इस विरोध प्रदर्शन के विराम की कहानी पीएमओ के दखल के बाद लिखी गई। आज ही इस मामले की गूँज प्रधानमंत्री तक पहुँची थी। और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की है। पीएमओ ने इस पूरे बवाल को लेकर BHU प्रशासन से रिपोर्ट भी माँगी।
"16 नवंबर की शाम 4 बजे खुर्शेदबाग स्थित मेरे घर पर एक बंद लिफाफा भेजा गया। इसे खोलने पर उसके भीतर से 9 पन्ने का एक पत्र निकला। 2 पन्ने में उर्दू भाषा में कुछ लिखा हुआ था। उर्दू के पन्नों में लिखी बातों का हिंदी में अनुवाद कराया तो धमकी की बात सामने आई।"
करतारपुर गलियारे के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को 'लाइफटाइम अचीवमेंट' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेकिन पेंच यह है कि इमरान को यह अवॉर्ड भारत विरोधी सिख चरमपंथ और खालिस्तानी आंदोलन से जुड़ी संस्था से मिला है, जिसके लिए लंदन के मेयर सादिक खान...
"कतिपय संगठन हिन्दुओं, विशेषकर अनुसूचित जनजाति के लोगों को प्रलोभन देकर अपने निहित स्वार्थ के लिए धर्मान्तरण कराते हैं। वो भारत की सदियों पुरानी सभ्यता धारा को भुलाने की सीख देते हैं। ये संगठन लोगों को धार्मिक परम्पराओं व पूजा पद्धतियों का अपमान करने की सीख दे रहे हैं।"
- जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल
ग्रामीणों ने जब बबलू और प्रकाश को एक गाड़ी में पशुओं को ले जाते देखा तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने गाड़ी रुकवाकर दोनों से पूछताछ की। जब दोनों के जवाब से वहाँ मौजूद लोग संतुष्ट नहीं हुए तो पहले उनकी गाड़ी में आग लगाई गई, फिर उन्हें इतना मारा गया कि...
"JNU छात्रावास में रहने वाले करीब 6000 छात्रों में से 5371 को फेलोशिप या छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक मदद मिलती है। छात्रावास मेस न हानि न लाभ के सिद्धांत पर चलता है। लेकिन जब तीन करोड़ रुपए बकाया हो तो इनका संचालन कैसे और कब तक होगा?"
वायरल हुए वीडियो में, महिला को अरबी भाषा में बोलते हुए सुना और देखा जा सकता है। एक जगह वो यह कहती हुई नज़र आती है, "अगर उसका अबाया सुंदर होता, तो मैं उसके साथ छेड़खानी करती।"
रेप करने के बाद जीशान ने केरोसिन तेल डाल लड़की को जला कर मार डालने की कोशिश की। इसके बाद लड़की को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित ज़ीशान को गिरफ़्तार कर लिया है।
अगर मामला सिर्फ विचारधारा के आधार पर किसी के समर्थन और किसी के विरोध का है, और जेएनयू एवं FTII जैसे संस्थानों के वाम मजहब के छात्र “शिक्षा का भगवाकरण” कहकर किसी नियुक्ति का विरोध कर सकते हैं, तो वही अधिकार आखिर BHU के छात्रों को क्यों नहीं मिलना चाहिए? समस्या की जड़ में यही दोमुँहापन है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के ख़राब शासन का अंत करने के लिए शिवसेना का समर्थन करना ज़रूरी था। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने शिवसेना को समर्थन देने का निर्णय लिया है।