Home Blog Page 970

पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के निशाने पर आया T20 वर्ल्ड कप, इस्लामिक स्टेट ने दी हमले की धमकी: 1 जून से वेस्टइंडीज-USA में होना है टूर्नामेंट

1 जून, 2024 से चालू हो रहे T20 क्रिकेट विश्व कप के ऊपर आतंकी खतरा छा गया है। इस वर्ल्ड कप के सह आयोजक वेस्ट इंडीज के खिलाफ आतंकी समूह हिंसा भड़काने का ऐलान कर रहे हैं। वर्ल्ड कप पर छाया यह आंतकी खतरा पाकिस्तान से आया है।

इस खतरे को लेकर जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट में लिखा है, “इस्लामिक स्टेट (ISIS) समर्थक मीडिया ने खेल आयोजनों के खिलाफ हिंसा भड़काने के अभियान शुरू किए हैं, जिनमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान वाली जमात, IS खुरासान (IS-K) द्वारा जारी की गई वीडियो धमकियाँ भी शामिल हैं, इसमें कई देशों में हमलों की बात की गई है और आतंकियों से उनके देशों में युद्ध के मैदान में शामिल होने को लेकर भड़काया गया है।”

T20 वर्ल्ड कप को लेकर यह खतरे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से पैदा हुए हैं। यह इलाका आतंकियों के लिए स्वर्ग रहा है और यहाँ अब भी बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद हैं। इनके T20 वर्ल्ड कप को निशाना बनाने को लेकर चिंताएँ और बढ़ गई हैं। बताया गया है कि यहीं मौजूद आतंकियों ने वेस्ट इंडीज में होने वाले T20 विश्व कप को धमकी भेजी है।

उधर वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड में शामिल कैरिबियाई देशों ने अपने सुरक्षा इंतजाम इस खतरे के बाद पुख्ता करना चालू कर दिए हैं। वेस्ट इंडीज क्रिकेट के प्रमुख जोंनी ग्रेव्स ने मीडिया को इस मामले में बताया, “हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ICC टT20 विश्व कप में सभी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमारे पास एक बड़ी और मजबूत सुरक्षा योजना है।” कैरिबियाई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस मामले में कार्रवाई करना चालू कर दिया है।

गौरतलब है कि T20 विश्व कप को 1 जून से 29 जून तक अमेरिका और वेस्ट इंडीज में आयोजित किया जाना है। अमेरिका में इसके लिए नए स्टेडियम भी तैयार हो रहे हैं। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज में शामिल देशों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। पहली बार अमेरिका में किसी बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। T20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी हो चुका है।

pakistan-terror-group-islamic-state-khorasan-sends-threat-to-west-indies-USA-t20-world-cup

पूछते थे कमरा नंबर, देते थे शराब का ऑफर, कॉन्ग्रेस कार्यालय में कर दिया बंद: राधिका खेड़ा बोलीं- राहुल-प्रियंका ने भी नहीं लिया एक्शन

कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद राधिका खेड़ा ने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं पर उनके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के नेता सुशील आनंद सहित उनके दो साथियों को लेकर कहा है कि इन लोगों ने उनके साथ रायपुर के ऑफिस में अभद्रता की थी। इतना ही नहीं ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान तो ये तक पूछा था कि वो होटल के किस कमरे में ठहरी हैं और उन्हें पीने के लिए कौन सी शराब भेजी जाए। राधिका बताती हैं कि उनके पास इस शर्मनाक और अपमानजनक हरकत की दो और लड़कियाँ गवाह हैं।

उन्होंने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही उनकी वहाँ दर्शन करने की बहुत इच्छा थी। उद्घाटन के समय उन्हें वक्त नहीं मिला तो उन्होंने 27 मार्च अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली। राधिका की मानें तो इन्हीं फोटोज को देख कॉन्ग्रेस के कई नेता भड़क गए और भगवान राम के दर्शन करने के लिए उन्हें फटकारा। इसके बाद 4-5 अप्रैल को वह छत्तीसगढ़ पहुँचीं तो वहाँ भी उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। राधिका कहती हैं कि उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ झेला लेकिन 30 अप्रैल को हद पार तब हुई जब कार्यालय में उनके साथ बदसलूकी का प्रयास हुआ।

राधिका ने जानकारी दी कि 30 अप्रैल को शाम में वह अपने पार्टी कार्यालय में काम कर रही थीं। उसी वक्त कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद अपने दो साथियों संग आए और कमरा बंद करने की आवाज आई। राधिका के मुताबिक उन्होंने ये तो नहीं देखा कि कमरा बंद किसने किया लेकिन जैसे ही उन्होंने उन तीनों को सामने देखा उन्होंने तुरंत चिल्लाना शुरू किया और फोन से वीडियो भी बनाने लगीं। वह इस घटना के बाद चिल्लाते हुए बाहर आईं पर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

राधिका ने इस संबंध में कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं जैसे राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश जैसे नेताओं से न्याय की गुहार लगाई, मगर जब किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, न आरोपितों को नोटिस दिया गया तो वह आहत हुईं। इसी के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। राधिका ने यह तक कहा – “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ का नारा देना आसान था लेकिन जब अपनी ही पार्टी की एक नेता के लिए लड़ने की बात आई तो प्रियंका गाँधी ने कुछ नहीं किया। बहुत गुहार लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए उन्होंने ट्वीट करके मामला खोला।”

राधिका ने जानकारी दी कि सुशील आनंद, पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आदमी माने जाते हैं। यही वजह है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उलटा राधिका को ही परेशान किया जाने लगा। मीडिया में बात रखने से रोका जाने लगा। राधिका खुलासा करते हुए कहती हैं कि उन्होंने कॉन्ग्रेस के कार्यालय में महिलाओं के साथ अभद्रता को होते हुए देखा है और जो लड़की प्रियंका गाँधी के लिए काम कर रही थी उससे पिटते हुए भी।

पूर्व कॉन्ग्रेस नेत्री की मानें तो प्रियंका चतुर्वेदी, अंकिता दत्त और अर्चना गौतम जैसी कई महिलाओं के साथ कॉन्ग्रेस पार्टी के अंदर अभद्रता हो रही है, लेकिन ये लोग कुछ नहीं बोलतीं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेता अंजन दत्ता की बेटी अंकिता दत्ता के साथ कॉन्ग्रेसी नेता श्रीनिवास बद्तमीजी करता है मगर इसके बाद भी उसे कोई कुछ नहीं कहता है।

कॉन्ग्रेस की पूर्व नेत्री की मानें तो उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसके लिए वो अपराधियों को छोड़ेंगी नहीं। इस मामले में एफआईआर के लिए वह जल्द ही घरवालों से बात करेंगी और फिर एक्शन लेंगी। इसके अलावा आगे वो किस पार्टी से जुड़ेंगी इस पर भी उन्होंने आगे जानकारी देने को बोला है।

गौरतलब है कि इससे पहले 5 मई को राधिका खेड़ा का एक ट्वीट पर पत्र और एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो में वह अपना दर्द बता रही थीं और पत्र में उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्यागने की बात कही थी। राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

कॉन्ग्रेसी मंत्री आलमगीर आलम के PS का नौकर है जहाँगीर, घर से ED को मिले है इतने पैसे कि सुनकर होश उड़ जाए: जानिए कैसे लुट रहा झारखंड

झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव के नौकर के घर में करोड़ों की नकदी बरामद हुई है। यह नकदी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे में बरामद की गई है। अभी रकम का अंतिम आँकड़ा सामने नहीं आया है। यह छापेमारी एक घोटाले के संबंध में की गई है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार में मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर के घर सोमवार (6 मई, 2024) को सुबह ED ने छापेमारी की। इस छापेमारी में ED को बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। जिस नौकर के यहाँ छापेमारी हुई है, उसका नाम जहाँगीर है।

ED यहाँ से बरामद नकदी में से ₹20 करोड़ की गिनती कर चुकी है। नोटों की गिनती अभी जारी है। इसके लिए नोट गिनने वाली मशीनें मँगाई गई हैं। बताया गया यह पैसा बड़े-बड़े बैग में भर कर रखा गया था। ED को यहाँ से नकदी के साथ ही सोने के आभूषण भी बरामद हुए हैं। नौकर के घर समेत ED ने 9 जगहों पर छापेमारी की है।

यह छापेमारी फरवरी 2023 ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के यहाँ हुई छापेमारी के सिलसिले में हुई है। वीरेन्द्र राम के यहाँ छापेमारी में ₹100 करोड़ की सम्पत्ति का पता चला था और बड़े मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। यह मामला कुछ योजनाओं में अनियमितता से जुड़ा हुआ है।

आलमगीर आलम पाकुड़ विधानसभा से कॉन्ग्रेस के चार बार के विधायक हैं। वह चंपाई सोरेन की सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मामलों के कैबिनेट मंत्री भी हैं। वह राज्य में कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं। अब उनके निजी सचिव से जुड़े ठिकानों पर एजेंसी की जाँच चल रही है।

भाजपा ने कॉन्ग्रेस के मंत्री के नौकर के घर से हुई इस बरामदगी को लेकर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने इस मामले पर कहा, “झारखंड सरकार की भ्रष्टाचार की अनंत गाथा खत्म नहीं हो रही है। कॉन्ग्रेस के एक सांसद के यहाँ से ₹350 करोड़ की बरामदगी हुई थी, खनन सचिव के यहाँ से ₹20 करोड़ की बरामदगी हुई थी। मुख्यमंत्री के करीबी पंकज मिश्रा के यहाँ ₹10 करोड़ की बरामदगी हुई थी और अब आलमगीर आलम के पीएस के यहाँ से बरामदगी हुई है। हम माँग करते हैं कि आलमगीर आलम को हिरासत में लिया जाए।”

भाजपा ने इस मामले में कहा है कि यह पैसा चुनाव के समय में बरामद हुआ है ऐसे में यह पता लगाया जाए कि इसका उपयोग कहीं चुनाव प्रभावित करने के लिए ना हो रहा हो। भाजपा ने इसी के साथ इस मामले में तुरंत कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग की है।

यह पहला मौका नहीं है जब झारखंड के किसी कॉन्ग्रेस नेता के यहाँ बड़ी मात्रा में नकदी की बरामदगी हुई है। इससे पहले दिसम्बर, 2023 में कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के यहाँ आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ₹351 करोड़ की नकदी, ₹2.80 करोड़ के जेवर और बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए थे। यह देश की सबसे बड़ी नकदी की जब्ती बताई गई थी। इस मामले में अभी आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है।

बाइबल पढ़ने हमारे घर आओ… नोएडा में मॉल के बाहर चल रहा था धर्मांतरण का रैकेट: छात्रा को ईसाई बनाने की कोशिश, 4 युवतियाँ समेत 6 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के नोएडा से धर्मांतरण का खेल उजागर हुआ है। यहाँ बीटेक की छात्रा को ईसाई धर्म में आने के लिए उकसाने के मामले में एक्सप्रेसवे पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन छह आरोपितों में से 4 युवतियाँ भी हैं। पुलिस ने सबको पकड़कर जेल में भेज दिया है। इनकी पहचान वाई वाई बोन, अभिरैना, ऋषभ नायर, रवि तेजा, ईशु और रूथु के तौर पर हुई है।

इस मामले में आगे पड़ताल के लिए टीम गठित की गई है। पुलिस सारे आरोपितों के मोबाइल जाँच रही है। पता लगाया जा रहा है कि ये लोग राज्य में कब से सक्रिय हैं और इनके साथ और कौन-कौन है। एसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले के संबंध में जितेंद्र बहादुर नाम के व्यक्ति ने एक्सप्रेवे थाने में शिकायत दी थी।

शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है और जब भी वह बस से उतरकर घर आती है तो रास्ते में गुलशन मॉल पड़ता है, जहाँ इशु, रूखु समेत चार युवतियाँ और एक युवक उससे मिलते हैं। ये लोग बच्ची को बाइबल पढ़ाने के लिए बुलाते हैं और उससे कहते हैं कि हमारे घर आ जाओ।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस तरह ये लोगों को बाइबल पढ़ाने के बहाने घर पर बुलाते हैं उन्हें आशंका है कि वो धर्म परिवर्तन कराने का रैकेट चलाते हैं। इस मामले में पुलिस ने उस घर के मकान मालिक को भी गिरफ्तार किया है जहाँ ये लोग रहते थे और बाइबल पढ़ाने के लिए बुलाते थे।

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने भी पुलिस को बताया है कि ये आरोपित लोगों को अपने घर ही इसलिए बुलाते थे ताकि उनका धर्म परिवर्तित किया जा सके। व्यक्ति का कहना है कि इन लोगों का शिकार उसकी बेटी भी हुई थी। हालाँकि उसने जाने से मना कर दिया था तो बाद में फोन पर कॉल आने लगी थीं।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपितों में से 4 महिलाएँ आँध्र प्रदेश, केरल, कोलकाता और तमिलनाडु की रहने वाली हैं। इन पर आरोप है कि ये जेपी विश टाउन और वाजिदपुर गाँव के पास बने गुलशन मॉल के आसपास किशोरियों को अपना शिकार बनाती थीं और ईसाई धर्म की पुस्तकें बाँटकर धर्मांतरण करवाने का प्रयास करती थीं।

पुलिस को भी शिकायत मिली थी कि गुलशन मॉल और विश टाउन सोसाइटी के आसपास धर्मांतरण को लेकर कुछ महिलाएँ और लड़कियाँ सक्रिय हैं जो आते-जाते लोगों को रास्ते में रोक कर ईसाई धर्म की पुस्तकें लेने का दबाव बनाती हैं। इनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल थे जिन्हें देखने और शिकायत पाने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि नोएडा ने कई बार धर्मांतरण की घटनाएँ सामने आई हैं। 2021 में एक मूक बधिर स्कूल के 18 बच्चों के धर्मांतरण का मामला आया है। 18 सितंबर 2023 को साहिबाबाद पुलिस ने भी धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का खुलासा करके 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। उसमें भी 7 महिलाएँ थीं।

रियाज के दुकान पर फर्नीचर मरम्मत के लिए गई हिंदू विधवा, वीडियो कॉल कर दिखाए प्राइवेट पार्ट: बार-बार करने लगा फोन, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक वेल्डिंग का काम करने वाले दुकानदार रियाज ने एक हिन्दू विधवा महिला को निशाना बनाया। घर के काम से दुकान पर आई महिला का नम्बर लेकर रियाज ने महिला से अश्लीलता की। रियाज 4 दिन तक महिला को परेशान करता रहा। मामले में FIR दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के अनुसार, पीलीभीत की रहने वाली एक हिन्दू विधवा अपनी चारपाई की मरम्मत करवाने के लिए रियाज नाम एक वेल्डिंग मिस्त्री की दुकान पर गई थी। महिला ने रियाज से यहाँ चारपाई मरम्मत करने को कह तो रियाज ने उसे बताया कि वह महिला के घर आकर ही वह ठीक कर देगा।

इसके लिए रियाज ने विधवा महिला का नम्बर भी ले लिया और कहा कि वह घर पहुँच कर उसे फ़ोन कर दे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसी दिन शाम को रियाज ने उसे फोन किया और चारपाई के बाद इधर-उधर की बात करने लगा। रियाज ने इसके बाद महिला को वीडियो कॉल कर दी।

रियाज ने वीडियो कॉल पर महिला को चारपाई दिखाने को कहा। इसके बाद वह महिला की तारीफ़ करने लगा और थोड़ी देर बाद उसने महिला से अश्लील बातें चालू कर दी। इसके बाद उसने वीडियो कॉल पर ही अपना लिंग महिला के सामने दिखाना चालू कर दिया। इस पर महिला ने गुस्से में फोन काट दिया।

रियाज इसके बाद भी नहीं माना और महिला को तंग करता रहा। उसने दोबारा फोन करके माफ़ी माँगी लेकिन फिरसे अश्लील हरकतें की। रियाज महिला को अगले 4 दिनों तक परेशान करता रहा। वह लगातार फ़ोन और मैसेज करता रहा। महिला ने आजिज आकर इस मामले में पुलिस के पास FIR दर्ज करवाई। रियाज की पूरनपुर रोड पर वेल्डिंग के काम की दुकान है।

महिला ने पुलिस से माँग की है कि अश्लील हरकत करने वाले रियाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

‘400 पार’ और ‘जय श्री राम’ से गूँजी अयोध्या नगरी: रामलला के सामने साष्टांग दण्डवत हुए PM मोदी, फिर किया भव्य रोडशो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अयोध्या नगरी में मेगा रोड शो किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धौरहरा में जनसभा को संबोधित करने के बाद सीधे अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचे और रामलला के दर्शन किए। रामलला के दर्शन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या नगरी में भव्य रोडशो किया। इस दौरान पूरे अयोध्या नगरी की भव्यता भी लोगों को दिखी। पीएम मोदी के रोडशो में भारी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान ‘400 पार-जय श्री राम’ जैसे नारे भी लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह के समर्थन में रोडशो किया।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आज (5 मई 2024) को पहली बार अयोध्या नगरी पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 किमी लंबा रोडशो किया। पीएम मोदी ने भव्‍य एवं दिव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन के बाद राम जन्‍मभूमि पथ से रोड शो शुरू किया। ये रोडशो हनुमानगढ़ी होते हुए लता मंगेश्‍कर चौक पर खत्म हुआ। रोड शो के दौरान पीएम का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया। पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग मकानों की बालकनी और छतों पर घंटों डटे रहे।

पीएम मोदी के इस 2 किमी लंबे रोडशो के दौरान रथ पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह भी मौजूद रहे। सड़क के दोनों किनारे भाजपा समर्थक और लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौपान कई जगहों पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “अयोध्यावासियों का हृदय भी प्रभु श्री राम जैसा विशाल है। रोड शो में आशीर्वाद देने आई जनता-जनार्दन का अभिनंदन!”

रामलला को साष्टांग प्रणाम

अपने मेगा रोड शो से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर में गेट नंबर 11 से एंट्री ली और रामलला के दरबार में साष्टांग दंडवत हुए। इसके बाद उन्होंने रामलला की आरती उतारी।

पीएम मोदी ने कहा, अयोध्या के कायाकल्प में तन-मन से जुटी है हमारी सरकार

मेगा रोड शो के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “हमारे राम लला की नगरी की देवतुल्य जनता-जनार्दन का बारंबार वंदन और अभिनंदन! आज रोड शो में आप सबके असीम स्नेह और अपनत्व से भाव-विह्वल हूँ। यहाँ के युवा साथियों के जय श्री राम के जयघोष और नारीशक्ति के अपार आशीर्वाद ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की नई शक्ति प्रदान की है। यह आप सबकी साधना, श्रद्धा और अथक संघर्ष का ही सुफल है कि सदियों की लंबी प्रतीक्षा के बाद हमारे राम लला अपने भव्य-दिव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस अद्वितीय आस्था की अनुभूति देशवासियों के दिलों में दिग-दिगाँत तक जीवंत रहेगी।”

पीएम मोदी ने आगे लिखा, “हमारी सरकार अयोध्या के कायाकल्प के लिए तन-मन से जुटी हुई है। इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से लेकर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी हमारा फोकस है। यहाँ महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण हो या अयोध्या धाम जंक्शन का पुनर्विकास, हमने इनमें विश्वस्तरीय सुविधाओं का ध्यान रखा है। हमारी डबल इंजन सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि देश-दुनिया के कोने-कोने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को किसी तरह की कठिनाई ना हो।”

उन्होंने आगे कहा, “हम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या को एक वैश्विक धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराने वाली इलेक्ट्रिक बोट हो या फिर कनेक्टिविटी को आसान बनाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, अयोध्या के चौरतफा विकास के लिए हम कृतसंकल्प हैं। राम नगरी की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपयों के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लता मंगेशकर चौक जैसे हमारे प्रयास, अयोध्या की सुंदरता में चार चाँद लगा रहे हैं। यहां के मेरे परिवारजनों का जीवन आसान बनाने के लिए तेज गति से प्रयास किए जा रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने से अयोध्या के स्थानीय व्यापारियों का कारोबार और बढ़ेगा। इसके साथ ही होटल से लेकर हॉस्पिटैलिटी तक कई इंडस्ट्री के यहाँ आने से युवाओं को भी रोजगार के नए-नए अवसर मिलेंगे।”

पीएम मोदी ने एक्स पर आगे लिखा, “अगर कॉन्ग्रेस और इंडी गठबंधन के दौर में सकारात्मक पहल हुई होती तो हमारा अयोध्या धाम दशकों पहले ही आस्था और भक्ति का वैश्विक केंद्र बन चुका होता। लेकिन उन्हें अपने वोट बैंक से आगे कुछ दिखाई ही नहीं देता! प्रभु श्री राम को लेकर उनकी धारणा आप अच्छी तरह देखते आए हैं। उनकी आस्था का इसी से पता चलता है कि राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण तक को ठुकरा दिया। हमारे लिए तो ये मंदिर भारत की दृष्टि, दर्शन और दिग्दर्शन का विराट तीर्थस्थल है। इसलिए रामजी की कृपा से हम अयोध्या नगरी के वैभव को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए निरंतर प्राण-प्रण से जुटे रहेंगे। जय सियाराम!”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2024 की वजह से पूरे देश के दौरे कर रहे थे। भगवान राम के मंदिर में रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद वो इस साल दूसरी बार अयोध्या पहुँचे थे। अयोध्या में पाँचवें चरण में मतदान होना है। यहाँ से बीजेपी ने मौजूदा सांसद लल्लू सिंह को ही एक बार फिर से मैदान में उतारा है। वहीं, पीएम मोदी यूपी की ही वाराणसी सीट से तीसरी बार मैदान में हैं।

कॉन्ग्रेस के पूर्व CM ने पूँछ में जवानों पर हमले को बताया ‘चुनावी स्टंट’, फारूख अब्दुल्ला बोले – पाकिस्तान के चूड़ियाँ नहीं पहनी, उसके पास परमाणु बम

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पीओके भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। भारत को हमला करके पीओके पर कब्जे की जरूरत नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में विकास के कार्यों को देखते हुए खुद पीओके के लोग भारत में ही जुड़ना चाहते हैं। खुद पीओके के लोग ही पाकिस्तान को छोड़ना चाहते हैं। हमें अपनी तरफ से ताकत के इस्तेमाल की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तानी शैली में बयान दिया है। जैसा कि हमेशा पाकिस्तान बोलता रहा है कि ‘उसके पास परमाणु बम है, उसने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी।’ ठीक यही बोली फारूक अब्दुल्ला के मुँह से निकली है।

इस बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉग्रेसी नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने पुँछ में हुए आतंकी हमले को बीजेपी का ‘चुनावी स्टंट’ करार दे दिया। बता दें कि इस आतंकी हमले में एयरफोर्स के एक जवान को वीरगति प्राप्त हुई है, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकवादियों की तलाश में अभियान चला रहे हैं।

सबसे पहले बात फारूक अब्दुल्ला की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तान से प्रतिक्रिया आई या नहीं आई, फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तानी बोली में रक्षा मंत्री को ही चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि ‘दम है तो राजनाथ सिंह पीओके वापस लेकर दिखाएँ।’ अब्दुल्ला ने आगे कहा, “अगर रक्षा मंत्री कहते हैं कि पीओके को वापस लाएँगे, तो जाएँ। उन्हें रोकने वाले हम कौन हैं, लेकिन याद रहे, उन्होंने (पाकिस्तान) भी चूड़ियाँ नहीं पहन रखी। उनके पास परमाणु बम हैं और दुर्भाग्य से वो परमाणु बम हमारे ऊपर गिरेंगे।”

पुँछ में आतंकी हमले पर बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ‘इसकी मुख्य वजह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दों को सुलझाने चाहिए।’ खास बात ये है कि फारूक की दोनों ही बातें पाकिस्तानी लहज़े में ही बोली गई हैं, ठीक उसी तरह से, जैसे पाकिस्तानी हुक्मरान और सेना बोलती रही हैं। खास बात ये है कि फारूक अब्दुल्ला के बयान को पाकिस्तानी मीडिया में भी खासी तवज्जो मिल रही है।

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके पर अब भारत को हमला करके जबरदस्ती मिलाने की जरूरत नहीं है। पीओके भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। अब तो स्वयं पीओके में रहने वाले लोग भारत में मिलने के लिए बेकरार हैं। वो भारत के जम्मू-कश्मीर में विकास देख रहे हैं। वो पाकिस्तान से जवाब माँग रहे हैं। ऐसे में हमें युद्ध की जरूरत नहीं, बल्कि स्वयं ही लोग भारत में आना चाहते हैं। लेकिन फारूक अब्दुल्ला ने इस बात को न सिर्फ युद्ध से जोड़ दिया, बल्कि भारत की ओर से हमले के जवाब में पाकिस्तानी एटम बम का डर भी दिखा दिया।

कॉन्ग्रेस के पूर्व सीएम ने पुँछ हमले को बताया चुनावी स्टंट

इस बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के सीनियर लीडर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि पुँछ में हुआ आतंकी हमला कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि बीजेपी का चुनावी स्टंट है। चन्नी ने कहा, ‘ये स्टंटबाजी हो रही है। हमले नहीं हो रहे। पिछली बार भी चुनाव आया तो ऐसे स्टंट खेले गए और बीजेपी को जिताने का काम किया गया।’ उन्होंने कहा कि पहले से तैयारी करके हमले करवाए जाते हैं। यह भाजपा को जिताने का स्टंट होता है और इसमें कोई सच्चाई नहीं होती।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में वायुसेना के काफिले पर हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। इस मामले में कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। शाहसितार के पास शनिवार शाम हुए हमले में वायुसेना के 5 कर्मी घायल हो गए और उनमें से एक को सेना के अस्पताल में वीरगति प्राप्त हुई।

नसीरुद्दीन शाह की बीवी ने ‘चिड़िया की आँख’ वाली कथा का बनाया मजाक: हरिद्वार से लेकर मणिपुर और द्वारका तक घूमे थे अर्जुन, फिर भी उनके जीवन को बताया ‘नीरस’

बॉलीवुड में ज्ञानियों की कमी नहीं है। अब नसीरुद्दीन शाह की बीवी रत्ना पाठक शाह सामने आई हैं, जिन्होंने महाभारत पर ऐसा ज्ञान बाँचा है जिससे लगता है कि उन्होंने कभी कोई हिन्दू शास्त्र पढ़ा ही नहीं है। ‘कूल’ बनने के लिए हिन्दू धर्म में सम्मानित किसी भी किरदार को नकार देना इस गिरोह का पेशा है। रत्ना पाठक शाह ने अर्जुन को निशाना बनाया है, जिसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारियों में से एक माना गया। उनका मानना है कि लक्ष्य के चक्कर में अर्जुन का जीवन एकदम नीरस हो गया।

अर्जुन ने आसपास देखा ही नहीं: रत्ना पाठक शाह

रत्ना पाठक शाह ने ‘चलचित्र टॉक्स’ से बातचीत करते हुए कहा, “सब लोग बोलते हैं कि एक ही लक्ष्य होना चाहिए और उसी पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, एक ही फोकस होना चाहिए। मगर, अर्जुन ने कितना कुछ मिस आउट कर दिया। इतना फोकस करने में पूरी दुनिया, उसने अपने आसपास के सुंदर जंगल को देखा ही नहीं। उसके आसपास जो लोग थे, उनके साथ भी उसका नहीं जम पाया। एक लक्ष्य के चक्कर में आप कितना कुछ हाथ से निकल जाने देते हैं।”

रत्ना पाठक शाह ने इस दौरान ‘एक लक्ष्य’ और ‘चिड़िया की आँख पर नज़र’ वाले मुहावरे का भी मजाक बनाया। बता दें कि अर्जुन को नकली चिड़िया की आँख भेदने के लिए कहा गया था, उनके भाई लोग ये नहीं कर पाए लेकिन अर्जुन ने ये कर दिखाया क्योंकि उन्हें चिड़िया या उनके आसपास के पेड़-पौधों की जगह सिर्फ चिड़िया की आँख दिख रही थी। एकाग्रता का उदाहरण देते हुए महाभारत की इस कथा को एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को सुनाती आई है। लेकिन ‘कूल’ और ‘वोक’ लोगों के लिए ये बकवास है।

क्या सचमुच अर्जुन ने सब कुछ हाथ से निकल जाने दिया? क्या सचमुच उनके आसपास जो भी लोग थे उनसे उसकी नहीं पटती थी? क्या सचमुच अर्जुन का ध्यान अपने लक्ष्य पर इतना था कि उन्होंने वन्य जीवन को नहीं जिया, पक्षियों के कलरव नहीं सुने, पशुओं को क्रीड़ा करते हुए नहीं देखा, पेड़-पौधों से मधुर फल तोड़ कर नहीं खाए, फूलों से नहीं खेला? क्या सचमुच ऐसा है? आइए, जानते हैं कि महाभारत इस विषय में क्या कहता है, क्योंकि मुझे नहीं लगता रत्ना पाठक शाह को वेद व्यास से अधिक जानकारी है।

अर्जुन जहाँ भी गए, लोगों के मन में बस गए

हम आज मित्रता के मामले में श्रीकृष्ण और अर्जुन के संबंधों की दुहाई देते हैं। दोनों में ऐसा निःस्वार्थ संबंध था कि श्रीकृष्ण ने सारथि बन कर पूरे महाभारत के युद्ध में अर्जुन का मार्गदर्शन किया। युद्ध से पहले जो उनके उद्गार फूटे, उन्हें हम ‘भगवद्गीता’ के रूप में जानते हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना सखा माना। अगर अर्जुन में कोई गुण नहीं होता तो फिर द्वारकाधीश भला क्यों उन पर भरोसा जताते? कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी लोकप्रिय हो पाती क्या?

अर्जुन और द्रोणाचार्य के संबंध के बारे में क्या ही कहना। गुरु द्रोण ने तो अर्जुन को इस धरती पर उस काल के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर का तमगा दे रखा था। एकलव्य का अंगूठा लिए जाने के पीछे एक कारण ये भी बताया जाता है कि वो अर्जुन से अधिक शूरवीर किसी को देखना नहीं चाहते थे। बचपन से ही उनकी लगन एवं मेहनत के गुरु द्रोण कायल थे। एक बार उन्हें मगरमच्छ ने पानी में पकड़ लिया था, फिर अर्जुन ने मगर का मुँह बाणों से बींध कर अपने गुरु को छुड़ाया। जो एक सच्चा मित्र और शिष्य रहा, भला उसके बारे में कैसे कहा जा सकता है कि लोगों से उसके संबंध अच्छे नहीं थे?

नागकन्या उलूपी अर्जुन पर मोहित हो गई थी। दोनों ने विवाह भी कर लिया। उसने ही वरदान दिया था कि कोई जलीय जीव उसे नुकसान नहीं पहुँचा पाएगा। दोनों के पुत्र का नाम इरावन कहलाया। इसी तरह मणिपुर पहुँचने पर अर्जुन को वहाँ की राजकुमारी चित्रांगदा से प्रेम हुआ। उन दोनों का बभ्रुवाहन नामक एक पुत्र भी हुआ। स्वर्ग में इंद्रदेव से शिक्षा ग्रहण करने गए अर्जुन से अप्सरा उर्वशी को भी प्रेम हो गया था, लेकिन अर्जुन उसे उस नज़र से नहीं देखते थे।

अर्जुन ने जल, जंगल, पहाड़ सबको देखा, खूब देखा

और हाँ, अर्जुन ने वन भ्रमण के दौरान जंगल को देखा, खूब देखा। हरिद्वार यात्रा के समय रास्ते में उन्होंने रास्ते में रमणीय एवं विचित्र वन, सरोवर, नदी, सागर, देश और कई पुण्यतीर्थ देखे – इसका वर्णन महाभारत के आदिपर्व के 213वें अध्याय में आपको मिल जाएगा। हरिद्वार में ही उसका उलूपी के साथ मिलन हुआ था, उलूपी जब अर्जुन पर मोहित हुई तब वो गंगा नदी में ही स्नान कर रहा था। अगले ही अध्याय में वर्णन है कि अर्जुन ने अगस्त्यवट, वशिष्ठपर्वत और भृगुतुंगपुर का दौरा किया।

कई पवित्र स्थानों का अर्जुन ने भ्रमण किया। फिर वर्णन है कि उसने नैमिषारण्य में बहने वाली उत्पलिनी नदी, नंदा, अपरनन्दा, कौशिकी (कोसी), महानदी, गया तीर्थ और गंगा जी के भी दर्शन किए। अंग, वंग और कलिंग के तीर्थों में भी अर्जुन घूमे। अर्जुन ने मणिपुर के बाद पश्चिम की यात्रा आरंभ की और प्रभाष क्षेत्र में पहुँचे। वहीं पर श्रीकृष्ण ने भी उनसे मुलाकात की थी। वहाँ रैवतक पर्वत पर उन्होंने नट-नर्तकियों के नृत्य देखे। रत्ना पाठक शाह को समझना चाहिए कि अर्जुन का ध्यान लक्ष्य पर था, इसका मतलब ये नहीं कि उनका जीवन नीरस था।

वहीं पर अर्जुन ने श्रीकृष्ण को अपने भ्रमण और अन्य स्थानों की सुंदरता के बारे में बताया। उन्होंने कहाँ क्या देखा, ये सब वर्णित किया। रैवतक पर्वत पर अर्जुन वृष्णि एवं अंधक वंश के लोगों के एक बड़े उत्सव में सहभागी बने, गायन एवं नृत्य में हिस्सा लिया। उसी उत्सव में अर्जुन का श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा के साथ मिलन हुआ था। आगे वर्णन है कि कैसे बड़े भाई बलराम की इच्छा के विरुद्ध सुभद्रा को अर्जुन के साथ भगा दिया। अतः, अर्जुन के जीवन में उत्सव भी था और रंग भी।

रत्ना पाठक शाह को महाभारत पढ़नी चाहिए। ‘चिड़िया की आँख’ देखने का ये अर्थ कतई नहीं है कि आपको अपने आसपास की सुध ही न हो, आपके अपने आसपास के लोगों से अच्छे संबंध ही न हो। अर्जुन ने प्रेम भी किया, रास-विलास भी किया, धर्मकार्य भी किए, युद्ध भी लड़ा, वो एक अच्छे शिष्य और मित्र रहे, एक अच्छे भाई और पुत्र रहे। द्रौपदी को एकांत में युधिष्ठिर के साथ देखने के बाद उन्होंने भाई के वचन के लिए ही अज्ञातवास लिया था। खैर, नसीरुद्दीन शाह की बीवी को ये सबसे क्या मतलब।

रामलला का दर्शन करने पर कॉन्ग्रेस में महिला प्रवक्ता से बदतमीजी, ‘गेट आउट’ कह निकाला था: इस्तीफा देकर बोलीं राधिका खेड़ा – जिस पार्टी को 22 साल दे दिया…

कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रवक्ता और मीडिया डिपार्टमेंट की कॉर्डिनेटर राधिका खेड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो चीखती-चिल्लाती और रोती नजर आई थी। वो पार्टी के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी से फोन पर बात भी कर रही थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के पवित्र जन्मस्थान पर जाकर रामलला के दर्शन किए थे, इसकी वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में काफी कुछ सहना पड़ा। उनके साथ बदतमीजी की गई और गेट आउट बोलकर बाहर निकाल दिया गया। अब कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।

राधिका खेड़ा ने अपने त्यागपत्र में साफ तौर पर ये बात लिखा है कि रामलला के दर्शन की वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में अपमानित किया गया। उन्होंने हर किसी से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात कहीं नहीं सुनी गई। इससे आहत होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है। राधिका खेड़ा ने अपने इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर भी साझा की है।

अपने पत्र में राधिका ने लिखा है, ”हमेशा से धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता रहा है। हिरण्यकश्यप, रावण और कंस इसके उदाहरण हैं। वर्तमान में प्रभु श्री राम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह से विरोध कर रहे हैं। हर हिंदू के लिए प्रभु श्री राम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है और रामलल्ला के दर्शन मात्र से जहाँ हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा दिए, जहाँ NSUI से लेकर AICC के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया, आज वहाँ ऐसे ही तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ा है, क्योंकि मैं अयोध्या में रामलल्ला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई। मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर तक पहुँच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझ्य न्याय देने से इंकार कर दिया गया। मैंने हमेशा ही दूसरों के न्याय के लिए हर मंच से लड़ाई लड़ी है, किंतु जब स्वयं के न्याय की बात आई तो पार्टी में मैंने स्वयं को हारा हुआ पाया।’

राधिका खेड़ा ने आगे लिखा, “प्रभु श्री राम की भक्त व एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूँ। बार-बार पार्टी के समस्त शीर्ष नेताओं को अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला, इससे आहत होकर मैंने आज यह कदम उठाया है। आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफा दे रही हूँ। हाँ, मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रही हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी। जय हिंद।”

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राधिका खेड़ा ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को साझा किया। उन्होंने कहा, “राम लला की जन्मस्थली श्री अयोध्या धाम जाने पर मुझे इतना विरोध झेलना पड़ा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया, मुझे वहाँ धकेल दिया गया और कमरे में बंद कर दिया गया, मैं छोटे से लेकर बड़े से बड़े नेतृत्व तक चीखती-चिल्लाती रही , लेकिन मुझे न्याय नहीं मिला… लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि रामलला मुझे न्याय जरूर देंगे।”

राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

बता दें कि कुछ दिन पहले राधिका खेड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो रोती नजर आ रही थी। वो वीडियो छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस दफ्तर का बताया गया था, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था। राधिका ने अब बताया है कि अयोध्या में दर्शन करने की वजह से कॉन्ग्रेस पार्टी में उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था।

मस्जिद में मौलवी ने 19 साल की लड़की का किया बलात्कार, मुँह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी: 1 दिन पहले परिवार को भेज दिया था गाँव

राजस्थान के पाली जिले में एक मस्जिद के अंदर एक लड़की से रेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप मस्जिद के मौलवी पर लगा है, जिसका नाम अब्दुल गनी है। 19 वर्षीया रेप पीड़िता को अब्दुल गनी ने मुँह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। FIR दर्ज होते ही मौलवी फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। घटना शुक्रवार (3 मई 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पाली जिले के थाना क्षेत्र नाना की है। यहाँ पीड़िता के परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि मौलवी उनके घर पिछले कई सालों से आ रहा था। मौलवी कहीं बाहर का निवासी है जो अपने परिवार को मस्जिद के पास ही ले कर रहता है। गुरुवार को मौलवी ने अपनी पत्नी को अपने पैतृक गाँव भेज दिया था। परिवार के घर जाने के बाद वह पीड़िता के घर गया। यहाँ उसने पीड़िता को कुछ जरूरी काम बता कर अगले दिन शुक्रवार को मस्जिद में आने के लिए कहा और वापस चला गया।

बताया जा रहा है कि मौलवी के कहे मुताबिक पीड़िता अगले दिन शुक्रवार को शाम लगभग 4 बजे मस्जिद पहुँची। यहाँ मौलवी लड़की को मस्जिद के अंदर ले गया और रेप करने की कोशिश की। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई। रेप के बाद मौलवी ने लड़की को धमकाते हुए आगे भी मुँह बंद रखने को कहा। इधर लड़की जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की। आस-पड़ोस और परिचितों में जब पीड़िता नहीं मिली तो तलाश करते हुए परिजन मस्जिद पहुँचे।

शाम के लगभग साढ़े 5 बजे मस्जिद के एक कमरे में मौलवी लड़की के साथ बंद मिला। कमरे को खुलवाया गया तो पीड़िता ने परिजनों को सारी बात बताई। परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मौलवी अब्दुल गनी के खिलाफ FIR दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। इधर अपने खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर पाते ही मौलवी फरार हो गया है। पुलिस अब्दुल गनी की तलाश कर रही है।