है, क्योंकि इस देश में दलित, आदिवासी एग्रीकल्चर में कुछ नहीं कर सकता है, क्योंकि वो जमीन का मालिक नहीं है। उसके लिए इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन का हिस्सा बनना बहुत जरूरी है। इसीलिए, मैं मानता हूँ कि भारत में हमें एग्रीकल्चर को मजबूत बनाने के साथ ही इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट भी बहुत जरूरी है। विपक्ष की बातों में कोई सच्चाई नजर नहीं आती। परिवारवादी पार्टियों को ये समझ में नहीं आ रहा है कि देश के युवाओं में कितना बदलाव आया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े गिनाते हुए जिक्र किया कि 2014 के पहले कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज सवा लाख स्टार्टअप्स हैं, 100 यूनिकॉर्न्स हैं। उन्होंने PLFS (पीरियाडिक लेबर फ़ोर्स सर्वे) के डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि बेरोजगारी आधी हो गई है, 6-7 साल में 6 करोड़ नई नौकरियाँ सृजित हुई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि EPFO (एम्प्लाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन) 7 साल में 6 करोड़ से ज्यादा नए अवसर रजिस्टर्ड हुए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि वो अति-आत्मविश्वास में नहीं जीते हैं, बल्कि जमीन पर नित्य जीवन का हिसाब-किताब करके कदम रखने वाला इंसान रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो बड़ा और दूर का सोचते हैं, लेकिन जमीन से जुड़े रहते हैं। बकौल पीएम मोदी, देश को मालूम है कि ये काम करने वाली सरकार है, देश को आगे ले जाने वाली सरकार है, गरीबों की समस्याओं को समझने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि आज देश को लग रहा है कि देश में एक ऐसी सरकार है, जिसे हमारे दुखों की चिंता है, हमारे सपनों का अंदाज है और जो हमारे सामर्थ्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDTV के संजय पुगलिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आज लोगों को उनकी सरकार के प्रति भरोसा है, इसलिए वो कहते हैं कि इस चुनाव में भाजपा के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड सेट होने वाला है। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार का 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है – चाहे आतंकवाद के खिलाफ काम हो, चाहे सुरक्षा को लेकर काम हो, चाहे विकास को लेकर काम हो, चाहे विदेश नीति हो – देश की जनता इन सारी बातों को देखती है।

पीएम मोदी ने कहा, “मुझे जिसे जो कहना है कहे, लेकिन मैं इन सबके (विपक्ष) पापों को खोल कर रहूँगा। मेरा मंत्र है- सबका साथ, सबका विकास। वो वोटबैंक के लिए वोट जिहाद का समर्थन कर रहे हैं। ये सारी चीजें वे सेक्युलरिज्म का नकाब पहनकर कर रहे हैं। मुझे इनका ढोंगी सेक्युलरिज्म का नकाब देश के सामने उतारकर दिखाना है। मुझे कंफ्यूजन नहीं होता है – मैं जो भी करूंगा देश के लिए करूँगा। दूसरा, वो इंसान सही नीति बना सकता है जिसका कोई निजी स्वार्थ नहीं होता है।