उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक मुस्लिम महिला ने अपने शौहर को बेरहमी से पीट दिया। पीड़ित शौहर मन्नान जैदी ने 4 मई 2024 को अपनी बीवी महर जहाँ के खिलाफ थाने में तहरीर दी। जैदी ने बीवी पर नशा देकर बेरहमी से पीटने, गला दबाने, सिगरेट से जलाने और जान से मारने की फिराक में होने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज करके महर को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला बिजनौर जिले के थाना क्षेत्र स्योहारा का है। मन्नान ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उनका निकाह 17 नवंबर 2023 को महर जहाँ से हुआ था। यह लव मैरिज थी। निकाह के बाद महर ने अपने शौहर पर दबाव बनाकर अपने ससुराल वालों से अलग किराए पर रहना शुरू कर दिया। पीड़ित शौहर के मुताबिक, निकाह के बाद पता चला कि उनकी बीवी एक गलत चरित्र की महिला है।
पीड़ित ने अपनी बीवी पर शराब और सिगरेट पीने के साथ-साथ घर में लड़ाई-झगड़ा करने का आरोप लगाया है। इन हरकतों को मन्नान ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बताया है। शिकायत में मन्नान ने 29 अप्रैल 2024 की घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रात लगभग डेढ़ बजे उनकी बीवी शारीरिक संबंध बनाने के लिए उनके पास आई। इससे पहले अरोपिता ने मन्नान को पीने के लिए दूध दिया।
मन्नान जैदी का आरोप है कि इस दूध में महर जहाँ ने नशीला पदार्थ मिला दिया था। दूध पीने के बाद वह बेसुध हो गए। जब मन्नान बेसुध हो गए तो महर जहाँ ने उनके हाथों और पैरों को बाँध दिया। इसके बाद अरोपित मेहर जहाँ ने पीड़ित का गला दबाया और चाकू से गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) काटने की कोशिश की। इसके अलावा, मेहर ने जलती सिगरेट से मन्नान के शरीर को भी दागा गया।
मन्नान जैदी का आरोप है कि इस दौरान वह पीड़ा से चीखते-चिल्लाते रहे। मन्नान ने यह भी बताया कि इस दौरान कमरे में लगे हुए गुप्त कैमरे में उनकी बीवी की करतूतें कैद हो गई हैं। यह मामला सामने आने के बावजूद महर जहाँ अपने शौहर को ही झूठे मुकदमे में जेल भेजवाने और जान से मार डालने की धमकी देने लगी। पीड़ित ने अपनी बेगम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस शिकायत पर 4 मई को ही महर जहाँ को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली। अरोपिता पर IPC की धारा 328, 307, 323 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है। 5 मई (रविवार) को बिजनौर पुलिस ने महर जहाँ को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अपनी और मेरी माँ दोनों को पीटती थी
ऑपइंडिया ने पीड़ित शौहर मन्नान जैदी से बात की। मन्नान ने हमें बताया कि उनकी बीवी का किसी और लड़के से अफेयर था। मन्नान ने कहा, “मेरी बीवी इस्लामी कानूनों को ठीक से नहीं मानती थी। वो अपनी और मेरी अम्मी, दोनों को आए दिन बुरी तरह से पीटती थी। यहाँ तक कि कुरान पर भी उलटी-सीधी टिप्पणी किया करती थी।”
मन्नान ने बताया कि वो आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करता है। इसी दौरान उसकी महर जहाँ से मुलाकात हुई थी। बाद में दोनों में प्यार बढ़ा और अंत में दोनों ने परिवार वालों की मर्जी से निकाह कर लिया।बकौल मन्नान, उनके पास अपनी बीवी के खिलाफ तमाम सबूत हैं, जिसमें से कुछ उन्होंने पुलिस को दिए हैं और कुछ लोक-लाज के चलते छिपा रखे हैं।
बॉलीवुड फ़िल्में देखने वाला हर शख्स करण जौहर को जानता है। उनकी फ़िल्में ‘कुछ कुछ होता है’ (1998), ‘कभी ख़ुशी कभी गम’ (2001), ‘कभी अलविदा ना कहना’ (2006) और ‘माई नेम इज खान’ (2010) को शाहरुख़ खान की करियर को परिभाषित करने वाली मानी गईं। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ (2012) से उन्होंने वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा का डेब्यू कराया। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ (2016) और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) कुछ खास नहीं चलीं, लेकिन दोनों फ़िल्में बड़े ग्रैंड स्केल पर बनाई गई थीं और चर्चित रहीं।
इन सबसे भी ज़्यादा करण जौहर की पहचान बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में होती है। उन्होंने अपनी कंपनी ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ के बैनर तले 50 से भी अधिक फिल्मों का निर्माण किया है। कई कॉमेडी शो में करण जौहर खुद का मजाक बनाते हुए भी नज़र आते हैं। करण जौहर के पिता यश जौहर भी फ़िल्मी दुनिया में एक बड़ा नाम थे और उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘दोस्ताना’ (1980) और ‘अग्निपथ’ (1990) जैसी फ़िल्में प्रोड्यूस की।
करण जौहर को बुरा लग गया, किसी ने उसकी नकल कर दी
यहाँ हम करण जौहर की बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक इंस्टाग्राम स्टोरी के कारण वो चर्चा में हैं। उन्हें बुरा लग गया है, उनका मजाक बनाया गया इसीलिए। करण जौहर ने लिखा, “मैं अपनी माँ के साथ बैठ कर टेलीविजन देख रहा था। उसी दौरान एक रियलिटी कॉमेडी शो का प्रोमो दिखा, जो कि एक सम्मानित माने जाने वाले चैनल का है। एक कॉमेडियन बहुत बुरे तरीके से मेरी नकल कर रहा था। मैं ट्रॉल्स या बिना चेहरे-नाम वाले लोगों से ये अपेक्षा कर सकता हूँ, लेकिन आप जिस इंडस्ट्री का 25 से भी अधिक वर्षों से हिस्सा हैं उसके लोग ऐसा करते हैं तो वो आज के समय के बारे में बताता है।”
करण जौहर का कहना है कि इससे उन्हें गुस्सा नहीं आया बल्कि दुःख हुआ है। बॉलीवुड की एक अन्य प्रोड्यूसर एकता कपूर, जो बीते जमाने के स्टार रहे जितेंद्र की बेटी हैं, उन्होंने करण जौहर का समर्थन किया। सास-बहू वाली सीरियल बनाने वाली एकता कपूर ने लिखा कि ऐसा कई बार हुआ है, शो और अवॉर्ड फंक्शन्स में ख़राब मजाक दिखाया जा रहा है और वो उम्मीद करते हैं कि आप उसका हिस्सा बनें। एकता कपूर ने कहा कि करण जौहर को उन्हें कहना चाहिए कि वो उनकी तरह एक क्लासिक फिल्म बना कर दिखाएँ।
करण जौहर ने माँ के साथ देख ली अपनी मिमिक्री तो इंस्टाग्राम पर डाल दी स्टोरी
ये बड़े आश्चर्य की बात है कि कॉमेडी ख़राब भी हो सकती है, ये बॉलीवुड के प्रभावशाली लोगों को तभी पता चलता है जब बात खुद उन पर आती है। और खुद पर भी आती है तो भी कोई दिक्कत नहीं है, अगर उन्हें इसकी एवज में पैसे मिल रहे हों। रोस्ट शो में जाकर फिर वो खुद का मजाक भी उड़वाते हैं। वहीं कॉमेडी शो में लोगों की शारीरिक संरचना के आधार पर मजाक बनाया जाता है, गर्भवती महिलाओं का मजाक बनाया जाता है, लुक्स पर मजाक बनाए जाते हैं – तब ये चूँ तक नहीं करते।
किसने की करण जौहर की नक़ल, क्या कहा
करण जौहर यहाँ जिस कॉमेडियन की बात कर रहे हैं उनका नाम केतन सिंह है और जिस चैनल की बात कर रहे हैं वो ‘सोनी टीवी’ है। शो का नाम है ‘मैडनेस मचाएँगे’, जिसमें ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के गाने ‘राधा तेरी चुनरी’ के साथ कॉमेडियन केतन सिंह की एंट्री होती है और वो सूट-बूट पहन कर करण जौहर की स्टाइल में बात करते हुए कहते हैं कि उन्होंने इतने स्टार किड्स को लॉन्च किया है कि उनका डाइल प्लान ‘ब्रेकफास्ट, लॉन्च और डिनर’ का हो गया है।
इस शो में सुपरस्टार रजनीकांत और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का भी मजाक बनाया गया। केतन सिंह करण जौहर की स्टाइल में बोल रहे थे, लेकिन प्रोमो में कोई अश्लीलता नहीं दिखी। बात ये है कि करण जौहर खुद दुनिया भर के गॉसिप कर सकते हैं, लेकिन एक मजाक उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ? अब केतन सिंह ने माफ़ी माँगते हुए कहा है कि उनका इरादा किसी को दुःख पहुँचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि वो ‘कॉफी विथ करण’ इंटरव्यू शो में करण जौहर को देखना पसंद करते हैं, इसीलिए उन्होंने उनकी नक़ल उतारी।
केतन सिंह ने खुद को करण जौहर के काम का फैन बताते हुए कहा कि वो उन्हें देख कर काफी सीखते हैं। बकौल केतन सिंह, ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ उन्होंने 5-6 बार देखी है। केतन सिंह का कहना है कि उन्होंने सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए उनकी मिमिक्री की थी। अब बात साफ़ है, भला पानी में रहना है तो मगरमच्छ से दुश्मनी क्यों ली जाए! केतन सिंह जैसे कलाकार छोटे-मोटे रोल करते हैं, ऐसे में वो एक ऐसे परिवार से दुश्मनी नहीं ही लेंगे जो पिछले 50 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है। वैसे भी मिमिक्री आर्टिस्ट्स की गलती नहीं होती है, चैनल उनसे ये सब करवाता है।
करण जौहर भूल गए AIB का वो शो, उनकी माँ भी थीं मौजूद
अभी आपने देखा कि कैसे करण जौहर को बुरा लग क्या कि किसी ने उनकी नक़ल क्यों की, क्योंकि वो अपनी माँ के साथ TV देख रहे थे। अब चलते हैं थोड़ा पीछे और देखते हैं कि करण जौहर को अपनी माँ के साथ क्या देखना बुरा लगता है और क्या नहीं। 2015 में ‘ऑल इंडिया बकचो$ (AIB)’ का एक शो आया था ‘नॉकआउट’ नाम से, जिसका हिस्सा करण जौहर के साथ-साथ अभिनेता रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर भी थे। उस शो में हद दर्जे की अश्लीलता परोसी गई थी।
क्या बॉलीवुड के इन रसूखदार लोगों ने कभी सोचा कि टीवी पर कई लोग अपनी माँ, अपनी बहन या अपने बच्चों के साथ इस शो को देख रहे होंगे? उन्होंने तब नहीं सोचा, फिर अब अचानक से उन्हें नैतिकता का ज्ञान कहाँ से याद आ गया? इस दौरान खुद करण जौहर ने अभिनेताओं के इंट्रो के लिए धन्यवाद देते हुए कहा था कि उनकी माँ दर्शकों की पहली दीर्घा में बैठी हैं और शो ख़त्म होते-होते उन्हें एम्बुलेंस की ज़रूरत पड़ सकती है। याद दिला दें कि रणवीर सिंह का इंट्रो देते समय महिला कॉमेडियन ने सेक्स तोय ‘डिल्डो’ की बात भी की थी।
बताइए, माँ के सामने सेक्स टॉय की बात हुई तो करण जौहर को बुरा नहीं लगा, लेकिन उनकी मिमिक्री टीवी पर किसी छोटे-मोटे कलाकार ने कर दी तो उन्हें बुरा लग गया। कॉमेडियन अदिति मित्तल के लिए उन्होंने ‘Asshole’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस दौरान डबल मीनिंग बातें भी की गईं। करण जौहर ने कहा कि रणवीर सिंह अंतिम बार किसी अच्छी चीज के भीतर थे, तो वो दीपिका पादुकोण थीं। एक दृश्य में रणवीर सिंह झुक कर बैठते हैं तो करण जौहर कहते हैं कि ये तो उनकी ‘पोजीशन’ है।
इस शो में दर्शकों में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और दीपिका पादुकोण भी बैठी हुई थीं। फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने कहा था कि करण जौहर ‘Slutty’ हैं और उनका ‘Cock’ गॉसिप से भी ज्यादा तेज़ यात्रा करता है। शो में बार-बार ‘Fuck’ शब्द का इस्तेमाल हुआ। सोचिए, उस समय करण जौहर को ये ख्याल भी नहीं आया कि उनकी माँ वहाँ पर मौजूद हैं। वैसे भी बॉलीवुड में मजाक बनाया जाना कोई नई बात नहीं है, ऐसे लेकर मजाक बनाया जाता है और बना भी जाता है।
एक बार एक अवॉर्ड शो में मंच से शाहरुख़ खान और सैफ अली खान ने नील नितिन मुकेश का मजाक बनाया था, जबकि उनके पिता भी बगल में बैठे हुए थे। नील नितिन मुकेश ने जब आपत्ति जताई तो, शाहरुख़ खान मजाक बनाते हुए कहने लगे कि ये ऐसे बोल रहा है जैसे विधु विनोद चोपड़ा या आशुतोष गोवारिकर की फिल्म मिल गई है। इसी तरह मंच पर सुशांत सिंह राजपूत का भी मजाक बनाया गया था। ऐसे में करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी उनके दोगले रवैये का अलावा और कुछ नहीं है
लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (6 मई 2024) को ओडिशा पहुँचे और बेहरामपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी बीजू जनता दल (BJD) और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJD के 25 साल के शासन में ओडिशा को जमकर लूटा। ओडिशा के लोगों को गरीबी में धकेलने के लिए कॉन्ग्रेस पर हमला बोला।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ओडिशा में पहले करीब 50 साल कॉन्ग्रेस और फिर 25 साल से बीजेडी की सरकार रही है। लेकिन हुआ क्या? ओडिशा के पास भरपूर पानी भी है, ओडिशा के पास भरपूर उपजाऊ जमीन भी है, ओडिशा की जमीन के नीचे खनिज का खजाना भी है। इतना लंबा समुद्री तट भी है। बहरामपुर जैसा ट्रेड सेंटर भी है। ये तो सिल्क सिटी भी है।”
#WATCH | Odisha: Addressing a public rally in Behrampur, PM Modi says, "For 50 years and then for 25 years, the BJD government ruled Odisha… Odisha has water, agricultural land, mineral ores, a long sea coast, history and heritage, there is everything in Odisha. Then why is it… pic.twitter.com/3f4pG5Xs47
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “यह खाद्य की राजधानी भी है। यहाँ इतिहास भी है, संस्कृति की धरोहर भी है… सब कुछ है। परमात्मा ने इतना दिया है… इतना दिया है…। मैं हर बार कहता हूँ कि ऐसा क्या हुआ कि इतने अमीर ओडिशा की जनता गरीब रह गई। ओडिशा अमीर है, जनता गरीब है। ये पाप किसने किया? इसका जवाब है… पहले कॉन्ग्रेस और फिर बीजेडी के नेताओं की लूट।”
पीएम मोदी ने जनता से सवाल किया, “बीजेडी के छोटे-छोटे नेता भी बड़े-बड़े बंगले के मालिक हो गए हैं। आखिर क्यों? मुख्यमंत्री के इस क्षेत्र से सबसे ज्यादा श्रमिक पलायन करते हैं। आखिर क्यों? यहाँ के ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टर के पद खाली हैं। आखिर क्यों? यहाँ बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। यहाँ पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज तक नहीं हैं। पानी की बेहतर सुविधा नहीं है।”
4 जून पर यहां की BJD सरकार की एक्सपायरी डेट लिखी हुई है।
आज 6 मई है, 6 जून को BJP के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय होगा।
10 जून को भुवनेश्वर में BJP के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होगा।
मैं आज सबको भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के लिए निमंत्रण देने आया हूं।
पीएम मोदी ने कहा, “4 जून पर यहां की BJD सरकार की एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। आज 6 मई है, 6 जून को BJP के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय होगा। 10 जून को भुवनेश्वर में BJP के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होगा। मैं आज सबको भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के लिए निमंत्रण देने आया हूँ।”
पीएम मोदी ने कहा, “केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये ओडिशा को दिए। वो पैसे यहाँ की सरकार सही से खर्च ही नहीं कर पाई। मोदी गाँव में सड़कें बनाने के लिए पैसा भेजता है, लेकिन यहाँ गाँवों में सड़कों की हालत खराब है। मोदी दिल्ली से मुफ्त चावल के लिए पैसे भेजता है, लेकिन BJD सरकार इस योजना पर भी अपना फोटो चिपका देती है।”
दिल्ली के एक कोर्ट ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) की MLC के कविता को जमानत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह जमानत दिल्ली शराब घोटाला मामले में माँगी थी। कविता ने शराब घोटाला मामले में नियमति जमानत की माँग की थी।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के राउज अवेन्यु कोर्ट में BRS MLC के कविता ने याचिका लगाई थी कि उन्हें CBI और ED दोनों की ही गिरफ्त से राहत दी जाए। इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट जज कावेरी बावेजा ने उनकी यह जमानत याचिका खारिज कर दी।
के कविता ने अपनी याचिका में कहा कि वर्तमान मामले में किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ करने और मुकदमे को प्रभावित करने के प्रयास की कोई आशंका नहीं पैदा होती है, ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए। हालाँकि, कोर्ट ने उनकी कोई बात नहीं मानी और जमानत देने से इनकार कर दिया।
इससे पहले भी के कविता की जमानत याचिकाएँ खारिज हो चुकी हैं। एजेंसी ने उन पर यह भी आरोप लगाया था कि वह गवाहों को इस मामले में प्रभावित कर रही थीं। इससे पहले लगाई गई जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ED की तरफ से पेश वकील जोहेब हसन ने कहा था कि PMLA कानून में महिलाओं के लिए राहत का प्रावधान है, लेकिन कविता को सामान्य महिला नहीं माना जा सकता। ED ने कहा कि वह कोई सामान्य महिला नहीं बल्कि बड़ी राजनेता हैं।
ED ने कहा था, ”इस मामले में आरोपित (के कविता) रिश्वत देने के मामले में सबसे प्रमुख किरदार है। उन्होंने सिर्फ रिश्वत ही नहीं दी है, बल्कि इंडोस्पिरिट्स के माध्यम से इस मामले में फायदा भी लिया है। मैं सिर्फ बयानों पर विश्वास नहीं कर रहा। हमारे पास इस मामले में सबूत, व्हाट्सएप डॉक्यूमेंट सब हैं। इस मामले में उन खातों से लेनदेन हुआ और यह उनकी लाभार्थी हैं।” के कविता वर्तमान में जेल में बंद हैं। उनको 15 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘इंडिया डेली लाइव’ के पत्रकार प्रियांक वाजपेयी को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने ‘जिहाद’ का मतलब समझाया। इस दौरान पत्रकार ने उन्हें उलझाने की कोशिश भी की, लेकिन कपिल मिश्रा ने अपने अंदाज़ में बेबाकी से कुतर्क का जवाब तर्क से दिया। कपिल मिश्रा ने इस दौरान ये स्पष्ट कहा कि जिसने औरंगज़ेब को अपना बाप मान लिया है उसे निशाना बनाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आप धर्म बदल सकते हो, लेकिन पूर्वज तो वही रहेंगे।
याद दिलाते चलें कि फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी की जिलाध्यक्ष मारिया आलम खाँ ने ‘वोट जिहाद’ की अपील की थी। वो पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी हैं। उन्होंने कहा था कि ‘संघी सरकार’ को हटाने के लिए ये ज़रूरी है। कायमगंज में I.N.D.I. गठबंधन के प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करते समय उन्होंने ऐसा कहा था। उन पर FIR भी दर्ज की गई थी। हालाँकि, सलमान खुर्शीद ने अपनी भतीजी के बयान से बाद में किनारा कर लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। गुजरात के सुरेंद्र नगर में पीएम मोदी ने कहा कि अब तक ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के बारे में सुना था, लेकिन अब मुस्लिमों से ‘वोट जिहाद’ की अपील की जा रही है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस के किसी भी नेता ने इस बयान का विरोध नहीं किया। इसके बाद झारखंड में भी उन्होंने ‘वोट जिहाद’ वाली विपक्ष की अपील पर करारा प्रहार किया।
कपिल मिश्रा ने इंटरव्यू में कहा – जिहाद का सीधा अर्थ होता है काफिर को मारने और उसे मुस्लिम बनाना। कपिल मिश्रा ने पूछा कि अजमल कसाब क्या करने आया था, संसद भवन पर हमला करने वाले क्या करने आए थे? इस पर IDL के सीनियर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर प्रियांक वाजपेयी उन्हें समझाने लगे कि जिहाद का तो मतलब होता है खुद पर नियंत्रण रखना। इस पर कपिल मिश्रा ने सवाल दागा कि क्या अजमल कसाब खुद पर नियंत्रण रखने आया था?
उन्होंने कहा कि इससे बड़ी बदतमीजी और झूठ कुछ नहीं हो सकता है। पत्रकार आरोप लगाने लगा कि जिहाद शब्द का गलत अर्थ लगाया गया और कसाब को इसका सही अर्थ नहीं पता था, इस पर कपिल मिश्रा ने कहा कि तुम जाकर आतंकियों को समझा दो जिहाद का मतलब, रावलपिंडी, लाहौर और कराची में जाकर बताओ। कपिल मिश्रा ने पूछा कि आतंकी बम फोड़ेंगे और आप हिन्दुओं के बीच में बैठ कर जिहाद का मतलब समझाओगे? प्रियांक वाजपेयी फिर कहने लगे कि आप जनप्रतिनिधि हैं, आपको इसका सही मतलब बताना चाहिए।
इस पर पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया ने 9/11 से लेकर संसद भवन पर हमले तक ‘जिहाद’ का मतलब पता है। उन्होंने कहा कि जिहाद के नाम पर राम मंदिर को गिराया गया था, भारत के 2 टुकड़े हुए और काशी के संकटमोचन मंदिर में बम ब्लास्ट हुआ, दिल्ली के कनॉट प्लेस और लाजपत नगर में धमाके हुए। कपिल मिश्रा ने कहा कि जो काम जिहादी बन कर कसाब बंदूक से करने आया था, ‘वोट जिहाद’ का नारा लगाने वाले वही काम वोट से करना चाहते हैं।
कपिल मिश्रा ने कहा, “ये भारत है। यहाँ जिहाद जब-जब आया है, हार कर गया है। हमने राम मंदिर को भी दोबारा खड़ा कर लिया। आप डिक्शनरी से लेकर इसका अर्थ इधर-उधर घुमाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब सबको पता है। इसके नाम पर क्या सिखाया जाता है। ‘वोट जिहाद’ का मतलब ये थोड़े था कि स्कूल-अस्पताल बनाएँगे, उनका आशय था कि सारे मुस्लिम एक होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करें।”
फिर ‘इंडिया डेली लाइव’ के प्रियांक वाजपेयी सलाह देने लगे कि भाजपा खुद को ‘सर्वधर्म समभाव’ वाली पार्टी कहती है तो उसे जिहाद का असली अर्थ समझाते हुए आगे बढ़ना चाहिए, राष्ट्रवादी मौलानाओं का पक्ष भी यही है। इस पर कपिल मिश्रा ने चुनौती दी कि वो दारुल उलूम देवबंद से जिहाद के खिलाफ फतवा निकलवा दे। उन्होंने कहा कि भाजपा थोड़े बताएगी इसका मतलब, मौलवियों या मस्जिदों ने बम धमाके और हमले के आतंकियों के खिलाफ फतवा निकाला क्या?
जिहाद मतलब आतंक वोट जिहाद मतलब वोट लेकर आतंक
जब पत्रकार महोदय जिहाद का मतलब आत्म नियंत्रण बताने लगे तो मतलब समझाना ही पड़ा
— Kapil Mishra (Modi Ka Pariwar) (@KapilMishra_IND) May 5, 2024
कपिल मिश्रा ने कहा कि देवबंद को फतवा निकालना चाहिए कि आतंकियों को मरने के बाद ’72 हूरें’ नहीं मिलेंगी, बल्कि वो सब जहन्नुम में जाएँगे। इसके बाद भी प्रियांक वाजपेयी कहते रहे कि ये कपिल मिश्रा वाली परिभाषा है। करावल नगर से BJP के विधानसभा प्रत्याशी रहे कपिल मिश्रा ने कहा कि ये उनकी परिभाषा नहीं है, ये सत्य है। उन्होंने कहा कि विश्व का इतिहास ये कह रहा है कि जिहाद मतलब आतंक। उन्होंने पूछा कि वो डिक्शनरी में अर्थ खोजें या उनके सामने जो तलवार लेकर खड़ा है उसे देखें?
झारखंड की राजधानी राँची में प्रर्वतन निदेशालय (ED) की टीमें सोमवार (6 मई, 2024) सुबह से ही छापेमारी में जुटी हुई हैं। यहाँ झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के एक नौकर के घर से ED को करोड़ों की नकदी मिली है। ₹20 करोड़ की गिनती हो चुकी है जबकि बाकी गिनती के लिए मशीनें लाई जा रही हैं। यह पूरा घोटाला और नकद का पहाड़ एक ₹10 हजार की रिश्वत के कारण सामने आ सका है।
ED की टीमों ने राँची के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े लोगों पर हुई। मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर जहाँगीर के यहाँ भी ED पहुँची। यहाँ उसे नोटों का पहाड़ मिला। इसकी गिनती सुबह से जारी है। अद्यतन सूचना तक ED ₹20 करोड़ गिन चुकी थी जबकि आगे की गिनती के लिए नोट गिनने वाले मशीनें मँगाई जा रही थीं। यह पैसा बड़े-बड़े बैग में भर कर रखा गया था।
यह पूरा मामला मात्र ₹10 हजार की रिश्वत के एक मामले के बाद खुला है। इसमें अब तक सैकड़ों करोड़ का खुलासा हो चुका है। दरअसल, नवम्बर 2019 में झारखंड सरकार में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। वह यह रिश्वत एक ठेकेदार से ले रहे थे। उनकी गिरफ्तारी एसीबी ने की थी। इसके बाद एजेंसी ने वर्मा के घर और बाकी ठिकानों की जाँच चालू की।
जब वर्मा के घर पर एजेंसी जाँच करने के लिए पहुँची तो उसे यहाँ ₹2 करोड़ से अधिक की धनराशि बरामद हुई। एजेंसी को पूछताछ में पता चला कि वर्मा किराए के घर में रहते हैं और यह घर ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम का है। वर्मा ने यह भी बताया कि यहाँ मिला पैसा उनसे सम्बन्धित नहीं बल्कि यह पैसा भी वीरेंद्र राम का है और उन्होंने ही यह उन्हें रखने के लिए दिया था। इसके बाद जाँच की सुई वीरेंद्र राम की तारफ घूमी।
फरवरी, 2023 में वीरेंद्र राम के ठिकानों पर छापेमारी हुई। वीरेंद्र राम के यहाँ ED को ₹30 लाख मिले। इसके अलावा ₹1.5 करोड़ के जेवर मिले। ED को यहाँ कई कागजात भी मिले। इसमें पता चला कि वीरेंद्र राम के पास ₹100 करोड़ की चल-अचल सम्पत्ति है। वीरेंद्र राम को एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया गया था। वीरेंद्र राम पर ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वन में गड़बड़ी करने का आरोप भी मिला था।
अब इस मामले में ED फिर सक्रिय हो गई है और उसने ग्रामीण विकास मंत्रालय के मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव के ठिकानों को तलाशना चालू कर दिया है। बताया गया कि जिस नौकर के यहाँ करोड़ों की नकदी मिली है, वह मात्र ₹15 हजार प्रति माह पाता है। एजेंसी अब इस पैसे का स्रोत पता करने की कोशिश करेगी।
लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया जारी है। इस बीच उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने जौनपुर से अपने उम्मीदवार को बदल दिया है। बसपा ने यहाँ से धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी को टिकट दिया था। अब श्रीकला की जगह बसपा ने श्याम सिंह यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। श्रीकला रेड्डी के अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बताते चलें कि आज सोमवार (6 मई 2024) को जौनपुर सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख है। इस बीच बसपा ने यह बड़ा कदम उठाया है। श्रीकला रेड्डी टिकट कटने की पुष्टि बसपा के जोनल कॉर्डिनेटर ने की है। श्रीकला ने चार दिन पहले ही बहुजन समाज पार्टी से अपना नामांकन दाखिल किया था। इस सीट पर छठे चरण में 25 मई 2024 को मतदान है।
अब बसपा से टिकट कटने के बाद श्रीकला रेड्डी के पति और जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने लोगों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा की उनकी पत्नी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी या नहीं। बता दें कि श्याम सिंह यादव जौनपुर के वर्तमान सांसद हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिषी ने कहा है कि वे ही इस बार भी चुनाव जीतेंगे।
पीएम मोदी के खिलाफ BSP ने बदले उम्मीदवार
बता दें कि बसपा ने गुरुवार (2 मई 2024) को उम्मीदवारों की 12वीं लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दूसरी बार उम्मीदवार बदला गया। बसपा ने पहले यहाँ से अतहर जमाल लारी को टिकट दिया था। इसके बाद उनका टिकट काटकर सैयद नेयाज अली को प्रत्याशी बनाया। फिर नेयाज का टिकट काटकर लारी को उम्मीदवार बनाया गया।
इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अमेठी से से अपना उम्मीदवार बदल दिया था। मायावती ने सबसे पहले यहाँ से रवि प्रकाश मौर्य को बसपा से टिकट दिया था। हालाँकि, 24 घंटे बीतने के बाद उनका टिकट काट दिया गया। बसपा ने रवि प्रकाश मौर्य की जगह अमेठी से नन्हे सिंह चौहान को उम्मीदवार घोषित किया है।
कौन हैं श्रीकला रेड्डी
श्रीकला रेड्डी एक बड़ी बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखने को लेकर भी है। वह फिलहाल जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। धनंजय सिंह से शादी के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुईं। हालाँकि, उनका मायका पक्ष भी राजनीति से जुड़ा है। उनके पिता जितेंद्र रेड्डी 1969 में तेलंगाना की कोदद से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। वहीं, उनकी माँ ललिता रेड्डी अपनी गाँव की सरपंच हैं।
इसके अलावा अगर केवल श्रीकला रेड्डी की संपत्ति की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि धनंजय सिंह द्वारा दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक श्रीकला के पास 6.71 करोड़ से ज्यादा की चल संपत्ति है, जबकि 780 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। इतनी संपत्ति धनंजय सिंह के पास भी नहीं है। कुल 5.31 करोड़ की अचल संपत्ति और 3.56 करोड़ की चल संपत्ति है।
श्रीकला रेड्डी ने 12वीं तक की पढ़ाई चेन्नई से की है। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद से बीकॉम किया। ग्रेजुएशन के बाद वह अमेरिका से आर्किटेक्चर इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स करके बिजनेस में आ गईं। कुछ समय उन्होंने बिजनेस भी किया, लेकिन उनका राजनीति में रुझान शादी के बाद दिखा। उन्होंने भाजपा भी ज्वॉइन की थी। उसके बाद पंचायत सदस्य भी बनीं थीं।
कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के बयान से देश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपति नाराज हैं। राहुल ने अपने भाषण में कुलपतियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस पद पर पढ़ाई-लिखाई नहीं बल्कि आरएसएस से जुड़ाव देखा जाता है। अब इसी मामले में देश के 181 शिक्षाविदों और कुलपतियों ने मिलकर राहुल गाँधी को खुला पत्र लिख डाला है। इस पत्र में राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताई गई है।
पत्र में राहुल गाँधी के बयान को एक अफवाह करार दिया गया है। साथ ही कहा गया है, “हमें राहुल गाँधी के ट्वीट्स और बयानों से पता चला है कि वह अफवाह फैला रहे हैं देश के विश्वविद्यालयों में मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि आरएसएस से रिश्तों के आधार पर भर्तियाँ हो रही हैं।”
Vice Chancellors and academicians from several parts of the country write an open letter opposing Congress leader Rahul Gandhi’s remarks on the selection process of Vice Chancellors.
The letter reads "The process by which Vice Chancellors are selected is characterised by… pic.twitter.com/6jIQVai9m7
इसके बाद कुलपतियों ने राहुल गाँधी के बयान पर कहा, “कुलपतियों की एक बेहद सख्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नियुक्ति होती है। इसके लिए देखा जाता है कि जिस व्यक्ति को नियुक्त किया जाना है उसकी अकादमिक योग्यता क्या है। उसकी प्रशासनिक कुशलता कितनी है और यूनिवर्सिटी को आगे बढ़ाने के लिए क्या विजन रखता है। चयन प्रक्रिया में ये सब चीजें देखने के बाद नियुक्ति होती है।”
राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए पत्र में कहा गया है कि वह कोई काल्पनिक बातें न करें और न ही बिना किसी तथ्य के वो भ्रम फैलाएँ। ऐसी अफवाहों से शिक्षा का माहौल खराब हो जाता है। उन्होंने अपने पत्र में ये भी कहा कि वह लोग चयन के दौरान मेरिटोक्रेसी में यकीन रखते हैं। उच्च शिक्षा के लिए यही जरूरी होता है।
Several Vice Chancellors and academicians write an open letter opposing Congress leader Rahul Gandhi’s comments on the selection process of university heads. (n/1) pic.twitter.com/nrSIKdAkVj
कुलपतियों ने राहुल गाँधी को जवाब देते हुए कहा कि बीते कुछ समय से भारतीय यूनिवर्सिटियों की रैंकिंग में सुधार हुआ है और इनमें अद्भुत बदलाव आया है। भारतीय यूनिवर्सिटियों की ग्लोबल रैंकिंग भी अच्छी हुई है। लेकिन राहुल गाँधी इस तरह के बयान देकर उच्च शिक्षण संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
पत्र में कुलपतियों द्वारा कहा गया, “हम सभी से अपील करते हैं कि वे फैक्ट और फेक में अंतर समझने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करें। निराधार अफवाहों को फैलाने से बचें। ऐसी चर्चा में शामिल हों, जो क्रिएटिव और गतिशील वातावरण बनाने के हमारे लक्ष्य को सपोर्ट करे।”
Several Vice Chancellors and academicians write an open letter opposing Congress leader Rahul Gandhi’s comments on the selection process of university heads. (n/2) pic.twitter.com/nVsJGakwmH
बता दें कि राहुल गाँधी के बयान के विरोध में आए साझा पत्र में 180 वाइस चांसलर्स और शिक्षाविदों के हस्ताक्षर हैं। इसमें JNU की वाइस चांसलर्स शांतिश्री धुलीपुडी पंडित, दिल्ली यूनिवर्सिटी के VC योगेश सिंह और एआईसीटीई के अध्यक्ष टीजी सीताराम शामिल हैं। इसके अलावा संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी, एनसीईआरटी, नेशनल बुक ट्रस्ट, एनसीईआरटी, यूजीसी आदि के प्रमुख भी शामिल हैं।
इन सबने मिलकर राहुल गाँधी के बयान के विरोध में आवाज उठाई है। साथ ही राहुल गाँधी को लेकर कहा है कि उन्होंने इस मामले में झूठ फैलाया है और राजनीतिक लाभ उठाने के इरादे से बदनाम किया है, इसलिए प्रार्थना की जाती है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो।
1 जून, 2024 से चालू हो रहे T20 क्रिकेट विश्व कप के ऊपर आतंकी खतरा छा गया है। इस वर्ल्ड कप के सह आयोजक वेस्ट इंडीज के खिलाफ आतंकी समूह हिंसा भड़काने का ऐलान कर रहे हैं। वर्ल्ड कप पर छाया यह आंतकी खतरा पाकिस्तान से आया है।
इस खतरे को लेकर जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट में लिखा है, “इस्लामिक स्टेट (ISIS) समर्थक मीडिया ने खेल आयोजनों के खिलाफ हिंसा भड़काने के अभियान शुरू किए हैं, जिनमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान वाली जमात, IS खुरासान (IS-K) द्वारा जारी की गई वीडियो धमकियाँ भी शामिल हैं, इसमें कई देशों में हमलों की बात की गई है और आतंकियों से उनके देशों में युद्ध के मैदान में शामिल होने को लेकर भड़काया गया है।”
T20 वर्ल्ड कप को लेकर यह खतरे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से पैदा हुए हैं। यह इलाका आतंकियों के लिए स्वर्ग रहा है और यहाँ अब भी बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद हैं। इनके T20 वर्ल्ड कप को निशाना बनाने को लेकर चिंताएँ और बढ़ गई हैं। बताया गया है कि यहीं मौजूद आतंकियों ने वेस्ट इंडीज में होने वाले T20 विश्व कप को धमकी भेजी है।
उधर वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड में शामिल कैरिबियाई देशों ने अपने सुरक्षा इंतजाम इस खतरे के बाद पुख्ताकरना चालू कर दिए हैं। वेस्ट इंडीज क्रिकेट के प्रमुख जोंनी ग्रेव्स ने मीडिया को इस मामले में बताया, “हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ICC टT20 विश्व कप में सभी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमारे पास एक बड़ी और मजबूत सुरक्षा योजना है।” कैरिबियाई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस मामले में कार्रवाई करना चालू कर दिया है।
गौरतलब है कि T20 विश्व कप को 1 जून से 29 जून तक अमेरिका और वेस्ट इंडीज में आयोजित किया जाना है। अमेरिका में इसके लिए नए स्टेडियम भी तैयार हो रहे हैं। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज में शामिल देशों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। पहली बार अमेरिका में किसी बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। T20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी हो चुका है।
कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद राधिका खेड़ा ने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं पर उनके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के नेता सुशील आनंद सहित उनके दो साथियों को लेकर कहा है कि इन लोगों ने उनके साथ रायपुर के ऑफिस में अभद्रता की थी। इतना ही नहीं ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान तो ये तक पूछा था कि वो होटल के किस कमरे में ठहरी हैं और उन्हें पीने के लिए कौन सी शराब भेजी जाए। राधिका बताती हैं कि उनके पास इस शर्मनाक और अपमानजनक हरकत की दो और लड़कियाँ गवाह हैं।
उन्होंने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही उनकी वहाँ दर्शन करने की बहुत इच्छा थी। उद्घाटन के समय उन्हें वक्त नहीं मिला तो उन्होंने 27 मार्च अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली। राधिका की मानें तो इन्हीं फोटोज को देख कॉन्ग्रेस के कई नेता भड़क गए और भगवान राम के दर्शन करने के लिए उन्हें फटकारा। इसके बाद 4-5 अप्रैल को वह छत्तीसगढ़ पहुँचीं तो वहाँ भी उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। राधिका कहती हैं कि उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ झेला लेकिन 30 अप्रैल को हद पार तब हुई जब कार्यालय में उनके साथ बदसलूकी का प्रयास हुआ।
राधिका ने जानकारी दी कि 30 अप्रैल को शाम में वह अपने पार्टी कार्यालय में काम कर रही थीं। उसी वक्त कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद अपने दो साथियों संग आए और कमरा बंद करने की आवाज आई। राधिका के मुताबिक उन्होंने ये तो नहीं देखा कि कमरा बंद किसने किया लेकिन जैसे ही उन्होंने उन तीनों को सामने देखा उन्होंने तुरंत चिल्लाना शुरू किया और फोन से वीडियो भी बनाने लगीं। वह इस घटना के बाद चिल्लाते हुए बाहर आईं पर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
राधिका ने इस संबंध में कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं जैसे राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश जैसे नेताओं से न्याय की गुहार लगाई, मगर जब किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, न आरोपितों को नोटिस दिया गया तो वह आहत हुईं। इसी के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। राधिका ने यह तक कहा – “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ का नारा देना आसान था लेकिन जब अपनी ही पार्टी की एक नेता के लिए लड़ने की बात आई तो प्रियंका गाँधी ने कुछ नहीं किया। बहुत गुहार लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए उन्होंने ट्वीट करके मामला खोला।”
राधिका ने जानकारी दी कि सुशील आनंद, पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आदमी माने जाते हैं। यही वजह है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उलटा राधिका को ही परेशान किया जाने लगा। मीडिया में बात रखने से रोका जाने लगा। राधिका खुलासा करते हुए कहती हैं कि उन्होंने कॉन्ग्रेस के कार्यालय में महिलाओं के साथ अभद्रता को होते हुए देखा है और जो लड़की प्रियंका गाँधी के लिए काम कर रही थी उससे पिटते हुए भी।
पूर्व कॉन्ग्रेस नेत्री की मानें तो प्रियंका चतुर्वेदी, अंकिता दत्त और अर्चना गौतम जैसी कई महिलाओं के साथ कॉन्ग्रेस पार्टी के अंदर अभद्रता हो रही है, लेकिन ये लोग कुछ नहीं बोलतीं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेता अंजन दत्ता की बेटी अंकिता दत्ता के साथ कॉन्ग्रेसी नेता श्रीनिवास बद्तमीजी करता है मगर इसके बाद भी उसे कोई कुछ नहीं कहता है।
कॉन्ग्रेस की पूर्व नेत्री की मानें तो उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसके लिए वो अपराधियों को छोड़ेंगी नहीं। इस मामले में एफआईआर के लिए वह जल्द ही घरवालों से बात करेंगी और फिर एक्शन लेंगी। इसके अलावा आगे वो किस पार्टी से जुड़ेंगी इस पर भी उन्होंने आगे जानकारी देने को बोला है।
Congress leader Radhika Khera resigns from the primary membership of the party pic.twitter.com/Y5dahLeR8p
गौरतलब है कि इससे पहले 5 मई को राधिका खेड़ा का एक ट्वीट पर पत्र और एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो में वह अपना दर्द बता रही थीं और पत्र में उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्यागने की बात कही थी। राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”