विभाजन के दौरान पाकिस्तान में हिन्दुओं-सिखों की मदद के लिए न आई कोई राजनीतिक पार्टियाँ और ना ही आए वह नेता, जो उस समय इतिहास में खुद को दर्ज कराना चाहते थे।
SSC स्कैम में फँसे पार्थ चटर्जी के लिए जेल में रात गुजारना काफी दिक्कत भरा रहा। उन्होंने पूरी रात कमोड पर बैठकर बिताई, वहीं उनके साथ कैदियों ने गाली-गलौच की।