वैसे पहली बार संसद का प्रश्नकाल स्थगित नहीं हुआ है। फिर भी इसके बहाने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाने वाले राजनीतिक दल खुद के शासित राज्यों में भी कोरोना का हवाला दे इसे स्थगित कर चुके हैं।
एक आत्महीन देश ही किसी ‘उन्नत’ देश को धन्यभाव से देखता और पिछलग्गू बन जाता है। नेहरू ने भारत को उसकी मूल संस्कृति से काटकर असल में ऐसा ही देश बना दिया जो अपनी हर गति, हर उन्नति के लिए परमुखापेक्षी हो गया।