नागरिकता कानून के नाम पर शुरू हुए दंगों ने दिल्ली को जलाया। और इसके पीछे ऐसे नाम थे, जिनके चलते हालात सुधर सकते थे लेकिन हालात सुधरना तो दूर इन लोगों की बातों के बाद स्थितियाँ और बदतर ही हुईं।
डॉक्टर अनवर, न्यू मुस्तफाबाद स्थित अल हिंद हॉस्पिटल का मालिक है। ये अस्पताल फारुकिया मस्जिद और उस मिठाई दुकान से 1km दूर है, जहाँ दिलबर नेगी काम करता था।
सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से एक फर्जी नैरेटिव रचने का प्रयास किया जा रहा है कि बशीर अहमद की मृत्यु CRPF की गोली लगने से हुई।