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‘मैं जिसे कहूँगा उसे वोट देना पड़ेगा’: घर में घुस कर BJP समर्थक के पिता राधेश्याम पाठक को मार डाला, 4 सपा समर्थकों पर आरोप, यूपी पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में चुनावी बहस के दौरान राधेश्याम पाठक नाम के बुजुर्ग की हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप शम्भू चौधरी और उसके 3 साथियों पर लगा है। मृतक को बचाने दौड़े उसके परिजनों को भी बेरहमी से पीटा गया है। पुलिस ने कुल 4 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (10 मई, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कुशीनगर के थाना क्षेत्र नेबुआ नौरंगिया की है। यहाँ के गाँव बघपरना में शुक्रवार को एक मंदिर के पास कुछ लोग पेड़ की छाया में बैठ कर चुनावी चर्चा कर रहे थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान शम्भू चौधरी और उसके साथ मौजूद लोगों ने समाजवादी पार्टी को वोट देने की बात की। मौके पर अमित पाठक नाम का युवक भी था। उसने भारतीय जनता पार्टी को वोट देने की वकालत की।

इसी बात पर दोनों पक्षों में गर्मागर्म बहस हो गई। आरोप है कि भाजपा को वोट देने की बात पर शम्भू भड़क उठा। उसने कहा, “मैं जिसे कहूँगा उसे वोट देना पड़ेगा।”

कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर के मामले को शांत किया और दोनों पक्षों को अपने-अपने घर भेजा। आरोप है कि इसी रात शम्भू चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ अमित पाठक के घर पहुँच गया। यहाँ पहुँच कर आरोपित ने पहले पीड़ितों को गालियाँ दीं और बाद में पूरे परिवार को बेरहमी से पीटने लगा। इस पिटाई की चपेट में अमित के अलावा उनके 55 वर्षीय पिता राधेश्याम पाठक और 21 साल की बहन रीतू भी आ गईं। शोरगुल सुन कर लोग जमा हुए।

पीड़ितों ने डायल 112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस के जवान आते दिखे तो हमलावर धमकी देते हुए भाग निकले। आरोपितो के नाम शम्भू, सीपू, टिंकल चौधरी बताए जा रहे हैं। सभी हमलावर शंभू के पारिवारिक सदस्य बताए जा रहे हैं।

रीतू और अमित के साथ उनके पिता राधेश्याम को अस्पताल ले जाया गया। भाई-बहन को मेडिकल कॉलेज रवींद्र नगर में भर्ती करवाया गया लेकिन राधेश्याम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान राधेश्याम की मौत हो गई। उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतकों के परिजनों ने कुछ स्थानीय निवासियों के साथ मिल कर थाने के आगे शव रख कर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान शम्भू चौधरी और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई गई है।

पुलिस ने लोगों को समझा कर शांत किया। पुलिस ने मामले को आपसी कहासुनी का बताते हुए घटना की FIR दर्ज कर ली है। कई संगठनों ने राधेश्याम पाठक की हत्या पर नाराजगी जताई है। घटना के बाद आरोपित फरार हो गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है। तनाव को देखते हुए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘मौत के समय उत्तेजित था ईसा मसीह का लिंग’: चर्च में सबके सामने पादरी ने कहा, ईसाई भीड़ ने अश्लील उपदेश पर किया हंगामा, सजा की माँग

इंग्लैंड में एक पादरी ने ईसा मसीह की मौत को लेकर बड़ा अजीब सा दावा किया है। थॉमस मैकहेल नाम के पादरी ने कहा है कि यीशु की मौत के समय उनका लिंग (प्राइवेट पार्ट) उत्तेजित अवस्था में था। इस दावे को अश्लील बताते हुए उस समय चर्च में मौजूद लोगों ने पादरी पर कार्रवाई की माँग की है। यह घटना रविवार (5 मई 2024) की है। हालाँकि अभी तक पादरी उसी चर्च में अपने पद पर कायम है, जिससे लोगों में और असंतोष फैल रहा।

यह मामला ब्रिटेन के डरहम का है। यहाँ ब्लैकहिल, कॉन्सेट, काउंटी क्षेत्र में आवर ब्लेस्ड लेडी इमैक्युलेट नाम का एक चर्च है। यह चर्च कैथोलिक विचारधारा के ईसाइयों का है। इस चर्च के पादरी 53 वर्षीय थॉमस मैकहेल हैं। यहाँ रविवार (5 मई) को पादरी ने कथित तौर पर अश्लील उपदेश दिया है।

इस उपदेश के दौरान चर्च में लगभग 100 लोग मौजूद थे। इनके बीच पादरी थॉमस ने अपने उपदेश में ईसा मसीह की मृत्यु के वक्त का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जब यीशु की मौत हुई तो उनका लिंग उत्तेजित अवस्था में था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पादरी ने आगे कहा कि जब ईसा मसीह को क्रूस पर टाँगा गया था तो उनकी बॉडी का पूरा खून शरीर के निचले हिस्से में चला गया था। लिंग में उत्तेजना की थॉमस ने यही वजह बताई।

इस उपदेश के दौरान चर्च में कई लोग अपने परिवार के साथ बैठे थे। उन्होंने इसे अश्लील बयान माना है। बाद में इस बयान पर हंगामा खड़ा हो गया। पादरी थॉमस को उनके पद से हटाने और सजा देने की माँग उठने लगी। हालाँकि तमाम विरोधों के बावजूद पादरी अभी तभी अपने पद पर बना हुआ है। पादरी पर कार्रवाई न होने से कई लोगों में नाराजगी बताई जा रही है।

पाकिस्तान से नहीं संभल रहा कब्जा किया कश्मीर, हो रहा हिंसक विरोध प्रदर्शन, लग रहे आजादी के नारे: अमित शाह बोले- वापस लेंगे पाक अधिकृत कश्मीर

कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत चिंताजनक हो गई है। वहाँ दैनिक उपयोग की चीजों की कीमत आसमान छू रही थी, जिसके कारण वहाँ गृहयुद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में महंगाई को लेकर हो रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। उसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों की मॉब लिंचिंग हो गई। प्रदर्शन के दौरान आजादी के नारे भी जमकर लगे।

दरअसल, खस्ताहाल पाकिस्तान में महंगाई के कारण रोजमर्रा की चीजें नहीं मिल रही हैं। बिजली बिल आसमान छू रहे हैं। सरकार द्वारा अधिक कर लगाया जा रहा है। इसको लेकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों ने आवामी ऐक्शन कमिटी नाम के संगठन के नेतृत्व में शुक्रवार (11 मई 2023) को मुजफ्फराबाद में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। यह प्रदर्शन 10 मई से ही जारी थी।

इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में इलाके के लोगों ने दुकानें बंद कर दी और सड़कों को जाम कर दिया। इसको पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दमन करना शुरू कर दिया। पुलिस ने मस्जिदों और लोगों के आसपास आँसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने स्थानीय नेताओं के घरों पर छापेमारी करके उन्हें गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग भड़क उठे।

देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान पुलिस ने हवा में गोलियाँ भी चलाईं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। कुछ पुलिसकर्मियों को भीड़ ने लिंचिंग कर दी। इसके कई वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है को लोग लाठी डंडों से पुलिस वालों को पीट रहे हैं और जमीन पर पुलिसकर्मी खुद को बचाने का प्रयास कर रहा है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीओके कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी कर रही है और झड़पों में कम से कम दो लोग मारे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा में एक पुलिस SHO की मौत हो गई, जिसे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पीट-पीटकर मार डाला।

मिर्जा ने भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और केंद्र इससे अलग नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, “स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। यह वास्तव में पहले से ही हाथ से बाहर है। भारत को अब अपना सारा ध्यान पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित करना चाहिए और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित इस कब्जे वाले क्षेत्र की स्वतंत्रता में मदद करनी चाहिए।”

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार (11 मई 2024) को कहा कि अगर भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की फिर से सरकार बनती है तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेगा। उन्होंने कहा POK भारत का है और भारत उसे हर कीमत पर वापस लेगा।

मौलाना ने तड़ी वाली मस्जिद के भीतर 20 साल की लड़की से किया रेप, इस्लाम में ‘हराम’ फोटो-वीडियो भी बनाई… फिर 2 साल तक लगातार करता रहा दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की एक मस्जिद में लड़की से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। बलात्कार का आरोप मस्जिद के ही मौलाना पर लगा है। आरोपित का नाम जव्वाद है। पीड़िता जव्वाद से दीनी (मजहबी) तालीम लेने जाती थी। आरोप है कि जव्वाद छात्रा को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ 2 साल से लगातार दुष्कर्म कर रहा था।

शिकायत में पीड़ित लड़की का अश्लील वीडियो बनाने, धमकाने और ब्लैकमेल किए जाने का भी जिक्र है। पुलिस ने 11 मई 2024 को FIR दर्ज करके मौलाना जव्वाद को हिरासत में ले लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह मामला गाजियाबाद कमिश्नरेट के ग्रामीण क्षेत्र से है। यहाँ थाना मसूरी में 11 मई को पीड़िता के पिता ने तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनकी 20 वर्षीया बेटी मसूरी थानाक्षेत्र की तड़ी वाली मस्जिद में लगभग 2 साल से दीनी तालीम हासिल कर रही थी। इसी मस्जिद में मोहम्मद जावेद का बेटा जव्वाद इमामत करता था। जव्वाद को वहाँ लोग मौलाना जी कह कर बुलाते हैं। मौलाना जव्वाद पीड़िता का टीचर था। कुछ समय बाद मौलाना की नीयत अपनी ही छात्रा पर खराब हो गई।

आरोप है कि लगभग 2 साल पहले मौलाना जव्वाद ने पीड़िता को पीने के लिए कोल्डड्रिंक दिया था। इस कोल्डड्रिंक में नशीली दवा डाल दी गई थी। नशे के प्रभाव में आकर पीड़िता बेसुध हो गई। तब जव्वाद ने मस्जिद के अंदर पीड़िता से दुष्कर्म किया।

दुष्कर्म के दौरान उसने लड़की की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना डाली। इसी फोटो-वीडियो को दिखा कर उसने लड़की के साथ कई बार बलात्कार किया और मुँह बंद रखने की धमकी देता रहा। 11 मई 2024 को पीड़िता ने अपने अब्बा से सारी बात बता दी।

मामले की जानकारी होते ही पीड़िता के अब्बा ने पुलिस में शिकायत दी। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस शिकायत पर IPC की धारा 376, 328 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली है।

आरोपित मौलाना जव्वाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गाजियाबाद में मसूरी के ACP ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि आरोपित मौलाना से पूछताछ की जा रही है। मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।

भारत का एटम बम फ्रिज में रखने के लिए नहीं है: मणिशंकर के पाकिस्तान वाले बयान पर बोले CM योगी, कहा- कॉन्ग्रेस बँटवारे की राजनीति करती है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक टीवी शो के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कॉन्ग्रेस से लेकर राम मंदिर आदि तमाम मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणी है। पाकिस्तान, देश की सुरक्षा, आतंकवाद, राहुल गाँधी आदि अनेकों मुद्दों पर अपनी बात रखी।

दरअसल, रजत शर्मा के शो ‘आपकी अदालत’ में यूपी के सीएम योगी शामिल हुए। इस दौरान रजत शर्मा ने उनसे कहा कि राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अमिताभ बच्चन को देखा, ऐश्वर्या राय को देखा, लेकिन किसी गरीब-मजदूर को नहीं देखा।

इस सीएम योगी ने कहा, “श्रमिक कौन थे? जो मंदिर का निर्माण किए उनका महिमामंडन प्रधानमंत्री अपनी हाथों से कर रहे हैं। प्रयागराज में सफाई कर्मियों के पैर धोए। ये पहली बार हुआ।” सीएम योगी ने कहा कि राहुल गाँधी के परदादा, दादी और पिताजी प्रधानमंत्री रहे हैं और उनकी माँ सुपर पीएम रही हैं। इन लोगों ने गरीबों के लिए कुछ किया हो तो वो बताएँ।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देश के उन्हें देखा गुजरात चुनावों के दौरान। उन्हें ये तक नहीं मालूम कि मंदिर में जाकर बैठना कैसे है। ऐसे लगता था कि कोई नमाज पढ़ने के लिए गया हो। पुजारी ने समझाया था कि ये मंदिर है, मस्जिद नहीं है। पालथी मारकर बैठिए और पूजा कीजिए। यहाँ नमाज पढ़ने की कोई मुद्रा नहीं बनानी है। अब ऐसे लोग राम मंदिर के बारे में बात करेंगे, जिनका खानदानी इतिहास रहा है राम मंदिर विरोध का।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गाँधी के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति को इसलिए नहीं बुलाया गया था, क्योंकि वो आदिवासी हैं। इस सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल के कारण ही एक जनजातीय की महिला देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी हैं।

रजत शर्मा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रत्याशी से कहा था कि ‘तुम शिव हो। तुम्हें राम से लड़ना है’। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत की सनातन परंपरा में राम और शिव एक-दूसरे के पूरक हैं। लंका में सेतुबाँध का निर्माण करने से पहले भगवान राम ने भगवान शिव की ही उपासना की थी। इस ज्योतिर्लिंग को राम ने रामेश्वर यानी राम का ईश्वर बताया। वहीं, शिव ने कहा- जिसका ईश्वर राम हैं, वहीं रामेश्वर है।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा बाँटने की राजनीति करती है। उसने धर्म के आधार पर पहले देश को बाँटा, फिर भाषा और क्षेत्र के आधार पर देश को बाँटने की कोशिश किया। इन्होंने 1947 में देश का बँटवारा किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज भी पाकिस्तान का राग अलापती रहती है।

पाकिस्तान के एटम बम को लेकर मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए बयानों पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हमारे एटम बम फ्रीज में रखने के लिए हैं क्या? ये कॉन्ग्रेस के मणि हो सकते हैंं, भारत का मणि नहीं हो सकता। ये नया भारत है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन जो छेड़ता है उसे छोड़ता भी नहीं है। घर के अंदर घुस करके जवाब देगा। दिया भी है। आज तो ये हालत है कि पटाखा भी जोर से फटता है तो पाकिस्तान कहता है कि नहीं, इसमें मेरा हाथ नहीं है। ये है नया भारत।”

‘शहजादे की उम्र से भी कम सीटें मिलेंगी कॉन्ग्रेस को, पहले ही हार मान चुका है INDI गठबंधन’: झारखंड के चतरा में गरजे PM मोदी

झारखंड के चतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के बीच ‘INDI’ अलायंस ने अपनी हार मान ली हैं। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा- ‘शहजादे को उनकी उम्र से भी कम सीटें मिलेंगी।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘तीन चरणों के चुनाव के बाद ही कॉन्ग्रेस और उसके साथियों ने एक तरह से अपनी हार स्वीकार कर ली है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (11 मई 2024) को चतरा लोकसभा क्षेत्र के सिमरिया में बीजेपी प्रत्याशी कालीचरण सिंह के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर हजारीबाग के बीजेपी प्रत्याशी मनीष जायसवाल और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी मौजूद थे।’ प्रधानमंत्री ने कहा- ‘इंडी गठबंधन के एक बहुत बड़े नेता ने जो बयान दिया है वो बहुत ही सोचा समझा बयान है और बहुत ही निराशा में से पैदा हुआ बयान है। उन्होंने कहा है कि चुनाव के बाद जो छोटे-छोटे राजनीतिक दल हैं उन सभी को कॉन्ग्रेस में विलय कर देना चाहिए।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘पिछले तीन चरण के मतदान के रूझानों के बाद मुझे पता चला है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा है। क्योंकि उन्हें पता हो गया है कि कॉन्ग्रेस और उनके साथी… सब मिल करके मान्य विपक्ष को जितनी सीटें चाहिए, उतनी भी सीटें नहीं आएँगी। अगर विलय कर देंगे तो हमारे (इंडी अलायंस) पूरे समूह को मान्य विपक्ष के रूप में मान्यता मिल जाए। आज देश में मैं जहां-जहां जाता हूं तो एक ही स्वर में, एक ही विश्वास के साथ… देश के कोने-कोने से एक ही आवाज आ रही है- फिर एक बार मोदी सरकार।’

पीएम मोदी ने कहा- ‘2024 का चुनाव… सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है। ये चुनाव देश बनाने का चुनाव है, ये चुनाव चोर-लुटेरों से देश को बचाने का चुनाव है, ये चुनाव आपके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का चुनाव है। आपने देखा कि कैसे जेएमएम और कॉन्ग्रेस के ठिकानों से नोटों के पहाड़ मिल रहे हैं। यहां तक कि नोटों को गिनने के लिए बैंकों से मशीनें लानी पड़ी।’

झारखंड में सिर्फ अफीम उद्योग

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘इंडी गठबंधन को आपकी रोजी-रोटी की कोई चिंता नहीं है। उनको सिर्फ अपना स्वार्थ देखना है। जेएमएम और कॉन्ग्रेस ने झारखंड में सिर्फ एक ही उद्योग लगाया है- अफीम उद्योग। ये काला कारोबार सरकार के संरक्षण में चल रहा है, ये आपके बच्चों को नशे की दलदल में धकेलना चाहते हैं। मोदी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रहा है। लेकिन झारखंड में इन लोगों ने राशन बाँटने की व्यवस्था तबाह करके रख दी है। ये चाहते हैं कि मोदी का भेजा हुआ राशन आपको मिले ही नहीं। जब गरीब मोदी को आशीर्वाद देता है तो इन लोगों को गरीबों से चिढ़ हो जाती है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘कॉन्ग्रेस… आदिवासी, दलित और ओबीसी का आरक्षण छीनना चाहती है। कॉन्ग्रेस आपके आरक्षण पर डाका डालकर मुसलमानों को देना चाहती है। ये धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आपके एक वोट की ताकत है कि आज एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू भारत के राष्ट्रपति बनी हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस इसको पचा नहीं पा रही है। आदिवासी समाज आगे बढ़े… इंडी अलायंस को पसंद नहीं है। ये जनजातीय समाज के लोगों को आगे बढ़ने देना नहीं चाहते हैं। यही नहीं, जब द्रौपदी मुर्मू जी राम मंदिर में दर्शन-पूजन करके आईं तो कॉन्ग्रेस का पापी मन कह रहा है कि राम मंदिर का अब हम गंगा जल से शुद्धिकरण करेंगे। आदिवासियों के प्रति, राष्ट्रपति के प्रति, महिलाओं के प्रति… कॉन्ग्रेस की यही नीच मानसिकता है।’

पीएम मोदी ने कहा- ‘500 साल के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बना। अनेक पीढ़ियों के बलिदान के बाद बना। कौन हिंदुस्तानी होगा… जिसको आनंद नहीं होगा।’

PoK में पाकिस्तान सरकार पर फूटा लोगों का गुस्सा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने की हिंसा: सड़क पर उतरी जनता, थम गया मुजफ्फराबाद

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में महँगाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और बंद का आह्वान किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने हिंसक कदम उठाए और कई जगहों पर लोगों पर लाठीचार्ज किया। इस दौरान प्रशासन ने धारा 144 भी लागू की, लेकिन लोगों का गुस्सा नहीं थमा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (11 मई 2024) को पीओके के मुजफ्फराबाद में लोगों ने विरोध प्रदर्शन के साथ ही बंद का आह्वान किया था। इसकी वजह से पूरा जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया। एक तरफ सारे व्यापसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने किया था। दरअसल, शुक्रवार (10 मई 2024) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में शटर-डाउन और चक्क-जाम हड़ताल के दौरान पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े, जिससे घरों में लोग प्रभावित हुए।इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव के बाद सुरक्षा बलों ने मस्जिदों पर भी पथराव किया। इसके विरोध में शनिवार को भी हिंसा फैल गई। शनिवार की हड़ताल समाहनी, सेहंसा, मीरपुर, रावलकोट, खुइरट्टा, तत्तापानी और हट्टियन बाला सहित पीओके के विभिन्न हिस्सों में देखी गई।

जेकेजेएसी ने मुजफ्फराबाद और मीरपुर डिवीजनों में रात भर की छापेमारी में अपने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद हड़ताल का ऐलान किया था। समिति ने पहले 11 मई को मुजफ्फराबाद की ओर एक लंबे मार्च की योजना की घोषणा की थी।

सूत्रों ने कहा कि हड़ताल की आशंका में सरकार ने पूरे पीओके में धारा 144 लागू कर दी थी और 10 और 11 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियों की घोषणा की थी। हालाँकि, पीओके के सभी जिलों में लोग हजारों की संख्या में सड़क पर उतर आए। इसके बाद पुलिस ने लोगों पर जमकर लाठियाँ भाँजी और उन्हें तिरत-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।

बेटे समेत फरार हुए AAP विधायक अमानतुल्लाह खान? 25 की संख्या में घर पर पहुँची यूपी पुलिस तो गेट पर लगा मिला ताला, पेट्रोल पंप पर बाप-बेटे ने की थी गुंडई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली के ओखला से AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के घर पर दस्तक दी है। शनिवार (11 मई, 2024) को यूपी पुलिस ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के MLA के बाटला हाउस स्थित आवास पर पहुँची। विधायक अपने बेटे के साथ ही कुछ दिनों से घर से गायब हैं। यूपी पुलिस ने कहा है कि अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी को लेकर दोनों बाप-बेटे के खिलाफ नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज कर रखी है।

नोएडा पुलिस जब अमानतुल्लाह खान के घर पहुँची तो वहाँ ताला लगा हुआ है। ऐसे में पुलिस घर पर नोटिस चस्पा कर लौट गई। आरोप है कि नोएडा के सेक्टर-95 स्थित विधायक का बेटा अनस पेट्रोल पंप पर अपनी कार लेकर पहुँचा था, जहाँ वहाँ उसने लाइन में आगे लगी गाड़ी को आगे बढ़ा कर अपनी गाड़ी में पहले तेल भरने की ज़िद की। सेल्समैन ने नियम का उल्लंघन करने से नकार दिया। इस दौरान अनस और कार में बैठे उसके साथियों ने मारपीट शुरू कर दी।

इसके बाद खुद विधायक अमानतुल्लाह खान वहाँ पहुँचे और उन्होंने पेट्रोल पंप के मैनेजर को धमकाया। दोनों ही घटनाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी क्रम में ACP अरविन्द कुमार के नेतृत्व में 25 पुलिसकर्मियों की टीम अमानतुल्लाह खान के घर पहुँची। कोतवाली फेज वन और कोतवाली सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक ने भी दिल्ली के जामिया मिलिया थाने में उपस्थिति दर्ज कराई। एक एसीपी और 3 थाना प्रभारी 25 सदस्यीय पुलिस दल का नेतृत्व कर रहे थे।

अमानतुल्लाह खान के घर पर नोटिस रिसीव करने के लिए भी कोई नहीं था। इसे चस्पा कर पुलिस वापस लौट आई। नोएडा पुलिस पता लगा रही है कि अमानतुल्लाह खान का किन-किन चुनावी कार्यक्रमों में जाना है। वो तय चुनावी कार्यक्रमों में भी नहीं पहुँच रहे हैं। जाँच के लिए बाप-बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है, फोन पर भी वो अनुपलब्ध हैं। पुलिस ने मारपीट व धमकी के गवाह जुटा लिए हैं, CCTV फुटेज भी खँगाल लिए गए हैं। FIR में धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं, पुलिस की कई टीमें उनकी खोज में लगी हुई हैं।

हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी दिल्ली दंगा आरोपित सलीम मलिक को राहत नहीं, ताहिर हुसैन से फंडिंग लेकर लगाता था ‘हिंसा का लंगर’: ख़ारिज हुई स्पेशल लीव पेटिशन

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (11 मई 2024) को 2020 के हिंदू विरोधी दंगों के मामले में सलीम मलिक उर्फ ​​मुन्ना की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। एसएलपी भारत के संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत उपलब्ध एक उपाय है, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट को किसी भी अदालत या न्यायाधिकरण द्वारा पारित या दिए गए किसी भी मामले में किसी भी फैसले या आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति (अनुमति) देने की विशेष शक्तियाँ प्रदान करता है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल 2024 को सलीम मलिक को जमानत देने से इन्कार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मलिक उन बैठकों में शामिल हुए जहाँ हिंसा और दिल्ली को जलाने के मसलों पर खुलकर चर्चा की गई। अदालत ने रेखांकित किया कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में यह स्वीकार्य नहीं है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने 22 अप्रैल के आदेश में कहा था कि बैठक में वित्तपोषण, हथियारों की व्यवस्था, लोगों की हत्या के लिए पेट्रोल बम की खरीद और संपत्ति की आगजनी और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी को नष्ट करने पर भी चर्चा हुई।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, मौजूदा मामले में रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है जो स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि अपीलकर्ता सह-साजिशकर्ता था और उसने अपराध किया है। इसके लिए उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। उच्च न्यायालय ने कहा, मामले के गुण-दोष पर अभिव्यक्ति और आरोपों पर फैसला करते समय निचली अदालत किसी भी तरह से ऊपर की गई किसी भी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगी। मलिक को 25 जून 2020 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में उसने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दाखिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सलीम मलिक को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि “अपीलकर्ता उन प्रदर्शनकारियों में से एक था जिसने वहाँ मौजूद लोगों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाया था और परिणामस्वरूप, सरकारी और गैर-सरकारी पुलिस कर्मियों पर लाठी, डंडों आदि से पथराव और हमला हुआ था। संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया गया।”

आधी रात को हुई एक गुप्त बैठक के दौरान, सलीम मलिक ने कथित तौर पर सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के खिलाफ प्रदर्शन को तेज करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दिल्ली यात्रा के दौरान ट्रैफिक रोकने जैसी प्लानिंग की थी। सलीम खान, सलमान सिद्दीकी, डीएस बिंद्रा और सलीम मलिक विरोध आयोजक थे, जिन्हें रैलियों के प्रबंधन के लिए ताहिर हुसैन से फंडिंग मिलती थी।

बता दें कि सलीम मलिक, उमर खालिद और कई अन्य को फरवरी 2020 में हुए दंगों का “मास्टरमाइंड” नामित किया गया था। इन दंगों में 700 से अधिक लोग घायल हुए थे और 53 लोगों की मौत हुई थी, और उन पर यूएपीए अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आरोप लगाए गए थे।

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‘आजकल सेट पर होता है खूब सेक्स’: नसीरुद्दीन शाह की बीवी को सतीश शाह को ज़्यादा पैसे मिलने से थी दिक्कत, बोलीं – घरेलू हिंसा के लिए पुरुषों की ‘कंट्रोल करने की चाहत’ जिम्मेदार

नसीरुद्दीन शाह की पत्नी रत्ना पाठक ने ‘Hauterrfly’ को दिए गए इस इंटरव्यू में घरेलू हिंसा के लिए पुरुषों को जिम्मेदार ठहरा दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी शादी को लेकर भी बात की। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पहले उन्हें कभी सड़कों पर चलने में डर नहीं लगा, रात की फिल्म का शो देख कर वो आराम से घर आते थे। उन्होंने दिल्ली और मुंबई की तुलना करते हुए कहा कि दिल्ली में गलती करने वाले पुरुष उलटा पलट कर बोलते हैं। उन्होंने बताया कि उनके जन्म के समय दादी ने कहा था कि अब तक बेटियाँ ही हुई हैं, पाठक खानदान का नाम कौन चलाएगा।

उन्होंने कहा कि उनके पिता लिबरल थे, व्हिस्की के ग्लास के साथ किचन में कुकिंग करते थे। उन्होंने बताया कि नसीरुद्दीन शाह से शादी को लेकर उनके पिता राज़ी नहीं थे, लेकिन इससे पहले उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उनकी माँ के साथ भी नसीरुद्दीन शाह के साथ अच्छे संबंध नहीं थे, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। उनका कहना है कि नसीरुद्दीन शाह या उनके परिवार की तरफ से धर्मांतरण के लिए कोई दबाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह रूढ़िवादी माहौल से आते हैं।

बकौल रत्ना पाठक शाह, उन्होंने किताबों से सेक्स एजुकेशन के बारे में पढ़ा, उन्होंने अपनी बेटी (पहली शादी से नसीरुद्दीन शाह की बेटी हिबा) को कभी मेंस्टुरेशन छिपाने के लिए बाध्य नहीं किया। पुरुषों को कमाने वाला का टैग मिलने को लेकर उन्होंने कहा कि मुंबई में कामवाली बाई सबके घरों में काम करती हैं, वो अपना घर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी कई महिलाओं के साथ उनके पति या परिवार द्वारा धोखा किया गया। ‘साराभाई vs साराभाई’ के संबंध में उन्होंने कहा कि सतीश शाह को उनसे ज़्यादा पैसे मिलते थे।

उन्होंने कहा कि वो उस स्थिति में नहीं थीं कि इसे लेकर आवाज़ उठा सकें, लेकिन उन्हें इससे समस्या थी। उन्होंने कहा कि आजकल फिल्मों के सेट पर काफी सेक्स होते हैं, लेकिन वो सहमति के साथ होते हैं तो क्या समस्या है? उन्होंने कहा कि अब लोग सेक्स को लेकर खुले विचार रखते हैं। अभिनेत्री ने इस दौरान घेरलू हिंसा के लिए परितृसत्तात्मक संरचना को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसका कारण ये है कि पुरुष नियंत्रण में रखना चाहते हैं।