"ऐसे कई लोग हैं, जो अपने परिवार को सीमित करना चाहते हैं। लेकिन उनमें जागरूकता की कमी है। यदि आप पूरे एक वर्ष में एक व्यक्ति को प्रेरित नहीं कर सकते तो यह आपकी कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। ऐसे में करदाताओं के पैसे को वेतन पर खर्च करने का क्या फायदा?"
"मेरी बेटी ने रैली में जो किया, वह बिल्कुल गलत था। उसने जो कहा, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने कई बार उससे कहा कि वो मुस्लिमों से न जुड़े। उसने मेरी बात नहीं सुनी। मैंने उसे कई बार भड़काऊ बयान नहीं देने के लिए भी कहा, लेकिन उसने एक नहीं सुनी।"
देशद्रोह के आरोपित और जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। यहाँ कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। शरजील ने...
शाहीन बाग़ के लोग तो अब मनुवादी होते हुए कह रहे हैं, "हम देवता हैं, आकर हमारी पूजा करो तो हम मान जाएँगे। लेकिन आकर पूजा तो करो।" और प्रधानमंत्री के समर्थक उन्हे बार बार कह रहे हैं, "बुलाती है, मगर जाने का नहीं।"
पुदुचेरी का कराईकल जिला गंभीर जल संकट से घिरा था। लोग खेती छोड़ रहे थे। घर छोड़कर जाने को मजबूर थे। एक बाल्टी पानी के लिए मीलों चलना पड़ता था। लेकिन, एक अधिकारी ने पारंपरिक तरीकों से बदल दिए हालात।
हम्पी में उसी जगह पर हनुमान जी की विश्व की सबसे विशालकाय प्रतिमा का निर्माण करने का फैसला लिया गया है, जहाँ पहली बार भगवान राम की उनसे मुलाकात हुई थी। इसकी ऊँचाई 215 फीट होगी। मतलब अयोध्या के श्रीराम से 10 फीट कम!
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने को लेकर संदीप दीक्षित ने बगावती सुर दिखाए हैं। उनका समर्थन करते हुए थरूर ने कहा है, “संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।”
"भाजपा के लोगों हम हर चीज के लिए तैयार हैं। हम कॉन्ग्रेस के लोग हैं। बेईमानी, चोरी, लूट-घसोट, जुआ-शराब और अवैध कारोबार में हम लिप्त नहीं हैं। ये सारे काम आप करोगे और बदनाम कॉन्ग्रेस को करोगे। कॉन्ग्रेस का कोई भी माई का लाल..."
"सार्वजनिक परिवहन और सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से बदलने का गडकरी का आइडिया शानदार है। क्या परिवहन मंत्री आकर इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक की योजना की जानकारी दे सकते हैं?"
देशद्रोह के मामले में अभियोग चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा 196 के तहत दिल्ली सरकार की मॅंजूरी जरूरी है। बिना इसके कोर्ट दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले सकती।