साध्वी को 'फ्रॉड' दिखाया गया है। उसे नहाते हुए भी चित्रित किया गया है। सत्यजीत रे के नाम पर जो परोसा गया है, उसमें उनकी ही कहानी को बदल डाला गया है। असली कहानी और नेटफ्लिक्स के एपिसोड में क्या अंतर है, ये देखिए।
आयोग इस बात से परेशान है कि ऐसे कंटेंट के बारे में पता होने के बावजूद ट्विटर ने उन्हें बैन नहीं किया जबकि ये न सिर्फ भारतीय कानून का उल्लंघन है बल्कि उनकी अपनी पॉलिसी के भी विरुद्ध है।