समय के फेर देखिए। जब सुनील दत्त को अनसुना कर संजय निरुपम को कॉन्ग्रेस में लाया गया तब सोनिया गॉंधी पार्टी की अध्यक्ष हुआ करती थीं। सुनील दत्त के जाने के 14 साल बाद जब वही निरुपम पार्टी को आँखें दिखा रहे हैं तो सोनिया ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं!
पुलिसकर्मियों को पीटने के लिए बदमाश उन्हें मध्य प्रदेश के बीहड़ में लेकर चले गए। इसके बाद बदमाशों ने घायल पुलिसकर्मियों की वहाँ भी पिटाई की और दोनों को वहीं पर छोड़ कर चलते बने। पिटाई के बाद दोनों पुलिसकर्मी अधमरी अवस्था में वहाँ तड़प रहे थे।
खुर्शीद ने सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर नाखुशी जताते हुए कहा था कि पार्टी को करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल के इस्तीफे के कारण पार्टी जनादेश का विश्लेषण नहीं कर पाई। इससे पार्टी में एक शून्य पैदा हो गया।
सरकार कॉन्ग्रेस के साथ कोई सहयोग नहीं कर रही है, जबकि पार्टी ने चुनाव के समय और राज्य के हालात को लेकर शंकाओं के बावजूद सरकार के साथ सहयोग की इच्छा प्रकट की थी।
दफ्तर में नियम का उल्लंघन होता देख खुद पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाने वाले आस्तिक कुमार पांडे पिछले साल विभाग की दीवारों और कोनों में फैली गंदगी को खुद साफ करने के कारण भी चर्चा में आए थे। इस दौरान पान और गुटखे की पीक से रंगी दीवारों को साफ़ करती हुई उनकी तस्वीरें...
"पवित्र ब्लैक मडोना की प्रतिमा का दर्शन करने और उसे छूने के लिए कई लोग लाइन में लगे थे। मुझे भी उसी लाइन में लग कर काफ़ी ख़ुशी हुई। मैंने अपनी बारी का इंतजार किया और फिर ब्लैक मडोना का दर्शन किया।"
भारत सरकार इसे 2030 तक राष्ट्रीय प्राथमिकता में रखकर हकीकत का रूप देने पर विचार कर रही है। जिसके लिए 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को प्रदूषण मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है।
गहलोत ने विवादित बयान देते हुए कहा कि गुजरात में आज़ादी के बाद से ही शराब पर प्रतिबन्ध है लेकिन शराब की सबसे ज्यादा खपत गुजरात में ही होती है। उन्होंने गुजरात के बारे में आगे दावा किया कि राज्य में घर-घर में शराब पी जाती है।
आतंकी मौलाना उमर को भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ सनाउल हक़ के नाम से चिह्नित करती है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला था। उसे 2014 में अलकायदा के मुखिया और ओसामा बिन लादेन के उत्तराधिकारी अल जवाहिरी द्वारा 'भारतीय उपमहाद्वीप अलकायदा (AQIS)' का प्रमुख बनाया गया था।
हाँ, हमें मौलिक आराधना करनी होगी, शक्ति का प्रत्युत्तर शक्ति से ही देना होगा, शिव और शक्ति को एक साथ साधना ही होगा, तभी इन म्लेच्छ शक्तियों की पराजय निश्चित होगी। जब तक सिद्धि न हो, समर को टाल कर सिद्धि करनी होगी…