सागरिका घोष की ख़ुशी ट्विटर पर बल्लियों उछल कर बाहर आ रही थी। वे शायद वह समय भूल गईं जब उनके लिबरल गैंग ने इन्हीं उद्धव ठाकरे के पिता को हत्यारा, फासिस्ट और न जाने क्या-क्या कहा था। अभिसार शर्मा की तो ख़ुशी इतनी ज़्यादा थी शायद कि विह्वल होकर उनके मुखण्डल से शब्द ही नहीं फूटे। सो......
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि के विवादित 2.77 एकड़ जमीन के स्वामित्व के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों द्वारा दायर की गई अपील पर 40 दिन सुनवाई चली। CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 5 जजों वाली पीठ ने इस मामले पर 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
पत्थरों को तराशने का काम तब भी नहीं रूका था, जब 1992 में बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने के बाद विहिप और आरएसएस को 6 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह तब भी अनवरत रूप से चल रहा था।
त्रिपुरा के अंतिम राजा महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य ने 28 अप्रैल, 1947 को एक शाही फ़रमान जारी करके त्रिपुरा की तत्कालीन रियासत को भारतीय संघ में विलय करने का फ़ैसला किया था। उन्हीं की याद में भाजपा की सरकार ने...
गुरुद्वारा परिसर में एक बोर्ड लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें लिखा है कि भारतीय वायुसेना ने 1971 में गुरुद्वारा दरबार साहिब श्री करतारपुर साहिब पर बमबारी की थी, लेकिन वाहे गुरुजी की कृपा से गुरुद्वारे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
"मैं और एला उस दौरान बकिंग्घम पैलेस में महारानी के स्विमिंग पूल में नंगे तैरते थे। दोनों ने साथ में MDMA (एनर्जी और सेंसेशन बढ़ाने के लिए लिया जाने वाला एक तरह का ड्रग) भी लेते थे।" इसके बाद आतिश अपने लेख को थोड़ा एंगल देते हैं - भावनाओं का तड़का लगा कर। वो बताते हैं कि...
देश के कई मुस्लिम आज भी कबायली प्रवृतियों का अनुसरण करते नजर आते हैं। अल्पसंख्यक इलाकों में अशिक्षा, भुखमरी, दरिद्रता और तमाम प्रकार की गरीबी आज भी उसी तरह से नजर आती है, जिस हाल में बहादुर शाह जफ़र छोड़कर गए थे।
इस यात्रा ने सत्ता में भाजपा को स्थापित करने के बीज बोए। आज उसकी जड़ें इतनी फैल गई हैं कि जो नेहरू कभी राम को बेदखल करने पर अमादा थे, आज उनकी ही राजनीति के वारिस मंदिर-मंदिर प्रदक्षिणा को मजबूर हैं। बाकायदा मुनादी की जाती है उनके जनेऊधारी हिन्दू होने की।
"रतुल पुरी न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद अपनी गर्लफ्रेंड के जरिए सबूतों को नष्ट करने में लगे हैं और गवाहों को धमकी दे रहे हैं। पुरी के कई करीबी दोस्त और सहयोगी, जो उनके खिलाफ बयान दर्ज करने के लिए स्वेच्छा से एजेंसी के समक्ष पहले पेश हुए थे, उनको भी धमकी दी जा रही है।"
"CM ने अपने घर की खिड़कियों के लिए 73 लाख रुपए के ख़र्चे को मंज़ूरी दी है! यह सरकारी खजाने की क़ीमत पर किया जा रहा है। यह ऐसे समय पर किया जा रहा है जब पिछले 5 महीनों से राज्य की जनता राजकोषीय गड़बड़ी से जूझ रही है।"