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केजरीवाल सरकार ने 12 लाख नौकरियों का किया था वादा, 2020 के बाद से नहीं दी कोई नौकरी: RTI में खुलासा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 2021 से एक भी नौकरी नहीं दी है। इसका खुलासा एक सूचना के अधिकार (RTI) में हुआ है। RTI के तहत माँगी गई जानकारी में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के रोजगार विभाग के रोजगार पोर्टल के माध्यम से 2020 में केवल 28 नौकरियाँ दी गईं। उसके बाद से लोगों को रोजगार के कोई अवसर मिले हैं।

RTI ऐक्टिविस्ट विवेक पांडे द्वारा माँगी गई सूचना पर दिल्ली सरकार के रोजगार निदेशालय ने शुक्रवार (3 मई 2024) को इस संबंध में जानकारी दी। विवेक ने अपने सोशल मीडिया साइट X पर भी पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “अरविंद केजरीवाल के 12 लाख नौकरियाँ देने के वादे के बावजूद। सरकार का एक और टूटा हुआ वादा, जिससे अनगिनत नौकरी चाहने वालों को निराशा हुई।”

विवेक पांडे ने इससे पहले साल 2022 में भी एक RTI दायर कर कुछ ऐसा ही जवाब माँगा था। इसमें बताया गया था कि केजरीवाल सरकार ने साल 2015 में 176 नौकरियाँ, साल 2016 में 102 नौकरियाँ, साल 2017 में 66 नौकरियाँ, 2018 में 68 नौकरियाँ और साल 2019 में 0 नौकरियाँ दी गई थीं।

वहीं, पिछले 9 वर्षों (2015-2024) में रोजगार पोर्टल के माध्यम से प्रदान की गई नौकरियों की कुल संख्या 440 है। यह आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली के युवाओं को 12 लाख नौकरियाँ प्रदान करने के दावों के बिल्कुल विपरीत है।

मई 2024 में प्राप्त आरटीआई जवाब का स्क्रीनग्रैब

दिल्ली सरकार के रोजगार पोर्टल के अनुसार, केजरीवाल सरकार द्वारा शुरू किए गए प्लेटफॉर्म पर कुल 16.22 लाख नौकरी चाहने वालों ने पंजीकरण कराया था। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में युवाओं को 12 लाख नौकरियाँ देने के अरविंद केजरीवाल के दावे पर पिछले साल अप्रैल में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सवाल उठाया था।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री सरमा ने पूछा था, “उन्होंने (अरविंद केजरीवाल) कहा है कि उनकी सरकार ने 12 लाख नौकरियाँ दीं। वह सात साल में इतनी नौकरियाँ कैसे दे सकते हैं, जबकि दिल्ली में केवल 1.5 लाख नौकरियाँ खाली हैं?”

2022 में प्राप्त आरटीआई जवाब का स्क्रीनग्रैब

अप्रैल 2023 में भाजपा नेता मनोज तिवारी ने भी रोजगार के दावों को लेकर लोगों को गुमराह करने के लिए अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, “केजरीवाल देश के सबसे बड़े झूठे और सबसे भ्रष्ट और बेईमान मुख्यमंत्री हैं। यह अच्छा लगता है कि 12 लाख नौकरियाँ दी गई हैं, लेकिन यह एक झूठा दावा है जैसा कि उनकी सरकार के एक आरटीआई जवाब से साबित हुआ है था।”

उस समय आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने यह दावा करके अपना बचाव करने की कोेशिश की थी कि आरटीआई में दिए गए डेटा रोजगार पोर्टल तक ही सीमित था। इनमें नौकरियों पर सरकारी और राज्य-वार डेटा शामिल नहीं था।

उन्होंने दावा किया था, “अगर भाजपा नेता पर्याप्त शिक्षित होते तो वे रोजाना ऐसे हास्यास्पद बयान देकर खुद को शर्मिंदा नहीं कर रहे होते। वे दिल्ली सरकार के रोजगार निदेशालय की एक आरटीआई प्रतिक्रिया का हवाला दे रहे हैं, जिसमें खुद कहा गया है कि यह उत्पन्न नौकरियों पर सरकार-व्यापी और राज्य-व्यापी डेटा नहीं रखता है।”

पार्टी ने आगे कहा था, “दिल्ली की बसों में नियुक्त बस मार्शलों की संख्या 13,000 से अधिक है। दिल्ली सरकार पहले ही दिल्ली विधानसभा में शहर में सृजित 12 लाख नौकरियों का विस्तृत सारांश पेश कर चुकी है, जिसमें दिल्ली सरकार में लगभग 2 लाख नौकरियाँ भी शामिल हैं।”

कॉन्ग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गिरोह बता साथियों समेत BJP में शामिल हुए अरविंदर सिंह लवली: कहा – देश के लिए काम कर रही भाजपा, कॉन्ग्रेस को न अपनी चिंता है न भारत की

दिल्ली में कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के कुछ ही दिनों बाद शनिवार (4 मई, 2024) को उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने AAP (आम आदमी पार्टी) से कॉन्ग्रेस के गठबंधन से नाराज़गी जताते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा कन्हैया कुमार और उदित राज को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ भी पार्टी में अंदरूनी कलह हो रही है। लवली के साथ पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक राजकुमार चौहान, नसीब सिंह, नीरज बसोया, यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे अमित मलिक भी भाजपा में आए।

55 वर्षीय अरविंदर सिंह लवली 2013-15 के बीच भी दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। 1998 में मात्र 29 वर्ष की उम्र में वो पूर्वी दिल्ली के गाँधीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बन गए थे। उन्होंने यहाँ से लगातार 4 चुनाव जीते, 17 वर्षों तक वो यहाँ से कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक रहे। शीला दीक्षित के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने कई बड़े मंत्रालय भी सँभाले। उन्होंने DU के SGTB खालसा कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया है।

वो छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। भीमराव आंबेडकर कॉलेज में वो छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए, फिर 1990 में दिल्ली में यूथ कॉन्ग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बने। 1992-96 में वो कॉन्ग्रेस के NSUI के जनरल सेक्रेटरी रहे। बताते चलें कि दिल्ली का पहला मेट्रो स्टेशन गाँधीनगर उनके ही इलाके में खुला था। 2001-02 में उन्हें दिल्ली विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक का ख़िताब भी मिला। 2003 में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (HT) ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला MLA चुना।

भाजपा में शामिल होने के बाद अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि अपने तमाम साथियों से उन्होंने बातचीत की, दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में उनसे जुड़े कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि आपको घर नहीं बैठना है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस्तीफा देने के बाद सक्रिय न रहने का सोचा था, लेकिन दिल्ली के लोगों की लड़ाई लड़ने की सलाह उनके साथियों ने दी। उन्होंने कहा कि एक लंबा काफिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा को धन्याद दिया।

अरविंदर सिंह लवली इससे पहले भी भाजपा में आए थे, कुछ समय बाद फिर वो चले गए थे। इस पर उन्होंने कहा कि वो 18 वर्ष की उम्र में ही कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे, उस समय ये बताया गया कि इंदिरा गाँधी ने अपने भाषण में कहा था कि उनके खून का कतरा-कतरा देश के नाम है। बकौल अरविंदर सिंह लवली, अब कॉन्ग्रेस पार्टी कतरे-कतरे से टुकड़े-टुकड़े तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के लिए लड़ रही है, ऐसी पार्टी को हमें सशक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके कई अन्य साथी भी भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आलाकमान को न अपनी पार्टी की चिंता है, न देश की।

नदीम ने किया 11 साल की मुस्लिम बच्ची का रेप… हिंदुओं को बदनाम करने लगे कट्टर इस्लामी-वामपंथी, भगवान को बताया ‘रेपिस्ट’

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 11 साल की नाबालिग मुस्लिम लड़की के साथ किडनैपिंग और गैंगरेप की वारदात हुई। ये वारदात 27 अप्रैल की है। इस वारदात को अंजाम दिया उसी गाँव के नदीम ने। इस केस में नदीम को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, और मामले की जाँच चल रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर उसी बच्ची का एक अपुष्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसे शेयर कर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की।

इस वीडियो को शेयर करते हुए इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इस वारदात के पीछे 3 हिंदू आरोपितों का होना बताया। यही नहीं, इस वारदात की आड़ में, जिसे नदीम ने अंजाम दिया… उसकी आड़ में हिंदू देवताओं को बलात्कारी बताया गया और हिंदुओं को आतंकवादी।

हक अली नाम के एक्स यूजर ने वारदात की जगह को बागपत बताते हुए बागपत पुलिस को टैग किया और लिखा, ‘मुस्लिम किशोरी का 3 हिंदुओं ने गैंगरेप किया। इन हिंदू आतंकियों के साथ ‘सह अस्तित्व’ की भावना के साथ रहना संभव नहीं, जिनके ‘भगवान’ भी रेपिस्ट हैं। यूपी पुलिस, डीजीपी यूपी, ट्रूस्टोरीयूपी, क्या पुलिस हिंदू रेपिस्ट को अरेस्ट करेगा और सजा होगा?’ यही नहीं, उसने हिंदुओं के खिलाफ ट्विटर पर आग उगलने वाले 2 कथित पत्रकारों प्रज्ञा और साक्षी जोशी को भी टैग किया।

हक अली के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हक अली का मामला एक है, लेकिन इस मामले को हिंदुओं के साथ जोड़ने की कोशिश कई यूजर्स ने की। ऐसे 9 यूजर्स के पोस्ट को मिसलीडिंग बताते हुए लोकप्रिय एक्स हैंडल OSINT ‘डी-इंटेंट डेटा’ ने पोस्ट किया और इनका भंडाफोड़ किया। शनिवार (4 मई) को शेयर स्क्रीनशॉट में इस्लामिक कट्टरपंथी दावा कर रहे हैं कि हिंदुओं ने ही 11 साल की मुस्लिम लड़की का रेप किया।

D-Intent Data नाम के हैंडल ने लिखा, “एक बलात्कार पीड़िता का एक संवेदनशील वीडियो यह दावा करते हुए प्रसारित किया जा रहा है कि यूपी के बागपत में तीन हिंदू पुरुषों द्वारा 11 वर्षीय मुस्लिम लड़की का अपहरण किया गया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। बात ये है कि पुलिस ने नदीम पुत्र यूनिस नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।”

इस मामले में खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता, महिला कार्यकर्ता और शांति कार्यकर्ता बताने वाली सैय्यद उज्मा परवीन ने अपना एक वीडियो जारी किया और इस वीडियो में भी हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की।

वीडियों में सैय्यदा उज्मा बोलती दिख रही हैं, “बागपत में एक 11 साल की बच्ची का गैंगरेप हुआ है, ये उन दरिंदों ने किया है, जो खुद को हिंदूवादी बताते हैं। 4 लोगों ने 11 साल की मासूम बच्ची का रेप किया। अब ये गठबंधन क्यों खामोश हैं? वो भी तो किसी की बच्ची है। क्या आप यहाँ पर भी हिंदू-मुस्लिम देख रहे हैं।” आगे वो राजनीतिक बातें करती दिख रही हैं। हालाँकि इस वीडियो के जवाब में बागपत पुलिस ने सूचित भी किया है कि आरोपित का असली नाम क्या है और किसे गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद वो अपना वीडियो हटाती नहीं दिख रही है।

इस मामले में बागपत पुलिस ने भी बताया है कि नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप के मामले में पुलिस ने आरोपित नदीम पुत्र यूनुस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और जाँच की जा रही है।

इस मामले में शुक्रवार (3 मई 2024) को बड़ौत के सीओ सविरत्ना गौतम ने बताया, “27 अप्रैल को नाबालिग बच्ची के अपहरण की खबर मिसी, ये वारदात असारा गाँव की है, जो रमाला पुलिस थाने में आता है, हमें बच्ची को बरामद कर लिया है। बच्ची के बयान के अनुसार, उसी गाँद के व्यक्ति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रेप किया। हमने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में जाँच की जा रही है।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में नाबालिग का बयान 161CrPC के तहत दर्ज किया गया है और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोर्ट में बच्ची का CrPC के सेक्शन 164 के तहत भी बच्ची का बयान दर्ज कराकर उसके घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने नदीम पुत्र यूनुस को गिरफ्तार कर लिया है।

राहुल गाँधी ने फिर दिखाई हिन्दू घृणा: PM मोदी की भक्ति को बताया ड्रामा, भगवान श्रीकृष्ण की नगरी पर बरसे पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष

महाराष्ट्र के पुणे में एक जनसभा के दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (3 मई, 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारका दौरे पर सवाल उठाए। बता दें कि पीएम मोदी फरवरी 2024 के अंतिम सप्ताह में द्वारका पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने न सिर्फ द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए थे बल्कि समुद्र में डूबी द्वारका नगरी को भी देखा था। उन्होंने इसे एक दिव्य अनुभूति बताते हुए कहा था कि उन्हें एक प्राचीन आध्यात्मिक वैभव और शाश्वत भक्ति से जुड़ाव महसूस हुआ।

जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अध्यात्म और भक्ति है, वायनाड के सांसद राहुल गाँधी के लिए वही ड्रामा है। राहुल गाँधी ने पुणे में कहा, “नरेंद्र मोदी कभी पाकिस्तान की बात करेगा, कभी समुंदर के नीचे जाकर ड्रामा करेगा। आपने देखा, पता नहीं देखा या नहीं। वो समुंदर के नीचे जाकर डरा हुआ था, कि कहीं कुछ हो न जाए यहाँ पर। मजाक बना रखा है राजनीति का।” राहुल गाँधी ने देश के प्रधानमंत्री के लिए इस दौरान असभ्य भाषा-शैली का भी परिचय दिया।

राहुल गाँधी के भाषण का ये अंश सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जहाँ लोगों ने कहा कि सनातन धर्म के प्रति पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर से अपनी घृणा का प्रदर्शन किया है। पुणे की जनसभा में भी राहुल गाँधी ने संविधान की प्रति दिखाते हुए दावा किया कि मोदी सरकार इसे बदलना चाहती है। उन्होंने एक बार फिर से उद्योगपति गौतम अडानी पर निशाना साधा। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के बैंक खाते में 1 लाख रुपए डालने का भी लालच दिया।

बता दें कि प्राचीन द्वारका नगरी के के बारे में मान्यता है कि उसे भगवान श्रीकृष्ण ने देह-त्याग से पहले समुद्र में डुबो दिया था। पुरातत्त्वविदों ने समुद्र में हजारों वर्ष पूर्व शहर के अवशेष भी खोज निकाले हैं। बता दें कि श्रीकृष्ण ने मथुरा छोड़ कर अपनी राजधानी द्वारका बसाई थी, जहाँ अरब सागर और रेवतक पर्वत के कारण उनकी जनता सुरक्षित थी। इसे प्राचीन साहित्य में द्वारावती भी कहा गया है। वर्णन है कि द्वारका समुद्र से घिरी हुई थी। इसका एक अंश ‘भेंट द्वारका’ द्वीप के रूप में आज भी मौजूद है, जहाँ श्रद्धालु दर्शन भी करते हैं।

‘कमल’ को वोट देने की बात सुनकर भड़के निजामाबाद से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी, महिला मजदूर को मारा थप्पड़, विवाद के बाद बोले जीवन रेड्डी- वो हमारा प्यार था

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और निज़ामाबाद लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार टी. जीवन रेड्डी का एक वीडियो सामने आया है, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, इस वीडियो में दिख रहा है कि जीवन रेड्डी अरमूर विधानसभा क्षेत्र के एक गाँव में चुनाव प्रचार के लिए गए हुए हैं। इसी दौरान किसी बात को लेकर उन्होंने एक महिला को थप्पड़ मार दी।

कहा जा रहा है कि जीवन रेड्डी ने जिस महिला को थप्पड़ मारी है, वह ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाली एक मजदूर है। उसने 13 मई 2024 को होने वाले मतदान में चुनाव चिह्न ‘फूल’ को वोट देने की बात कही थी। बता दें कि भाजपा का चुनाव चिह्न कमल है, जिसे आम बोलचाल की भाषा लोग फूल कहते हैं।

घटना तेलंगाना के निजमाबाद लोकसभा क्षेत्र का है। माना जाता है कि महिला ने फूल वाली तब कही, जब जीवन रेड्डी ने उससे पूछा कि वो किसे वोट देना चाहती हैं। इसी पर महिला ने कहा कि वह फूल को देगी। इसके बाद जीवन रेड्डी ने महिला को थप्पड़ मार दी। बता दें कि भाजपा ने यहाँ धर्मपुरी अरविंद को अपना उम्मीदवार बनाया है।

महिला ने यह भी बताया कि वह हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को वोट किया था, लेकिन अब वह कॉन्ग्रेस को वोट नहीं करेगी। कॉन्ग्रेस से नाराज महिला ने बताया कि उसे अब तक पेंशन की सुविधा नहीं मिली है। वहीं, महिला को थप्पड़ मारने के सवाल पर जीवन रेड्डी ने कहा, “यह प्यार था। यह प्यार था।”

उधर, महिला का कहना है, “मेरे पास न तो घर है और न ही मुझे पेंशन मिलती है। मैंने उनसे (निजामाबाद से कॉन्ग्रेस सांसद उम्मीदवार जीवन रेड्डी) से कहा कि कृपया मुझ पर दया करें। तब उन्होंने मुझे आश्वासन देते हुए कहा- दोरासानी (रानी) आपको यह मिलेगा।” इस दौरान अरमूर विधानसभा में कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार रहे विनय रेड्डी भी साथ थे। हालाँकि, विनय रेड्डी चुनाव हार गए थे।

हिंदू गंदे हैं, इसलिए उनका पुनर्जन्म होता है… हाफिज जन्नत ले जाता है: दरभंगा के इरफान-अफगान चला रहे थे अवैध मदरसा, जकात के पैसे से खरीद रहे अपने लिए जमीन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा स्थित एक अवैध मदरसे से 21 बच्चों को बचाया गया है। बच्चों ने बताया कि वहाँ पढ़ाने वाला हाफिज या मौलवी उनका ब्रेनवॉश करता था। वह बच्चों को जन्नत पाने से संबंधित तालीम देता था। मौलवी कहता था कि एक हाफिज अपने साथ 10 बच्चों को जन्नत ले जाता है। वहीं, हिंदुओं में गंदा काम करने वालों का पुनर्जन्म होता है।

मदरसे से रेस्क्यू किए गए 7 से 15 साल इन बच्चों को मोहान रोड स्थित राजकीय बालगृह में रखा गया है। राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉक्टर शुचिता चतुर्वेदी का कहना है कि जिस तरह से इन बच्चों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था, वह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। जो बच्चे ठीक से हिंदी तक नहीं बोल पाते, वे पुनर्जन्म बोल रहे हैं। हिंदू धर्म और इस्लाम में अंतर बता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन बच्चों को दीन (इस्लाम मजहब) की शिक्षा दी जा रही थी और जन्नत के सपने दिखाए जाते थे। उन्हें पढ़ाई-लिखाई से दूर रखा जा रहा था। चतुर्वेदी ने राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने एक कमिटी बनाकर इसकी जाँच करने और ऐसे मदरसों पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे सैकड़ों मदरसे संचालित किए जा रहे हैं।

जाँच में पता चला है कि बिहार के दरभंगा के रहने वाले इरफान और अफसान दुबग्गा में अवैध मदरसा चला रहे थे। बाल आयोग के सदस्यों का कहना है कि अवैध मदरसा चलाने वाले ये लोग मुस्लिम समाज से जकात (दान) के नाम पर पैसे लेते थे। जकात के पैसे से निजी संपत्ति बनाने का भी खुलासा हुआ है। जकात में मिले पैसों से एक ट्रस्ट का गठन कराया गया, जिसमें 3.5 लाख रुपए जमा हुए हैं।

इतना ही नहीं, इन पैसों से दोनों निजी जमीन भी खरीदी है। यह मदरसा आवासीय शिक्षा के नाम पर खोला गया था और इसमें बच्चों को इस्लाम की शिक्षा दिया जा रहा था। इनके पास बच्चों के माता-पिता का सहमति पत्र भी नहीं है। जिस मकान में मदरसा संचालित हो रहा था उसका एग्रीमेंट भी नहीं है। मकान में शौचालय तक नहीं है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की गई है।

वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने शुक्रवार (3 मई 2024) को राजकीय बालगृह का निरीक्षण किया और बच्चों से बात की। इस दौरान सात साल के एक बच्चे ने कहा, “अंकल जी, अब्बा-अम्मी की बहुत याद आ रही है। उन्हें बुला दीजिए।” इस अधिकारी ने कहा कि वे जल्दी आने वाले हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि वे 15 दिन पहले मदरसे में आए थे।

बता दें कि लखनऊ के दुबग्गा में अवैध तरीके से घर में एक मदरसे का संचालन हो रहा था। इसके बारे में सूचना मिलते ही 1 मई 2024 को 23 बच्चों (कुछ रिपोर्ट में 21 बच्चे) को बचाया गया था। इसके बाद इन बच्चों को बाल संरक्षण गृह में रखा गया है। ये सारे बच्चे बिहार के रहने वाले हैं। अभी तक इन बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों की खोज खबर नहीं ली है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में पंजीकृत मदरसों की कुल संख्या 131 है, जबकि 111 मदरसे अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। पंजीकृत मदरसों में कुल 18 ऐसे मदरसे हैं, जिन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलता है। वहीं, अधिकांश मदरसे सिर्फ मान्यता के आधार पर चलते हैं।

जिसकी बीवी TMC सांसद हो… स्मृति ईरानी ने एक साँस में गिना दिए अमेठी में किए काम, जनता ने भी कर दी राजदीप सरदेसाई की बेइज्जती: देखिए वीडियो

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने राजनीतिक गृह-क्षेत्र अमेठी में ‘इंडिया टुडे’ के प्रोपेगंडा पत्रकार राजदीप सरदेसाई की जम कर क्लास लगाई है। राजदीप सरदेसाई ‘एलेक्शंस ऑन माई प्लेट’ कार्यक्रम के जरिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर रहे हैं, जिसमें वो विपक्षी नेताओं के साथ बैठ कर नॉनवेज खाते हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भी उन्होंने इंटरव्यू लिया था।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी पहली बार लड़ी थीं, लेकिन राहुल गाँधी ने उन्हें हरा दिया था। 2019 में पासा पलट गया और जिस सीट पर 9 चुनावों में गाँधी परिवार ने जीत दर्ज की है वहाँ से राहुल गाँधी हार गए। शायद उन्हें पहले ही इसका एहसास हो गया था, तभी उन्होंने केरल के वायनाड से भी पर्चा भर रखा था। इस बार राहुल गाँधी अमेठी से भी भाग खड़े हुए हैं रायबरेली से नामांकन किया है। रायबरेली से उनकी माँ सोनिया गाँधी जीतती रही हैं, जो अब राज्यसभा सांसद हैं।

राजदीप सरदेसाई ने राहुल गाँधी के ताज़ा निर्णय पर स्मृति ईरानी के विचार माँगे तो उन्होंने कहा कि ये किसी इतिहास से कम नहीं है कि अपने तथाकथित गढ़ में गाँधी परिवार ने हार मान ली है। उन्होंने कहा कि ये पहली बार नहीं है जब राहुल गाँधी अमेठी से भाग खड़े हुए हैं, 2019 में भी वो वायनाड भाग खड़े हुए हैं। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी के लिए दूसरी सुरक्षित सीट की तलाश की जा रही है।

स्मृति ईरानी ने गाँधी परिवार पर दोहरा रवैया रखने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें वायनाड की जनता को बताना चाहिए था कि राहुल गाँधी दूसरी सीट से लड़ने जा रहे हैं। राहुल गाँधी के अमेठी से न लड़ने के फैसले को रणनीति बताए जाने पर स्मृति ईरानी ने कहा कि पूरी कॉन्ग्रेस पार्टी और उनकी पूरी रणनीति और ऊर्जा उन पर ही केंद्रित थी, जिससे पता चलता है कि वो उनके लिए महत्वपूर्ण थीं। उन्होंने इस दौरान अमेठी में किए गए काम भी गिनाए।

उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में 1.14 लाख घर, बनवाए हैं 4 लाख परिवारों को शौचालय दिया है, 3.5 लाख घरों में पानी और 2.20 लाख घरों में गैस कनेक्शन पहुँचा है, डेढ़ लाख घरों में बिजली कनेक्शन पहुँचा है। उन्होंने कहा कि गाँधी परिवार के समय में 14 लाख लोग खुले में शौच के लिए विवश थे। उन्होंने बताया कि अमेठी में चीफ मेडिकल ऑफिसर का दफ्तर नहीं था, कलेक्ट्रेट नहीं था, अब ये सब बन गए हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि यहाँ डायलिसिस सेंटर, मेडिकल कॉलेज, फायर स्टेशन, पुलिस लाइन, फर्टिलाइजर रैक, कृषि विज्ञान केंद्र, सॉइल टेस्टिंग लैब और बाईपास को भी अपने काम के रूप में गिनाया।

इसके बाद राजदीप सरदेसाई अमेठी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की बात करने लगे, जिस पर करारा जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि एक ऐसा शख्स जिसकी पत्नी TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) की राज्यसभा सांसद है, उसे ये ध्यान रखना चाहिए कि अमेठी में गाँधी परिवार को 50 साल मिला जबकि उन्हें सिर्फ 5 साल। उन्होंने कहा कि 50 साल तक गाँधी परिवार का अमेठी में एकछत्र राज्य रहा, ऐसे में सामाजिक-आर्थिक स्थिति को लेकर उन्हें जवाब देना चाहिए।

इसके बाद राजदीप सरदेसाई कॉन्ग्रेस प्रत्याशी और गाँधी परिवार के वफादार KL शर्मा को लेकर आ गए और दावा करने लगे कि उनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें अमेठी का चप्पा-चप्पा पता है। इस पर वहाँ मौजूद लोग ही स्थानीय भाषा में जवाब देने लगे कि किशोरीलाल शर्मा को कोई पहचानता ही नहीं है। कॉन्ग्रेस में 25 वर्ष तक रहे एक कार्यकर्ता ने कहा कि स्मृति ईरानी ने कहा कि जिस सड़क से राजदीप सरदेसाई आए हैं अब वो 7 की जगह 14 मीटर की हो गई है।

उक्त व्यक्ति ने ये भी बताया कि हर ग्राम सभा में 25 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य बीमा कार्ड बँटे हैं, कॉलोनी बनी है, पानी टंकी बनी है। उन्होंने कहा कि 1200 ग्राम सभाओं में काम हुए हैं। प्रियंका गाँधी के सवाल पर स्मृति ईरानी ने कहा कि उनका टेस्ट हो चुका है, 5 में से 4 विधानसभाओं में उनके द्वारा रुचि लेने के बावजूद कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। राजदीप सरदेसाई इसके बाद पूछने लगे कि क्या राहुल गाँधी के यहाँ से न लड़ने के कारण आप निराश हैं, इस पर स्मृति ईरानी ने जवाब दिया कि उन्हें ये पसंद आया कि राजदीप सरदेसाई ने अंततः राहुल गाँधी को निराश कहा।

आदिवासी बेटियों के साथ ‘लव जिहाद’, आवाज उठाने पर इंडी गठबंधन वाले ‘मोदी के खिलाफ वोट जिहाद’ की करते हैं बात: झारखंड में PM मोदी ने गिनाए कॉन्ग्रेस के पाप

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने झारखंड में दो रैलियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने झारखंड के पलामू और लोहरदगा में जनसभाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने लोहरदगा में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा मेरे लिए एक प्रेरणा हैं। उनके जीवन को याद करके मुझे हर चुनौती से जीतने की प्रेरणा मिलती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “बहुत मेहनत के बाद आतंकवादियों के स्लीपर सेल को हम तोड़ पाए हैं। लेकिन झारखंड में जो किया जा रहा है, वो खतरनाक है। यहाँ घुसपैठियों को बढ़ावा देने का और आदिवासी परिवारों को जमीन हड़पने का खेल हो रहा है। संथाल में PFI जैसे प्रतिबंधित संगठन कैसे अपना रैकेट चला रहे हैं? कैसे आदिवासियों के साथ ठगी कर रहे हैं? कैसे आदिवासी बेटियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं? आदिवासी बेटियों को विशेष तौर पर टारगेट किया जा रहा है। जब लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो इंडी गठबंधन वाले कहते हैं कि मोदी के खिलाफ वोट जिहाद करो।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पहले हमने ‘लव-जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ के बारे में सुना था लेकिन अब वे ‘वोट-जिहाद’ लेकर आए हैं, चाहे वे कुछ भी करें, कोई भी ‘जिहाद’ करें, यह देश पीछे मुड़कर नहीं देखेगा, मोदी को डराया नहीं जा सकता…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अपने 60 साल के शासन में कॉन्ग्रेस ने देश को परिवारवाद और भ्रष्टाचार दिया। इसके अलावा एक और रास्ते पर कॉन्ग्रेस चली और वो रास्ता है – तुष्टिकरण, वोटबैंक की राजनीति। कॉन्ग्रेस जो चश्मा पहनती है, उसमें एक ही वोटबैंक दिखता है – वो है मुस्लिम वोटबैंक। कॉन्ग्रेस की इस नीति का बहुत बड़ा नुकसान हर किसी ने उठाया है। जबकि भाजपा सबका साथ-सबका विकास की बात करती है। भाजपा सरकार की नीतियों में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता। लेकिन कॉन्ग्रेस को ये करना ही नहीं है, समझने का तो सवाल ही नहीं है।”

लोहरदगा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ। पिछले वर्ष उनके जन्मदिवस पर मुझे उनके गाँव जाने का सौभाग्य मिला था और मुझे वहाँ की मिट्टी माथे पर लगाने का गौरव प्राप्त हुआ था। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूँ, जिसे उनके गाँव जाकर उस मिट्टी को नमन करने का सौभाग्य मिला है। भगवान बिरसा मुंडा मेरे लिए सिर्फ एक नाम ही नहीं, बल्कि वे मेरे लिए एक प्रेरणा है। उनके जीवन को याद करके मुझे हर चुनौती से जीतने की प्रेरणा मिलती है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया, तो कॉन्ग्रेस और इंडी गठबंधन वाले कहने लगे कि झाडू लगाने और शौचालय बनाने से क्या होगा? आज गाँव-गाँव देखिए, हालात बदले हैं। मैंने जब मोबाइल का डेटा सस्ता किया, गाँव-गाँव में कॉमन सर्विस सेंटर खोले और हर गाँव तक इंटरनेट पहुँचाने की ठानी, तो ये झामुमो वाले और कॉन्ग्रेस वाले कहते थे कि गाँव वालों को इसका क्या फायदा? आज मेरे गांव का युवा सोशल मीडिया का हीरो है। कॉन्ग्रेस वालों ने इंटरनेट को अमीरों की चीज बना दिया था। मैंने इंटरनेट को गरीबों के घर पहुँचा दिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के राज में राशन सड़ता रहता था। आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे भूख से मरते रहते थे…और कॉन्ग्रेस अनाज गोदामों पर ताला लगाकर बैठ जाती थी। आप मोदी को लेकर आए। मोदी ने सारे अनाज गोदामों के ताले खुलवा दिए… आज देश में मुफ्त राशन की योजना चल रही है। और मैंने गारंटी दी है कि आने वाले 5 साल इसे और चलाऊँगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये कॉन्ग्रेस ही है, जिसने लोहरदगा, खूँटी और गुमला जैसे जिलों को बदहाल कहकर छोड़ दिया था। ये ज्यादातर मेरे आदिवासी जिले हैं। यहाँ बिजली, सड़क, पानी, अस्पताल, स्कूल जैसा कोई भी काम ठीक से नहीं हुआ था। आपने मोदी को वोट दिया, मोदी ने इन जिलों के विकास को अपना मिशन बनाया। मैंने इन्हें पिछड़े नहीं, बल्कि आकांक्षी जिले घोषित किया। आज ये आकाँक्षी जिले बाकी जिलों से भी अधिक तेजी से विकास करने की राह पर आ गए हैं। आदिवासियों में भी जो अति-पिछड़े हैं, उनको कोई पूछता ही नहीं था। मोदी उनके लिए पीएम-जनमन योजना लेकर आया, इस योजना पर 24 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जहाँ सरकार भ्रष्ट हों, वहाँ बजट कितना भी हो, विकास संभव नहीं है। झारखंड इसी स्थिति से गुजर रहा है। इस राज्य में ऐसा कोई पेपर नहीं जो लीक नहीं होता है। मोदी ने इस पेपर लीक माफिया के विरुद्ध भी एक कड़ा कानून बना दिया है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “झारखंड में कॉन्ग्रेस के सांसद के घर से नोटों के ढेर निकले। ये ढेर इतने बड़े थे कि बैंकों से गिनने के लिए मशीनें लाई गई, लेकिन वो मशीन भी गिनते-गिनते हाँफने लगी। एक CM भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जेल में बंद है… जिसने झारखंड को लूटा, उस पर कानून के तहत कार्रवाई हो रही है… मोदी का एक ही संकल्प है – भ्रष्टाचार हटाओ, ये INDI अलायंस वाले कहते हैं – भ्रष्टाचारी बचाओ। मैं आपको गारंटी देता हूँ – आने वाले 5 साल में ऐसे सभी भ्रष्टाचारियों पर कानून का डंडा चलेगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस, JMM और INDI गठबंधन वालों को आज भी ये बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि ये गरीब माँ का बेटा पीएम कैसे बन गया। इसलिए ये लोग मोदी के खिलाफ नए-नए झूठ फैलाते रहते हैं। आजकल इनका नया झूठ है – मोदी आएगा तो आरक्षण खत्म कर देगा, मोदी आएगा तो संविधान बदल देगा। अरे मूर्खों के सरदार, मोदी तो 10 साल से आया हुआ है और शान से सरकार चला रहा है। 10 साल में ये पाप मैंने नही किया है, क्योंकि मैं भारत के संविधान की भक्ति करता हूं, मैं बाबा साहेब अंबेडकर की पूजा करने वाले लोगों में से हूँ।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब संविधान बना, उस समय बाबा साहेब अंबेडकर और सबने मिलकर तय किया था कि हमारे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को संविधान के तहत आरक्षण मिलेगा। लेकिन कॉन्ग्रेस आपका हक छीनकर, संविधान को तोड़-मरोड़कर मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। आपका हक लूटना चाहती है, इसलिए बहुत सतर्क रहने की जरूरत है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये मोदी की गारंटी है – जब तक मोदी जिंदा है, मैं दलित, आदिवासी, OBC के आरक्षण में से रत्तीभर भी चोरी नहीं करने दूँगा… 10 वर्षों में मोदी ने माओवादी हिंसा से देश के एक बड़े हिस्से को मुक्त कराया है। लेकिन कॉन्ग्रेस आज भी माओवादी नक्सलियों का समर्थन कर रही है। अपना वोटबैंक बचाने के लिए कॉन्ग्रेस आतंकवादियों पर भी कार्रवाई नहीं करती।”

पलामू में पीएम मोदी ने की जनसभा

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के पलामू में जनसभा को संबोधित किया था। पलामू में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज मैं पलामू को बधाई देने के साथ ही आपको सतर्क करने भी आया हूं। मोदी यहां रोजगार बढ़ाना चाहता है, मोदी आपके जीवन में खुशहाली लाना चाहता है लेकिन कॉन्ग्रेस वालों की नजर आपकी जमीन-जायदात पर पड़ गई है। कॉन्ग्रेस हो या JMM हो, उनको और कुछ नजर ही नहीं आता है। कॉन्ग्रेस ने अभी अपना घोषणापत्र निकाला है और बेईमानी देखिए वे कह रहे हैं कि आपका एक्स-रे करेंगे। कितनी जमीन है, घर कहाँ है, कितने कमरे हैं, घर में सोना है कि नहीं है, चाँदी है कि नहीं है, मंगलसूत्र है कि नहीं है, जाँच करवाएंगे और फिर उसमें से कुछ हिस्सा आपसे छीन लेंगे और आपसे वो लेकर अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं। क्या आप आपकी पूँजी छिनने देंगे?…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलामू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे जीवन को आप भली-भांति जानते हैं। मैं गरीबी का जीवन जीकर आया हूं। मैंने गरीबी को जीया है। गरीब की जिंदगी कितनी तकलीफ वाली होती है, उससे मैं गुजरते-गुजरते यहाँ आया हूँ। इसलिए 10 वर्षों में गरीब कल्याण की हर योजना की प्रेरणाओं ने मेरे अपने जीवन के अनुभव से जन्म लिया है… ये आंसू वही समझ सकता है जिसने गरीबी देखी हो… जिसने माँ को धुँए में खासते देखा नहीं उसे ये आँसू कभी समझ नहीं आ सकते। जिसने अपना पेट बांधकर मां को सोते नहीं देखा, जिसने लोटा भर पानी पीकर माँ को भूख मिटाते नहीं देखा, जिसने अपनी बीमारी को छिपाते नहीं देखा, शौचालय के अभाव में पीड़ा और अपमान सहते नहीं देखा वो मोदी के इन आँसुओं का मर्म नहीं समझेगा। लेकिन ये कॉन्ग्रेस के शहजादे मोदी के आँसुओं में अपनी खुशी ढूंढ रहे हैं। कहते हैं कि मोदी के आँसू अच्छे लगते हैं… वो तो गर्व से कहते हैं कि उनके घर में कई प्रधानमंत्री थे। वे चाँदी के चम्मच से खाते रहे। गरीब की, दलित और आदिवासी झोपड़ी में फोटो खिंचवाते रहे लेकिन गरीब के लिए कुछ नहीं किया।”

पीएम मोदी ने पलामू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “एक वो स्थिति थी जब आतंकी हमले के बाद कॉन्ग्रेस की डरपोक सरकार दुनिया भर में जा जाकर रोती थी। वो वक्त चला गया जब हम दुनिया में जाकर रोते रहे। आज स्थिति ये है कि पाकिस्तान दुनिया में जा जाकर रो रहा है। ‘बचाव-बचाव’ चिल्ला रहा है। आज पाकिस्तान के नेता कॉन्ग्रेस के इस शहजादे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए दुआ कर रहे हैं लेकिन मजबूत भारत तो अब मजबूत सरकार ही चाहता है…”

पीएम मोदी ने कहा, “आप सभी अपने एक वोट के महत्व को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। 2014 में आपके एक वोट ने ऐसा काम किया, ऐसा काम किया कि पूरी दुनिया भारत के लोकतंत्र की ताकत को सलाम करने लग गई थी। आपने 2014 में अपने एक वोट से कॉन्ग्रेस की महाभ्रष्ट सरकार को हटा दिया था। आपके एक वोट ने भाजपा-NDA की सरकार बनाई और आपके इस एक वोट की ताकत का परिणाम क्या हुआ? आज भारत का पूरी दुनिया में डंका बज रहा है। 500 साल से हमारी कितनी ही पीढ़ियाँ संघर्ष करती रहीं, इंतजार करती रहीं, लाखों लोग शहीद होते रहे। 500 साल लंबा अविरत संघर्ष चला। शायद दुनिया में इतना लंबा अविरत संघर्ष कहीं नहीं हुआ होगा जो अयोध्या में हुआ। आपके वोट की ताकत देखिए… 500 साल तक अनेक पीढ़ियाँ बीत गईं, लेकिन जो काम नहीं हुआ वो आपके एक वोट से, आज राम मंदिर बन गया।”

झूठे निकले कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो! कनाडा ने खालिस्तानी निज्जर हत्याकांड में जिन तीनों को गिरफ्तार किया, उनके लिंक ISI से: ड्रग्स के धंधे में भी शामिल

कनाडा में जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। ‘द रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ ने इस मामले में 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उन्हें इस हत्याकांड में आरोपित बनाया है। RCMP ने शुक्रवार (3 मई, 2024) को एक बयान जारी कर के कमलप्रीत सिंह, करणप्रीत हैं और करण बराड़ के बारे में बताया। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित एक गुरुद्वारा के पार्किंग एरिया में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी।

कनाडा की तरफ से बताया गया कि ‘इंटरग्रेटेड होमीसाइड इन्वेस्टीगेशन टीम (IHIT)’ और फ़ेडरल पुलिसिंग प्रोग्राम पैसिफिक रीजन ने 18 जून, 2023 को हुए इस हत्याकांड के संबंध में गिरफ़्तारी की पुष्टि की। बताया गया कि अनगिनत घंटों की तैयारी और रणनीतिक साझेदारियों के बाद ऐसी गिरफ़्तारी संभव हो पाती है। कनाडाई मीडिया संस्थान CBC का कहना है कि ये तीनों ‘हिट स्क्वाड’ का हिस्सा थे और पिछले कई महीनों से पुलिस की रडार पर थे।

इनकी निगरानी की जा रही थी। वहीं भारतीय अधिकारियों के सूत्रों का कहना है कि ये तीनों कनाडा में ही रह रहे थे और ड्रग्स के कारोबार में शामिल थे। पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के साथ भी इनके कनेक्शन हैं। भारतीय राजनयिकों में स्थित सूत्रों का कहना है कि NIA द्वारा वांछित कई गैंगस्टर कनाडा में रह कर भारत में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के लिए ISI से उन्हें लगातार धन मिल रहा है।

बताया गया कि भारत की तरफ से कई बार पर्याप्त सबूत मुहैया कराए गए, लेकिन कनाडाई सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं कनाडाई पुलिस का कहना है कि इस मामले में अलग से भी जाँच चल रही है, अभी जाँच खत्म नहीं हुई है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बताया था, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधारहीन करार दिया था। अब इन तीनों गिरफ्तार आरोपितों पर फर्स्ट डिग्री मर्डर और हत्या की साजिश का मुकदमा चलाया जाएगा

उधर कनाडा की ‘न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP)’ के नेता जगमीत सिंह ने एक बार फिर से हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में भारत का हाथ होने की बात दोहराई है, जबकि कनाडा पुलिस तक ने ऐसा कुछ सबूत नहीं दिया है। जगमीत सिंह की पार्टी ने जस्टिन ट्रूडो की सरकार को समर्थन दे रखा है। कनाडा पुलिस ने उस कार की भी तस्वीर जारी की है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि हत्या में उसका इस्तेमाल किया गया। हरदीप सिंह निज्जर को NIA ने आतंकी घोषित कर रखा था।

कॉन्ग्रेस नहीं दे रही चुनाव लड़ने के लिए फंड: ओडिशा के पुरी कैंडिडेट ने टिकट ही लौटा दिया, UP के बुलंदशहर में ₹35 लाख की बंदरबाँट

लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया जारी है। इसके सात चरणों में से दो चरण का मतदान संपन्न हो चुका है, जबकि तीसरे चरण का मतदान 7 मई को निर्धारित है। इस बीच कॉन्ग्रेस की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। ओडिशा के पुरी लोकसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार सुचरिता मोहंती ने अपना टिकट लौटा दिया है। मोहंती का कहना है कि पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए फंड नहीं दिया।

मोहंती ने कहा, “मैंने टिकट वापस कर दिया है, क्योंकि पार्टी मुझे फंड देने में सक्षम नहीं थी। दूसरा कारण यह है कि 7 विधानसभा क्षेत्रों की कुछ सीटों पर जीतने योग्य उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया गया है। इसके बजाय, कुछ कमजोर उम्मीदवारों को टिकट मिला है। मैं इस तरह से चुनाव नहीं लड़ सकती।” उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जब वरीय नेताओं से बात की तो उन्हें अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया।

सुचरिता मोहंती ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने कॉन्ग्रेस के खातों पर बैन लगा रखा है, इसलिए उन्हें फंड नहीं मिल रहा। उन्होंने पार्टी फंड नहीं दे सकती। मोहंती ने कहा, “भाजपा और बीजद (बीजू जनता दल-BJD) पैसे के पहाड़ पर बैठे हैं। यह मेरे लिए मुश्किल था। हर जगह धन का अश्लील प्रदर्शन हो रहा है। मैं ऐसी प्रतिस्पर्धा नहीं चाहती।”

दरअसल, सुचारिता मोहंती ने फंड की कमी के बारे में कॉन्ग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से भी बात की थी। पार्टी की स्थिति को देखते हुए उन्होंने चंदा भी माँगी। इसके लिए उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक कैंपेन भी शुरू किया। हालाँकि, इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली और आखिरकार अपना टिकट वापस कर दिया। पुरी से भाजपा की ओर से संबित पात्रा प्रत्याशी हैं।

बता दें कि कॉन्ग्रेस में सामने आया यह अकेला मामला नहीं है। इससे पहले इंदौर में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वॉइन कर लिया। उधर, यूपी के बुलंदशहर में चुनावी फंड के घालमेल करने का मामला सामने आ चुका है। कॉन्ग्रेस के बुलंदशहर के जिला अध्यक्ष राकेश भाटी का एक कथित पत्र वायरल हो रहा है।

इस पत्र में कहा गया है कि पार्टी द्वारा वाहनों, प्रचार सामग्री, पंपलेट, स्टीकर, हैंडबिल, फ्लैक्स एवं समस्त चुनाव कार्यालय के संचालन के लिए दिए गए थे। इसमें प्रत्याशी की सहमति से कुछ पैसे खर्च किए गए और चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया गया।

इसी बीच 14 अप्रैल को कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष विदित चौधरी अपने साथ पार्टी प्रत्याशी शिवराम बाल्मिकी को लेकर आए और पार्टी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे से फोन पर बात कराई। इसके बाद वे लोग बाकी बचे फंड को यह कहकर अपने साथ ले गए कि फंड प्रत्याशी के लिए आया है और वह अपने हिसाब से खर्च करेंगे।  

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के मीडिया प्रभारी शशिभूषण शर्मा समेत एक अन्य कार्यकर्ता ने बताया कि 70 से 75 लाख रुपए चुनावी फंड मिला था। इसमें 35 लाख रुपए की बंदरबाँट कर ली गई है। हालाँकि, वायरल हुए इस पत्र को लेकर राकेश भाटी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं कहना है।