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PoK में पाकिस्तान सरकार पर फूटा लोगों का गुस्सा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने की हिंसा: सड़क पर उतरी जनता, थम गया मुजफ्फराबाद

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में महँगाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और बंद का आह्वान किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने हिंसक कदम उठाए और कई जगहों पर लोगों पर लाठीचार्ज किया। इस दौरान प्रशासन ने धारा 144 भी लागू की, लेकिन लोगों का गुस्सा नहीं थमा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (11 मई 2024) को पीओके के मुजफ्फराबाद में लोगों ने विरोध प्रदर्शन के साथ ही बंद का आह्वान किया था। इसकी वजह से पूरा जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया। एक तरफ सारे व्यापसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने किया था। दरअसल, शुक्रवार (10 मई 2024) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में शटर-डाउन और चक्क-जाम हड़ताल के दौरान पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े, जिससे घरों में लोग प्रभावित हुए।इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव के बाद सुरक्षा बलों ने मस्जिदों पर भी पथराव किया। इसके विरोध में शनिवार को भी हिंसा फैल गई। शनिवार की हड़ताल समाहनी, सेहंसा, मीरपुर, रावलकोट, खुइरट्टा, तत्तापानी और हट्टियन बाला सहित पीओके के विभिन्न हिस्सों में देखी गई।

जेकेजेएसी ने मुजफ्फराबाद और मीरपुर डिवीजनों में रात भर की छापेमारी में अपने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद हड़ताल का ऐलान किया था। समिति ने पहले 11 मई को मुजफ्फराबाद की ओर एक लंबे मार्च की योजना की घोषणा की थी।

सूत्रों ने कहा कि हड़ताल की आशंका में सरकार ने पूरे पीओके में धारा 144 लागू कर दी थी और 10 और 11 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियों की घोषणा की थी। हालाँकि, पीओके के सभी जिलों में लोग हजारों की संख्या में सड़क पर उतर आए। इसके बाद पुलिस ने लोगों पर जमकर लाठियाँ भाँजी और उन्हें तिरत-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।

बेटे समेत फरार हुए AAP विधायक अमानतुल्लाह खान? 25 की संख्या में घर पर पहुँची यूपी पुलिस तो गेट पर लगा मिला ताला, पेट्रोल पंप पर बाप-बेटे ने की थी गुंडई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली के ओखला से AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के घर पर दस्तक दी है। शनिवार (11 मई, 2024) को यूपी पुलिस ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के MLA के बाटला हाउस स्थित आवास पर पहुँची। विधायक अपने बेटे के साथ ही कुछ दिनों से घर से गायब हैं। यूपी पुलिस ने कहा है कि अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी को लेकर दोनों बाप-बेटे के खिलाफ नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज कर रखी है।

नोएडा पुलिस जब अमानतुल्लाह खान के घर पहुँची तो वहाँ ताला लगा हुआ है। ऐसे में पुलिस घर पर नोटिस चस्पा कर लौट गई। आरोप है कि नोएडा के सेक्टर-95 स्थित विधायक का बेटा अनस पेट्रोल पंप पर अपनी कार लेकर पहुँचा था, जहाँ वहाँ उसने लाइन में आगे लगी गाड़ी को आगे बढ़ा कर अपनी गाड़ी में पहले तेल भरने की ज़िद की। सेल्समैन ने नियम का उल्लंघन करने से नकार दिया। इस दौरान अनस और कार में बैठे उसके साथियों ने मारपीट शुरू कर दी।

इसके बाद खुद विधायक अमानतुल्लाह खान वहाँ पहुँचे और उन्होंने पेट्रोल पंप के मैनेजर को धमकाया। दोनों ही घटनाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी क्रम में ACP अरविन्द कुमार के नेतृत्व में 25 पुलिसकर्मियों की टीम अमानतुल्लाह खान के घर पहुँची। कोतवाली फेज वन और कोतवाली सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक ने भी दिल्ली के जामिया मिलिया थाने में उपस्थिति दर्ज कराई। एक एसीपी और 3 थाना प्रभारी 25 सदस्यीय पुलिस दल का नेतृत्व कर रहे थे।

अमानतुल्लाह खान के घर पर नोटिस रिसीव करने के लिए भी कोई नहीं था। इसे चस्पा कर पुलिस वापस लौट आई। नोएडा पुलिस पता लगा रही है कि अमानतुल्लाह खान का किन-किन चुनावी कार्यक्रमों में जाना है। वो तय चुनावी कार्यक्रमों में भी नहीं पहुँच रहे हैं। जाँच के लिए बाप-बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है, फोन पर भी वो अनुपलब्ध हैं। पुलिस ने मारपीट व धमकी के गवाह जुटा लिए हैं, CCTV फुटेज भी खँगाल लिए गए हैं। FIR में धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं, पुलिस की कई टीमें उनकी खोज में लगी हुई हैं।

हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी दिल्ली दंगा आरोपित सलीम मलिक को राहत नहीं, ताहिर हुसैन से फंडिंग लेकर लगाता था ‘हिंसा का लंगर’: ख़ारिज हुई स्पेशल लीव पेटिशन

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (11 मई 2024) को 2020 के हिंदू विरोधी दंगों के मामले में सलीम मलिक उर्फ ​​मुन्ना की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। एसएलपी भारत के संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत उपलब्ध एक उपाय है, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट को किसी भी अदालत या न्यायाधिकरण द्वारा पारित या दिए गए किसी भी मामले में किसी भी फैसले या आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति (अनुमति) देने की विशेष शक्तियाँ प्रदान करता है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल 2024 को सलीम मलिक को जमानत देने से इन्कार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मलिक उन बैठकों में शामिल हुए जहाँ हिंसा और दिल्ली को जलाने के मसलों पर खुलकर चर्चा की गई। अदालत ने रेखांकित किया कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में यह स्वीकार्य नहीं है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने 22 अप्रैल के आदेश में कहा था कि बैठक में वित्तपोषण, हथियारों की व्यवस्था, लोगों की हत्या के लिए पेट्रोल बम की खरीद और संपत्ति की आगजनी और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी को नष्ट करने पर भी चर्चा हुई।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, मौजूदा मामले में रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री है जो स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि अपीलकर्ता सह-साजिशकर्ता था और उसने अपराध किया है। इसके लिए उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। उच्च न्यायालय ने कहा, मामले के गुण-दोष पर अभिव्यक्ति और आरोपों पर फैसला करते समय निचली अदालत किसी भी तरह से ऊपर की गई किसी भी टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगी। मलिक को 25 जून 2020 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में उसने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दाखिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सलीम मलिक को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि “अपीलकर्ता उन प्रदर्शनकारियों में से एक था जिसने वहाँ मौजूद लोगों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाया था और परिणामस्वरूप, सरकारी और गैर-सरकारी पुलिस कर्मियों पर लाठी, डंडों आदि से पथराव और हमला हुआ था। संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया गया।”

आधी रात को हुई एक गुप्त बैठक के दौरान, सलीम मलिक ने कथित तौर पर सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के खिलाफ प्रदर्शन को तेज करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दिल्ली यात्रा के दौरान ट्रैफिक रोकने जैसी प्लानिंग की थी। सलीम खान, सलमान सिद्दीकी, डीएस बिंद्रा और सलीम मलिक विरोध आयोजक थे, जिन्हें रैलियों के प्रबंधन के लिए ताहिर हुसैन से फंडिंग मिलती थी।

बता दें कि सलीम मलिक, उमर खालिद और कई अन्य को फरवरी 2020 में हुए दंगों का “मास्टरमाइंड” नामित किया गया था। इन दंगों में 700 से अधिक लोग घायल हुए थे और 53 लोगों की मौत हुई थी, और उन पर यूएपीए अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आरोप लगाए गए थे।

ये समाचार मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

‘आजकल सेट पर होता है खूब सेक्स’: नसीरुद्दीन शाह की बीवी को सतीश शाह को ज़्यादा पैसे मिलने से थी दिक्कत, बोलीं – घरेलू हिंसा के लिए पुरुषों की ‘कंट्रोल करने की चाहत’ जिम्मेदार

नसीरुद्दीन शाह की पत्नी रत्ना पाठक ने ‘Hauterrfly’ को दिए गए इस इंटरव्यू में घरेलू हिंसा के लिए पुरुषों को जिम्मेदार ठहरा दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी शादी को लेकर भी बात की। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पहले उन्हें कभी सड़कों पर चलने में डर नहीं लगा, रात की फिल्म का शो देख कर वो आराम से घर आते थे। उन्होंने दिल्ली और मुंबई की तुलना करते हुए कहा कि दिल्ली में गलती करने वाले पुरुष उलटा पलट कर बोलते हैं। उन्होंने बताया कि उनके जन्म के समय दादी ने कहा था कि अब तक बेटियाँ ही हुई हैं, पाठक खानदान का नाम कौन चलाएगा।

उन्होंने कहा कि उनके पिता लिबरल थे, व्हिस्की के ग्लास के साथ किचन में कुकिंग करते थे। उन्होंने बताया कि नसीरुद्दीन शाह से शादी को लेकर उनके पिता राज़ी नहीं थे, लेकिन इससे पहले उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उनकी माँ के साथ भी नसीरुद्दीन शाह के साथ अच्छे संबंध नहीं थे, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया। उनका कहना है कि नसीरुद्दीन शाह या उनके परिवार की तरफ से धर्मांतरण के लिए कोई दबाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह रूढ़िवादी माहौल से आते हैं।

बकौल रत्ना पाठक शाह, उन्होंने किताबों से सेक्स एजुकेशन के बारे में पढ़ा, उन्होंने अपनी बेटी (पहली शादी से नसीरुद्दीन शाह की बेटी हिबा) को कभी मेंस्टुरेशन छिपाने के लिए बाध्य नहीं किया। पुरुषों को कमाने वाला का टैग मिलने को लेकर उन्होंने कहा कि मुंबई में कामवाली बाई सबके घरों में काम करती हैं, वो अपना घर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी कई महिलाओं के साथ उनके पति या परिवार द्वारा धोखा किया गया। ‘साराभाई vs साराभाई’ के संबंध में उन्होंने कहा कि सतीश शाह को उनसे ज़्यादा पैसे मिलते थे।

उन्होंने कहा कि वो उस स्थिति में नहीं थीं कि इसे लेकर आवाज़ उठा सकें, लेकिन उन्हें इससे समस्या थी। उन्होंने कहा कि आजकल फिल्मों के सेट पर काफी सेक्स होते हैं, लेकिन वो सहमति के साथ होते हैं तो क्या समस्या है? उन्होंने कहा कि अब लोग सेक्स को लेकर खुले विचार रखते हैं। अभिनेत्री ने इस दौरान घेरलू हिंसा के लिए परितृसत्तात्मक संरचना को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसका कारण ये है कि पुरुष नियंत्रण में रखना चाहते हैं।

योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के नाम पर केजरीवाल ने की राजनीति, गृहमंत्री ने ‘PM मोदी के नेतृत्व’ से दी पटखनी

शराब घोटाले में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा में फूट डालने की कोशिश शुरू कर दी है। शनिवार (11 मई 2024) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटा दिया जाएगा और फिर पीएम मोदी अपनी कुर्सी अमित शाह को दे देंगे।

मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने माइंडगेम खेलने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मैं भाजपा से पूछता हूँ कि आपका अगला पीएम कौन होगा? मोदी जी अगले साल 75 साल के हो रहे हैं। मोदी जी ने साल 2014 में खुद ही नियम बनाए थे कि भाजपा में जो भी 75 साल का होगा, उसे रिटायर कर दिया जाएगा। अब मोदी जी रिटायर होने वाले हैं।”

इतना ही नहीं, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर केजरीवाल ने कहा, इनकी सरकार बनते ही अगले दो महीने में ये योगी जी को निपटाएँगे। इसके बाद अगले साल अपने सबसे खास अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाएँगे।” अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “मोदी जी अपने लिए नहीं, अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट माँग रहे हैं।”

अफवाह उड़ाते हुए केजरीवाल ने कहा, “इन्होंने (पीएम मोदी ने) सबसे पहले आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन की राजनीति खत्म की। शिवराज सिंह चौहान जैसे मुख्यमंत्री की राजनीति खत्म की, जिन्होंने भाजपा को मध्य प्रदेश चुनाव जीतकर दिया। उन्हें सीएम नहीं बनाया। वसुंधरा राजे, खट्टर साहब, रमण सिंह की राजनीति खत्म कर दी। अब अगला नंबर योगी जी का है।”

गृहमंत्री अमित शाह का बयान

अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के संविधान में 75 साल की उम्र वाली कोई बाध्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना टर्म पूरा करेंगे और देश का नेतृत्व करते रहेंगे। अमित शाह ने कहा कि इसको लेकर भाजपा में कोई दुविधा वाली स्थिति नहीं है।

अमित शाह ने कहा, “मैं केजरीवाल एंड कंपनी तथा इंडी गठबंधन से कहना चाहता हूँ कि मोदी 75 साल के हो जाएँ, इससे आपको आनंदित होने की जरूरत नहीं है। ये भारतीय जनता पार्टी के संविधान में कहीं नहीं लिखा है। मोदी जी ही यह टर्म पूरा करेंगे और मोदी जी ही आगे देश का नेतृत्व करते रहेंगे। इसको लेकर पार्टी में कोई कंफ्यूजन नहीं है।”

वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के संविधान में कहीं भी उम्र को लेकर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। जनता जानती है मोदी जी का कण-कण और क्षण-क्षण भारत माता की सेवा के लिए समर्पित है। मोदी जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना साकार हो रही है और अपने अगले 5 वर्षों के कार्यकाल में मोदी जी देश को नये शिखर पर ले जाएँगे।”

10 साल की उम्र में विवाह, 6 बच्चों में एक भी जीवित नहीं बचा… कौन हैं ओडिशा की वो बुजुर्ग महिला जिनके PM मोदी ने छुए पाँव, 1 लाख भक्ति गीतों की कर चुकी हैं रचना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (11 मई, 2024) को ओडिशा के कंधमाल, बलांगिर और बरगढ़ में जनसभाओं को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के क्रम में उन्होंने 1 दिन पहले ही राजधानी भुवनेश्वर में भी रोडशो किया था। कंधमाल में पीएम मोदी ने इस दौरान एक बुजुर्ग महिला का पाँव छू कर उनका आशीर्वाद लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। ओडिशा की उक्त बुजुर्ग महिला का नाम पूर्णमासी जानी है, जिन्हें लोग ताड़िसरू बाई कह कर पुकारते हैं।

पूर्णमासी जानी उर्फ़ ताड़िसरू बाई को 2021 में मोदी सरकार ने ही कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया था। उन्होंने कुई, उड़िया और संस्कृत व अन्य भाषाओं में 1 लाख भक्ति गीतों व अन्य कविताओं की रचना की है। वो 80 वर्ष की हो चली हैं। पूर्णमासी जानी कभी जीवन में स्कूल नहीं गईं, लेकिन उन पर माँ सरस्वती का हमेशा आशीर्वाद रहा। उन्होंने आज तक अपनी किसी कविता या गीत को दोहराया नहीं है।

उनका जन्म कंधमाल के खजुरीपाड़ा प्रखंड के चारिपाड़ा गाँव में हुआ था। मात्र 10 वर्ष की उम्र में उनका बाल-विवाह कर दिया गया था। उनके 6 बच्चे हुए लेकिन उनमें से एक भी जीवित नहीं रह पाया। जीवन में आई इस आपदा के बाद उन्होंने भक्ति व अध्यात्म का रास्ता चुना। वो तपस्या के लिए ताड़िसारू पहाड़ी पर कुछ संतों के साथ जीवन व्यतीत करने लगीं। इसके बाद गाँव लौट कर उन्होंने कविताओं और गीतों के माध्यम से भक्ति व अध्यात्म का सन्देश देना शुरू किया।

इसी कारण सम्मान से लोग उन्हें ‘ताड़िसरू बाई’ कहने लगे। वो सामान्यतः मौन व्रत का पालन करती हैं, फिर ध्यान करती हैं और इसी दौरान वो भक्ति गीत गाती हैं। गाँव वाले उन्हें ईश्वर का अंश मानते हैं। वो साल के पत्तों की सिलाई कर के अपना जीवन-यापन करती हैं। 1990 में उस क्षेत्र में गए कुछ लेखकों का ध्यान उनकी कविताओं के प्रति आकर्षित हुआ। फिर उन्होंने इसे एक दस्तावेज के रूप में समेटने का प्रयास शुरू किया। आज की तारीख़ में उनकी 5000 से अधिक कविताएँ/गीत साहित्यकारों और साहित्यिक सोसाइटियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए हैं।

डॉक्टर सुरेन्द्रनाथ मोहंती ने उनकी जीवनी भी लिखी है। शिक्षक दुर्योधन प्रधान ने उनके गीतों को एक जगह सहेजा। कटक स्थित रेवेनशॉ विश्वविद्यालय के छात्रों समेत कइयों ने उनके जीवन और उनकी रचनाओं पर Ph.D भी कर रखी है। पीएम मोदी ने कंधमाल में मंच से कहा कि पूर्णमासी जानी, जो ‘कबीर’ के रूप में जानी जाती हैं, ओडिशा में जो ग्रामीण भाषा है, जो जनजातीय समाज की भाषा है, उस पर वो कविताएँ बनाती हैं, साहित्य को उन्होंने पचाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने और और शॉल ओढ़ा कर उन्हें सम्मान देने को अपना सौभाग्य बताया। पीएम मोदी ने कहा कि वो उन्हें अपने पाँव नहीं छूने देती थीं, बड़ी मुश्किल से उन्होंने उनके रोकने के बावजूद उनके पैर छुए। पीएम मोदी ने उन्हें मातृशक्ति का साक्षात रूप करार दिया। इस दौरान पीएम मोदी तुला बेहरा से भी मिलें, जिन्होंने भिक्षा माँग कर भगवान जगन्नाथ को 1 लाख रुपए का दान दिया। जब पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि उन्हें कुछ ज़रूरत भी है क्या, तो उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद चाहिए।

‘साड़ियाँ बाँट के अपराध नहीं ढँक सकती ममता बनर्जी… बशीरहाट के हर ब्लॉक में संदेशखाली जैसी स्थिति’ – बीजेपी प्रत्याशी रेखा पात्रा ने खोली TMC की पोल

लोकसभा चुनाव 2024 में सबकी नजरें पश्चिम बंगाल पर हैं। तमाम हाई प्रोफाइल सीटों के अलावा जिस सीट पर सभी की नजरे हैं, वो सीट है बशीरहाट लोकसभा सीट। उत्तरी 24 परगना जिले में आने वाली बशीरहाट की एक विधानसभा सीट है संदेशखाली, जहाँ से महिलाओं, किसानों पर टीएमसी के नेताओं और पार्टी के गुंडों के अत्याचार की खबरें सामने आई। महिलाओं के उत्पीड़न से लेकर जमीनों पर जबरन कब्जे की घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान खींचा। कोलकाता हाई कोर्ट ने तो यहाँ तक टिप्पणी की, कि जैसी बातें संदेशखाली से निकलकर सामने आ रही हैं, उसमें 1% भी सच्चाई हुई, तो ये मानवता पर कलंक होगा। टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ और उसका पूरा आपराधिक साम्राज्य संदेशखाली के इर्दगिर्द फैला हुआ था। महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन की कमान संभाली, तब जाकर शेख शाहजहाँ और उसकी गैंग की हैवानियत सामने आ पाई। अब उसी संदेशखाली की पीड़ित रेखा पात्रा को बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 में अपना उम्मीदवार बनाया है।

रेखा पात्रा अपनी सास और तीन बेटियों के साथ आम जिंदगी जी रही थी, कि शेख शाहजहाँ और उसके गैंग ने पूरे संदेशखाली में आतंक मचा दिया था। रेखा पात्रा भी आम महिलाओं की तरह इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई और देखते ही देखते महिलाओं पर हो रहे अपराधों के खिलाफ आंदोलन का एक चेहरा बन गई। महज पाँचवीं तक पढ़ी लिखी रेखा पात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शक्ति स्वरूपा’ बताया। बीजेपी ने जब से उन्हें कैंडिडेट घोषित किया है, वो ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी के लिए दु:स्वप्न की तरह हो गई हैं। कोर्ट से लेकर राजनीति के मैदान तक वो ममता बनर्जी को चुनौती दे रही हैं। रेखा पात्रा ने ठान लिया है कि वो महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को अंजाम तक पहुँचा कर रहेंगी।

दैनिक जागरण से बातचीत में रेखा पात्रा कहती हैं कि वो खुद को नेता नहीं मानती, क्योंकि वो तमाम पीड़ितों में एक पीड़ित हैं और उन्हीं पीड़ितों की आवाज हैं। उनका कहना है कि अत्याचार का विरोध करते समय किसी ने हमारा साथ नहीं दिया, सिवाय बीजेपी के… इसलिए जब उन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया, तो मैंने भी बशीरहाट की भलाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मैदान में उतरने का फैसला कर लिया। रेखा पात्रा कहती हैं कि मैं गाँव की साधारण महिला हूँ। मुझे राजनीति की जानकारी नहीं है। मैं सिर्फ संदेशखाली की माँ-बहनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से राजनीति में आई हूँ। मैंने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनीति करूँगी।

पीएम नरेंद्र मोदी के बारे में पूछने पर रेखा पात्रा ने उन्हें पिता-तुल्य बताया है। उन्होंने कहा कि बशीरहाट के लोगों ने कभी सोचा नहीं था कि प्रधानमंत्री मेरी जैसी गरीब परिवार की लड़की को प्रत्याशी बनाएंगे। उन्होंने मुझे फोन करके मेरा मनोबल भी बढ़ाया। मैं यह सीट जीतकर उन्हें उपहार में देना चाहती हूँ।

ये पूछने पर कि बीजेपी ने ही उन्हें कैंडिडेट क्यों बनाया, इस सवाल के जवाब में रेखा पात्रा ने कहा, “संदेशखाली कांड के सामने आने के बाद भाजपा छोड़कर कोई पार्टी हमारे साथ आकर खड़ी नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमारे पास आए और सिर पर हाथ रखा। उन्होंने मुझे प्रत्याशी बनाकर नई राह दिखाई है। वे हमारे लिए अभिभावक की तरह हैं। हम सभी उनके कृतज्ञ हैं।” रेखा पात्रा ने कहा कि शाहजहाँ शेख ने जिन लोगों पर अत्याचार किए हैं, सभी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा, “मैं हारूँ या जीतूँ, अपने लोगों के साथ संदेशखाली में ही रहना चाहती हूँ। मैं उन्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगी। हम संदेशखाली से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। माँ-बहनों के सम्मान की रक्षा के लिए मैं आखिरी साँस तक लड़ती रहूँगी।

संदेशखाली में अत्याचार जारी

रेखा पत्रा ने अपील की है कि सीबीआई संदेशखाली के पीड़ितों को न्याय दे और हर गुनाहगार को गिरफ्तार करे, क्योंकि अभी भी बहुत से गुनाहगार खुले घूम रहे हैं और पीड़ितों को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने कहा मुझे खबर मिली है कि घरों से महिलाओं को उठाकर थाने ले जाकर पुलिस अधिकारियों के पैरों में गिरवाकर माफी मँगवाई जा रही है। ऐसा होने पर बशीरहाट के लोग भयमुक्त होकर मतदान नहीं कर पाएंगे। मैं संदेशखाली के लोगों से कहूंगी कि वे डरें नहीं। हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। जरूरत पड़ने पर संदेशखाली की महिलाएँ मतदान के दिन फिर हाथों में झाडू़ व लाठियाँ लेकर सड़कों पर उतरेंगी। बशीरहाट का प्रत्येक मतदाता शांतिपूर्ण माहौल में बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

साड़ियों से नहीं ढंकते अपराध

रेखा पात्रा ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। रेखा पात्रा ने कहा, “मुख्यमंत्री खुद गुंडों को प्रश्रय दे रही हैं। बशीरहाट के ब्लॉक-ब्लॉक में संदेशखाली जैसी स्थिति है। वहाँ के लोग डर के मारे मुँह नहीं खोल रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी चुनाव देखकर अभी संदेशखाली की महिलाओं में साड़ियाँ बाँट रही हैं। संदेशखाली की महिलाएँ सम्मान खोने का दर्द समझती हैं। वे इन साड़ियाँ को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। लेंगी भी तो जला देंगी। साड़ियों से अपराध को ढँका नहीं जा सकता।”

संदेशखाली कांड सामने आने के बाद ममता सरकार ने बंदी की योजनाएँ

बशीरहाट लोकसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट रेखा पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी खुद को बंगाल की बेटी कहती हैं। अगर वाकई ऐसा होता तो वे तृणमूल के गुंडों के हाथों बंगाल की महिलाओं का सम्मान नष्ट नहीं करवातीं। वह अच्छा बनने का ढोंग करती हैं। लक्ष्मी भंडार के माध्यम से 1000-1200 रुपये देकर महिलाओं का सम्मान खरीदने की कोशिश की जा रही है। पैसे देकर महिलाओं का लूटा गया सम्मान वापस नहीं किया जा सकता। वास्तविकता यह है कि संदेशखाली की घटना सामने आने के बाद वहाँ की महिलाओं को लक्ष्मी भंडार, विधवा व वृद्धावस्था भत्ता देना बंद कर दिया गया है।

कागज दिखा कर इस्तीफा माँगने वाले अरविंद केजरीवाल ने गिनाए CM पद नहीं छोड़ने के कारण: रंगा सियार कौन?

शराब घोटाले में अंतरिम जमानत पर बाहर आए आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्ग्रेस करके बताया कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद क्यों नहीं छोड़ा। केजरीवाल ने कहा कि वे 50 दिन बाद जेल से लौटे हैं, क्योंकि उन पर बजरंग बली की कृपा है। बजरंग बली ने उन्हें दिल्ली और देश की राजनीति में परिवर्तन लाने के लिए भेजा है। वे तानाशाही से लड़ रहे हैं।

सीएम केजरीवाल ने कहा, “कई लोगों का सवाल है कि आखिर केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया? सबसे ज्यादा बीजेपी वाले यह सवाल उठा रहे थे। आज मैं आपको इसके पीछे की सच्चाई बताता हूँ।” उन्होंने कहा कि बीते 75 साल में भारत में कितने ही राज्यों में चुनाव हुए, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि दिल्ली जितनी ऐतिहासिक जीत किसी पार्टी को मिली हो।

राजनीतिक नाटक रचने हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली में ऐतिहासिक अंतर से AAP की सरकार की बनी। इतनी भारी बहुमत से जीतने के बाद वह (भाजपा वाले) जानते थे कि केजरीवाल यहाँ से अगले 20 साल तक चुनाव नहीं हार सकता। इसलिए उन्होंने साजिश रची कि झूठे केस में उन्हें फँसा दो। वह खुद जेल चला जाएगा और उसे इस्तीफा देना पड़ेगा। उसके बाद उसकी सरकार चली जाएगी।”

केजरीवाल ने आगे कहा, “मैंने ठान लिया था कि मैं जनतंत्र जेल से चलाकर दिखाऊँगा। सरकार जेल से चलाकर दिखाऊँगा। इसलिए आज अगर मैं जेल से इस्तीफा नहीं दे रहा हूँ तो इसका एक कारण है कि मैं तानाशाह से लड़ रहा हूँ। अगर कल इनकी सरकार बनी तो ये अन्य राज्यों के सीएम को झूठे केस में फँसाकर जेल में डाल देंगे और उनकी सरकार गिरा देंगे। मैं इनकी यह मंशा पूरी नहीं होने दूँगा।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूरे तन-मन-धन से तानाशाह के खिलाफ लड़ रहे हैं। ये लड़ाई सिर्फ उनके लड़ने से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसलिए वे लोगों से साथ देने की भीख माँगने बाहर आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने नहीं आया हूँ। मैं इनकम टैक्स कमिश्नर की नौकरी करता था। ये नौकरी छोड़कर मैंने एक-दो साल नहीं, 10 सालों तक दिल्ली झुग्गियों में काम किया है।”

सीएम केजरीवाल ने आगे कहा, “मुझे पद का लालच नहीं हैं। जब पहली बार सीएम बना तो मैंने 49 दिन में खुद पद छोड़ दिया था। ऐसे सीएम का पद हजार बार कुर्बान। लेकिन, आज मैं इसलिए सीएम पद से इस्तीफा नहीं दे रहा, क्योंकि मुझे राजनीतिक षडयंत्र रचकर जेल भेजा गया। मेरी लड़ाई तानाशाही के खिलाफ है। मेरे जेल जाने से लोग बहुत भावुक हुए हैं। मैं सभी का आभार जताता हूँ।”

पश्चिम बंगाल में BJP नेता के घर में ब्लास्ट, प्लांट किए गए थे 6 बम: मीडिया रिपोर्ट में जली हुई बाइकें, बोले पीड़ित – मेरी कार भी फूँक दी

लोकसभा चुनाव 2024 के 3 चरण के चुनाव बीत चुके हैं। 4 चरणों के चुनाव बाकी हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में भाजपा के एक नेता के घर में बम ब्लास्ट की खबर है। उक्त नेता पार्टी के पंचायत प्रधान के पद पर हैं। जहाँ ब्लास्ट हुआ, वहाँ पर 6 बम प्लांट किए गए थे। इनमें से 2 बम फ़टे। शुक्रवार (10 मई, 2024) आधी रात के समय पुलिस ने 4 सक्रिय बम बरामद करने और उन्हें निष्क्रिय करने में सफलता पाई है।

घटना खेजुरी 2 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गाँव हालूदबारी की है। भाजपा के पंचायत प्रधान निताई मंडल ले घर में एक मोटर बाइक रखी हुई थी, जिसके इस बम ब्लास्ट में परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलने के बाद आधी रात के समय ही खेजुरी पुलिस थाने की एक टीम मौके पर पहुँची। बम ब्लास्ट के आसपास वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई। पुलिस ने CCTV फुटेज का विश्लेषण करते हुए जाँच शुरू कर दी है। ये किसने किया है, इस संबंध में कुछ सामने नहीं आया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि 4 गोलाकार बम पुलिस ने जब्त कर के रखा हुआ है। भाजपा नेता ने बताया कि रात के पौने 1 बजे के करीब उन्हें छत पर से कुछ आवाज़ सुनाई दी। उस दौरान वो लोग जगे हुए थे, उनलोगों ने कुछ लोगों की आवाज़ें भी सुनीं। भाजपा नेता ने ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ को बताया कि जब वो बाहर नहीं गए, किसी ने उनकी बाइक और कार में आग लगा दी थी। बकौल निताई मंडल, इसके बाद उन्होंने अपनी माँ को फोन किया जो उनके लिए खासी चिंतित थीं।

भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें नहीं पता ये किसने किया है, लेकिन वो नाम गेस कर सकते हैं। उनका कहना है कि वो लोग उनके पिता को भी जानते हैं। उन्होंने बताया कि बाहरी लोगों को उनके घर के बारे में उतनी जानकारी नहीं है, वहाँ कैमरे भी लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वो अधिकतर अध्ययन में व्यस्त रहते हैं और राजनीति में उतने सक्रिय नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में चौथे चरण में बहरामपुर, कृष्णानगर, राणाघाट, बर्धमान पूर्व, बर्धमान-दुर्गापुर और आसनसोल के अलावा बीरभूम और बोलपुर में मतदान होगा।

‘छोटा हाथी’ में था ₹7 करोड़, एक्सीडेंट से खुला राज… सड़कों पर बिखर गईं गड्डियाँ: आंध्र पुलिस ने किया जब्त, 13 मई को है मतदान

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में शनिवार (11 मई 2024) को भारी मात्रा में नकदी बरामद हुआ है। ये नकदी ‘छोटा हाथी’ कहे जाने वाली एक गाड़ी में गत्ते की पेटियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान एक लॉरी ने इस गाड़ी को टक्कर मार दी और यह गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटते ही सारा कैश सड़कों पर बिखर गया। इसके बाद पुलिस ने आकर इसे जब्त कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पूर्वी गोदावरी जिले के नल्लाजर्ला मंडल के अनंतपल्ली में एक छोटा हाथी में करोड़ों रुपए के नोट ले जाया जा रहा था। इन्हें गत्ते की सात पेटियों में रखकर बोरे में रखा गया था। गाड़ी विजयवाड़ा से विशाखापट्टनम की ओर जा रही थी। इसी दौरान गाड़ी पलट एक टक्कर में पलट गई और सारा भेद खुल गया। जब्त नकदी 7 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

इस दुर्घटना में छोटा हाथी के ड्राइवर को भी चोटें आई हैं और उसे गोपालपुरम के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले शुक्रवार (9 मई) को भी आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में चेकिंग के दौरान पाइप से लदे एक ट्रक से पुलिस ने करीब 8 करोड़ रुपए जब्त किए थे। पुलिस ने ट्रक और पैसों को जब्त करने के साथ-साथ उसमें सवार दो लोगों को भी हिरासत में ले लिया है।

बताते चलें कि आंध्र प्रदेश की सभी 25 सीटों पर 13 मई को होने वाले चौथे चरण में मतदान होने हैं। इनमें अराकू, श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकिनाड़ा, अमलापुरम, राजमुंदरी, नरसापुरम, एलुरु, मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, नरसारावपेट, बापटला, ओंगोल, नांदयाल, कर्नूलु, अनंतपुर, हिंदूपुर, कडपा, नेल्लोर, तिरुपति (आरक्षित), राजमपेट और चित्तूर की सीटें शामिल हैं।