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‘मुंबई हमले में IPS हेमंत करकरे को RSS वाले पुलिस ने मारी गोली… किसी कसाब या आतंकी ने नहीं’ – कॉन्ग्रेस नेता फिर से ‘भगवा आतंक’ की गोद में

लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं कॉन्ग्रेस सदस्य विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि मुंबई हमलों के दौरान IPS अधिकारी हेमंत करकरे की मौत जिस गोली से हुई थी, वह ‘RSS को समर्पित’ एक पुलिस अधिकारी के हथियार से चली थी, न कि अजमल कसाब या अन्य आतंकियों के गन से।

विजय ने कहा कि साल 2008 में हुए 26/11 को मुंबई में हमला करने वाले अजमल कसाब या अन्य 9 पाकिस्तानी आतंकवादियों की बंदूक से निकली गोली से हेमंत करकरे की मौत नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उस समय विशेष सरकारी वकील रहे मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार उज्ज्वल ने तथ्यों को छिपाया। उन्होंने कहा कि निकम ‘देशद्रोही हैं।

एक वीडियो वाले बयान में वडेट्टीवार ने आरोप लगाया, “जाँच के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। हालाँकि, इसे उज्ज्वल निकम ने दबा दिया था, जो एक देशद्रोही है। मेरा सवाल यह है कि भाजपा एक देशद्रोही को क्यों बचा रही है और ऐसे व्यक्ति को लोकसभा चुनाव में टिकट क्यों दिया? ऐसा करके, भाजपा देशद्रोहियों को बचा रही है।”

वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 26/11 के शहीदों और मुंबई पुलिस पर कॉन्ग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की टिप्पणी की निंदा की है। इसके साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं भाजपा उम्मीदवार उज्ज्वल निकम ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ‘कसाब के पक्ष में है’।

उज्ज्वल निकम ने कहा, “यह बेबुनियाद बयान है। मैं ऐसे बेबुनियाद आरोपों से दुखी हूँ, जो मेरी ईमानदारी पर संदेह पैदा करते हैं। यह चुनावी राजनीति के स्तर को साफ दर्शाता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीतिक लाभ के लिए राजनेता इतने निचले स्तर पर गिर जाएँगे। वह (वडेट्टीवार) मेरा नहीं, बल्कि 26/11 के हमलों में मारे गए 166 लोगों और सभी घायलों का अपमान कर रहे हैं।”

निकम ने आगे कहा, “वे (कॉन्ग्रेस) कसाब को निर्दोष मानते हैं। यहाँ तक कि पाकिस्तान ने भी स्वीकार किया था कि कसाब साजिश और आतंकी हमले में शामिल था।” उन्होंने कहा कि कसाब को सजा दिलाने के लिए उन्होंने जो कानूनी कदम उठाए हैं, उन्हें देशवासी अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि वह ‘गलत सूचना’ को और अधिक प्रतिक्रिया देकर बढ़ावा नहीं देना चाहते।

बता दें कि 26/11 हमलों का मुख्य आरोपित अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। बाद में कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए फाँसी की सजा सुनाई थी। आखिरकार अजमल को फाँसी दे दी गई थी। इस मामले की पैरवी भारत सरकार की ओर से उज्ज्वल निकम ने की थी। उस समय वे हर समय कैमरे पर आते थे और उन्हें घर-घर तक में पहचाना जाने लगा था।

उत्तरी महाराष्ट्र के जलगाँव में जन्मे निकम 1979 में वकालत शुरू की। साल 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने पर उन्हें पहली बार प्रसिद्धि मिली। इस मामले में एक दशक से ज्यादा समय बाद फैसला आया, जिसमें से 100 आरोपियों को दोषी ठहराया गया जबकि 23 अन्य को बरी कर दिया गया था।

नूपुर शर्मा, टी राजा सिंह, सुरेश चव्हाणके समेत 4 की गर्दन काट दो: मौलवी अबू बकर को मिला पाकिस्तान-नेपाल से हुक्म, पैगंबर के अपमान की पिलाई घुट्टी

गुजरात पुलिस ने शनिवार (4 मई 2024) को सूरत से एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। मौलवी का नाम सोहेल अबू बकर तिमोल है। 27 वर्षीय मौलवी पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा, हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके और सोशल मीडिया पर सक्रिय उपदेश राणा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मौलवी इन सभी को ‘गुस्ताख़’ मानता था। इन साजिशों को अंजाम देने के लिए सोहेल नेपाल और पाकिस्तान में बैठे आकाओं के सम्पर्क में था। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए वह विदेशी सिम भी प्रयोग कर रहा था। फिलहाल उससे पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है।

गुजरात पुलिस के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 के तहत पुलिस टीमें पूरी तरह से सतर्क थीं। इसी बीच सूरत की क्राइम ब्रांच ने एक मौलवी की संदिग्ध हरकतों पर नजर गड़ाई। मौलवी का नाम मोहम्मद सोहेल है, जिसे कुछ लोग अबू बकर तीमोल भी कहते हैं। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के नंदुरबार का रहने वाला है। फिलहाल वह सूरत के एक मदरसे में हाफ़िज़ है और करजा-अम्बोली गाँव में मुस्लिम छात्रों को ट्यूशन के माध्यम से मज़हबी तालीम देता है। इन सभी के अलावा अबू बकर सूरत के डायमंड नगर की एक धागा फैक्ट्री में मैनेजर के तौर पर भी ड्यूटी करता है।

पुलिस ने मौलवी की जाँच की तो पाया कि वह पिछले डेढ़ साल से पाकिस्तान और नेपाल के हैंडलरों के सम्पर्क में था। नेपाल के हैंडलर का नाम शहजाद बताया जा रहा है। इन सभी से बात करने के लिए मौलवी अबू बकर लाओस देश के एक नंबर का इस्तेमाल करता था। बातचीत के लिए वह व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया हैंडलों का प्रयोग करता था।

आरोप है कि दोनों विदेशी आकाओं ने मौलवी को भारत में हिन्दू संगठनों द्वारा इस्लाम के पैगंबर के अपमान की पट्टी पढ़ाई। मौलवी को उसके आकाओं ने फरमान सुनाया कि वह नबी की शान में गुस्ताखी कर रहे लोगों को ‘सीधा करे’। यहाँ सीधा करने के कोड का अर्थ ‘हत्या करना’ माना जा रहा है।

व्हाट्सएप ग्रुप में इंडोनेशिया से कजाकिस्तान के मेंबर

टारगेट के तौर पर विदेशी आकाओं ने मौलवी अबू बकर को सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके, भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा, सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपदेश राणा और हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह के नाम गिनाए। इन लोगों की हत्या कमलेश तिवारी की तरह गर्दन काट कर करने को कहा गया था। इन हत्याओं की एवज में मौलवी को 1 करोड़ रुपए देने का वादा भी किया गया था। बताया यह भी जा रहा है कि विदेशी आकाओं के कहने पर मौलवी ने अपना एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और उसमें अपनी सोच के लोगों को एड किया।

इस ग्रुप में मौलवी ने हिन्दू धर्म के खिलाफ अभद्र बातें लिखीं और उपदेश राणा की फोटो शेयर करके उनका काम तमाम करने की अपील की। अबू बकर पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज के चित्रों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। वह 6 दिसंबर को काला दिवस कहता था। अपने ग्रुप में वह हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरें को आपत्तिजनक तरीके से एडिट करके शेयर कर रहा था। माना यह भी जा रहा है कि उसका सम्पर्क पाकिस्तान और नेपाल के अलावा वियतनाम, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान आदि के नंबरों से भी सामने आया है।

मौलवी अबू बकर विदेशी हैंडलरों के माध्यम से हथियार मँगवाने की भी फिराक में था। हालाँकि आरोपित अपनी साजिश को अंजाम दे पाता, उससे पहले वह सूरत क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। अबू बकर के खिलाफ सूरत के डी.सी.बी. पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 153(ए), 467, 468, 471, 120(बी) के साथ आईटी एक्ट की धारा धारा 66(डी), 67, 67(ए) के तहत कार्रवाई की गई है। सूरत क्राइम ब्राँच मामले की जाँच कर रही है। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ में अबू बकर कुछ और खुलासे कर सकता है।

ओवैसी का फॉलोवर, सलमान का फैन और हमास का प्रेमी

ऑपइंडिया ने मौलवी अबू बकर और उसके हैंडलरों की पड़ताल की। गिरफ्तार मौलवी ने अपने व्हाट्सएप पर हमास के आतंकियों की प्रोफ़ाइल फोटो लगा रखी है। इन तस्वीरों में कई नकाबपोश आतंकी घातक हथियारों के आगे खड़े होकर सजदा कर रहे हैं। टूटी-फूटी अंग्रेजी में मौलवी अबू बकर ने अपने ट्रू कॉलर पर परिचय के तौर पर ओवैसी का फॉलोवर लिख रखा है।

मौलवी की ट्रू कॉलर और व्हाट्सएप प्रोफ़ाइल फोटो

वहीं नेपाल में बैठा मौलवी का हैंडलर शहजाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का फैन है। उसने अपने व्हाट्सएप DP पर सलमान खान और ऐश्वर्या राय की प्रोफ़ाइल लगा रखी है।

मौलवी के नेपाली आका के व्हाट्सएप का प्रोफ़ाइल फोटो

साजिश रचने में ऐप का इस्तेमाल

मौलवी द्वारा ऑपरेट किए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप की पड़ताल में भी पुलिस जुटी है। सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि 27 वर्षीय मौलवी को सूरत के चौक बाजार इलाके से पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि मौलवी का मोबाइल चेक करके प्रथम दृष्टया ही पता चल गया था कि वह चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित है।

सूरत में ही रहने वाले उपदेश राणा को पिछले महीने मिली जान से मारने की धमकी में भी मौलवी अबू बकर का ही हाथ बताया जा रहा है। आरोपित कुछ ऐसे ऐप भी प्रयोग कर रहे थे, जिनको आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है। ये सभी अपने टारगेट की तस्वीरें और वीडियो अपने ग्रुप में डालते थे और उसकी हत्या की सामूहिक साजिश रचने में जुट जाते थे।

‘कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्री को किया अरेस्ट’ – BBC की फर्जी रिपोर्टिंग: मकसद है लोकसभा चुनाव को बदनाम करना, गुजरात दंगों पर भी बना चुका है फर्जी डॉक्युमेंट्री

देश में लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया जारी है। दुनिया के सबसे लोकतांत्रिक देश भारत में सात चरणों में होने वाले मतदान में दो चरणों की वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुकी है। हालाँकि, भारत विरोधी विश्व की मीडिया एक तरफा रिपोर्ट और फर्जी तथ्यों के साथ खबरें प्रकाशित कर भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। इनमें से एक प्रमुख नाम BBC भी है।

BBC यानी ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन। इंग्लैंड का यह मीडिया संस्थान भारत विरोधी व्यवहार के लिए कुख्यात है। कभी ओपिनियन के नाम पर एक तरफा खबरें प्रकाशित करता है तो कभी फर्जी तथ्यों के आधार पर लोगों को गुमराह और भारत को बदनाम करने की कोशिश करता रहता है। BBC भारत विरोधी ही नहीं, हिंदू विरोधी और सनातन संस्कृति विरोधी भी है। इसके कई प्रमाण सामने आ चुके हैं।

इतना ही नहीं, दुनिया भर में होने वाले चुनावों को भी कई प्रचार दुष्प्रचार से प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। इसमें BBC जैसे मीडिया संस्थान वैश्विक स्तर पर नैरेटिव गढ़ने का काम करते हैं। कई बार कुछ देशों द्वारा वैश्विक मीडिया संस्थानों को वित्तीय सहायता देकर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। इसमें चीन का नाम प्रमुख है। दूसरे देशों के चुनावों में हस्तक्षेप करना चीन की पुरानी आदत है।

दरअसल, BBC ने भारत के संदर्भ में एक खबर प्रकाशित की है, जो तथ्यों के साथ छेड़खानी के गंभीर प्रयास की ओर इशारा है। अक्सर BBC अपने आपको स्वतंत्र, निष्पक्ष और सबसे विश्वसनीय समाचारों के स्रोत के रूप में देिखाने का प्रयास करता है, लेकिन उसकी आड़ में तथ्यों के साथ-साथ छेड़छाड़ तो करता ही है, पूरी व्यवस्था को भी प्रभावित करने की कोशिश करता है।

बता दें कि 27 अप्रैल 2024 को सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक फेक वीडियो वायरल हुआ था। इसे तेलंगाना कॉन्ग्रेस के X हैंडल के साथ-साथ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी शेयर किया था। इस फर्जी वीडियो में अमित शाह SC-ST और OBC के आरक्षण को खत्म करने की बात करते दिख रहे हैं। इस मामले में तेलंगाना कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया संयोजक अरुण रेड्डी को गिरफ्तार किया गया है।

इस खबर को BBC ने ना सिर्फ तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करके छापा, बल्कि इस मामले को अलग मोड़ देने की कोशिश की। BBC के लिए इस खबर को ‘विक्की वॉन्ग’ ने लिखा है। विक्की वॉन्ग ने इस खबर के एक पैराग्राफ में लिखा है, “छेड़छाड़ किए गए वीडियो में श्री शाह को दक्षिणी राज्य तेलंगाना में मुसलमानों के लिए मदद बंद करने का वादा करते हुए एक भाषण देते हुए दिखाया गया है, जहाँ अरुण रेड्डी मुख्यमंत्री हैं।”

दरअसल, जिस अरुण रेड्डी को बीबीसी ने तेलंगाना का मुख्यमंत्री बताया है, वह तेलंगाना कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया संयोजक हैं। वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैं। हालाँकि, बीबीसी के इस खबर को देखकर ऐसा लगता है कि इसे बिना किसी पर्याप्त रिसर्च के ही लिख दिया गया है। बीबीसी खुद को दुनिया के सबसे विश्वसनीय मीडिया संस्थानों में से एक कहता है, लेकिन हकीकत बहुत अलग है।

जब लोगों ने इस बात के लिए बीबीसी की खिंचाई की तो उसने अपने खबर में संशोधन किया और उस पूरे पैरा को ही हटा दिया। हालाँकि, संशोधन होने के बावजूद, शुरुआत में जितना डैमेज होना था, वह हो चुका। उस खबर को संशोधित करने का अब उतना कुछ प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखेगा।

फर्जी वीडियो फैलाने के लिए गिरफ्तार किए गए तेलंगाना कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया संयोजक अरुण रेड्डी को मुख्यमंत्री के रूप में बताना, यह और बड़ी साजिश है। दरअसल, BBC यह दिखाने का पूरा प्रयास किया कि भारत में जो चुनाव अभी हो रहा है, वह निष्पक्ष नहीं हो रहा है और उसे सत्ता पक्ष यानी भाजपा प्रभावित कर रहे हैं।

अपने एक खबर में बीबीसी ने लिखा है, ‘श्री शाह को अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भारत का ‘दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति’ कहा जाता है और उन्हें भाजपा के उदय के मास्टरमाइंड के रूप में देखा जाता है’। इसमें बीबीसी ने यह भी दिखाने की कोशिश की कि अमित शाह का फर्जी वीडियो को शेयर करने के कारण विपक्ष के एक मुख्यमंत्री तक को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस तरफ बीबीसी बेहद शातिर तरीके से दुनिया में यह दुष्प्रचार करता दिखा कि भारत भले ही खुद को दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कहे, लेकिन भाजपा के शासन में वहाँ चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे हैं। बीबीसी यह दिखाने की कोशिश की कि किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा विपक्ष का दमन कर रही है।

अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, जब बीबीसी ने गुजरात में साल 2002 में हुए दंगों को लेकर एक पूरी डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। यह डॉक्यूमेंट्री भी उसी दुष्प्रचार का हिस्सा था, जिससे सत्ताधारी भाजपा और हिंदुओं को बदनाम किया जा सके। उस डॉक्युमेंट्री में भाजपा और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खलनायक के रूप में पेश करने की कोशिश की गई है। बीबीसी ने यह सब तब किया, जब न्यायालय में मामला पूरी तरह साफ हो चुका है। लेकिन, बीबीसी को तो दुष्प्रचार करना है।

हिंदू नेता की हत्या की साजिश में मौलवी अबु बक्र गिरफ्तार, विदेशी नंबर का कर रहा था इस्तेमाल: ‘हिंदू संगठन उड़ाते हैं नबी का मजाक, सही करने की जरूरत’

गुजरात के सूरत में शनिवार (04 मई 2024) को एक मौलवी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए मौलवी का नाम सोहेल अबु बक्र तिमोल है। गुजरात की सूरत पुलिस ने उसे काफी लंबे समय तक नजर रखने के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस की गिरफ्त में आए सोहेल अबु बक्र तिमोल पर एक हिंदू नेता की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। साथ ही उस पर सुदर्शन टेलीविजन चैनल के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके के साथ-साथ भाजपा के तेलंगाना विधायक राजा सिंह और भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को धमकी देने का भी आरोप है।

सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान मौलवी सोहेल अबुबक्र तिमोल (27) के रूप में बताई है जो एक धागा फैक्ट्री में मैनेजर के रूप में काम करता था। सोहेल अबु बक्र तिमोल अपने पाकिस्तानी और नेपाली हैंडलर के संपर्क में था और खुद विदेशी नंबर इस्तेमाल कर रहा था।

पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि धागा फैक्ट्री में काम करने के साथ सोहेल अबु बक्र तिमोल बच्चों को इस्लामी शिक्षा भी देता था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि वह पाकिस्तान और नेपाल के लोगों के साथ मिलकर हिंदू सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपदेश राणा को मारने के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी देने और पाकिस्तान से हथियार खरीदने की साजिश रच रहा था।

पुलिस ने बताया है कि सोहेल को हिरासत में लेने के बाद उसके मोबाइल फोन में कई आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिसमें उपदेश राणा की हत्या के लिए एक करोड़ रुपये की पेशकश भी शामिल थी। इसके लिए वह पाकिस्तान और नेपाल के व्यक्तियों के साथ लगातार संपर्क में था। तिमोल को इस साल मार्च में राणा को धमकी देने में भी शामिल पाया गया था। उसके फोन नंबर पर मिली तस्वीरें और अन्य विवरण से पता चलता है कि ये लोग कट्टरपंथी हैं और हिंदू नेताओं की हत्या के बारे में बात करते थे। उन्होंने हिंदू समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या पर भी चर्चा की थी, जिनकी 18 अक्टूबर 2019 को लखनऊ में हत्या कर दी गई थी। चैट रिकॉर्ड से पता चला है कि तिमोल आम चुनावों के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए राणा को जल्द ही मारना चाहता था।

क्राइम ब्रांच की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि डोगर और शहनाज नाम के दो व्यक्तियों ने उससे संपर्क किया था, जिनके पास क्रमशः पाकिस्तान और नेपाल के फोन नंबर थे। करीब डेढ़ साल पहले दोनों व्यक्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान और नेपाल के फोन नंबरों पर आरोपियों से संपर्क किया। उन्होंने यह दावा करके आरोपियों को उकसाया कि भारत में हिंदू संगठनों द्वारा नबी का मजाक उड़ाया गया है और इसे सही करने की जरूरत है।

पुलिस के अनुसार तिमोल को अपनी पहचान गुप्त रखने के लिए लाओस से एक अंतरराष्ट्रीय सिम नंबर मिला और उसने सोशल मीडिया पर एक बिजनेस नंबर सक्रिय कर दिया, जिसका इस्तेमाल वह राणा को धमकी देने के लिए करता था। पुलिस ने कहा कि चैट ऐप पर उसने हिंदू धर्म के खिलाफ भाषण लिखे और राणा को धमकी दी कि उसकी भी हत्या कमलेश तिवारी की तरह कर दी जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसने गलत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाया और विदेशी आकाओं से हथियार मंगवाए। गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान, वियतनाम, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, लाओस जैसे विभिन्न देशों के कोड वाले व्हाट्सएप नंबर धारकों के संपर्क में था।

‘गौकशी के बारे में कोई सोचेगा, तो उसके लिए जहन्नुम के द्वार पहले खुल जाएँगे, गौहत्या बाद में करेगा’: आँवला में दहाड़े यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदायूँ के बीजेपी प्रत्याशी दुर्विजय शाक्य के समर्थन में बबराला और आँवला के बीजेपी उम्मीदवार धर्मेंद्र कश्यप के समर्थन में फरीदपुर में चुनावी जनसभाएँ कीं। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कॉन्ग्रेस और सपा गोकशी की छूट देना चाहते हैं। कॉन्ग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि वह सत्ता में आने पर अल्पसंख्यकों को खाने-पीने की स्वतंत्रता देगी। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की ओर से किए गए इस वादे से गोकशी की घटनाएँ बढ़ेंगी लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।

जनसभा को संबोधित करते हुए शनिवार (04 मई 2024) को योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आप मुझे बता, ये कॉन्ग्रेस और सपा-बसपा वालों को क्या गौमाता को काटने की छूट देंगे क्या? अरे पाप करने के लिए हम नहीं बैठे हैं। अगर कोई पाप करने में भागीदार बनता है, तो हम उसके साथ भागीदार नहीं बनेंगे, बल्कि गौमाता की रक्षा करने के लिए अपनी भी जान देंगे, लेकिन गौमाता का बाल भी बाँका नहीं करने देंगे। अरे उत्तर प्रदेश में हम लोग गौकशी करने के बारे में तो दूर, कोई उसके बारे में सोचेगा भी न, तो उसके लिए जहन्नुम के द्वार पहले खुल जाएँगे। गौहत्या बाद में करेगा वो।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के महाराजा दिलीप ने गोमाता को शेर के मुँह से छुड़ाया था और बाद में उन्हीं के कुल में भगवान राम पैदा हुए। सपा-कॉन्ग्रेस और बसपा को गलतफहमी है कि वह किसी भी समुदाय की रुचि के अनुसार खान-पान की स्वतंत्रता दे देंगे। गोकशी करना तो दूर यूपी में ऐसा सोचने वालों के लिए भी पहले जहन्नुम के द्वार खुल जाएँगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरीदपुर की रैली में कहा कि पहले कॉन्ग्रेस और सपा के नेतृत्व वाला गठबंधन राम के अस्तित्व को नकारता था। अब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनने के बाद उनके नेता कह रहे हैं कि राम सबके हैं, ये इनका दोहरा चरित्र है। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव के बाद जनता को पहचानते नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। माफिया-गुंडों का राम नाम सत्य करना हमारी जिम्मेदारी है, जो कानून से खेलेगा सीधा ऊपर जाएगा।’

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का करारा जवाब, ‘पहली बात कि हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही’ और दूसरी….

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक चंदा बटोरने वाले कार्यक्रम में कहा था कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था इसलिए बेहतर कर रही है, क्योंकि हम विदेशियों और अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। जबकि चीन, भारत और जापान जैसे देश ऐसा नहीं करते, इसलिए उनकी हालत खराब है। अमेरिका के राष्ट्रपति के इस बयान पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने करारा जवाब दिया है।

एस जयशंकर ने कहा कि ‘पहली बात तो ये.. कि हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही, जैसा कि आपने दावा किया, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है।’ और दूसरी बात ये कि हम ‘ज़ेनोफोबिक’ नहीं हैं, क्योंकि हम सबका स्वागत करते हैं।

बता दें कि जो बाइडेन ने 1 मई 2024 को अपनी राष्ट्रपति पद पर दोबारा उम्मीदवारी के लिए धन इकट्ठा (चंदा पाने के लिए) करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा था, “आप जानते हैं, हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ने का एक कारण क्या है — आप और अन्य लोग। क्यों? क्योंकि हम अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। क्यों चीन आर्थिक रूप से इतनी बुरी तरह रुका हुआ है? जापान को परेशानी क्यों हो रही है? भारत को क्यों दिक्कत हो रही है? क्योंकि वे अपने देश में अप्रवासी नहीं चाहते।” खास बात ये है कि खुद अमेरिका की हालत खराब है, लेकिन ‘चंदा जमा करते समय कुछ भी बोलने’ की आदत के चलने वो ऐसा दावा कर बैठे थे। इसके बाद अब भारत के विदेश मंत्री ने उन्हें करारा और बेबाकी भरा जवाब दिया है।

एस जयशंकर ने जो कुछ भी कहा, वो पूरी तरह से तथ्यों से भरा है। तथ्यों पर आधारित है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में टॉप-5 में है, जो इस दशक के अंत से पहले ही टॉप-3 में शामिल हो जाएगी। वहीं, वर्ल्ड बैंक, गोल्डमैन सैच्स जैसी एजेंसियों ने पाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है। इन्हीं तथ्यों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “सबसे पहले, हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है।”

‘द इकोनॉमिक्स टाइम्स’ से बातचीत में विदेश मंत्री ने ‘ज़ेनोफ़ोबिया’ शब्द पर भी जोर दिया और कहा, “भारत हमेशा से एक बहुत ही अनोखा देश रहा है… मैं वास्तव में कहूँगा, दुनिया के इतिहास में, यह एक ऐसा समाज रहा है जो बहुत खुला रहा है… विभिन्न समाजों से अलग-अलग लोग भारत आते हैं।” उन्होंने अपनी बात रखने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का भी उदाहरण दिया, जो पड़ोसी देशों से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है।

पिता के आवास से हिरासत में लिए गए HD रेवन्ना, करीबी के फार्महाउस से बरामद हुई अपहृत महिला: कर्नाटक सेक्स स्कैंडल में सांसद बेटे प्रज्वल की भी याचिका ख़ारिज

कर्नाटक सेक्स स्कैंडल के मामले में JDS नेता एचडी रेवन्ना को SIT ने हिरासत में ले लिया है। उन्हें शनिवार (4 मई, 2024) को उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री HD देवेगौड़ा के आवास से हिरासत में लिया गया। हासन स्थित होलेनरसीपुर विधानसभा क्षेत्र से 6 चुनाव जीत चुके विधायक HD रेवन्ना और उनके सांसद बेटे प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कर्नाटक में सेक्स वीडियो लीक मामले में कार्रवाई चल रही है। 2019 में हासन से जीते प्रज्वल इस बार फिर से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं।

मैसूर के एक अपहरण के मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने एचडी रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी, जिसके बाद SIT ने ये कार्रवाई की। अपहृत पीड़िता को हुंसुर तालुका के कलेनहल्ली से बरामद किया गया। पीड़िता को राजशेखर नामक शख्स के फार्महाउस से बरामद किया गया। राजशेखर को एचडी रेवन्ना का करीबी बताया गया है। 29 अप्रैल को उक्त महिला को HD रेवन्ना के रिश्तेदार सतीश बबन्ना द्वारा अपहरण कर लिया गया था।

उसके बाद से उसे उसी फार्महाउस में रखा गया था। उधर जस्टिस संतोष गजानन की पीठ ने प्रज्वल रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी है। बेंगलुरु की पीपल्स रिप्रेजेन्टेटिव कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। दोनों बाप-बेटे पर कई महिलाओं के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और वीडियो शूट करने के आरोप हैं। उनके घर में काम करने वाली एक महिला की शिकायत के आधार पर FIR भी दर्ज कर ली गई है। हासन लोकसभा क्षेत्र में चुनाव हो चुके हैं और प्रज्वल फ़िलहाल जर्मनी में हैं।

अपहरण के जिस मामले में HD रेवन्ना को हिरासत में लिया गया है, बेंगलुरु के केआर नगर पुलिस थाने में उसकी FIR दर्ज है। एचडी रेवन्ना 2018-19 में 1 साल तक अपने भाई HD कुमारस्वामी की सरकार में PWD मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें हिरासत में लिए जाने से पहले उनके समर्थकों और SIT के बीच बहस भी हुई। कर्नाटक में JDS प्रभावशाली स्थानीय पार्टी है। इसके संस्थापक एचडी देवगौड़ा भी राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं, देश के प्रधानमंत्री रहे हैं।

‘2 हिस्सों में टूट जाएगी कॉन्ग्रेस, 4 जून के बाद अलग अलग हो जाएँगी राहुल-प्रियंका की राहें’: गाँधी परिवार के करीबी रहे नेता का ‘बड़ा दावा’

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आएँगे, लेकिन उसके बाद देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस के बुरे दिन शुरू हो जाएँगे। गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे नेता ने दावा किया है कि 4 जून के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी दो हिस्सों में टूट सकती है। ऐसा होने पर कॉन्ग्रेस के एक धड़े का नेतृत्व राहुल गाँधी करेंगे, तो दूसरे धड़े का नेतृत्व प्रियंका गाँधी वाड्रा। ये दावा किया है प्रियंका गाँधी वाड्रा के बेहद करीबी रहे नेता प्रमोद कृष्णम ने, जिन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी से 6 साल के लिए निकाला जा चुका है।

प्रमोद कृष्णम ने दावा किया राहुल गाँधी ने रायबरेली से प्रियंका गाँधी की जगह खुद को चुनाव मैदान में उतार कर बड़ी गलती कर दी है, इससे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। ये नाराजगी 4 जून के बाद खुलकर सामने आ जाएगी, जब पार्टी दो हिस्सों में टूट जाएगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रमोद कृष्णम ने ये दावा किया है। प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर एक साजिश हो रही है, जिसका वो शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक बड़ा धरा नहीं चाहता है कि प्रियंका गाँधी संसद के अंदर पहुँचें। इससे पहले भी आचार्य प्रमोद कृष्णम प्रियंका गाँधी का खुलकर समर्थन कर चुके हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गाँधी के अमेठी छोड़ने के बाद रायबरेली से लड़ने के फैसले को गलत फैसला बताया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब राजा मैदान छोड़कर कर भाग जाता है, तो सेना हार मान लेती है। अभी देखना कॉन्ग्रेस पार्टी के बहुत नेता भागेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा राहुल गाँधी को ये भी नहीं पता होगा द्वारिका कहाँ है? द्वारिकाधीश कौन हैं? उनको तो केवल दिल्ली की द्वारिका का ही पता है।

प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी ने प्रियंका गाँधी के खिलाफ साजिश रची है। इसकी वजह से 4 जून के बाद कॉन्ग्रेस में एक और टूट होगी। एक कॉन्ग्रेस होगी राहुल गाँधी की और एक होगी प्रियंका गाँधी की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अंदर ज्वालामुखी धधक रहा है। इस पूरे षडयंत्र के बारे में प्रियंका गाँधी को जानकारी है।

‘लालू यादव ने की गोधरा में रामभक्तों को जलाने वाले को बचाने की कोशिश’: दरभंगा पहुँचे PM मोदी ने RJD पर किया वार, कहा – बलिदानी सैनिकों में भी हिन्दू-मुस्लिम देखते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 मई, 2024) को बिहार के मिथिला स्थित दरभंगा पहुँचे, जहाँ उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब जब भारत तेजी से विकसित हो रहा है, तो बिहार के तेज विकास का यही समय है। पीएम मोदी ने कहा कि जब अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो रही थी, तब उन्होंने कहा था कि अब भारत आने वाले 1000 साल का भविष्य लिखेगा। बकौल पीएम मोदी, कई बार इतिहास की एक घटना ही कई-कई शताब्दियों का भाग्य तय कर देती है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज से 1000 साल पहले, जब पश्चिम से भारत पर हमले होने शुरू हुए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि भारत एक हजार साल की गुलामी में घिर जाएगा। उन्होंने कहा कि जो बिहार देश को दिशा दिखाता था, वो ऐसे संकटों से घिरा की सब कुछ तबाह हो गया, लेकिन भारत के भाग्य ने, बिहार के भाग्य ने एक बार फिर करवट ली है। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि 21वीं सदी में ये कालखंड ऐसा आया है, जब भारत फिर से अपनी सारी बेड़ियाँ तोड़ कर उठ खड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री रहते लालू यादव ने की गोधरा में रामभक्तों को जलाने वाले को बचाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत की साख नई ऊँचाई पर है और आज भारत चाँद पर पहुँच गया है, जहाँ कोई नहीं पहुँचा। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 10 साल पहले हम दुनिया की 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था थे, सिर्फ 10 साल में हम दुनिया की 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। तेजस्वी यादव पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे एक शहजादा दिल्ली में है, वैसे ही एक शहजादा पटना में भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक शहजादे ने बचपन से पूरे देश को और दूसरे शहजादे ने पूरे बिहार को अपनी जागीर समझा है।

उनका मानना है कि इन दोनों शहजादों के रिपोर्ट कार्ड एक जैसे हैं, इनके रिपोर्ट कार्ड में सिवाय घोटालों और बेलगाम कानून-व्यवस्था के कुछ नहीं है। दरभंगा में पीएम मोदी ने कहा कि आज नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA सरकार बिहार के विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है, हमारी प्रेरणा कर्पूरी ठाकुर जी हैं, कुछ समय पहले जिन्हें भारत रत्न देने का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि बाबासाहेब के नेतृत्व में संविधान सभा ने 75 साल पहले तय किया था कि हमारे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मिथिला स्थित दरभंगा में कहा, “पंडित नेहरू ने भी धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया। लेकिन अब कॉन्ग्रेस पंडित नेहरू जी की भावना के विरुद्ध जा रही है, बाबासाहेब की पीठ में छूरा घोंप रही है, संविधान को तोड़ने में लगी है। कॉन्ग्रेस लगी हुई है कि OBC कोटे को कम करके, धर्म के आधार पर मुस्लिमों को आरक्षण दे दिया जाए और कॉन्ग्रेस की इस साजिश में RJD भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। अब राजद ने ये गिनना शुरू कर दिया है कि सेना में कौन हिंदू है, कौन मुस्लिम है। ये लोग समाज को बाँटने के लिए, देश की एकता तोड़ने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि माँ भारती की रक्षा के लिए जो सीने पर गोली खाता है, वो पहले भारतीय होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद के लोग उसे हिंदू-मुस्लिम की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ऐसा कानून बनाना चाहती है कि दिल्ली में उनकी सरकार बनेगी तो आपके माँ-बाप ने जो कमाया है, वो अब आपको नहीं मिलेगा, आधा इनकी सरकार छीन लेगी। पीएम ने आरोप लगाया कि 55% विरासत पर ये फतवा लाना चाहते हैं।

बलात्कार कर नाबालिग दलित लड़की को गर्भवती किया, चाकूबाजी कर इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल को पहुँचा दिया अस्पताल: सद्दाम हुसैन के पाँव में लगी पुलिस की गोली

कर्नाटक के धारवाड़ स्थित हुबली नवानगर में सद्दाम हुसैन नामक एक शख्स को दलित नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर POCSO (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम) एक्ट के तहत मामला चलाया जा रहा है। शुक्रवार (3 मई, 2024) को सुतागत्ती इलाके में उसने 2 पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला कर दिया और पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। मजबूरी में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी, जो उसके पाँव में जाकर लगी।

19 वर्षीय सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि उसने अपनी ही क्लास में पढ़ने वाली दलित नाबालिग लड़की के साथ न सिर्फ बलात्कार किया, बल्कि उसे गर्भवती भी कर डाला। फिर उसने नवानगर पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश में धारवाड़ विद्यागिरी के पुलिस इंस्पेक्टर संगमेश बिदिगिनल को घायल कर दिया। उनके अलावा एक अन्य कॉन्स्टेबल पर भी उसने वार किया। जैसे ही उसने चाकूबाजी की, पुलिस ने एक गोली हवा में चलाई और एक उसके पाँव की तरफ।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एन्ड ऑर्डर) राजीव M ने इसकी जानकारी दी। जहाँ सद्दाम हुसैन का इलाज KIMS हॉस्पिटल में चल रहा है, वहीं दोनों घायल पुलिसकर्मियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सद्दाम हुसैन ने पहले पीड़िता से दोस्ती कर के छद्म तरीके से उसका विश्वास हासिल किया, फिर उसके साथ जबरन यौन संबंध स्थापित किया। उसने लड़की को धमकाया भी था। 1 घंटे के भीतर उसकी गिरफ्तारी हो गई। उस पर SC/ST एक्ट के तहत भी मामला चलाया जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर रेणुका सुकुमार ने बताया कि आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। घायलों की स्थिति स्थिर है। पुलिस को अस्पताल से नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की सूचना मिली थी, जाँच के बाद FIR दर्ज की गई और आरोपित की पहचान हुई। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु ने कहा कि धारवाड़ पुलिस को जैसे ही घटना की सुचना मिली, उन्होंने त्वरित रूप से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सही काम किया है, उस स्थिति में सद्दाम हुसैन ने जो किया वो अपराध है और कानून के हिसाब से वो परिणाम भुगतेगा।