'आजतक (इंडिया टुडे)' के पत्रकार ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली के एक इलाक़े में गया हुआ था। वहाँ से उसने बताया कि उस क्षेत्र में पुलिस की तैनाती नहीं की गई है। उसने एक तरह से दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की। देखिए कैसे एक जिम्मेदार नागरिक ने उसकी पोल खोली।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के विडियो के आधार पर जानबूझ कर एकतरफा हंगामा किया जा रहा। उन्होंने हाईकोर्ट से पुलिस को बदनाम करने की कोशिशों पर लगाम लगाने की अपील की।
एक व्यथित हिन्दू ने कहा- "आप आए हैं। बहुत बड़ी बात है। यहाँ तो अभी तक कोई भी नहीं आया, हमारा आदमी मार दिया गया।" नितिन कहते हैं कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया। नितिन ने उस रात कई दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की।
इस नैरेटिव से बचिए और पूछिए कि जिसकी गली में हिन्दू की लाश जला कर पहुँचा दी गई, उसने तीन महीने से किसका क्या बिगाड़ा था। 'दंगा साहित्य' के कवियों से पूछिए कि आज जो 'दोनों तरफ के थे', 'इधर के भी, उधर के भी' की ज्ञानवृष्टि हो रही है, वो तीन महीने के 89 दिनों तक कहाँ थी, जो आज 90वें दिन को निकली है?
"शांति और समरसता हमारी प्रकृति का मूल केंद्र रहा है। मैं दिल्ली के भाइयों-बहनों से अपील करता हूँ कि वो हर परिस्थिति में शांति एवं भाईचारा का माहौल बनाए रखें। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि जितनी जल्दी हो सके, सभी क्षेत्रों में शांति स्थापित हो।"
मंगलवार शाम को अंकित शर्मा ड्यूटी से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि चाँदबाग पुलिया पर कुछ दंगाइयों ने उन्हें घेर लिया और पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया।
इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो में 2-3 लोग एक हिंदू के शव को भीड़ से दूर लेकर जाते नजर आए थे। लेकिन भीड़ अचानक से गली के बाहर आकर अल्लाहु अकबर और नारा-ए-तकबीर का नारा लगाने लगती है। मारे गए युवक का नाम विनोद बताया जा रहा है।
बीते साल भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस घटना से करीब 189 साल पहले भी बालाकोट में रणजीत सिंह की सेना ने जिहादियों का ऐसे ही सफाया किया था।
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।